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झारखंड में खुलेगा पूर्वी भारत का पहला सरकारी एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग संस्थान

रांची। झारखंड जल्द ही पूर्वी भारत का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है, जहां सरकारी स्तर पर एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (एएमई) और एयर होस्टेस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित होंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल और मार्गदर्शन में झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट ने इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत की तैयारी पूरी कर ली है। दोनों कोर्सों का औपचारिक शुभारंभ नवंबर में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री करेंगे।

एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (एएमई) पाठ्यक्रम के संचालन के लिए झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट ने दिल्ली की संस्था मेसर्स वेन्योर के साथ एमओयू किया है। वहीं, एयर होस्टेस प्रशिक्षण के लिए एआईएसईसीटी लिमिटेड, भोपाल के साथ करार किया गया है। इन पाठ्यक्रमों का संचालन धनबाद स्थित झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के आधारभूत ढांचे पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जाएगा।

राज्य सरकार के अनुसार, इन पाठ्यक्रमों के शुरू होने से झारखंड के साथ-साथ बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों के युवाओं को विमानन क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए दूर-दराज़ के राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।

एएमई पाठ्यक्रम में 60 सीटें निर्धारित की गई हैं। यह तीन वर्षीय कोर्स होगा, जिसकी कुल फीस 6 लाख रुपये होगी। शुल्क का भुगतान तीन वार्षिक किस्तों में 2-2 लाख रुपये के रूप में किया जाएगा।

एयर होस्टेस प्रशिक्षण के तहत छह माह और 12 माह अवधि के दो पाठ्यक्रम संचालित होंगे। दोनों में 60-60 सीटें उपलब्ध रहेंगी। छह माह के कोर्स की फीस 1,00,500 रुपये तथा 12 माह के डिप्लोमा कोर्स की फीस 1,55,500 रुपये निर्धारित की गई है। इस शुल्क में ड्रेस, ग्रूमिंग किट और स्विमिंग प्रशिक्षण भी शामिल रहेगा।

पाठ्यक्रमों का संचालन नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की अनुमति मिलने के बाद शुरू किया जाएगा। एयर होस्टेस प्रशिक्षण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 जुलाई निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के प्रबंध निदेशक कैप्टन एस.पी. सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर विमानन क्षेत्र में राज्य के युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग और एयर होस्टेस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम झारखंड के लिए मील का पत्थर साबित होंगे तथा देश में विमानन क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने की IT एवं ई-गवर्नेंस की समीक्षा, “डिजिटल झारखंड 2029” पर दिया जोर

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग के अद्यतन कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में ई-गवर्नेंस परियोजनाओं, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, साइबर सुरक्षा, डेटा प्रबंधन, सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण तथा आईटी आधारित नवाचारों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान “डिजिटल झारखंड विजन 2029” पर विशेष चर्चा हुई, जिसमें अधिकारियों ने आई.टी पार्क निर्माण की रूपरेखा एवं साइट प्लान प्रस्तुत किया और मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। साथ ही “चीफ मिनिस्टर डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म” के विकास पर भी विचार-विमर्श हुआ, जिसके माध्यम से सभी विभागों के डेटा एवं पोर्टलों का समेकित आकलन किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग एवं प्रत्येक जिले में आईटी अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़े। उन्होंने सभी विभागों के डेटा को केंद्रीकृत प्रणाली में एकीकृत करने पर बल दिया, जिससे बेहतर समन्वय और निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके। बैठक में झारखंड स्टेट डेटा सेंटर को सुदृढ़ बनाने तथा डेटा की सुरक्षा एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।

दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक तकनीक पहुंचे तभी साकार होगा डिजिटल झारखंड का सपना

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा, “डिजिटल झारखंड का सपना तभी साकार होगा, जब तकनीक का लाभ राज्य के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से पहुंचे। इसके लिए यह आवश्यक है कि डिजिटल सेवाओं का विस्तार अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी नागरिक सूचना और सेवाओं से वंचित न रहे। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को नवाचार, पारदर्शिता और दक्षता के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि तकनीक आम लोगों के जीवन को सरल, सुलभ और सुगम बनाए।

उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक तकनीकों के समुचित उपयोग से न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक सुदृढ़ और जवाबदेह बनेगी, बल्कि सेवा वितरण प्रणाली में भी गति आएगी। डिजिटल माध्यमों के सशक्त उपयोग से शासन में पारदर्शिता बढ़ेगी, योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार होगा और राज्य को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ठोस एवं स्थायी प्रगति सुनिश्चित की जा सकेगी।”

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण एवं 5G विस्तार पर जोर

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने "झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड" के कार्यों की समीक्षा करते हुए राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यापक मैपिंग कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी क्षेत्रों में डिजिटल संसाधनों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने आगामी तीन वर्षों में राज्य के सभी पंचायतों को 5G नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों तक भी उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सके। उक्त बैठक में भारतनेट फेज-3, कनेक्टिंग झारखंड तथा स्टेट वाइड नेटवर्क (JharNet 2.0) जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को राज्य के डिजिटल विकास की आधारशिला बताते हुए कहा कि एक मजबूत, सुरक्षित और एकीकृत डिजिटल नेटवर्क राज्य सरकार की कार्यप्रणाली की रीढ़ सिद्ध होगा। इसके माध्यम से डेटा, वॉयस एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी, जिससे प्रशासनिक कार्यों में गति, पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी।

डेटा केंद्रीकरण, साइबर सुरक्षा और डिजिटल सक्सेशन चार्ट को नियमित अपडेट करने के निर्देश

जैप-आईटी (JAP-IT) की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने संस्थान में रिक्त पदों को भरने के निर्देश दिए, ताकि विभागीय कार्यों की गति और दक्षता में वृद्धि हो सके। इसके साथ ही पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी नेटवर्क, Lidar तथा सैटेलाइट आधारित परियोजनाओं की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई और इन परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर बल दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक सुशासन का एक सशक्त और प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग अपनी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ें, ताकि आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक का उद्देश्य प्रशासन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों में फोटोयुक्त डिजिटल सक्सेशन चार्ट तैयार कर उसे नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए, जिससे अधिकारियों की पहचान और प्रशासनिक स्पष्टता बनी रहे। उन्होंने राज्य के सभी विभागों के डेटा को एक समान प्रारूप में केंद्रीकृत करने तथा अत्याधुनिक साइबर सुरक्षा तंत्र विकसित करने पर जोर देते हुए नियमित सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इंटरनेट शैडो क्षेत्रों की पहचान कर राज्यभर में डिजिटल कनेक्टिविटी विस्तार पर जोर

राज्य में डिजिटल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने इंटरनेट शैडो क्षेत्रों (जहां नेटवर्क उपलब्ध नहीं है या अत्यंत कमजोर है) की पहचान कर चरणबद्ध तरीके से नेटवर्क विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य का कोई भी गांव, कस्बा या शहर डिजिटल सेवाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक क्षेत्र तक 5G इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने हेतु ठोस एवं समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक सेवाओं एवं डिजिटल शासन को नई गति मिल सके। बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि योजना के पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की संख्या, उनकी जांच प्रक्रिया तथा अब तक पात्र लाभुकों को किए जा रहे आधार-आधारित भुगतान की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। इस संबंध में अधिकारियों द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता एवं समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने हेतु अपनाई जा रही व्यवस्थाओं की रूपरेखा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई।

न्यायिक सुविधाओं के आधुनिकीकरण एवं आईटी इकोसिस्टम के विकास पर हो कार्य

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सभी जिला न्यायालयों में उच्च गुणवत्ता वाले साउंड सिस्टम स्थापित करने के सुझाव दिए, ताकि न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं एवं वादकारियों के बीच संवाद अधिक स्पष्ट, सुगम और प्रभावी हो सके तथा न्यायिक कार्यों में दक्षता सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का विकास केवल आईटी पार्क निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि एक समग्र एवं सुदृढ़ आईटी इकोसिस्टम विकसित किया जाना आवश्यक है। इसके अंतर्गत आईटी उद्योगों को प्रोत्साहन, स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा, नवाचार एवं अनुसंधान को समर्थन, कौशल विकास को सुदृढ़ करना तथा व्यापक स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित करना शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में निवेश आकर्षित करने हेतु प्रभावी एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे युवाओं के लिए आईटी क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विभाग की सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर आम जनता तक पहुंच सके।

उक्त बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव श्रीमती पूजा सिंघल, विशेष सचिव श्री सुनील कुमार सिंह, निदेशक आई.टी सुश्री माधवी मिश्रा, सी.ई.ओ जैप-आईटी श्री चंदन कुमार तथा संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और SRFTI कोलकाता के बीच MoU संपन्न

झारखंड के होनहार और क्रिएटिव युवाओं के लिए राज्य सरकार ने एक बेहतर प्लेटफार्म तैयार किया है। इस प्लेटफार्म का आज विधिवत रूप से झारखंड सरकार का एक अंग "झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड' और 'सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता' के सहयोग से स्थापित किया जा रहा है। हालांकि, इस संदर्भ में आगे काम कैसे होना है, कैसे इस संस्था को और इस प्लेटफार्म को विस्तारित किया जाएगा,

इसी के लिए राज्य सरकार सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता का सहयोग ले रही है। निश्चित रूप से हम सभी लोग आज विभिन्न सोशल मीडिया, समाचार पत्रों और सूचना तंत्रों के माध्यम से कई कलाकारों की गतिविधियों को देख रहे हैं। कोई फिल्म बना रहा है, कोई रील बना रहा है,

तो कोई अलग-अलग क्षेत्र में अपनी विशेषताओं को आमजनों तक पहुंचा रहा है। यूँ कहा जा सकता है कि यह एक बहुत ही क्रिएटिव क्षेत्र है, जो आपको छोटे स्तर से एक बड़े व्यावसायिक क्षेत्र तक ले जाता है, जहाँ आप कैमरे के सामने भी होते हैं और एक बहुत बड़ी फौज कैमरे के पीछे भी होती है।

व्यस्त कार्यक्रमों के बीच भी कभी कानों से सुनने तो कभी आंखों से देखने का मौका मिलता है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय सभागार में आयोजित झारखण्ड फ़िल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता के बीच MoU हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड फ़िल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता के बीच एमओयू हस्ताक्षर होना एक नई यात्रा की शुरुआत है। एक ऐसी यात्रा जो झारखण्ड के प्रतिभावान फिल्मकारों और कलाकारों को नई तकनीक, विश्वस्तरीय सुविधाएं और एक नया राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी। यह एक अविस्मरणीय और ऐतिहासिक क्षण है।

झारखंड में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं, प्रतिभाओं को मिलेगी उड़ान

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में कई ऐसी प्रतिभाएं हैं जो आज भी अनछुई हैं। अभी हाल में ही एक संथाली मूवी 'आंगेन' को एक बहुत बड़ा अवार्ड मिला और वे फिल्मकार भी आज यहाँ मौजूद हैं। भविष्य में सिनेमा के क्षेत्र में ऐसे अवार्ड और भी आ सकते हैं, बशर्ते इन्हें थोड़ा तराशने की आवश्यकता होगी। तराशने का यही कार्य अब झारखंड फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट (JFTI) के माध्यम से किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीट्यूट को शायद ही कोई ऐसा हो जो न जानता हो। यह फिल्म जगत की सबसे अग्रणी संस्थाओं में से एक है, जिसने दुनिया को सिनेमा से रूबरू कराया। हमारे राज्य में भी कई फिल्में बनीं, जिनमें सत्यजीत रे साहब ने भी काम किया। आज के कार्यक्रम के सिलसिले में जब मैं गूगल पर सर्च कर रहा था, तो पता चला कि कई प्रसिद्ध फिल्में हमारे राज्य में बनी हैं जैसे दिल बेचारा, एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी और गैंग्स ऑफ वासेपुर, इसके अलावा, देश के दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन जी की फिल्म भी धनबाद में बनी थी।

राज्य में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्रकाश झा जैसे फिल्म डायरेक्टर की शिक्षा-दीक्षा भी झारखंड से ही हुई है, जो आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस JFTI प्लेटफार्म के माध्यम से हमारे नौजवानों के लिए एक नया आयाम शुरू होने जा रहा है। एक समय था जब डॉक्टर या इंजीनियर बनाना ही हर किसी का सपना होता था, लेकिन आज विविधता इतनी अधिक है कि आप किसी भी क्षेत्र में अपने हुनर को आकार देकर अपनी पहचान बना सकते हैं। आज उसी का एक छोटा सा प्रयास हमारी सरकार ने किया है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले समय में इस प्लेटफार्म का एक बेहतर उपयोग हमारे नौजवानों के लिए होगा।

राज्य सरकार की पहल का सकारात्मक परिणाम मिले यही उद्देश्य

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने SRFTI, कोलकाता का जिक्र करते हुए कहा कि एक अनुभवी संस्था, जिसकी पहचान सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में है, उसकी उपयोगिता और दायरा इतना बड़ा है कि आप अपने हुनर से अपने आसपास की चीजों में बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।

उन्होंने कहा कि आज यह एक शुरुआत है और हम चाहेंगे कि आने वाले दिनों में इसका सकारात्मक परिणाम भी हम सब देखें। जिस प्रकार खेल के जगत में हमारे राज्य के नौजवान और छात्र-छात्राएं बड़े पैमाने पर देश-दुनिया में नाम कमा रहे हैं, उसी प्रकार कला के क्षेत्र में भी संभावनाएँ हैं।

मुख्यमंत्री ने झारखंड के परिपेक्ष में कहा कि आज डॉ० रामदयाल मुंडा जी की वह पंक्ति याद आती है, "जे नाची से बाची"। इसका मतलब है कि इस राज्य के आम लोगों के अंदर कोई न कोई कलाकार छुपा हुआ है।

कई कारणों से शायद वह छुपा कलाकार बाहर नहीं आ पाता। आज इस संस्था और सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीट्यूट के सहयोग से उन कलाकारों को ढूंढा जाएगा, बाहर निकाला जाएगा और तराशा जाएगा। उन्होंने कहा कि आज के इस शुभ अवसर पर आप सब लोगों को मेरी ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएँ और सभी कलाकारों को बेहतर भविष्य के लिए ढ़ेर सारी बधाई।

मौके पर राज्य के वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर एवं सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता के कुलपति श्री समीरन दत्ता ने अपने संबोधन में झारखण्ड फ़िल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता के बीच हुए एमओयू हस्ताक्षर के उद्देश्य पर विस्तृत प्रकाश डाला।

मुख्यमंत्री ने इन्हें किया सम्मानित..

सम्मानित होने वाले फिल्म कारों में तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त बीजू टोप्पो ,झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के संथाल समुदाय से आने वाले श्री रविराज मुर्मू, जिन्हें उनकी शॉर्ट फिल्म 'आंगेन' के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की घोषणा की गई है , श्री अनुज कुमार जिनकी बहुचर्चित फिल्म 'बिलोंगिंग टू अनटचेबल गाॅड एवं दी टर्टल स्टोरी' के लिए इन्हें 'कैनेडियन लेबर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवॉर्ड' से सम्मानित किया जा चुका है इनके साथ कुडुख फिल्म 'एडपा काना' के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजे गए श्री निरंजन कुजूर को उत्कृष्ट, ईमानदार और शानदार कला-यात्रा के लिए सम्मानित किया गया ।

इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विशेष सचिव सूचना एवं जनसंपर्क विभाग श्री राजीव लोचन बक्शी, कुलपति, सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता श्री समीरन दत्ता, डीन SRFTI श्री सुकांते मजूमदार, सरला बिरला विश्वविद्यालय के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर (डॉ.) गोपाल पाठक, सरला बिरला विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० सी० जगन्नाथ, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के प्रो० श्री सी०बी० शर्मा, सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता के प्रो० इंद्रनील मुखर्जी, श्री एन० बनर्जी सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधिगण एवं विद्यार्थीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में 21 जुलाई 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय


★ विनोबाभावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग अंतर्गत गिरिडीह जिले में जमुआ विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत डिग्री महाविद्यालय, जमुआ, गिरिडीह के निर्माण कार्य हेतु रू० 38,22,37,000/- (अड़तीस करोड़ बाईस लाख तैंतीस हजार) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ विनोबाभावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग अंतर्गत रामगढ़ जिले में माण्डु विधान सभा अंतर्गत डिग्री महाविद्यालय, माण्डु, रामगढ़ के निर्माण कार्य हेतु रु० 40,14,96,500/- (चालीस करोड़ चौदह लाख छियानवे हजार पाँच सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री रमोद नारायण झा, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, वेजफेड, राँची / तत्कालीन प्रबंध निदेशक, धनबाद सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि०, धनबाद सम्प्रति सेवानिवृत उप निबंधक, सहयोग समितियाँ, कार्यालय-संयुक्त निबंधक, स०स०, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमण्डल, राँची के सम्पूर्ण पेंशन की राशि पेंशन नियमावली के नियम-43 (ख) के तहत स्थायी रूप से जब्त किये जाने संबंधी विभागीय संकल्प संख्या-1164, दिनांक-28.08.2020 को माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में निरस्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ श्री चन्देश्वर कापर, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, दी गुमला-सिमडेगा, केन्द्रीय सहकारी बैंक लि०, गुमला-सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध निर्गत दण्डादेश विभागीय अधिसूचना संख्या-1287, दिनांक 30.05.2016 को निरस्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.-3005/2016 तारकेश्वर प्रसाद सिंह बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-31.07.2024 को पारित न्यायादेश के अनुपालनार्थ श्री तारकेश्वर प्रसाद सिंह को उनके सेवा काल में दिये गये कालबद्ध प्रोन्नति, प्रथम एवं द्वितीय सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना तथा प्रोन्नति के आलोक में वेतन एवं पेंशन निर्धारण करने हेतु वित्त विभागीय परिपत्र सं०-5207, दिनांक 14.08.2002 के प्रभाव को क्षांत किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.-4884/2014 शेषनाथ शुक्ला बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-26.11.2024 को पारित न्यायादेश के अनुपालनार्थ श्री शेषनाथ शुक्ला द्वारा अस्थायी पद पर किये गये कार्य अवधि को न्यूनतम पेंशन प्रदायी सेवा अवधि में जोड़े जाने संबंधी प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्यान्तर्गत अनुसचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के नियंत्रणाधीन छात्रावास निर्माण, संचालन एवं प्रबंधन हेतु झारखण्ड अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / पिछड़ा जाति एवं अल्पसंख्यक छात्रावास पोषण योजना, 2024 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के पंचायती राज संस्थाओं के क्षेत्राधिकार के लिए अंगीकृत झारखण्ड बिल्डिंग बायलॉज-2016 में संशोधन (प्रथम संशोधन) की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के दूरस्थ स्थानों से गंभीर मरीजों को अल्प समय में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निमित्त हेलीकॉप्टर के माध्यम से एम्बुलेंस सेवा (Helicopter Emergency Medical Service-HEMS) उपलब्ध कराने हेतु 01 Single Engine हेलीकॉप्टर की सेवा प्राप्त करने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय अन्तर्गत दायर वाद संख्या-WPS No. 3878/2025, जयनाथ यादव बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में पारित आदेश के अनुपालन के क्रम में श्री जयनाथ यादव की सेवा नियमित एवं सम्पुष्ट करते हुए उन्हें अनुमान्य ACP/MACP का लाभ प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय सड़क एवम् आधारभूत संरचना निधि (Central Road and Infrastructure Fund) अन्तर्गत स्वीकृत पूर्वी सिंहभूम जिलान्तर्गत "भुईंयांसिनान से सुसनी भाया हाथीखेदा मंदिर पथ के पुनर्निर्माण कार्य (कुल लं०-22.445 कि०मी०) (under CRIF & Job No. CRF-JHR-2022-23/58)" हेतु कुल रू० 102,40,37,300/-(एक सौ दो करोड़ चालीस लाख सैंतीस हजार तीन सौ) मात्र की राशि पर प्रशासनिक स्वीकृति एवं इसमें सन्निहित राशि रू० 21,53,64,900/- (इक्कीस करोड़ तिरपन लाख चौंसठ हजार नौ सौ) मात्र को राज्यांश की राशि के रूप में वहन किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा LPA No.- 716/2023 को dismiss कर देने के फलस्वरूप Cont. Case(Civil) No. 623/2024 में दिनांक-01.05.2026 एवं W.P.(S) No. 6481/2014 में दिनांक-11.04.2023 को पारित न्यायादेश के आलोक में श्री राज किशोर प्रसाद, तदेन सहायक निदेशक, गुण नियंत्रण, पथ अवर प्रमण्डल, पथ प्रमण्डल, गिरिडीह संप्रति सेवानिवृत्त के विरुद्ध अधिरोपित दण्डादेश एवं अपील अभ्यावेदन अस्वीकृति से संबंधित विभागीय अधिसूचना को माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर होने वाले SLP के फलाफल से प्रभावित होने के शर्त के साथ विलोपित करने की स्वीकृति दी गई।

★ सिकल सेल रोग, थैलेसीमिया, हीमोफिलिया, टाइप 1 मधुमेह, अन्य गैर-संक्रामक रोगों (Non-Communicable Diseases) से प्रभावित तथा दिव्यांग बच्चों को विद्यालयों के बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए 75 प्रतिशत आवश्यक उपस्थिति में छूट हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा एस०एल०पी० (सि०) संख्या-26265-26266/2025 झारखंड सरकार एवं अन्य बनाम गरीबनाथ मिश्रा एवं वाद को दिनांक 12.09.2025 को खारिज किए जाने के आलोक में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा डब्ल्यू०पी० (एस०) सं०-2589/2020 एवं अन्य समरूप वाद में दिनांक 19.09.2023 को पारित न्यायादेश के अनुपालन हेतु सुसंगत प्रावधानों का निरूपण की स्वीकृति दी गई।

★ डॉ० अर्चना चौधरी, चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कसमार, बोकारो को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई।

★ सर जे० सी० बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-903, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) एवं डिग्री महाविद्यालय, बरही का नाम परिवर्तित कर डिग्री महाविद्यालय, चंदवारा करने की स्वीकृति दी गई।

★ विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-894, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-893, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-898, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों (घाटानुदानित अल्पसंख्यक महाविद्यालयों को छोड़कर) के सेवानिवृत शिक्षकों एवं पदाधिकारियों (दिनांक 01.12.2004 के पूर्व नियुक्त) को 7th CPC के अन्तर्गत सातवां पुनरीक्षित वेतनमान में पेंशन /पारिवारिक पेंशन का लाभ दिनांक-01.01.2016 से स्वीकृत करने की स्वीकृति दी गई।

★ राँची विश्वविद्यालय, राँची एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-902, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-895, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ नीलाम्बर पीताम्बर विश्वविद्यालय, मेदिनीनगर, पलामू एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में विभागीय संकल्प संख्या-897, दिनांक-29.04.2026 के द्वारा पुर्नगठित शैक्षणिक पदों के पुनर्संरेखण (Realignment) की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय अन्तर्गत दायर वाद यथा 1. वाद संख्या WPS No.6408/2017, जयन्त कुमार प्रधान बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य 2. WPS No.6485/2017, अभिषेक तिर्की बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य एवं 3. WPS No.6632/2017, मो० काजिमउद्दीन बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में संयुक्त रुप से पारित न्यायादेश दिनांक-09.12.2024 के अनुपालन हेतु संबंधित तीन (03) भूतपूर्व विभागीय कर्मियों यथा क्रमशः 1. स्व० नरेश कुमार, पूर्व पदचर 2. स्व० भूषण मुनि, पूर्व लिपिक एवं 3. स्व० हाशीमउद्दीन, पूर्व पदचर (वर्ग तीन एवं चार के कर्मियों) की सेवा नियमित एवं सम्पुष्ट करते हुए (उनके आश्रितों को अनुकम्पा आधारित नियुक्ति का लाभ) प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक राज्य योजनान्तर्गत Proposed SNMMCH College & Teaching Hospital, Dhanbad: Holistic Augmenatation & Redevelopment at Dhanbad के अंतर्गत Upgradation of Existing Medical College & Teaching Hospital, Existing 100 UG Seats Upgradation to 250 UG Seats to 200 PG Seats & 16 Post PG Seats to 50 Post PG Seats Along with other Allied Infrastructure & Services (Part-2) की योजना हेतु कुल 1,94,73,42,600/- (एक अरब चौरानवे करोड़ तिहतर लाख बयालीस हजार छः सौ) रूपये मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2026-2027 में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय के स्तर पर गठित झारखण्ड अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति के अंतर्गत निबंधित अधिवक्ताओं के लिए छात्रवृत्ति/वजीफा मद में आवंटित निधि रू0 12,92,00,000/- (बारह करोड़ बेरानवें लाख रूपये मात्र) में से रू० 6,92,00,000/- (छहः करोड़ बानवे लाख रूपये मात्र) को प्रत्यर्पित करते हुए सहायता अनुदान सामान्य (गैर वेतन) मद में 12,32,00,000/- (बारह करोड़ बत्तीस लाख रूपये मात्र) का उपबंध झारखंड राज्य आकस्मिकता निधि से अग्रिम के रूप में कराने की स्वीकृति दी गई।

★ आदित्यपुर नगर निगम के नए म्युनिसिपल बिल्डिंग के निर्माण हेतु 39,67,09,000 (39 करोड़ 67 लाख 09 हजार रुपए) की तकनीकी स्वीकृति प्राप्त प्राक्कलन पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक का झारखण्ड में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना के कार्यान्वयन और झारखण्ड में जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन पर प्रतिवेदन, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-5 (संयुक्त निष्पादन लेखापरीक्षा-सिविल) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित मिशन सक्षम आँगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत् पूरक पोषाहार कार्यक्रम (SNP) तथा किशोरी बालिकाओं के लिए योजना (SAG) अन्तर्गत लाभार्थियों को Take Home Ration (THR) स्वरूप Micronutrient Fortified Food and/or Energy Dense Food (MFEDF) के निर्बाध वितरण सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से इन योजनाओं के तहत् एतद् सामग्रियों का वर्ष-2026 के फरवरी एवं मार्च महीने में इसके आपूर्तिकर्ताओं से प्राप्त आपूर्ति का विनियमन तथा छह (06) माह के लिए अथवा निविदा कार्य निष्पादनोपरांत कार्यादेश निर्गमण की तिथि तक (जो पहले घटित हो जाय) के लिए आपूर्ति इसके गत् निर्माणकर्त्ता-सह-आपूर्तिकर्त्ता से प्राप्त करने हेतु इन आपूर्तिकर्ताओं यथा मेसर्स इंटरलिंक फूड्स प्रा०लि०, मेसर्स आदित्य फ्लॉर मिल एवं मेसर्स कोटा दाल मिल का झारखण्ड वित्त नियमावली के नियम-245 के तहत् नियम-235 को शिथिल करते हुए मनोनयन की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा S.L.P. (C) No.- 25207-25208/2023 में दिनांक-19.05.2026 को पारित न्यायादेश के आलोक में बिहार राज्य वस्त्र निगम लिमिटेड, पटना के अधीन संचालित ईकाई में कार्यरत रहे कर्मियों का सरकारी सेवा में समायोजन की स्वीकृति दी गई।

★ श्रीमती शोभा मुर्मू, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, दुमका की नियुक्ति की वैधता के संबंध में अन्य समरूप मामलों के सदृश सी.बी. आई. के जाँच प्रतिवेदन में अवैध / अनियमित नियुक्ति घोषित शिक्षकों के विरुद्ध की गई विभागीय कार्रवाई के फलाफल के विरुद्ध दायर याचिकाओं में माननीय उच्चतम् / उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के प्रसंग में उन्हें सेवा में पुनर्स्थापित कर / मानते हुए परिणामी लाभ एवं पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य में गिरिडीह पूर्वी वन प्रमण्डल एवं दुमका वन प्रमण्डल के अंतर्गत प्रस्तावित दो नए चिड़ियाघर एवं भविष्य में भी झारखण्ड राज्य में बनने वाले चिड़ियाघरों, जंगल सफारी एवं वन्यप्राणी रेस्क्यू केन्द्रों के निर्माण, प्रबंधन एवं रख-रखाव की जिम्मेवारी को झारखण्ड चिड़ियाघर प्राधिकरण (Jharkhand Zoo Authority) के क्षेत्राधिकार में शामिल करने के निमित झारखण्ड चिड़ियाघर प्राधिकरण के Bye-laws में अन्य संशोधन करने की स्वीकृति दी गई।

★ दुमका अंतर्गत "kherabani (SH -15) Ranighaghar (ADB) road (कुल लं0-9.172 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण / पुनर्निर्माण कार्य (वृक्षारोपण, भू-अर्जन एवं Utility Shifting सहित)" हेतु रू० 53,73,14,700/- (तिरपन करोड़ तिहत्तर लाख चौदह हजार सात सौ रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।

★ डॉ० राम नाथ राम, तदेन निलंबित अवर प्रमण्डल पशुपालन पदाधिकारी, लोहरदगा (मुख्यालय-पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, काँके, राँची / क्षेत्रीय निदेशक पशुपालन कार्यालय, राँची) सम्प्रति दिनांक-30.11.2016 को निलम्बन में ही सेवानिवृत्त को विभागीय अधिसूचना संख्या-1197 दिनांक-17. 10.2025 से अधिरोपित पूर्ण पेंशन एवं उपादान के भुगतान पर रोक के दण्ड पर माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा LPA No. 32/2023 में दिनांक-13.08.2024 एवं Cont. case (Civil) No.-978/2025 में दिनांक-13.03.2026 को पारित न्यायादेश के आलोक में नया आदेश पारित करने की स्वीकृति दी गई।

★ षष्ठम झारखण्ड विधानसभा का षष्ठम् (मानसून) सत्र 06.08.2026 से 12.08.2026 तक आहूत किये जाने संबंधी औपबंधिक कार्यक्रम पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ विभागीय संकल्प संख्या 2215 दिनांक 29.10.2020 द्वारा स्वीकृत आदर्श विद्यालय योजना का अवधि विस्तार आगामी पाँच वर्षों (वर्ष 2025-26 से 2029-30) तक करने की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में झारखण्ड ई-शिक्षा कनेक्ट प्रोग्राम के अन्तर्गत आगामी 05 वर्षों हेतु Al-powered Virtual Classrooms with student analytics के संदर्भ में 02 केन्द्रीय स्टूडियों, 05 प्रमण्डल के 05 डायट में क्षेत्रीय स्टूडियों तथा 1000 माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु Al-powered Virtual Classrooms की अधिष्ठापना एवं आगामी 05 वर्षों के संचालन के लिये रु.1,76,07,85,560/- (एक अरब छिहत्तर करोड़ सात लाख पचासी हजार पाँच सौ साठ रूपये) मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति तथा चालू वित्तीय वर्ष में अनावर्ती मद में रू. 56,07,85,560/- (छप्पन करोड़ सात लाख पचासी हजार पाँच सौ साठ रूपये) मात्र तथा आवर्ती मद में रू० 24,00,00,000/-(चौबीस करोड़ रूपये) मात्र अर्थात् कुल रू० 80,07,85,560/- (अस्सी करोड़ सात लाख पचासी हजार पाँच सौ साठ रूपये) मात्र के व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ अवमाननावाद संख्या Contempt Case (Civil) No. 1059/2024 (वाद संख्या WP(S) 877/2018 से उद्भूत) श्री कृष्ण मुरारी एवं अन्य बनाम राज्य सरकार एवं अन्य वाद में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में वाद संख्या WP(S) 877/2018 के Petitioners को विभागीय अधिसूचना संख्या 122 दिनांक 21.01.2015 द्वारा CAS के तहत दिये गए प्रोन्नति का लाभ देय तिथियों से स्वीकृत करने की स्वीकृति दी गई।

★ प्रधान महालेखाकार (ले. एवं हक़.) कार्यालय, झारखण्ड, राँची में राज्य कर्मियों से संबंधित कार्यों एवं रिकॉडों हेतु जारी डिजिटलीकरण प्रक्रिया के क्रम में तृतीय चरण (Third Phase) के रूप में रु० 46,85,000.00 (छियालीस लाख पचासी हजार रुपये मात्र) का वित्तीय सहायता की स्वीकृति दी गई।

★ "झारखण्ड न्यायिक सेवा (भर्ती) नियमावली 2004 (समय समय पर यथा संशोधित) को संशोधित करते हुए "झारखण्ड न्यायिक सेवा (भर्ती) संशोधन नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड वरीय न्यायिक सेवा (भर्ती, नियुक्ति एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2001 के नियम-4 (a) में उल्लेखित प्रावधान तथा झारखण्ड उच्च न्यायालय की अनुशंसा के आलोक में झारखण्ड वरीय न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीश के पद पर 02 अभ्यर्थियों को सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2025-26 में माँग संख्या-29 के मुख्यशीर्ष-2853-अलौह खनन और धातु कर्म उद्योग, उपमुख्य शीर्ष 02-खानों का विनियमन और विकास, लघु शीर्ष-001-निदेशन तथा प्रशासन, उप शीर्ष-01-खनन स्थापना अन्तर्गत "86-वापसी" ईकाई (विपत्र कोड-29-S-2853-02-001-01-00-08-86) में विविध न्याय निर्णय के आलोक में झारखण्ड आकस्मिकता निधि (JCF) के माध्यम से राशि रु० 146,00,00,000/- (एक सौ छियालीस करोड़ रूपये) मात्र अग्रिम की स्वीकृति दी गई।

★ वित्त विभागीय IFMS पोर्टल के साथ Silent Bank Account Verification (Bank Account Verification-V1) तथा Online PAN Verification (OPV) सेवाओं के integration हेतु झारखण्ड वित्त नियमावली के नियम 245 के आलोक में नियम-235 को शिथिल करते हुए Protean eGov Technologies Limited के मनोनयन की घटनोत्तर स्वीकृति एवं अनुबंध प्रारूप की स्वीकृति दी गई।

★ गुमला जिलान्तर्गत "घाघरा से जोकारी भाया रन्हे, कुण्डो, रूकीघाटी (बिशुनपुर) पथ (कुल लंबाई-19.100 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य (पुलों के निर्माण, भू-अर्जन, R&R एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग सहित)" हेतु रू0 101,77,37,700/- (एक सौ एक करोड़ सतहत्तर लाख सैंतीस हजार सात सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ रांची अंतर्गत "टांगरबसली मोड़ (RCD पथ पर) से बोबरो मोड़ (RCD पथ पर) माया परयागो, बिसहाखटंगा, डुमरी पथ (कुल लम्बाई 11.576 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन, युटिलिटी शिफ्टींग, R&R एवं वृक्षारोपण सहित)" हेतु रू० 63,77,13,300/- (तिरसठ करोड़ सतहत्तर लाख तेरह हजार तीन सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ गुमला जिलान्तर्गत "परवल RCD पथ से करंज पथ भाया पहाड़बंगरू, चीतागुटू, कानारोआ, बैरीटोली, नया करंज थाना (कुल लंबाई-14.251 कि0मी0) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन, Plantation, Utility Shifting एवं R&R सहित)" हेतु रू0 76,75,18,900/-(छिहत्तर करोड़ पचहत्तर लाख अठारह हजार नौ सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ माननीय झारखंड उच्च न्यायालय, राँची / झारखंड राज्य अवस्थित अन्य माननीय न्यायालयों एवं न्यायाधिकरणों में झारखंड सरकार से संबंधित वादों में राज्य सरकार का पक्ष रखने हेतु महाधिवक्ता कार्यालय, झारखंड, राँची में नियुक्त विधि पदाधिकारियों यथा-महाधिवक्ता / वरीय अपर महाधिवक्ता / अपर महाधिवता / स्थायी सलाहकार / विशेष लोक अभियोजक / राजकीय अधिवक्ता / सरकारी वकील / अपर लोक अभियोजक / लॉ रिसर्च ऑफिसर एवं अधिवक्ता लिपिक तथा माननीय पटना उच्च न्यायालय में झारखंड राज्य से संबंधित वादों में राज्य सरकार का पक्ष रखने हेतु नियुक्त विधि पदाधिकारियों के शुल्क निर्धारण / पुनरीक्षण की स्वीकृति दी गई।

★ महाधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची के लिए वरीय अपर महाधिवक्ता के 02 (दो) अतिरिक्त पद/अपर महाधिवक्ता के 01 (एक) अतिरिक्त पद / राजकीय अधिवक्ता का 01 (एक) अतिरिक्त पद / सरकारी वकील का 44 अतिरिक्त पद एवं लॉ रिसर्च ऑफिसर के 15 (पन्द्रह) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

झारखंड पैसा उगाओ आयोग नहीं चलेगा" - जेपीएससी की पारदर्शिता की मांग को लेकर रांची में भाजयुमो का विशाल मशाल जुलूस

रांची, 21 जुलाई 2026। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) रांची महानगर के नेतृत्व में मंगलवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में कथित अनियमितताओं के विरोध में राजधानी रांची में विशाल मशाल जुलूस एवं प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस जुलूस में राजधानी रांची से बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं ने आयोग की कार्यप्रणाली के प्रति विरोध दर्ज कराया तथा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।

जयपाल सिंह स्टेडियम से प्रारंभ हुआ मशाल जुलूस "युवाओं के अधिकारों" और "भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष" के नारों के साथ अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा। यहां भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आयोग की परीक्षाओं और चयन प्रक्रिया में लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने कहा कि भाजयुमो झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड लोक सेवा आयोग अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बरतने में विफल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत अभ्यर्थियों द्वारा उत्तरपुस्तिकाओं की प्रतियां मांगे जाने के बावजूद आयोग उन्हें सार्वजनिक क्यों नहीं करता।

उन्होंने कहा कि जब आयोग प्रत्येक वर्ष नियमित रूप से परीक्षाओं का आयोजन नहीं करता, तब अभ्यर्थियों की आयु सीमा में कटौती करना युवाओं के साथ अन्याय है। सरकार और आयोग को इस विषय पर गंभीरता से विचार कर युवाओं को न्याय देना चाहिए।

शशांक राज ने मांग की कि जेपीएससी प्रत्येक वर्ष समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर जारी करे तथा चयन प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी बनाने के लिए सभी परीक्षाओं के कट-ऑफ अंक सार्वजनिक करे।

राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएससी अब "झारखंड लोक सेवा आयोग" नहीं बल्कि "झारखंड पैसा उगाओ आयोग" बनकर रह गया है। उन्होंने दावा किया कि आयोग सरकार के लिए "एटीएम" की तरह कार्य कर रहा है, जहां कथित रूप से पैसों के बल पर नौकरियां बेची जा रही हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के मूलवासी युवाओं के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है तथा बाहरी लोगों को कथित रूप से लाभ पहुंचाकर झारखंड के युवाओं के सपनों से समझौता किया जा रहा है।

भाजयुमो रांची महानगर जिलाध्यक्ष रोमित नारायण सिंह ने कहा कि जेपीएससी से जुड़ी लगातार सामने आ रही कथित अनियमितताओं ने प्रतियोगी छात्रों का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने कहा कि मशाल जुलूस केवल विरोध का प्रतीक नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं की पीड़ा और न्याय की मांग का प्रतीक है।

इस कार्यक्रम में वरुण साहू, सुबोध सिंह गुड्डू, मनीष दुबे, प्रिंस कुमार, बलराम सिंह, राजू सिंह, संकेत तिवारी, देवराज सिंह, धीरज, अमिताभ, रंजीत नाथ, सहदेव, सचिन साहू, राहुल सिन्हा, तरुण दास, तुषार, आरव, अमित दुबे, विक्रम साहू, रौनक सिंह राजपूत, सनी सिंह, ललित ओझा, चंदन प्रजापति, सतीश सिंह, शाहिद सहित सैकड़ों की संख्या में युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।

रांची में 1 सितंबर से शुरू होगी अग्निवीर भर्ती रैली-2026, डीसी ने दिए पुख्ता इंतजाम के निर्देश

अग्निवीर भर्ती रैली-2026 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में भर्ती रैली के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा, सुरक्षा एवं आवश्यक आधारभूत व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।

बैठक में अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर श्री कुमार रजत, सहायक समाहर्त्ता सुश्री आस्था शरण, अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था) श्री धनंजय, जिला नजारत उपसमाहर्त्ता श्री सुदेश कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री वसीम अहमद, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री बादल राज, जिला खेल पदाधिकारी श्री शिवेन्द्र कुमार, पुलिस उपाधीक्षक सदर श्री संजीव कुमार बेसरा, पुलिस अधीक्षक (यातायात) सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं सेना के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बैठक के दौरान सेना के अधिकारी श्री एम.के. शर्मा ने बताया कि अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन 1 सितंबर 2026 से प्रारंभ होगा, जो लगभग 12 से 13 दिनों तक प्रस्तावित हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से भर्ती रैली के सफल संचालन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी सभी व्यवस्थाएं शत-प्रतिशत गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वाेच्च प्राथमिकता होगी।

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने भर्ती स्थल पर पर्याप्त मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एम्बुलेंस, चिकित्सकों की तैनाती, स्ट्रेचर, कूलिंग रूम तथा आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि दौड़ अथवा अन्य गतिविधियों के दौरान किसी भी अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने मौसम को ध्यान में रखते हुए वाटरप्रूफ जर्मन शेल्टर, पर्याप्त रेस्ट एरिया, बैरिकेडिंग, आवश्यक स्थानों पर कार्पेट, बैठने की व्यवस्था तथा अभ्यर्थियों के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित प्रतीक्षा स्थल तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में सेना के अधिकारी द्वारा बताया गया कि अभ्यर्थियों की रात 12 बजे से प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इसे देखते हुए जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने भर्ती स्थल पर पर्याप्त लाइटिंग, जेनरेटर बैकअप, एलईडी स्क्रीन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, इंटरनेट सुविधा, स्वच्छता एवं हाइजीन-सैनिटेशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

इसके अलावा मोबाइल शौचालय, पर्याप्त पेयजल, नियमित कचरा निष्पादन एवं साफ-सफाई तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। टेंट, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, फूड एंड बेवरेज एवं साफ-सफाई की व्यवस्था के लिए रांची नगर निगम सहित संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने भर्ती स्थल एवं उसके बाहरी क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित पेट्रोलिंग तथा समुचित सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध ढंग से सभी तैयारियां पूर्ण करने तथा भर्ती रैली के सफल आयोजन हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने खूंटी में जनजातीय समुदाय से की मुलाकात, इन्यूमरेशन फॉर्म भरने के लिए किया प्रेरित

रांची/खूंटी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने प्राप्त सूचना "तोरपा, खूंटी एवं तमाड़ क्षेत्र के जनजातिय समुदाय के कुछ लोगों द्वारा इन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा करने से मना किया जा रहा है" पर संज्ञान लेते हुए उक्त जनजाति समुदाय के लोगों से मंगलवार को खूंटी जिले के क्षेत्र भ्रमण के दौरान उनके आवास स्थल पर जाकर मुलाकात की एवं उन्हें इन्यूमरेशन फॉर्म भरकर अपने बीएलओ को जमा करने के लिए प्रेरित भी किया।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक को मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य दर्ज कराना चाहिए यह आपका संवैधानिक अधिकार है।उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज होना लोकतांत्रिक व्यवस्था में भागीदारी की पहली और सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। इसलिए कोई भी पात्र भारतीय नागरिक अपने इस संवैधानिक अधिकार से वंचित न रहे। मतदाता सूची में नाम जुड़वाकर आप अपने मताधिकार को संरक्षित करें।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी/ईआरओ/एईआरओ/बीएलओ सुपरवाईजर/ बीएलओ को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक, विशेष रूप से वृद्ध, बीमार, दिव्यांग, आदिम जनजाति, जनजाति अन्य पीवीटीजी एवं अन्य सभी को यथासंभव सहायता प्रदान की जाए एवं उनको मतदाता सूची से जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में निवास करने वाले सभी पात्र भारतीय नागरिक अपना इन्यूमरेशन फॉर्म समय पर अवश्य भरें, ताकि उनका नाम 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन में शामिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि मतदान प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। इसलिए सभी नागरिकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो, ताकि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी निभा सकें।

श्री के. रवि कुमार ने सभी मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों, चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों एवं कर्मियों, वोलेंटियर्स एवं निर्वाचन के सभी स्टेकहोल्डर से अनुरोध किया है कि वे प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिकों को प्रेरित करें कि वे स्वयं भी मतदाता सूची से जुड़ें और अपने परिवार तथा आसपास के अन्य पात्र नागरिकों को भी इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रेरित करें जिससे प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का मताधिकार सुरक्षित हो सके।

मख्य निर्वाचन पदाधिकारी के खूंटी जिला भ्रमण के अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी मो. जावेद हुसैन, संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ, एईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित रहे।

JPSC के सवालों से भाग रही कांग्रेस-जेएमएम सरकार, भाजपा के आंदोलन से पहले बौखलाई कांग्रेस : अशोक बड़ाईक

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक ने कांग्रेस के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के बयान को झूठ, राजनीतिक हताशा और युवाओं के मुद्दों से ध्यान भटकाने की असफल कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को होने वाले भारतीय जनता युवा मोर्चा के ऐतिहासिक JPSC घेराव से घबराकर कांग्रेस और झामुमो के नेताओं की बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि यदि झामुमो-कांग्रेस सरकार के दामन पर कोई दाग नहीं है तो वह JPSC को लेकर उठ रहे सवालों से भाग क्यों रही है? 14वीं JPSC का परिणाम आधी रात में, वह भी आयोग के सक्षम हस्ताक्षर के बिना क्यों जारी किया गया? कटऑफ सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया को गोपनीय क्यों रखा गया? उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्टेड रही एजेंसी को भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदारी किसके संरक्षण में दी गई? इन सवालों का जवाब देने के बजाय कांग्रेस भाजपा पर आरोप लगाकर अपनी विफलताओं पर पर्दा डालना चाहती है।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि 22 जुलाई का JPSC घेराव किसी दल का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य, उनके सम्मान और उनके अधिकारों का आंदोलन है। प्रदेशभर से हजारों छात्र, अभ्यर्थी और भाजयुमो कार्यकर्ता रांची पहुंचकर सरकार को यह संदेश देंगे कि अब युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा को नैतिकता का पाठ पढ़ाने से पहले अपने इतिहास पर नजर डाले। कांग्रेस के दस वर्षीय शासनकाल में AIPMT, AIEEE, AIIMS, CBSE सहित अनेक राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली आम बात बन चुकी थी। लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद हुआ, लेकिन कांग्रेस सरकार ने न पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कोई कठोर कानून बनाया, न कोई ठोस कार्रवाई की और न ही कभी जवाबदेही तय की। कांग्रेस की चुप्पी ने ही पेपर लीक माफियाओं के हौसले बुलंद किए।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार देश में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू हुई। केंद्र सरकार ने ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू कर स्पष्ट संदेश दिया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के लिए देश में कोई जगह नहीं है। अब ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कारावास और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिलते ही केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई की, आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, जांच एजेंसियों को सक्रिय किया और लाखों विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए पुनः परीक्षा कराकर समयबद्ध तरीके से परिणाम घोषित किया। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा है कि पेपर लीक करने वाले युवाओं के सपनों के अपराधी हैं और उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो सरकार दूसरों पर उंगली उठाने से पहले झारखंड के युवाओं को जवाब दे कि JPSC में पारदर्शिता क्यों नहीं है? भर्ती प्रक्रिया पर लगातार सवाल क्यों उठ रहे हैं? और आखिर सरकार दोषियों को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है?

उन्होंने कहा कि भाजपा झारखंड के युवाओं के न्याय की लड़ाई लड़ रही है और लड़ती रहेगी। जब तक JPSC से जुड़े प्रत्येक आरोप की निष्पक्ष जांच, पूरी पारदर्शिता और दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, भाजपा का संघर्ष सड़क से सदन तक पूरी ताकत के साथ जारी रहेगा।

रांची: आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं, डीसी मंजूनाथ भजन्त्री का सख्त आदेश

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री से आज दिनांक- 21 जुलाई 2026 को समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आदिवासी समुदाय बेयासी गांव, प्रखंड चान्हो के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीणों की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत करते हुए जिला प्रशासन के हस्तक्षेप की मांग की।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने शिकायत को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अंचल अधिकारी, चान्हो को निर्देशित किया कि शिकायत पर कार्रवाई करते हुये स्थानीय थाना (चान्हो थाना) के सहयोग से पूरी घटना की जांच करें और यदि अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसे तुरंत हटाकर प्रभावित आदिवासी परिवारों को उनके वैध अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करें।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा,

“आदिवासी समुदाय हमारी जिले की रीढ़ हैं। उनकी जमीन से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत को जिला प्रशासन शून्य सहनशीलता के साथ देखता है। कोई भी अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

जिला प्रशासन, रांची ने स्पष्ट किया कि भूमि संबंधी विवादों में कानून के अनुसार सख्ती बरती जाएगी।

सीएम हेमन्त सोरेन: वन क्षेत्रों का डिजिटल रिकॉर्ड 1 महीने में तैयार करें, इको-टूरिज्म और उपयोगिता आधारित पौधारोपण पर जोर

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में राज्य के वन संसाधनों के संरक्षण, विकास और वैज्ञानिक प्रबंधन को नई दिशा प्रदान किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य गठन के बाद से अब तक के सभी वन क्षेत्रों का टेक्निकल एवं डिजिटल रिकॉर्ड एक माह के भीतर तैयार किया जाए।

उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था विकसित हो, जिससे एक क्लिक पर पूरे राज्य के वन क्षेत्रों का अवलोकन कर उनके वास्तविक स्वरूप, संरचना और वर्तमान स्थिति की जानकारी उपलब्ध हो सके, इसके लिए वन क्षेत्रों के डिजिटल मैप की लेयरिंग सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद वन क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। कहीं वनों का विस्तार हुआ है तो कहीं इको-टूरिज्म परियोजनाएं और गेस्ट हाउस विकसित हुए हैं। दूसरी ओर, वनों की कटाई, खनन क्षेत्रों के विस्तार तथा वन्यजीव अभयारण्यों एवं राष्ट्रीय उद्यानों की सीमाओं में भी बदलाव देखने को मिले हैं। ऐसे में वन क्षेत्रों का अद्यतन एवं वैज्ञानिक डिजिटल दस्तावेज तैयार करना समय की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि वनों की सुरक्षा और उनका सतत विकास राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाने तथा सूखे एवं अनुपयोगी पेड़ों की वैज्ञानिक तरीके से कटाई की योजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक नए पौधे लगाए जा सकें और हरित आवरण में निरंतर वृद्धि हो।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निदेशित किया

कि वन क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर के माध्यम से बीज गिराकर वन क्षेत्रों के विकास के लिए एक बेहतर कार्य योजना तैयार करने, जंगली हाथियों के हमलों से मृत व्यक्तियों के आश्रितों तथा क्षतिग्रस्त फसल एवं घरों के मुआवजा भुगतान में तत्परता बरतने का निर्देश दिया।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि झारखंड में इको टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं अतएव इस निमित्त एक बेहतर प्लान के साथ आगे बढ़ें। वन विभाग तथा पर्यटन विभाग समन्वय स्थापित कर इको टूरिज्म के विकास को गति प्रदान करें।

पौधारोपण कार्य उपयोगिता आधारित और स्थानीय इको सिस्टम के अनुरूप हो

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने वन विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पौधरोपण केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित न रहे, बल्कि उपयोगिता आधारित और स्थानीय इको सिस्टम के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि ऐसे वृक्षों का चयन किया जाए, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की आजीविका, पशुओं की जरूरतों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने वन एवं गैर-वन क्षेत्रों में महुआ, जामुन, करंज, पलाश, कुसुम, बैर तथा तसर उत्पादन के लिए उपयोगी अर्जुन जैसे वृक्षों का बड़े पैमाने पर रोपण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ये वृक्ष न केवल जैव विविधता को समृद्ध करेंगे, बल्कि ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। महुआ, जामुन, कटहल, आवला, चिरौंजी और बैर जैसे फलदार वृक्ष स्थानीय लोगों को पोषण एवं अतिरिक्त आय देंगे, जबकि पलाश, कुसुम और अर्जुन जैसे वृक्ष लाह एवं तसर उद्योग को नई गति प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड की बड़ी आबादी ग्रामीण एवं वन क्षेत्रों में निवास करती है, इसलिए पौधरोपण की योजना ऐसी होनी चाहिए, जिससे आम लोगों को वन उपज का प्रत्यक्ष लाभ मिले। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अनुपयोगी वृक्ष लगाने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि ऐसे वृक्ष न तो पशुओं के लिए उपयोगी होते हैं और न ही स्थानीय समुदाय की आवश्यकताओं की पूर्ति कर पाते हैं। इसलिए पौधरोपण की पूरी रणनीति स्थानीय जरूरतों और आर्थिक उपयोगिता को ध्यान में रखकर तैयार की जाए।

"एक पेड़ लगाएं, पांच यूनिट मुफ्त बिजली पाएं" योजना का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने पर्यावरण संरक्षण को शहरी विकास से जोड़ते हुए कहा कि शहरों को बचाने के लिए भी पौधरोपण आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से शहरी क्षेत्रों में वृक्षारोपण बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा। साथ ही राज्य सरकार द्वारा "पेड़ लगाओ, फ्री बिजली पाओ" योजना का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिकाधिक नागरिक इस अभियान से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत एक पेड़ लगाने पर पांच यूनिट बिजली नि: शुल्क प्रदान किये जाने की योजना है।

वन पट्टा के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन राज्य सरकार की प्राथमिकता

बैठक में मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से जुड़े वन पट्टा के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को बिना अनावश्यक विलंब के वन पट्टों का वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें वन पट्टा का लाभ समय पर मिल सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वन विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं विभाग द्वारा संचालित सभी वन योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि इनका लाभ स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि वन संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की आजीविका, पर्यटन और पर्यावरणीय संतुलन को भी मजबूती मिल सके।

काजू, बैम्बू सहित विभिन्न व्यावसायिक खेती पर करें फोकस

बैठक में मुख्यमंत्री ने काजू, बैम्बू सहित विभिन्न व्यावसायिक खेती (Cashew Farming) को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को बड़े भू-भागों की पहचान कर, वहां व्यापक स्तर पर काजू एवं बैम्बू के पौधे लगाने और राज्य में काजू उत्पादन की संभावनाओं को विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों के लिए आय के नए स्रोत सृजित हो सकें। उन्होंने बांस (बैम्बू) के व्यापक रोपण और उसके सुनियोजित विकास पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बांस आधारित उद्योगों और बैम्बू क्राफ्ट को बढ़ावा देकर राज्य में बड़े पैमाने पर स्वरोजगार के अवसर विकसित किए जा सकते हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पारंपरिक हस्तशिल्प को नया बाजार भी मिलेगा। शहरी क्षेत्रों के पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने अकाशिया सहित अन्य छायादार पेड़-पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शहरों में हरित आवरण बढ़ाने, प्रदूषण कम करने और लोगों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थित शहरी पौधरोपण अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में अधिकाधिक पौधरोपण कर हरीयाली लाने, पर्यावरणीय संतुलन बनाने के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण, ग्रामीण समृद्धि, रोजगार सृजन और सतत विकास के बीच संतुलन स्थापित करना है। इसी सोच के अनुरूप उपयोगी, स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल और आर्थिक दृष्टि से लाभकारी पौधों को प्राथमिकता देकर झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं।

प्राकृतिक संपदा, घने जंगल, वन्यप्राणी एवं समृद्ध जैव विविधता झारखंड की पहचान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि झारखंड की पहचान उसकी प्राकृतिक संपदा, घने जंगलों, वन्यप्राणियों एवं समृद्ध जैव विविधता से है। इन प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण तथा संवर्द्धन राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने वनों के संरक्षण, मानव एवं वन्यजीवों के संघर्ष की रोकथाम, विकास कार्यों को गति प्रदान करने एवं पौधारोपण तथा वनों की कटाई रोकने के लिए सख्त कदम उठाये जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने संयुक्त वन प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन से जुड़े योजनाओं एवं कार्यक्रमों तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं के प्रगति की विस्तृत जानकारी अधिकारियों से ली तथा उन्हें कई अहम दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने वन संरक्षण के साथ-साथ वन क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों की आजीविका एवं पर्यावरणीय संतुलन को दृष्टिगत रखते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश को दिए।

डिजिटल रूप से जुड़े रहे सभी जिलों के वन प्रमंडल पदाधिकारी

झारखंड मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के सभी जिलों के वन प्रमंडल पदाधिकारियों से ऑनलाइन माध्यम से सीधा संवाद स्थापित कर वन विभाग की योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दुमका, जामताड़ा और कोडरमा के वन प्रमंडल पदाधिकारियों से सीधे बातचीत कर उनके जिलों में वनपट्टा वितरण की वर्तमान कार्य प्रगति, काजू, बैम्बू सहित अन्य पौधरोपण कार्य, इको-टूरिज्म विकास, तथा अन्य प्रमुख योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि प्रत्येक योजना का परिणाम जनहित और वन संरक्षण के लक्ष्यों के अनुरूप दिखाई देना चाहिए।

बैठक के दौरान पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण के उपायों, इन्वायरनमेंटल कंपनसेशन की प्रगति पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण संबंधी मामलों के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के लिए जनविश्वास एप की उपयोगिता और उसके प्रभावी संचालन पर भी विमर्श किया गया।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी पी०, अनु०जनजाति, अनु०जाति कल्याण विभाग के सचिव श्री कृपानंद झा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक-सह-वन बल प्रमुख (PCCF HoFF) श्री संजीव कुमार, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ श्री रवि रंजन, पीसीसीएफ (इडी) श्री ए० टी० मिश्रा, झारखंड जैव विविधता पर्षद के चेयरमैन श्री विश्वनाथ शाह, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ श्री एस०आर० नटेश, एम०डी० फॉरेस्ट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन श्री जब्बर सिंह, एपीसीसीएफ श्री डी० वेंकटेश वर्लू, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सदस्य सचिव श्री राजीव लोचन बक्शी, आरसीसीएफ दुमका श्री आर० थंगा पांडियन, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर सचिव श्री भोर सिंह यादव, अपर सचिव श्री दिलीप तिर्की सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।