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सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर, अब सीजेपी दिल्ली में नहीं करेगी प्रोटेस्ट

#cjpwithdrawscallformarchonseptember_5

दिल्ली में 5 सितंबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की तरफ से प्रस्तावित विरोध मार्च को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम जानकारी सामने आई। सीजेपी ने अदालत को बताया कि वह 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित अपने नए विरोध मार्च का आह्वान वापस ले रही है। यह फैसला केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर दिए गए आश्वासन के बाद लिया गया।

छात्रों के खिलाफ दर्ज 129 एफआईआर रद्द

कॉकरोच मूवमेंट के दौरान राजधानी दिल्ली और 4 राज्यों में प्रदर्शन को लेकर छात्रों के खिलाफ दर्ज 129 एफआईआर रद्द कर दी गई हैं। सरकार का कहना है प्रदर्शन खत्म होने के दौरान उसने छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का वादा किया था, जिसे अब पूरा कर लिया है। मंगलवार (1 सितंबर) को सरकार ने एफआईआर को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करने की अपील की, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

सीजेपी ने किया प्रदर्शन न करने का ऐलान

जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीजेपी के सौरव दास ने कहा, मैं यह कहना चाहता हूं कि भारत सरकार के सकारात्मक आश्वासनों और आज उन्हें मिली न्यायिक मान्यता को देखते हुए, और इस कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए, कॉकरोच जनता पार्टी 5 सितंबर को होने वाले मार्च के आह्वान को वापस लेना उचित समझता है। उम्मीद है कि सरकार अपने वचन का पालन करेगी।

एफआईआर वापस क्यों ली गई?

केंद्र की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी से वादा किया था कि अगर आंदोलन वापस ले लिए जाते हैं, तो मामले वापस ले लिए जाएंगे। मैंने दिल्ली के लिए लिस्ट दे दी है। इसके बाद बिहार, महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल ने भी केस वापिस की याचिका दाखिल की। इन राज्यों ने भी कहा कि हम केस वापस ले रहे हैं। इन सभी राज्यों में कुल 129 एफआईआर दर्ज थे। फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर छात्रों के प्रदर्शन को लेकर किसी अन्य राज्यों में भी कोई मुकदमा दर्ज है तो हम चाहते हैं कि वे जांच को आगे न बढ़ाएं।

20 जून को जंतर-मंतर से शुरू हुआ था आंदोलन

बता दें कि नीट अनियमितताओं के खिलाफ सीजेपी के नेतृत्व में आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। यह आंदोलन 25 जुलाई को उस समय समाप्त किया गया, जब तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और सरकार ने संगठन की अन्य मांगों को भी स्वीकार किया।

थरूर ने अपनी ही पार्टी को दिखाया आइना, 'छात्रों की गूंज' पर बोले- हम Gen Z की नब्ज नहीं पकड़ पाए

#shashitharooroncongressgenzchhatronkigoonjcjpstudent_protest

कांग्रेस सांसद शशि थरूर आए दिन अपनी ही पार्टी को लेकर ऐसा बयान देते हैं कि वह सुर्खियों में आ जाते हैं। एक बार फिर थरूर ने अपनी ही पार्टी को आइना दिखाने का काम किया है। राहुल गांधी की ‘छात्रों की गूंज’ कैंपेन को छात्रों से अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने की बात पर थरूर ने कहा, पार्टी शायद युवाओं और खासकर Gen Z की नब्ज पकड़ने में नाकाम रही।

'छात्रों की गूंज' सीजेपी प्रदर्शन जितना असरदार नहीं रहा-थरूर

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) ने हाल में जिन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया, वे मुद्दे कांग्रेस के छात्र संपर्क अभियान 'छात्रों की गूंज' का हिस्सा पहले से ही थे। जिसमें राहुल गांधी छात्रों से पेपर लीक के बारे में बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह अभियान सीजेपी के प्रदर्शन जितना असर नहीं छोड़ सका। शशि थरूर ने मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आईआईएमयूएन) की 15वीं वर्षगांठ के मौके पर बातचीत के दौरान यह बात कही।

थरूर बोले- हमें समझना होगा हम क्या नहीं कर पाए?

थरूर ने कहा, इसीलिए हमें खुद से पूछना चाहिए कि हम क्या नहीं कर पाए? कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को यह देखना होगा कि कहीं वह छात्रों की बात सुनने में तो नाकाम नहीं रही। उन्होंने कहा कि राजनीति में लोगों की नब्ज टटोलने की पुरानी कहावत है और कांग्रेस को यह समझना होगा कि वह इस मामले में कहां पीछे रह गई।

क्या हम Gen Z की नब्ज नहीं पकड़ पाए-थरूर

थरूर ने पूछा, “क्या हम ‘जेन ज़ी’ की नब्ज नहीं पकड़ पाए?” उनके इस बयान को कांग्रेस की युवा रणनीति और छात्रों के बीच पार्टी की पहुंच को लेकर अहम आत्ममंथन के तौर पर देखा जा रहा है। राहुल गांधी के कैंपेन को लेकर कांग्रेस के भीतर से ही थरूर का यह आत्ममंथन वाला बयान सियासी चर्चा का विषय बन गया है।

राहुल गांधी ने 17 जून को शुरू किया 'छात्रों की गूंज' अभियान

बता दें कि पेपर लीक के खिलाफ सबसे पहले आवाज उठाने वालों में कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई भी शामिल था। शुरुआती प्रदर्शनों में से एक के तहत नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने 12 मई को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन उस घटना के कुछ दिनों बाद हुआ था, जब पेपर लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने नीट परीक्षा रद्द कर दी थी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा से 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया था। इसके बाद यह अभियान देहरादून पहुंचा। वहां राहुल गांधी ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों से बातचीत की। राहुल गांधी ने परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों और परिवारों से बातचीत की। इसके बावजूद कांग्रेस की मुहिम उस व्यापक छात्र लामबंदी में नहीं बदल पाई

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन ने देश हिला दिया

वहीं, दूसरी ओर सीजेपी ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के खिलाफ 20 जून से प्रदर्शन शुरू किया था। संगठन ने सरकार से जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। यह प्रदर्शन धीरे-धीरे देश के पहले जेन जी प्रदर्शन के नाम से चर्चित हुआ। शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने छात्रों की मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की, तो प्रदर्शन और तेज हुआ। बाद में कई अन्य छात्र और कार्यकर्ता भी उनके साथ जुड़ गए। बाद में कॉकरेच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया। लेकिन तय मार्च से कुछ दिन पहले वांगचुक को जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल से हटा दिया गया। 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने कार्रवाई की। जिसके बाद सियसी विवाद बढ़ा जो धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के साथ थमा।

*जंतर-मंतर से खदेड़े गए सीजेपी समर्थक, संसद भवन के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

#cockroachjanatapartycjpparliament_march

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया दिया गया है। मंच खाली करा लिया गया और टेंट भी निकाल दिए गए है। छात्रों को मौके से खदेड़ा जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में युवाओं और छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद भवन की तरफ मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठीचार्ज कर दिया।

संसद का मेन गेट किया गया बंद

सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने संसद भवन के आसपास प्रदर्शन किया और आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था तुरंत कड़ी कर दी गई। संसद भवन का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान मौके पर जबरदस्त लाठीचार्ज हुआ।

संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

संसद भवन के कुछ गेट सोमवार को थोड़ी देर के लिए बंद कर दिए गए क्योंकि प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने परिसर की ओर मार्च करने का प्रयास किया। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल लोगों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों की ओर से लाठीचार्ज किए जाने और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने के बीच अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। संसद के निकट भारतीय रिजर्व बैंक के नजदीक सीजेपी के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने भारतीय रिजर्व बैंक के पास प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

जेपी नड्डा से मिला सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल

दिल्ली में जारी भारी विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने अपनी मांगों को लेकर एक पत्र भी सौंपा। सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें प्रतिनिधिमंडल के सदस्य केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र सौंपते और उनके साथ बैठक कर चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद 10 मिनट की मुलाकात

सौरव दास ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर जानकारी दी कि वह और आशुतोष रांका भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मिले। उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद दोनों की नड्डा से लगभग 10 मिनट तक मुलाकात हुई। सौरव दास के मुताबिक, वे अपनी मांगों से जुड़ा लिखित ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया में हैं। इस दौरान नड्डा ने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर चर्चा करेंगे।

जंतर-मंतर से खदेड़े गए सीजेपी समर्थक, संसद भवन के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

#cockroachjanatapartycjpparliament_march

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया दिया गया है। मंच खाली करा लिया गया और टेंट भी निकाल दिए गए है। छात्रों को मौके से खदेड़ा जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में युवाओं और छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद भवन की तरफ मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठीचार्ज कर दिया।

संसद का मेन गेट किया गया बंद

सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने संसद भवन के आसपास प्रदर्शन किया और आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था तुरंत कड़ी कर दी गई। संसद भवन का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान मौके पर जबरदस्त लाठीचार्ज हुआ।

संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

संसद भवन के कुछ गेट सोमवार को थोड़ी देर के लिए बंद कर दिए गए क्योंकि प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने परिसर की ओर मार्च करने का प्रयास किया। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल लोगों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों की ओर से लाठीचार्ज किए जाने और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने के बीच अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। संसद के निकट भारतीय रिजर्व बैंक के नजदीक सीजेपी के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने भारतीय रिजर्व बैंक के पास प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

जेपी नड्डा से मिला सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल

दिल्ली में जारी भारी विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने अपनी मांगों को लेकर एक पत्र भी सौंपा। सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें प्रतिनिधिमंडल के सदस्य केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र सौंपते और उनके साथ बैठक कर चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद 10 मिनट की मुलाकात

सौरव दास ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर जानकारी दी कि वह और आशुतोष रांका भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मिले। उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद दोनों की नड्डा से लगभग 10 मिनट तक मुलाकात हुई। सौरव दास के मुताबिक, वे अपनी मांगों से जुड़ा लिखित ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया में हैं। इस दौरान नड्डा ने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर चर्चा करेंगे।

कोटक महिंद्रा बैंक के चेयरमैन व शाखा प्रबंधक की गिरफ्तारी के आदेश

हेमन्त सोरेन ने हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन आज हूल दिवस के अवसर पर मोरहाबादी, रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर, अब सीजेपी दिल्ली में नहीं करेगी प्रोटेस्ट

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दिल्ली में 5 सितंबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की तरफ से प्रस्तावित विरोध मार्च को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम जानकारी सामने आई। सीजेपी ने अदालत को बताया कि वह 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित अपने नए विरोध मार्च का आह्वान वापस ले रही है। यह फैसला केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर दिए गए आश्वासन के बाद लिया गया।

छात्रों के खिलाफ दर्ज 129 एफआईआर रद्द

कॉकरोच मूवमेंट के दौरान राजधानी दिल्ली और 4 राज्यों में प्रदर्शन को लेकर छात्रों के खिलाफ दर्ज 129 एफआईआर रद्द कर दी गई हैं। सरकार का कहना है प्रदर्शन खत्म होने के दौरान उसने छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का वादा किया था, जिसे अब पूरा कर लिया है। मंगलवार (1 सितंबर) को सरकार ने एफआईआर को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करने की अपील की, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

सीजेपी ने किया प्रदर्शन न करने का ऐलान

जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीजेपी के सौरव दास ने कहा, मैं यह कहना चाहता हूं कि भारत सरकार के सकारात्मक आश्वासनों और आज उन्हें मिली न्यायिक मान्यता को देखते हुए, और इस कोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए, कॉकरोच जनता पार्टी 5 सितंबर को होने वाले मार्च के आह्वान को वापस लेना उचित समझता है। उम्मीद है कि सरकार अपने वचन का पालन करेगी।

एफआईआर वापस क्यों ली गई?

केंद्र की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी से वादा किया था कि अगर आंदोलन वापस ले लिए जाते हैं, तो मामले वापस ले लिए जाएंगे। मैंने दिल्ली के लिए लिस्ट दे दी है। इसके बाद बिहार, महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल ने भी केस वापिस की याचिका दाखिल की। इन राज्यों ने भी कहा कि हम केस वापस ले रहे हैं। इन सभी राज्यों में कुल 129 एफआईआर दर्ज थे। फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर छात्रों के प्रदर्शन को लेकर किसी अन्य राज्यों में भी कोई मुकदमा दर्ज है तो हम चाहते हैं कि वे जांच को आगे न बढ़ाएं।

20 जून को जंतर-मंतर से शुरू हुआ था आंदोलन

बता दें कि नीट अनियमितताओं के खिलाफ सीजेपी के नेतृत्व में आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। यह आंदोलन 25 जुलाई को उस समय समाप्त किया गया, जब तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और सरकार ने संगठन की अन्य मांगों को भी स्वीकार किया।

थरूर ने अपनी ही पार्टी को दिखाया आइना, 'छात्रों की गूंज' पर बोले- हम Gen Z की नब्ज नहीं पकड़ पाए

#shashitharooroncongressgenzchhatronkigoonjcjpstudent_protest

कांग्रेस सांसद शशि थरूर आए दिन अपनी ही पार्टी को लेकर ऐसा बयान देते हैं कि वह सुर्खियों में आ जाते हैं। एक बार फिर थरूर ने अपनी ही पार्टी को आइना दिखाने का काम किया है। राहुल गांधी की ‘छात्रों की गूंज’ कैंपेन को छात्रों से अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने की बात पर थरूर ने कहा, पार्टी शायद युवाओं और खासकर Gen Z की नब्ज पकड़ने में नाकाम रही।

'छात्रों की गूंज' सीजेपी प्रदर्शन जितना असरदार नहीं रहा-थरूर

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) ने हाल में जिन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया, वे मुद्दे कांग्रेस के छात्र संपर्क अभियान 'छात्रों की गूंज' का हिस्सा पहले से ही थे। जिसमें राहुल गांधी छात्रों से पेपर लीक के बारे में बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह अभियान सीजेपी के प्रदर्शन जितना असर नहीं छोड़ सका। शशि थरूर ने मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आईआईएमयूएन) की 15वीं वर्षगांठ के मौके पर बातचीत के दौरान यह बात कही।

थरूर बोले- हमें समझना होगा हम क्या नहीं कर पाए?

थरूर ने कहा, इसीलिए हमें खुद से पूछना चाहिए कि हम क्या नहीं कर पाए? कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को यह देखना होगा कि कहीं वह छात्रों की बात सुनने में तो नाकाम नहीं रही। उन्होंने कहा कि राजनीति में लोगों की नब्ज टटोलने की पुरानी कहावत है और कांग्रेस को यह समझना होगा कि वह इस मामले में कहां पीछे रह गई।

क्या हम Gen Z की नब्ज नहीं पकड़ पाए-थरूर

थरूर ने पूछा, “क्या हम ‘जेन ज़ी’ की नब्ज नहीं पकड़ पाए?” उनके इस बयान को कांग्रेस की युवा रणनीति और छात्रों के बीच पार्टी की पहुंच को लेकर अहम आत्ममंथन के तौर पर देखा जा रहा है। राहुल गांधी के कैंपेन को लेकर कांग्रेस के भीतर से ही थरूर का यह आत्ममंथन वाला बयान सियासी चर्चा का विषय बन गया है।

राहुल गांधी ने 17 जून को शुरू किया 'छात्रों की गूंज' अभियान

बता दें कि पेपर लीक के खिलाफ सबसे पहले आवाज उठाने वालों में कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई भी शामिल था। शुरुआती प्रदर्शनों में से एक के तहत नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने 12 मई को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन उस घटना के कुछ दिनों बाद हुआ था, जब पेपर लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने नीट परीक्षा रद्द कर दी थी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा से 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया था। इसके बाद यह अभियान देहरादून पहुंचा। वहां राहुल गांधी ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों से बातचीत की। राहुल गांधी ने परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों और परिवारों से बातचीत की। इसके बावजूद कांग्रेस की मुहिम उस व्यापक छात्र लामबंदी में नहीं बदल पाई

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन ने देश हिला दिया

वहीं, दूसरी ओर सीजेपी ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के खिलाफ 20 जून से प्रदर्शन शुरू किया था। संगठन ने सरकार से जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। यह प्रदर्शन धीरे-धीरे देश के पहले जेन जी प्रदर्शन के नाम से चर्चित हुआ। शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने छात्रों की मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की, तो प्रदर्शन और तेज हुआ। बाद में कई अन्य छात्र और कार्यकर्ता भी उनके साथ जुड़ गए। बाद में कॉकरेच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया। लेकिन तय मार्च से कुछ दिन पहले वांगचुक को जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल से हटा दिया गया। 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने कार्रवाई की। जिसके बाद सियसी विवाद बढ़ा जो धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के साथ थमा।

*जंतर-मंतर से खदेड़े गए सीजेपी समर्थक, संसद भवन के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

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कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया दिया गया है। मंच खाली करा लिया गया और टेंट भी निकाल दिए गए है। छात्रों को मौके से खदेड़ा जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में युवाओं और छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद भवन की तरफ मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठीचार्ज कर दिया।

संसद का मेन गेट किया गया बंद

सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने संसद भवन के आसपास प्रदर्शन किया और आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था तुरंत कड़ी कर दी गई। संसद भवन का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान मौके पर जबरदस्त लाठीचार्ज हुआ।

संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

संसद भवन के कुछ गेट सोमवार को थोड़ी देर के लिए बंद कर दिए गए क्योंकि प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने परिसर की ओर मार्च करने का प्रयास किया। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल लोगों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों की ओर से लाठीचार्ज किए जाने और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने के बीच अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। संसद के निकट भारतीय रिजर्व बैंक के नजदीक सीजेपी के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने भारतीय रिजर्व बैंक के पास प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

जेपी नड्डा से मिला सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल

दिल्ली में जारी भारी विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने अपनी मांगों को लेकर एक पत्र भी सौंपा। सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें प्रतिनिधिमंडल के सदस्य केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र सौंपते और उनके साथ बैठक कर चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद 10 मिनट की मुलाकात

सौरव दास ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर जानकारी दी कि वह और आशुतोष रांका भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मिले। उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद दोनों की नड्डा से लगभग 10 मिनट तक मुलाकात हुई। सौरव दास के मुताबिक, वे अपनी मांगों से जुड़ा लिखित ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया में हैं। इस दौरान नड्डा ने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर चर्चा करेंगे।

जंतर-मंतर से खदेड़े गए सीजेपी समर्थक, संसद भवन के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

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कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया दिया गया है। मंच खाली करा लिया गया और टेंट भी निकाल दिए गए है। छात्रों को मौके से खदेड़ा जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में युवाओं और छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद भवन की तरफ मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठीचार्ज कर दिया।

संसद का मेन गेट किया गया बंद

सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने संसद भवन के आसपास प्रदर्शन किया और आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था तुरंत कड़ी कर दी गई। संसद भवन का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान मौके पर जबरदस्त लाठीचार्ज हुआ।

संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

संसद भवन के कुछ गेट सोमवार को थोड़ी देर के लिए बंद कर दिए गए क्योंकि प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने परिसर की ओर मार्च करने का प्रयास किया। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल लोगों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों की ओर से लाठीचार्ज किए जाने और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने के बीच अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। संसद के निकट भारतीय रिजर्व बैंक के नजदीक सीजेपी के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने भारतीय रिजर्व बैंक के पास प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

जेपी नड्डा से मिला सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल

दिल्ली में जारी भारी विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने अपनी मांगों को लेकर एक पत्र भी सौंपा। सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें प्रतिनिधिमंडल के सदस्य केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र सौंपते और उनके साथ बैठक कर चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद 10 मिनट की मुलाकात

सौरव दास ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर जानकारी दी कि वह और आशुतोष रांका भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मिले। उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद दोनों की नड्डा से लगभग 10 मिनट तक मुलाकात हुई। सौरव दास के मुताबिक, वे अपनी मांगों से जुड़ा लिखित ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया में हैं। इस दौरान नड्डा ने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर चर्चा करेंगे।

कोटक महिंद्रा बैंक के चेयरमैन व शाखा प्रबंधक की गिरफ्तारी के आदेश

हेमन्त सोरेन ने हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन आज हूल दिवस के अवसर पर मोरहाबादी, रांची स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।