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रामपुर में आधा दर्जन शासकीय अधिवक्ता कार्यमुक्त, राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
-  न्याय विभाग के आदेश के बाद डीएम ने जारी किया आदेश, फैसले के पीछे कारणों को लेकर उठे सवाल

रामपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के न्याय विभाग के निर्देशों के क्रम में रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने आधा दर्जन शासकीय अधिवक्ताओं को उनके दायित्वों से कार्यमुक्त कर दिया है। इस संबंध में जारी आदेश के बाद जिले के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई न्याय विभाग के आदेश के अनुपालन में की गई है। हालांकि, संबंधित अधिवक्ताओं को कार्यमुक्त किए जाने के पीछे प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस फैसले को लेकर विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। रामपुर राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील जिला माना जाता है, जहां समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान, उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम खान तथा परिवार से जुड़े विभिन्न मामलों की सुनवाई चल रही है। ऐसे में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले हुई इस प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति और कार्यमुक्ति एक नियमित प्रशासनिक एवं विधिक प्रक्रिया का हिस्सा भी हो सकती है। जब तक सरकार या न्याय विभाग की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत कारण नहीं बताए जाते, तब तक इस कार्रवाई को किसी विशेष मामले या राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा।
फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कार्यमुक्त किए गए अधिवक्ताओं के स्थान पर किन नए अधिवक्ताओं की नियुक्ति की जाती है और न्याय विभाग इस संबंध में आगे क्या कदम उठाता है।