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नेपाल में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही, ताश के पत्तों की तरह बहे घर, बिहार में अलर्ट

#nepalfloodlandslidetriggeredtibet_earthquake

तिब्बत से अचानक आए सैलाब ने पड़ोसी देश नेपाल में भारी तबाही मचा दी है। तिब्बत में बुधवार को पहले भूकंप और फिर लैंडस्लाइड की घटना घटी, जिसके कारण नेपाल में बाढ़ आ गई है। उत्तरी नेपाल के कुछ हिस्सों में आई भीषण बाढ़ के बाद भारी जान-माल के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बाढ़ में कई गांव बह गए और एक पनबिजली बांध सहित बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

उत्तरी रसुवा में बड़े पैमाने पर तबाही

बुधवार तड़के नेपाल की राजधानी काठमांडू के उत्तर में स्थित रसुवा इलाक़े में बाढ़ आ गई। यह इलाक़ा तिब्बत से सटा हुआ है। पानी का यह अचानक बहाव सुबह करीब 9:00 बजे भोटे कोशी नदी में आया और फिर आगे बढ़कर त्रिशूली नदी में नुवाकोट की ओर बढ़ा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उत्तरी रसुवा में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है खासकर तिमुरे बाजार इलाके, तिमुरे कस्टम ऑफिस और स्याब्रुबेसी में नुकसान हुआ है।

नुकसान की विस्तृत जानकारी जुटा रहा प्रशासन

वहीं जिला अधिकारी जान-माल और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी जुटा रहे हैं। हाइड्रोलॉजी के विशेषज्ञों का मानना है कि पानी का यह अचानक बहाव स्थानीय बारिश के कारण नहीं बल्कि तिब्बत में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी ग्लेशियर झील के फटने से आया है।

बाढ़ से भारी जान-माल के नुकसान की आशंका

नेपाल सेना ने कहा कि बाढ़ के कारण तिमुरे और स्याब्रुबेसी क्षेत्र में व्यापक तबाही हुई है, जिसमें वाहन, व्यावसायिक सामान और अन्य संपत्ति पानी में बह गई है। रसुआ के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि सीमा शुल्क परिसर में रखे कई वाहन और सामान बह गए। हाल ही में निर्मित एक पुल भी नष्ट हो गया। काठमांडू से लगभग 125 किलोमीटर दूर स्थित और तिब्बत से सटे पहाड़ी जिले रसुवा की आबादी लगभग 50,000 है।

यूपी-बिहार में अलर्ट

बाढ़ का असर बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी देखा गया है। बिहार के चंपारण, बेतिया, गोपालगंज, मधुबनी, सीतामढ़ी जैसे जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। नेपाल से आने वाली अधिकांश नदियां इन्हीं जिलों को प्रभावित करती है। वहीं नेपाल से सटे यूपी के भी कई जिलों में अलर्ट घोषित किया गया। है।

स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी पर आईएमए जारी की एडवाइजरी, किया अलर्ट

#swinefluhitsthismonsoonseasonimaissuesadvisory_alert

देश में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हर तरफ लोग खांसी-जुकाम और बुखार से पीड़ित हैं। स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने एडवाइजरी जारी किया है। आईएमए ने लोगों से एंटीबायोटिक और एंटीवायरल दवाओं का खुद से सेवन न करने की अपील की है। साथ ही, गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय मदद लेने की सलाह दी है।

बिना डॉक्टर के एंटीबायोटिक दवाएं नहीं लेने की सलाह

आईएमए के मुताबिक, एचवनएनवन के सामान्य लक्षणों में तेज़ बुखार, ठंड लगना, सूखी खांसी, गले में दर्द, शरीर में तेज़ दर्द, थकान, सिरदर्द और नाक बंद होना शामिल हैं। बच्चों में उल्टी और दस्त भी हो सकते हैं। मेडिकल एडवाइज़री में कहा गया है कि फ्लू एक वायरल बीमारी है, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं नहीं लेनी चाहिए। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, खून वाली खांसी, बेहोशी या लगातार उल्टी जैसे गंभीर लक्षण होने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।

दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 2308 मामले

देश के कुछ हिस्सों में स्वाइन फ्लू और इन्फ्लूएंजा के मामलों में तेजी देखी गई है। राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली में यह तेजी से पैर पसार रहा है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इस साल राष्ट्रीय राजधानी में इन्फ्लूएंजा के लगभग 3,000 मामले सामने आए हैं। इनमें 2308 मामले एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के हैं।वहीं, अगर अन्य राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र में 300 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। वहीं, उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश में भी संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

ये हैं प्रमुख लक्षण

आईएमए के अनुसार एच1एन1 में आमतौर पर अचानक तेज बुखार और ठंड लगना, लगातार सूखी खांसी, गले में खराश, मांसपेशियों में तेज दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसके अलावा सिरदर्द, नाक बहना या नाक बंद होना भी इसके सामान्य लक्षण हैं। बच्चों में मतली, उल्टी या दस्त की शिकायत अपेक्षाकृत अधिक देखी जा सकती है।

स्वाइन फ्लू को लेकर सरकार की एडवाइजरी

• डॉक्टरों के अनुसार, एच1एन1 संक्रमण को स्वाइन फ्लू के नाम से जाना जाता है। इसमें आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान के लक्षण होते हैं।

• स्वाइन फ्लू के मामलों के चलते हाल ही में दिल्ली सरकार ने पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी जारी की और लोगों से सांस से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए बुनियादी सावधानियां बरतने को कहा।

• अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी कि वे भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें, बार-बार हाथ धोएं, सांस की बीमारी वाले लोगों के अधिक करीब जाने से बचें और अगर फ्लू जैसे लक्षण गंभीर हो जाएं या लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर को दिखाएं।

• इससे पहले, दिल्ली में शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में दिल्ली की स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की गई।

• बैठक में इन्फ्लूएंजा एच1एन1, डेंगू और मलेरिया की स्थिति के साथ-साथ अस्पतालों की तैयारियों और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा हुई।

• दिल्ली के स्वास्थ्य परिवार कल्याण पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, दवाइयों और जरूरी मेडिकल सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

नेपाल सरकार ने जारी की जानकारी - भारी तबाही में भारत के 105 नागरिक लापता हैं !
- बिहार में गंडक को लेकर हाई अलर्ट, सरकार ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की


काठमांडू। नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। नेपाल प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक 105 भारतीय नागरिकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में तलाश अभियान चला रहे हैं।
बाढ़ का असर अब बिहार तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट कर दिया गया है। नेपाल से आने वाली नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। खास तौर पर गंडक नदी में दबाव बढ़ने की आशंका जताई गई है। बिहार में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को भी तैयार रखा गया है।

- अगले कुछ घंटे बेहद अहम
बिहार सरकार ने लोगों से अपील की है कि अगले पांच-छह घंटे और पूरी रात विशेष सतर्कता बरतें। सरकार ने कहा है कि स्थिति गंभीर है, लेकिन फिलहाल नियंत्रण में है। लोगों से घबराने के बजाय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और नदी एवं निचले इलाकों से सावधान रहने को कहा गया है। फिलहाल कोसी नदी में पानी बढ़ने को लेकर कोई ताजा गंभीर सूचना सामने नहीं आई है, जबकि गंडक के जलस्तर और संभावित दबाव पर प्रशासन की विशेष नजर है। बिहार के आधिकारिक बाढ़ निगरानी आंकड़ों में भी गंडक के कुछ हिस्सों में जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर दर्ज किया गया है। नेपाल में आई बाढ़ से सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
राम रहीम को 21 दिन की फरलो, सिरसा डेरे पहुंचा

हरियाणा। दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। हरियाणा सरकार ने उसे 21 दिन की फरलो मंजूर की है। मंगलवार सुबह वह सुनारिया जेल से बाहर निकला और कड़ी सुरक्षा के बीच सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा पहुंचा।
राम रहीम के जेल से बाहर आने का यह सिलसिला उसकी सजा के करीब नौ साल के दौरान 17वीं बार है। इस साल उसे अब तक करीब 91 दिन की पैरोल/फरलो मिल चुकी है।
सिरसा डेरे पहुंचने के दौरान राम रहीम के काफिले में लैंड क्रूजर, फॉर्च्यूनर और इनोवा समेत कई वाहन शामिल रहे। उसके डेरे पहुंचते ही अनुयायियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी सतर्क नजर आया।
राम रहीम साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में सजा काट रहा है। इसके अलावा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी उसे उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
राम रहीम को 21 दिन की फरलो, सिरसा डेरे पहुंचा

हरियाणा। दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। हरियाणा सरकार ने उसे 21 दिन की फरलो मंजूर की है। मंगलवार सुबह वह सुनारिया जेल से बाहर निकला और कड़ी सुरक्षा के बीच सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा पहुंचा।
राम रहीम के जेल से बाहर आने का यह सिलसिला उसकी सजा के करीब नौ साल के दौरान 17वीं बार है। इस साल उसे अब तक करीब 91 दिन की पैरोल/फरलो मिल चुकी है।
सिरसा डेरे पहुंचने के दौरान राम रहीम के काफिले में लैंड क्रूजर, फॉर्च्यूनर और इनोवा समेत कई वाहन शामिल रहे। उसके डेरे पहुंचते ही अनुयायियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी सतर्क नजर आया।
राम रहीम साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में सजा काट रहा है। इसके अलावा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी उसे उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
राहुल गांधी के ‘पितृसत्ता’ वाले बयान पर मचा बवाल, शहजाद पूनावाला बोले-बकलोली मचा रखी है

#shehzadpoonawallalashedoutatrahulgandhioversmash_patriarchy

राहुल गांधी ने शनिवार को पुणे में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान पितृसत्तात्मक सोच को खत्म करने का आह्वान किया था। इस दौरान उन्होंने मनुस्मृति का एक श्लोक उद्धृत किया था। अब राहुल गांधी के बयान पर शहजाद पूनावाला ने बहुत ही जोरदार हमला बोला है।

'स्मैश द पैट्रियार्की' वाली राहुल गांधी की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है। शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस नेता और उनकी पार्टी को आईना दिखाने की कोशिश की है। उन्होंने लिखा है, 'राहुल घैंडी बकलोली बंद कीजिए। पहले अपने परिवार और पार्टी में पितृसत्ता को तोड़ें!'

इटली पीएम मेलोनी को लेकर भी उठाया सवाल

शहजाद पूनावाला वीडियो में बोलते दिखते हैं कि राहुल गांधी ये जो बकलोली तुमने लगा रखी है,स्मैश द पैट्रियार्की आदि,ये तब ठीक लगती जब तुम और संदीप दीक्षित स्टेज पर खड़े होकर एक विदेशी महिला प्रधानमंत्री मेलोनी के बारे में सेक्सिस्ट, पेट्रियार्कल और मिस्थोजेनिस्टिक कमेंट नहीं करते।

राहुल को घर में पैट्रियार्की खत्म करने की सलाह

बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी अपने घर में तो पैट्रियार्की खत्म कर नहीं पा रहे हैं और दूसरों को ज्ञान देने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा, बेटे को आगे बढ़ाने के चक्कर में बेटी को तो आगे बढ़ने नहीं दिया गया। प्रियंका को नेतृत्व में आगे लेकर आइए।

कांग्रेस के अंदर कास्टिंग काउच का आरोप

पूनावाला ने कांग्रेस पार्टी के अंदर कास्टिंग काउच को लेकर बहुत ही गंभीर आरोप लगाए हैं। पूनावाला ने कहा, 'शारदा राठौर से लेकर सिमोन रोजवेल जॉन से लेकर बाकी जो महिलाएं कास्टिंग काउच का शिकार बनी हैं, यौन उत्पीड़न का शिकार बनी हैं, उनसे जाकर पूछिए।'

हलाला और यूसीसी पर का भी जिक्र

शहजाद पूनावाला नयहीं नहीं रूके। उन्होंने कांग्रेस पर दोहरी मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि हिंदू रीति रिवाज और मनुस्मृति को महिला विरोधी बताते हैं और गाली देते हैं, लेकिन अपने बगल में हिजाब डाली खड़ी मुस्लिम महिला पर राहुल गांधी की जुबान नहीं खुली।

पुणे के कार्यक्रम में राहुल ने दिया था बयान

बता दें कि पुणे में आयोजित कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने देश में पितृसत्तात्मक सोच को खत्म करने का आह्वान किया था। राहुल गांधी ने कहा था कि इसमें महिला को बचपन में पिता, युवावस्था में पति और पति की मृत्यु के बाद पुत्रों के अधीन बताया गया है। उन्होंने इस व्यवस्था को शर्मनाक बताते हुए कहा था कि पिता, पति और बेटे के अलावा महिलाओं की अपनी अलग पहचान है। इसी बयान का जवाब देते हुए शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखा हमला बोला।

JPSC परीक्षा विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CBI जांच की मांग वाली याचिका पर केंद्र और झारखंड सरकार को नोटिस

#jpscscamsupremecourtnoticesissuedtocentrejharkhand_govt

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने जेपीएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच का अनुरोध करने वाली याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।

मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की याचिका पर सुनवाई की। याचिका में 19 अप्रैल 2026 को आयोजित 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और व्यापक जांच कराने के साथ परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित करने की मांग की गई है।

जेपीएससी के अलावा कई परीक्षाओं में गड़बड़ी

सुनवाई के दौरान वकील ने बताया कि झारखंड में छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने पूछा कि क्या मामला कई परीक्षाओं से जुड़ा है। वकील ने बताया कि एक मामला जेपीएससी और दूसरा झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (जेएसएससी) की परीक्षा से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान ज्यूडिशियल सर्विस परीक्षा का भी जिक्र हुआ। सीजेआई ने पूछा कि क्या ज्यूडिशियल सर्विस परीक्षा भी लोक सेवा आयोग कराता है। कोर्ट ने कहा कि वह इस पहलू को भी देखेगा कि यह परीक्षा कैसे आयोजित होती है।

याचिका में क्या हैं मांगे

याचिकाकर्ता ने झारखंड के बाहर के किसी सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग की है। प्रस्तावित समिति में फोरेंसिक विज्ञान, आईटी, परीक्षा सुरक्षा, OMR मूल्यांकन, साइबर सुरक्षा और लोक प्रशासन के विशेषज्ञों को शामिल करने की मांग की गई है। इसके साथ ही OMR स्कैनिंग, कोडिंग, मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने की पूरी प्रक्रिया के स्वतंत्र ऑडिट की मांग भी की गई है।

क्या है पूरा मामला?

याचिका दो जुलाई को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद सामने आए विवाद के बीच दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता के मुताबिक, एक सफल उम्मीदवार की OMR उत्तर पुस्तिका की कार्बन कॉपी वायरल होने के बाद परीक्षा के मूल्यांकन को लेकर सवाल उठे। याचिका में दावा किया गया है कि संबंधित उम्मीदवार ने प्रथम प्रश्नपत्र में 100 में से केवल 48 सवालों के जवाब दिए थे, इसके बावजूद उसे सफल घोषित किया गया। इन कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में विरोध प्रदर्शन भी हुए थे।

खान सर के खिलाफ थाने पहुंची यूपी की युवती, बताया जान को खतरा, बोली- फैजल खान के कई राज पता

#patnakhansircontroversycomplaintupstudent

खान ग्लोबल स्टडीज के डायरेक्टर और टीचर फैजल खान उर्फ खान सर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। एक लड़की ने खान सर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लड़की का आरोप है कि खान सर उसे कभी भी मरवा सकते हैं, उसे अपनी जान का खतरा है। युवती ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर सुरक्षा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।

खान सर के कई राज जानने का दावा

युवती ने पटना के पीरबहोर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अपने आवेदन में युवती ने बताया कि वह फैजल खान के बारे में कई राज जानती है। युवती का दावा है कि उसके पास फैजल खान से जुड़ी कई गोपनीय जानकारियां हैं और इस बात की जानकारी फैजल खान को भी है। इसी वजह से उसे अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा महसूस हो रहा है।

जान से मरवाने की धमकी देने का आरोप

युवती का आरोप है कि कोचिंग संचालक ने उसे फोन कर निजी जानकारी किसी को बताने से मना किया था। ऐसा करने पर उसे जान से मरवाने की धमकी दी गई। युवती रविवार की देर रात थाने पहुंचकर पुलिस को आपबीती बताई।

उत्तर प्रदेश की रहने वाली है युवती

युवती उत्तर प्रदेश की रहने वाली है। फिलहाल वह पटना के गांधी चौक इलाके में रह रही है। पुलिस युवती की तलाश कर रही है। वह अगस्त 2016 में पटना आई थी। इससे पहले वह उत्तर प्रदेश के देवरिया स्थित एक संस्थान में फैजल खान उर्फ खान सर से पढ़ाई करती थी।

क्या कह रही खान सर की टीम?

वहीं इस मामले को लेकर खान सर की टीम की ओर से कहा गया है कि जिस आवेदन की बात की जा रही है, वह आवेदन कहां दिया गया है और क्यों दिया गया है, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। टीम का कहना है कि हर तरफ से खान सर को फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। टीम के मुताबिक, रक्षाबंधन का पर्व आने वाला है और हर साल बड़े स्तर पर इसका आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में छात्राएं भी शामिल होती हैं। ऐसे में छात्राओं को कार्यक्रम में पहुंचने से रोकने और खान सर की छवि खराब करने के लिए साजिश रचे जाने का आरोप लगाया गया है।

चीन जा रहे हैं अजीत डोभाल, जानें क्यों अहम है NSA का बीजिंग दौरा?

#nsaajitdovalvisitto_china

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल चीन जा रहे हैं। अजीत डोभाल आज बिजिंग के लिए रवाना हो चुके हैं। वे मंगलवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ 25वें दौर की स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव वार्ता में हिस्सा लेंगे। इस हाईलेवल मीटिंग का मुख्य फोकस वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिरता बहाल करने और दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी सीमा विवाद का शांतिपूर्ण हल निकालने पर रहेगा।

2003 में शुरू हुई थी ये वार्ता

मंगलवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ भारत-चीन सीमा विवाद पर 'विशेष प्रतिनिधियों' (SR) की वार्ता के 25वें दौर के लिए बैठक करेंगे। डोभाल और वांग 'विशेष प्रतिनिधियों' के तौर पर काम करते हैं। यह व्यवस्था 2003 में शुरू हुई थी, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा के विवाद को सुलझाना था।

गलवान झड़प के बाद पांच साल बंद रही वार्ता

2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प और उसके बाद पूर्वी लद्दाख में बने तनावपूर्ण हालात के कारण यह बातचीत लगभग पांच साल तक रुकी रही। यह बातचीत दिसंबर 2024 में फिर से शुरू हुई, जब बीजिंग में 23वां दौर हुआ। इसके बाद 24वां दौर पिछले साल अगस्त में नई दिल्ली में हुआ था।

एजेंडा में क्या-क्या हो सकता है

उम्मीद है कि दोनों पक्ष अक्टूबर 2024 के डिसइंगेजमेंट (सेना पीछे हटाने के) समझौते का जायजा लेंगे। क्या पिछली बातचीत के बाद से 'लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल' (LAC) पर शांति बनी हुई है? बीजिंग का कहना है कि बॉर्डर पर हालात "आमतौर पर स्थिर" हैं, दोनों पक्षों के अधिकारियों का कहना है कि 24वें दौर की बातचीत के बाद से वे समझौते पर अमल करने और अगली बैठक की तैयारी में जुटे रहे हैं

बेहद अहम है डोबाल का ये दौरा

यह बातचीत कूटनीतिक लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि जल्द ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आने वाले हैं। 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स समिट के लिए शी जिनपिंग के भारत दौरे से पहले एक सकारात्मक माहौल बनाना और सीमा पर तनाव कम करना है। इनमें सीमा प्रबंधन, आपसी भरोसा बढ़ाने वाले उपाय और सीमा-पार सहयोग जैसे मुद्दे भी शामिल होंगे। हालांकि, बीजिंग और नई दिल्ली ने चीनी राष्ट्रपति शी के शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन दोनों तरफ के अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि वह आएंगे। उनके दौरे से समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात का रास्ता बन सकता है।

चीन जा रहे हैं अजीत डोभाल, जानें क्यों अहम है NSA का बीजिंग दौरा?

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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल चीन जा रहे हैं। अजीत डोभाल आज बिजिंग के लिए रवाना हो चुके हैं। वे मंगलवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ 25वें दौर की स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव वार्ता में हिस्सा लेंगे। इस हाईलेवल मीटिंग का मुख्य फोकस वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिरता बहाल करने और दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी सीमा विवाद का शांतिपूर्ण हल निकालने पर रहेगा।

2003 में शुरू हुई थी ये वार्ता

मंगलवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ भारत-चीन सीमा विवाद पर 'विशेष प्रतिनिधियों' (SR) की वार्ता के 25वें दौर के लिए बैठक करेंगे। डोभाल और वांग 'विशेष प्रतिनिधियों' के तौर पर काम करते हैं। यह व्यवस्था 2003 में शुरू हुई थी, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा के विवाद को सुलझाना था।

गलवान झड़प के बाद पांच साल बंद रही वार्ता

2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प और उसके बाद पूर्वी लद्दाख में बने तनावपूर्ण हालात के कारण यह बातचीत लगभग पांच साल तक रुकी रही। यह बातचीत दिसंबर 2024 में फिर से शुरू हुई, जब बीजिंग में 23वां दौर हुआ। इसके बाद 24वां दौर पिछले साल अगस्त में नई दिल्ली में हुआ था।

एजेंडा में क्या-क्या हो सकता है

उम्मीद है कि दोनों पक्ष अक्टूबर 2024 के डिसइंगेजमेंट (सेना पीछे हटाने के) समझौते का जायजा लेंगे। क्या पिछली बातचीत के बाद से 'लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल' (LAC) पर शांति बनी हुई है? बीजिंग का कहना है कि बॉर्डर पर हालात "आमतौर पर स्थिर" हैं, दोनों पक्षों के अधिकारियों का कहना है कि 24वें दौर की बातचीत के बाद से वे समझौते पर अमल करने और अगली बैठक की तैयारी में जुटे रहे हैं

बेहद अहम है डोबाल का ये दौरा

यह बातचीत कूटनीतिक लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि जल्द ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आने वाले हैं। 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स समिट के लिए शी जिनपिंग के भारत दौरे से पहले एक सकारात्मक माहौल बनाना और सीमा पर तनाव कम करना है। इनमें सीमा प्रबंधन, आपसी भरोसा बढ़ाने वाले उपाय और सीमा-पार सहयोग जैसे मुद्दे भी शामिल होंगे। हालांकि, बीजिंग और नई दिल्ली ने चीनी राष्ट्रपति शी के शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन दोनों तरफ के अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि वह आएंगे। उनके दौरे से समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात का रास्ता बन सकता है।