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जापानी तकनीक और यूपी के एमएसएमई का संगम बनेगा नए औद्योगिक विकास का आधार
- जापान-यूपी एमएसएमई पार्टनरशिप फोरम में निवेश, तकनीकी हस्तांतरण, निर्यात और रोजगार पर मंथन; जेवर के पास 500 एकड़ में विकसित होगी       'जापान सिटी’

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विशाल एमएसएमई नेटवर्क को जापान की अत्याधुनिक तकनीक, गुणवत्ता मानकों और औद्योगिक विशेषज्ञता से जोड़कर प्रदेश में नया औद्योगिक ग्रोथ कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मरकरी हॉल में आयोजित ‘जापान-यूपी एमएसएमई पार्टनरशिप फोरम : को-क्रिएटिंग द नेक्स्ट ग्रोथ कॉरिडोर’ में दोनों पक्षों के बीच निवेश, तकनीकी हस्तांतरण, निर्यात, स्टार्टअप, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, रोबोटिक्स और रोजगार के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील, सचिव एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन प्रांजल यादव समेत जापानी प्रतिनिधिमंडल, उद्यमी, शिक्षाविद और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

- 90 लाख से अधिक एमएसएमई, जापानी तकनीक से मिलेगा विस्तार
एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 90 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां सक्रिय हैं, जो देश की कुल एमएसएमई इकाइयों का करीब 14 प्रतिशत हैं। सरकार उत्पादन और रोजगार में 15 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े उपभोक्ता बाजार के कारण उत्तर प्रदेश जापानी कंपनियों के लिए निवेश का आकर्षक केंद्र बन रहा है। गौतमबुद्ध नगर में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास करीब 500 एकड़ में ‘जापान सिटी’ विकसित की जा रही है। इसे ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और प्रिसिजन इंजीनियरिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों के लिए प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

- Kaizen और 5S से सुधरेगी एमएसएमई की कार्यक्षमता
मंत्री ने कहा कि जापान की उत्पादन प्रणाली और गुणवत्ता सुधार की पद्धतियों Kaizen, 5S और Green Manufacturing को प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों में प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने, लागत और वेस्टेज घटाने तथा यूपी के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि ODOP के जरिए प्रदेश के सभी 75 जिलों के विशिष्ट उत्पादों को बाजार और पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के जरिए युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है।

- पहली तिमाही में एमएसएमई को 1.40 लाख करोड़ का ऋण
प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में ही प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों को करीब 1.40 लाख करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में यह आंकड़ा करीब तीन लाख करोड़ रुपये रहा था।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब एक करोड़ एमएसएमई इकाइयों से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। उत्तर प्रदेश का कुल निर्यात दो लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें एमएसएमई क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत है।
सीएम युवा अभियान के तहत अब तक करीब दो लाख युवाओं को आठ हजार करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा चुका है। अगले 10 वर्षों में 10 लाख युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

- जापानी कंपनियों और यूपी के एमएसएमई के बीच पहले से कारोबारी संबंध
सचिव एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन प्रांजल यादव ने कहा कि जापान की कई प्रमुख कंपनियां पहले से उत्तर प्रदेश में निवेश कर रही हैं। कुबोटा, एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन जैसी कंपनियों की मौजूदगी प्रदेश में जापानी उद्योगों के भरोसे को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि गाजियाबाद की अल्बर्ट पिस्टन एंड रिंग्स और रेडनिक ऑटो एक्सपोर्ट्स जैसी एमएसएमई इकाइयां ऑटो पार्ट्स का उत्पादन कर होंडा और यामाहा जैसी जापानी कंपनियों को निर्यात कर रही हैं। कई स्थानीय इकाइयां इमिटेशन ज्वेलरी और इंजीनियरिंग उत्पाद भी जापान को भेज रही हैं।
प्रांजल यादव ने कहा कि जापानी उत्पादन तकनीक और गुणवत्ता प्रणालियों को अपनाकर यूपी की एमएसएमई इकाइयां उत्पादकता, गुणवत्ता और निर्यात क्षमता को और मजबूत कर सकती हैं।

-  बरेली का हुनर पहुंचा 200 से अधिक देशों में
राजगढ़िया एक्सपोर्ट्स, बरेली के सीईओ सुधीर राजगढ़िया ने बताया कि बरेली की जरी-जरदोजी कला को डिजिटल तकनीक के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ा गया है। वर्ष 2018 में तीन लोगों से शुरू हुई कंपनी अब 200 से अधिक देशों में अपने उत्पाद निर्यात कर रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और ODOP जैसे प्रयासों ने छोटे शहरों के पारंपरिक हुनर को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

-  स्टार्टअप और रोबोटिक्स में भी सहयोग की संभावनाएं
एकेटीयू इनोवेशन हब के सीईओ डॉ. महिप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 20 हजार से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप और 80 से अधिक इनक्यूबेशन सेंटर हैं। एआई, साइबर सिक्योरिटी और रोबोटिक्स के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं। जापानी विश्वविद्यालयों और उद्योगों के साथ स्टूडेंट एक्सचेंज, संयुक्त शोध और सेमीकंडक्टर-रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं।
आईआईएम लखनऊ एंटरप्राइज इनक्यूबेशन सेंटर की एमडी यामिनी भूषण पांडे ने जापानी एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए उत्तर प्रदेश में ‘सॉफ्ट लैंडिंग प्लेटफॉर्म’ विकसित करने का सुझाव दिया। इससे जापानी उद्यमियों को भारतीय बाजार समझने और स्थानीय साझेदार तलाशने में मदद मिल सकती है।

- नोएडा से टेक्सटाइल निर्यात बढ़ाने पर जोर
नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर के अध्यक्ष ललित ठुकराल ने कहा कि नोएडा के गारमेंट उद्योग से करीब 10 लाख लोग जुड़े हैं और यहां से 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात होता है। उन्होंने जापान के रेडीमेड कपड़ा बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया।
फोरम में इस बात पर सहमति बनी कि जेवर के पास प्रस्तावित ‘जापान सिटी’ और प्रदेश का विशाल एमएसएमई आधार मिलकर उत्तर प्रदेश-जापान औद्योगिक सहयोग को नई दिशा दे सकते हैं। जापानी तकनीक, यूपी के हुनर और मजबूत औद्योगिक ढांचे के मेल से वैश्विक सप्लाई चेन में प्रदेश की भूमिका बढ़ाने के साथ रोजगार और निर्यात के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
जापानी तकनीक और कृषि उत्पादों का मेल बनाएगा यूपी को फूड प्रोसेसिंग हब: केशव मौर्य

- जापान-भारत व्यापार नेटवर्किंग कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ने निवेशकों को दिया न्योता, बोले- किसानों की आय, रोजगार और निर्यात बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा खाद्य प्रसंस्करण


लखनऊ। उत्तर प्रदेश को देश का बड़ा खाद्य प्रसंस्करण केंद्र बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने जापानी निवेशकों के साथ साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जापान की अत्याधुनिक तकनीक, गुणवत्ता और विशेषज्ञता को उत्तर प्रदेश के विशाल कृषि आधार और विविध कृषि उत्पादों से जोड़ा जाए तो प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिल सकती है।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में इन्वेस्ट यूपी की ओर से आयोजित जापान-भारत व्यापार नेटवर्किंग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने जापानी निवेशकों से उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियों और प्रदेश के उद्यमियों के बीच साझेदारी से किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने की व्यापक संभावनाएं हैं।

- बुद्ध की विरासत से जुड़े हैं भारत-जापान के संबंध
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारत और जापान के संबंध केवल व्यापार और निवेश तक सीमित नहीं हैं। भगवान बुद्ध की करुणा, शांति, मानव कल्याण और ज्ञान की शिक्षाओं ने दोनों देशों के बीच सदियों पुराना सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध बनाया है। उत्तर प्रदेश में भगवान बुद्ध से जुड़े प्रमुख स्थलों और जापान की समृद्ध बौद्ध परंपरा के बीच भी गहरा जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत-जापान के रणनीतिक और आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे के दौरान प्रदेश में निवेश के लिए जापानी उद्यमियों को आमंत्रित किया गया था। अब लखनऊ में दोनों देशों के निवेशकों और उद्यमियों का एक मंच पर आना इसी सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

- कृषि उत्पादों को मिलेगा बेहतर बाजार
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की करीब 65 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है और 2.33 करोड़ सूचीबद्ध किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग किसानों से कृषि उत्पाद खरीदकर उन्हें मूल्यवर्धित उत्पादों में बदल सकते हैं। इससे किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ उत्पादों को देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए पहले से अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। वर्ष 2017 में खाद्य प्रसंस्करण नीति लागू की गई थी, जबकि इसके बाद खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 लाई गई। इसके तहत निवेशकों को सब्सिडी समेत कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

- जापानी निवेशकों के लिए यूपी में बेहतर माहौल
केशव मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेशकों के लिए बेहतर कानून-व्यवस्था, पर्याप्त लैंड बैंक और सड़क, रेल व हवाई संपर्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। लखनऊ, वाराणसी, जेवर और कुशीनगर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे राज्य की वैश्विक कनेक्टिविटी को और मजबूत कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में युवा उपलब्ध हैं और उन्हें उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी सरकार का विशेष ध्यान है, ताकि निवेश के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें।

- महिला स्वयं सहायता समूहों को भी मिलेगा लाभ
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में इन समूहों की महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ाया जा सकता है। महिलाओं के नाम पर खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने वालों को सोलर सब्सिडी समेत अन्य प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। उन्होंने उद्यमियों से सरकार की नीतियों और सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

- काला नमक चावल जैसे उत्पादों को मिलेगी वैश्विक पहचान
केशव मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कई विशिष्ट कृषि उत्पादों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की बड़ी संभावनाएं हैं। काला नमक चावल जैसे स्थानीय उत्पादों को आधुनिक प्रसंस्करण, आकर्षक पैकेजिंग और प्रभावी मार्केटिंग के जरिए वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर प्रदेश में निवेश केवल उद्योग लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, युवाओं को रोजगार देना और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देना है।
कार्यक्रम में भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची समेत जापान और भारत के अनेक निवेशक, उद्यमी और गणमान्यजन मौजूद रहे।
कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ को पुण्यतिथि पर केशव मौर्य ने दी श्रद्धांजलि

-  बोले- संघर्षशील और जुझारू जननेता थे बाबूजी, वंचितों और पिछड़ों के उत्थान के लिए समर्पित रहा जीवन


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पूर्व मुख्यमंत्री, राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल और पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ की पांचवीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने कैम्प कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग पर कल्याण सिंह के स्मृति चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि श्रद्धेय कल्याण सिंह ऐसे जननायक थे, जिनका जीवन गरीबों, वंचितों और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उत्तर प्रदेश के विकास के लिए उनके द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णय और किए गए कार्य आज भी प्रेरणा देते हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ एक जुझारू और संघर्षशील जनप्रतिनिधि थे। उन्हें राष्ट्रवादी विचारधारा के दृढ़ राजनेता के रूप में जाना जाता है। उनका राजनीतिक जीवन लंबे संघर्षों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।
उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह का व्यक्तित्व और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। समाज और राष्ट्र की निस्वार्थ सेवा के लिए बाबूजी को हमेशा याद किया जाएगा।
केशव मौर्य ने इस दौरान कल्याण सिंह से जुड़े अपने संस्मरणों को भी साझा किया और उनके सार्वजनिक जीवन, संघर्ष तथा समाज के कमजोर वर्गों के लिए किए गए कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि बाबूजी ने अपने पूरे जीवन में जनसेवा को प्राथमिकता दी और उत्तर प्रदेश की राजनीति एवं विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
एकता सिंह ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) निदेशक का संभाला कार्यभार

-  पंचायती राज विभाग में नई जिम्मेदारी; ग्रामीण स्वच्छता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को मिलेगी गति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पंचायती राज विभाग के स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक पद पर एकता सिंह ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इससे पहले वह सर्व शिक्षा अभियान में एडिशनल स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर जिम्मेदारी संभाल रही थीं। उन्होंने वर्ष 2024-25 तक इस दायित्व का निर्वहन किया।
प्रशासनिक और विभागीय कार्यों का व्यापक अनुभव रखने वाली एकता सिंह के मिशन निदेशक का पदभार संभालने से ग्रामीण स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में और तेजी आने की उम्मीद है। विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने, ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने और विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांवों में स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा स्वच्छ वातावरण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। मिशन निदेशक के रूप में एकता सिंह की भूमिका इन कार्यक्रमों की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण रहेगी।
पंचायती राज विभाग का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ विकास और स्वच्छता संबंधी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से ग्रामीण जनता तक पहुंचाना है।
गुडंबा में चेन स्नैचिंग का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ। गुडंबा थाना पुलिस और डीसीपी पूर्वी की सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में चेन स्नैचिंग की घटनाओं का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब दो लाख रुपये कीमत की पीली धातु की दो टूटी हुई चेन, 1,760 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल ओला इलेक्ट्रिक स्कूटी बरामद की है।

पुलिस के मुताबिक, गुडंबा थाना क्षेत्र में राह चलते लोगों से चेन स्नैचिंग की दो घटनाएं सामने आई थीं। पहली घटना दो अगस्त की रात करीब 11 बजे जानकीपुरम के सेक्टर-एच स्थित एसबीआई रोड पर हुई थी। इस मामले में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के सेवानिवृत्त उपमहानिदेशक अशोक कुमार की तहरीर पर चार अगस्त को मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि ई-स्कूटी सवार दो लोगों ने उनकी सोने की चेन छीन ली थी।

दूसरी घटना 16 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे टेढ़ी पुलिया के पास हुई थी। इस मामले में प्रिया जोशी की तहरीर पर 17 अगस्त को मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि ई-स्कूटी सवार दो लोगों ने उनके गले से सोने की चेन झपट ली थी।

कुकरैल जंगल के पास पकड़े गए

पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त को उपनिरीक्षक दिग्विजय यादव पुलिस टीम के साथ चेन स्नैचिंग की घटनाओं से जुड़े आरोपियों और माल की तलाश में थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि चेन स्नैचिंग में शामिल दो युवक सिल्वर रंग की ओला स्कूटी से स्कार्पियो क्लब के आगे कुकरैल जंगल की ओर जाने वाली सड़क के किनारे खड़े हैं। दोनों चोरी की चेन बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में थे और दोबारा वारदात करने की फिराक में थे।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखकर दोनों आरोपियों ने स्कूटी से भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। तलाशी में लारेब जैदी उर्फ सोनू के पास से एक टूटी हुई पीली धातु की चेन और 1,100 रुपये नकद मिले। वहीं अभिनव मौर्या के पास से एक टूटी हुई पीली धातु की चेन और 660 रुपये नकद बरामद हुए।

पुलिस ने बरामद चेन को गुडंबा थाने में दर्ज दोनों चेन स्नैचिंग के मामलों से संबंधित पाया। इसके बाद दोनों मुकदमों में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। दोनों आरोपियों को 19 अगस्त की रात करीब 11:35 बजे गिरफ्तार किया गया।

स्कूटी चलाता था एक आरोपी, दूसरा झपटता था चेन

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि दोनों मिलकर चेन स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देते थे। एक आरोपी ओला इलेक्ट्रिक स्कूटी चलाता था, जबकि दूसरा राह चलते लोगों के गले से चेन झपट लेता था। इसके बाद चोरी की गई चेन बेचकर मिलने वाली रकम को दोनों अपने व्यक्तिगत खर्च में इस्तेमाल करते थे।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने यह भी बताया कि 19 अगस्त को वे एक और वारदात करने की तैयारी में थे। उनके पास पहले से छीनी गई चेन मौजूद थी और वे उसे बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

दोनों आरोपी रैपिडो चालक

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लारेब जैदी उर्फ सोनू (27) और अभिनव मौर्या (24) के रूप में हुई है। दोनों लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और पुलिस के अनुसार रैपिडो चालक हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पीली धातु की दो टूटी हुई चेन, 1,760 रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल ओला इलेक्ट्रिक स्कूटी संख्या UP32QH0678 बरामद की है।

दोनों आरोपियों के खिलाफ गुडंबा थाने में दर्ज मुकदमों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उनके अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है।
बिजनौर में अवैध तमंचे के साथ युवक गिरफ्तार, कारतूस बरामद
लखनऊ। बिजनौर थाना पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अवैध तमंचा लेकर घूम रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

पुलिस के मुताबिक, पुलिस आयुक्त लखनऊ तरुण गाबा और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अपर्णा कुमार के निर्देश पर अपराध नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मो. मुश्ताक के पर्यवेक्षण तथा अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी रल्लापल्ली वसंथ कुमार और सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णानगर अभिषेक कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक बिजनौर कपिल गौतम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ा।

संदिग्ध व्यक्ति की सूचना पर कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, उपनिरीक्षक आनंद प्रताप सिंह, प्रभारी चौकी कस्बा बिजनौर, पुलिस टीम के साथ चौराहा बिजनौर से कस्बा बिजनौर की ओर पैदल गश्त कर रहे थे। बिजनौर बाजार के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी।

इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि गोलू होटल के सामने से नक्श सिटी जाने वाले मार्ग पर एक व्यक्ति तमंचा लेकर घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और एक युवक को पकड़ लिया।

पूछताछ और तलाशी में आरोपी के कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। आरोपी की पहचान हुमेद उर्फ हुमैर पुत्र स्वर्गीय सगीर, निवासी घसियारी मोहल्ला, कस्बा व थाना बिजनौर, लखनऊ, उम्र करीब 26 वर्ष के रूप में हुई।

डेढ़ साल पहले जंगल में मिला था तमंचा

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे करीब डेढ़ साल पहले जंगल में तमंचा पड़ा मिला था। इसके बाद उसने उसे अपने पास रख लिया। आरोपी के अनुसार, वह कभी-कभी तमंचा लेकर शौकिया तौर पर घूमता था और लोगों को डराता-धमकाता था।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बिजनौर थाने में मु0अ0सं0 223/2026, धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। आरोपी को 20 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

आरोपी का आपराधिक इतिहास भी मिला

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास में आशियाना थाने में वर्ष 2025 में धारा 74/115(2) बीएनएस के तहत मुकदमा, बिजनौर थाने में वर्ष 2024 में धारा 147, 323, 504, 506 आईपीसी और 3(1)द/ध एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा तथा सरोजनीनगर थाने में वर्ष 2021 में धारा 363/376DA आईपीसी और 5G/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होना बताया गया है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की गई है और उसके आपराधिक इतिहास की अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है।
लखनऊ पुलिस के 68 रिक्रूट आरक्षियों को संवेदनशील पुलिसिंग का प्रशिक्षण
लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की Specialized Training शाखा की ओर से वर्ष 2025 बैच के रिक्रूट आरक्षियों के लिए पीड़ितों और बच्चों के साथ सहानुभूतिपूर्ण एवं संवेदनशील संवाद स्थापित करने के विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम 20 अगस्त 2026 को रिजर्व पुलिस लाइन्स, कमिश्नरेट लखनऊ स्थित संगोष्ठी सदन में हुआ।

यह प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में पुलिस आयुक्त लखनऊ तरूण गाबा के निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अपर्णा कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार तथा पुलिस उपायुक्त मुख्यालय अमित कुमावत के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

कार्यशाला का संचालन पुलिस उपायुक्त महिला अपराध एवं सुरक्षा ममता रानी चौधरी के निर्देशन और सहायक पुलिस आयुक्त महिला अपराध शाहिदा नसरीन के पर्यवेक्षण में किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य नवआरक्षियों को संवेदनशील, सजग और प्रभावी फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में तैयार करना रहा।

68 रिक्रूट आरक्षियों ने लिया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यशाला में कमिश्नरेट लखनऊ के सभी थानों से वर्ष 2025 बैच के कुल 68 रिक्रूट आरक्षियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण सत्र में UNICEF की डिविजनल कंसल्टेंट रिजवाना परवीन ने प्रतिभागियों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया।

पीड़ितों से संवाद के तरीके बताए

प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को बताया गया कि घटनास्थल या थाने पर पहुंचने के बाद फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। पीड़ित की बात धैर्यपूर्वक सुनना, उसकी भावनात्मक स्थिति को समझना और उसे आवश्यक सहयोग व सुरक्षा का भरोसा देना पुलिसिंग का अहम हिस्सा है।

प्रतिभागियों को विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के साथ बातचीत करते समय संवेदनशील, सहानुभूतिपूर्ण और व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाने के बारे में जानकारी दी गई। संवाद कौशल और व्यवहारिक विकास पर भी प्रशिक्षण दिया गया।

महिलाओं और बच्चों से जुड़े कानूनों की जानकारी

कार्यशाला में महिलाओं और बच्चों से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें घरेलू हिंसा से संबंधित कानून, किशोर न्याय अधिनियम और पॉक्सो एक्ट समेत अन्य प्रासंगिक प्रावधान शामिल रहे।

इसके अलावा प्रशिक्षणार्थियों को वन स्टॉप सेंटर, बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड की भूमिका और कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में पीड़ितों को आवश्यक सहयोग, संरक्षण उपलब्ध कराने और विधिक प्रक्रिया का पालन करने के संबंध में भी प्रशिक्षण दिया गया।

संवेदनशील पुलिसिंग पर जोर

कमिश्नरेट लखनऊ की ओर से कहा गया कि आमजन, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित, संवेदनशील और सहयोगपूर्ण पुलिसिंग उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिसकर्मियों के संवाद कौशल, व्यवहारिक दक्षता और विधिक ज्ञान को मजबूत किया जा रहा है।

पुलिस का उद्देश्य है कि किसी भी घटना के बाद पीड़ित को समयबद्ध, मानवीय और प्रभावी सहायता मिल सके। प्रशिक्षण के जरिए रिक्रूट आरक्षियों को ऐसी परिस्थितियों में बेहतर तरीके से प्रतिक्रिया देने और पीड़ितों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
इटौंजा में सड़क हादसा, कांवड़िये की मौत; साथी घायल
लखनऊ। इटौंजा थाना क्षेत्र में सीतापुर-लखनऊ हाईवे पर गुरुवार दोपहर सड़क हादसे में एक कांवड़िये की मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया। हादसा लाडली होटल के सामने हुआ, जहां एक अज्ञात डीसीएम वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी।

पुलिस के मुताबिक, 20 अगस्त 2026 को करीब 3:30 बजे मोटरसाइकिल संख्या UP32DA5383 पर दो कांवड़िये सीतापुर से लखनऊ की ओर जा रहे थे। बाइक पर सीतापुर के संदना थाना क्षेत्र के कुर्सी हिरोरा निवासी सत्यम गुप्ता (17) और बाराबंकी के घूंघटेर थाना क्षेत्र के पलटूपुर निवासी शोभित गुप्ता (18) सवार थे।

इटौंजा थाना क्षेत्र में लाडली होटल के सामने एक अज्ञात डीसीएम वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए रामसागर मिश्र 100 शैय्या अस्पताल, साढ़ामऊ, बीकेटी पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने सत्यम गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। वहीं शोभित गुप्ता को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बलरामपुर अस्पताल, लखनऊ रेफर कर दिया गया।

पुलिस ने मृतक के शव का पंचायतनामा भरने की कार्रवाई पूरी कर ली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए केजीएमयू, लखनऊ भेजा जा रहा है।

इटौंजा पुलिस हादसे में शामिल अज्ञात डीसीएम वाहन की तलाश कर रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य माध्यमों से वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है। घटना के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद मौके पर यातायात व्यवस्था सामान्य है और कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई समस्या नहीं है।
ढाई साल से फरार आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी बेंगलुरु से गिरफ्तार
लखनऊ। इंदिरानगर थाना पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में करीब ढाई साल से फरार चल रहे आरोपी को बेंगलुरु, कर्नाटक से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 61 वर्षीय संतोष सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार करने के बाद ट्रांजिट रिमांड लेकर लखनऊ पहुंचाया।

पुलिस के मुताबिक, 15 अप्रैल 2024 को इंदिरानगर निवासी जेबा अंजुम ने थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने अपने बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। तहरीर के आधार पर इंदिरानगर थाने में मुकदमा संख्या 91/2024 धारा 306 आईपीसी के तहत दर्ज किया गया था।

मामले की विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक सचिन सिंह ने शुरू की थी। उनके स्थानांतरण के बाद विवेचना उपनिरीक्षक आशीष कुमार पांडेय द्वारा की जा रही थी। पुलिस ने विवेचना के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सर्विलांस की मदद से नामजद आरोपी संतोष सिंह की लोकेशन का पता लगाया।

जांच में आरोपी की लोकेशन बेंगलुरु में मिली। इसके बाद विवेचक ने उच्चाधिकारियों से अनुमति प्राप्त कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम भेजी। पुलिस ने 17 अगस्त 2026 को स्थानीय पुलिस की मदद से बेंगलुरु सिटी के विल्सन गार्डन थाना क्षेत्र से संतोष सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लिया और 20 अगस्त 2026 को उसे इंदिरानगर थाने लखनऊ लाया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान संतोष सिंह पुत्र स्वर्गीय विश्वनाथ सिंह, उम्र 61 वर्ष, निवासी फ्लैट नंबर 202, मैत्री संयोग अपार्टमेंट, 8 क्रॉस, विल्सन गार्डन, बेंगलुरु, कर्नाटक के रूप में हुई है। उसका मूल पता मकान संख्या 58, लालपुर खंड, लमही, थाना सारनाथ, वाराणसी बताया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी कोई काम नहीं करता है।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में आरोपी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। उसका अन्य आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
दहेज हत्या के मामले में पति और सास गिरफ्तार
लखनऊ। ठाकुरगंज थाना पुलिस ने दहेज हत्या के मामले में कार्रवाई करते हुए मृतका के पति और सास को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को 19 अगस्त की शाम थाना क्षेत्र स्थित सकरी पुलिया धोबी घाट माधोपुर के पास से गिरफ्तार किया। मामले में नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।

पुलिस के मुताबिक, 18 अगस्त 2026 को बक्शी का तालाब थाना क्षेत्र के हाजीपुर निवासी अनीता वर्मा ने ठाकुरगंज थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी करीब 30 वर्षीय बेटी कोमल ने 17 अगस्त को फोन कर बताया था कि उसका पति जितेंद्र कुमार सुबह से उसके साथ मारपीट कर रहा है और जान से मारने की धमकी दे रहा है। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर कोमल को आए दिन प्रताड़ित करते थे।

तहरीर के अनुसार, सूचना मिलने के बाद अनीता वर्मा अपने पति के साथ बेटी की ससुराल पहुंचीं। वहां उन्होंने कोमल को बेसुध हालत में पड़ा देखा। इसके बाद उसे इलाज के लिए ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मामले की सूचना मिलने के बाद ठाकुरगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने पति जितेंद्र कुमार, सास लीला समेत छह लोगों को नामजद किया। मुकदमे में पति जितेंद्र कुमार, सास लीला, जेठानी उमा देवी, जेठ करन और ननद प्रीति व रेशमा के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश में सुरागरसी और दबिश की कार्रवाई शुरू की। इसी क्रम में 19 अगस्त 2026 को शाम करीब पांच बजे सकरी पुलिया धोबी घाट माधोपुर के पास से जितेंद्र कुमार (34) और उसकी मां लीला (56) को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, जितेंद्र कुमार पुत्र स्वर्गीय लाला राम कन्हैया माधोपुर बेगरिया, थाना ठाकुरगंज का निवासी है। वहीं लीला पत्नी स्वर्गीय लाला राम भी इसी पते की रहने वाली है।

मामले में थाना ठाकुरगंज में मु0अ0सं0 545/2026 के तहत धारा 80(2), 85, 115(2), 352 और 351(3) बीएनएस तथा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में मुकदमा दर्ज है।

पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।