बारा तहसील में अधिवक्ताओं का हंगामा, एसडीएम- तहसीलदार पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने का आरोप
अनिश्चितकालीन धरना शुरू, न्यायिक बहिष्कार की चेतावनी — भ्रष्टाचार, अवैध कब्जे और लंबित मुकदमों पर फूटा गुस्सा
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विश्वनाथ प्रताप सिंह
प्रयागराज । यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील परिसर में बुधवार को उस समय पूरी तरह गरमा गया जब बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने एसडीएम और तहसील प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करते हुए तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। पूरे परिसर में “एसडीएम गो बैक”, “भ्रष्टाचार बंद करो” और “भूमाफिया पर कार्रवाई करो” के नारे गूंजते रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि तहसील में न्यायिक व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि मुकदमों के निस्तारण में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे वादकारी महीनों नहीं बल्कि वर्षों तक चक्कर काटने को मजबूर हैं।
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में तालाब, खलिहान और ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जों का खेल तेजी से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। अधिवक्ताओं का कहना था कि भूमाफिया खुलेआम प्लाटिंग कर रहे हैं और बिना प्रशासनिक संरक्षण के यह संभव नहीं है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम और तहसीलदार की अदालतों में सैकड़ों मुकदमे लंबित पड़े हैं, जबकि कुछ मामलों को विशेष प्राथमिकता देकर निपटाया जाता है। इस भेदभावपूर्ण रवैये से वादकारियों में भारी असंतोष है और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी दौरान तहसील पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डा. वाचस्पति के सामने भी अधिवक्ताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं ने विधायक को बताया कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद तहसील में शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और भ्रष्टाचार चरम पर है।
विधायक डा. वाचस्पति ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह पूरे प्रकरण को उच्च स्तर तक पहुंचाएंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु लगभग 50 लाख रुपये की योजना स्वीकृत कराई जा चुकी है, जिसे जल्द शुरू कराया जाएगा। हालांकि आश्वासन के बाद भी अधिवक्ता अपने रुख पर कायम रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी ने साफ चेतावनी दी कि जब तक एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई तथा स्थानांतरण नहीं होता, तब तक न्यायिक कार्यों का बहिष्कार और धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन में अभिलाष त्रिपाठी, अजय तिवारी, चंदन साहू, संजीव सिंह, दल बहादुर सिंह, बृजेश द्विवेदी, बृजेंद्र सिंह, अमरीश शर्मा, जय शुक्ला, प्रदीप द्विवेदी, पुष्पराज सिंह, अभिषेक पांडे, ऋषभ मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।




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