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मोदी कैबिनेट की वाराणसी को बड़ी सौगात, वरुणा नदी किनारे एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी

-  6/4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर और 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का होगा निर्माण, रैंप, लूप और फुटओवर ब्रिज भी बनेंगे


नई दिल्ली/वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वाराणसी के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने वरुणा नदी तट के किनारे 6/4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना के तहत रैंप और लूप का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे शहर में यातायात अधिक सुगम और तेज़ होगा।
इसके साथ ही वाराणसी रिंग रोड के बीच 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना में रैंप, लूप तथा पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुटओवर ब्रिज (FOB) का निर्माण भी शामिल है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से वाराणसी में ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की आवाजाही अधिक सुविधाजनक बनेगी। साथ ही, क्षेत्र के आर्थिक और शहरी विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र में होगा बड़ा ‘खेला’, आधी रात को फडणवीस के बंगले पर जुटे NCP के दोनों धड़े

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महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। मंगलवार देर रात हुई कुछ मुलाकातों ने प्रदेश का सियासी पारा और चढ़ा दिया। मंगलवार रात करीब 11 बजे मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ पर एनसीपी (शरद पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल, एनसीपी (अजित पवार) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के बीच करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बैठक हुई।

जानकारी के अनुसार एनसीपी (शरद पवार) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने पहले मुंबई स्थित सिल्वर ओक में शरद पवार से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी बैठक की। इसी दौरान एनडीए सरकार में शामिल एनसीपी के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल ने भी मुख्यमंत्री से अलग मुलाकात की।

सवा घंटे तक बंद कमरे में बैठक

रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्षा बंगले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और तीनों नेताओं के बीच करीब सवा घंटे तक चर्चा हुई। यह भी दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात से पहले जयंत पाटिल, सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल की अलग से बैठक हुई थी। तीनों नेताओं की मौजूदगी से राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें शुरू हो गईं।

जयंत पाटिल ने दी सफाई

हालांकि, अब शरद पवार गुट के नेता जयंत पाटिल ने खुद सामने आकर इस पर सफाई दी है। उन्होंने राजनीतिक कयासों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी तटकरे या पटेल के साथ कोई बैठक नहीं हुई थी। एनसीपी (एसपी) के पूर्व महाराष्ट्र अध्यक्ष जयंत पाटिल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल के साथ कोई साझा बैठक नहीं हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल इस्लामपुर नगर परिषद के नगराध्यक्ष को अयोग्य ठहराए जाने के मामले में मुख्यमंत्री फडणवीस से मिलने गए थे। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात का तटकरे और पटेल से कोई संबंध नहीं है।

शरद पवार गुट के एनडीए गठबंधन में शामिल होने की अटकलें

इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं इसलिए भी जोरों पर हैं, क्योंकि पिछले कुछ समय से शरद पवार गुट के भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन में शामिल होने की कयासबाजी पहले से ही लगाई जा रही है। इससे पहले खबरें सामने आई थीं कि शरद पवार गुट के 10 में से कम से कम आधे विधायक भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ जाने के पक्ष में हैं। उनका तर्क है कि विपक्ष में रहने से विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और सरकारी मंजूरियां मिलने में कठिनाई आ रही है।

चारा घोटाला मामला: सुप्रीम कोर्ट से लालू यादव को बड़ी राहत, जमानत रद्द करने से इनकार
-  शीर्ष अदालत ने जमानत निरस्त करने की मांग वाली याचिका खारिज की

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव को दी गई जमानत को बरकरार रखते हुए जमानत निरस्त करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। इस फैसले के बाद लालू यादव को फिलहाल चारा घोटाला से जुड़े मामलों में मिली जमानत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
गौरतलब है कि बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में लालू यादव विभिन्न मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं और उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से उनकी जमानत यथावत बनी रहेगी।
दिल्ली-एनसीआर में फुहारों से मिली राहत, लेकिन अगले 7 दिन गर्मी और उमस से नहीं मिलेगी निजात

-  सुबह हुई हल्की बारिश से मौसम हुआ सुहावना, आईएमडी ने तापमान में बड़े बदलाव की संभावना से किया इनकार

नोएडा/नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर के लोगों को कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी के बीच मंगलवार सुबह हल्की बारिश ने कुछ राहत पहुंचाई। तड़के हुई फुहारों से मौसम का मिजाज बदला और तापमान में हल्की गिरावट महसूस की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार यह राहत ज्यादा दिनों तक रहने वाली नहीं है। विभाग का कहना है कि अगले सात दिनों तक दिल्ली-एनसीआर के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। ऐसे में दिन के समय गर्मी और उमस का असर बना रहेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक, बीच-बीच में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी, जिससे कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन इससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आने की उम्मीद नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण उमस लोगों को लगातार परेशान कर सकती है।
पर्यटन सखियों के कार्यों से प्रभावित हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026’ में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की निर्भया कोष सहायतित ‘महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना’ से जुड़ी पर्यटन सखियों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने पर्यटन सखियों द्वारा महिला सुरक्षा, पर्यटकों की सहायता, स्वरोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
संवाद के दौरान पर्यटन सखियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि ओंकारेश्वर में वे क्षेत्र की पहली ‘स्टोरी टेलर’ के रूप में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराती हैं। साथ ही दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर केयरगिवर के रूप में सेवाएं देती हैं तथा स्टैच्यू ऑफ वननेस और एकात्म धाम की प्रतिकृतियां तैयार कर स्मृति-चिह्न के रूप में उपलब्ध करा रही हैं।
कार्यक्रम में उज्जैन की युवतियों ने लाठी कला सहित विभिन्न आत्मरक्षा तकनीकों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रदेश में लगभग 40 हजार युवतियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे महिला पर्यटकों, श्रद्धालुओं और बुजुर्गों की सुरक्षा व सहायता के लिए सक्षम बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी पहलें महिलाओं के आत्मविश्वास और सुरक्षित पर्यटन वातावरण को मजबूत कर रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में दो करोड़ से अधिक युवा हैं और वर्ष 2027 को प्रदेश की युवा शक्ति को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के समग्र विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है।
गौरतलब है कि भारत सरकार के निर्भया कोष के सहयोग से मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा संचालित ‘महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना’ का उद्देश्य पर्यटन स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें पर्यटन आधारित रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है। यह मॉडल अब देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनकर उभर रहा है।
कोरोना ने फिर बढ़ाई दहशत, भारत के 3 राज्यों में 10 एक्टिव केस, अकेले आंध्र प्रदेश में 8 मामले

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दुनिया में कोरोना वायरस का खतरा एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है।वायरस के एक नए वैरिएंट बीए 3.2 ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस वैरिएंट में इतने अधिक आनुवंशिक बदलाव (म्यूटेशन) हैं कि यह पहले संक्रमण या वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा (इम्युनिटी) को आंशिक रूप से चकमा देने की क्षमता रखता है। हालांकि, अभी तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि यह अन्य वैरिएंट की तुलना में अधिक गंभीर है।

भारत में एक्टिव केसों की संख्या 10

हालांकि, इस बीच भारत में कोरोना वायरस ने फिर दस्तक दी है। फिलहाल देश के 3 राज्यों में ही कोरोना केस एक्टिव हैं और इनकी संख्या 10 है। आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में कोरोना वायरस से दो लोगों की मौत हो गई और 8 अन्य लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। आंध्र प्रदेश में हुई दो मौतों में से पहली मौत 28 जून को सीएमसी वेल्लोर में हुई थी। 60 वर्षीय मृतक (60) को डायबिटीज, किडनी की बीमारी और अन्य बीमारियां थीं। वहीं दूसरे मामले में, इलाज करा रहे 43 साल के एक मरीज की भी पॉजिटिव पाए जाने के बाद संक्रमण से मौत हो गई।

महाराष्ट्र और यूपी में एक-एक केस

आंध्र प्रदेश में 8 एक्टिव केस के अलावा एक केस महाराष्ट्र के मुंबई में मिला है, क्योंकि बॉलीवुड सिंगर कुमार सानू के बेटे जान कुमार सानू कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। वहीं उत्तर प्रदेश की बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के एक छात्र की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।

दुनियाभर में नए वैरिएंट बीए 3.2 से दहशत

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के केस देखे जा रहे हैं। हालांकि, कहा जा रहा है कि ये मामले नए वैरिएंट बीए 3.2 के नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बीए 3.2 में मौजूदा कोविड वैक्सीन की आधारशिला माने जाने वाले जेएन.1 वैरिएंट की तुलना में स्पाइक प्रोटीन में करीब 70 से 75 म्यूटेशन और डिलीशन पाए गए हैं। नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच डेनमार्क, जर्मनी और नीदरलैंड में सीक्वेंस किए गए करीब 30 फीसदी मामलों में यही वैरिएंट मिला।

दस कदम, दस का दम’, पीएम मोदी के 3 देशों के दौरे से भारत को क्या मिला? बीजेपी ने गिनाई उपलब्धियां

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलेंड की यात्रा पर गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया विदेश यात्राओं को लेकर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने रविवार को प्रेस वार्ता में विस्तार से जानकारी दी। पात्रा ने कहा कि इन यात्राओं से भारत को क्या हासिल हुआ, इसे आसान भाषा में समझाने के लिए उन्होंने 'दस कदम, दस का दम' के रूप में दस प्रमुख उपलब्धियां सामने रखीं।

बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने तीन देशों इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा की। इससे पहले उन्होंने सेशेल्स का भी दौरा किया था। इसी दौरान जापान के राष्ट्राध्यक्ष भी भारत आए थे। कुल मिलाकर इसका क्या नतीजा निकला? भारत को क्या हासिल हुआ? मैं आसान भाषा में दस अहम नतीजों के बारे में बताऊंगा 'दस कदम, दस का दम'।

पात्रा ने गिनाए ये 10 फायदेः-

1. हिंद महासागर-भारत-प्रशांत रणनीतिक गठबंधन।

2. रक्षा और समुद्री सहयोग।

3. महत्वपूर्ण खनिजों के संबंध में सहयोग।

4. ऊर्जा सुरक्षा।

5. आर्थिक और निवेश परिणाम।

6. प्रधान मंत्री को विशेष भाव और शिष्टाचार दिया गया।

7. सभ्यतागत एवं सांस्कृतिक साझेदारी।

8. डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और शैक्षिक भागीदारी।

9. खेल।

10.लोगों से लोगों के रिश्ते.

भारत की हिंद महासागर और इंडो पैसिफिक में बढ़त

संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का सबसे बड़ा परिणाम हिंद महासागर और इंडो पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करना रहा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में समान सोच वाले देशों के साथ भारत की साझेदारी पहले से अधिक मजबूत हुई है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को नई दिशा मिली है।

रक्षा और समुद्री सुरक्षा की नई मजबूती

पात्रा ने बताया कि इन दौरों के दौरान रक्षा और समुद्री सहयोग को नई मजबूती मिली। समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे भारत की समुद्री क्षमताओं और सुरक्षा हितों को बल मिलेगा।

क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर बनी अहम सहमति

पात्रा ने कहा कि भविष्य की तकनीक और उद्योगों के लिए जरूरी क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर भी महत्वपूर्ण सहमति बनी है। इससे भारत की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सकारात्मक प्रगति हुई है। इन समझौतों और सहयोग के माध्यम से भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को अधिक सुरक्षित और स्थिर बना सकेगा।

निवेश के क्षेत्र में उपलब्धि

बीजेपी नेता ने कहा कि आर्थिक सहयोग और निवेश बढ़ाने को लेकर भी महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं। विभिन्न देशों के साथ व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री को मिले विशेष सम्मान का जिक्र

उन्होंने कहा कि जिन देशों का प्रधानमंत्री ने दौरा किया, वहां उन्हें विशेष सम्मान और आत्मीयता के साथ स्वागत मिला। पात्रा के अनुसार, यह केवल प्रधानमंत्री का सम्मान नहीं बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्व मंच पर उसकी मजबूत होती साख का प्रतीक है।

सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम

पात्रा ने कहा कि भारत ने अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और साझा सभ्यतागत संबंधों को भी नई ऊर्जा देने का काम किया। विभिन्न देशों के साथ सांस्कृतिक सहयोग और पारंपरिक रिश्तों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।

डिजिटल और शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल

पात्रा ने बताया कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण साझेदारियां बनी हैं। इससे तकनीकी सहयोग, नवाचार और शैक्षणिक आदान प्रदान को बढ़ावा मिलेगा तथा दोनों पक्षों के छात्रों और संस्थानों को लाभ पहुंचेगा।

खेल के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति

संबित पात्रा ने कहा कि खेल के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। खेलों के माध्यम से दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने तथा खिलाड़ियों के लिए नए अवसर तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।

लोगों के बीच रिश्ते हे मजबूत

उन्होंने कहा कि इन विदेश यात्राओं का सबसे महत्वपूर्ण पहलू लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ाना है। पर्यटन, शिक्षा, व्यापार, सांस्कृतिक आदान प्रदान और सामाजिक संबंधों के माध्यम से भारत तथा साझेदार देशों के नागरिकों के बीच भरोसा और सहयोग पहले से अधिक मजबूत होगा। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं ने भारत की वैश्विक भागीदारी को नई गति देने का काम किया है।

6 दिन की यात्रा के बाद लौटे दिल्ली

बता दें कि पीएम मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की 6 दिन की यात्रा के बाद दिल्ली लौट आए हैं। तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर इस महीने की 6 से 8 तारीख तक इंडोनेशिया का दौरा किया है। इस दौरान, प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय चर्चा की और साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की।

चुनाव आयोग ने नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 में किया बदलाव, मांगी गई SIR से जुड़ी जानकारी

#electioncommissionannouncedchangesinform6

चुनाव आयोग ने नए वोटर्स के रजिस्ट्रेशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है। फॉर्म-6 में एक नया सेक्शन जोड़ा गया है, जिसके तहत उनके मां-बाप की जानकारी मांगी गई है। इस सेक्शन में यह जानकारी मांगी गई है कि वोटर के माता-पिता और कुछ मामलों में दादा-दादी या नाना-नानी का नाम पिछली स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मतदाता सूची में दर्ज था या नहीं।

फॉर्म में क्या हुए बदलाव?

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, फॉर्म 6 में एक 'डिक्लेरेशन' है, जिसमें आवेदक से SIR की जानकारी मांगी गई है। यहां 3 विकल्प हैं। पहला- मेरा नाम पिछले SIR इलेक्टोरल रोल में है। दूसरा- मेरे माता-पिता (दादा, दादी) का नाम पिछले SIR में है। तीसरा- न तो मेरा और न ही मेरे माता-पिता का नाम पिछले SIR में है। पहले 2 विकल्प चुनने पर आवेदक से विधानसभा क्षेत्र, बूथ नंबर और अपने या अपने माता-पिता के नाम का सीरियल नंबर देना होता है। अगर यह जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो केवल तीसरा विकल्प चुनने का रास्ता बचता है।

डाउनलोडेड फॉर्म में उपलब्ध नहीं है ये बदलाव

रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि यह नया कॉलम आधिकारिक तौर पर अनिवार्य नहीं बताया गया है, लेकिन जब तक इसे भरा नहीं जाता, ऑनलाइन आवेदन आगे नहीं बढ़ता। खास बात यह है कि यह बदलाव केवल ऑनलाइन फॉर्म में दिखाई दे रहा है, जबकि डाउनलोड के लिए उपलब्ध फॉर्म-6 में अभी तक ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया है।

फॉर्म में बदलाव की क्या है वजह?

चुनाव आयोग के द्वारा SIR प्रक्रिया के बीच में यह बदलाव इसलिए किया है, क्योंकि पिछले साल 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होने के बाद करीब 5.58 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे, लेकिन इन लोगों के बच्चों पर पड़ने वाले असर को लेकर सवाल उठाए गए। खासकर पश्चिम बंगाल में अप्रैल 2026 मे हुए विधानसभा चुनाव से पहले ही करीब 27 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम लिस्ट से हट गए और वे मतदान नहीं कर पाए, जबकि उनकी शिकायतें लंबित हैं।

एक साल से खाली है देश के वित्त सचिव का पद, सरकार ने अब तक नहीं की नियुक्ति
-  30 जून 2025 को अजय सेठ के सेवानिवृत्त होने के बाद से पद रिक्त; वरिष्ठता के आधार पर नियुक्ति की परंपरा पर भी उठ रहे सवाल


नई दिल्ली। देश के सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों में शामिल वित्त मंत्रालय में वित्त सचिव का पद पिछले एक वर्ष से रिक्त है। तत्कालीन वित्त सचिव अजय सेठ 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त हुए थे। उनके बाद से अब तक सरकार ने इस पद पर किसी अधिकारी की नियुक्ति नहीं की है।
वित्त मंत्रालय में राजस्व, व्यय, आर्थिक मामलों, वित्तीय सेवाओं, निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन (DIPAM) तथा सार्वजनिक उद्यम जैसे विभिन्न विभागों के लिए अलग-अलग सचिव नियुक्त होते हैं। हालांकि, इन सभी के बीच वित्त सचिव का पद सर्वोच्च प्रशासनिक समन्वय की जिम्मेदारी निभाता है और परंपरागत रूप से मंत्रालय के सबसे वरिष्ठ सचिव को यह दायित्व सौंपा जाता रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अजय सेठ के सेवानिवृत्त होने के बाद कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम चर्चा में आए, लेकिन सरकार ने अब तक किसी की नियुक्ति नहीं की। इस बीच, जिन अधिकारियों को वरिष्ठता के आधार पर संभावित दावेदार माना जा रहा था, उनमें से कुछ सेवानिवृत्त हो चुके हैं या सेवानिवृत्ति के करीब हैं।
जानकारों का मानना है कि केंद्र सरकार वित्त सचिव की नियुक्ति से जुड़ी वरिष्ठता आधारित परंपरा में बदलाव की दिशा में काम कर रही है। यही वजह मानी जा रही है कि पिछले एक वर्ष से यह पद खाली है। हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान या नियुक्ति की घोषणा अभी तक नहीं की गई है।
वित्त सचिव की नियुक्ति कब होगी और सरकार किस अधिकारी को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपेगी, इस पर प्रशासनिक और आर्थिक हलकों की नजर बनी हुई है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच 18 समझौतों पर बनी सहमति, पीएम मोदी बोले-एफटीए मील का पत्थर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे पर हैं। न्यूजीलैंड के ऐतिहासिक दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑकलैंड में अपने समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। पीएम मोदी ने भारत और न्यूजीलैंड को स्वाभाविक साझेदार बताया और दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच अहम समझौतौं पर आदान-प्रदान हुआ, जिसका मकसद अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना है।

रक्षा और व्यापार समेत 18 समझौतों पर हस्ताक्षर

पीएम मोदी और कीवी प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों ने अपने रिश्तों को औपचारिक रूप से सामरिक साझेदारी में बदलने का फैसला किया और इसके लिए ‘भारत-न्यूजीलैंड सामरिक साझेदारी: रोडमैप 2030’ को मंजूरी दी। इसके साथ ही रक्षा, व्यापार, खेल, पशुपालन, आपदा प्रबंधन, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग समेत कुल 18 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

भारत-न्यूजीलैंड के बीच इन समझौतों पर सहमति

1- भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं की बैठक में भारत-न्यूजीलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिए 2030 तक एक रोडमैप पर सहमति जताई। इसमें संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया। इससे भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी को दिशा देने के लिए एक व्यवस्थित रोडमैप मिलता है।

2- भारत के रक्षा मंत्रालय और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के बीच समुद्री सहयोग पर मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट पर सहमति बनी। इससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा।

3- भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाइड्रोग्राफी और नॉटिकल कार्टोग्राफी के मामलों में सहगोय के लिए कार्यान्वयन व्यवस्था पर सहमति बनी है।

4- भारतीय नेवी और न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के आपसी लॉजिस्टिक्स सहायता पर सहमति बनी है। यह दोनों बलों के बीच रसद सहायता को आसान बनाता है।

5- भारत और न्यूजीलैंड के बीच आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति बनी। इससे दोनों देश आतंकवाद रोधी बातचीत और खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान कर सकेंगे।

6- भारत के नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) और न्यूजीलैंड की नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (NEMA) के बीच सहयोग का समझौता। यह आपदा की तैयारी, उससे निपटने और उबरने की क्षमता में सहयोग को बढ़ावा देगा।

7- पशुपालन और डेयरी के क्षेत्र में भी समझौता हुआ है, जो तकनीकी सहयोग, जानकारी का आदान-प्रदान और बेहतरीन तौर-तरीकों को बढ़ावा देगा। इसका लक्ष्य किसानों को फायदा पहुंचाना और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है।

8- पर्यटन क्षेत्र में मेमोरेंडम ऑफ अरेंजमेंट के तहत दोनों तरफ से पर्यटन और लोगों के बीच आपसी मेलजोल को बढ़ावा दिया जाएगा।

9- भारत-न्यूजीलैंड ने खेल पर संयुक्त कार्य योजना पर सहमति जताई है, जिसमें खेलों को बढावा दिया जाएगा। इसमें हाई-परफॉर्मेंस खेल, खेल विज्ञान और खेल चिकिस्ता शामिल है।

10- गुजरात के लोथल में नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (NMHC) के विकास के लिए NMHC और न्यूजीलैंड मैरीटाइम म्यूजिमय के बीच समझौता ज्ञापन पर सहमति।

11- भारत के संस्कृति मंत्रालय और न्यूजीलैंड के संस्कृति और विरासत मंत्रालय के बीच सांस्कृतिक सहयोग पर समझौता हुआ है। इसके तहत कला, विरासत और सांस्कृतिक पहलों में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

12- 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 35000 करोड़ रुपये या 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही व्यवसायों के लिए नए अवसर, निर्यात को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए नई नौकरियां पैदा की जाएंगी।

13- दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा पर बातचीत शुरू करने पर सहमति बनी है। इसके तहत समुद्री क्षेत्र में सहयोग, समन्वय और जानकारी के आदान-प्रदान को मजबूत करना शामिल है।

14- न्यूजीलैंड ने इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव के तहत समुद्री सुरक्षा को एक प्राथमिकता वाले स्तंभ के रूप में चुना है। इसके तहत अवैध, बिना रिपोर्ट की गई और अनियमित मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से निपटने जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जा सकेगा।

15- न्यूजीलैंड ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस में शामिल हुआ। यह बायोफ्यूल पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेगा।

16- कीवी फ्रूट एक्शन प्लान की स्थापना। इसके तहत नागालैंड व उत्तराखंड में कीवी के उत्पादन के लिए 2 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगें।

17- नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च, गोवा और यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी, न्यूजीलैंड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। इससे अंटार्कटिक क्षेत्र की समझ विकसित करने में संयुक्त शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

18- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट, कुंडली और मैसी यूनिवर्सिटी, न्यूजीलैंड के बीच MoU पर हस्ताक्षर। इसके तहत शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान में सहयोग के लिए एक ढांचा तैयार किए जाएगा।