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अभिजीत दिपके की अमेरिका में पढ़ाई पर उठे सवाल, RTI एक्टिविस्ट को ये दिया जवाब; सरकार को भी चेतावनी

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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके की अमेरिका में पढ़ाई और उनकी पार्टी की फंडिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अभिजीत दिपके की अमेरिका में पढ़ाई पर हुए खर्च पर सवाल उठाए गए और आरटीआई दायर की गई। इस पर दीपके ने अपना जवाब दिया है।

आरटीआई कार्यकर्ता ने की आर्थिक स्थिति की जांच की मांग

सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने 1 अगस्त को महाराष्ट्र सरकार समेत कई सरकारी एजेंसियों को शिकायत भेजकर अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके की आर्थिक स्थिति की जांच कराने की मांग की। भगवानराव दिपके महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन में जूनियर इंजीनियर रह चुके हैं। शिकायत में सवाल उठाया गया कि कथित तौर पर सीमित वेतन पाने वाले सरकारी कर्मचारी का परिवार अपने बच्चों को अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए कैसे भेज सका।

स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के जरिए अमेरिका में पढ़ाई

अभिजीत दिपके ने आरटीआई एक्टिविस्ट के सवाल पर कहा कि उन्हें पढ़ाई के लिए बोस्टन यूनिर्सिटी ने स्कॉलरशिप दी। दीपके ने अपने दाखिले और छात्रवृत्ति के आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक करते हुए बताया कि अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय में उनकी पढ़ाई स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के जरिए हुई है। दीपके ने कहा कि उनके फंड के स्रोतों की जांच के लिए हर कोई पूरी तरह स्वतंत्र है।

सीजेपी का पलटवार

वहीं, इस पूरे मामले में सीजेपी की एक प्रवक्ता वैष्णवी गौर ने अमित तिवारी पर आरोप लगाया है कि वो एक निजी व्यक्ति को टारगेट कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर अमित तिवारी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है, 'एक निजी व्यक्ति की शिक्षा पर हुए खर्च पर आरटीआई लगाने वाले कभी पीएम केयर्स फंड की तरफ भी देखे।'

भाजपा को हेमंत सरकार पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं : विनोद कुमार पांडेय

झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं होने देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और वचनबद्ध हैं। राज्य के युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रत्येक छात्र को हर हाल में न्याय मिलेगा।

उन्होंने कहा कि जेपीएससी की आड़ में सरकार के खिलाफ साजिश रचने तथा छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ में संलिप्त बड़ी मछलियों के चेहरे बहुत जल्द बेनकाब होंगे। जैसे ही गड़बड़ी की शिकायत मिली, माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया। सरकार ने केवल विभागीय कार्रवाई तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि प्राथमिकी दर्ज कराई, जांच एजेंसी को जेपीएससी कार्यालय भेजा गया और चेयरमैन सहित संबंधित पदाधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जो इस बात का प्रमाण है कि हेमंत सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।

विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि हेमंत सरकार युवा, किसान, मजदूर, महिला, दलित, आदिवासी, मूलवासी और अल्पसंख्यक हर वर्गों के साथ न्याय करने वाली सरकार है। सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी व्यवस्था, जवाबदेही और अवसरों में समानता सुनिश्चित करना है। किसी भी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता से समझौता नहीं किया जाएगा। यही वजह है कि पिछली भर्तियों में काफी संख्या में गरीब और जरूरतमंद घरों के बच्चों को सरकार का अंग बनने का अवसर मिला है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को हेमंत सरकार पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। झारखंड के युवा आज भी नहीं भूले हैं कि भाजपा के शासनकाल में जेपीएससी की परीक्षाएं लगातार विवादों, अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी रहीं। राज्य गठन के बाद बाबूलाल मरांडी की सरकार के समय पहली संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के दौरान मूल्यांकन प्रक्रिया, उत्तर पुस्तिकाओं में कथित हेरफेर और चयन प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे। बाद के वर्षों में इन मामलों की जांच केंद्रीय एजेंसियों तक पहुंची और लंबी कानूनी प्रक्रिया चली।

उन्होंने कहा कि अर्जुन मुंडा सहित भाजपा के विभिन्न कार्यकालों में आयोजित जेपीएससी परीक्षाओं को लेकर भी कॉपियों में कथित हेरफेर, नंबर बढ़ाने, भाई-भतीजावाद तथा चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठते रहे। इन मामलों ने राज्य की भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता को गहरा आघात पहुंचाया और लंबे समय तक अभ्यर्थियों को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ा।

महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि रघुवर दास सरकार के दौरान भी जेपीएससी परीक्षाओं का नियमित कैलेंडर लागू नहीं हो सका। भर्तियों में लगातार विलंब, नियमों को लेकर विवाद, कट-ऑफ, परिणाम प्रकाशन तथा विभिन्न नियुक्ति प्रक्रियाओं पर अभ्यर्थियों का असंतोष बार-बार सड़कों पर दिखाई दिया। उस दौर में हजारों युवाओं का कीमती समय अनिश्चितता और प्रतीक्षा में बीता।

उन्होंने कहा कि भाजपा आज राजनीतिक लाभ के लिए युवाओं के हितैषी होने का दिखावा कर रही है, जबकि उसका अपना कार्यकाल भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर विवादों और सवालों से घिरा रहा है। जो दल अपने शासनकाल की विफलताओं का जवाब नहीं दे पाया, वह आज पारदर्शिता और जवाबदेही पर उपदेश देने की स्थिति में नहीं है।

विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि हेमंत सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि राज्य के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहे, दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो और प्रत्येक भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं मेरिट आधारित हो। सरकार किसी भी प्रकार की अनियमितता पर पर्दा डालने के बजाय कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है। यही हेमंत सरकार और पूर्ववर्ती भाजपा सरकारों की कार्यशैली में मूलभूत अंतर है।

उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा का मानना है कि युवाओं का विश्वास ही राज्य की सबसे बड़ी पूंजी है। इस विश्वास को बनाए रखने के लिए सरकार हर आवश्यक कदम उठाती रहेगी और किसी भी दोषी को कानून से बचने का अवसर नहीं दिया जाएगा।

आज संसद में पेपर लीक रोकने वाले नए बिल पर चर्चा, लोकसभा में छह घंटे समय निर्धारित

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केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को लोक सभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 प्रस्‍तुत किया। आज, मंगलवार को संसद में इस पर चर्चा की जाएगी।

विपक्ष के प्रदर्शन के बीच बिल पेश

सरकार ने इस नए बिल को पेश करते हुए कहा कि यह कानून परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाएगा, जबकि विपक्ष का कहना है कि केवल नया कानून लाने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि पहले से मौजूद कानूनों को भी सही तरीके से लागू करना जरूरी है। इसी के चलते बिल पेश होने के बाद विपक्ष ने इसके खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की जिसके चलते सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष के इस विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार इस बिल पर विस्तार से चर्चा करने के लिए राजी हो गई है।

संसद में विधेयक पर चर्चा पर टिकीं देश की नजरें

आज संसद में होने वाली चर्चा पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि 36 दिनों के आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। अब सरकार ने सुधारों के कई उपाय किए हैं। नंदन निलेकणि के नेतृत्व में टास्क फोर्स बनाया गया है। सरकार का कहना है कि पेपर लीक रोकने के लिए हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं। 20 जुलाई को पुलिस और छात्रों के टकराव के बाद खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंदोलनकारियों से इंस्टाग्राम वीडियो के जरिये संवाद किया था। उन्होंने युवाओं को फ्रेंड्स कहकर संबोधित किया और भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी चिताओं से वाकिफ और संवेदनशील है।

संशोधन विधेयक का उद्देश्य

इस संशोधन विधेयक का उद्देश्य लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के प्रावधानों को और मजबूत करना है। इसके तहत त्वरित जांच, विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों के माध्यम से त्‍वरित सुनवाई, विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति, अपीलों का समयबद्ध निपटान और अधिक कठोर दंड प्रावधानों की व्यवस्था की गई है, ताकि लोक परीक्षाओं में अनुचित साधनों और संगठित गड़बड़ियों को प्रभावी तरीके से रोका जा सके।

सजा और जुर्माना बढ़ाने का प्रस्ताव

इस विधेयक में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के लिए सजा बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके तहत जेल की सजा को कम से कम तीन वर्ष, जिसे पांच वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, के मौजूदा प्रावधान से बढ़ाकर कम से कम पांच वर्ष, जिसे दस वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही, अधिकतम जुर्माना भी 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए करने का प्रस्ताव है।

DEO कार्यालय में अवकाश मामले पर कार्रवाई, एक लिपिक निलंबित

पलामू। श्रीमती भारती पाण्डेय से जुड़े चिकित्सीय एवं विभागीय मामले में प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट स्थिति सामने आई है। इस प्रकरण में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक, पलामू प्रमंडल मेदिनीनगर के पत्रांक 193 दिनांक 26 जुलाई 2026 के द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के लिपिक श्री ईश्वरी दयाल राम को निलंबित कर दिया गया है।

साथ ही पत्रांक 194 दिनांक 26 जुलाई 2026 के तहत श्री अरुण कुमार गिरि (लिपिक) का प्रतिनियोजन जिला शिक्षा पदाधिकारी, पलामू से हटाकर क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, रंका (गढ़वा) में कर दिया गया है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिनांक 21 जुलाई 2026 को सोना नर्सिंग होम में डॉक्टर ऋषिता सिंह (एमएस/गायने) द्वारा जांच के दौरान मरीज को Leaking P/V की शिकायत पाई गई थी। चिकित्सक ने तत्काल चिकित्सीय देखरेख हेतु भर्ती होने की सलाह दी थी, लेकिन श्रीमती पाण्डेय ने भर्ती होने से इंकार कर दिया।

इसके बाद 24 जुलाई 2026 को पुनः उन्हें भर्ती होने की सलाह दी गई,

जिसे भी उन्होंने नहीं माना। अंततः 25 जुलाई 2026 को जब वे पुनः सोना नर्सिंग होम पहुंचीं, तब जांच (अल्ट्रासाउंड) में शिशु मृत पाया गया। चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत मृत शिशु का प्रसव कराया गया।

इधर, विभागीय स्तर पर यह भी स्पष्ट हुआ है कि श्रीमती भारती पाण्डेय द्वारा मातृत्व अवकाश के लिए कोई आवेदन नहीं दिया गया था। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) के लिए आवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें अपनी 7 वर्षीय पुत्री अदिति कुमारी की देखभाल हेतु अवकाश लेने का उल्लेख किया गया था।

आवेदन एवं शपथ पत्र के आधार पर, विभागीय नियमों के तहत जिला शिक्षा पदाधिकारी, पलामू द्वारा पत्रांक 1069 दिनांक 25 जुलाई 2026 के माध्यम से 185 दिनों के शिशु देखभाल अवकाश की स्वीकृति प्रदान की गई।

पलामू जिला प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है तथा भविष्य में इस प्रकार की स्थिति से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

चैंबर चुनाव में गहमागहमी, डॉ. अभिषेक रामाधीन ने अध्यक्ष पद के लिए ठोकी ताल

रांची। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) के आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में चैंबर के पूर्व महासचिव एवं वर्तमान कार्यकारिणी सदस्य डॉ. अभिषेक कुमार रामाधीन ने अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी की घोषणा करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि झारखंड को व्यापार, उद्योग, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना है।

व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण दिलाना पहली प्राथमिकता

डॉ. रामाधीन ने कहा कि व्यापार तभी फलता-फूलता है जब व्यापारी स्वयं को सुरक्षित महसूस करे।

उन्होंने कहा कि यदि उनकी टीम को अवसर मिलता है तो रंगदारी, चोरी, साइबर अपराध एवं व्यापारियों के विरुद्ध होने वाली आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन के साथ निरंतर संवाद एवं आवश्यक दबाव बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि चैंबर केवल ज्ञापन देने वाला संगठन नहीं बल्कि व्यापारियों की सुरक्षा के लिए परिणाम देने वाला संगठन बनेगा।

व्यापारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान

उन्होंने कहा कि व्यापारियों को विभिन्न सरकारी विभागों के चक्कर लगाने की मजबूरी समाप्त होनी चाहिए।

जीएसटी, बिजली, श्रम, नगर निकाय, प्रदूषण, उद्योग एवं अन्य विभागों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए चैंबर में एक प्रभावी सहायता एवं समन्वय तंत्र विकसित किया जाएगा, ताकि समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके।

बिजली, सड़क और आधारभूत संरचना पर विशेष फोकस

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली, बेहतर सड़कें, सुगम परिवहन और आधुनिक औद्योगिक आधारभूत संरचना किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति की रीढ़ होती है।

चैंबर सरकार के साथ निरंतर समन्वय कर इन विषयों को सर्वोच्च प्राथमिकता से उठाएगा।

झारखंड को नई अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने का संकल्प

डॉ. रामाधीन ने कहा कि झारखंड केवल खनिज संपदा का राज्य नहीं, बल्कि असीम संभावनाओं का राज्य है।

उन्होंने कहा कि अब समय Orange Economy और Blue Economy जैसे आधुनिक आर्थिक मॉडल पर गंभीरता से कार्य करने का है।

Orange Economy

उन्होंने कहा कि झारखंड की जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प, पर्यटन, लोककला, संगीत, फिल्म, डिजाइन, डिजिटल कंटेंट, स्थानीय व्यंजन एवं रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देकर हजारों नए रोजगार सृजित किए जा सकते हैं।

Blue Economy

उन्होंने कहा कि राज्य के जल संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग, मत्स्य पालन, जल पर्यटन, जल संरक्षण तथा जल आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सकती है।

AI, स्टार्टअप और मेडिकल टूरिज्म पर विशेष पहल

डॉ. रामाधीन ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था ज्ञान और तकनीक आधारित होगी।

उन्होंने कहा कि चैंबर सरकार, उद्योग, विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप्स के बीच सेतु का कार्य करेगा ताकि झारखंड में:

Artificial Intelligence आधारित उद्योग

हेल्थकेयर एवं मेडिकल टूरिज्म

डिजिटल सेवाएं

स्टार्टअप इकोसिस्टम

स्किल डेवलपमेंट

MSME आधुनिकीकरण

नवाचार आधारित उद्योग

को प्रोत्साहन मिल सके।

युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर

उन्होंने कहा कि झारखंड के युवा प्रतिभाशाली हैं, लेकिन अवसरों की कमी के कारण राज्य से बाहर चले जाते हैं।

उनका प्रयास होगा कि निवेश आकर्षित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर विकसित किए जाएं।

व्यापारियों की आवाज बनेगा चैंबर

उन्होंने कहा कि छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्योगपति तक प्रत्येक सदस्य की समस्याओं को समान प्राथमिकता दी जाएगी।

चैंबर को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, तकनीक आधारित एवं सदस्य-केंद्रित संगठन बनाया जाएगा।

FJCCI में अनुभव का लाभ

डॉ. रामाधीन ने कहा कि उन्होंने महासचिव के रूप में कार्य करते हुए चैंबर के प्रशासनिक एवं संगठनात्मक कार्यों को निकट से देखा है। पिछले कई वर्षों से लगातार सदस्यों का विश्वास प्राप्त करते हुए वे चैंबर की कार्यकारिणी में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उनके अनुभव का उद्देश्य केवल संगठन चलाना नहीं बल्कि चैंबर की प्रभावशीलता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।

समाज एवं स्वास्थ्य सेवा में सक्रिय योगदान

व्यवसाय और उद्योग के साथ-साथ डॉ. रामाधीन स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी लंबे समय से सक्रिय हैं। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, नई तकनीकों, चिकित्सा शिक्षा तथा सामाजिक सेवा के माध्यम से उन्होंने झारखंड में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का कार्य किया है।

वे वर्तमान में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), रांची के उपाध्यक्ष भी हैं।

स्व. आर.डी. सिंह की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प

डॉ. रामाधीन ने कहा कि उनके पिता स्वर्गीय आर.डी. सिंह, जो फेडरेशन चैंबर के पूर्व अध्यक्ष रहे, ने चैंबर को केवल व्यापारियों का संगठन नहीं बल्कि समाज और राज्य के विकास का एक सशक्त मंच बनाने का कार्य किया था।

उन्होंने कहा,

“मेरे पिता ने सेवा, ईमानदारी और संगठन की जो परंपरा स्थापित की, उसी विरासत को आधुनिक सोच, नई तकनीक और विकास की नई दृष्टि के साथ आगे बढ़ाना मेरा संकल्प है।”

चुनावी संदेश

अंत में डॉ. रामाधीन ने कहा,

“मेरा लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं है। मेरा लक्ष्य ऐसा मजबूत, प्रभावशाली और दूरदर्शी चैंबर बनाना है जो हर व्यापारी, हर उद्यमी और पूरे झारखंड के आर्थिक विकास का विश्वसनीय साथी बने। सुरक्षित व्यापार, सक्षम उद्योग और समृद्ध झारखंड ही हमारा संकल्प है।”

संक्षिप्त परिचय

पूर्व महासचिव, फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज

पिछले पाँच चुनावों से लगातार निर्वाचित कार्यकारिणी सदस्य

उपाध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), रांची

प्रसिद्ध ईएनटी सर्जन एवं उद्यमी

फेडरेशन चैंबर के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय आर.डी. सिंह के पुत्र

झारखंड में खुलेगा पूर्वी भारत का पहला सरकारी एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग संस्थान

रांची। झारखंड जल्द ही पूर्वी भारत का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है, जहां सरकारी स्तर पर एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (एएमई) और एयर होस्टेस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित होंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल और मार्गदर्शन में झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट ने इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत की तैयारी पूरी कर ली है। दोनों कोर्सों का औपचारिक शुभारंभ नवंबर में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री करेंगे।

एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (एएमई) पाठ्यक्रम के संचालन के लिए झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट ने दिल्ली की संस्था मेसर्स वेन्योर के साथ एमओयू किया है। वहीं, एयर होस्टेस प्रशिक्षण के लिए एआईएसईसीटी लिमिटेड, भोपाल के साथ करार किया गया है। इन पाठ्यक्रमों का संचालन धनबाद स्थित झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के आधारभूत ढांचे पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जाएगा।

राज्य सरकार के अनुसार, इन पाठ्यक्रमों के शुरू होने से झारखंड के साथ-साथ बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों के युवाओं को विमानन क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए दूर-दराज़ के राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।

एएमई पाठ्यक्रम में 60 सीटें निर्धारित की गई हैं। यह तीन वर्षीय कोर्स होगा, जिसकी कुल फीस 6 लाख रुपये होगी। शुल्क का भुगतान तीन वार्षिक किस्तों में 2-2 लाख रुपये के रूप में किया जाएगा।

एयर होस्टेस प्रशिक्षण के तहत छह माह और 12 माह अवधि के दो पाठ्यक्रम संचालित होंगे। दोनों में 60-60 सीटें उपलब्ध रहेंगी। छह माह के कोर्स की फीस 1,00,500 रुपये तथा 12 माह के डिप्लोमा कोर्स की फीस 1,55,500 रुपये निर्धारित की गई है। इस शुल्क में ड्रेस, ग्रूमिंग किट और स्विमिंग प्रशिक्षण भी शामिल रहेगा।

पाठ्यक्रमों का संचालन नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की अनुमति मिलने के बाद शुरू किया जाएगा। एयर होस्टेस प्रशिक्षण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 जुलाई निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के प्रबंध निदेशक कैप्टन एस.पी. सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर विमानन क्षेत्र में राज्य के युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग और एयर होस्टेस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम झारखंड के लिए मील का पत्थर साबित होंगे तथा देश में विमानन क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने की IT एवं ई-गवर्नेंस की समीक्षा, “डिजिटल झारखंड 2029” पर दिया जोर

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग के अद्यतन कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में ई-गवर्नेंस परियोजनाओं, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, साइबर सुरक्षा, डेटा प्रबंधन, सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण तथा आईटी आधारित नवाचारों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान “डिजिटल झारखंड विजन 2029” पर विशेष चर्चा हुई, जिसमें अधिकारियों ने आई.टी पार्क निर्माण की रूपरेखा एवं साइट प्लान प्रस्तुत किया और मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। साथ ही “चीफ मिनिस्टर डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म” के विकास पर भी विचार-विमर्श हुआ, जिसके माध्यम से सभी विभागों के डेटा एवं पोर्टलों का समेकित आकलन किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग एवं प्रत्येक जिले में आईटी अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़े। उन्होंने सभी विभागों के डेटा को केंद्रीकृत प्रणाली में एकीकृत करने पर बल दिया, जिससे बेहतर समन्वय और निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके। बैठक में झारखंड स्टेट डेटा सेंटर को सुदृढ़ बनाने तथा डेटा की सुरक्षा एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।

दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक तकनीक पहुंचे तभी साकार होगा डिजिटल झारखंड का सपना

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा, “डिजिटल झारखंड का सपना तभी साकार होगा, जब तकनीक का लाभ राज्य के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंचे। इसके लिए यह आवश्यक है कि डिजिटल सेवाओं का विस्तार अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी नागरिक सूचना और सेवाओं से वंचित न रहे। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को नवाचार, पारदर्शिता और दक्षता के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि तकनीक आम लोगों के जीवन को सरल, सुलभ और सुगम बनाए।

उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक तकनीकों के समुचित उपयोग से न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक सुदृढ़ और जवाबदेह बनेगी, बल्कि सेवा वितरण प्रणाली में भी गति आएगी। डिजिटल माध्यमों के सशक्त उपयोग से शासन में पारदर्शिता बढ़ेगी, योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार होगा और राज्य को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ठोस एवं स्थायी प्रगति सुनिश्चित की जा सकेगी।”

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण एवं 5G विस्तार पर जोर

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने "झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड" के कार्यों की समीक्षा करते हुए राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यापक मैपिंग कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी क्षेत्रों में डिजिटल संसाधनों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने आगामी तीन वर्षों में राज्य के सभी पंचायतों को 5G नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों तक भी उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सके। उक्त बैठक में भारतनेट फेज-3, कनेक्टिंग झारखंड तथा स्टेट वाइड नेटवर्क (JharNet 2.0) जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को राज्य के डिजिटल विकास की आधारशिला बताते हुए कहा कि एक मजबूत, सुरक्षित और एकीकृत डिजिटल नेटवर्क राज्य सरकार की कार्यप्रणाली की रीढ़ सिद्ध होगा। इसके माध्यम से डेटा, वॉयस एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी, जिससे प्रशासनिक कार्यों में गति, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी।

डेटा केंद्रीकरण, साइबर सुरक्षा और डिजिटल सक्सेशन चार्ट को नियमित अपडेट करने के निर्देश

जैप-आईटी (JAP-IT) की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने संस्थान में रिक्त पदों को भरने के निर्देश दिए, ताकि विभागीय कार्यों की गति और दक्षता में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी नेटवर्क, Lidar तथा सैटेलाइट आधारित परियोजनाओं की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई और इन परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर बल दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक सुशासन का एक सशक्त और प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग अपनी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ें, ताकि आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक का उद्देश्य प्रशासन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों में फोटोयुक्त डिजिटल सक्सेशन चार्ट तैयार कर उसे नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए, जिससे अधिकारियों की पहचान और प्रशासनिक स्पष्टता बनी रहे। उन्होंने राज्य के सभी विभागों के डेटा को एक समान प्रारूप में केंद्रीकृत करने तथा अत्याधुनिक साइबर सुरक्षा तंत्र विकसित करने पर जोर देते हुए नियमित सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इंटरनेट शैडो क्षेत्रों की पहचान कर राज्यभर में डिजिटल कनेक्टिविटी विस्तार पर जोर

राज्य में डिजिटल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने इंटरनेट शैडो क्षेत्रों (जहां नेटवर्क उपलब्ध नहीं है या अत्यंत कमजोर है) की पहचान कर चरणबद्ध तरीके से नेटवर्क विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य का कोई भी गांव, कस्बा या शहर डिजिटल सेवाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक क्षेत्र तक 5G इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने हेतु ठोस एवं समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक सेवाओं एवं डिजिटल शासन को नई गति मिल सके। बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि योजना के पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की संख्या, उनकी जांच प्रक्रिया तथा अब तक पात्र लाभुकों को किए जा रहे आधार-आधारित भुगतान की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। इस संबंध में अधिकारियों द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता एवं समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने हेतु अपनाई जा रही व्यवस्थाओं की रूपरेखा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई।

न्यायिक सुविधाओं के आधुनिकीकरण एवं आईटी इकोसिस्टम के विकास पर हो कार्य

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सभी जिला न्यायालयों में उच्च गुणवत्ता वाले साउंड सिस्टम स्थापित करने के सुझाव दिए, ताकि न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं एवं वादकारियों के बीच संवाद अधिक स्पष्ट, सुगम और प्रभावी हो सके तथा न्यायिक कार्यों में दक्षता सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का विकास केवल आईटी पार्क निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि एक समग्र एवं सुदृढ़ आईटी इकोसिस्टम विकसित किया जाना आवश्यक है। इसके अंतर्गत आईटी उद्योगों को प्रोत्साहन, स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा, नवाचार एवं अनुसंधान को समर्थन, कौशल विकास को सुदृढ़ करना तथा व्यापक स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित करना शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में निवेश आकर्षित करने हेतु प्रभावी एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे युवाओं के लिए आईटी क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विभाग की सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंच सके।

उक्त बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव श्रीमती पूजा सिंघल, विशेष सचिव श्री सुनील कुमार सिंह, निदेशक आई.टी सुश्री माधवी मिश्रा, सी.ई.ओ जैप-आईटी श्री चंदन कुमार तथा संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और SRFTI कोलकाता के बीच MoU संपन्न

झारखंड के होनहार और क्रिएटिव युवाओं के लिए राज्य सरकार ने एक बेहतर प्लेटफार्म तैयार किया है। इस प्लेटफार्म का आज विधिवत रूप से झारखंड सरकार का एक अंग "झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड' और 'सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता' के सहयोग से स्थापित किया जा रहा है। हालांकि, इस संदर्भ में आगे काम कैसे होना है, कैसे इस संस्था को और इस प्लेटफार्म को विस्तारित किया जाएगा,

इसी के लिए राज्य सरकार सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता का सहयोग ले रही है। निश्चित रूप से हम सभी लोग आज विभिन्न सोशल मीडिया, समाचार पत्रों और सूचना तंत्रों के माध्यम से कई कलाकारों की गतिविधियों को देख रहे हैं। कोई फिल्म बना रहा है, कोई रील बना रहा है,

तो कोई अलग-अलग क्षेत्र में अपनी विशेषताओं को आमजनों तक पहुंचा रहा है। यूँ कहा जा सकता है कि यह एक बहुत ही क्रिएटिव क्षेत्र है, जो आपको छोटे स्तर से एक बड़े व्यावसायिक क्षेत्र तक ले जाता है, जहाँ आप कैमरे के सामने भी होते हैं और एक बहुत बड़ी फौज कैमरे के पीछे भी होती है।

व्यस्त कार्यक्रमों के बीच भी कभी कानों से सुनने तो कभी आंखों से देखने का मौका मिलता है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय सभागार में आयोजित झारखण्ड फ़िल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता के बीच MoU हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड फ़िल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता के बीच एमओयू हस्ताक्षर होना एक नई यात्रा की शुरुआत है। एक ऐसी यात्रा जो झारखण्ड के प्रतिभावान फिल्मकारों और कलाकारों को नई तकनीक, विश्वस्तरीय सुविधाएं और एक नया राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी। यह एक अविस्मरणीय और ऐतिहासिक क्षण है।

झारखंड में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं, प्रतिभाओं को मिलेगी उड़ान

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में कई ऐसी प्रतिभाएं हैं जो आज भी अनछुई हैं। अभी हाल में ही एक संथाली मूवी 'आंगेन' को एक बहुत बड़ा अवार्ड मिला और वे फिल्मकार भी आज यहाँ मौजूद हैं। भविष्य में सिनेमा के क्षेत्र में ऐसे अवार्ड और भी आ सकते हैं, बशर्ते इन्हें थोड़ा तराशने की आवश्यकता होगी। तराशने का यही कार्य अब झारखंड फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट (JFTI) के माध्यम से किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीट्यूट को शायद ही कोई ऐसा हो जो न जानता हो। यह फिल्म जगत की सबसे अग्रणी संस्थाओं में से एक है, जिसने दुनिया को सिनेमा से रूबरू कराया। हमारे राज्य में भी कई फिल्में बनीं, जिनमें सत्यजीत रे साहब ने भी काम किया। आज के कार्यक्रम के सिलसिले में जब मैं गूगल पर सर्च कर रहा था, तो पता चला कि कई प्रसिद्ध फिल्में हमारे राज्य में बनी हैं जैसे दिल बेचारा, एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी और गैंग्स ऑफ वासेपुर, इसके अलावा, देश के दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन जी की फिल्म भी धनबाद में बनी थी।

राज्य में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्रकाश झा जैसे फिल्म डायरेक्टर की शिक्षा-दीक्षा भी झारखंड से ही हुई है, जो आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस JFTI प्लेटफार्म के माध्यम से हमारे नौजवानों के लिए एक नया आयाम शुरू होने जा रहा है। एक समय था जब डॉक्टर या इंजीनियर बनाना ही हर किसी का सपना होता था, लेकिन आज विविधता इतनी अधिक है कि आप किसी भी क्षेत्र में अपने हुनर को आकार देकर अपनी पहचान बना सकते हैं। आज उसी का एक छोटा सा प्रयास हमारी सरकार ने किया है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले समय में इस प्लेटफार्म का एक बेहतर उपयोग हमारे नौजवानों के लिए होगा।

राज्य सरकार की पहल का सकारात्मक परिणाम मिले यही उद्देश्य

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने SRFTI, कोलकाता का जिक्र करते हुए कहा कि एक अनुभवी संस्था, जिसकी पहचान सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में है, उसकी उपयोगिता और दायरा इतना बड़ा है कि आप अपने हुनर से अपने आसपास की चीजों में बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।

उन्होंने कहा कि आज यह एक शुरुआत है और हम चाहेंगे कि आने वाले दिनों में इसका सकारात्मक परिणाम भी हम सब देखें। जिस प्रकार खेल के जगत में हमारे राज्य के नौजवान और छात्र-छात्राएं बड़े पैमाने पर देश-दुनिया में नाम कमा रहे हैं, उसी प्रकार कला के क्षेत्र में भी संभावनाएँ हैं।

मुख्यमंत्री ने झारखंड के परिपेक्ष में कहा कि आज डॉ० रामदयाल मुंडा जी की वह पंक्ति याद आती है, "जे नाची से बाची"। इसका मतलब है कि इस राज्य के आम लोगों के अंदर कोई न कोई कलाकार छुपा हुआ है।

कई कारणों से शायद वह छुपा कलाकार बाहर नहीं आ पाता। आज इस संस्था और सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीट्यूट के सहयोग से उन कलाकारों को ढूंढा जाएगा, बाहर निकाला जाएगा और तराशा जाएगा। उन्होंने कहा कि आज के इस शुभ अवसर पर आप सब लोगों को मेरी ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएँ और सभी कलाकारों को बेहतर भविष्य के लिए ढ़ेर सारी बधाई।

मौके पर राज्य के वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर एवं सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के कुलपति श्री समीरन दत्ता ने अपने संबोधन में झारखण्ड फ़िल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता के बीच हुए एमओयू हस्ताक्षर के उद्देश्य पर विस्तृत प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री ने इन्हें किया सम्मानित..

सम्मानित होने वाले फिल्म कारों में तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त बीजू टोप्पो ,झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के संथाल समुदाय से आने वाले श्री रविराज मुर्मू, जिन्हें उनकी शॉर्ट फिल्म 'आंगेन' के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की घोषणा की गई है , श्री अनुज कुमार जिनकी बहुचर्चित फिल्म 'बिलोंगिंग टू अनटचेबल गाॅड एवं दी टर्टल स्टोरी' के लिए इन्हें 'कैनेडियन लेबर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवॉर्ड' से सम्मानित किया जा चुका है इनके साथ कुडुख फिल्म 'एडपा काना' के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजे गए श्री निरंजन कुजूर को उत्कृष्ट, ईमानदार और शानदार कला-यात्रा के लिए सम्मानित किया गया ।

इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विशेष सचिव सूचना एवं जनसंपर्क विभाग श्री राजीव लोचन बक्शी, कुलपति, सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता श्री समीरन दत्ता, डीन SRFTI श्री सुकांते मजूमदार, सरला बिरला विश्वविद्यालय के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर (डॉ.) गोपाल पाठक, सरला बिरला विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० सी० जगन्नाथ, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के प्रो० श्री सी०बी० शर्मा, सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता के प्रो० इंद्रनील मुखर्जी, श्री एन० बनर्जी सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधिगण एवं विद्यार्थीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 21 जुलाई 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय


★ विनोबाभावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग अंतर्गत गिरिडीह जिले में जमुआ विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत डिग्री महाविद्यालय, जमुआ, गिरिडीह के निर्माण कार्य हेतु रू० 38,22,37,000/- (अड़तीस करोड़ बाईस लाख तैंतीस हजार) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ विनोबाभावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग अंतर्गत रामगढ़ जिले में माण्डु विधान सभा अंतर्गत डिग्री महाविद्यालय, माण्डु, रामगढ़ के निर्माण कार्य हेतु रु० 40,14,96,500/- (चालीस करोड़ चौदह लाख छियानवे हजार पाँच सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री रमोद नारायण झा, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, वेजफेड, राँची / तत्कालीन प्रबंध निदेशक, धनबाद सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि०, धनबाद सम्प्रति सेवानिवृत उप निबंधक, सहयोग समितियाँ, कार्यालय-संयुक्त निबंधक, स०स०, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमण्डल, राँची के सम्पूर्ण पेंशन की राशि पेंशन नियमावली के नियम-43 (ख) के तहत स्थायी रूप से जब्त किये जाने संबंधी विभागीय संकल्प संख्या-1164, दिनांक-28.08.2020 को माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में निरस्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ श्री चन्देश्वर कापर, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, दी गुमला-सिमडेगा, केन्द्रीय सहकारी बैंक लि०, गुमला-सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध निर्गत दण्डादेश विभागीय अधिसूचना संख्या-1287, दिनांक 30.05.2016 को निरस्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.-3005/2016 तारकेश्वर प्रसाद सिंह बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-31.07.2024 को पारित न्यायादेश के अनुपालनार्थ श्री तारकेश्वर प्रसाद सिंह को उनके सेवा काल में दिये गये कालबद्ध प्रोन्नति, प्रथम एवं द्वितीय सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना तथा प्रोन्नति के आलोक में वेतन एवं पेंशन निर्धारण करने हेतु वित्त विभागीय परिपत्र सं०-5207, दिनांक 14.08.2002 के प्रभाव को क्षांत किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.-4884/2014 शेषनाथ शुक्ला बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-26.11.2024 को पारित न्यायादेश के अनुपालनार्थ श्री शेषनाथ शुक्ला द्वारा अस्थायी पद पर किये गये कार्य अवधि को न्यूनतम पेंशन प्रदायी सेवा अवधि में जोड़े जाने संबंधी प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्यान्तर्गत अनुसचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के नियंत्रणाधीन छात्रावास निर्माण, संचालन एवं प्रबंधन हेतु झारखण्ड अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / पिछड़ा जाति एवं अल्पसंख्यक छात्रावास पोषण योजना, 2024 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के पंचायती राज संस्थाओं के क्षेत्राधिकार के लिए अंगीकृत झारखण्ड बिल्डिंग बायलॉज-2016 में संशोधन (प्रथम संशोधन) की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के दूरस्थ स्थानों से गंभीर मरीजों को अल्प समय में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निमित्त हेलीकॉप्टर के माध्यम से एम्बुलेंस सेवा (Helicopter Emergency Medical Service-HEMS) उपलब्ध कराने हेतु 01 Single Engine हेलीकॉप्टर की सेवा प्राप्त करने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय अन्तर्गत दायर वाद संख्या-WPS No. 3878/2025, जयनाथ यादव बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में पारित आदेश के अनुपालन के क्रम में श्री जयनाथ यादव की सेवा नियमित एवं सम्पुष्ट करते हुए उन्हें अनुमान्य ACP/MACP का लाभ प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय सड़क एवम् आधारभूत संरचना निधि (Central Road and Infrastructure Fund) अन्तर्गत स्वीकृत पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत "भुईंयांसिनान से सुसनी भाया हाथीखेदा मंदिर पथ के पुनर्निर्माण कार्य (कुल लं०-22.445 कि०मी०) (under CRIF & Job No. CRF-JHR-2022-23/58)" हेतु कुल रू० 102,40,37,300/-(एक सौ दो करोड़ चालीस लाख सैंतीस हजार तीन सौ) मात्र की राशि पर प्रशासनिक स्वीकृति एवं इसमें सन्निहित राशि रू० 21,53,64,900/- (इक्कीस करोड़ तिरपन लाख चौंसठ हजार नौ सौ) मात्र को राज्यांश की राशि के रूप में वहन किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा LPA No.- 716/2023 को dismiss कर देने के फलस्वरूप Cont. Case(Civil) No. 623/2024 में दिनांक-01.05.2026 एवं W.P.(S) No. 6481/2014 में दिनांक-11.04.2023 को पारित न्यायादेश के आलोक में श्री राज किशोर प्रसाद, तदेन सहायक निदेशक, गुण नियंत्रण, पथ अवर प्रमण्डल, पथ प्रमण्डल, गिरिडीह संप्रति सेवानिवृत्त के विरुद्ध अधिरोपित दण्डादेश एवं अपील अभ्यावेदन अस्वीकृति से संबंधित विभागीय अधिसूचना को माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर होने वाले SLP के फलाफल से प्रभावित होने के शर्त के साथ विलोपित करने की स्वीकृति दी गई।

★ सिकल सेल रोग, थैलेसीमिया, हीमोफिलिया, टाइप 1 मधुमेह, अन्य गैर-संक्रामक रोगों (Non-Communicable Diseases) से प्रभावित तथा दिव्यांग बच्चों को विद्यालयों के बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए 75 प्रतिशत आवश्यक उपस्थिति में छूट हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा एस०एल०पी० (सि०) संख्या-26265-26266/2025 झारखंड सरकार एवं अन्य बनाम गरीबनाथ मिश्रा एवं वाद को दिनांक 12.09.2025 को खारिज किए जाने के आलोक में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा डब्ल्यू०पी० (एस०) सं०-2589/2020 एवं अन्य समरूप वाद में दिनांक 19.09.2023 को पारित न्यायादेश के अनुपालन हेतु सुसंगत प्रावधानों का निरूपण की स्वीकृति दी गई।

★ डॉ० अर्चना चौधरी, चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कसमार, बोकारो को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ सर जे० सी० बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-903, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) एवं डिग्री महाविद्यालय, बरही का नाम परिवर्तित कर डिग्री महाविद्यालय, चंदवारा करने की स्वीकृति दी गई।

★ विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-894, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-893, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-898, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों (घाटानुदानित अल्पसंख्यक महाविद्यालयों को छोड़कर) के सेवानिवृत शिक्षकों एवं पदाधिकारियों (दिनांक 01.12.2004 के पूर्व नियुक्त) को 7th CPC के अन्तर्गत सातवां पुनरीक्षित वेतनमान में पेंशन /पारिवारिक पेंशन का लाभ दिनांक-01.01.2016 से स्वीकृत करने की स्वीकृति दी गई।

★ राँची विश्वविद्यालय, राँची एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-902, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-895, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय, मेदिनीनगर, पलामू एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-897, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय अन्तर्गत दायर वाद यथा 1. वाद संख्या WPS No.6408/2017, जयन्त कुमार प्रधान बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य 2. WPS No.6485/2017, अभिषेक तिर्की बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य एवं 3. WPS No.6632/2017, मो० काजिमउद्दीन बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में संयुक्त रुप से पारित न्यायादेश दिनांक-09.12.2024 के अनुपालन हेतु संबंधित तीन (03) भूतपूर्व विभागीय कर्मियों यथा क्रमशः 1. स्व० नरेश कुमार, पूर्व पदचर 2. स्व० भूषण मुनि, पूर्व लिपिक एवं 3. स्व० हाशीमउद्दीन, पूर्व पदचर (वर्ग तीन एवं चार के कर्मियों) की सेवा नियमित एवं सम्पुष्ट करते हुए (उनके आश्रितों को अनुकम्पा आधारित नियुक्ति का लाभ) प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक राज्य योजनान्तर्गत Proposed SNMMCH College & Teaching Hospital, Dhanbad: Holistic Augmenatation & Redevelopment at Dhanbad के अंतर्गत Upgradation of Existing Medical College & Teaching Hospital, Existing 100 UG Seats Upgradation to 250 UG Seats to 200 PG Seats & 16 Post PG Seats to 50 Post PG Seats Along with other Allied Infrastructure & Services (Part-2) की योजना हेतु कुल 1,94,73,42,600/- (एक अरब चौरानवे करोड़ तिहतर लाख बयालीस हजार छः सौ) रूपये मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2026-2027 में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय के स्तर पर गठित झारखण्ड अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति के अंतर्गत निबंधित अधिवक्ताओं के लिए छात्रवृत्ति/वजीफा मद में आवंटित निधि रू0 12,92,00,000/- (बारह करोड़ बेरानवें लाख रूपये मात्र) में से रू० 6,92,00,000/- (छहः करोड़ बानवे लाख रूपये मात्र) को प्रत्यर्पित करते हुए सहायता अनुदान सामान्य (गैर वेतन) मद में 12,32,00,000/- (बारह करोड़ बत्तीस लाख रूपये मात्र) का उपबंध झारखंड राज्य आकस्मिकता निधि से अग्रिम के रूप में कराने की स्वीकृति दी गई।

★ आदित्यपुर नगर निगम के नए म्युनिसिपल बिल्डिंग के निर्माण हेतु 39,67,09,000 (39 करोड़ 67 लाख 09 हजार रुपए) की तकनीकी स्वीकृति प्राप्त प्राक्कलन पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के कार्यान्वयन और झारखण्ड में जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-5 (संयुक्त निष्पादन लेखापरीक्षा-सिविल) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित मिशन सक्षम आँगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत् पूरक पोषाहार कार्यक्रम (SNP) तथा किशोरी बालिकाओं के लिए योजना (SAG) अन्तर्गत लाभार्थियों को Take Home Ration (THR) स्वरूप Micronutrient Fortified Food and/or Energy Dense Food (MFEDF) के निर्बाध वितरण सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से इन योजनाओं के तहत् एतद् सामग्रियों का वर्ष-2026 के फरवरी एवं मार्च महीने में इसके आपूर्तिकर्ताओं से प्राप्त आपूर्ति का विनियमन तथा छह (06) माह के लिए अथवा निविदा कार्य निष्पादनोपरांत कार्यादेश निर्गमण की तिथि तक (जो पहले घटित हो जाय) के लिए आपूर्ति इसके गत् निर्माणकर्त्ता-सह-आपूर्तिकर्त्ता से प्राप्त करने हेतु इन आपूर्तिकर्ताओं यथा मेसर्स इंटरलिंक फूड्स प्रा०लि०, मेसर्स आदित्य फ्लॉर मिल एवं मेसर्स कोटा दाल मिल का झारखण्ड वित्त नियमावली के नियम-245 के तहत् नियम-235 को शिथिल करते हुए मनोनयन की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा S.L.P. (C) No.- 25207-25208/2023 में दिनांक-19.05.2026 को पारित न्यायादेश के आलोक में बिहार राज्य वस्त्र निगम लिमिटेड, पटना के अधीन संचालित ईकाई में कार्यरत रहे कर्मियों का सरकारी सेवा में समायोजन की स्वीकृति दी गई।

★ श्रीमती शोभा मुर्मू, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, दुमका की नियुक्ति की वैधता के संबंध में अन्य समरूप मामलों के सदृश सी.बी. आई. के जाँच प्रतिवेदन में अवैध / अनियमित नियुक्ति घोषित शिक्षकों के विरुद्ध की गई विभागीय कार्रवाई के फलाफल के विरुद्ध दायर याचिकाओं में माननीय उच्चतम् / उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के प्रसंग में उन्हें सेवा में पुनर्स्थापित कर / मानते हुए परिणामी लाभ एवं पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य में गिरिडीह पूर्वी वन प्रमण्डल एवं दुमका वन प्रमण्डल के अंतर्गत प्रस्तावित दो नए चिड़ियाघर एवं भविष्य में भी झारखण्ड राज्य में बनने वाले चिड़ियाघरों, जंगल सफारी एवं वन्यप्राणी रेस्क्यू केन्द्रों के निर्माण, प्रबंधन एवं रख-रखाव की जिम्मेवारी को झारखण्ड चिड़ियाघर प्राधिकरण (Jharkhand Zoo Authority) के क्षेत्राधिकार में शामिल करने के निमित झारखण्ड चिड़ियाघर प्राधिकरण के Bye-laws में अन्य संशोधन करने की स्वीकृति दी गई।

★ दुमका अंतर्गत "kherabani (SH -15) Ranighaghar (ADB) road (कुल लं0-9.172 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण / पुनर्निर्माण कार्य (वृक्षारोपण, भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)" हेतु रू० 53,73,14,700/- (तिरपन करोड़ तिहत्तर लाख चौदह हजार सात सौ रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।

★ डॉ० राम नाथ राम, तदेन निलंबित अवर प्रमण्डल पशुपालन पदाधिकारी, लोहरदगा (मुख्यालय-पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, काँके, राँची / क्षेत्रीय निदेशक पशुपालन कार्यालय, राँची) सम्प्रति दिनांक-30.11.2016 को निलम्बन में ही सेवानिवृत्त को विभागीय अधिसूचना संख्या-1197 दिनांक-17. 10.2025 से अधिरोपित पूर्ण पेंशन एवं उपादान के भुगतान पर रोक के दण्ड पर माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा LPA No. 32/2023 में दिनांक-13.08.2024 एवं Cont. case (Civil) No.-978/2025 में दिनांक-13.03.2026 को पारित न्यायादेश के आलोक में नया आदेश पारित करने की स्वीकृति दी गई।

★ षष्ठम झारखण्ड विधानसभा का षष्ठम् (मानसून) सत्र 06.08.2026 से 12.08.2026 तक आहूत किये जाने संबंधी औपबंधिक कार्यक्रम पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ विभागीय संकल्प संख्या 2215 दिनांक 29.10.2020 द्वारा स्वीकृत आदर्श विद्यालय योजना का अवधि विस्तार आगामी पाँच वर्षों (वर्ष 2025-26 से 2029-30) तक करने की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में झारखण्ड ई-शिक्षा कनेक्ट प्रोग्राम के अन्तर्गत आगामी 05 वर्षों हेतु Al-powered Virtual Classrooms with student analytics के संदर्भ में 02 केन्द्रीय स्टूडियों, 05 प्रमण्डल के 05 डायट में क्षेत्रीय स्टूडियों तथा 1000 माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु Al-powered Virtual Classrooms की अधिष्ठापना एवं आगामी 05 वर्षों के संचालन के लिये रु.1,76,07,85,560/- (एक अरब छिहत्तर करोड़ सात लाख पचासी हजार पाँच सौ साठ रूपये) मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति तथा चालू वित्तीय वर्ष में अनावर्ती मद में रू. 56,07,85,560/- (छप्पन करोड़ सात लाख पचासी हजार पाँच सौ साठ रूपये) मात्र तथा आवर्ती मद में रू० 24,00,00,000/-(चौबीस करोड़ रूपये) मात्र अर्थात् कुल रू० 80,07,85,560/- (अस्सी करोड़ सात लाख पचासी हजार पाँच सौ साठ रूपये) मात्र के व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ अवमाननावाद संख्या Contempt Case (Civil) No. 1059/2024 (वाद संख्या WP(S) 877/2018 से उद्भूत) श्री कृष्ण मुरारी एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य वाद में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में वाद संख्या WP(S) 877/2018 के Petitioners को विभागीय अधिसूचना संख्या 122 दिनांक 21.01.2015 द्वारा CAS के तहत दिये गए प्रोन्नति का लाभ देय तिथियों से स्वीकृत करने की स्वीकृति दी गई।

★ प्रधान महालेखाकार (ले. एवं हक़.) कार्यालय, झारखण्ड, राँची में राज्य कर्मियों से संबंधित कार्यों एवं रिकॉडों हेतु जारी डिजिटलीकरण प्रक्रिया के क्रम में तृतीय चरण (Third Phase) के रूप में रु० 46,85,000.00 (छियालीस लाख पचासी हजार रुपये मात्र) का वित्तीय सहायता की स्वीकृति दी गई।

★ "झारखण्ड न्यायिक सेवा (भर्ती) नियमावली 2004 (समय समय पर यथा संशोधित) को संशोधित करते हुए "झारखण्ड न्यायिक सेवा (भर्ती) संशोधन नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड वरीय न्यायिक सेवा (भर्ती, नियुक्ति एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2001 के नियम-4 (a) में उल्लेखित प्रावधान तथा झारखण्ड उच्च न्यायालय की अनुशंसा के आलोक में झारखण्ड वरीय न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीश के पद पर 02 अभ्यर्थियों को सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2025-26 में माँग संख्या-29 के मुख्यशीर्ष-2853-अलौह खनन और धातु कर्म उद्योग, उपमुख्य शीर्ष 02-खानों का विनियमन और विकास, लघु शीर्ष-001-निदेशन तथा प्रशासन, उप शीर्ष-01-खनन स्थापना अन्तर्गत "86-वापसी" ईकाई (विपत्र कोड-29-S-2853-02-001-01-00-08-86) में विविध न्याय निर्णय के आलोक में झारखण्ड आकस्मिकता निधि (JCF) के माध्यम से राशि रु० 146,00,00,000/- (एक सौ छियालीस करोड़ रूपये) मात्र अग्रिम की स्वीकृति दी गई।

★ वित्त विभागीय IFMS पोर्टल के साथ Silent Bank Account Verification (Bank Account Verification-V1) तथा Online PAN Verification (OPV) सेवाओं के integration हेतु झारखण्ड वित्त नियमावली के नियम 245 के आलोक में नियम-235 को शिथिल करते हुए Protean eGov Technologies Limited के मनोनयन की घटनोत्तर स्वीकृति एवं अनुबंध प्रारूप की स्वीकृति दी गई।

★ गुमला जिलान्तर्गत "घाघरा से जोकारी भाया रन्हे, कुण्डो, रूकीघाटी (बिशुनपुर) पथ (कुल लंबाई-19.100 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (पुलों के निर्माण, भू-अर्जन, R&R एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग सहित)" हेतु रू0 101,77,37,700/- (एक सौ एक करोड़ सतहत्तर लाख सैंतीस हजार सात सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ रांची अंतर्गत "टांगरबसली मोड़ (RCD पथ पर) से बोबरो मोड़ (RCD पथ पर) माया परयागो, बिसहाखटंगा, डुमरी पथ (कुल लम्बाई 11.576 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन, युटिलिटी शिफ्टींग, R&R एवं वृक्षारोपण सहित)" हेतु रू० 63,77,13,300/- (तिरसठ करोड़ सतहत्तर लाख तेरह हजार तीन सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ गुमला जिलान्तर्गत "परवल RCD पथ से करंज पथ भाया पहाड़बंगरू, चीतागुटू, कानारोआ, बैरीटोली, नया करंज थाना (कुल लंबाई-14.251 कि0मी0) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन, Plantation, Utility Shifting एवं R&R सहित)" हेतु रू0 76,75,18,900/-(छिहत्तर करोड़ पचहत्तर लाख अठारह हजार नौ सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ माननीय झारखंड उच्च न्यायालय, राँची / झारखंड राज्य अवस्थित अन्य माननीय न्यायालयों एवं न्यायाधिकरणों में झारखंड सरकार से संबंधित वादों में राज्य सरकार का पक्ष रखने हेतु महाधिवक्ता कार्यालय, झारखंड, राँची में नियुक्त विधि पदाधिकारियों यथा-महाधिवक्ता / वरीय अपर महाधिवक्ता / अपर महाधिवता / स्थायी सलाहकार / विशेष लोक अभियोजक / राजकीय अधिवक्ता / सरकारी वकील / अपर लोक अभियोजक / लॉ रिसर्च ऑफिसर एवं अधिवक्ता लिपिक तथा माननीय पटना उच्च न्यायालय में झारखंड राज्य से संबंधित वादों में राज्य सरकार का पक्ष रखने हेतु नियुक्त विधि पदाधिकारियों के शुल्क निर्धारण / पुनरीक्षण की स्वीकृति दी गई।

★ महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के लिए वरीय अपर महाधिवक्ता के 02 (दो) अतिरिक्त पद/अपर महाधिवक्ता के 01 (एक) अतिरिक्त पद / राजकीय अधिवक्ता का 01 (एक) अतिरिक्त पद / सरकारी वकील का 44 अतिरिक्त पद एवं लॉ रिसर्च ऑफिसर के 15 (पन्द्रह) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

झारखंड पैसा उगाओ आयोग नहीं चलेगा" - जेपीएससी की पारदर्शिता की मांग को लेकर रांची में भाजयुमो का विशाल मशाल जुलूस

रांची, 21 जुलाई 2026। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) रांची महानगर के नेतृत्व में मंगलवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में कथित अनियमितताओं के विरोध में राजधानी रांची में विशाल मशाल जुलूस एवं प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस जुलूस में राजधानी रांची से बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं ने आयोग की कार्यप्रणाली के प्रति विरोध दर्ज कराया तथा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।

जयपाल सिंह स्टेडियम से प्रारंभ हुआ मशाल जुलूस "युवाओं के अधिकारों" और "भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष" के नारों के साथ अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा। यहां भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आयोग की परीक्षाओं और चयन प्रक्रिया में लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने कहा कि भाजयुमो झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड लोक सेवा आयोग अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बरतने में विफल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत अभ्यर्थियों द्वारा उत्तरपुस्तिकाओं की प्रतियां मांगे जाने के बावजूद आयोग उन्हें सार्वजनिक क्यों नहीं करता।

उन्होंने कहा कि जब आयोग प्रत्येक वर्ष नियमित रूप से परीक्षाओं का आयोजन नहीं करता, तब अभ्यर्थियों की आयु सीमा में कटौती करना युवाओं के साथ अन्याय है। सरकार और आयोग को इस विषय पर गंभीरता से विचार कर युवाओं को न्याय देना चाहिए।

शशांक राज ने मांग की कि जेपीएससी प्रत्येक वर्ष समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर जारी करे तथा चयन प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी बनाने के लिए सभी परीक्षाओं के कट-ऑफ अंक सार्वजनिक करे।

राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएससी अब "झारखंड लोक सेवा आयोग" नहीं बल्कि "झारखंड पैसा उगाओ आयोग" बनकर रह गया है। उन्होंने दावा किया कि आयोग सरकार के लिए "एटीएम" की तरह कार्य कर रहा है, जहां कथित रूप से पैसों के बल पर नौकरियां बेची जा रही हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के मूलवासी युवाओं के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है तथा बाहरी लोगों को कथित रूप से लाभ पहुंचाकर झारखंड के युवाओं के सपनों से समझौता किया जा रहा है।

भाजयुमो रांची महानगर जिलाध्यक्ष रोमित नारायण सिंह ने कहा कि जेपीएससी से जुड़ी लगातार सामने आ रही कथित अनियमितताओं ने प्रतियोगी छात्रों का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने कहा कि मशाल जुलूस केवल विरोध का प्रतीक नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं की पीड़ा और न्याय की मांग का प्रतीक है।

इस कार्यक्रम में वरुण साहू, सुबोध सिंह गुड्डू, मनीष दुबे, प्रिंस कुमार, बलराम सिंह, राजू सिंह, संकेत तिवारी, देवराज सिंह, धीरज, अमिताभ, रंजीत नाथ, सहदेव, सचिन साहू, राहुल सिन्हा, तरुण दास, तुषार, आरव, अमित दुबे, विक्रम साहू, रौनक सिंह राजपूत, सनी सिंह, ललित ओझा, चंदन प्रजापति, सतीश सिंह, शाहिद सहित सैकड़ों की संख्या में युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।