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भारत-पाक तनाव पर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- मैं दखल न देता तो खतरे में थी शहबाज शरीफ की जान

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आए दिन भारत-पाकिस्तान संघर्ष रूकवाने का दावा करते रहे हैं। ट्रंप ने एक बार फिर दोनों देशों को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। कांग्रेस के जॉइंट सेशन में भारत और पाकिस्तान संघर्ष पर ट्रंप ने फिर कहा कि भारत और पाकिस्तान का युद्ध उन्होंने रुकवाया है। यह न्यूक्लियर वॉर हो सकती थी, करीब साढ़े तीन करोड़ लोग मारे जाते। अगर मैं इसमें शामिल नहीं होता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मारे जाते।

10 महीनों में आठ युद्ध रोकने का दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संसद में संबोधन देते हुए फिर भारत और पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र किया। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अपने कार्यकाल के पहले 10 महीनों में उन्होंने आठ युद्ध समाप्त किए।

‘35 मिलियन लोग मारे गए होते’

ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालात इतने गंभीर हो गए थे कि स्थिति परमाणु संघर्ष तक पहुंच सकती थी। उन्होंने देश की संसद में दावा किया कि शहबाज़ शरीफ ने उनसे कहा था कि अगर वह दखल नहीं देते तो पिछले साल के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में 35 मिलियन लोग मारे गए होते।

बार-बार भारत-पाक जंग रूकवाने का दावा

ये पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारत-पाक संघर्ष को लेकर इस तरह का दावा किया है। हां, शहबाज शरीफ को लेकर ये दावा बिल्कुल नया है। हाल के महीनों में डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार कहा है कि उन्होंने ही भारत-पाकिस्तान टकराव को रोका है। उन्होंने लगातार कहा है कि उनके एडमिनिस्ट्रेशन ने दोनों देशों को तनाव बढ़ाने से रोकने के लिए ट्रेड एग्रीमेंट और टैरिफ़ उपायों का इस्तेमाल किया।

भारत ने हमेशा ट्रंप के दावों को नकारा

हालांकि, भारत ने हमेशा से डोनाल्ड ट्रंप के दावों को नकारा है। जबकि पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप को भारत-पाकिस्तान युद्ध रूकवाने के लिए क्रेडिट दिया है। पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया है। शहबाज शरीफ ने पिछले दिनों बोर्ड ऑफ गाजा पीस के दौरान भी ट्रंप की तारिफ की थी और कहा था कि ट्रंप की वजह से 35 मिलियन लोगों की जान बच गई।

पीएम मोदी आज से इजराइल दौरे पर, नए रणनीतिक गठजोड़ की ओर बढ़ रहे दोनों देश, नेतन्याहू ने बनाया 'हेक्सागॉन'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से दो दिवसीय इजरायल दौरे पर रहेंगे। पीएम मोदी इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर राजकीय दौरे पर आज इजरायल पहुंचेंगे। वे इजरायली समय के अनुसार दोपहर 12.45 बजे बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरेंगे, जहां बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा स्वागत करेंगे। पीएम मोदी दो दिनों की यात्रा के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से मुलाकात के साथ ही इजरायल की संसद नेसेट को भी संबोधित करेंगे। यह एक खास सम्मान है, जो दुनिया के कुछ ही नेताओं को हासिल होता है।

इन मुद्दों पर होगी चर्चा

पीएम मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू भारत-इजरायल के बीच हुई रणनीतिक साझेदारी में हुई अहम तरक्की की समीक्षा करेंगे। दोनों नेता विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, व्यापार और अर्थव्यवस्था समेत पीपुल-टू-पीपुल सहयोग के अवसरों पर चर्चा करेंगे। दोनों नेताओं के बीच पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होने की उम्मीद है।

भारत-इजरायल डिफेंस और सिक्योरिटी सहयोग बढ़ेगा

प्रधानमंत्री की यह यात्रा दोनों देशों के बीच गहरी और लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि करेगी। दोनों नेताओं की बातचीत में डिफेंस और सिक्योरिटी सहयोग को बढ़ाना बड़ा मुद्दा होगा। विदेश मंत्रालय ने कहा, "दोनों नेता भारत-इज़राइल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप में हुई अहम तरक्की का रिव्यू करेंगे, और साइंस और टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, डिफेंस और सिक्योरिटी, एग्रीकल्चर, वॉटर मैनेजमेंट, ट्रेड और इकॉनमी, और लोगों के बीच लेन-देन समेत सहयोग के अलग-अलग एरिया में आगे के मौकों पर चर्चा करेंगे। नेताओं के आपसी फायदे के रीजनल और ग्लोबल मुद्दों पर भी अपने विचार शेयर करने की उम्मीद है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे की शुरुआत के साथ ही पश्चिम एशिया की कूटनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस दौरे को ‘कट्टरपंथी ताकतों’ के खिलाफ एक नए रणनीतिक गठजोड़ की दिशा में बड़ा कदम बताया है। नेतन्याहू के मुताबिक, भारत-इजरायल रिश्ते अब केवल द्विपक्षीय सहयोग तक सीमित नहीं रहे, बल्कि एक व्यापक क्षेत्रीय संरचना की ओर बढ़ रहे हैं। नेतन्याहू ने भारत को ‘वैश्विक शक्ति’ करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके ‘खास दोस्त’ हैं और दोनों देशों के रिश्ते पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह साझेदारी मध्य पूर्व और उसके आसपास एक ऐसे गठबंधन का रूप ले सकती है, जो साझा चुनौतियों के खिलाफ सामूहिक जवाब देने में सक्षम होगा।

नेतन्याहू का “हेक्सागन अलायंस प्लान”

पीएम मोदी की यात्रा से पहले इजरायली प्रधानमंत्री ने मिडिल ईस्ट और उसके आस-पास गठबंधनों का एक हेक्सागन बनाने का प्लान बताया है। इसमें भारत को भी शामिल करने की बात कही है। साप्ताहिक बैठक में बोलते हुए नेतन्याहू ने भारत को एक ग्लोबल पावर बताया और कहा 'हम एक पूरा सिस्टम बनाएंगे- मिडिल ईस्ट के आस-पास या उसके अंदर गठबंधन का एक हेक्सागन।' नेतन्याहू ने कहा कि इसमें 'भारत, अरब देश, अफ्रीकी देश, मेडिटेरेनियन देश (ग्रीस और साइप्रस) और एशिया के देश शामिल होंगे, जिनके बारे में मैं अभी डिटेल में नहीं बताऊंगा।'

मुझे अपने बब्बर शेर पर गर्व', शर्टलेस प्रदर्शन के बाद यूथ कांग्रेस चीफ उदय भानु की गिरफ्तारी पर बोले राहुल*

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इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारत मंडपम में प्रोटेस्ट के मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस के नेशनल प्रेसिडेंट उदय भानु चिब को गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को चिब की 4 दिन की रिमांड को भी मंजूरी दे दी है। उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस लीडर और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनके समर्थन में पोस्ट शेयर किया है और केंद्र सरकार की आलोचना की है।

कांग्रेस नेतृत्व कर रहा बचाव

एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस द्वारा किए गए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन को बीजेपी ने इसे वैश्विक मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने का एक शर्मनाक कृत्य बताया, जबकि यूथ कांग्रेस के इस प्रदर्शन का कांग्रेस लगातार बचाव कर रही है। राहुल गांधी समेत अन्य कांग्रेसी नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया है।

अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व-राहुल गांधी

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। यह हमारे खून में है और हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार है। राहुल ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने COMPROMISED PM के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज उठाई है।

खरगे ने सरकार पर बोला हमला

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी अपने एक्स पोस्ट में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हुई कार्रवाई पर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि युवा आज नौकरी के लिए तड़प रहे हैं। देश का माहौल खराब हो चुका है। पीएम मोदी के प्रति लोगों ने भारी रोष है। पीएम ने अमेरिका के सामने भी घुटने टेकते हुए सारी शर्तों को मान लिया, जिससे पूरा देश शर्मिंदा है। हकीकत में ट्रंप हमें गुलाम बना रहा है और बंधुआ मजदूर बनाने की दिशा में धकेला जा रहा है। यह काम मोदी कर रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला उस समय चर्चा में आया जब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एआई समिट के दौरान बिना शर्ट पहने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों, बढ़ती बेरोजगारी और एआई से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। इस मामले में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु चिब के साथ कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले सोमवार को आरोपियों जितेंद्र यादव, राजा गुर्जर व अजय कुमार को ग्वालियर को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारियों में बिहार के कुंदन यादव, कृष्णा हरि, उत्तर प्रदेश के अजय कुमार और तेलंगाना के नरसिम्हा यादव शामिल बताए गए हैं।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आ रहे भारत, क्या ट्रूडो से बढ़े विवाद के बाद सुधरेंगे रिश्ते?

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कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत दौरे पर आने वाले हैं। मार्क कर्नी 26 फरवरी को भारत पहुंच रहे हैं। ये दौरा ऐसे वक्त में अहम माना जा रहा है जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ट्रेड में काफी उठापटक चल रही है। वहीं, ट्रूडो कार्यकाल में आई भारत-कनाडा रिश्तों में खटास के बाद कनाडाई पीएम का दौरा कापी अहम माना जा रहा है।

कनाडा-भारत के रिश्तों पर होगा फोकस

कार्नी 26 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक इंडो-पैसिफिक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मार्क कार्नी 26 फरवरी भारत पहुंचेंगे। इस दौरान वह सबसे पहले मुंबई जाएंगे। इसके बाद वह दिल्ली आएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। मार्क कार्नी के कार्यालय की तरफ से जारी बयान में यह जानकारी दी गई है। बयान के मुताबिक, "प्रधानमंत्री कार्नी सबसे पहले मुंबई पहुंचेंगे। फिर नई दिल्ली जाएंगे, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे। दोनों नेता कनाडा-भारत के रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने को लेकर बातचीत पर फोकस करेंगे।"

भारत के बड़े बिजनेस लीडर्स से मुलाकात

मार्क कार्नी अपने भारत दौरे की शुरुआत मुंबई से करेंगे, जहां वो देश के बड़े बिजनेस लीडर्स के साथ मुलाकात करेंगे। उनका मकसद कनाडा में भारतीय निवेश को बढ़ावा देना और दोनों देशों की कंपनियों के बीच साझेदारी को मजबूत करना रहेगा। इनमें ट्रेड, एनर्जी, टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), टैलेंट और संस्कृति, और डिफेंस में बड़ी नई पार्टनरशिप शामिल होंगी। इसके बाद वो नई दिल्ली पहुंचेंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत।

ऑस्ट्रेलिया और जापान भी जाएंगे कनाडाई पीएम

पीएम कर्नी भारत दौरे के बाद ऑस्ट्रेलिया के सिडनी और कैनबरा भी जाएंगे। जहां वे पीएम एंथनी अल्बानीज़ से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों, व्यापार और एआई मेत उन्नत प्रौद्योगिकियों पर सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। पीएम कार्नी इस दौरान ऑस्ट्रेलिया की संसद के दोनों सदनों और आमंत्रित गणमान्य अतिथियों को भी संबोधित करेंगे। 20 सालों में ऐसा पहली बार होगा जब कोई कनाडाई प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया की संसद को संबोधित करेगा। कनाडा के पीएम कर्मी इसके बाद जापान के टोक्यो पहुंचकर प्रधानमंत्री ताकाइची सनाए से मुलाकात करेंगे। उनके बीच स्वच्छ ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों और खाद्य सुरक्षा में पारस्परिक निवेश और साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा होगी।

दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी, खालिस्तानी ग्रुप ने ई-मेल से भेजा संदेश

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देश की राजधानी दिल्ली में लगातार दहशत फैसला की कोशिश की जा रही है। सोमवार सुबह सैन्य स्कूलों को धमकी देने के बाद अब लाल किला और दिल्ली विधानसभा उड़ाने की भी धमकी दी गई है। बताया जा रहा है कि धमकी भरा ई-मेल एक खालिस्तानी संगठन के नाम से भेजी गई है। धमकी की सूचना पर लाल किले और विधानसभा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और जांच अभियान चलाया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस को मिला धमकी भरा ई-मेल मिला

दिल्ली पुलिस को एक धमकी भरा ई-मेल मिला, जिसमें दिल्ली विधानसभा और लाल किला को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। यह धमकी कथित तौर पर एक खालिस्तानी ग्रुप द्वारा भेजी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। धमकी मिलने के तुरंत बाद, दिल्ली विधानसभा परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया। बॉम्ब स्क्वाड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की गहन जांच की।

जांच में जुटी पुलिस

दिल्ली पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि तलाशी अभियान के दौरान कोई खतरनाक या हानिकारक चीज़ नहीं पाई गई, फिर भी एहतियात के तौर पर सभी जरूरी सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि धमकी भरे ई-मेल की जांच जारी है, और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह मेल कहां से भेजा गया और किसने भेजा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल भी जांच में शामिल हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर पूरी निगरानी बनाए रखे हुए हैं।

लाल किले के पास हो चुका है धमाका

बता दें कि पिछले साल नवंबर में लाल किले के पास एक कार में आत्मघाती बस विस्फोट हुआ था, जिसमें कम से कम 13 लोग मारे गए थे और 25 से अधिक लोग घायल हुए थे। हमले में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश एकत मोहम्मद का हाथ मिला था।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने मोहम्मद यूनुस पर लगाया गंभीर आरोप, तारिक राज में बड़ा खुलासा

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बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यूनुस ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाया। राष्ट्रपति को न सिर्फ अहम चर्चाओं से दूर रखा बल्कि उन्हें हटाने तक की साजिश रच देश को अस्थिर करने का प्रयास किया।

यूनुस पर संविधान पालन नहीं करने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने देश में सरकार बदलते ही एक ऐसा खुलासा किया है। कालेर कंठो के साथ इंटरव्यू में बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा है कि मोहम्मद यूनुस ने 18 महीने की अपनी अंतरिम सरकार में संविधान का पालन नहीं किया। यूनुस ने अपना पद संभालते हुए न तो संस्थागत समन्वय बनाए रखा और न ही उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों की जानकारी दी।

यूनुस ने विदेश यात्राओं की नहीं दी जानकारी

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि संविधान कहता है कि विदेश यात्रा की जानकारी राष्ट्रपति को देनी चाहिए और दौरे के बाद भी राष्ट्रपति को बताया जाना चाहिए। यूनुस के 14-15 विदेशी दौरों के बारे में मुझे कभी नहीं बताया गया। इसमें अमेरिका से हुआ व्यापार समझौता भी शामिल है। बांग्लादेशी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनकी विदेश यात्राओं को बिना पूछे रद्द कर दिया गया। कोसोवो और कतर से मिले निमंत्रणों को उनके नाम से यह कहकर ठुकरा दिया गया कि राष्ट्रपति राज्य कार्यों में बहुत व्यस्त हैं।

सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश का आरोप

शहाबुद्दीन ने तंज करते हुए कहा कि क्या हमारे संविधान में राष्ट्रपति इतने व्यस्त रहते हैं कि उनसे पूछा भी न जाए? राष्ट्रपति का आरोप है कि देश और विदेश में उनकी सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश की गई। उन्हें विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका गया, जबकि परंपरा के अनुसार इन कार्यक्रमों की अध्यक्षता राष्ट्रपति करते हैं।

पद से हटाने की साजिश रचने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने कहा कि यूनुस का पूरा ध्यान उनको पद से हटाने पर रहा, वो अपने कार्यकाल में सिर्फ मेरे खिलाफ साजिशें रचते रहें। यूनुस ने ना सिर्फ मेरे खिलाफ राजनीतिक स्तर पर साजिशें रचीं बल्कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अंतरिम सरकार ने एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को लाकर मुझे असंवैधानिक तरीके से हटाने की साजिश भी रची।

मणिशंकर अय्यर ने राहुल के नेतृत्व पर उठाया सवाल, ममता बनर्जी को इंडिया गठबंधन का नेता बनाने की सलाह

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने पिछले कुछ समय से कांग्रेस विरोधी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। मणिसंकर अय्यर ने एक बार फिर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए इंडिया गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि इंडी गठबंधन की अगुवाई क्षेत्रीय दलों के नेताओं को करनी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि राहुल गांधी को गठबंधन की ड्राइविंग सीट छोड़ देनी चाहिए।

ममता बनर्जी के बिना इंडी गठबंधन कुछ नहीं रहेगा- अय्यर

पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव में अब ज्यादा समय बाकी नहीं है, इससे पहले ही मणिशंकर अय्यर ने नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। रविवार को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में अय्यर ने कहा, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन की नेता हैं। उनके बिना इंडी गठबंधन कुछ नहीं रहेगा।

स्टालिन और अखिलेश यादव का भी लिया नाम

इसके अलावा अय्यर ने कई अन्य बड़े क्षेत्रियों नेताओं का भी नाम लिया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में ऐसे कई क्षेत्रीय नेता हैं जो नेतृत्व की भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव जैसे नेताओं का भी उल्लेख किया।

राहुल को इंडिया ब्लॉक की बागडोर छोड़ने की सलाह

मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि उनको इंडिया ब्लॉक की बागडोर को छोड़ देना चाहिए और इसे किसी क्षेत्रीय दल को सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस जिम्मेदारी को साझा करें।

पूर्व रेलवे मंत्री और सीएम ममता के करीबी मुकुल रॉय का निधन, कहे जाते थे बंगाल के चाणक्य

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पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के नेता और पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का निधन हो गया है। मुकुल रॉय बीमार थे और उनका कोलकाता के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय ने अपने पिता के निधन की पुष्टि की है।

बेटे शुभ्रांशु रॉय ने बताया कि मुकुल रॉय ने रविवार रात करीब 1:30 बजे कोलकाता के अपोलो अस्पताल में अंतिम सांस ली। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि मुकुल रॉय लंबे समय से कई तरह की बीमारियों की वजह से जूझ रहे थे।

कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से थे ग्रसित

मुकुल रॉय पिछले कुछ सालों से बीमार चल रहे थे। बेटे शुभ्रांशु ने कहा, वह कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। वे पार्किंसंस रोग और डिमेंशिया से पीड़ित थे। ब्रेन में हाइड्रोसेफलस की समस्या के कारण ब्रेन सर्जरी भी हुई थी। 2024 में भी कई बार अस्पताल में भर्ती हुए, जिसमें सिर में चोट और अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याएं शामिल थीं। हाल ही में अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत क्रिटिकल बताई गई थी।

तृणमूल कांग्रेस का प्रमुख चेहरा

1998 में गठित टीएमसी के शुरुआती दौर से जुड़े रॉय को कभी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी सहयोगी माना जाता था। ममता बनर्जी की तरह ही उन्होंने भी अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बंगाल में यूथ कांग्रेस से की थी। तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद रॉय ने पार्टी संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उन्हें पार्टी का महासचिव बनाया गया। समय के साथ वे दिल्ली की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे।

मुकुल रॉय का राजनीतिक सफर

वर्ष 2006 में वह राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए और 2009 से 2012 तक सदन में पार्टी के नेता रहे। यूपीए-2 सरकार के दौरान उन्होंने पहले शिपिंग मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में काम किया और बाद में मार्च 2012 में पार्टी सहयोगी दिनेश त्रिवेदी की जगह रेल मंत्री का पद संभाला। हालांकि, मुकुल रॉय के टीएमसी के साथ रिश्ते बिगड़ गए। खासकर शारदा चिटफंड घोटाले जैसे मुद्दों के बाद वह टीएमसी से दूर हो गए। फरवरी 2015 में पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया। सितंबर 2017 में मुकुल रॉय ने टीएमसी से इस्तीफा दे दिया।

2017 में बीजेपी का दामन थामा

नवंबर 2017 में रॉय बीजेपी में शामिल हो गए थे। रॉय ने जमीनी स्तर पर काम करके बीजेपी को राज्य में बेस बनाने में मदद की। उन्हें 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की 18 सीटें जीतने का क्रेडिट दिया जाता है। उन्होंने बीजेपी को टीएमसी के कई बड़े नेताओं को अपने पाले में लाने में मदद की और 2021 के विधानसभा चुनावों में कृष्णानगर उत्तर से बीजेपी विधायक चुने गए। लेकिन जल्द ही, उन्होंने बीजेपी से दूरी बना ली। जून 2021 में वो तृणमूल कांग्रेस में लौट आए। हालांकि, टीएमसी में वापस आने पर वह कद और समझ दोनों में पहले जैसे कभी नहीं रहे।

एआई समिट को गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बनाया', कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन पर पीएम मोदी का तीखा वार

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मेरठ से कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस द्वारा किए गए शर्टलेस प्रदर्शन को कांग्रेस की गंदी राजनीति का स्वरूप बताया। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने वैश्विक आयोजन को अपनी गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बना दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारत के पहले नमो भारत RRTS का उद्घाटन किया, पूरा दिल्ली-मेरठ नमो भारत पूरा कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो (मेरठ साउथ-मोदीपुरम) देश को समर्पित किया। इस दौरान अपने संबोधन के दौरान उन्होंने ने कहा, 'एक तरफ आज देशवासी भारत को विकसित बनाने के लिए काम कर रहे हैं लेकिन देश में ही कुछ राजनैतिक दल हैं जो भारत की सफलता को पचा नहीं पा रहे। भारत में दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ, दुनिया भर के 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि दिल्ली आए। पूरा देश गर्व से भर गया लेकिन कांग्रेस और इसके इकोसिस्टम ने क्या किया?'

वैश्विक आयोजन को राजनीति का अखाड़ा बनाया-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आगे कहा, 'कांग्रेस ने भारत के एक वैश्विक आयोजन को अपनी गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बना दिया। समारोह स्थल पर विदेशी अतिथियों के सामने कांग्रेस के नेता कपड़े उतारकर पहुंच गए।'

कांग्रेस अपने ही देश को बदनाम करने में जुटी -पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'कांग्रेस ने नेताओं ने AI समिट में जो कुछ किया वह दिखाता है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कितनी दिवालिया, कितनी दरिद्र हो गई है। कांग्रेस तो अपने ही देश को बदनाम करने में जुटी है।'

पूरे देश में कांग्रेस की रीति-नीति पर थू-थू-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'कांग्रेस के नेताओं को मोदी से नफरत है, ये मेरी कब्र खोदना चाहते हैं, मेरी मां को गाली देने से इन्हें कोई परहेज नहीं है, उन्हें बीजेपी, NDA से विरोध है लेकिन कांग्रेस को याद रखना चाहिए था कि AI ग्लोबल समिट यह बीजेपी का समारोह नहीं था और न ही बीजेपी का कोई नेता वहां मौजूद था। यह देश का, देश के सम्मान का कार्यक्रम था लेकिन कांग्रेस ने परसो सारी मर्यादाएं तोड़ दी। पूरे देश में कांग्रेस की इस रीति-नीति पर थू-थू हो रही है लेकिन दुर्भाग्य देखिए इतनी पुरानी पार्टी के नेता लजाने की बजाय गाजते हैं। देश की बेइज्जती करने वालों का जयकारा कर रहे हैं।'

समाजवादी पार्टी पर भी सादा निशाना

नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद पीएम मोदी ने समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'कांग्रेस, समाजवादी पार्टी की जब दिल्ली में सरकार थी तब यह सब संभव ही नहीं था क्योंकि तब इंफ्रास्ट्रक्चर की परियोजनाएं घोटालों में ही गुम हो जाती थी। मेट्रो जैसी और उससे जुड़ी अधिकतर तकनीक भी हमें विदेशों से आयात करनी पड़ती थी। हमने घोटाले भी बंद किए और देश को आत्मनिर्भरता के रास्ते पर भी आगे बढ़ाया।'

अफगानिस्तान में पाकिस्तान ने किया एयरस्ट्राइक, फाइटर जेट से कई जगहों पर बमबारी, 28 की मौत

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पाकिस्तान ने रविवार तड़के अफगानिस्तान सीमा से सटे इलाकों में कथित आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले करने का दावा किया है। सरकार के मुताबिक यह इंटेलिजेंस आधारित, चयनित ऑपरेशन था, जिसमें प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और उसके सहयोगी गुटों के सात ठिकानों को निशाना बनाया गया।

सात कैंप और ठिकाने को बनाया गया निशाना

जियो न्यूज ने पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय के हवाले से बताया कि इन हमलों में फिटना अल खवारिज (FAK), उसके सहयोगी संगठनों और दाएश खुरासान प्रांत (DKP) के सात कैंप और ठिकानों को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने दावा किया कि हाल के आत्मघाती हमलों के जवाब में यह कार्रवाई “पूरी सटीकता और सावधानी” के साथ की गई। रिपोर्ट के अनुसार इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में रमजान के दौरान हुए आत्मघाती हमलों के पीछे अफगानिस्तान में बैठे नेतृत्व और उनके सहयोगियों का हाथ बताया गया है।

28 टीटीपी लड़ाकों के मारे जाने की खबर

सूत्रों का कहना है कि इन हमलों में कम से कम 28 टीटीपी लड़ाके मारे गए हैं। हालांकि, अभी काबुल के तालिबान प्रशासन ने इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अफगानिस्तान के मीडिया आउटलेट टोलो न्यूज ने बताया कि पाकिस्तानी फाइटर जेट ने सुबह तड़के सीमावर्ती प्रांत पक्तिका के बरमल और उरगुन जिले में हवाई हमले किए हैं। इसके अलावा नंगरहार प्रांत के खोगयानी जिले में भी हवाई हमले किए गए हैं।

आम लोगों के घरों को निशाना बनाने का आरोप

टोलो न्यूज ने बताया कि पाकिस्तान ने हवाई हमलों में आम लोगों के घरों के साथ ही एक मदरसे को भी निशाना बनाया है। रिपोर्टों में बताया गया है कि पक्तिका के बरमल जिले में बानुसी मदरसे पर एयरक्राफ्ट से मिसाइलें दागी गई हैं। स्थानीय रिपोर्ट बताती हैं कि कुल आठ टारगेट पर हमला किया गया है।

हालिया आत्मघाती हमलों के बाद कार्रवाई

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में पाकिस्तान में आतंकी हमलों में तेजी आई है। बाजौर जिले में एक आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा चौकी को निशाना बनाकर 11 सैनिकों और एक बच्चे की जान ले ली थी। इसके अलावा बन्नू जिले में भी एक और आत्मघाती हमले में दो सैनिक मारे गए। पाकिस्तानी सेना ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वह जिम्मेदार लोगों के खिलाफ स्थान की परवाह किए बिना कार्रवाई करेगी। इस बयान से इस्लामाबाद और काबुल के बीच बढ़ते तनाव के संकेत मिले थे।