असेंबली से एआई तक: नए उत्तर प्रदेश की नई उड़ान...!
*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को 'उप्र की प्रगति' से कराया साक्षात्कार*

*सीएम योगी ने 'एक्स' पर किया पोस्ट- जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व 8 यूनिकॉर्न हैं*

*पूर्ववर्ती सरकार को कटघरे में खड़ा कर सीएम ने लिखा- जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा*


लखनऊ, 6 अक्टूबर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेशवासियों को उप्र की प्रगति से  साक्षात्कार कराया। उन्होंने 2017 के बाद प्रदेश की उड़ान को अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट किया। वहीं पूर्ववर्ती सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए वातावरण कैसे बनेगा?
*पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का नहीं किया उपयोग*
मुख्यमंत्री ने लिखा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने प्रदेश के अनलिमिटेड पोटेंशियल का उपयोग नहीं किया, बल्कि इसे 'बीमारू' ही बनाए रखा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का जो विजन दिया, डबल इंजन सरकार ने उसे उत्तर प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारा है।
*मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही विकास यात्रा*
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज साढ़े 9 वर्ष के भीतर देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी है। जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की HCL-Foxconn चिप इकाई बन रही है, 644 मेगावाट के डेटा सेंटर प्रस्ताव आ चुके हैं और प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप व8 यूनिकॉर्न हैं। यानी यात्रा मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है।
*2017 से पहले सैफई महोत्सव ही था सांस्कृतिक उत्थान*
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की तस्वीर भी दिखाई। कहाकि आज के परिदृश्य से अलग पहले सिर्फ घोषणाएं होती थीं, पर परियोजनाएं जमीन पर उतरने के लिए संघर्ष करती थीं। क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान और माफियाकरण ही औद्योगिकीकरण का मॉडल बन गया था।
*भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा उप्र*
मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने प्राथमिकता बदली। परिवार के विकास की जगह प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण की जगह निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह टेक्नोलॉजी पर जोर दिया। इलेक्ट्रॉनिक्स बढ़ा तो डेटा सेंटर की आवश्यकता बढ़ी और डेटा बढ़ा तो आज उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर से एआई सिटी तक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार तैयार कर रहा है।
*तकनीक का निर्माता बन रहा उत्तर प्रदेश*
मुख्यमंत्री ने बताया कि एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम भी युवाओं को नौकरी खोजने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार देने वाला बना रहा है। कभी उत्तर प्रदेश तकनीक का बाजार था, आज उसका निर्माता बन रहा है। असेंबली  से एआई तक यह यात्रा केवल तकनीक की नहीं, हमारे युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि की यात्रा है।
*'नए उत्तर प्रदेश' की दिख रही नई उड़ान*
सीएम ने बताया कि इसी कड़ी में आज (मंगलवार)  लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करूंगा। इस अवसर पर HCL GUVI Emerging Tech Skilling Centre का शुभारंभ भी होगा। 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प के साथ यही 'नए उत्तर प्रदेश' की नई उड़ान है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक उपलब्धि
- 8.76 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट लगाकर यूपी बना देश में नंबर-1

लखनऊ। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 8,76,500 से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उत्तर प्रदेश ने गुजरात को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर सौर ऊर्जा’ के संकल्प, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व तथा नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा जी की निरंतर मॉनिटरिंग का परिणाम है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की निरंतर निगरानी में यूपीनेडा, विद्युत विभाग, डिस्कॉम, बैंकिंग संस्थानों और अधिकृत वेंडर्स के समन्वित प्रयासों से योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाया गया। जिला स्तर पर नियमित समीक्षा, बैंकिंग फॉलोअप, मीटरिंग की निगरानी तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण से रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की गति में उल्लेखनीय तेजी आई।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि प्रदेश में अब तक 2,942 मेगावाट से अधिक रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित हो चुकी है। इससे प्रतिदिन 1.32 करोड़ यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली उत्पादन की क्षमता विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि रूफटॉप सोलर से न केवल लाखों परिवारों के बिजली खर्च में कमी आ रही है, बल्कि प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी मजबूत हो रही है। इससे लगभग 11,700 एकड़ भूमि के बराबर भू-आवश्यकता से बचाव और 34 लाख टन से अधिक वार्षिक CO₂ उत्सर्जन में कमी का अनुमान है। यह पर्यावरणीय लाभ लगभग 15 करोड़ से अधिक पेड़ों द्वारा एक वर्ष में अवशोषित किए जाने वाले कार्बन के बराबर माना जा सकता है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ने प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए हैं। यूपीनेडा द्वारा 8,000 से अधिक वेंडर्स को इम्पैनल्ड किया गया है, जिसके माध्यम से सौर ऊर्जा क्षेत्र में एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। वहीं, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जेवर, दादरी, मथुरा और गाजियाबाद सहित प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में सोलर मैन्युफैक्चरिंग तथा इससे जुड़े उद्योगों का इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है।
- 15 जनपद देश के टॉप-100 में
योजना की सफलता का प्रभाव जनपदों की रैंकिंग में भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश के 15 जनपद देश के टॉप-100 में शामिल हैं। इनमें लखनऊ ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है, जबकि वाराणसी 10वें स्थान पर है। केंद्रीय एवं राज्य सब्सिडी के माध्यम से ₹7,700 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता का प्रभाव भी सामने आया है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर अपनाना अधिक आसान हुआ है।
- स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में अग्रणी राज्य बन रहा यूपी
मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि केवल देश में नंबर-1 रैंकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के स्वच्छ, आत्मनिर्भर और हरित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में देश का नंबर-1 राज्य नहीं है, बल्कि सौर ऊर्जा, ग्रीन जॉब्स और स्वच्छ ऊर्जा आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में भी देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
पीएम आवास योजना में यूपी का नया कीर्तिमान, दो राष्ट्रीय पुरस्कार
- आवास पूर्ण करने में देश में प्रथम, पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 में तीसरा स्थान

लखनऊ, 05 अक्टूबर। विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के प्रभावी क्रियान्वयन में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश को योजना के बेहतर प्रदर्शन के लिए दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से सोमवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में ये पुरस्कार प्रदान किए गए।
उत्तर प्रदेश को प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के लाभार्थी आधारित आवास निर्माण (बीएलसी) घटक में स्वीकृत आवासों के सापेक्ष सर्वाधिक आवास पूर्ण करने के लिए प्रथम पुरस्कार मिला। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत स्वीकृत आवासों के सापेक्ष सर्वाधिक प्रतिशत आवासों की ग्राउंडिंग के लिए प्रदेश को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। दोनों पुरस्कार केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने प्रदान किए।
पुरस्कार मिलने पर नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने प्रदेशवासियों तथा नगर विकास विभाग के अधिकारियों- कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के संकल्प को मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जा रहा है।
श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी महज आवास उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह शहरी गरीब और वंचित परिवारों के जीवन में स्थायित्व, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार का प्रयास है कि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से मिले। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावास दिवस पर उत्तर प्रदेश को मिले दोनों राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदेश में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाते हैं। इन उपलब्धियों में राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा), नगर विकास विभाग, नगरीय निकायों तथा योजना के क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का सामूहिक योगदान है।
- सूडा निदेशक ने ग्रहण किए पुरस्कार
पुरस्कार वितरण समारोह में उत्तर प्रदेश की ओर से राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) के निदेशक महेन्द्र बहादुर सिंह ने दोनों पुरस्कार ग्रहण किए। समारोह में केंद्र सरकार के शहरी विकास विभाग के सचिव सत्येंद्र सिंह, श्रीमती डी. तारा और संयुक्त सचिव कुमार रविकान्त सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल में वित्त नियंत्रक रजनीकान्त वर्मा और कार्यक्रम अधिकारी अतुल सिंह चौहान भी उपस्थित रहे।
घुमंतू समाज के उत्थान और विकास के लिए समर्पित है राज्य सरकार : असीम अरुण
*’समाज के लोगों ने मंत्री से मूलभूत सुविधाओं की उठाई मांग’*

लखनऊ: 05 अक्टूबर, 2026।
लखनऊ कल्ली पश्चिम, लखनऊ में आयोजित ‘घुमंतू समाज आभार सम्मेलन’(जनजाति बारा समाज सम्मेलन) में प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि हम यहाँ किसी चुनाव के सिलसिले में नहीं, बल्कि घुमंतू समाज के सर्वांगीण विकास और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए आए हैं। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रेरणा का उल्लेख करते हुए उन्होंने समाज को ‘‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’’ के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
*’विकास की नई शुरुआत’*
मंत्री असीम अरुण ने कहा कि आजादी की लड़ाई में इस समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अतीत में हुए अत्याचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में अब इस समाज पर कोई अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा।
*’घुमंतू विकास मिशन एवं बोर्ड’*
सरकार द्वारा श्घुमंतू विकास मिशनश् और श्घुमंतू विकास बोर्डश् के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। क्षेत्र में सड़क, स्ट्रीट लाइट, स्कूल, बारात घर, सामुदायिक भवन और सामुदायिक शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। समाज के लोगों के लिए शिविर लगाकर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आवास योजना एवं रोजगार से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान देवेन्द्र आस्थाना (प्रान्त सेवा प्रमुख), अजय (विभाग संयोजक, घुमंतू परिषद सीतापुर),  सूरज नाथ सपेरा, गगन शर्मा (जन संपर्क सेवा प्रमुख),  राज कुमार सरदार, कृपाशंकर, राजेंद्र नाथ,  कन्हैया नाथ, 8सैलानी नाथ, राम सिंह, मुकेश नाथ, भवानी, पप्पू नाथ, करण नाथ, छेदी लाल, प्रवेश नाथ,  उमेश नाथ, रकम नाथ, अगम नाथ शामिल रहे।
ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध: मुख्यमंत्री योगी
*बख्शी का तालाब में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मिले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राहत सामग्री बांटी और राहत एवं बचाव कार्यों का लिया जायजा*
*फैजुल्लागंज से नैमिष तक किया हवाई सर्वे, गोमती का जलस्तर बढ़ने से दर्जनों गांवों में बाढ़ जैसे हालात*
*बाढ़ से बचाव के साथ आवागमन के काम आएगा तटबंध, जल निकासी के लिए लगेंगे पंपिंग सेट*
*जनहानि पर ₹4 लाख की तत्काल सहायता, मकान और फसल-पशुहानि पर भी मिलेगी मदद*
*आपदा की घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ी है डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री योगी*

  लखनऊ। गोमती की बाढ़ से फैजुल्लागंज से नैमिष तक के इलाके को बचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर तटबंध बनाया जाएगा। तटबंध पर रास्ता भी बनेगा, जिससे यह बाढ़ से बचाव के साथ आवागमन के काम आएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बख्शी का तालाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि तटबंध को स्वीकृति दे दी गई है। धनराशि जारी कर मानसून समाप्त होने के बाद काम आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री बख्शी का तालाब तहसील क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट एवं राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री बांटी और उनकी समस्याएं सुनीं। राहत एवं बचाव कार्यों में लगी टीमों से बात कर स्थिति जानी और स्वास्थ्य विभाग के शिविर का जायजा लिया। इससे पहले उन्होंने फैजुल्लागंज से नैमिष तक प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे भी किया।
*तटबंध के साथ जल निकासी का भी इंतजाम*
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती किनारे सर्वे कर तटबंध का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि तटबंध के बाहर बारिश का पानी जमा न हो, इसका भी इंतजाम किया जाए। इसके लिए पंपिंग सेट लगाए जाएंगे, ताकि नदी का जलस्तर बढ़ने पर आबादी की ओर जमा पानी को नदी में निकाला जा सके। तटबंध को हर मौसम में उपयोगी बनाने के साथ उस पर आवागमन की व्यवस्था भी की जाएगी।
*पांच-छह दिन बाद पहुंचा बारिश का पानी*
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 दिनों में प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश हुई है। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल में हुई बारिश का पानी पांच-छह दिन बाद नीचे पहुंचने से गोमती का जलस्तर बढ़ा। इससे बख्शी का तालाब, लखनऊ उत्तर और फैजुल्लागंज से नैमिष तक के इलाके में बाढ़ जैसे हालात बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लगातार स्थिति और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे थे और जमीनी स्थिति देखने पहुंचे हैं।
*प्रभावित परिवारों को 26 जरूरी वस्तुएं*
बाढ़ प्रभावित परिवारों को चावल, दाल, आटा, चना और तिरपाल समेत 26 जरूरी वस्तुओं की राहत सामग्री दी जा रही है। इसमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो अरहर दाल और एक लीटर सरसों या रिफाइंड तेल के साथ नमक, मिर्च-मसाला, बाल्टी, लाई-भुजा, मोमबत्ती, माचिस और बरसाती समेत अन्य सामान शामिल है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों को खुले में रहने के बजाय स्कूलों और मैरिज हॉल में बनाए गए राहत शिविरों में ठहराने के निर्देश दिए। शिविरों में दोनों समय गर्म भोजन की व्यवस्था होगी। छोटे बच्चों को दूध और गर्भवती महिलाओं को पोषक आहार दिया जाएगा। पशुओं के लिए सूखे भूसे के साथ चोकर भी उपलब्ध कराया जाएगा। *जनहानि पर तत्काल ₹4 लाख*
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ में डूबने या आकाशीय बिजली से जनहानि होने पर परिवार को तत्काल ₹4 लाख की सहायता दी जाएगी। बारिश से मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर पात्र परिवार को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना से घर मिलेगा। पशुहानि की भी भरपाई होगी। राहत एवं बचाव कार्यों के बाद फसलों का समय से सर्वे कर किसानों को नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा।
*स्वास्थ्य केंद्रों पर रहेगा एंटी स्नेक वेनम*
बाढ़ के दौरान सांप-बिच्छू और अन्य जीवों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। कुत्ते या अन्य जानवर के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन भी उपलब्ध रहेगा। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल और पशु चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे।
राहत शिविरों में बिजली न होने पर पेट्रोमैक्स या सोलर लाइट की व्यवस्था होगी। घर छोड़कर शिविरों में आने वाले परिवारों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए गांव के चौकीदार, होमगार्ड, पीआरडी और पुलिस के जवान रात में पेट्रोलिंग करेंगे।
*राजनाथ ने फोन कर ली बाढ़ की जानकारी*
मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार सुबह फोन कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने भी फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनने से बाढ़ की समस्या से राहत मिलने की बात कही। मुख्यमंत्री ने बताया कि तटबंध को स्वीकृति दे दी गई है और इसके लिए तत्काल धनराशि जारी कर काम आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में डबल इंजन सरकार उनके साथ खड़ी है। राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाए जा रहे हैं और प्रशासन को इसके लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है।
*कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी, विधायक योगेश शुक्ला व डॉ. नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय मौर्य और नगर पंचायत इटौंजा अध्यक्ष अखिलेश कुमार अवस्थी समेत प्रशासन, पुलिस और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सोनभद्र: चरित्र संदेह में पति ने पत्नी को घोंपा चाकू, जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत
विकास कुमार अनपरा सोनभद्र। स्थानीय थाना क्षेत्र के डिबुलगंज गांव में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। पत्नी के चरित्र पर संदेह को लेकर हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जहां पति ने बेरहमी से चाकू से हमला कर अपनी 24 वर्षीय पत्नी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। रविवार शाम जिला अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई, जिसके बाद से आरोपी पति मौके से फरार है।

क्या है पूरा मामला
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, डिबुलगंज निवासी राजरूप धरिकार का दो अक्टूबर की शाम अपनी पत्नी मैना कुमारी से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। आरोप है कि राजरूप अपनी पत्नी के अवैध संबंध होने का झूठा शक करता था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई। गुस्से में आकर आरोपी ने घर में रखे चाकू से मैना के पेट पर वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से लहूलुहान होकर गिर पड़ी।

स्वजनों की लापरवाही से बिगड़ी स्थिति
घायल अवस्था में छिपाए रखा: हमले के बाद आरोपी ने घायल महिला को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय घर पर ही छिपाए रखा और पुलिस को भी घटना की भनक नहीं लगने दी।
तबीयत बिगड़ने पर पहुंचे अस्पताल: पेट में गंभीर अंदरूनी चोट होने के कारण मैना की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। आखिरकार शनिवार को जब उसकी हालत अत्यंत गंभीर हुई, तब स्वजन उसे डिबुलगंज स्थित संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे।

जिला अस्पताल रेफर: प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां रविवार शाम इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतका अपने पीछे दो मासूम बच्चे छोड़ गई है।

पुलिस की कार्रवाई
बेटी की दर्दनाक मौत की खबर मिलते ही पिता अच्छे लाल अनपरा थाने पहुंचे और अपने दामाद राजरूप धरिकार के खिलाफ नामजद तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि आरोपी पति की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसे सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने मंडी समिति सुल्तानपुर के निर्माण कार्यों का लिया जायजा
*मंडी समिति में मिली खामियों पर निदेशक राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद सख्त*
*अवैध कब्जे 15 दिन में हटाने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने के दिए निर्देश*
*अवैध कब्जे पूर्णतः समाप्त होने का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए जाने तक प्रभारी सचिव का वेतन न किया जाए आहरित : जितेंद्र प्रताप सिंह*

लखनऊ, 05 अक्टूबर 2026।
निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, जितेंद्र प्रताप सिंह ने आज मंडी समिति, सुल्तानपुर का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं एवं निर्माण कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों के तत्काल निराकरण के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
    श्री सिंह ने मंडी गेट पर बोर्ड स्थापित न होने पर उपनिदेशक निर्माण को उसे तत्काल उचित एवं प्रमुख स्थान पर लगवाने के निर्देश दिए। परिसर में टटर आदि के माध्यम से किए गए अवैध कब्जों को गंभीरता से लेते हुए सभी कब्जे 15 दिवस में हटाने को कहा गया। साथ ही, अवैध कब्जे पूर्णतः समाप्त होने का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए जाने तक प्रभारी सचिव का वेतन आहरित न करने के निर्देश दिए।
   निदेशक ने ई-नाम कार्यालय के दरवाजे के खराब गुणवत्ता वाले कब्जे पाए जाने पर संबंधित उपनिदेशक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। मंडी परिसर में कराए गए सड़क निर्माण कार्य में, विशेषकर सीसी ज्वाइंट के पास, गुणवत्ता में कमी मिलने पर कार्य की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराने तथा दोषी/उत्तरदायी व्यक्ति का दायित्व निर्धारित करने को कहा।
   बरसात के दौरान जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा मंडी में जाम की स्थिति दूर करने के लिए व्यापारियों को पीछे की ओर व्यवस्थित करने के श्री सिंह ने निर्देश दिए, जिससे मुख्य मार्ग पर आवागमन सुचारु रहे।निदेशक ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयावधि में अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंची टीवी एक्ट्रेस अमन संधू
वाराणसी। टीवी  की मशहूर नायिका अमन संधू बाबा भोले नाथ के यहां पहली बार आकर  दर्शन पूजा कर हाजिरी लगाई। पूछे जाने पर अमन संधू ने बताया कि बाबा भोले नाथ की नगरी बनारस में पहली बार आई  बहुत अच्छा लगा और यहां  पर आते ही अपनापन सा लगा। यहाँ के लोग और खाना पीना सब बहुत अच्छा लगा। यहाँ के लोगों में बहुत प्यार है। आगे  नायिका अमन संधू पुलिस प्रशासन की तारीफ करते हुए बताया किे जहाँ महादेव जी के दर्शन को कई घंटे लग जाते है वहीँ पुलिस प्रोटेक्शन सपोर्ट के कारण अच्छे से काशी विश्वनाथ जी के दर्शन हो गए, जो महादेव की कृपा रही कि वी आई पी दर्शन हो पाया। बताते चले कि अमन संधू किसी परिचय की मोहताज नहीं है वो कई टीवी सीरियल में काम कर चुकी है जिसमें  ब्लू वैन, काला शहर, खिड़की, नीली छतरी, क्राइम पेट्रोल आदि है। संधू इस समय "सस्पेक्टेड 01"  फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं फिर भी मौका निकाल कर महादेव के दर्शन करने बनारस आई थी।
मुख्यमंत्री योगी ने पूरी की तीन दशक पुरानी मांग, गंगा पर सेतु से सीधे जुड़ेंगे भदोही-प्रयागराज

सीतामढ़ी-धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर 1.32 किमी लंबे सेतु का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया शिलान्यास

₹300 करोड़ से अधिक की परियोजना से पांच जिलों की राह होगी आसान, मध्य प्रदेश की ओर भी सफर होगा सुगम

पीपा पुल और नाव पर निर्भरता होगी खत्म, कोनिया और मांडा क्षेत्र की सवा लाख से अधिक आबादी को मिलेगी राहत

सीतामढ़ी आने वाले श्रद्धालुओं को होगी सहूलियत, कालीन कारोबार के लिए भी खुलेगा बेहतर रास्ता

 संत रविदास नगर भदोही। गंगा पर पक्के पुल के लिए तीन दशक से अधिक समय से इंतजार कर रहे कोनिया क्षेत्र के लोगों की बड़ी मांग रविवार को पूरी हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीतामढ़ी-धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर ₹300 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले 1.32 किमी लंबे सेतु का शिलान्यास किया। इसके साथ पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य भी कराए जाएंगे। पुल तैयार होने पर भदोही के धनतुलसी से प्रयागराज के मांडा क्षेत्र स्थित डेंगुरपुर तक सीधा सड़क संपर्क हो जाएगा।

इस पुल से भदोही और प्रयागराज के साथ मिर्जापुर, वाराणसी और जौनपुर की राह भी आसान होगी। इस तरह उत्तर प्रदेश के पांच जिलों को इसका लाभ मिलेगा। मिर्जापुर के रास्ते मध्य प्रदेश की ओर जाने वालों को भी सहूलियत होगी।

बरसात में खत्म होगी बड़ी परेशानी

धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर अभी गंगा पार करने के लिए पीपा पुल और नाव का सहारा लेना पड़ता है। बरसात में गंगा का जलस्तर बढ़ते ही पीपा पुल हटा दिया जाता है। ऐसे में लोगों की मुश्किल बढ़ जाती है। पक्का पुल बनने के बाद कोनिया और मांडा क्षेत्र की सवा लाख से अधिक आबादी को पूरे साल गंगा पार करने का रास्ता मिलेगा। पढ़ाई, इलाज, बाजार और रोजमर्रा के दूसरे कामों के लिए भी लोगों को राहत मिलेगी।

सीतामढ़ी आने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत

गंगा किनारे स्थित सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी पुल अहम होगा। प्रयागराज की ओर से आने वालों को सीधा रास्ता मिलेगा। इसका फायदा आसपास के बाजार और छोटे कारोबारियों को भी होगा।

कालीन कारोबार की राह भी होगी आसान

भदोही के कालीन कारोबार के लिए भी यह पुल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रयागराज की ओर सीधा सड़क संपर्क होने से माल लाने-ले जाने में आसानी होगी। कारोबारियों का कहना है कि पुल से व्यापार के लिए नए क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी।

 

अंजनी कारपेट, खमरिया के पीयूष कुमार बरनवाल ने कहा, “इस पुल का बहुत लंबे समय से इंतजार था। अब काम शुरू होने जा रहा है तो क्षेत्र के लोगों में खुशी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बहुत-बहुत धन्यवाद।”

 

त्रिवेणी रग इंडस्ट्रीज, छतमी गोपीगंज के शाश्वत पांडेय ने कहा, “पुल हमारे कालीन कारोबार के लिए काफी काम आएगा। प्रयागराज की तरफ संपर्क बेहतर होने से व्यापार को भी फायदा होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार।”

 

कालीन निर्यात संवर्धन परिषद की प्रशासनिक समिति के पूर्व सदस्य राजेंद्र कुमार मिश्र ने कहा, “भदोही का कालीन दुनिया भर में जाता है। यह पुल कारोबार के लिए नए रास्ते खोलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्र की बड़ी जरूरत पूरी की है।”

पुल बनने से परिवारों की परेशानी होगी कम

गृहिणी एवं समाजसेवी सरिता गुप्ता ने कहा, “बरसात के दिनों में गंगा पार करना बड़ी परेशानी बन जाता है। पक्का पुल बनने से बच्चों की पढ़ाई से लेकर इलाज और रोजमर्रा के काम तक आसान होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद।”

23 विद्यार्थियों ने सीखी एस्ट्रोफोटोग्राफी की बारीकियां
- के.के.वी. में बेसिक एस्ट्रोफोटोग्राफी वर्कशॉप का समापन, अगली कार्यशाला के.के.सी. में
लखनऊ। इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला, लखनऊ की ओर से बप्पा श्री नारायण वोकेशनल पी.जी. कॉलेज (के.के.वी.), लखनऊ में 25 सितम्बर से 3 अक्टूबर 2026 तक आयोजित नौ दिवसीय “बेसिक एस्ट्रोफोटोग्राफी वर्कशॉप” का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यशाला में 23 मेधावी विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर एस्ट्रोफोटोग्राफी की मूलभूत तकनीकों और खगोलीय पिंडों की तस्वीरें लेने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को एस्ट्रोफोटोग्राफी में प्रयुक्त होने वाले आवश्यक उपकरणों, कैमरा तकनीक, आकाशीय पिंडों के चयन, फोटोग्राफी की प्रक्रिया तथा खगोलीय छवियों की गुणवत्ता बेहतर करने की तकनीकों से परिचित कराया गया। प्रतिभागियों को खगोलीय घटनाओं एवं आकाशीय पिंडों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखने और उन्हें कैमरे में कैद करने की बारीकियां भी सिखाई गईं।
कार्यशाला का संचालन एवं प्रशिक्षण सौरभ कुमार, उत्कर्ष मिश्रा (एस्ट्रोफोटोग्राफर), हुजैफा शकील (एस्ट्रोफोटोग्राफर), अनुराग अवस्थी एवं सुश्री दीपशिखा ने किया। वहीं, बप्पा श्री नारायण वोकेशनल पी.जी. कॉलेज (के.के.वी.) की ओर से डॉ. शिवानी ने आयोजन एवं समन्वय की जिम्मेदारी संभाली।
समापन अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश के निदेशक रमेश चंद्र ने कहा कि इस तरह की बेसिक एस्ट्रोफोटोग्राफी कार्यशालाएं विद्यार्थियों में खगोल विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण को भी मजबूत करती हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और भविष्य में नए एस्ट्रोफोटोग्राफरों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों एवं युवाओं में खगोल विज्ञान के प्रति बढ़ती रुचि को देखते हुए परिषद द्वारा ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाए जा रहे हैं। इसी क्रम में अगली बेसिक एस्ट्रोफोटोग्राफी कार्यशाला श्री जयनारायण पी.जी. कॉलेज (के.के.सी.), लखनऊ में आयोजित की जाएगी।
कार्यशाला के समापन पर विद्यार्थियों ने एस्ट्रोफोटोग्राफी को विज्ञान, तकनीक और रचनात्मकता का अनूठा संगम बताया। प्रतिभागियों ने भविष्य में खगोल विज्ञान एवं एस्ट्रोफोटोग्राफी के क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा भी व्यक्त की।