लखनऊ : चिनहट व बीकेटी में 08 अवैध प्लाटिंग ध्वस्त

- एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन टीम ने की कार्रवाई 

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने बुधवार को चिनहट व बीकेटी क्षेत्र में अभियान चलाया। इस दौरान लगभग 45 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही 08 अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया गया। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-1 एवं जोन-4 की टीम ने यह कार्रवाई की। 

 प्रवर्तन जोन-1 के जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह ने बताया कि चिनहट के ग्राम-मेहोरा में कार्रवाई की गयी। जिसमें मोहन, राज, धर्मवीर, राजवीर, विजय कुमार, ओमप्रकाश व अन्य द्वारा लगभग 35 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही 06 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। एलडीए से ले-आउट स्वीकृत कराये बिना की जा रही उक्त अवैध प्लाटिंग के विरूद्ध विहित न्यायालय द्वारा ध्वस्तीकरण के आदेश पारित किये गये थे।

 प्रवर्तन जोन-4 के जोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह ने बताया कि बीकेटी के ग्राम-इंदौराबाग व ग्राम-रामपुर देवरई में अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रज्जवल सिंह चौहान, कृष्ण कुमार अग्रवाल व अन्य द्वारा लगभग 10 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही 02 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया।

विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा प्रशासन, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश

- कहा- सेक्टर ऑफिसर एवं सेक्टर पुलिस ऑफिसर की एक सप्ताह में नियुक्ति सुनिश्चित करें 

- बोले- मतदेय स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्था का किया जाए समयबद्ध सत्यापन

लखनऊ, 07 अक्टूबर, 2026।

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की अध्यक्षता में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस आयुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन की तैयारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा सामान्य निर्वाचन की तिथि से चार माह पूर्व सेक्टर ऑफिसर एवं सेक्टर पुलिस ऑफिसर की नियुक्ति किए जाने का प्राविधान है। विगत विधानसभा निर्वाचन में मतदान की प्रथम तिथि को दृष्टिगत रखते हुए आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के लिए एक सप्ताह में सेक्टर ऑफिसर एवं सेक्टर पुलिस ऑफिसर की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सेक्टर ऑफिसर एवं सेक्टर पुलिस ऑफिसर के रूप में संवेदनशील एवं सक्षम अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। नियुक्ति के उपरांत जनपद स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से उन्हें उनके दायित्वों एवं निर्वाचन संबंधी प्राविधानों का प्रशिक्षण भी समय से प्रदान किया जाए, ताकि निर्वाचन के दौरान अधिकारी अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सेक्टर ऑफिसर मतदान से पूर्व ईवीएम जागरूकता कार्यक्रमों तथा मतदान के दिन मतदान संबंधी कार्यवाहियों का अपने क्षेत्र में पर्यवेक्षण करेंगे। मतदान दिवस पर संबंधित मतदेय स्थलों के मतदान अधिकारियों के कार्यों का भी सेक्टर ऑफिसर द्वारा पर्यवेक्षण किया जाएगा।

श्री रिणवा ने निर्देश दिए कि सेक्टर ऑफिसर एवं सेक्टर पुलिस ऑफिसर को वल्नरेबिलिटी मैपिंग से संबंधित फॉर्मेट वीएम-1 समय से उपलब्ध कराया जाए। वीएम-1 में विगत लोकसभा एवं विधानसभा निर्वाचनों में हुए आपराधिक मुकदमों, जातिगत हिंसा, आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन, नकदी एवं अन्य प्रकार की सामग्रियों की जब्ती, पुनर्मतदान, गंभीर आपराधिक मुकदमों वाले व्यक्तियों तथा शराब से संबंधित मुकदमों आदि का विवरण अंकित किया जाता है। उन्होंने कहा कि वीएम-1 के आधार पर सेक्टर ऑफिसर एवं सेक्टर पुलिस ऑफिसर अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए आवश्यक अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सेक्टर ऑफिसरों को अपने-अपने क्षेत्र के मतदेय स्थलों का भ्रमण कर मतदान कार्मिकों एवं मतदाताओं की सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदेय स्थल तक पहुंचने वाले मार्ग तथा विद्युत, फर्नीचर, रैम्प, शौचालय, छाया एवं पेयजल जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का सत्यापन किया जाए। सेक्टर ऑफिसर निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी रिपोर्ट का अवलोकन कर जिन मतदेय स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं की कमी पाई जाए, वहां संबंधित विभागो से समन्वय स्थापित कर कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराएंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि क्रिटिकल मतदेय स्थलों के चयन का आधार हैण्डबुक फॉर सेक्टर ऑफिसर में निर्धारित किया गया है। निर्धारित मानकों के आधार पर क्रिटिकल मतदेय स्थलों की सूची तैयार करने की कार्रवाई समय से पूर्ण कर ली जाए। उन्होंने ऐसे मतदेय स्थलों का भी चिह्नांकन करने के निर्देश दिए, जहां मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है। संबंधित जनपद के सर्विस प्रोवाइडर के साथ समन्वय स्थापित कर इन मतदेय स्थलों पर नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान संचार एवं निर्वाचन संबंधी कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

श्री रिणवा ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को ईवीएम वेयरहाउस के मासिक एवं त्रैमासिक निरीक्षण के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के ईवीएम मैनुअल में निर्धारित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वेयरहाउस में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग का 30 दिन का बैकअप अनिवार्य रूप से उपलब्ध होना चाहिए। वर्तमान में कई जनपदों में ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में वेयरहाउस में यदि दीमक, सीपेज अथवा अन्य किसी प्रकार की समस्या हो तो उसे एफएलसी अवधि के दौरान ही दुरुस्त करा लिया जाए। उन्होंने वेयरहाउस में सुरक्षा व्यवस्था भी निर्धारित मैनुअल के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संबंधित क्षेत्र के थानाध्यक्ष एवं पुलिस उपाधीक्षक द्वारा समय-समय पर वेयरहाउस में सुरक्षा बल की उपस्थिति एवं सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण भी किया जाए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत सभी तैयारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप पूर्ण किया जाए, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जा सके।

कांग्रेस के शहजादे विरासत से आए, मोदी जनादेश से प्रधानमंत्री बने: नितिन नवीन

 - भाजपा अध्यक्ष बोले - घुसपैठियों को हक दिलाने की विपक्ष की कोशिश सफल नहीं होने देगी जनता

- असम के सीएम हिमंता बोले-कभी असम में होते थे बम धमाके, आज हो रहा सेमीकंडक्टर रेवोल्यूशन

वाराणसी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के राजपरिवार के शहजादे विरासत के सहारे राजनीति में पहुंचे, जबकि नरेंद्र मोदी को जनता के सामने प्रधानमंत्री पद के लिए घोषित किया गया और देश की जनता ने उन्हें जनादेश देकर दिल्ली पहुंचाया। विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि देश की जनता उसके मकसद को कभी पूरा नहीं होने देगी।

 नितिन नवीन संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में वडनगर से काशी पहुंची सेवा संकल्प यात्रा के समापन और यात्रियों के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर निकाली गई यात्रा में शामिल युवाओं का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि ये युवा गांव-गांव गए, सेवा के साथ संवाद किया और लोगों के बीच योजनाओं की चर्चा की। आज का दिन विकसित भारत के सपने को पूरा करने का संकल्प लेने का भी दिन है।

- मोदी को बताया इतिहास निर्माता

नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री मोदी को इतिहास निर्माता बताते हुए कहा कि इतिहास के पन्नों को पलटने, इतिहास गढ़ने और लोगों के जीवन में बदलाव लाने की क्षमता रखने वाला ही इतिहास का निर्माणकर्ता बन सकता है। पिछले 25 वर्षों को पीछे मुड़कर देखने पर यह साफ दिखाई देता है। कच्छ से निकला मलबा गुजरात के नवनिर्माण का आधार बना और वहां से उठी चीखें जनभावना की आवाज बनीं। नरेंद्र मोदी ने खुद को गुजरात के लिए समर्पित कर उसे विश्व पटल पर पहुंचाया। उन्होंने कहा कि 2014 में देश में निराशा का वातावरण था और युवा हताश थे। प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं में आशा और उम्मीद जगाई। आज युवा जॉब सीकर से जॉब प्रोवाइडर बन रहा है। उन्होंने तीन तलाक समाप्त करने, अर्थव्यवस्था को दुनिया के शीर्ष पांच देशों में पहुंचाने और पीएम आवास योजना के तहत चार करोड़ से अधिक लोगों को छत देने का उल्लेख किया। नक्सल समस्या, मेक इन इंडिया और स्वच्छता मिशन को भी बदलाव से जोड़ा।

- घुसपैठियों को लेकर विपक्ष पर सवाल

भाजपा अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष केवल उनकी चिंता कर रहा है, जो लोगों का हक छीनने का काम करते हैं। जिन घुसपैठियों को हक दिलाने की बात की जा रही है, उन्हें भारत की जनता हक नहीं देने देगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में आए बदलाव के पीछे भी प्रधानमंत्री मोदी का विजन है।

 - पहले बम विस्फोट, अब सेमीकंडक्टर: हिमंता

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि कभी असम में हर दिन बम विस्फोट होते थे, जबकि आज वहां सेमीकंडक्टर रेवोल्यूशन हो रहा है। यही नया भारत है। एक समय संसद तक पर हमला होता था। आज पाकिस्तान भारत में नहीं घुसता, बल्कि भारत पाकिस्तान में घुसकर जवाब देता है। उन्होंने कहा कि कभी लोग अयोध्या में राम मंदिर बनने की कल्पना तक नहीं करते थे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर का निर्माण हुआ। एक समय भाजपा के तीन मुख्यमंत्री हुआ करते थे, जबकि आज एनडीए गठबंधन की 22 सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के नेतृत्व में भारत में परिवर्तन आया और देश विश्व की महाशक्ति बनने की ओर बढ़ा। वडनगर से काशी पहुंचे युवा इसी नए भारत की तस्वीर हैं।

 - 10 राज्यों से गुजरकर काशी पहुंची यात्रा

सेवा संकल्प यात्रा के दौरान युवाओं ने गांवों में सफाई, पौधरोपण और नशामुक्ति अभियान चलाने के साथ लोगों से योजनाओं पर संवाद किया। वडनगर से पवित्र जल काशी विश्वनाथ धाम पहुंचा, जबकि वाराणसी का जल हाटकेश्वर महादेव मंदिर में अर्पित किया गया। वडोदरा सांसद हेमांग जोशी ने कहा कि यात्रा ने 19,719 किलोमीटर का सफर तय करते हुए 10 राज्यों के 146 जिलों में सेवा कार्य किए। इस दौरान 783 कार्यक्रम और 266 स्वच्छता अभियान हुए। 8,500 से अधिक पौधे लगाए गए। 20,187 से अधिक लाभार्थियों से व्यक्तिगत संपर्क किया गया और 173 ग्राम सभाएं हुईं। उन्होंने युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को देश के सामने आदर्श युवा बताया।

 - कांग्रेस-सपा के राज में पहले पन्ने पर होती थीं भ्रष्टाचार की खबरें: हंसराज

राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि कांग्रेस के राज में देश और सपा के राज में उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार की खबरें अखबारों के पहले पन्ने पर होती थीं। आज देश और उत्तर प्रदेश दोनों की तस्वीर बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात की त्रासदी के बाद उसे आगे बढ़ाया और देश की कमान मिलने पर भारत को नई पहचान दी। उत्तर प्रदेश भी कई क्षेत्रों में आगे बढ़ा है। महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आर्थिक क्षेत्र, परिवहन, रोजगार और कानून व्यवस्था में बदलाव आया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने वडनगर से काशी और काशी से वडनगर की यात्रा में शामिल युवाओं का स्वागत किया।

 - कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, मंत्री अनिल राजभर, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, रविंद्र जायसवाल, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी समेत अन्य जनप्रतिनिधि और युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बदला यूपी, माफिया मिट्टी में मिले: सीएम योगी

- संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में सेवा संकल्प यात्रा का समापन, वडनगर से काशी पहुंचे युवाओं का अभिनंदन

- 25 साल पहले गुजरात से शुरू हुआ प्रधानमंत्री मोदी का सफर, आज वही अनुभव पूरा भारत ले रहा: मुख्यमंत्री योगी

 - 500 बाइक से 10 राज्यों के 193 जिलों तक पहुंचे एक हजार से अधिक युवा, 35,263 किलोमीटर का सफर किया तय

 - काशी का जल हाटकेश्वर महादेव और गुजरात की पवित्र नदियों का जल पहुंचा काशी विश्वनाथ धाम

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है। माफिया मिट्टी में मिल गए और विरासत प्रदेश की नई पहचान बन गई। काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर और मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर इसके उदाहरण हैं। भव्य-दिव्य कुंभ और मथुरा-वृंदावन की चहल-पहल भी नए उत्तर प्रदेश और नए भारत की पहचान है।

मुख्यमंत्री योगी संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में वडनगर से काशी पहुंची सेवा संकल्प यात्रा के समापन पर सेवा यात्रियों और युवाओं के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर निकाली गई यात्रा में भाजपा युवा मोर्चा के एक हजार से अधिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

- गुजरात का अनुभव आज पूरा भारत देख रहा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को गुजरात की धरती पर एक करिश्माई नेतृत्व का आगमन हुआ। उस समय भुज के भूकंप से गुजरात त्रस्त था। कई महीनों तक भूकंप के झटके आते रहे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गुजरात फिर खड़ा हुआ और मॉडल स्टेट के रूप में सामने आया। उन्होंने कहा कि सरकार के मुखिया के रूप में प्रधानमंत्री मोदी ने 25 वर्ष पहले गुजरात से जो यात्रा शुरू की, उसका अनुभव आज पूरा भारत ले रहा है। भारत सुरक्षित और समृद्ध हुआ है तथा वैश्विक मानचित्र पर एक ताकत के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी।

- हर गांव और जिले को बनना होगा आत्मनिर्भर

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन विकसित और आत्मनिर्भर भारत का है। यह संकल्प तभी पूरा होगा, जब हर जिला, गांव, कस्बा और राज्य खुद को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगा। सेवा संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सेवा संकल्पों के अभिनंदन के साथ ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना का भी एहसास करा रही है। युवाओं की यही ऊर्जा 2047 में विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में लगेगी।

- सपाई की नजर पड़ते ही जमीन उसकी हो जाती थी

पूर्व की कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दस वर्ष पहले जिस जमीन पर माफिया खड़ा हो जाता था, वह उसकी हो जाती थी। जिस जमीन पर किसी सपाई की नजर पड़ जाती थी, मानकर चलिए वह जमीन उसकी हो गई। बेटियां सूर्यास्त के बाद बाहर नहीं निकल सकती थीं और व्यापारी भय के साये में जीने को मजबूर थे। पर्व और त्योहार से पहले उत्सव नहीं, उपद्रव शुरू हो जाते थे। प्रदेश उस समय पहचान के संकट से गुजर रहा था।

- आस्था ने वडनगर को काशी से जोड़ा

यात्रा के जरिए वडनगर से पवित्र जल काशी विश्वनाथ धाम पहुंचा, जबकि वाराणसी का जल हाटकेश्वर महादेव मंदिर में अर्पित किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह यात्रा ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के भाव को साकार कर रही है। युवाओं ने गर्मी, बारिश और अलग-अलग परिस्थितियों का सामना करते हुए यात्रा पूरी की।

 मुख्यमंत्री योगी ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में अभियान नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। उन्होंने युवाओं से आगामी कार्यक्रमों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।

- 35,263 किलोमीटर का सफर

वडनगर से काशी तक सेवा संकल्प यात्रा में एक हजार से अधिक कार्यकर्ता 500 बाइक से निकले। 20 रूट पर 35,263 किलोमीटर का सफर तय करते हुए यात्रा 10 राज्यों के 193 जिलों, 773 तहसीलों और 1,159 गांवों तक पहुंची। यात्रा के दौरान 25 तरह की गतिविधियों के तहत 1,518 सेवा कार्यक्रम, 13,239 पौधरोपण, 516 स्वच्छता अभियान, 147 लाभार्थी संवाद, 143 युवा संवाद और 122 ग्राम सभाएं हुईं। युवाओं ने सफाई, पौधरोपण और नशामुक्ति अभियान चलाए। प्रधानमंत्री मोदी भी यात्रा के क्रम में युवाओं से वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

- मोर की रंगोली में विकास की झलक

कार्यक्रम स्थल पर मोर के आकार की विशाल रंगोली में केंद्र और प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं, आत्मनिर्भर भारत और सामाजिक कल्याण के संदेश उकेरे गए। मुख्यमंत्री योगी ने महिलाओं और छात्राओं के साथ तस्वीर खिंचवाई और छात्राओं को टॉफी दी। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत से हुई और सेवा संकल्प यात्रा पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई।

- कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, मंत्री अनिल राजभर, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, रविंद्र जायसवाल, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी और जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य समेत जनप्रतिनिधि, युवा कार्यकर्ता व आमजन मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी: मुख्यमंत्री योगी


*रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आबे मेमोरियल कॉरिडोर का लोकार्पण, अकी आबे के साथ मुख्यमंत्री योगी ने किया अनावरण*
*भारत-जापान की दोस्ती का जीवंत प्रतीक बनेगा स्मृति गलियारा, नई पीढ़ी के लिए होगा ‘क्लासरूम’*
*नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 500 एकड़ में विकसित होगी जापानी सिटी, यामानाशी बना ग्रीन हाइड्रोजन पार्टनर*
*जापान के पास टेक्नोलॉजी और यूपी के पास स्केल, सेमीकंडक्टर-एआई तक पहुंची दोनों देशों की साझेदारी*

वाराणसी। प्रधानमंत्री मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे की दोस्ती का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह रिश्ता पद से नहीं, विश्वास से बना था। पद बदलते रहे, लेकिन मित्रता नहीं बदली। सात अक्टूबर 2001 को प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। जनसेवा की इस यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के दिन उनके मित्र आबे की स्मृति को समर्पित गलियारे का उद्घाटन इससे सुंदर संयोग नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री योगी बुधवार को रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जापान की पूर्व प्रथम महिला और शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे के साथ कॉरिडोर का अनावरण किया। मुख्यमंत्री योगी ने इसे उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता, प्रधानमंत्री मोदी और 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से आबे को विनम्र श्रद्धांजलि बताया। कहा कि जापान ने काशी को रुद्राक्ष दिया और अब काशी उसी रुद्राक्ष में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री की स्मृति को हमेशा के लिए बसा रही है।
*2007 में हुई थी दोनों नेताओं की पहली मुलाकात*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2007 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री मोदी जापान गए थे। वहीं उनकी शिंजो आबे से पहली मुलाकात हुई। उसी वर्ष आबे ने भारत की संसद में कहा था कि मजबूत भारत जापान के सर्वोत्तम हित में है और मजबूत जापान भारत के सर्वोत्तम हित में। वर्ष 2014 में काशी-क्योटो पार्टनर सिटी समझौता हुआ और 2015 में आबे ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ काशी में गंगा आरती देखी।
वर्ष 2017 में दोनों नेताओं ने अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन का शिलान्यास किया। 2018 में आबे ने प्रधानमंत्री मोदी को यामानाशी स्थित अपने निजी आवास पर आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब दो नेताओं की मित्रता दो राष्ट्रों का विश्वास बन जाती है तो इतिहास बदलता है।
*अंतिम विदाई देने टोक्यो पहुंचे थे प्रधानमंत्री मोदी*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2021 में शिंजो आबे को भारत के प्रमुख नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री मोदी अपने मित्र को अंतिम विदाई देने टोक्यो पहुंचे। पूरे भारत ने राष्ट्रीय शोक रखा। उन्होंने कहा, “यह प्रोटोकॉल नहीं था, एक रिश्ता था।”
गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज की दुनिया में बिना लाभ-हानि का हिसाब लगाए साथ खड़ा रहने वाला मित्र मिलना कठिन है। दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, जबकि भारत और जापान के रिश्ते ट्रस्ट यानी विश्वास पर आधारित हैं। *500 एकड़ में बनेगी जापानी सिटी*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि करीब 1400 जापानी कंपनियां भारत में काम कर रही हैं। दोनों देशों की साझेदारी अब सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन और क्रिटिकल मिनरल्स तक पहुंच चुकी है। जापान के पास टेक्नोलॉजी और अनुभव है तो भारत के पास टैलेंट और युवा ऊर्जा है।इसी वर्ष फरवरी की जापान यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि टोक्यो और यामानाशी में जापानी कंपनियों के साथ हजारों करोड़ के निवेश पर समझौते हुए। उन्होंने 500 किलोमीटर प्रति घंटे से तेज चलने वाली मैग्लेव ट्रेन में जापान की प्रिसिजन इंजीनियरिंग को करीब से देखा। यामानाशी अब उत्तर प्रदेश का ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी पार्टनर है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ईडा क्षेत्र में 500 एकड़ में जापानी सिटी विकसित की जा रही है। इन्वेस्ट यूपी में यामानाशी डेस्क भी बनाई गई है। जापान के पास प्रिसिजन है तो उत्तर प्रदेश के पास स्केल, 25 करोड़ लोगों का बाजार, देश का सबसे युवा वर्कफोर्स और एक्सप्रेसवे व एयरपोर्ट का सबसे बड़ा नेटवर्क है।
*जापान की आस्था का रास्ता यूपी से*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2027 में भारत-जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होंगे और यह गलियारा उस अमृत पर्व की पहली भेंट है। जापान ‘लैंड ऑफ द राइजिंग सन’ है और उत्तर प्रदेश ‘लैंड ऑफ द सन डायनेस्टी’। सारनाथ, कुशीनगर, कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कौशाम्बी और संकिसा भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े तीर्थ हैं। इसलिए जापान की आस्था का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। काशी और क्योटो अपनी-अपनी सभ्यता की आत्मा हैं। दोनों ने विरासत को संभालकर विकास करना सिखाया है।
मुख्यमंत्री योगी ने आबे मेमोरियल कॉरिडोर को नई पीढ़ी के लिए जीवंत क्लासरूम बताया। कहा कि यहां आने वाला हर युवा सीखेगा कि दूर की सोच रखने वाला एक नेता दो देशों का भविष्य कैसे बदल देता है।
*आबे को याद कर छलके अकी के आंसू*
जापान की पूर्व प्रथम महिला अकी आबे पति शिंजो आबे को याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके पति का प्रधानमंत्री मोदी से गहरा लगाव और आत्मीय संबंध था। वर्ष 2015 में काशी आने के बाद वह उनसे गंगा आरती और वाराणसी की यादें साझा करते थे। तभी से उनके मन में भी वाराणसी आने की इच्छा थी। उन्होंने कहा कि आज उनके पति जीवित होते तो अपने नाम पर बने इस स्मारक को देखकर बहुत खुश होते। यह कहते हुए उनकी आंखों में आंसू छलक आए।अकी आबे ने रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के डिजाइन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसकी बाहरी दीवारों पर 108 रुद्राक्ष लगे हैं। जापान में भी 108 की संख्या का विशेष महत्व है और नया कार्य शुरू होने पर बौद्ध मंदिरों में 108 बार घंटियां बजाई जाती हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने अकी आबे को वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी से निर्मित मोर का स्मृति चिह्न भेंट किया। कार्यक्रम में मंत्री रविंद्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक सौरभ श्रीवास्तव और जापान से आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मौजूद रहे।
25 वर्ष की सेवा पर पीएम मोदी ने दिया नया नारा- विकसित भारत का संकल्प, वी विल डू इट
*इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम, पटेल पार्क से वर्चुअल माध्यम से जुड़े मुख्यमंत्री योगी*
*प्रधानमंत्री बोले- 25 वर्ष का जनविश्वास और अनुभव सिर्फ मोदी की नहीं, देश की पूंजी*
*नितिन नबीन बोले- आधुनिक भारत के शिल्पकार और विकसित भारत 2047 के सूत्रधार हैं प्रधानमंत्री मोदी*

नई दिल्ली/लखनऊ। जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को विकसित भारत के संकल्प के साथ नया नारा दिया- “वी विल डू इट।” उन्होंने कहा, “विकसित भारत बाई 2047, वी विल डू इट। टॉप-3 इकोनॉमी, वी विल डू इट। आत्मनिर्भर भारत, वी विल डू इट।” अपने 25 वर्षों के सफर को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। इसलिए देश के प्रति उनका दायित्व भी सबसे अधिक है। जनता-जनार्दन का विश्वास और कार्यकर्ताओं का परिश्रम ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन में 25 वर्ष पूरे होने पर नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। लखनऊ के हजरतगंज स्थित पटेल पार्क में इसका लाइव प्रसारण हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए और प्रधानमंत्री का संबोधन सुना। नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
*सोचा नहीं था, कभी यह पड़ाव भी आएगा*
प्रधानमंत्री ने अपने 25 वर्षों के सफर की शुरुआत को याद करते हुए कहा कि सात अक्टूबर 2001 को जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब नहीं सोचा था कि कभी यह पड़ाव भी आएगा। इसके बाद विधानसभा और लोकसभा के कई चुनाव हुए और जनता ने उन्हें बार-बार सेवा का अवसर दिया। इसके लिए उन्होंने देशवासियों का आभार जताया और भारत के लोकतंत्र व संविधान का वंदन किया। उन्होंने कहा कि आज वह जो कुछ भी हैं, उसमें सबसे बड़ा योगदान जनता-जनार्दन का है। 25 वर्षों में मिला जनविश्वास और अनुभव केवल मोदी की नहीं, बल्कि देश की पूंजी है। सुबह श्री विनायक मंदिर में दर्शन के दौरान उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों के लिए प्रार्थना की। अपने लिए इतनी शक्ति मांगी कि और अधिक ऊर्जा के साथ दिन-रात देश की सेवा कर सकें। *आलोचकों ने अपने भीतर झांकना सिखाया*
प्रधानमंत्री ने अपने जीवन के अनुभवों को भी साझा किया। कहा कि वह आज भी स्वयं को विद्यार्थी मानते हैं। जिसने उन्हें घिसाया, उसने सिखाया और जिसने गिराया, उसने खड़ा होना सिखाया। समर्थकों ने आगे बढ़ना सिखाया तो आलोचकों ने अपने भीतर झांकना। साथ देने वालों से विश्वास की ताकत समझी और विरोध करने वालों से लोकतंत्र की। भुज के भूकंप से लेकर चंद्रयान की असफलता और कोरोना महामारी तक का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हर संकट ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया। गांव और गरीब ने यह समझाया कि साधन-संसाधन भले सीमित हों, सपने बड़े और हौसले बुलंद होने चाहिए।
*मेरे लिए कर्म ही धर्म है*
अपने राजनीतिक सफर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों की यह यात्रा उनके लिए व्यक्तिगत महिमामंडन का विषय नहीं है। चुनावी राजनीति में आने से पहले वह संगठन में रहे और आदिवासियों के बीच काम किया। चुनाव लड़ाए, लेकिन खुद चुनाव नहीं लड़ा था। उन्होंने कहा, “मैं एंबिशन के लिए नहीं, मिशन के लिए जीने वाला इंसान रहा हूं।” जो जिम्मेदारी मिली, उसे निभाते चले गए। उनके लिए कर्म ही धर्म है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब बात देश की हो तो पद, प्रतिष्ठा और अधिकार का महत्व नहीं रहता। उनका मूल्यांकन इस आधार पर नहीं होना चाहिए कि वह खुद कहां पहुंचे, बल्कि इस आधार पर होना चाहिए कि देश कहां पहुंचा।
*गुजरात में जनता पर किया भरोसा*
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने शुरुआती दिनों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तब उनका मंत्र था- गुजरात के विकास से देश का विकास। सरकार चलाने का अनुभव नहीं था और प्रशासन की भी बहुत जानकारी नहीं थी। भरोसा जनता और जनशक्ति पर था। जनता को साथ लेकर फैसले किए, नीतियां बनाईं और उन्हें जमीन पर उतारा। जब जनता साथ होती है तो परिणाम भी आते हैं और गुजरात ने इसे करके दिखाया।
उन्होंने कहा कि 2014 में देश ने उनका दायित्व बढ़ाया और प्रधान सेवक के रूप में सेवा का दायरा बड़ा हो गया। उस समय अर्थव्यवस्था और महंगाई समेत देश के सामने कई चुनौतियां थीं। अब तस्वीर बदली है। पहले किसी संकट में भारत की अर्थव्यवस्था के हिलने की चर्चा होती थी, आज ऐसे समय में भारत के सामर्थ्य और सुधारों की चर्चा होती है। पहले आयात बढ़ाने के रास्ते खोजे जाते थे, अब निर्यात के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं और मेड इन इंडिया उत्पादों की पहचान बढ़ी है। उन्होंने 2015 से 2025 के दौरान खेती की विकास दर का भी उल्लेख किया।
*2047 के संकल्प पर कहा- वी विल डू इट*
प्रधानमंत्री ने 25 वर्ष पूरे होने के मौके को अतीत की उपलब्धियां गिनाने के बजाय आगे के संकल्प से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह दिन सिर्फ यादों का नहीं, अपने संकल्पों को नई ऊर्जा देने का है। लाल किले से दिए ‘सबका प्रयास’ के संदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने 2047 तक विकसित भारत, देश को दुनिया की टॉप-3 अर्थव्यवस्था बनाने और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य सामने रखा।प्रधानमंत्री ने कहा कि इन लक्ष्यों को लेकर देश का संदेश साफ है- “वी विल डू इट।” जिस राष्ट्र के लोगों की धमनियों में ऐसा आत्मविश्वास लहू बनकर दौड़ता हो, उसे कोई रोक नहीं सकता।
*समस्या सबकी है तो समाधान भी सबके लिए*
सुशासन पर प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीति के लिए समाज को वोटों के हिसाब से बांटना देश की बड़ी त्रासदी रही है। खेत में पानी न पहुंचे या घर में बिजली न आए तो परेशानी किसी एक जाति या समुदाय की नहीं होती। समस्या सबकी है तो समाधान भी सबके लिए होना चाहिए। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ को सुशासन का आधार बताते हुए कहा कि इसी सोच के साथ सरकार ने सुशासन को सैचुरेशन से जोड़ा। कोई पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से छूटे नहीं और किसी के हक पर कोई डाका न डाल सके, यही सैचुरेशन और यही सुशासन है।
*विकसित भारत के सूत्रधार हैं प्रधानमंत्री: नितिन नबीन*
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सफर को जनसेवा से राष्ट्रसेवा की यात्रा बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकटों के बीच भी प्रधानमंत्री ने समाज के अंतिम व्यक्ति की चिंता को प्राथमिकता दी।
नितिन नबीन ने शौचालय, उज्ज्वला योजना और तीन करोड़ लखपति दीदी का उल्लेख करते हुए महिला सशक्तीकरण की बात की। उन्होंने 11 करोड़ से अधिक किसानों के लिए किसान सम्मान योजना, चार करोड़ गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास और खेलो इंडिया के जरिए खिलाड़ियों को मिले अवसरों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ढाई लाख से अधिक स्टार्टअप और 125 से अधिक यूनिकॉर्न दिखाते हैं कि देश का युवा अब केवल जॉब सीकर नहीं, जॉब गिवर भी बन रहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा का जिक्र करते हुए उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर को देश के सामर्थ्य और स्वाभिमान से जोड़ा। आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को आधुनिक भारत का शिल्पकार और विकसित भारत 2047 का सूत्रधार बताया।
*गीत में प्रधानमंत्री के विकास कार्यों का जिक्र*
लखनऊ के पटेल पार्क में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों को समर्पित गीत भी प्रस्तुत किया गया। इसमें प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यों और विकास से जुड़े प्रयासों का उल्लेख किया गया। *कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
पटेल पार्क में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मेधा कुलकर्णी, सांसद संजय सेठ व बृजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, डॉ. महेंद्र सिंह, पंकज सिंह समेत जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यों पर आधारित ‘जन सेवा से देश सेवा’ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन को दर्शाया गया। मुख्यमंत्री ने सेवा ज्योति की स्थापना भी की।
काशी से क्योटो तक साझी समृद्धि की नई राह बना रही भारत-जापान मैत्री: सीएम योगी
*शिंजो आबे की स्मृतियों को समर्पित ‘आबे मेमोरियल कॉरिडोर’ का आज काशी में होगा लोकार्पण*
*प्रधानमंत्री मोदी और शिंजो आबे ने भारत-जापान मैत्री को दी नई ऊंचाइयां: मुख्यमंत्री योगी*
*आस्था से अर्थव्यवस्था तक मजबूत हो रही साझेदारी, जापानी कंपनियों के साथ करीब 90 हजार करोड़ के एमओयू*
*रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे मुख्यमंत्री योगी*

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत-जापान मैत्री को विश्वास की विरासत, विकास की साझेदारी और दो प्राचीन संस्कृतियों की आत्मीयता का जीवंत सेतु बताया है। बुधवार को एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे ने दोनों देशों की इस आत्मीय मैत्री को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत-जापान की इसी आत्मीय मैत्री और शिंजो आबे की स्मृतियों को समर्पित ‘आबे मेमोरियल कॉरिडोर’ का बुधवार को लोकार्पण होगा। काशी स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वह सहभागिता करेंगे।
*सांस्कृतिक आत्मीयता के साथ बढ़ी आर्थिक साझेदारी*
मुख्यमंत्री योगी ने भारत-जापान संबंधों के आर्थिक पक्ष को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आत्मीयता अब आर्थिक साझेदारी की नई शक्ति बन रही है। उत्तर प्रदेश जापानी कंपनियों के साथ करीब 90 हजार करोड़ रुपये के एमओयू कर चुका है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत और जापान के बीच संबंध विश्वास की विरासत और विकास की साझेदारी पर आधारित हैं। दोनों प्राचीन संस्कृतियों की आत्मीयता इन संबंधों को विशेष बनाती है। काशी और क्योटो के बीच जुड़ाव इसी रिश्ते को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि काशी से क्योटो तक, आस्था से अर्थव्यवस्था तक, यह मैत्री अब साझी समृद्धि की नई राह बना रही है।
पीएम सूर्य घर योजना में यूपी देश में नंबर वन, यूपीनेडा में हुआ सम्मान समारोह
- मंत्री ए.के. शर्मा बोले- यह उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में सामूहिक प्रयासों का परिणाम; सौर ऊर्जा की रफ्तार बनाए रखने पर जोर

लखनऊ, 6 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में उत्तर प्रदेश के देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने के उपलक्ष्य में मंगलवार को यूपीनेडा कार्यालय में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और मार्गदर्शन के लिए मंत्री को सम्मानित किया गया।
श्री शर्मा ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन के प्रति आभार जताया। उन्होंने यूपीनेडा के अधिकारियों- कर्मचारियों, सोलर क्षेत्र से जुड़े स्टेकहोल्डर्स और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं, बल्कि सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीएम सूर्य घर योजना में देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना यूपीनेडा की पूरी टीम के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि देश में नंबर वन आने के बाद रुकना नहीं है, बल्कि इसी गति के साथ आगे बढ़ते रहना है।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के विस्तार की मौजूदा रफ्तार को लगातार बनाए रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम करना होगा। प्रदेश में अधिक से अधिक घरों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों को और गति देने की जरूरत है।
- जिस लक्ष्य का सपना देखा, वह आज हासिल हुआ
श्री शर्मा ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि जब प्रदेश में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की शुरुआत हुई थी, उस समय इसकी संख्या काफी कम थी। उस दौर में उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा था कि एक दिन यूपीनेडा देश में नंबर वन स्थान हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि आज वह लक्ष्य पूरा हुआ है और यह पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है।
गुजरात में अपने पूर्व कार्यकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के पहले सोलर पार्क के लिए भूमि तलाशने की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी थी। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश में शुरू हुआ बदलाव अब जन-जन तक पहुंच रहा है और उत्तर प्रदेश भी इस अभियान में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- सौर ऊर्जा अपनाना प्रकृति की सेवा भी
मंत्री ने कहा कि रूफटॉप सोलर केवल बिजली की जरूरतों को पूरा करने का माध्यम नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है और प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को अपनाना वास्तव में प्रकृति की सेवा भी है। उन्होंने प्रदेश में रूफटॉप सोलर को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने और अधिक से अधिक परिवारों को इससे जोड़ने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव ऊर्जा रणवीर प्रसाद, निदेशक यूपीनेडा रविंद्र कुमार, सचिव पंकज सिंह सहित विभागीय अधिकारी, यूपीनेडा के अधिकारी-कर्मचारी और सोलर क्षेत्र से जुड़े बड़ी संख्या में स्टेकहोल्डर्स मौजूद रहे।
एकता योग पार्क में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने रोपा पौधा
- योगाभ्यास के लिए चबूतरा बनाने के निर्देश, प्रत्येक मंगलवार को जारी रहेगा पौधारोपण अभियान

लखनऊ, 6 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मंगलवार को अलीगंज के सेक्टर-ई स्थित एकता योग पार्क (पंप वाला पार्क) में वृक्षारोपण किया। प्रत्येक मंगलवार को आयोजित किए जा रहे वृक्षारोपण कार्यक्रम के क्रम में उन्होंने पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और शहर में हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया।
वृक्षारोपण के दौरान स्थानीय लोगों ने पार्क में योगाभ्यास के लिए चबूतरा बनाए जाने की मांग वित्त मंत्री के समक्ष रखी। श्री खन्ना ने इस पर अपर नगर आयुक्त को पार्क में योगाभ्यास के लिए चबूतरा बनवाने के निर्देश दिए। चबूतरे के निर्माण से पार्क में नियमित रूप से योग करने वाले लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री ने कहा कि नियमित वृक्षारोपण के माध्यम से शहर को अधिक हरा-भरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रत्येक मंगलवार को अलग-अलग स्थानों पर पौधरोपण किया जा रहा है।
एकता योग पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों और पार्क में आने वाले लोगों ने भी पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने के प्रयासों में भागीदारी का संदेश दिया।
जेवर एयरपोर्ट पहुंचे स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन, सुनील शर्मा ने किया स्वागत

- स्विस प्रतिनिधिमंडल ने टर्मिनल, एटीसी टॉवर, एयरसाइड और अन्य आधुनिक सुविधाओं का किया निरीक्षण; यूपी में स्विस निवेश की संभावनाओं को मिलेगी नई गति

नोएडा/लखनऊ, 6 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के नेतृत्व में मंगलवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर पर स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति महामहिम गाइ परमेलिन का भव्य स्वागत किया गया। प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, नागरिक उड्डयन विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं आईआईडीसी दीपक कुमार तथा इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद ने राष्ट्रपति गाइ परमेलिन और उनके प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक अंगवस्त्र पहनाकर अभिनंदन किया।
स्विस राष्ट्रपति के इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य स्विस कंपनी द्वारा विकसित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की अत्याधुनिक सुविधाओं का अवलोकन करना तथा भारत और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक, तकनीकी एवं औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करना रहा। करीब 65 सदस्यीय स्विस प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रपति की पत्नी, स्विस राजदूत, राष्ट्रीय परिषद के सदस्य, राज्य सचिव और लगभग 40 प्रमुख उद्योगपति शामिल रहे।
दौरे की शुरुआत एनआईए कार्यालय में हुई, जहां अवनी बोर्ड रूम में एयरपोर्ट से संबंधित विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस दौरान राष्ट्रपति गाइ परमेलिन ने भी संबोधित किया और एयरपोर्ट के विकास एवं आधुनिक सुविधाओं में स्विस तकनीक और विशेषज्ञता की भूमिका पर अपने विचार रखे।
प्रेजेंटेशन के बाद प्रतिनिधिमंडल के लिए एयरपोर्ट परिसर के आंगन में भारतीय संगीत की मधुर धुनों के बीच लंच का आयोजन किया गया। लंच और ग्रुप फोटो के बाद प्रतिनिधिमंडल को दो समूहों में विभाजित किया गया। राष्ट्रपति गाइ परमेलिन, उनकी पत्नी और चयनित अधिकारियों ने एयरसाइड तथा एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टॉवर का विशेष निरीक्षण किया। वहीं, प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने टर्मिनल भवन, सुरक्षा क्षेत्र, बोर्डिंग गेट्स, एप्रन और बैगेज रिक्लेम क्षेत्र का विस्तृत भ्रमण किया। दोनों समूहों का निरीक्षण कार्यक्रम पूरा होने के बाद प्रतिनिधिमंडल दोपहर करीब दो बजे एयरपोर्ट से रवाना हुआ।
- स्विस निवेश के लिए यूपी में नए अवसर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास स्विस कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी द्वारा किया गया है। ऐसे में स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का जेवर एयरपोर्ट दौरा भारत-स्विट्जरलैंड आर्थिक संबंधों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योगी सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों और आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के निरंतर प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों के लिए तेजी से आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। स्विस प्रतिनिधिमंडल के इस दौरे से प्रदेश में एविएशन के साथ-साथ आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में स्विस निवेश की नई संभावनाओं को बल मिलने की उम्मीद है।नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जरिए उत्तर प्रदेश को वैश्विक एविएशन और निवेश मानचित्र पर नई पहचान मिलने के साथ भारत और स्विट्जरलैंड के बीच तकनीकी एवं औद्योगिक साझेदारी को भी नई दिशा मिलने की संभावना है।