/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png StreetBuzz अमित शाह ने ममता सरकार के खिलाफ जारी किया “चार्जशीट”, बोले- टीएमसी के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन India
अमित शाह ने ममता सरकार के खिलाफ जारी किया “चार्जशीट”, बोले- टीएमसी के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन

#unionhomeministeramitshahpublisheschargesheetagainstbengaltmc_govt 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले बीजेपी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चार्जशीट जारी किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आरोपों का ब्योरा देने वाला भाजपा का एक दस्तावेज रिलीज किया। इसे 'चार्जशीट' नाम दिया गया है।

चार्जशीट टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन-शाह

पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी अब अपने चरम पर पहुंच चुकी है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता पहुंचे। जहां उन्होंने एक ‘चार्जशीट’ जारी की। इस दौरान अमित शाह ने कहा, "आज हम टीएमसी सरकार के 15 साल के शासन के खिलाफ चार्जशीट लेकर आए हैं। यह चार्जशीट बंगाल की जनता की ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ लगाई हुई है, जिसे भाजपा एक आवाज दे रही है। एक प्रकार से आने वाले चुनाव में बंगाल की जनता को तय करना है कि भय को चुनना है या भरोसे को चुनना है। यह चार्जशीट, टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के काले कारनामों का संकलन है।"

बंगाल घुसपैठियों के प्रवेश का केवल एक ही मुख्य रास्ता-शाह

इस दौरान चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने घुसपैठ के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि पूरे देश की सुरक्षा बंगाल के चुनावी नतीजों से अटूट रूप से जुड़ी हुई है। आज देश में घुसपैठियों के प्रवेश का केवल एक ही मुख्य रास्ता बचा है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता हो रहा है। अगर बंगाल को घुसपैठ से मुक्त करना है, तो यहां सत्ता परिवर्तन अनिवार्य है। 

ममता बनर्जी पर बंगाल की डेमोग्राफी से खिलवाड़ का आरोप

अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के लिए सीमावर्ती इलाकों में डेमोग्राफी के साथ खिलवाड़ होने दिया। टीएमसी के कुशासन में बंगाल भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बन चुका है। ऊपर से नीचे तक आपराधिक सिंडिकेट जनता को परेशान कर रहे हैं।

बीजेपी ने बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कसी कमर

बता दें कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अभी तक तीन सूची जारी की हैं। पहली सूची में 144 और दूसरी सूची में 111 कैंडिडेट का ऐलान किया था। बीजेपी ने तीसरी सूची 25 मार्च को जारी की थी। इसमें 19 कैंडिडेट के नाम शामिल थे। ऐसे में बीजेपी ने राज्य की 294 सीटों में 274 कैंडिडेट के नाम का ऐलान किया है। ऐसे में करीब 15 सीटों पर अभी कैंडिडेट का ऐलान बाकी है। बीजेपी के अप्रैल के पहले हफ्ते में बंगाल के लिए घोषणापत्र जारी करने की उम्मीद है। पार्टी की एक टीम इस पर काम कर रही है।

नोएडा का 25 साल का इंतजार खत्म, पीएम मोदी ने देश को समर्पित किया जेवर एयरपोर्ट

#jewarairportinaugurationpmnaredramodispeech

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के फेज-1 का उद्घाटन किया। इसके साथ ही नोएडा में 25 साल पहले देखा गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सपना साकार हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण किया। साथ ही कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण और विमानों की मरम्मत के लिए बनने वाले एमआरओ (रखरखाव और संचालन) सेंटर का शिलान्यास किया।

हर व्यक्ति इस एयरपोर्ट का उद्घाटन कर रहा-पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सवाल किया कि क्या उद्घाटन हो गया। उन्होंने कहा कि अभी आधा उद्घाटन हुआ है। आप सभी हाथ में मोबाइल की लाइट जलाकर एयरपोर्ट का उद्घाटन करें। पीएम मोदी के आह्वान पर तमाम लोगों ने मोबाइल की लाइट जलाई। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि अब उद्घाटन हुआ। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा, अब यहां उपस्थित हर व्यक्ति इस एयरपोर्ट का उद्घाटन कर रहा है। यह आपकी अमानत है, यह आपका पुरुषार्थ है। इसलिए इसका उद्घाटन आपके हाथों से हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा, 'ये एयरपोर्ट जनता की अमानत है। इसलिए एयरपोर्ट का उद्घाटन आप लोग करेंगे। मौजूद जनता एयरपोर्ट का उद्घाटन करे।

आज मेरे लिए गर्व और प्रसन्नता के दो कारण- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि इस एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ यूपी पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला प्रदेश बन गया है। देश का सबसे बड़ा प्रदेश आज सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाले राज्यों में से एक बन गया है। आज मेरे लिए गर्व और प्रसन्नता के दो कारण हैं। पहला: इस एयरपोर्ट का शिलान्यास करने का सौभाग्य भी मुझे मिला था और इसका उद्घाटन करने का सौभाग्य भी मुझे मिला है। दूसरा: जिस उत्तर प्रदेश ने मुझे प्रतिनिधि बनाया, सांसद बनाया, उस उत्तर प्रदेश की पहचान के साथ इस भव्य एयरपोर्ट का नाम भी जुड़ गया है।

यह विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का प्रतीक बनेगा- पीएम मोदी

पीएम ने कहा, यह एयरपोर्ट आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा, बुलंदशहर, फरीदाबाद इस पूरे क्षेत्र को बहुत बड़ा लाभ होने वाला है। हिंदुस्तान और यूपी का तो होना ही होना है, यह एयरपोर्ट पश्चिम यूपी के किसानों, छोटे और लघु उद्योगों और भारत के नौवजानों के लिए अनेक अवसर देने वाला है। यहां से दुनिया के लिए विमान तो उड़ेंगे ही, साथ ही यह विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का प्रतीक बनेगा।

कांग्रेस और सपा पर जमकर बोला हमला

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान समाजवादी पार्टी पर करारा हमला किया। उन्होंने कहा कि सपा ने नोएडा को अपना लूट का एटीएम बना लिया था। वहीं कांग्रेस ने 2004 से 2014 तक एयरपोर्ट जनता के बीच नहीं पहुंचने दिया। जैसे ही भाजपा एनडीए की सरकार बनी तो यूपी एयरपोर्ट की नींव भी पड़ी और अब शुरू भी हो गया है।

नेपाल में बालेन शाह के शपथ लेते ही पूर्व पीएम केपी ओली गिरफ्तार, प्रधानमंत्री बनते ही एक्शन

#kpsharmaoliarrestnepalprotests2025genzpoliticalcrisis

नेपाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पिछले साल हुए घातक जेन-जी विरोध प्रदर्शनों में कथित भूमिका के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई नए प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह के पद की शपथ लेने के 24 घंटे की गई है।

ओली के साथ पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक भी गिरफ्तार

ओली को शनिवार सुबह भक्तपुर के गुंडू स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। ओली के साथ उनके पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को भी हिरासत में लिया गया है। वहीं, लेखक को सुबह करीब 5 बजे भक्तपुर के सूर्यविनायक स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। काठमांडू वैली पुलिस के अनुसार, दोनों को सुबह गिरफ्तार किया गया और अब आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

ओली को हो सकती है 10 साल तक की सजा

ये गिरफ्तारियां पिछले साल जेन-जी विरोध प्रदर्शन मामले में गृह मंत्रालय की दर्ज कराई एक औपचारिक शिकायत के बाद हुई हैं। शिकायत के चलते जांच शुरू हुई और गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। उन पर ऐसी धाराओं के तहत आरोप लगाए जाने की संभावना है, जिनमें अधिकतम 10 साल तक सजा हो सकती है।

सरकार ने कहा- कार्रवाई बदले की भावना से नहीं

ओली और लेखक की गिरफ्तारी बालेन शाह के नेपाल का प्रधानमंत्री बनने के 24 घंटे के भीतर हुई हैं। शुक्रवार को ही बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। एक दिन बाद ही यह एक्शन हो गया है। सरकार ने साफ किया है कि यह कार्रवाई किसी बदले की भावना से नहीं, बल्कि कानून के तहत की जा रही है। दरअसल, बालेन शाह के सत्ता में आने से पहले ही उनके खिलाफ एक्शन की सिफारिश की गई थी।

क्या था जेन-जी विरोध प्रदर्शन?

पिछले साल सितंबर में नेपाल में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शन हुए थे, जिन्हें जेन-जी विरोध प्रदर्शन कहा गया। ये प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गए और दो दिनों के भीतर 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इस हिंसा के बाद ओली सरकार पर गंभीर सवाल उठे और आखिरकार उनकी सरकार गिर गई। इन घटनाओं ने देश की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया।

पीएम मोदी आज करेंगे नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन, जानें कब से शुरू होंगे फ्लाइट ऑपरेशन

#noidaairportinauguration

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में शामिल है। उद्घाटन के बावजूद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइट ऑपरेशन अभी शुरू नहीं होंगे। फ्लाइट ऑपरेशन शुरू होने में अभी कुछ समय लगेगा।उद्घाटन के बाद 2 महीने के भीतर उड़ान परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।

कार्गो टर्मिनल का भी लोकार्पण

करीब 25 वर्षों के बाद आसमान से जुड़ने का नोएडा का सपना आज पूरा पूरा हो जाएगा। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण और विमानों की मरम्मत के लिए बनने वाले एमआरओ (रखरखाव, मरम्मत और संचालन) सेंटर का शिलान्यास भी करेंगे। एयरपोर्ट पर घरेलू व्यावसायिक उड़ानें और कार्गो सुविधा अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक शुरू होने की संभावना है।

उद्घाटन से पहले पीएम करेंगे टर्मिनल भवन का निरीक्षण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह लगभग 11:30 बजे नोएडा एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे। जिसके बाद दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री हवाई अड्डे का लोकार्पण करेंगे। समारोह में प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सिविल एविएशन मंत्रालय के मंत्री राम मोहन नायडू शामिल होंगे। इसके कुछ देर बाद प्रधानमंत्री जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा एयरपोर्ट परिसर में टर्मिनल से कुछ दूरी पर होगी।

एयरपोर्ट में हाईटेक सुरक्षा इंतजाम

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में हाईटेक सुरक्षा इंतजाम किए गए है। यहां आधुनिक एंटी हाईजैकिंग सिस्टम लगाया गया है। देश का यह पहला एयरपोर्ट है, जहां विमान के बहुत नजदीक बोर्डिंग गेट लगाए गए है। एयरपोर्ट में दुबई की कंपनी ने फायर ब्रिगेड का इंफ्रा बनाया है। इसमें ऐसे वाहन है जो दो मिनट में चार किमी का सफर तय करके रनवे तक पहुंच जाएंगे।

आग लगने पर सिस्टम खुद हो जाते हैं एक्टिव

एयरपोर्ट प्रबंधन ने अपना फायर ब्रिगेड डिवेलप किया है। इसका इंफ्रा दुबई की नैफको कंपनी ने तैयार किया हैं। दुबई से आई आधुनिक दमकल गाड़िया दो मिनट में 10,000 लीटर पानी का छिड़काव कर सकती हैं। वे दो मिनट के भीतर एयर साइट तक पहुंच सकती हैं। आग लगने की दशा में ये सिस्टम अपने आप एक्टिव हो जाते है। इसमें फायर पंप, पाइप नेटवर्क, हाई-प्रेशर पंप, पानी/फोम सप्लाई नेटवर्क आदि शामिल है।

देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट

पूरी तरह बनने के बाद नोएडा एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा और दिल्ली एनसीआर का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। इसके संचालन से दिल्ली समेत हिंडन एयरपोर्ट का दबाव भी कम होगा। साथ ही कार्गो हब से नोएडा, ग्रेनो, दिल्ली, बुलंदशहर, आगरा, टप्पल समेत अन्य शहरों व जिलों के उद्यमी दूसरे देशों में अपना सामान निर्यात कर सकेंगे।

35 साल के बालेन शाह बने नेपाल के प्रधानमंत्री, सबसे युवा पीएम के तौर पर ली शपथ

#nepalnewprimeministerbalenshahtake_oath 

नेपाल में GenZ आंदोलन के बाद सत्तापलट हुआ। पिछले साल जेन-Z ने सत्ता परिवर्तन की जो कसम खाई थी वो आज पूरी हो गई है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेन शाह ने देश के नए प्रधानमंत्री पद के लिए शपथ ले ली है। 35 साल के बालेंद्र शाह उर्फ बालेन नेपाल ने 47वें प्रधानमंत्री बन गए हैं।

बालेन शाह ने ली नेपाल के पीएम पद की शपथ

नेपाल में पिछले साल हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार को प्रदर्शनकारियों ने उखाड़ फेंका था। इसके बाद इस साल देश में आम चुनाव करवाए गये। जिसमें बालेन शाह की पार्टी ने एकतरफा जीत हासिल की। बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 5 मार्च को हुए चुनाव में 275 में से 182 सीटें जीतकर इतिहास रचा था। जिसके बाद आज राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संविधान के नियमों के तहत बालेन को नेपाल के नए प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। 

हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शपथ ग्रहण

शपथ समारोह राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में हुआ। बालेन के साथ उनके मंत्रिमंडल का भी शपथ ग्रहण हुआ। ये शपथ ग्रहण काफी खास रहा। पद और गोपनीयता की यह शपथ हिंदू रीति-रिवाजों और बौद्ध परंपराओं के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर सात शंखनादकों ने शंख ध्वनि के साथ मांगलिक शुरुआत की। परंपरा के अनुसार, शुभ कार्यों के आरंभ में शंखनाद को सफलता और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस मौके पर सात ब्राह्मणों ने शंखनाद, 108 युवा ब्राह्मणों द्वारा स्वस्ति वाचन और 107 लामाओं द्वारा बौद्ध मंत्रों का पाठ किया गया।

बालेन शाह के वादों पर जनता ने दिखाया भरोसा

बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना नेपाल की राजनीति में आए प्रमुख बदलाव का वादा करती है। लोकतंत्र लागू होने के बाद से नेपाल में जितने भी चुनाव हुए उनमें किसी भी चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल नहीं हो पाया। लेकिन बालेन शाह के वादों पर जनता ने भरोसा दिखाया है। उन्होंने बदलाव का जो सपना दिखाया उसपर लोगों ने भरोसा किया है। नेपाल के मतदाता वर्षों से चले आ रहे भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और रसूखदारों के राज से नाराज थे।

बालेन शाह कौन हैं?

बालेन राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता हैं। बालेन शाह की राजनीति में एंट्री भी काफी दिलचस्प रही है। उन्होंने 2022 में पहली बार चुनाव लड़ा और काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बने। उस वक्त वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते थे, जिसने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में जन्मे बालेन शाह का बैकग्राउंड इंजीनियरिंग का है। उन्होंने भारत की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की है। इससे पहले उन्होंने काठमांडू से अपनी बैचलर डिग्री पूरी की थी। बालेन शाह मशहूर नेपाली रैपर हैं। राजनीति में आने से पहले वे अपने गानों के जरिए भ्रष्टाचार और सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाया करते थे।

क्या कोरोना की तरह देश में लगेगा लॉकडाउन? मोदी सरकार ने दूर की आशंकाएं, कहा- पैनिक होने की जरूरत नहीं

#lockdown_in_india_due_to_iran_us_war_energy_crisis_union_minister_hardeep_puri_reaction

पश्चिम एशिया में संकट के चलते दुनियाभर में तेल को लेकर हाहाकार मच गया है। भारत में भी इसका असर देखा जा रहा है। ईरान जंग के बीच भारत में लॉकडाउन की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से ऐसी खबरें फैल रही हैं। जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या देश में कोविड जैसी स्थिति फिर से आ गई है? क्या देश में लॉकडाउन लगने वाला है?

लॉकडाउन की अफवाहों को खारिज किया

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने इस तरफ की अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को साफ किया कि देशव्यापी लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह से झूठी हैं। सरकार के सामने फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति नियंत्रण में है। देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कमी नहीं है। वहीं, खुदरा दुकानों के पास पर्याप्त स्टॉक है। वे बिना किसी रुकावट के ईंधन वितरित कर रहे हैं।

तेल की कीमतों को लेकर हरदीप पुरी का पोस्ट

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने तेल की कीमतें बढ़ने को लेकर एक्स पर पोस्ट कर जानकारी देते हुए बताया कि पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं। इस कारण दुनियाभर में उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में कीमतों में लगभग 30%-50% की वृद्धि हुई है, उत्तरी अमेरिकी देशों में 30%, यूरोप में 20% और अफ्रीकी देशों में 50% की वृद्धि हुई है।

अपने वित्त पर बोझ उठाने का फैसला किया-पुरी

हरदीप पुरी ने बताया कि मोदी सरकार के पास दो विकल्प थे या तो अन्य सभी देशों की तरह भारत के नागरिकों के लिए कीमतों में भारी वृद्धि करें या फिर अपने वित्त पर बोझ उठाएं ताकि भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से सुरक्षित रहें। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से पिछले 4 वर्षों से अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को निभाते हुए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक बार फिर वित्तीय स्थिति को लेकर बोझ उठाने का फैसला किया है।

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटी, तेल कंपनियों को बड़ी राहत

#petroldieselcrisisgovtcutexciseduty

मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण भारत में डीजल और पेट्रोल की दिक्कत शुरू हो गई है। साथ ही कच्चे तेल की कीमत भी प्रति बैरल 100 डॉलर से ज्यादा है। इस बीच सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी कम की है।

पेट्रोल-डीजल के दामों को स्थिर रखने का फैसला

केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटा दी है। यह पेट्रोल पर पहले 13 रुपए थी जो अब 3 रुपए हो गई है, वहीं डीजल पर 10 रुपए थी जो अब जीरो हो गई है। दरअसल, इजराइल-ईरान जंग से पहले यह कच्चे तेल की कीमत करीब 73 डॉलर प्रति बैरल थी जो अब 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर हो गई है। इससे तेल कंपनियों घाटा हो रहा था। वे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा सकती थीं। इससे आम आदमी पर बोझ बढ़ता। ऐसे में सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर पेट्रोल-डीजल के दामों को स्थिर रखा है।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नीचे आना शुरू हुई हैं। पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष की वजह से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे तेल की कीमतें बढ़ गई थीं। हालांकि, शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में कीमतों में थोड़ी गिरावट देखी गई। इसकी वजह यह है कि अमेरिका ने ईरान के एनर्जी प्लांट्स पर हमले 10 दिनों के लिए रोकने का ऐलान किया है। रॉयटर्स के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.8% गिरकर 107.11 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.88% गिरकर 93.65 डॉलर प्रति बैरल हो गया। इससे एक दिन पहले दोनों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई थी।

क्या पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो जाएंगे?

सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के बाद अब बड़ा सवाल है कि क्या पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो जाएंगे? इसका जवाब ना होगा। दरअसल, भले ही सरकार ने टैक्स कम किया है, लेकिन पेट्रोल-डीजल के रिटेल रेट सीधे सरकार तय नहीं करती। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियां कच्चे तेल की कीमत और अपने मुनाफे के आधार पर रेट तय करती हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनियां इस छूट का इस्तेमाल अपने पिछले घाटे की भरपाई के लिए करेगी।

पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों संग बैठक आज, पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा में शामिल नहीं होंगे 5 राज्यों के सीएम

#westasiacrisispmmoditotalktochiefministerstoday

पश्चिम एशिया में जंग जारी है। ईरान-अमेरिका और इजराइल के बीच जारी युद्द का पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर असर हो रहा है। भारत में भी पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर दिख रहा है। ऐसे में पश्चिम एशिया के हालातों से कैसे निपटा जाए, इसके लिए मोदी सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। मिडिल ईस्ट के हालात पर सरकार ने कल यानी गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। अब आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हाई लेवल मीटिंग करेंगे।

पश्चिम एशिया संघर्ष पर मंथन

आज शाम 6.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी मुख्यमंत्रियो के साथ बातचीत करेंगे। बैठक में प्रधानमंत्री पश्चिम एशिया संघर्ष पर मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करेंगे, ताकि राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की जा सके। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के साथ प्रयासों में तालमेल सुनिश्चित करना होगा।

पांच राज्यों के मुख्यमंत्री बैठक में नहीं होंगे शामिल

इस मीटिंग के लिए पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शामिल नहीं किया गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पीएम मोदी की बैठक में शामिल नहीं होंगे। दरअसल, जिन राज्यों में चुनाव होने हैं, वहां के मुख्यमंत्री बैठक में शामिल नहीं होंगे। आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते इस बातचीत में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री शामिल नहीं होंगे। हालांकि, कैबिनेट सचिवालय इन राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ अलग से मीटिंग करेगा।

मिडिल ईस्ट पर पीएम मोदी लगातार सक्रिय

मिडिल ईस्ट के संकट को देखते हुए पीएम मोदी लगातार सक्रिय हैं और पश्चिम एशिया के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। इस मुद्दे पर उन्होंने संसद के दोनों सदनों को भी संबोधित किया। पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा था कि पिछले तीन सप्ताह से अधिक समय से पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के हालात ने भारत के सामने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं जो आर्थिक सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय सुरक्षा से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा, यह आवश्यक है कि भारत की संसद से इस संकट को लेकर एकमत और एकजुट आवाज में संदेश दुनिया में जाए।

पहले मीडिल ईस्ट पर सरकार का समर्थन किया, अब किस बात है शशि थरूर हैं असंतुष्ट?

#americairanproposedtalksinpakistanshashitharoorcriticise_government

पाकिस्तान ने औपचारिक तौर पर ईरान और अमेरिका को युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत की मेज़बानी की पेशकश कर दी है। कहा जा रहा है कि दोनों देशों के बीच यह बातचीत इस्लामाबाद में हो सकती है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए 'सार्थक और निर्णायक वार्ता' की मेजबानी को लेकर उनका देश तैयार है। यह घोषणा मीडिया की उन खबरों के बाद आई है जिनमें कहा गया है कि पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये परोक्ष रूप से प्रयास कर रहे हैं। अब ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत कराने में पाकिस्तान की भूमिका पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

शांति प्रयासों में पाकिस्तान की भूमिका पर निराश

पश्चिम एशिया संकट पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की रणनीति का अबतक खुलकर समर्थन करने वाले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका पर निराशा जताई है। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि भारत को इस मौके पर शांति प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि उन्होंने अब तक केंद्र सरकार की संयमित प्रतिक्रिया का समर्थन किया था, इस उम्मीद में कि भारत इस अवसर का उपयोग शांति स्थापना के लिए करेगा।

थरूर बोले-हमें हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठना चाहिए

शांति के वैश्विक प्रयासों पर थरूर ने भारत सरकार के रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हम शांति के पक्ष में तो हैं, लेकिन वर्तमान में शांति बहाली के लिए हमारी सक्रिय भागीदारी नहीं दिख रही है। एक राष्ट्र के तौर पर हम इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों में से एक हैं, इसलिए हमें हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठना चाहिए।

थरूर बोले-हमें पहल करनी चाहिए थी

थरूर के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर भारत को शांति की आवाज के रूप में पेश करते रहे हैं, ऐसे में यह मौका भारत के लिए महत्वपूर्ण था। कांग्रेस सांसद ने कहा कि वह पिछले तीन हफ्तों से भारत से अपील कर रहे थे कि वह अपने मजबूत कूटनीतिक संबंधों का इस्तेमाल कर दोनों पक्षों को बातचीत के लिए प्रेरित करे। उन्‍होंने कहा कि अगर पाकिस्तान में शांति वार्ता होती है तो भारत का उससे कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन हमें पहल करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भले ही पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की इस दिशा में आगे बढ़े हैं, लेकिन भारत को इसका कोई श्रेय नहीं मिल रहा।

वित्त वर्ष 27 तक मजबूती की राह पर चलेगा देश का EV सेक्टर: आयुष लोहिया
नई दिल्ली। भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर अब शुरुआती तेज़ वृद्धि के दौर से निकलकर स्थिर और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में वही कंपनियां टिकेंगी, जिनके पास मजबूत वित्तीय आधार, उन्नत तकनीक और भरोसेमंद सप्लाई चेन होगी। यह बात ज़ुपेरिया ऑटो के सीईओ आयुष लोहिया ने कही।
उद्योग के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में देश में लगभग 11–12 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया और 6 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहन बिके। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में उभर रहा है, जहां ई-रिक्शा और ई-ऑटो की संख्या लगातार बढ़ रही है।

* बाजार में बढ़ेगा एकीकरण
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार पर लोहिया ने कहा कि मौजूदा असमानता भविष्य में बाजार के एकीकरण को तेज़ करेगी।
उन्होंने कहा, “जिन कंपनियों के पास मजबूत पूंजी और सप्लाई चेन है, वे ही टिक पाएंगी, जबकि कई छोटे स्टार्टअप्स आर्थिक दबाव के कारण अगले 18–24 महीनों में विलय या बाजार से बाहर हो सकते हैं।”

* सप्लाई और लागत बनी चुनौती
लोहिया के अनुसार, बैटरी, मोटर और अन्य जरूरी पुर्जों की सप्लाई में बाधाएं अभी भी उद्योग के सामने बड़ी चुनौती हैं।
उन्होंने कहा, “बढ़ती इनपुट लागत और सप्लाई की दिक्कतों के कारण नई कंपनियों को मुनाफा कमाने में समय लगेगा, लेकिन यही दौर उद्योग को मजबूत बनाएगा।”

* FY27 तक बदलेगी तस्वीर
वित्त वर्ष 2027 तक EV सेक्टर के और मजबूत होने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा कि शहरीकरण, ई-कॉमर्स और छोटे व्यवसायों के विस्तार से इलेक्ट्रिक कार्गो और तीनपहिया वाहनों की मांग तेजी से बढ़ेगी।
“कम लागत और बेहतर आय की वजह से थ्री-व्हीलर इस बदलाव की रीढ़ बने रहेंगे,” उन्होंने जोड़ा।

* टू-व्हीलर सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में भी वृद्धि जारी रहेगी, लेकिन प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी होगी।
“इस क्षेत्र में वही कंपनियां सफल होंगी, जो गुणवत्ता, सर्विस नेटवर्क और ग्राहकों के भरोसे पर ध्यान देंगी।”

* यूपी बन रहा EV हब
उत्तर प्रदेश को लेकर लोहिया ने कहा कि राज्य तेजी से ई-रिक्शा और लॉजिस्टिक्स EV का बड़ा केंद्र बन रहा है। सरकारी नीतियां, बढ़ती ईंधन कीमतें और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इस बदलाव को गति दे रहे हैं।

* अनुभव से मिली सीख
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “2008 से इस उद्योग को देखने के बाद मेरा मानना है कि भविष्य उन्हीं कंपनियों का है, जो लंबी सोच और स्थिर रणनीति के साथ आगे बढ़ती हैं।”
उन्होंने बताया कि ज़ुपेरिया ऑटो का उद्देश्य किफायती, भरोसेमंद और पर्यावरण के अनुकूल वाहन उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती जागरूकता, सरकारी सहयोग और तकनीकी प्रगति के चलते आने वाले वर्षों में EV सेक्टर देश की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा।