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एकता सिंह ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) निदेशक का संभाला कार्यभार

-  पंचायती राज विभाग में नई जिम्मेदारी; ग्रामीण स्वच्छता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को मिलेगी गति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पंचायती राज विभाग के स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के निदेशक पद पर एकता सिंह ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इससे पहले वह सर्व शिक्षा अभियान में एडिशनल स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर जिम्मेदारी संभाल रही थीं। उन्होंने वर्ष 2024-25 तक इस दायित्व का निर्वहन किया।
प्रशासनिक और विभागीय कार्यों का व्यापक अनुभव रखने वाली एकता सिंह के मिशन निदेशक का पदभार संभालने से ग्रामीण स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में और तेजी आने की उम्मीद है। विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने, ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने और विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांवों में स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा स्वच्छ वातावरण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। मिशन निदेशक के रूप में एकता सिंह की भूमिका इन कार्यक्रमों की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण रहेगी।
पंचायती राज विभाग का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ विकास और स्वच्छता संबंधी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से ग्रामीण जनता तक पहुंचाना है।
गुडंबा में चेन स्नैचिंग का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ। गुडंबा थाना पुलिस और डीसीपी पूर्वी की सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में चेन स्नैचिंग की घटनाओं का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब दो लाख रुपये कीमत की पीली धातु की दो टूटी हुई चेन, 1,760 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल ओला इलेक्ट्रिक स्कूटी बरामद की है।

पुलिस के मुताबिक, गुडंबा थाना क्षेत्र में राह चलते लोगों से चेन स्नैचिंग की दो घटनाएं सामने आई थीं। पहली घटना दो अगस्त की रात करीब 11 बजे जानकीपुरम के सेक्टर-एच स्थित एसबीआई रोड पर हुई थी। इस मामले में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के सेवानिवृत्त उपमहानिदेशक अशोक कुमार की तहरीर पर चार अगस्त को मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि ई-स्कूटी सवार दो लोगों ने उनकी सोने की चेन छीन ली थी।

दूसरी घटना 16 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे टेढ़ी पुलिया के पास हुई थी। इस मामले में प्रिया जोशी की तहरीर पर 17 अगस्त को मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि ई-स्कूटी सवार दो लोगों ने उनके गले से सोने की चेन झपट ली थी।

कुकरैल जंगल के पास पकड़े गए

पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त को उपनिरीक्षक दिग्विजय यादव पुलिस टीम के साथ चेन स्नैचिंग की घटनाओं से जुड़े आरोपियों और माल की तलाश में थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि चेन स्नैचिंग में शामिल दो युवक सिल्वर रंग की ओला स्कूटी से स्कार्पियो क्लब के आगे कुकरैल जंगल की ओर जाने वाली सड़क के किनारे खड़े हैं। दोनों चोरी की चेन बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में थे और दोबारा वारदात करने की फिराक में थे।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखकर दोनों आरोपियों ने स्कूटी से भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। तलाशी में लारेब जैदी उर्फ सोनू के पास से एक टूटी हुई पीली धातु की चेन और 1,100 रुपये नकद मिले। वहीं अभिनव मौर्या के पास से एक टूटी हुई पीली धातु की चेन और 660 रुपये नकद बरामद हुए।

पुलिस ने बरामद चेन को गुडंबा थाने में दर्ज दोनों चेन स्नैचिंग के मामलों से संबंधित पाया। इसके बाद दोनों मुकदमों में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। दोनों आरोपियों को 19 अगस्त की रात करीब 11:35 बजे गिरफ्तार किया गया।

स्कूटी चलाता था एक आरोपी, दूसरा झपटता था चेन

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि दोनों मिलकर चेन स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देते थे। एक आरोपी ओला इलेक्ट्रिक स्कूटी चलाता था, जबकि दूसरा राह चलते लोगों के गले से चेन झपट लेता था। इसके बाद चोरी की गई चेन बेचकर मिलने वाली रकम को दोनों अपने व्यक्तिगत खर्च में इस्तेमाल करते थे।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने यह भी बताया कि 19 अगस्त को वे एक और वारदात करने की तैयारी में थे। उनके पास पहले से छीनी गई चेन मौजूद थी और वे उसे बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

दोनों आरोपी रैपिडो चालक

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लारेब जैदी उर्फ सोनू (27) और अभिनव मौर्या (24) के रूप में हुई है। दोनों लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और पुलिस के अनुसार रैपिडो चालक हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पीली धातु की दो टूटी हुई चेन, 1,760 रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल ओला इलेक्ट्रिक स्कूटी संख्या UP32QH0678 बरामद की है।

दोनों आरोपियों के खिलाफ गुडंबा थाने में दर्ज मुकदमों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उनके अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है।
बिजनौर में अवैध तमंचे के साथ युवक गिरफ्तार, कारतूस बरामद
लखनऊ। बिजनौर थाना पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अवैध तमंचा लेकर घूम रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

पुलिस के मुताबिक, पुलिस आयुक्त लखनऊ तरुण गाबा और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अपर्णा कुमार के निर्देश पर अपराध नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मो. मुश्ताक के पर्यवेक्षण तथा अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी रल्लापल्ली वसंथ कुमार और सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णानगर अभिषेक कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। प्रभारी निरीक्षक बिजनौर कपिल गौतम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ा।

संदिग्ध व्यक्ति की सूचना पर कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, उपनिरीक्षक आनंद प्रताप सिंह, प्रभारी चौकी कस्बा बिजनौर, पुलिस टीम के साथ चौराहा बिजनौर से कस्बा बिजनौर की ओर पैदल गश्त कर रहे थे। बिजनौर बाजार के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी।

इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि गोलू होटल के सामने से नक्श सिटी जाने वाले मार्ग पर एक व्यक्ति तमंचा लेकर घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और एक युवक को पकड़ लिया।

पूछताछ और तलाशी में आरोपी के कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। आरोपी की पहचान हुमेद उर्फ हुमैर पुत्र स्वर्गीय सगीर, निवासी घसियारी मोहल्ला, कस्बा व थाना बिजनौर, लखनऊ, उम्र करीब 26 वर्ष के रूप में हुई।

डेढ़ साल पहले जंगल में मिला था तमंचा

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे करीब डेढ़ साल पहले जंगल में तमंचा पड़ा मिला था। इसके बाद उसने उसे अपने पास रख लिया। आरोपी के अनुसार, वह कभी-कभी तमंचा लेकर शौकिया तौर पर घूमता था और लोगों को डराता-धमकाता था।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बिजनौर थाने में मु0अ0सं0 223/2026, धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। आरोपी को 20 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

आरोपी का आपराधिक इतिहास भी मिला

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास में आशियाना थाने में वर्ष 2025 में धारा 74/115(2) बीएनएस के तहत मुकदमा, बिजनौर थाने में वर्ष 2024 में धारा 147, 323, 504, 506 आईपीसी और 3(1)द/ध एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा तथा सरोजनीनगर थाने में वर्ष 2021 में धारा 363/376DA आईपीसी और 5G/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होना बताया गया है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की गई है और उसके आपराधिक इतिहास की अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है।
लखनऊ पुलिस के 68 रिक्रूट आरक्षियों को संवेदनशील पुलिसिंग का प्रशिक्षण
लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की Specialized Training शाखा की ओर से वर्ष 2025 बैच के रिक्रूट आरक्षियों के लिए पीड़ितों और बच्चों के साथ सहानुभूतिपूर्ण एवं संवेदनशील संवाद स्थापित करने के विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम 20 अगस्त 2026 को रिजर्व पुलिस लाइन्स, कमिश्नरेट लखनऊ स्थित संगोष्ठी सदन में हुआ।

यह प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में पुलिस आयुक्त लखनऊ तरूण गाबा के निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अपर्णा कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार तथा पुलिस उपायुक्त मुख्यालय अमित कुमावत के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

कार्यशाला का संचालन पुलिस उपायुक्त महिला अपराध एवं सुरक्षा ममता रानी चौधरी के निर्देशन और सहायक पुलिस आयुक्त महिला अपराध शाहिदा नसरीन के पर्यवेक्षण में किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य नवआरक्षियों को संवेदनशील, सजग और प्रभावी फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में तैयार करना रहा।

68 रिक्रूट आरक्षियों ने लिया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यशाला में कमिश्नरेट लखनऊ के सभी थानों से वर्ष 2025 बैच के कुल 68 रिक्रूट आरक्षियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण सत्र में UNICEF की डिविजनल कंसल्टेंट रिजवाना परवीन ने प्रतिभागियों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया।

पीड़ितों से संवाद के तरीके बताए

प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को बताया गया कि घटनास्थल या थाने पर पहुंचने के बाद फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। पीड़ित की बात धैर्यपूर्वक सुनना, उसकी भावनात्मक स्थिति को समझना और उसे आवश्यक सहयोग व सुरक्षा का भरोसा देना पुलिसिंग का अहम हिस्सा है।

प्रतिभागियों को विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के साथ बातचीत करते समय संवेदनशील, सहानुभूतिपूर्ण और व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाने के बारे में जानकारी दी गई। संवाद कौशल और व्यवहारिक विकास पर भी प्रशिक्षण दिया गया।

महिलाओं और बच्चों से जुड़े कानूनों की जानकारी

कार्यशाला में महिलाओं और बच्चों से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें घरेलू हिंसा से संबंधित कानून, किशोर न्याय अधिनियम और पॉक्सो एक्ट समेत अन्य प्रासंगिक प्रावधान शामिल रहे।

इसके अलावा प्रशिक्षणार्थियों को वन स्टॉप सेंटर, बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड की भूमिका और कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में पीड़ितों को आवश्यक सहयोग, संरक्षण उपलब्ध कराने और विधिक प्रक्रिया का पालन करने के संबंध में भी प्रशिक्षण दिया गया।

संवेदनशील पुलिसिंग पर जोर

कमिश्नरेट लखनऊ की ओर से कहा गया कि आमजन, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित, संवेदनशील और सहयोगपूर्ण पुलिसिंग उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिसकर्मियों के संवाद कौशल, व्यवहारिक दक्षता और विधिक ज्ञान को मजबूत किया जा रहा है।

पुलिस का उद्देश्य है कि किसी भी घटना के बाद पीड़ित को समयबद्ध, मानवीय और प्रभावी सहायता मिल सके। प्रशिक्षण के जरिए रिक्रूट आरक्षियों को ऐसी परिस्थितियों में बेहतर तरीके से प्रतिक्रिया देने और पीड़ितों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
इटौंजा में सड़क हादसा, कांवड़िये की मौत; साथी घायल
लखनऊ। इटौंजा थाना क्षेत्र में सीतापुर-लखनऊ हाईवे पर गुरुवार दोपहर सड़क हादसे में एक कांवड़िये की मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया। हादसा लाडली होटल के सामने हुआ, जहां एक अज्ञात डीसीएम वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी।

पुलिस के मुताबिक, 20 अगस्त 2026 को करीब 3:30 बजे मोटरसाइकिल संख्या UP32DA5383 पर दो कांवड़िये सीतापुर से लखनऊ की ओर जा रहे थे। बाइक पर सीतापुर के संदना थाना क्षेत्र के कुर्सी हिरोरा निवासी सत्यम गुप्ता (17) और बाराबंकी के घूंघटेर थाना क्षेत्र के पलटूपुर निवासी शोभित गुप्ता (18) सवार थे।

इटौंजा थाना क्षेत्र में लाडली होटल के सामने एक अज्ञात डीसीएम वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए रामसागर मिश्र 100 शैय्या अस्पताल, साढ़ामऊ, बीकेटी पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने सत्यम गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। वहीं शोभित गुप्ता को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बलरामपुर अस्पताल, लखनऊ रेफर कर दिया गया।

पुलिस ने मृतक के शव का पंचायतनामा भरने की कार्रवाई पूरी कर ली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए केजीएमयू, लखनऊ भेजा जा रहा है।

इटौंजा पुलिस हादसे में शामिल अज्ञात डीसीएम वाहन की तलाश कर रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य माध्यमों से वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है। घटना के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद मौके पर यातायात व्यवस्था सामान्य है और कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई समस्या नहीं है।
ढाई साल से फरार आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी बेंगलुरु से गिरफ्तार
लखनऊ। इंदिरानगर थाना पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में करीब ढाई साल से फरार चल रहे आरोपी को बेंगलुरु, कर्नाटक से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 61 वर्षीय संतोष सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार करने के बाद ट्रांजिट रिमांड लेकर लखनऊ पहुंचाया।

पुलिस के मुताबिक, 15 अप्रैल 2024 को इंदिरानगर निवासी जेबा अंजुम ने थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने अपने बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। तहरीर के आधार पर इंदिरानगर थाने में मुकदमा संख्या 91/2024 धारा 306 आईपीसी के तहत दर्ज किया गया था।

मामले की विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक सचिन सिंह ने शुरू की थी। उनके स्थानांतरण के बाद विवेचना उपनिरीक्षक आशीष कुमार पांडेय द्वारा की जा रही थी। पुलिस ने विवेचना के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सर्विलांस की मदद से नामजद आरोपी संतोष सिंह की लोकेशन का पता लगाया।

जांच में आरोपी की लोकेशन बेंगलुरु में मिली। इसके बाद विवेचक ने उच्चाधिकारियों से अनुमति प्राप्त कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम भेजी। पुलिस ने 17 अगस्त 2026 को स्थानीय पुलिस की मदद से बेंगलुरु सिटी के विल्सन गार्डन थाना क्षेत्र से संतोष सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लिया और 20 अगस्त 2026 को उसे इंदिरानगर थाने लखनऊ लाया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान संतोष सिंह पुत्र स्वर्गीय विश्वनाथ सिंह, उम्र 61 वर्ष, निवासी फ्लैट नंबर 202, मैत्री संयोग अपार्टमेंट, 8 क्रॉस, विल्सन गार्डन, बेंगलुरु, कर्नाटक के रूप में हुई है। उसका मूल पता मकान संख्या 58, लालपुर खंड, लमही, थाना सारनाथ, वाराणसी बताया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी कोई काम नहीं करता है।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में आरोपी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। उसका अन्य आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
दहेज हत्या के मामले में पति और सास गिरफ्तार
लखनऊ। ठाकुरगंज थाना पुलिस ने दहेज हत्या के मामले में कार्रवाई करते हुए मृतका के पति और सास को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को 19 अगस्त की शाम थाना क्षेत्र स्थित सकरी पुलिया धोबी घाट माधोपुर के पास से गिरफ्तार किया। मामले में नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।

पुलिस के मुताबिक, 18 अगस्त 2026 को बक्शी का तालाब थाना क्षेत्र के हाजीपुर निवासी अनीता वर्मा ने ठाकुरगंज थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी करीब 30 वर्षीय बेटी कोमल ने 17 अगस्त को फोन कर बताया था कि उसका पति जितेंद्र कुमार सुबह से उसके साथ मारपीट कर रहा है और जान से मारने की धमकी दे रहा है। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर कोमल को आए दिन प्रताड़ित करते थे।

तहरीर के अनुसार, सूचना मिलने के बाद अनीता वर्मा अपने पति के साथ बेटी की ससुराल पहुंचीं। वहां उन्होंने कोमल को बेसुध हालत में पड़ा देखा। इसके बाद उसे इलाज के लिए ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मामले की सूचना मिलने के बाद ठाकुरगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने पति जितेंद्र कुमार, सास लीला समेत छह लोगों को नामजद किया। मुकदमे में पति जितेंद्र कुमार, सास लीला, जेठानी उमा देवी, जेठ करन और ननद प्रीति व रेशमा के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश में सुरागरसी और दबिश की कार्रवाई शुरू की। इसी क्रम में 19 अगस्त 2026 को शाम करीब पांच बजे सकरी पुलिया धोबी घाट माधोपुर के पास से जितेंद्र कुमार (34) और उसकी मां लीला (56) को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, जितेंद्र कुमार पुत्र स्वर्गीय लाला राम कन्हैया माधोपुर बेगरिया, थाना ठाकुरगंज का निवासी है। वहीं लीला पत्नी स्वर्गीय लाला राम भी इसी पते की रहने वाली है।

मामले में थाना ठाकुरगंज में मु0अ0सं0 545/2026 के तहत धारा 80(2), 85, 115(2), 352 और 351(3) बीएनएस तथा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में मुकदमा दर्ज है।

पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बीकेटी में नवविवाहिता की मौत, मायके पक्ष की शिकायत पर मुकदमा दर्ज
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के बीकेटी थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की मौत का मामला सामने आया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मायके पक्ष की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, 20 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 1:20 बजे राम सागर मिश्रा संयुक्त चिकित्सालय, सरसैया से नवविवाहिता की मृत्यु के संबंध में फौती मेमो प्राप्त हुआ। मृतका की पहचान बाटू पत्नी सतीश उर्फ भूरे, निवासी कोटवा, थाना बीकेटी, लखनऊ के रूप में हुई।

सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक रामप्रभाव को तत्काल अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार, परिजनों ने बताया कि बाटू की शादी 14 अप्रैल 2025 को सतीश उर्फ भूरे के साथ हुई थी। घटना की जानकारी मिलने पर मृतका के मायके पक्ष के लोग भी अस्पताल पहुंच गए।

पुलिस ने पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस भेज दिया है। मायके पक्ष से प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई प्रचलित है।
यूपी में नौ आईपीएस अफसरों के तबादले, सात जिलों के कप्तान बदले
लखनऊ। डीजीपी मुख्यालय ने बृहस्पतिवार देर रात सात जिलों के पुलिस कप्तानों समेत नौ आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस फेरबदल में मेरठ, झांसी, सुल्तानपुर, गोंडा, बिजनौर, संभल और बलरामपुर के पुलिस कप्तान बदले गए हैं।

गोंडा के एसपी विनीत जायसवाल को सुल्तानपुर का नया एसपी बनाया गया है। सुल्तानपुर में तैनात चारू निगम को यूपी-112 भेजा गया है।

मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय को डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उनकी जगह झांसी के एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया एसएसपी बनाया गया है।

बिजनौर के एसपी अभिषेक को गोंडा का नया पुलिस कप्तान बनाया गया है। वहीं बलरामपुर के एसपी विकास कुमार को झांसी का एसएसपी नियुक्त किया गया है। संभल के एसपी केके बिश्नोई को बिजनौर का नया एसपी बनाया गया है।

बाराबंकी में एएसपी के पद पर तैनात विकास चन्द्र त्रिपाठी को आईपीएस बनने के बाद संभल का एसपी बनाया गया है। इसी तरह हरदोई में एएसपी रहे मार्तण्ड प्रकाश सिंह को आईपीएस बनने के बाद बलरामपुर का एसपी नियुक्त किया गया है।

डीजीपी मुख्यालय की ओर से किए गए इस तबादले के बाद सात जिलों की पुलिस कमान नए अधिकारियों के हाथों में होगी। अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने से संबंधित जिलों में कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन को और प्रभावी बनाने की उम्मीद है।
दिव्यांग श्रेणी के बेसिक शिक्षकों का अंतर्जनपदीय स्थानांतरण जल्द करे विभाग

- दिव्यांगजन अधिनियम-2016 के प्रावधानों के तहत स्थानांतरण के लिए सभी विभागों को दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय ने जारी किए निर्देश

लखनऊ। शासन के आदेश के बावजूद दिव्यांग श्रेणी के बेसिक शिक्षकों का अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नहीं होने से शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से स्थानांतरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे दिव्यांग शिक्षकों ने अब सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव वीरेंद्र कुमार ने बताया कि संगठन ने दिव्यांग कर्मचारियों के स्थानांतरण का मुद्दा अपने मांगपत्र में प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद प्रमुख सचिव, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने ऐसे दिव्यांग कर्मचारियों की सूची मांगी थी, जिनका स्थानांतरण नहीं हो पा रहा है।
इसी क्रम में दिव्यांग महागठबंधन ने दिव्यांग बेसिक शिक्षकों की सूची संयुक्त निदेशक के माध्यम से निदेशक एवं प्रमुख सचिव, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को सौंप दी है। संगठन के अनुसार, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग अब बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के प्रावधानों के तहत पात्र सरकारी कर्मचारियों को गृह जनपद में स्थानांतरण किए जाने के संबंध में पत्र भेजेगा।
वीरेंद्र कुमार ने कहा कि दिव्यांग शिक्षकों को उनके गृह जनपद में स्थानांतरण मिलने से न केवल उन्हें आवागमन और पारिवारिक समस्याओं से राहत मिलेगी, बल्कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन भी बेहतर ढंग से कर सकेंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 6 सितंबर तक दिव्यांग बेसिक शिक्षकों का अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नहीं किया गया तो 7 सितंबर से गांधी प्रतिमा पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। उन्होंने शासन और बेसिक शिक्षा विभाग से मामले में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
संयुक्त निदेशक से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव वीरेंद्र कुमार, अध्यक्ष मनीष प्रसाद, कोषाध्यक्ष जितेंद्र वर्मा, राजकुमार गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।