स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत के निर्देश के बाद कैंसर सहित एनसीडी स्क्रीनिंग अभियान को मिला नया बल*
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*राज्यभर में कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सीओपीडी, एनीमिया सहित अन्य बीमारियों की विशेष स्क्रीनिंग के लिए विभाग ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश* राज्यभर में कैंसर सहित गैर-संचारी रोगों (NCD) की समय पर पहचान एवं उपचार को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत द्वारा हाल ही में की गई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। माननीय मंत्री के निर्देशों के अनुपालन हेतु राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार ने राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष स्क्रीनिंग अभियान के सफल संचालन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। *असंयमित खानपान, तंबाकू एवं धूम्रपान के सेवन तथा अन्य जोखिम कारकों से होने वाले नुकसान के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए, स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रारंभिक चरण में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसे आगे और अधिक सघन बनाया जाएगा।* जारी आदेश के अनुसार राज्य के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल एवं जिला अस्पतालों में विशेष स्क्रीनिंग अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत कैंसर के साथ-साथ उच्च रक्तचाप, मधुमेह, सीओपीडी, एनीमिया सहित अन्य गैर-संचारी रोगों की जांच एवं समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता लोगों को इलाज उपलब्ध कराने के साथ ही, राज्य के प्रत्येक नागरिक तक स्क्रीनिंग की सुविधा को पहुंचाकर बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में पहचान सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि कैंसर एवं अन्य गैर-संचारी रोगों का समय पर पता चलने से मरीजों का उपचार अधिक प्रभावी ढंग से हो पाएगा। राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी निर्देशों में सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दवाओं, डायग्नोस्टिक किट, रिएजेंट्स एवं कंज्यूमेबल्स की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आवश्यक जांच सुविधाओं को मजबूत करते हुए स्क्रीनिंग के दौरान चिन्हित मरीजों को शीघ्र उपचार एवं रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया है। अभियान की सफलता के लिए आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, जिला कार्यक्रम समन्वयक, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी, जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका एवं जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई हैं। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर लोगों को स्क्रीनिंग के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा चिन्हित मरीजों का नियमित फॉलो-अप भी सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के दौरान स्क्रीनिंग से संबंधित सभी आंकड़ों की नियमित प्रविष्टि एनपी-एनसीडी (NP-NCD) पोर्टल पर की जाएगी। राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक प्रतिदिन अभियान की प्रगति की समीक्षा की जाएगी तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सतत अनुश्रवण एवं निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि विशेष अभियान के दौरान कोई भी पात्र व्यक्ति स्क्रीनिंग से वंचित न रहे। उन्होंने विशेष रूप से मुख, स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच को व्यापक स्तर पर संचालित करने, तंबाकू नियंत्रण एवं जनजागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सभी चिन्हित मरीजों को समयबद्ध उपचार से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार रोकथाम, समय पर पहचान एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार की रणनीति पर कार्य कर रही है। विभाग द्वारा जारी यह विशेष अभियान राज्य में कैंसर सहित अन्य गैर-संचारी रोगों के नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा तथा आमजन को उनके घर के निकट बेहतर जांच एवं उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


पटना,
बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम
एक ही मरीज का एक साथ हुआ लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट, बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि • अंगदाता: माता - किडनी दाता, पुत्र - लीवर दाता पटना। पारस हेल्थ, पटना ने अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए अस्पताल का पहला सफल लिवर ट्रांसप्लांट किया है। इस उपलब्धि को और भी विशेष बनाते हुए चिकित्सकों की टीम ने एक ही मरीज का लिवर और किडनी का संयुक्त (सिमल्टेनियस) प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया। यह अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण सर्जरी मानी जाती है और इसके सफल निष्पादन ने बिहार में उन्नत चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। 42 वर्षीय पुरुष मरीज, जो ईएसआरडी- ईण्ड स्टेज रिनल डिजीज यानी अंतिम चरण की किडनी फेल और सीएलडी- क्रोनिक लिवर डिजीज यानी लीवर सिरोसिस से पीड़ित थे। डायलिस और दवाओं के बाद भी दोनों अंग काम नहीं कर रहे थे। संयुक्त अंग प्रत्यारोपण देश के गिने-चुने केंद्रों में ही संभव है। इसमें एक साथ दो दाता सर्जरी और एक मरीज की सर्जरी, लगभग 15-18 घंटे तक टीम वर्क से की जाती है। इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में ट्रांसप्लांट सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, हेपेटोलॉजी, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, ओटी, आईसीयू नर्सिंग, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेशन, माइक्रोबायोलॉजी, रेडियोलॉजी, ब्लड बैंक, फार्मेसी एवं अस्पताल प्रशासन सहित सभी विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पटना
पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता प्रमोद कुमार सिंह के द्वारा लिखित पुस्तक बेसिक नॉलेज फॉर क्रिमिनल प्रेक्टिस का आज विमोचन किया गया
Jul 24 2026, 16:22
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