/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png StreetBuzz s:fire
कोलकाता में तारापीठ के होटल में लगी भीषण आग, 6 की झुलसकर मौत

#fireintarapithhotelinbirbhum6guestdeathsinwest_bengal

सावन के सोमवार के दिन बिहार के लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़ जैसी स्थिति के बाद बंगाल से भी हादसे की दर्दनाक खबर सामने आई है। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक बड़ा हादसा हुआ है। सोमवार सुबह तारापीठ के एक होटल में लगी भीषण आग में छह लोगों की जलकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जिस समय होटल में आग लगी, वहां पर रुके गेस्ट सो रहे थे। कई का दम घुटने लगा।

पहली मंजिल पर लगी आग तेजी से फैली

आग सुबह करीब 5 बजे तारापीठ के मंदिर वाले इलाके में स्थित चार मंजिला होटल की पहली मंजिल पर लगी। घटना ‘बिदिशिनी’ होटल में हुई, जो एक तालाब के पास और तारापीठ पुलिस स्टेशन से कुछ ही दूरी पर स्थित है। घटना की सूचना मिलते ही फायरफाइटर्स मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। हालांकि, उससे पहले तक आग तेजी से पूरे होटल में फैल गई, जिससे परिसर में घना धुआं भर गया और मेहमान अंदर ही फंस गए। दमकलकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। घायलों को बचाया गया और इलाज के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया।

दर्शन से पहले ही जलकर मौत

कहा जा रहा है कि बिंदिशिनी होटल तारापीठ मंदिर के पास है। यहां पर दर्शन करने वाले श्रद्धालु ही ज्यादातर इस होटल में रुकते हैं। जिन लोगों की आग में जलकर मौत हुई है, वे भी मंदिर में दर्शन करने आए थे। वे रात को यहां पहुंचे थे और आराम के लिए होटल में रुके थे। उन्हें सोमवार को मंदिर में दर्शन करने जाना था, लेकिन उससे पहले ही उनकी जलकर मौत हो गई।

शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी आग

होटल के अधिकारियों का दावा है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। कोलकाता की रहने वाली एक महिला आग से बचकर बाहर निकलने में सफल रही। उसने होटल के अंदर मची अफरा-तफरी को याद करते हुए बताया कि अचानक पूरे होटल में धुआं भर गया। सांस लेना मुश्किल हो गया और बाहर निकलने का रास्ता ढूंढना भी काफी कठिन था। अधिकारियों ने बताया कि मरने वालों में कुछ श्रद्धालु भी थे, जो प्रसिद्ध काली मंदिर में पूजा करने के लिए तारापीठ आए थे।

थाईलैंड के स्कूल में फायरिंग, छात्र ने शिक्षकों और साथी स्टूडेंट पर बरसाई गोलियां, 7 की मौत

#thaistudentopensfireatschoolkillingandinjuringseveralthencommitssuicide

थाईलैंड के एक स्कूल में शुक्रवार को गोलीबारी हुई। जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई है। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के पास एक छात्र ने स्कूल में गोलीबारी की। गोलीबारी की घटना में सात लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में तीन शिक्षक और तीन छात्र हैं। हमले का आरोपी भी मारा गया है। फायरिंग की इस घटना में 20 से 30 लोग घायल हुए हैं। एक स्कूल में गोलीबारी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बैंकॉक के उत्तर में नोंथबुरी प्रांत के बंग क्रुई जिले में व्यस्त हाईवे पर स्थित देबसिरिन नोंथबुरी स्कूल में फायरिंग हुई। रॉयटर्स के अनुसार, शिक्षा मंत्री प्रसर्ट जंतारारुआंगटोंग ने बताया कि शुक्रवार को थाईलैंड के स्कूल में हुई गोलीबारी में 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें शिक्षक और छात्र शामिल थे। मंत्री ने यह साफ नहीं किया कि मरने वाले चार लोगों में वह बंदूकधारी भी शामिल था या नहीं, जिसके बारे में पुलिस का कहना है कि उसने खुदकुशी कर ली थी।

प्रधानमंत्री ने शोक व्यक्त किया

प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने शोक व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पीड़ितों की देखभाल करने का आदेश दिया है। गोलीबारी के लगभग एक घंटे बाद घटनास्थल से मिली तस्वीरों में लोग स्कूल के बाहर खड़े होकर एक-दूसरे को सांत्वना देते हुए दिखाई दे रहे थे।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

थाईलैंड में गन कानून सख्त माने जाते हैं। अवैध हथियार रखने पर 10 साल तक की सजा हो सकती है। इसके बावजूद देश में इस तरह के हालात पैदा होते रहे हैं। फरवरी में दक्षिणी थाईलैंड के हात याई जिले में एक स्कूल में गोलीबारी में एक शिक्षक की मौत हुई थी और एक छात्र घायल हुआ था। अक्टूबर 2022 में नोंग बुआ लामफू प्रांत में एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने बंदूक और चाकू से हमला कर दर्जनों लोगों, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, की हत्या कर दी थी।

बैंकॉक के पब में लगी भीषण आग, 27 लोगों की दर्दनाक मौत, 60 से ज्यादा घायल

#thailandmassivefireatapubinbangkok27peopledead

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में सोमवार तड़के एक पब में भीषण आग लग गई। इस हादसे में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई। जबकि 60 से ज्यादा घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में 22 लोगों की हालत गंभीर है।

पब के मुख्य द्वार से ऊंची लपटें उठती दिखीं

मौके पर पहुंचने वाले प्रत्यक्षदर्शियों ने ऑनलाइन वीडियो शेयर किए हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में उत्तरी बैंकॉक स्थित पब के मुख्य द्वार से ऊंची लपटें उठती दिखाई दे रही हैं। लोग जान बचाने के लिए बाहर भागते नजर आए, जबकि आसमान में काले धुएं का घना गुबार फैल गया। बताया जा रहा है कि उन्हें आधी रात के आसपास बैंकॉक के उत्तरी हिस्से में स्थित ना लादप्राओ पब में आग लगी।

63 लोगों को लाया गया अस्पताल

समाचार एजेंसी एपी ने बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सिट्टीपुंट के हवाले से बताया कि 63 लोगों को अस्पताल ले जाया गया। इनमें 22 की हालत गंभीर है। अधिकारियों के सामने लोगों पीड़ितों की पहचान करने में मुश्किल हो रही है, क्योंकि कई लोगों के पास आईडी नहीं थी या वे बेहोश थे। घटनास्थल पर अपने प्रियजनों की जानकारी लेने आ रहे लोगों से जानकारी इकठ्ठा करने के लिए एक रजिस्ट्रेशन डेस्क भी बनाया गया है।

अग्निकांड पर क्या बोले थाईलैंड के प्रधानमंत्री?

घटना की जानकारी के बाद थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीरकुल भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि हादसे में 27 लोगों की मौत हुई है और कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि पब में एक म्यूजीशियन ने सबसे पहले स्टेज के पास लगे सर्किट ब्रेकर से धुआं निकलते देखा। कुछ ही सेकंड बाद बिजली चली गई, फिर धमाके जैसी आवाज आई और पूरा हॉल काले धुएं से भर गया। अंधेरा इतना घना था कि लोग एक-दूसरे को देख तक नहीं पा रहे थे। बाहर निकलने की कोशिश में अफरा-तफरी मच गई

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

थाईलैंड में इस तरह की त्रासदियां पहले भी हो चुकी हैं। साल 2022 में देश के पूर्वी हिस्से के एक म्यूजिक पब में लगी आग में 14 लोगों की मौत हुई थी। इससे पहले 1 जनवरी 2009 को बैंकॉक के सैंटिका नाइटक्लब में नववर्ष समारोह के दौरान आग लगने से 66 लोगों की जान गई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे।

मिडिल ईस्ट में तेज होगी जंग, ईरान के साथ अमेरिका का सीज फायर खत्म, ट्रंप का ऐलान

#donaldtrumpannouncesendtoceasefirewith_iran

मिडिल ईस्ट में जंग तेज होने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर खत्म हो चुका है। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी घोषणा की। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि ईरान के साथ युद्धविराम खत्म हो गया है। ट्रंप ने ईरान पर समझौते से मुकरने का आरोप लगाया और कहा कि अब तेहरान के साथ बातचीत करना समय की बर्बादी है।

ईरान के साथ बातचीत बस समय की बर्बादी- ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप इस समय तुर्की की राजधानी अंकारा में हैं जहां वह नाटो शिखर सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं। यहां जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान के साथ युद्धविराम अब खत्म हो गया है, तो उन्होंने कहा, "मेरे हिसाब से तो यह खत्म हो गया है।" उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत (नेगोशिएशन) करना बस समय की बर्बादी है।

ईरान के लोग घटिया और बीमार सोच वाले-ट्रंप

हालांकि, ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के प्रतिनिधि ईरान के साथ बातचीत जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें शक है कि इसका कोई फायदा होगा भी या नहीं। उन्होंने कहा, "वे बातचीत कर सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि वे अपना समय बर्बाद कर रहे हैं।" ट्रंप ने कहा, "वे घटिया और बीमार सोच वाले लोग हैं, उन्हें बीमार सोच वाले लोग ही चलाते हैं, और वे बेरहम और हिंसक हैं। अगर उनके पास परमाणु हथियार होता, तो वे उसका इस्तेमाल जरूर करते।"

खाड़ी क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़े

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव फिर तेजी से बढ़ गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान का कहना है कि ये हमले उसके होर्मोज़गान प्रांत और महशहर बंदरगाह पर हुई अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में किए गए। ईरानी दावों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। बहरीन और कुवैत में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजने लगे, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। दोनों देशों के सुरक्षा तंत्र को तत्काल सक्रिय कर दिया गया।

ऐली परसौली गोडियन पुरवा में आयोजित होगा वृहद राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉकड्रिल एक्सरसाइज*
*गोण्डा 09 जून,2026*।उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से प्राप्त आदेश के अनुपालन में बाढ़ मॉक ड्रिल की रूपरेखा तैयार की गई है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा आगामी 11 जून 2026 को जनपद की तहसील तरबगंज अंतर्गत ग्राम ऐली परसौली स्थित गोडियन पुरवा घाट पर एक वृहद राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉक एक्सरसाइज-2026 का आयोजन किया जा रहा है।

यह महत्वपूर्ण अभ्यास प्रातः 09:00 बजे से होगा।

*मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य:*
तैयारियों का आकलन: बाढ़ जैसी गंभीर प्राकृतिक आपदा के समय प्रशासनिक तैयारियों त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और रिस्पांस टाइम को परखना।

अंतर-विभागीय समन्वय: पुलिस चिकित्सा स्वास्थ्य राजस्व अग्निशमन (Fire Brigade) और आपदा प्रबंधन टीमों के बीच आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत करना।

जन-जागरूकता: स्थानीय नागरिकों को बाढ़ के समय बरती जाने वाली सावधानियों और राहत व बचाव कार्यों के प्रति जागरूक करना।
इस कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाने के लिए संबंधित सभी विभागों को समय से अपनी तैयारियों के साथ मौके पर उपस्थित रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन ने स्थानीय जनमानस से भी अपील की है कि वे इस मॉक ड्रिल (अभ्यास) को वास्तविक आपदा न समझें यह केवल एक सुरक्षात्मक अभ्यास और तैयारी का हिस्सा है।
रेडी टू फायर’ मोड में भारत, पहली बार 12 परमाणु हथियार किए तैनात, रिपोर्ट में खुलासा

#indiafirsttimedeployedreadytofirenuclearmissiles

दुनिया में हथियारों पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने भारत में परमाणु हथियार को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। SIPRI ने अपनी ताजा रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत ने पहली बार 12 परमाणु हथियार ऑपरेशनल यानी तैयार स्थिति में तैनात किए हैं।

दशकों से चली आ रही नीति में बड़ा बदलाव

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह पहली बार है कि भारत के इन हथियारों को ऑपरेशनली डिप्लॉयड के तौर पर वर्गीकृत रखा गया है। यह दशकों से चली आ रही उस नीति से एक बड़ा बदलाव है, जिसके तहत परमाणु हथियारों और उन्हें पहुंचाने वाले सिस्टम को अलग-अलग जगहों पर रखा जाता था। भूमिगत मिसाइल भंडारगृहों और नई परमाणु पनडुब्बियों में दागने के लिए तैयार इन परमाणु हथियारों की तैनाती भारत की तैयारी का संकेत देती है।

परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर क्या है भारत की नीति?

भारत की परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल न करने की नीति है। ऐतिहासिक रूप से भारत ने 'डी-मेटेड न्यूक्लियर पॉलिसी' अपनाई थी। इसका मतलब था कि शांति के समय परमाणु हथियारों को मिसाइल या विमान से अलग रखा जाता था और सिर्फ गंभीर संकट के समय ही मिसाइल या विमान में असेंबल किया जाता था। SIPRI की रिपोर्ट भारत की इस नीति में बदलाव की ओर इशारा करती है। इसलिए पहली बार परमाणु हथियारों की तैनाती शायद भारत के परमाणु शक्ति बनने के बाद से सबसे बड़ा बदलाव है।

भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड

SIPRI की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले साल भारत के परमाणु हथियारों के भंडार में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, साथ ही बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) पर कुछ वॉरहेड तैनात किए गए हैं और डेटरेंस पेट्रोलिंग (रोकथाम के लिए गश्त) की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी 2026 तक भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड हैं। इनमें से 12 परमाणु वॉरहेड मिसाइलों, पनडुब्बियों या लड़ाकू विमानों जैसे डिलीवरी सिस्टम के साथ जोड़े गए हैं या ऑपरेशनल फोर्स वाले ठिकानों पर तैनात किए गए हैं।

2024 से INS अरिघात और अरिदमन ऑपरेशनल

रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2024 से भारत ने परमाणु मिसाइल ले जाने वाली दो पनडुब्बियों INS अरिघात और INS अरिदमन को ऑपरेशनल कर दिया है। दोनों पनडुब्बियां परमाणु मिसाइल ले जाने में सक्षम हैं और उन्हें डेटरेंस पेट्रोल यानी सुरक्षा और जवाबी क्षमता बनाए रखने वाली गश्त के लिए मंजूरी मिल चुकी है। परमाणु मिसाइलों से लैस ऐसी पनडुब्बियों को लंबी दूरी की गश्त पर भेजा जाता है, जो कई महीनों तक समुद्र में रह सकती हैं। इस दौरान वे सैन्य नेतृत्व के साथ समय-समय पर संपर्क बनाए रखती हैं।

कोलकाता में तारापीठ के होटल में लगी भीषण आग, 6 की झुलसकर मौत

#fireintarapithhotelinbirbhum6guestdeathsinwest_bengal

सावन के सोमवार के दिन बिहार के लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़ जैसी स्थिति के बाद बंगाल से भी हादसे की दर्दनाक खबर सामने आई है। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक बड़ा हादसा हुआ है। सोमवार सुबह तारापीठ के एक होटल में लगी भीषण आग में छह लोगों की जलकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जिस समय होटल में आग लगी, वहां पर रुके गेस्ट सो रहे थे। कई का दम घुटने लगा।

पहली मंजिल पर लगी आग तेजी से फैली

आग सुबह करीब 5 बजे तारापीठ के मंदिर वाले इलाके में स्थित चार मंजिला होटल की पहली मंजिल पर लगी। घटना ‘बिदिशिनी’ होटल में हुई, जो एक तालाब के पास और तारापीठ पुलिस स्टेशन से कुछ ही दूरी पर स्थित है। घटना की सूचना मिलते ही फायरफाइटर्स मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। हालांकि, उससे पहले तक आग तेजी से पूरे होटल में फैल गई, जिससे परिसर में घना धुआं भर गया और मेहमान अंदर ही फंस गए। दमकलकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। घायलों को बचाया गया और इलाज के लिए रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया।

दर्शन से पहले ही जलकर मौत

कहा जा रहा है कि बिंदिशिनी होटल तारापीठ मंदिर के पास है। यहां पर दर्शन करने वाले श्रद्धालु ही ज्यादातर इस होटल में रुकते हैं। जिन लोगों की आग में जलकर मौत हुई है, वे भी मंदिर में दर्शन करने आए थे। वे रात को यहां पहुंचे थे और आराम के लिए होटल में रुके थे। उन्हें सोमवार को मंदिर में दर्शन करने जाना था, लेकिन उससे पहले ही उनकी जलकर मौत हो गई।

शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी आग

होटल के अधिकारियों का दावा है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। कोलकाता की रहने वाली एक महिला आग से बचकर बाहर निकलने में सफल रही। उसने होटल के अंदर मची अफरा-तफरी को याद करते हुए बताया कि अचानक पूरे होटल में धुआं भर गया। सांस लेना मुश्किल हो गया और बाहर निकलने का रास्ता ढूंढना भी काफी कठिन था। अधिकारियों ने बताया कि मरने वालों में कुछ श्रद्धालु भी थे, जो प्रसिद्ध काली मंदिर में पूजा करने के लिए तारापीठ आए थे।

थाईलैंड के स्कूल में फायरिंग, छात्र ने शिक्षकों और साथी स्टूडेंट पर बरसाई गोलियां, 7 की मौत

#thaistudentopensfireatschoolkillingandinjuringseveralthencommitssuicide

थाईलैंड के एक स्कूल में शुक्रवार को गोलीबारी हुई। जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई है। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के पास एक छात्र ने स्कूल में गोलीबारी की। गोलीबारी की घटना में सात लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में तीन शिक्षक और तीन छात्र हैं। हमले का आरोपी भी मारा गया है। फायरिंग की इस घटना में 20 से 30 लोग घायल हुए हैं। एक स्कूल में गोलीबारी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बैंकॉक के उत्तर में नोंथबुरी प्रांत के बंग क्रुई जिले में व्यस्त हाईवे पर स्थित देबसिरिन नोंथबुरी स्कूल में फायरिंग हुई। रॉयटर्स के अनुसार, शिक्षा मंत्री प्रसर्ट जंतारारुआंगटोंग ने बताया कि शुक्रवार को थाईलैंड के स्कूल में हुई गोलीबारी में 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें शिक्षक और छात्र शामिल थे। मंत्री ने यह साफ नहीं किया कि मरने वाले चार लोगों में वह बंदूकधारी भी शामिल था या नहीं, जिसके बारे में पुलिस का कहना है कि उसने खुदकुशी कर ली थी।

प्रधानमंत्री ने शोक व्यक्त किया

प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने शोक व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पीड़ितों की देखभाल करने का आदेश दिया है। गोलीबारी के लगभग एक घंटे बाद घटनास्थल से मिली तस्वीरों में लोग स्कूल के बाहर खड़े होकर एक-दूसरे को सांत्वना देते हुए दिखाई दे रहे थे।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

थाईलैंड में गन कानून सख्त माने जाते हैं। अवैध हथियार रखने पर 10 साल तक की सजा हो सकती है। इसके बावजूद देश में इस तरह के हालात पैदा होते रहे हैं। फरवरी में दक्षिणी थाईलैंड के हात याई जिले में एक स्कूल में गोलीबारी में एक शिक्षक की मौत हुई थी और एक छात्र घायल हुआ था। अक्टूबर 2022 में नोंग बुआ लामफू प्रांत में एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने बंदूक और चाकू से हमला कर दर्जनों लोगों, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, की हत्या कर दी थी।

बैंकॉक के पब में लगी भीषण आग, 27 लोगों की दर्दनाक मौत, 60 से ज्यादा घायल

#thailandmassivefireatapubinbangkok27peopledead

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में सोमवार तड़के एक पब में भीषण आग लग गई। इस हादसे में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई। जबकि 60 से ज्यादा घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में 22 लोगों की हालत गंभीर है।

पब के मुख्य द्वार से ऊंची लपटें उठती दिखीं

मौके पर पहुंचने वाले प्रत्यक्षदर्शियों ने ऑनलाइन वीडियो शेयर किए हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में उत्तरी बैंकॉक स्थित पब के मुख्य द्वार से ऊंची लपटें उठती दिखाई दे रही हैं। लोग जान बचाने के लिए बाहर भागते नजर आए, जबकि आसमान में काले धुएं का घना गुबार फैल गया। बताया जा रहा है कि उन्हें आधी रात के आसपास बैंकॉक के उत्तरी हिस्से में स्थित ना लादप्राओ पब में आग लगी।

63 लोगों को लाया गया अस्पताल

समाचार एजेंसी एपी ने बैंकॉक के गवर्नर चाडचार्ट सिट्टीपुंट के हवाले से बताया कि 63 लोगों को अस्पताल ले जाया गया। इनमें 22 की हालत गंभीर है। अधिकारियों के सामने लोगों पीड़ितों की पहचान करने में मुश्किल हो रही है, क्योंकि कई लोगों के पास आईडी नहीं थी या वे बेहोश थे। घटनास्थल पर अपने प्रियजनों की जानकारी लेने आ रहे लोगों से जानकारी इकठ्ठा करने के लिए एक रजिस्ट्रेशन डेस्क भी बनाया गया है।

अग्निकांड पर क्या बोले थाईलैंड के प्रधानमंत्री?

घटना की जानकारी के बाद थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीरकुल भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि हादसे में 27 लोगों की मौत हुई है और कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि पब में एक म्यूजीशियन ने सबसे पहले स्टेज के पास लगे सर्किट ब्रेकर से धुआं निकलते देखा। कुछ ही सेकंड बाद बिजली चली गई, फिर धमाके जैसी आवाज आई और पूरा हॉल काले धुएं से भर गया। अंधेरा इतना घना था कि लोग एक-दूसरे को देख तक नहीं पा रहे थे। बाहर निकलने की कोशिश में अफरा-तफरी मच गई

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

थाईलैंड में इस तरह की त्रासदियां पहले भी हो चुकी हैं। साल 2022 में देश के पूर्वी हिस्से के एक म्यूजिक पब में लगी आग में 14 लोगों की मौत हुई थी। इससे पहले 1 जनवरी 2009 को बैंकॉक के सैंटिका नाइटक्लब में नववर्ष समारोह के दौरान आग लगने से 66 लोगों की जान गई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे।

मिडिल ईस्ट में तेज होगी जंग, ईरान के साथ अमेरिका का सीज फायर खत्म, ट्रंप का ऐलान

#donaldtrumpannouncesendtoceasefirewith_iran

मिडिल ईस्ट में जंग तेज होने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर खत्म हो चुका है। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी घोषणा की। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि ईरान के साथ युद्धविराम खत्म हो गया है। ट्रंप ने ईरान पर समझौते से मुकरने का आरोप लगाया और कहा कि अब तेहरान के साथ बातचीत करना समय की बर्बादी है।

ईरान के साथ बातचीत बस समय की बर्बादी- ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप इस समय तुर्की की राजधानी अंकारा में हैं जहां वह नाटो शिखर सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं। यहां जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान के साथ युद्धविराम अब खत्म हो गया है, तो उन्होंने कहा, "मेरे हिसाब से तो यह खत्म हो गया है।" उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत (नेगोशिएशन) करना बस समय की बर्बादी है।

ईरान के लोग घटिया और बीमार सोच वाले-ट्रंप

हालांकि, ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के प्रतिनिधि ईरान के साथ बातचीत जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें शक है कि इसका कोई फायदा होगा भी या नहीं। उन्होंने कहा, "वे बातचीत कर सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि वे अपना समय बर्बाद कर रहे हैं।" ट्रंप ने कहा, "वे घटिया और बीमार सोच वाले लोग हैं, उन्हें बीमार सोच वाले लोग ही चलाते हैं, और वे बेरहम और हिंसक हैं। अगर उनके पास परमाणु हथियार होता, तो वे उसका इस्तेमाल जरूर करते।"

खाड़ी क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़े

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव फिर तेजी से बढ़ गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान का कहना है कि ये हमले उसके होर्मोज़गान प्रांत और महशहर बंदरगाह पर हुई अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में किए गए। ईरानी दावों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। बहरीन और कुवैत में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजने लगे, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। दोनों देशों के सुरक्षा तंत्र को तत्काल सक्रिय कर दिया गया।

ऐली परसौली गोडियन पुरवा में आयोजित होगा वृहद राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉकड्रिल एक्सरसाइज*
*गोण्डा 09 जून,2026*।उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से प्राप्त आदेश के अनुपालन में बाढ़ मॉक ड्रिल की रूपरेखा तैयार की गई है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा आगामी 11 जून 2026 को जनपद की तहसील तरबगंज अंतर्गत ग्राम ऐली परसौली स्थित गोडियन पुरवा घाट पर एक वृहद राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉक एक्सरसाइज-2026 का आयोजन किया जा रहा है।

यह महत्वपूर्ण अभ्यास प्रातः 09:00 बजे से होगा।

*मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य:*
तैयारियों का आकलन: बाढ़ जैसी गंभीर प्राकृतिक आपदा के समय प्रशासनिक तैयारियों त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और रिस्पांस टाइम को परखना।

अंतर-विभागीय समन्वय: पुलिस चिकित्सा स्वास्थ्य राजस्व अग्निशमन (Fire Brigade) और आपदा प्रबंधन टीमों के बीच आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत करना।

जन-जागरूकता: स्थानीय नागरिकों को बाढ़ के समय बरती जाने वाली सावधानियों और राहत व बचाव कार्यों के प्रति जागरूक करना।
इस कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाने के लिए संबंधित सभी विभागों को समय से अपनी तैयारियों के साथ मौके पर उपस्थित रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन ने स्थानीय जनमानस से भी अपील की है कि वे इस मॉक ड्रिल (अभ्यास) को वास्तविक आपदा न समझें यह केवल एक सुरक्षात्मक अभ्यास और तैयारी का हिस्सा है।
रेडी टू फायर’ मोड में भारत, पहली बार 12 परमाणु हथियार किए तैनात, रिपोर्ट में खुलासा

#indiafirsttimedeployedreadytofirenuclearmissiles

दुनिया में हथियारों पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने भारत में परमाणु हथियार को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। SIPRI ने अपनी ताजा रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत ने पहली बार 12 परमाणु हथियार ऑपरेशनल यानी तैयार स्थिति में तैनात किए हैं।

दशकों से चली आ रही नीति में बड़ा बदलाव

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह पहली बार है कि भारत के इन हथियारों को ऑपरेशनली डिप्लॉयड के तौर पर वर्गीकृत रखा गया है। यह दशकों से चली आ रही उस नीति से एक बड़ा बदलाव है, जिसके तहत परमाणु हथियारों और उन्हें पहुंचाने वाले सिस्टम को अलग-अलग जगहों पर रखा जाता था। भूमिगत मिसाइल भंडारगृहों और नई परमाणु पनडुब्बियों में दागने के लिए तैयार इन परमाणु हथियारों की तैनाती भारत की तैयारी का संकेत देती है।

परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर क्या है भारत की नीति?

भारत की परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल न करने की नीति है। ऐतिहासिक रूप से भारत ने 'डी-मेटेड न्यूक्लियर पॉलिसी' अपनाई थी। इसका मतलब था कि शांति के समय परमाणु हथियारों को मिसाइल या विमान से अलग रखा जाता था और सिर्फ गंभीर संकट के समय ही मिसाइल या विमान में असेंबल किया जाता था। SIPRI की रिपोर्ट भारत की इस नीति में बदलाव की ओर इशारा करती है। इसलिए पहली बार परमाणु हथियारों की तैनाती शायद भारत के परमाणु शक्ति बनने के बाद से सबसे बड़ा बदलाव है।

भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड

SIPRI की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले साल भारत के परमाणु हथियारों के भंडार में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, साथ ही बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) पर कुछ वॉरहेड तैनात किए गए हैं और डेटरेंस पेट्रोलिंग (रोकथाम के लिए गश्त) की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी 2026 तक भारत के पास कुल 190 परमाणु वॉरहेड हैं। इनमें से 12 परमाणु वॉरहेड मिसाइलों, पनडुब्बियों या लड़ाकू विमानों जैसे डिलीवरी सिस्टम के साथ जोड़े गए हैं या ऑपरेशनल फोर्स वाले ठिकानों पर तैनात किए गए हैं।

2024 से INS अरिघात और अरिदमन ऑपरेशनल

रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2024 से भारत ने परमाणु मिसाइल ले जाने वाली दो पनडुब्बियों INS अरिघात और INS अरिदमन को ऑपरेशनल कर दिया है। दोनों पनडुब्बियां परमाणु मिसाइल ले जाने में सक्षम हैं और उन्हें डेटरेंस पेट्रोल यानी सुरक्षा और जवाबी क्षमता बनाए रखने वाली गश्त के लिए मंजूरी मिल चुकी है। परमाणु मिसाइलों से लैस ऐसी पनडुब्बियों को लंबी दूरी की गश्त पर भेजा जाता है, जो कई महीनों तक समुद्र में रह सकती हैं। इस दौरान वे सैन्य नेतृत्व के साथ समय-समय पर संपर्क बनाए रखती हैं।