अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता टूटी, जानें कहां फंसा पेच
#usiranpeacetalksfailsinislamabad
जिसका डर था वहीं हुआ। ईरान-अमेरिका की शांति वार्ता पहले दौर में ही दम तोड़ गई। अमेरिका-ईरान के बीच इस्लामाबाद में 21 घंटों तक चली शांति वार्ता बेनतीजा रही। इस कूटनीतिक प्रयास के विफल होने के साथ ही पश्चिम एशिया में संकट गहराने की संभावना बढ़ गई है। शांति वार्ता असफल होने के बाद से अमेरिका-इजराइल के एक बार फिर से आक्रामक रुख अपनाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
![]()
ईरान ने अमेरिकी शर्तों को मानने से किया इनकार
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में चल रही बेनतीजा रही बातचीत को लेकर अमेरिका के मुख्य वार्ताकार उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार सुबह इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्योंकि ईरान ने हमारी शर्तें मानने से मना कर दिया है। साथ ही यह भी कहा कि कोई समझौता नहीं हो पाया है।
![]()
वेंस ने कहा- ईरान के लिए ज्यादा बुरी खबर
वेंस ने कहा कि हमने ईरानियों के साथ कई अहम बातचीत की है, जो अच्छी खबर है। बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका के नहीं बल्कि ईरान के लिए ज्यादा बुरी खबर है।
ईरान ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि हमने कई मुद्दों पर सहमति बनाई, लेकिन 2-3 महत्वपूर्ण मुद्दों पर मतभेद थे, और अंततः वार्ता किसी समझौते तक नहीं पहुंच सकी। वार्ता का यह दौर एक साल में सबसे लंबा था। कूटनीति कभी समाप्त नहीं होती। यह राष्ट्रीय हितों की रक्षा का एक साधन है। राजनयिकों को युद्ध और शांति दोनों समय में अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
पाकिस्तान ने की युद्धविराम जारी रखने की मांग
21 घंटों तक चली बातचीत के विफल होने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने दोनों देशों का बातचीत की मेज पर आने के लिए धन्यवाद किया। इसी के साथ उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौता जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं, युद्धविराम की समयसीमा बढ़े और दोनों पक्ष युद्धविराम का पालन करें।





2 hours and 44 min ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
8.2k