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*सोमवार को द्वितीय स्थापना दिवस समारोह में शामिल हो सकते हैं सीएम योगी*

गोरखपुर, 26 अगस्त। स्थापना के महज दो साल में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में उच्च, विशिष्ट व रोजगारपरक शिक्षा को नई राह दिखाई है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आलोक में रोजगारपरक शिक्षा के पाठ्यक्रमों को शुरू कर अल्प समय में ही इस विश्वविद्यालय ने अपनी अलग पहचान कायम की है। मात्र दो साल में बीएएमएस समेत 21 रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की शुरुआत, शोध-अनुसंधान के लिए कई प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू कर इस विश्वविद्यालय ने गोरखपुर को ज्ञान की नगरी बनाने की दिशा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

28 अगस्त 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों लोकार्पित महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय दो साल में ही शिक्षा के विशिष्ट व प्रमुख केंद्र के रूप में विख्यात हो चुका है। यहां भारतीय ज्ञान मूल्यों का संरक्षण व संवर्धन, वर्तमान और भावी समय को ध्यान में रखकर अनुसंधानिक तरीके से किया जा रहा है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में यहां पाठ्यक्रम ऐसे हैं जो समाज के लिए लाभकारी, विद्यार्थी के लिए सहज रोजगारदायी हैं। इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति (गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री) योगी आदित्यनाथ की मंशा 2032 तक गोरखपुर को 'नॉलेज सिटी' के रूप में ख्यातिलब्ध कराने की है।

उल्लेखनीय है कि 10 दिसम्बर 2018 को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह में आए तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने परिषद के शताब्दी वर्ष 2032 तक गोरखपुर को नॉलेज सिटी बनाने का आह्वान किया था।

गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय के विचारों का प्रकल्प है विश्वविद्यालय

इस विश्वविद्यालय की नींव में युग पुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के विचार हैं, जिनका मानना था कि दासता से मुक्ति, स्वावलंबन व सामाजिक विकास के लिए शिक्षा ही सबसे सशक्त माध्यम है।

वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं कुलाधिपति योगी आदित्यनाथ इसी वैचारिक परंपरा के संवाहक हैं। उनके मार्गदर्शन में इस विश्वविद्यालय का लक्ष्य भारतीय ज्ञान मनीषा के आलोक में मूल्य संवर्धित, रोजगारपरक उस शिक्षा को बढ़ावा देना है जो समग्र रूप में सामाजिक व राष्ट्रीय हितों का पोषण कर सके।

इसी लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाते हुए महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गुरु गोरक्षनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में बीएएमएस की पढ़ाई का सफलतापूर्वक संचालन हो रहा है। आने वाले समय में एमबीबीएस की कक्षाएं भी प्रारंभ करने की भी तैयारी है।

।अकेले गुरु श्री गोरक्षनाथ कॉलेज ऑफ नर्सिंग में 11 रोजगारदायी पाठ्यक्रम पूर्ण क्षमता से संचालित हैं। विश्वविद्यालय में मेडिकल साइंस, नर्सिंग, पैरामेडिकल, एग्रीकल्चर, एलॉयड हेल्थ साइंसेज और फार्मेसी से संबंधित डिप्लोमा से लेकर मास्टर तक के 21 पाठ्यक्रम हैं।

मसलन दो वर्षीय एएनएम, तीन वर्षीय जीएनएम, चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग, दो वर्षीय पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, दो वर्षीय एमएससी नर्सिंग, डिप्लोमा इन डायलिसिस, डिप्लोमा इन आप्टिमेट्री, डिप्लोमा इन इमरजेंसी एंड ट्रामा केयर, डिप्लोमा इन एनेस्थिसिया एंड क्रिटिकल केयर, डिप्लोमा इन आर्थोपेडिक एंड प्लास्टर टेक्निशियन, डिप्लोमा इन लैब टेक्निशियन (सभी दो वर्षीय), चार वर्षीय बीएससी एग्रीकल्चर, बीएससी ऑनर्स बॉयोटेक्नालोजी, बीएससी आनर्स बॉयोकेमिस्ट्री, बीएससी आनर्स माइक्रोबॉयोलोजी, दो वर्षीय एमएससी बॉयोटेक्नालोजी, तीन वर्षीय एमएससी मेडिकल बॉयोकेमिस्ट्री, तीन वर्षीय एमएससी मेडिकल माइक्रोबॉयोलोजी, दो वर्षीय एमएससी एनवायरमेंटल साइंस, चार वर्षीय बी फार्मा व दो वर्षीय डी फार्मा।

वर्तमान दौर में ये सभी पाठ्यक्रम रोजगारपरक हैं और उनकी बहुत मांग है। आने वाले समय में इस तरह के अन्य पाठ्यक्रमों की लंबी श्रृंखला दिखेगी।

चिकिसा, शिक्षा में अनुसंधान तथा स्टार्टअप व ग्राम्य विकास को बढ़ावा देने वाले एमओयू

चिकिसा, शिक्षा, अनुसंधान, रोजगार व ग्राम्य विकास के क्षेत्र में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय ने एम्स गोरखपुर, केजीएमयू लखनऊ, आरएमआरसी गोरखपुर, महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद, वैद्यनाथ आयुर्वेद, इंडो-यूरोपियन चैंबर ऑफ स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ आदि के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया है।

इन एमओयू के माध्यम से शिक्षा, बीमारियों पर शोध के साथ ही आयुर्वेद के क्षेत्र में स्टार्टअप, दवा निर्माण, औषधीय खेती को बढ़ावा मिलेगा तो विश्व स्तरीय अनुसंधान के मार्ग प्रशस्त होंगे। साथ ही गांवों में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

*महायोगी गोरखनाथ विवि की उपलब्धियों में जुड़ा एक नया अध्याय*

गोरखपुर, 25 अगस्त। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम के अंतर्गत संचालित गुरु गोरक्षनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (आयुर्वेद कॉलेज) की उपलब्धियों में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया।

चरक बैच (2021-22) की द्वितीय व्यावसायिक आयुर्वेदाचार्य की कक्षा का शुभारंभ होने के साथ इस साल यह कॉलेज ऐसा सबसे पहले करने वाला देश का पहला कॉलेज भी बन गया।

इस अवसर पर आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मंजूनाथ एनएस ने दीप प्रज्वलन कर कक्षा का शुभारंभ किया। बीएएमएस छात्राओं ने धन्वन्तरि वंदना एवं सरस्वती वंदना कर आरोग्यता एवं ज्ञान के लिए प्राथना की।

प्राचार्य डॉ. मंजूनाथ ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि न केवल उत्तर प्रदेश में बल्कि पूरे भारत में गुरु गोरक्षनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज प्रथम आयुर्वेद कॉलेज है जिसने सर्वप्रथम द्वितीय व्यावसायिक आयुर्वेदाचार्य की कक्षा का शुभारंभ किया है। हमे पूरे विश्वास और नए जोश के साथ आगे बढ़ना है औऱ पूरे भारत में अपने आपको स्थापित करना है।

एकेडमिक इंचार्ज डॉ. नवीन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि द्वितीय व्यावसायिक सत्र के विषय आपको कुशल चिकित्सक बनाने मे सहायक होंगे, इन विषयो का ज्ञान आपका आधार बनेंगे। चरक बैच के कक्षा समन्वयक डॉ. शान्तिभूषण ने द्वितीय व्यावसायिक सत्र के शिक्षकों से विद्यार्थियों का परिचय कराया। कार्यक्रम में आयुर्वेद कॉलेज के सभी शिक्षक एवं चरक बैच के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

*महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की दूसरी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में व्याख्यानमाला का चौथा दिन*

गोरखपुर, 25 अगस्त। उत्तर प्रदेश संग्रहालय के पूर्व निदेशक डॉ. एके सिंह ने कहा कि समूचा उत्तर प्रदेश मूर्त व अमूर्त ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के धरोहर इसमें बेहद खास हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में महात्मा बुद्ध और गुरु गोरखनाथ से जुड़े धरोहर इस धरा की समृद्धि के प्रमाण हैं।

डॉ. सिंह महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम गोरखपुर की दूसरी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित सप्तदिवसीय व्याख्यानमाला के चौथे दिन शुक्रवार को बतौर मुख्य अतिथि अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

मूर्त-अमूर्त विरासत विषय पर डॉ. सिंह ने कहा कि धरोहर या विरासत हमें अपनी संस्कृति का आभास कराते हैं। इनके संरक्षण के लिए सरकार तो प्रयास कर ही रही है, जिम्मेदारी सामूहिक होनी चाहिए।

उन्होंने मिर्जापुर तथा चंदौली की चित्र शैली, सम्राट अशोक के अभिलेख की विशेषताओं, सारनाथ संग्रहालय की ऐतिहासिक वस्तुओं के महत्व, धर्म चक्र प्रवर्तन, स्कंद गुप्त के अभिलेख की महत्ता, गौतम बुद्ध का पूर्वी उत्तर प्रदेश से ऐतिहासिक जुड़ाव तथा नाथ संप्रदाय के गौरवपूर्ण योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

व्याख्यान की अध्यक्षता कर रहे महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश की चिकित्सा विरासत से अवगत कराया तथा उसकी महत्ता बताई। स्वागत संबोधन प्रो.अमित कुमार दूबे तथा आभार ज्ञापन एलाइड हेल्थ साइंस के डीन डॉ. सुनील कुमार ने किया।

इस अवसर पर ब्लू हाउस, ग्रीन हाउस, येलो हाउस, ब्राउन हाउस तथा रेड हाउस के विद्यार्थियों के बीच क्लासिकल डांसिंग (सोलो), हिन्दी, इंग्लिश कविता लेखन तथा मेंहदी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।

*डीएम और एसएसपी ने खाई फाइलेरिया से बचाव की दवा, कहा-सुरक्षित और असरदार है यह दवाई*

गोरखपुर। जिलाधिकारी कृष्णा करूणेश और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर ने शुक्रवार को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन किया और कहा कि यह दवा पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार है ।

एसपी ट्रैफिक श्यामदेव और एसपी मंदिर सुरक्षा घनश्याम चौरसिया ने भी दवा का सेवन किया ।

जिलाधिकारी कैम्प ऑफिस, एसएसपी ऑफिस और एसपी ट्रैफिक ऑफिस में उपलब्ध कर्मियों को भी जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह की टीम ने दवा का सेवन करवाया । जिलाधिकारी और एसएसपी ने जनपदवासियों से दवा सेवन करने की अपील की है ।

दवा सेवन के लिए लोगों से अपील करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि लाइलाज बीमारी फाइलेरिया से बचाने के लिए इस समय जिले में एमडीए नाम से अभियान चल रहा है, जो 28 अगस्त तक चलेगा।

इस अभियान के दौरान आशा व आंगनबाडी कार्यकर्ता और स्वास्थ्यकर्मी आपके घरों पर जाकर बचाव की दवा अपने सामने खिला रहे हैं।

सभी को संकल्प लेना होगा कि वह इस दवा का सेवन कर अभियान को सफल बनाएंगे । उन्होंने खुद भी इस दवा का सेवन किया है। यह सुरक्षित और असरकारक है ।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष जिले में फाइलेरिया रोगी नेटवर्क के सदस्य भी लोगों को इस बीमारी की भयावहता का एहसास करवा रहे हैं और लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। पिपराईच ब्लॉक में सक्रिय इस नेटवर्क और स्वयंसेवी संस्थाओं को उन्होंने शुभकामनाएं दीं ।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ ग्रोवर ने अधिकाधिक लोगों द्वारा दवा सेवन के लिए अपील की और कहा कि दो वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोग दवा का सेवन अवश्य करें। सिर्फ गर्भवती और अति गंभीर बीमार लोगों को इस दवा का सेवन नहीं करना है।

इसे खाली पेट नहीं खाना है । उन्होंने जिले के समस्त पुलिसकर्मियों द्वारा दवा सेवन की अपील की और कहा कि साल में एक बार इस दवा का सेवन पांच साल तक लगातार अनिवार्य है ।

दवा का सेवन न करने वालों को हाथीपांव या हाइड्रोसील अथवा दोनों बीमारियों का खतरा रहता है जो कभी भी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाते हैं। यह बीमारी विश्व में दीर्घकालीन दिव्यांगता का दूसरा सबसे बड़ा कारण है जो जीवन को बोझ बना देता है ।

एसपी ट्रैफिक श्यामदेव और एसपी मंदिर सुरक्षा ने भी समुदाय से अपील कि है कि जीवन को बोझ बनने से बचाने के लिए फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन अनिवार्य है ।

स्वास्थ्य विभाग की एक अन्य टीम ने दृष्टिबाधित बालिका विद्यालय तुर्कमानपुर में 74 लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन करवाया ।

32.11 लाख लोग खा चुके हैं दवा

जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि 51.23 लाख की लक्षित आबादी के सापेक्ष जिले में 24 अगस्त की शाम तक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे के दिशा निर्देशन में 32.11 लाख लोग दवा का सेवन कर चुके हैं ।

दवा सेवन संबंधी अतिरिक्त जानकारी के लिए सहायक मलेरिया अधिकारी सीपी मिश्र से उनके मोबाइल नंबर 9450018568 पर सुबह 11 बजे से अपराह्न चार बजे तक सम्पर्क किया जा सकता है। जिन क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता नहीं हैं, वहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से सम्पर्क कर दवा का सेवन करना है ।

*गुरु गोरखनाथ का साहित्य समाज का मार्गदर्शन करने वाला : प्रो. सदानंद*

गोरखपुर, 24 अगस्त। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. सदानंद प्रसाद गुप्त ने कहा कि वैदिक साहित्य में महायोगी गुरु गोरखनाथ का अमूल्य योगदान है। उनका साहित्य समाज का मार्गदर्शन करने के साथ सामाजिक ताने बाने को मजबूत करने वाला है। आधुनिक धर्म-पंथ प्रवर्तक भी वैदिक साहित्य में महायोगी गोरखनाथ जी की महत्ता को स्वीकार करते हैं। 

प्रो. गुप्त महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम गोरखपुर की दूसरी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित सप्तदिवसीय व्याख्यानमाला के तीसरे दिन महायोगी गुरु गोरखनाथ का साहित्य विषय पर बतौर मुख्य अतिथि अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने गोरखनाथ जी के प्रभावशाली व्यक्तित्व और उनके द्वारा रचित साहित्य की चर्चा करते हुए कहा कि गुरु गोरखनाथ जी की छाप गुरुनानक देव और संत कबीर के उपदेशों में भी दिखती है। प्रो. गुप्त ने कहा कि गुरु गोरखनाथ ने न केवल योग बल्कि अपने द्वारा रचित साहित्य से भी मानव समाज के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। गोरख साहित्य हर कालखंड के लिए समाज का मार्गदर्शक साहित्य है। 

व्याख्यान की अध्यक्षता कर रहे महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी ने भी गुरु गोरखनाथ के व्यक्तित्व का स्मरण किया। आभार ज्ञापन कृषि विभाग के अध्यक्ष डॉ. बिमल कुमार दूबे ने किया। इस अवसर पर ब्लू हाउस, ग्रीन हाउस, येलो हाउस, ब्राउन हाउस तथा रेड हाउस के विद्यार्थियों के बीच डांसिंग, (सोलो, ग्रुप) हिन्दी, इंग्लिश निबंध लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।

*मुख्य अभियंता आर.बी.सिंह द्वारा कार्यालय कार्य दिवस में तालाबंदी, आपराधिक कृत्य :शैलेंद्र मिश्र*

गोरखपुर। पीडब्ल्यूडी गोरखपुर में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध तीसरी आंख मानवाधिकार संगठन द्वारा 774 दिनों से प्रचलित सत्याग्रह संकल्प के पूर्वाग्रह से ग्रसित संगठित भ्रष्ट मुख्य अभियंता आरबी सिंह ने कार्यालय कार्यदिवस में कार्यालय के मुख्य द्वार को तालाबंदी कर आपराधिक कृत्य को अंजाम देते हुए सत्याग्रहियों को निर्धारित सत्याग्रह स्थल से जबरन बेदखल कर फुटपाथ पर सत्याग्रह करने को विवश कर दिया।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार मिश्र ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि ऐसा लगता है कि मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश के द्वारा कार्रवाई में विफलता के परिणाम स्वरूप  अपने इशारे पर भ्रष्ट मुख्य अभियंता के माध्यम से धरना प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकारों को कुचलने के जघन्य अपराध को अंजाम दिया है।

 जबकि यह सर्वविदित है कि कार्यालय कार्यदिवस में कार्यालय के मुख्य द्वार बंद करना आपराधिक कृत्य के साथ-साथ जन सामान्य को कार्यालय में प्रवेश व धरना प्रदर्शन व सत्याग्रह के अधिकारों का अतिक्रमण व उल्लंघन है जिसके विरुद्ध आपराधिक अभियोग पंजीकृत किया जाना चाहिए।

 आश्चर्य का विषय है कि उक्त घटना मुख्यमंत्री के मौजूदगी में महानगर गोरखपुर में घटित हुई और घटना वर्तमान समय में विगत तीन दिनों से जारी है और आरोपी मुख्य अभियंता अबतक विधिक कार्यवाही से मुक्त है। जिससे स्पष्ट हो रहा है कि मुख्यमंत्री के गृह नगर में लोक सेवक बेखौफ बेलगाम हैं ।

इसका मुख्य कारण यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि मुख्यमंत्री के प्रशासनिक कार्य शैली की धार कुंद पड़ जाने के कारण लोकसेवक बेख़ौफ़ गैर संवैधानिक कार्यशैली को अपनी दैनिक कार्यशैली के माध्यम से सार्वजनिक करने के आदती हो चुके हैं जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।

और यही कारण है कि लोकतंत्र अपने मूल स्वरूप से विलुप्त होता नजर आ रहा है। परंतु सत्याग्रहियों ने कहा है कि निष्कर्ष परिणाम प्राप्त होने तक सत्याग्रह संकल्प बेख़ौफ़ निरंतर जारी रहेगा और आने वाले दिनों में भ्रष्टाचारियों एवं भ्रष्टाचारियों के संरक्षण दाताओं को भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

*हादसे को दावत दे रहा नीचे लटकता बिजली का नंगा तार*

खजनी/गोरखपुर। क्षेत्र के डोहरियां गांव में बिजली का ढीला लटकता तार जमीन से महज 7/8 फुट की ऊंचाई पर मौत को दावत दे रहा है।

गांव के निवासी आरबी गुप्ता लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी हैं उन्होंने बताया कि घर के सामने मौजूद छोटे से शिव मंदिर पर लोग नंगे पांव जल चढ़ाने जाते हैं तो उन्हें बिजली के झटके लगते हैं। गंभीर समस्या का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लगभग दर्जनों बार परिवार के लोग किसी गंभीर हादसे की चपेट में आने से बचे हैं।

बताया गया कि पूर्व में अवर अभियंता ने 10 हजार रुपए का शुल्क लेकर समस्या का समाधान करने के लिए कहा था किन्तु इस बीच उनका स्थानांतरण हो गया और समस्या ज्यूं की त्यूं बनी हुई है।

आए दिन बिजली की चपेट में होने वाले हादसों की सूचनाएं मिलती रहती हैं जिससे गुप्ता परिवार सहमा हुआ और अतिरिक्त सतर्कता रखता है। दर्जनों बार बिजली विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को समस्या से अवगत कराने के बाद भी समाधान नहीं हुआ।

*बिना लाइसेंस अस्पताल चला रहे संचालक को कैंपियरगंज पुलिस ने किया गिरफ्तार*

गोरखपुर।कैंपियरगंज थाना क्षेत्र में बिना लाइसेंस अस्पताल संचालित कर प्रसूता नवजात की मृत्यु कारित करने के आरोप में दो अभियुक्त को कैंपियरगंज पुलिस ने किया गिरफ्तार।

2019 में मां दुर्गा हॉस्पिटल ब्लॉक रोड कैंपियरगंज में स्थापित किया गया था जिसकी मान्यता 30 अप्रैल 2020 को समाप्त हो गई थी ।

वर्तमान में अस्पताल को अवैध तरीके से संचालित करते हुए मोहम्मद असलम सिद्दीकी जो ओटी टेक्नीशियन को डॉक्टर बनाकर तथा श्याम सुंदर अनीता गिरी नीतू भारती जिनके पास कोई डिग्री नहीं था इनको कंपाउंड वार्ड बाय के रूप में रखकर अस्पताल को संचालित किया जा रहा था अस्पताल।

संचालक शैलेंद्र नाथ सोलंकी पुत्र राजेंद्र प्रसाद सोलंकी श्याम सुंदर पासवान पुत्र स्वर्गीय रामप्रीत को गिरफ्तार किया पुलिस लाइन व्हाइट हाउस सभागार में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी पुलिस अधीक्षक उत्तरी मनोज कुमार अवस्थी सहायक पुलिस अधीक्षक मानुष पारीक भी रहे मौजूद।

*फर्जी ओएसडी, मंत्री , डीजीपी पीए, किन्नर समाज का अध्यक्ष फर्जी किन्नर को झगहा पुलिस ने किया गिरफ्तार*

गोरखपुर। झगहा पुलिस को बड़ी सफलता मिली जो फर्जी फोन पर ओएसडी मंत्री डीजीपी पीए किन्नर समाज का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर काम कराने के बहाने पैसे का वसूली करने वाला फर्जी किन्नर चांदनी उर्फ चंदन पुत्र गुलाब निवासी छितौना थाना रसड़ा जिला बलिया अशोक यादव पुत्र दीनानाथ यादव निवासी देवतहा थाना गौरी बाजार जनपद देवरिया को विभिन्न मोबाइल नंबरों के साथ किया गिरफ्तार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने पुलिस लाइन व्हाइट हाउस सभागार में वार्ता कर दी जानकारी पुलिस अधीक्षक उत्तरी मनोज कुमार अवस्थी सहायक पुलिस अधीक्षक मानुष पारीक रहे मौजूद।

*इमामबाड़ा स्टेट में भी जश्न का माहौल, एक दूसरे को मिठाई खिलाकर दिया बधाई*

गोरखपुर/देवरिया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (आईएसआरओ) ने चंद्रयान-3 मिशन के तहत पहलीबार चांद की धरती पर उतरने और भारतीय परचम लहराने में सफलता हासिल किया है। इस महत्वपूर्ण चुनौती भरे मिशन में पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व भी देखने को मिला है। भारतीय खगोलशास्त्री विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में कार्यरत देवरिया शहर के निवासी हाजी शमशाद अहमद के पुत्र मोहम्मद मुनिस ने चन्द्रयान-3 मिशन में पूरे पूर्वांचल का नेतृव किया है।यह जानकारी इमामबाड़ा स्टेट गोरखपुर में रहने वाले सैय्यद शहाब अहमद ने दी है।

उन्होंने बताया कि मोहम्मद मुनिस उनकी भांजी के पति हैं और उनकी इस उपलब्धि पर हमारे पूरे खानदान ही नही बल्कि पूरे पूर्वांचल को गर्व है।सैय्यद शहाब ने बताया कि मोहम्मद मुनिस चंद्रयान-3 मिशन टीम का अहम हिस्सा हैं और उन्होंने काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने चंद्रयान-3 मिशन में पायरो डिवाइसेस और स्टेज सेपरेशन की कड़ी में काम किया है।उन्होंने ने बताया कि मोहम्मद मुनिस भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में वरिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में काम कर रहे हैं और उनके अध्ययन और योगदानों के साथ चंद्रयान-3 मिशन के सफल प्रक्षेपण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहम्मद मुनिस एक पढालिखे और सम्मानित परिवार से सम्बंध रखते है। उनके बड़े भाई इंजीनियर है और अच्छे पद पर कार्यरत हैं। मुनिस का बचपन से ही वैज्ञानिक बनने और चांद पर जाने का सपना था। उन्होंने देवरिया के प्रसिद्ध विद्यालय जीवन मार्ग सोफिया सेकेंडरी स्कूल से 10वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी की । उन्होंने इंटरमीडिएट और बी. टेक (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) , अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू )से किया है और चंद्रयान-3 के बाद वर्तमान में वे गगनयान मिशन और आदित्य-एल1 मिशन पर काम कर रहे हैं और भारत को अन्तरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों पर ले जाने का सपना देख रहे हैं।

चंद्रयान-3 मिशन के सफल प्रक्षेपण में मोहम्मद मुनिस के प्रयासों के साथ ही उनके परिवार और पूर्वांचल के लोग भी गौरवान्वित हैं। उनकी इस सफलता पर इमामबाड़ा स्टेट के आसपास उनके जानने वालों ने एक दूसरे को बधाई दिया और मुहं मीठा कराते हुए उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को सलाम किया।