उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न, पहाड़ों पर बर्फबारी; कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

- अगले दो दिन तक बिगड़ा रह सकता है मौसम, नैनीताल, चम्पावत और देहरादून में विशेष सतर्कता की चेतावनी

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। मौसम में आए इस बदलाव से पहाड़ों में ठंड बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना जताते हुए कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के आसार हैं। विशेष रूप से नैनीताल, चम्पावत और देहरादून में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के चलते तापमान में गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं, पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति और प्रशासन की एडवाइजरी का ध्यान रखने की जरूरत है। मौसम के इस बदले मिजाज से प्रदेश में सर्दी का अहसास बढ़ने लगा है।
उत्तराखंड: सुंदरकांड पाठ के साथ भागीरथ महोत्सव मेला 2026 का भव्य शुभारंभ
- बैलून उड़ाकर दिया खुशहाली, सामाजिक समरसता और सद्भाव का संदेश

हरिद्वार, उत्तराखंड। सुंदरकांड पाठ एवं धार्मिक विधि-विधान के साथ भागीरथ महोत्सव मेला 2026 का विधिवत शुभारंभ हुआ। शुभारंभ अवसर पर बैलून उड़ाकर खुशहाली, सामाजिक समरसता एवं सद्भाव का संदेश दिया गया। इस अवसर पर यूनियन, फेडरेशन एवं एसोसिएशन के पदाधिकारी, विभिन्न समाजों के गणमान्य नागरिक, समिति के संरक्षक सुकरम पाल सहित पूरी टीम भागीरथ परिवार मौजूद रही।
समिति के अध्यक्ष मनोज यादव ने बताया कि भागीरथ महोत्सव मेले में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा, मां की चौकी, गरबा डांस सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मेले में आकर्षक झूले, जलपरी, भूत बंगला और मारुति सर्कस विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इसके अलावा मेले में स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ क्रॉकरी, फर्नीचर, कपड़े एवं अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुओं की विभिन्न दुकानें भी लगाई गई हैं। समिति के सचिव परमाल सिंह ने बताया कि मेले में आने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षा गार्ड, बाउंसर एवं सीसीटीवी कैमरों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
समिति के उपाध्यक्ष तरूण शुक्ल ने बताया कि टीम भागीरथ के सदस्य मेले के कोने-कोने में व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए मुस्तैद रहेंगे। इसका उद्देश्य मेले में आने वाले लोगों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है। सांस्कृतिक आयोजन के संयोजक संतोष साहु ने बताया कि हरिद्वार के विभिन्न स्कूलों एवं सांस्कृतिक संस्थाओं से जुड़े कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मेले में विशेष सांस्कृतिक मंच उपलब्ध कराया जाएगा। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला एवं संस्कृति को मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
कोषाध्यक्ष प्रवीन बरदिया ने बताया कि मेले में गरबा डांस के लिए प्रतिभागियों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। प्रतिभागियों से निर्धारित शुल्क लिया जाएगा और रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर लकी ड्रा भी निकाला जाएगा।
समिति पदाधिकारियों ने शहरवासियों से अपील की कि वे परिवार सहित भागीरथ महोत्सव मेले में पहुंचकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं मनोरंजन का आनंद लें और सामाजिक एकता, समरसता एवं सद्भाव के संदेश को और मजबूत बनाने में सहभागी बनें।
14वें उपराष्ट्रपति, भारत  जगदीप धनखड़  एवं उनकी धर्मपत्नी  सुदेश धनखड़  का परमार्थ निकेतन आगमन
संवैधानिक गरिमा, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रसेवा के संकल्प का हुआ दिव्य संगम

आध्यात्मिक ऊर्जा से स्पंदित परमार्थ प्रांगण में वैदिक परंपरा के साथ हुआ भव्य अभिनन्दन

परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों एवं आचार्यों ने शंखनाद, पुष्पवर्षा और वेदमंत्रों से किया  जगदीप धनखड़ जी का स्वागत



ऋषिकेश, 5 अक्टूबर। हिमालय की गोद और माँ गंगा के पावन तट पर स्थित परमार्थ निकेतन के आध्यात्मिक प्रांगण आज भारत के संवैधानिक जीवन की एक गरिमामयी यात्रा को जीने वाले 14वें उपराष्ट्रपति, भारत  जगदीप धनखड़  का आगमन हुआ। यह भारत की संवैधानिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रसेवा के मूल्यों का दिव्य संगम है। परमार्थ निकेतन की पावन धरती पर  धनखड़  एवं उनकी धर्मपत्नी सुदेश धनखड़  का स्वागत परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों एवं आचार्यों ने शंखनाद, पुष्पवर्षा और वेदमंत्रों की मंगलमय ध्वनि के साथ किया। वैदिक परम्परा की यह अभिनन्दन-वेला भारत की उस सनातन संस्कृति का जीवंत दर्शन है, जहाँ ‘अतिथि देवो भवः’ की अनुभूति होती है। परमार्थ पीठाधीश्वर, स्वामी चिदानन्द सरस्वती  महाराज एवं पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी ने  धनखड़  का आत्मीय अभिनन्दन किया। इस अवसर पर तीनों विभूतियों के मध्य राष्ट्र, समाज, संस्कृति, पर्यावरण, शिक्षा, युवा पीढ़ी तथा भारत की आध्यात्मिक विरासत सहित विभिन्न समसामयिक विषयों पर सार्थक संवाद हुआ। जगदीप धनखड़  का सार्वजनिक जीवन संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों, विधि के शासन और राष्ट्रहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का अनुपम संगम है। एक अधिवक्ता, जनप्रतिनिधि, राज्यपाल और देश के उपराष्ट्रपति के रूप में उन्होंने सार्वजनिक जीवन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। उनके व्यक्तित्व में संवैधानिक मर्यादा और भारतीय माटी से जुड़ी सहजता का अद्भुत समन्वय है।

परमार्थ निकेतन में संविधान की मर्यादा और संस्कृति की चेतना एक-दूसरे के सम्मुख नहीं, बल्कि साथ-साथ दिखाई दीं। पूज्य स्वामी जी ने सदैव देव भक्ति व देशभक्ति साथ साथ के इस भाव को आगे बढ़ाया। उनका अद्भुत चिंतन है कि भारत की शक्ति केवल उसकी भौतिक प्रगति में नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, करुणा, सेवा, साधना और प्रकृति के प्रति श्रद्धा में भी निहित है। स्वामी चिदानन्द सरस्वती  का जीवन स्वयं ‘सेवा को साधना और साधना को सेवा’ बनाने का प्रेरणादायक उदाहरण है। गंगा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, योग, भारतीय     संस्कृति तथा वैश्विक शांति के लिए उनके निरंतर प्रयासों ने परमार्थ निकेतन को सेवा और आध्यात्मिक जागरण का एक वैश्विक केन्द्र बनाया है।

स्वामी  ने कहा कि भारत की आत्मा उसकी संस्कृति में है और भारत की शक्ति उसकी युवा पीढ़ी में। जब हमारी युवा शक्ति अपनी जड़ों से जुड़ेगी, आधुनिक ज्ञान के साथ भारतीय संस्कारों को आत्मसात करेगी और राष्ट्रसेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाएगी, तभी विकसित भारत का संकल्प वास्तव में साकार होगा। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व को केवल आर्थिक विकास का मॉडल नहीं, बल्कि मानवता, पर्यावरणीय संतुलन, योग, शांति और सह-अस्तित्व की         जीवनदृष्टि भी दे रहा है। भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी इस हेतु स्वयं प्रतिबद्ध हैं।

श्री जगदीप धनखड़ जी ने कहा कि भारत की पहचान उसकी समृद्ध आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से है। माँ गंगा के पावन तट पर आकर एक अद्भुत शांति और ऊर्जा की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि परमार्थ निकेतन द्वारा सेवा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता और मानव कल्याण के लिए किए जा रहे कार्य अत्यंत प्रेरणादायी हैं। उन्होंने परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों की वैदिक शिक्षा और भारतीय संस्कारों के संरक्षण की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हमारी युवा पीढ़ी आधुनिक ज्ञान के साथ अपनी संस्कृति, परम्पराओं और नैतिक मूल्यों से भी गहराई से जुड़े, क्योंकि यही भारत के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती जी ने भी इस अवसर पर भारतीय आध्यात्मिक परम्परा की उस व्यापक दृष्टि को रेखांकित किया, जो सम्पूर्ण विश्व को एक परिवार मानती है। उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक विरासत का संदेश किसी एक वर्ग, क्षेत्र या राष्ट्र तक सीमित नहीं, बल्कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की वैश्विक चेतना से जुड़ा है।

यह भेंट उस भारत की तस्वीर प्रस्तुत करती है जहाँ संविधान की शक्ति और    संस्कृति की चेतना, लोकतंत्र की गरिमा और अध्यात्म की गहराई, राष्ट्रनिर्माण और लोककल्याण एक-दूसरे के पूरक हैं।

श्री जगदीप धनखड़ जी का परमार्थ निकेतन आगमन इसी जीवंत भारतीय चेतना के प्रति एक आत्मीय अभिवादन है, जहाँ संविधान की गरिमा मिली संस्कृति की आत्मा से और राष्ट्रसेवा का संकल्प मिला माँ गंगा की निर्मल धारा से। पूज्य स्वामी जी ने श्री जगदीप धनखड़ जी को भगवान शिव जी की दिव्य प्रतिमा, रूद्राक्ष का पौधा और सद्साहित्य भेंट कर उनका अभिनन्दन किया।
उत्तराखंड: उत्कृष्ट सहयोग के लिए ट्रस्ट पदाधिकारियों का हुआ सम्मान

- सामाजिक कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय

हरिद्वार, उत्तराखंड। संकल्प सेवापरमो धर्म ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की समीक्षा की गई तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए गए।

इस अवसर पर ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी राहुल राजा, सह मीडिया प्रभारी प्रमोद कुमार तथा मंत्री माया शर्मा को ट्रस्ट के कार्यों में उत्कृष्ट सहयोग एवं सक्रिय योगदान के लिए सम्मान पत्र प्रदान कर तथा पटका पहनाकर सम्मानित किया गया।

बैठक में ट्रस्ट की संस्थापक अध्यक्ष रंजीता झा, सचिव तरुण कुमार शुक्ला, उपाध्यक्ष बृजभूषण तिवारी, मार्गदर्शक विनोद त्रिपाठी, वरिष्ठ सदस्य संतोष झा, सह सचिव हरिनारायण त्रिपाठी, सह सचिव चारु शुक्ला, सह कोषाध्यक्ष संगीता बंसल, वरिष्ठ सदस्य अंजली अग्रवाल एवं वरिष्ठ सदस्य रीनू तोमर उपस्थित रहीं।

बैठक के दौरान ट्रस्ट की ओर से निरंतर किए जा रहे सामाजिक एवं जनसेवा के कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। साथ ही आगामी सामाजिक कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आयोजित करने के लिए रूपरेखा तैयार की गई। सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने संकल्प सेवापरमो धर्म ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ट्रस्ट की गतिविधियों में हर संभव सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।

ACHIEVE-2026 में प्रभाकर चंद्रशेखर शुक्ल ‘रिंकू’ को मिला ‘STL’ अवॉर्ड

देहरादून। श्री रामलीला उत्सव समिति के अध्यक्ष प्रभाकर चंद्रशेखर शुक्ल ‘रिंकू’ को ACHIEVE-2026 कार्यक्रम में प्रतिष्ठित “Social Transformation & Leadership Award” से सम्मानित किया गया। सामाजिक परिवर्तन, नेतृत्व क्षमता एवं समाजहित में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मिले इस सम्मान से समर्थकों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है।श्री शुक्ल ‘रिंकू’ के सामाजिक सरोकारों, समाज के प्रति समर्पण और सकारात्मक सोच को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान मिलने पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। बधाई देने वालों ने कहा कि यह सम्मान उनके निरंतर सामाजिक प्रयासों और नेतृत्व क्षमता का सम्मान है। उनकी यह उपलब्धि समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के लिए प्रेरणादायी है।
इस अवसर पर उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करते हुए उम्मीद जताई गई कि वे आगे भी समाजहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे।
कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ, श्रद्धालुओं की सेवा के लिए संकल्प सेवा परमोधर्म ट्रस्ट की पहल

-  महामंडलेश्वर डॉ. संतोषानंद महाराज ने किया उद्घाटन, विधायक आदेश चौहान ने भी किया कांवड़ियों का स्वागत


हरिद्वार। पवित्र श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के अवसर पर संकल्प सेवा परमोधर्म ट्रस्ट द्वारा उत्तराखंड संस्कृति विश्वविद्यालय के समीप प्रागढ़ नहर पटरी पर आयोजित कांवड़ प्राथमिक उपचार सेवा शिविर का शुभारंभ शुक्रवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। शिविर का उद्घाटन ट्रस्ट के संरक्षक एवं अवधूत मंडल आश्रम, बाबा हीरादास हनुमान मंदिर के महामंडलेश्वर परमपूज्य स्वामी डॉ. संतोषानंद महाराज ने फीता काटकर किया।
उद्घाटन अवसर पर दिल्ली- यू.पी. बॉर्डर कांवड़ सेवा समिति के संरक्षक गोपाल चंद्र मित्तल, ट्रस्ट की संस्थापक अध्यक्ष रंजीता झा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज द्विवेदी, सचिव तरुण कुमार शुक्ल, सहसचिव हरिनारायण त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष सुधा राठौर, सहकोषाध्यक्ष संगीता बंसल, मंत्री माया देवी, कार्यक्रम संयोजक सचिन चौधरी, वरिष्ठ सदस्य श्याम चरण शुक्ल, अंशुल देव, आशा मंडल सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस दौरान महामंडलेश्वर डॉ. संतोषानंद महाराज ने कांवड़ियों का चंदन लगाकर एवं पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया। वहीं गोपाल चंद्र मित्तल और मनोज द्विवेदी ने महाराज का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया, जबकि ट्रस्ट की संस्थापक अध्यक्ष रंजीता झा एवं महिला सदस्यों ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।

महामंडलेश्वर ने अपने संबोधन में कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति तन, मन और धन से समाज सेवा कर सकता है तथा श्रावण मास में भगवान शिव के भक्तों की सेवा करना अत्यंत पुण्य का कार्य है। उन्होंने सभी लोगों से इस सेवा अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर रानीपुर विधानसभा के विधायक आदेश चौहान भी शिविर पहुंचे। उन्होंने कांवड़ियों का चंदन और माल्यार्पण कर स्वागत किया तथा स्वयं भी सेवा कार्य में भाग लिया। विधायक ने संकल्प सेवा परमोधर्म ट्रस्ट की सराहना करते हुए कहा कि संस्था हमेशा सामाजिक कार्यों में अग्रणी रही है और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करना अत्यंत सराहनीय और मानवता की मिसाल है।
विधायक आदेश चौहान का सम्मान ट्रस्ट के सचिव तरुण कुमार शुक्ल एवं सहसचिव हरिनारायण त्रिपाठी ने किया। शिविर के प्रथम दिवस की सेवा में ज्ञान प्रकाश सिंह, संजय कुमार, जितेंद्र शुक्ल, संतोष झा और रोहित मिश्रा सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहयोग दिया।
कार्यक्रम के अंत में ट्रस्ट के सचिव तरुण कुमार शुक्ल ने सभी अतिथियों, दिल्ली यू.पी. कांवड़ सेवा समिति और संकल्प सेवा परमोधर्म ट्रस्ट की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।
हरिद्वार से कांवड़ यात्रा 2026 का शुभारंभ, पहले दिन उमड़ा आस्था का सैलाब

-  सावन के पहले दिन बड़ी संख्या में पहुंचे शिवभक्त, सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

हरिद्वार, उत्तराखंड। सावन माह के प्रथम दिन गुरुवार से कांवड़ यात्रा 2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया। यात्रा की शुरुआत के साथ ही धर्मनगरी हरिद्वार में देशभर से बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री पहुंचने लगे हैं। गंगा तट और प्रमुख घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां शिवभक्त गंगाजल भरकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं।
कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु आवागमन को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतज़ाम किए हैं। प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन, चिकित्सा शिविर, पेयजल और विश्राम स्थलों की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रशासन लगातार यात्रा मार्गों की निगरानी कर रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस वर्ष कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त 2026 को श्रावण शिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों का पालन करने, सुरक्षा निर्देशों का अनुपालन करने और यात्रा के दौरान सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
बड़ी कार्रवाई: नामी दवा कंपनियों के नाम पर नकली दवाएं बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़

-  एफएसडीए और गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई, कई ब्रांडों के नाम पर तैयार हो रही थीं स्प्यूरियस दवाइयां; विधिक कार्रवाई शुरू

देहरादून/लखनऊ। नकली एवं अवैध दवाइयों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड के देहरादून स्थित देवीपुर, न्यू हाईवे रोड, परवाल क्षेत्र में संचालित एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री में कई नामी दवा कंपनियों के नाम पर स्प्यूरियस (नकली) दवाइयों का निर्माण किए जाने का खुलासा हुआ है।
संयुक्त टीम की छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में संदिग्ध दवाइयां, पैकेजिंग सामग्री, रैपर, लेबल तथा निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री में Cipla, Lupin, Dr. Reddy’s, Elder, Micro, Mankind, Intas, Abbott, Sun Pharma, Aristo, Macleods और Zydus सहित कई प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नाम और ब्रांड का दुरुपयोग कर नकली दवाइयां तैयार की जा रही थीं।
एफएसडीए अधिकारियों ने बताया कि जब्त दवाइयों और अन्य सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकली दवाइयों की आपूर्ति किन-किन राज्यों और बाजारों तक की जा रही थी।
अधिकारियों के मुताबिक, मामले में संबंधित कानूनों के तहत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। नकली दवाइयों के निर्माण और बिक्री में शामिल पूरे गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एफएसडीए ने आम जनता से अपील की है कि दवाइयां केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर से ही खरीदें और किसी भी संदिग्ध दवा या अवैध गतिविधि की जानकारी तत्काल विभाग को दें, ताकि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
भनियावाला–ऋषिकेश फोरलेन परियोजना के लिए पेड़ कटान का विरोध तेज, प्रदर्शनकारियों और वन विभाग में टकराव
-  करीब 3,000 पेड़ों की कटाई का विरोध, पुलिस की मौजूदगी में चल रही कार्रवाई; पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी



देहरादून। उत्तराखंड में भनियावाला–ऋषिकेश फोरलेन हाईवे परियोजना के लिए प्रस्तावित करीब 3,000 पेड़ों की कटाई को लेकर विरोध तेज हो गया है। सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ता लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की जा रही है, वहां घना वन क्षेत्र है और अनेक वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास मौजूद है। उनका आरोप है कि बड़े पैमाने पर पेड़ कटने से जैव विविधता और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
वहीं, वन विभाग परियोजना के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पेड़ कटान की कार्रवाई कर रहा है। विरोध को देखते हुए कटान के दौरान पुलिस बल भी तैनात किया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और कार्य में बाधा न आए।
कटान के दौरान प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। मौके पर एक महिला प्रदर्शनकारी ने पेड़ काट रहे कर्मियों से भावुक अपील करते हुए कहा, "तेरी आत्मा मर गई है? अपनी मां पर छुरी चला रहा है?" यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से साझा किया जा रहा है।
फिलहाल, एक ओर प्रशासन परियोजना को क्षेत्र की यातायात सुविधा और विकास के लिए आवश्यक बता रहा है, जबकि दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठन पेड़ों की कटाई रोकने और वैकल्पिक समाधान तलाशने की मांग पर अड़े हुए हैं।
देहरादून में राहुल गांधी के कार्यक्रम पर सियासी घमासान, अनुमति रद्द होने पर कांग्रेस का हंगामा

-  'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले आधी रात तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, पुलिस-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प; अब बन्नू स्कूल में होगा आयोजन

ब्यूरो उत्तराखंड

देहरादून। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 17 जुलाई को प्रस्तावित "छात्रों की गूंज" कार्यक्रम को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। कार्यक्रम स्थल को लेकर जिला प्रशासन और कांग्रेस के बीच विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद देर रात तक हाई-वोल्टेज घटनाक्रम देखने को मिला।
कांग्रेस का कहना है कि जिला प्रशासन ने पहले 15, 16 और 17 जुलाई के लिए कार्यक्रम की अनुमति दी थी और निर्धारित शुल्क भी जमा करा दिया गया था। पार्टी का आरोप है कि अंतिम समय में प्रशासन ने अनुमति निरस्त कर कार्यक्रम को दूसरे स्थान पर आयोजित करने के लिए कहा।
इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार देर रात कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता परेड ग्राउंड पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
बाद में कांग्रेस ने कार्यक्रम को रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल में आयोजित करने पर सहमति जताई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राहुल गांधी के कार्यक्रम से घबरा गई है और प्रशासन के माध्यम से कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश की गई।
हालांकि, प्रशासन की ओर से अनुमति बदले जाने के कारणों पर आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।