पीएम सूर्य घर योजना में यूपी देश में नंबर वन, यूपीनेडा में हुआ सम्मान समारोह
- मंत्री ए.के. शर्मा बोले- यह उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में सामूहिक प्रयासों का परिणाम; सौर ऊर्जा की रफ्तार बनाए रखने पर जोर

लखनऊ, 6 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में उत्तर प्रदेश के देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने के उपलक्ष्य में मंगलवार को यूपीनेडा कार्यालय में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और मार्गदर्शन के लिए मंत्री को सम्मानित किया गया।
श्री शर्मा ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन के प्रति आभार जताया। उन्होंने यूपीनेडा के अधिकारियों- कर्मचारियों, सोलर क्षेत्र से जुड़े स्टेकहोल्डर्स और प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं, बल्कि सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीएम सूर्य घर योजना में देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना यूपीनेडा की पूरी टीम के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि देश में नंबर वन आने के बाद रुकना नहीं है, बल्कि इसी गति के साथ आगे बढ़ते रहना है।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के विस्तार की मौजूदा रफ्तार को लगातार बनाए रखने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम करना होगा। प्रदेश में अधिक से अधिक घरों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों को और गति देने की जरूरत है।
- जिस लक्ष्य का सपना देखा, वह आज हासिल हुआ
श्री शर्मा ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि जब प्रदेश में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की शुरुआत हुई थी, उस समय इसकी संख्या काफी कम थी। उस दौर में उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा था कि एक दिन यूपीनेडा देश में नंबर वन स्थान हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि आज वह लक्ष्य पूरा हुआ है और यह पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है।
गुजरात में अपने पूर्व कार्यकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के पहले सोलर पार्क के लिए भूमि तलाशने की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी थी। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश में शुरू हुआ बदलाव अब जन-जन तक पहुंच रहा है और उत्तर प्रदेश भी इस अभियान में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- सौर ऊर्जा अपनाना प्रकृति की सेवा भी
मंत्री ने कहा कि रूफटॉप सोलर केवल बिजली की जरूरतों को पूरा करने का माध्यम नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है और प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को अपनाना वास्तव में प्रकृति की सेवा भी है। उन्होंने प्रदेश में रूफटॉप सोलर को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने और अधिक से अधिक परिवारों को इससे जोड़ने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव ऊर्जा रणवीर प्रसाद, निदेशक यूपीनेडा रविंद्र कुमार, सचिव पंकज सिंह सहित विभागीय अधिकारी, यूपीनेडा के अधिकारी-कर्मचारी और सोलर क्षेत्र से जुड़े बड़ी संख्या में स्टेकहोल्डर्स मौजूद रहे।
एकता योग पार्क में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने रोपा पौधा
- योगाभ्यास के लिए चबूतरा बनाने के निर्देश, प्रत्येक मंगलवार को जारी रहेगा पौधारोपण अभियान

लखनऊ, 6 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मंगलवार को अलीगंज के सेक्टर-ई स्थित एकता योग पार्क (पंप वाला पार्क) में वृक्षारोपण किया। प्रत्येक मंगलवार को आयोजित किए जा रहे वृक्षारोपण कार्यक्रम के क्रम में उन्होंने पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और शहर में हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया।
वृक्षारोपण के दौरान स्थानीय लोगों ने पार्क में योगाभ्यास के लिए चबूतरा बनाए जाने की मांग वित्त मंत्री के समक्ष रखी। श्री खन्ना ने इस पर अपर नगर आयुक्त को पार्क में योगाभ्यास के लिए चबूतरा बनवाने के निर्देश दिए। चबूतरे के निर्माण से पार्क में नियमित रूप से योग करने वाले लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री ने कहा कि नियमित वृक्षारोपण के माध्यम से शहर को अधिक हरा-भरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में प्रत्येक मंगलवार को अलग-अलग स्थानों पर पौधरोपण किया जा रहा है।
एकता योग पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों और पार्क में आने वाले लोगों ने भी पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने के प्रयासों में भागीदारी का संदेश दिया।
जेवर एयरपोर्ट पहुंचे स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन, सुनील शर्मा ने किया स्वागत

- स्विस प्रतिनिधिमंडल ने टर्मिनल, एटीसी टॉवर, एयरसाइड और अन्य आधुनिक सुविधाओं का किया निरीक्षण; यूपी में स्विस निवेश की संभावनाओं को मिलेगी नई गति

नोएडा/लखनऊ, 6 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के नेतृत्व में मंगलवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर पर स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति महामहिम गाइ परमेलिन का भव्य स्वागत किया गया। प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, नागरिक उड्डयन विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं आईआईडीसी दीपक कुमार तथा इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद ने राष्ट्रपति गाइ परमेलिन और उनके प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक अंगवस्त्र पहनाकर अभिनंदन किया।
स्विस राष्ट्रपति के इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य स्विस कंपनी द्वारा विकसित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की अत्याधुनिक सुविधाओं का अवलोकन करना तथा भारत और स्विट्जरलैंड के बीच आर्थिक, तकनीकी एवं औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करना रहा। करीब 65 सदस्यीय स्विस प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रपति की पत्नी, स्विस राजदूत, राष्ट्रीय परिषद के सदस्य, राज्य सचिव और लगभग 40 प्रमुख उद्योगपति शामिल रहे।
दौरे की शुरुआत एनआईए कार्यालय में हुई, जहां अवनी बोर्ड रूम में एयरपोर्ट से संबंधित विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस दौरान राष्ट्रपति गाइ परमेलिन ने भी संबोधित किया और एयरपोर्ट के विकास एवं आधुनिक सुविधाओं में स्विस तकनीक और विशेषज्ञता की भूमिका पर अपने विचार रखे।
प्रेजेंटेशन के बाद प्रतिनिधिमंडल के लिए एयरपोर्ट परिसर के आंगन में भारतीय संगीत की मधुर धुनों के बीच लंच का आयोजन किया गया। लंच और ग्रुप फोटो के बाद प्रतिनिधिमंडल को दो समूहों में विभाजित किया गया। राष्ट्रपति गाइ परमेलिन, उनकी पत्नी और चयनित अधिकारियों ने एयरसाइड तथा एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टॉवर का विशेष निरीक्षण किया। वहीं, प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने टर्मिनल भवन, सुरक्षा क्षेत्र, बोर्डिंग गेट्स, एप्रन और बैगेज रिक्लेम क्षेत्र का विस्तृत भ्रमण किया। दोनों समूहों का निरीक्षण कार्यक्रम पूरा होने के बाद प्रतिनिधिमंडल दोपहर करीब दो बजे एयरपोर्ट से रवाना हुआ।
- स्विस निवेश के लिए यूपी में नए अवसर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास स्विस कंपनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी द्वारा किया गया है। ऐसे में स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का जेवर एयरपोर्ट दौरा भारत-स्विट्जरलैंड आर्थिक संबंधों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योगी सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों और आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के निरंतर प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों के लिए तेजी से आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। स्विस प्रतिनिधिमंडल के इस दौरे से प्रदेश में एविएशन के साथ-साथ आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में स्विस निवेश की नई संभावनाओं को बल मिलने की उम्मीद है।नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जरिए उत्तर प्रदेश को वैश्विक एविएशन और निवेश मानचित्र पर नई पहचान मिलने के साथ भारत और स्विट्जरलैंड के बीच तकनीकी एवं औद्योगिक साझेदारी को भी नई दिशा मिलने की संभावना है।
सपा के पीडीए का मतलब परिवार, धनबली और अपराधी: प्रकाश पाल
*भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बोले- राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही सपा का असली चेहरा उजागर*
*भाजपा हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने वाली इकलौती पार्टी, सपा के लिए कार्यकर्ता महत्वपूर्ण नहीं- प्रकाश पाल*

लखनऊ, 6 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार एवं पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लंबे समय से एक बदनाम ब्रांड रही है।
*राज्यसभा प्रत्याशी घोषित होते ही उजागर हुआ चरित्र*
सपा पर निशाना साधते हुए प्रकाश पाल ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी पुरानी छवि के डर से अपना नाम खुलकर लेने से बचती है। इसलिए उसने पीडीए का मुखौटा पहन लिया। राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा होते ही पार्टी का असली चरित्र जनता के सामने आ गया है। उन्होंने कहा, "सपा की प्राथमिकता में केवल परिवार और धनपशु शामिल हैं। यदि वे किसी तीसरे का चयन करते हैं, तो वह कोई अपराधी ही होता है।"
*सपा के पीडीए की नई परिभाषा*
प्रकाश पाल ने सपा के पीडीए की परिभाषा बदलते हुए कहा, "इनके पीडीए में पी से परिवार, डी से धनबली और ए से अपराधी है।" सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर प्रहार करते हुए उन्होंने आगे कहा, "आगामी चुनावों तक इनके पीडीए का नया रूप पैसा देने वाले आओ (पी- पैसा, डी- देने वाले, ए- आओ) ही रहने वाला है।"
*भाजपा ने सभी वर्गों को दी उचित भागीदारी*
राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया की प्रकाश पाल ने सराहना की। कहा कि भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा में समाज के हर वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के विजन पर चलते हुए सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और महिलाओं को समान रूप से भागीदारी दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र में मोदी और प्रदेश में योगी सरकार की समावेशी नीतियां पूरी तरह स्पष्ट और पारदर्शी हैं।
सीएम योगी की मौजूदगी में भाजपा प्रत्याशियों ने दाखिल किया नामांकन

-  राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने उत्तर प्रदेश से उतारे आठ उम्मीदवार, नामांकन के दौरान दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी

लखनऊ, 6 अक्टूबर। राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी के सभी आठ प्रत्याशियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन के अंतिम दिन भाजपा प्रत्याशियों ने विधान भवन पहुंचकर निर्वाचन अधिकारी के समक्ष पर्चा दाखिल किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं और उनके सफल निर्वाचन की कामना की।
भाजपा की ओर से धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, रामप्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार ने नामांकन दाखिल किया।
नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत प्रदेश सरकार के कई मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
इस अवसर पर मंत्री सुरेश खन्ना, राकेश सचान, आशीष पटेल, डॉ. संजय निषाद, कपिलदेव अग्रवाल, जेपीएस राठौर, दिनेश प्रताप सिंह, गिरीश चंद्र यादव, ब्रजेश सिंह, सतीश चंद्र शर्मा, रजनी तिवारी और बलदेव सिंह औलख सहित अन्य भाजपा नेता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। भाजपा के सभी आठ प्रत्याशियों के नामांकन के साथ ही उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है।
असेंबली से एआई तक: नए उत्तर प्रदेश की नई उड़ान...!
*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को 'उप्र की प्रगति' से कराया साक्षात्कार*

*सीएम योगी ने 'एक्स' पर किया पोस्ट- जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व 8 यूनिकॉर्न हैं*

*पूर्ववर्ती सरकार को कटघरे में खड़ा कर सीएम ने लिखा- जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा*


लखनऊ, 6 अक्टूबर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेशवासियों को उप्र की प्रगति से  साक्षात्कार कराया। उन्होंने 2017 के बाद प्रदेश की उड़ान को अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। वहीं पूर्ववर्ती सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा?
*पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का नहीं किया उपयोग*
मुख्यमंत्री ने लिखा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे 'बीमारू' ही बनाए रखा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का जो विजन दिया, डबल इंजन सरकार ने उसे उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है।
*मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही विकास यात्रा*
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज साढ़े 9 वर्ष के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी है। जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही है, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके हैं और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व8 यूनिकॉर्न हैं। यानी यात्रा मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है।
*2017 से पहले सैफई महोत्सव ही था सांस्कृतिक उत्थान*
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की तस्वीर भी दिखाई। कहाकि आज के परिदृश्य से अलग पहले सिर्फ घोषणाएं होती थीं, पर परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए संघर्ष करती थीं। क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था।
*भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा उप्र*
मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने प्राथमिकता बदली। परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी पर जोर दिया। इलेक्ट्रॉनिक्स बढ़ा तो डेटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ी और डेटा बढ़ा तो आज उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है।
*तकनीक का निर्माता बन रहा उत्तर प्रदेश*
मुख्यमंत्री ने बताया कि एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम भी युवाओं को नौकरी खोजने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला बना रहा है। कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार था, आज उसका निर्माता बन रहा है। असेंबली  से एआई तक यह यात्रा केवल तकनीक की नहीं, हमारे युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि की यात्रा है।
*'नए उत्तर प्रदेश' की दिख रही नई उड़ान*
सीएम ने बताया कि इसी कड़ी में आज (मंगलवार)  लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करूंगा। इस अवसर पर HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी होगा। 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प के साथ यही 'नए उत्तर प्रदेश' की नई उड़ान है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक उपलब्धि
- 8.76 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट लगाकर यूपी बना देश में नंबर-1

लखनऊ। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 8,76,500 से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उत्तर प्रदेश ने गुजरात को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर सौर ऊर्जा’ के संकल्प, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व तथा नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा जी की निरंतर मॉनिटरिंग का परिणाम है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की निरंतर निगरानी में यूपीनेडा, विद्युत विभाग, डिस्कॉम, बैंकिंग संस्थानों और अधिकृत वेंडर्स के समन्वित प्रयासों से योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाया गया। जिला स्तर पर नियमित समीक्षा, बैंकिंग फॉलोअप, मीटरिंग की निगरानी तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण से रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की गति में उल्लेखनीय तेजी आई।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि प्रदेश में अब तक 2,942 मेगावाट से अधिक रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित हो चुकी है। इससे प्रतिदिन 1.32 करोड़ यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली उत्पादन की क्षमता विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि रूफटॉप सोलर से न केवल लाखों परिवारों के बिजली खर्च में कमी आ रही है, बल्कि प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी मजबूत हो रही है। इससे लगभग 11,700 एकड़ भूमि के बराबर भू-आवश्यकता से बचाव और 34 लाख टन से अधिक वार्षिक CO₂ उत्सर्जन में कमी का अनुमान है। यह पर्यावरणीय लाभ लगभग 15 करोड़ से अधिक पेड़ों द्वारा एक वर्ष में अवशोषित किए जाने वाले कार्बन के बराबर माना जा सकता है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ने प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए हैं। यूपीनेडा द्वारा 8,000 से अधिक वेंडर्स को इम्पैनल्ड किया गया है, जिसके माध्यम से सौर ऊर्जा क्षेत्र में एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। वहीं, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जेवर, दादरी, मथुरा और गाजियाबाद सहित प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में सोलर मैन्युफैक्चरिंग तथा इससे जुड़े उद्योगों का इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है।
- 15 जनपद देश के टॉप-100 में
योजना की सफलता का प्रभाव जनपदों की रैंकिंग में भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश के 15 जनपद देश के टॉप-100 में शामिल हैं। इनमें लखनऊ ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है, जबकि वाराणसी 10वें स्थान पर है। केंद्रीय एवं राज्य सब्सिडी के माध्यम से ₹7,700 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता का प्रभाव भी सामने आया है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर अपनाना अधिक आसान हुआ है।
- स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में अग्रणी राज्य बन रहा यूपी
मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि केवल देश में नंबर-1 रैंकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के स्वच्छ, आत्मनिर्भर और हरित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में देश का नंबर-1 राज्य नहीं है, बल्कि सौर ऊर्जा, ग्रीन जॉब्स और स्वच्छ ऊर्जा आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में भी देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
पीएम आवास योजना में यूपी का नया कीर्तिमान, दो राष्ट्रीय पुरस्कार
- आवास पूर्ण करने में देश में प्रथम, पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 में तीसरा स्थान

लखनऊ, 05 अक्टूबर। विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के प्रभावी क्रियान्वयन में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश को योजना के बेहतर प्रदर्शन के लिए दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से सोमवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में ये पुरस्कार प्रदान किए गए।
उत्तर प्रदेश को प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के लाभार्थी आधारित आवास निर्माण (बीएलसी) घटक में स्वीकृत आवासों के सापेक्ष सर्वाधिक आवास पूर्ण करने के लिए प्रथम पुरस्कार मिला। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत स्वीकृत आवासों के सापेक्ष सर्वाधिक प्रतिशत आवासों की ग्राउंडिंग के लिए प्रदेश को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। दोनों पुरस्कार केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने प्रदान किए।
पुरस्कार मिलने पर नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने प्रदेशवासियों तथा नगर विकास विभाग के अधिकारियों- कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के संकल्प को मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जा रहा है।
श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी महज आवास उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह शहरी गरीब और वंचित परिवारों के जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार का प्रयास है कि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से मिले। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावास दिवस पर उत्तर प्रदेश को मिले दोनों राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदेश में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाते हैं। इन उपलब्धियों में राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा), नगर विकास विभाग, नगरीय निकायों तथा योजना के क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का सामूहिक योगदान है।
- सूडा निदेशक ने ग्रहण किए पुरस्कार
पुरस्कार वितरण समारोह में उत्तर प्रदेश की ओर से राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) के निदेशक महेन्द्र बहादुर सिंह ने दोनों पुरस्कार ग्रहण किए। समारोह में केंद्र सरकार के शहरी विकास विभाग के सचिव सत्येंद्र सिंह, श्रीमती डी. तारा और संयुक्त सचिव कुमार रविकान्त सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल में वित्त नियंत्रक रजनीकान्त वर्मा और कार्यक्रम अधिकारी अतुल सिंह चौहान भी उपस्थित रहे।
घुमंतू समाज के उत्थान और विकास के लिए समर्पित है राज्य सरकार : असीम अरुण
*’समाज के लोगों ने मंत्री से मूलभूत सुविधाओं की उठाई मांग’*

लखनऊ: 05 अक्टूबर, 2026।
लखनऊ कल्ली पश्चिम, लखनऊ में आयोजित ‘घुमंतू समाज आभार सम्मेलन’(जनजाति बारा समाज सम्मेलन) में प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि हम यहाँ किसी चुनाव के सिलसिले में नहीं, बल्कि घुमंतू समाज के सर्वांगीण विकास और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए आए हैं। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रेरणा का उल्लेख करते हुए उन्होंने समाज को ‘‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’’ के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
*’विकास की नई शुरुआत’*
मंत्री असीम अरुण ने कहा कि आजादी की लड़ाई में इस समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अतीत में हुए अत्याचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में अब इस समाज पर कोई अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा।
*’घुमंतू विकास मिशन एवं बोर्ड’*
सरकार द्वारा श्घुमंतू विकास मिशनश् और श्घुमंतू विकास बोर्डश् के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। क्षेत्र में सड़क, स्ट्रीट लाइट, स्कूल, बारात घर, सामुदायिक भवन और सामुदायिक शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। समाज के लोगों के लिए शिविर लगाकर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आवास योजना एवं रोजगार से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान देवेन्द्र आस्थाना (प्रान्त सेवा प्रमुख), अजय (विभाग संयोजक, घुमंतू परिषद सीतापुर),  सूरज नाथ सपेरा, गगन शर्मा (जन संपर्क सेवा प्रमुख),  राज कुमार सरदार, कृपाशंकर, राजेंद्र नाथ,  कन्हैया नाथ, 8सैलानी नाथ, राम सिंह, मुकेश नाथ, भवानी, पप्पू नाथ, करण नाथ, छेदी लाल, प्रवेश नाथ,  उमेश नाथ, रकम नाथ, अगम नाथ शामिल रहे।
ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध: मुख्यमंत्री योगी
*बख्शी का तालाब में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मिले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राहत सामग्री बांटी और राहत एवं बचाव कार्यों का लिया जायजा*
*फैजुल्लागंज से नैमिष तक किया हवाई सर्वे, गोमती का जलस्तर बढ़ने से दर्जनों गांवों में बाढ़ जैसे हालात*
*बाढ़ से बचाव के साथ आवागमन के काम आएगा तटबंध, जल निकासी के लिए लगेंगे पंपिंग सेट*
*जनहानि पर ₹4 लाख की तत्काल सहायता, मकान और फसल-पशुहानि पर भी मिलेगी मदद*
*आपदा की घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ी है डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री योगी*

  लखनऊ। गोमती की बाढ़ से फैजुल्लागंज से नैमिष तक के इलाके को बचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर तटबंध बनाया जाएगा। तटबंध पर रास्ता भी बनेगा, जिससे यह बाढ़ से बचाव के साथ आवागमन के काम आएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बख्शी का तालाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि तटबंध को स्वीकृति दे दी गई है। धनराशि जारी कर मानसून समाप्त होने के बाद काम आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री बख्शी का तालाब तहसील क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट एवं राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री बांटी और उनकी समस्याएं सुनीं। राहत एवं बचाव कार्यों में लगी टीमों से बात कर स्थिति जानी और स्वास्थ्य विभाग के शिविर का जायजा लिया। इससे पहले उन्होंने फैजुल्लागंज से नैमिष तक प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे भी किया।
*तटबंध के साथ जल निकासी का भी इंतजाम*
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती किनारे सर्वे कर तटबंध का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि तटबंध के बाहर बारिश का पानी जमा न हो, इसका भी इंतजाम किया जाए। इसके लिए पंपिंग सेट लगाए जाएंगे, ताकि नदी का जलस्तर बढ़ने पर आबादी की ओर जमा पानी को नदी में निकाला जा सके। तटबंध को हर मौसम में उपयोगी बनाने के साथ उस पर आवागमन की व्यवस्था भी की जाएगी।
*पांच-छह दिन बाद पहुंचा बारिश का पानी*
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 दिनों में प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश हुई है। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल में हुई बारिश का पानी पांच-छह दिन बाद नीचे पहुंचने से गोमती का जलस्तर बढ़ा। इससे बख्शी का तालाब, लखनऊ उत्तर और फैजुल्लागंज से नैमिष तक के इलाके में बाढ़ जैसे हालात बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लगातार स्थिति और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे थे और जमीनी स्थिति देखने पहुंचे हैं।
*प्रभावित परिवारों को 26 जरूरी वस्तुएं*
बाढ़ प्रभावित परिवारों को चावल, दाल, आटा, चना और तिरपाल समेत 26 जरूरी वस्तुओं की राहत सामग्री दी जा रही है। इसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो अरहर दाल और एक लीटर सरसों या रिफाइंड तेल के साथ नमक, मिर्च-मसाला, बाल्टी, लाई-भुजा, मोमबत्ती, माचिस और बरसाती समेत अन्य सामान शामिल है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों को खुले में रहने के बजाय स्कूलों और मैरिज हॉल में बनाए गए राहत शिविरों में ठहराने के निर्देश दिए। शिविरों में दोनों समय गर्म भोजन की व्यवस्था होगी। छोटे बच्चों को दूध और गर्भवती महिलाओं को पोषक आहार दिया जाएगा। पशुओं के लिए सूखे भूसे के साथ चोकर भी उपलब्ध कराया जाएगा। *जनहानि पर तत्काल ₹4 लाख*
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ में डूबने या आकाशीय बिजली से जनहानि होने पर परिवार को तत्काल ₹4 लाख की सहायता दी जाएगी। बारिश से मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर पात्र परिवार को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना से घर मिलेगा। पशुहानि की भी भरपाई होगी। राहत एवं बचाव कार्यों के बाद फसलों का समय से सर्वे कर किसानों को नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा।
*स्वास्थ्य केंद्रों पर रहेगा एंटी स्नेक वेनम*
बाढ़ के दौरान सांप-बिच्छू और अन्य जीवों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। कुत्ते या अन्य जानवर के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन भी उपलब्ध रहेगा। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल और पशु चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे।
राहत शिविरों में बिजली न होने पर पेट्रोमैक्स या सोलर लाइट की व्यवस्था होगी। घर छोड़कर शिविरों में आने वाले परिवारों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए गांव के चौकीदार, होमगार्ड, पीआरडी और पुलिस के जवान रात में पेट्रोलिंग करेंगे।
*राजनाथ ने फोन कर ली बाढ़ की जानकारी*
मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार सुबह फोन कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने भी फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनने से बाढ़ की समस्या से राहत मिलने की बात कही। मुख्यमंत्री ने बताया कि तटबंध को स्वीकृति दे दी गई है और इसके लिए तत्काल धनराशि जारी कर काम आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में डबल इंजन सरकार उनके साथ खड़ी है। राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाए जा रहे हैं और प्रशासन को इसके लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है।
*कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी, विधायक योगेश शुक्ला व डॉ. नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय मौर्य और नगर पंचायत इटौंजा अध्यक्ष अखिलेश कुमार अवस्थी समेत प्रशासन, पुलिस और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।