बिहार के लोगों को अब नहीं होगी बिजली की किल्लत, जल्द खपत से दोगुनी होगी बिजली आपूर्ति क्षमता
डेस्क : बिहार के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। भीषण गर्मी के दिनों में होने वाली बिजली की किल्लत से जल्द ही उन्हें निजात मिलेगा। प्रदेश में बिजली आपूर्ति (संचरण) क्षमता दोगुनी होगी। राज्य में अभी 170 ग्रिड सब-स्टेशन हैं। 10 ग्रिड का निर्माण चल रहा है। 15 नए ग्रिड बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन ग्रिड सब-स्टेशनों के बनने से आने वाले दो वर्षों में बिहार में बिजली आपूर्ति क्षमता 16 हजार 632 मेगावाट हो जाएगी। अभी राज्य में बिजली की अधिकतम खपत 8005 मेगावाट है जबकि संचरण क्षमता 14928 मेगावाट है।
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बीते दिनों संपन्न हुई प्रगति यात्रा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 10 नए ग्रिड सब-स्टेशनों को बनाने की घोषणा की थी। राज्य कैबिनेट से इसकी मंजूरी भी मिल चुकी है। कंपनी ने अब इन ग्रिड सब-स्टेशनों को बनाने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार पश्चिम चम्पारण के मंझोलिया प्रखंड में अमुवामन में 132/33 केवी का ग्रिड सब-स्टेशन बनेगा। इस मद में 148 करोड़ 49 लाख खर्च होंगे।
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सीतामढ़ी के मेजरगंज में 132/33 का ग्रिड सब-स्टेशन बनाने में 162 करोड़ 73 लाख खर्च होंगे। वैशाली के महुआ में 132/33 केवी का ग्रिड सब-स्टेशन बनाने में 157 करोड़ एक लाख खर्च होंगे। सीवान के मैरवा में 220/132/33 केवी विद्युत ग्रिड सब-स्टेशन को बनाने में 517 करोड़ पांच लाख, समस्तीपुर के वारिसनगर में 132/33 केवी का ग्रिड सब-स्टेशन बनाने में 135 करोड़, मधेपुरा के चौसा में 132/33 ग्रिड सब-स्टेशन पर 132 करोड़ 72 लाख खर्च किए जाएंगे।
बांका के अमरपुर में 132/33 ग्रिड सब-स्टेशन बनाने में 227 करोड़ 93 लाख, लखीसराय के हलसी में 132/33 केवी का ग्रिड बनाने में 182 करोड़ 69 लाख खर्च होंगे। लखीसराय के बड़हिया में 132/33 ग्रिड सब-स्टेशन बनाने में 63 लाख 40 हजार खर्च होंगे। वहीं नवादा के रोह में 132/33 केवी का ग्रिड बनाने में 191 करोड़ 26 लाख खर्च किए जाएंगे। सभी 10 ग्रिड सब-स्टेशन बनाने में 1918.28 लाख खर्च किए जाएंगे।
Mar 24 2025, 15:58