सोनभद्र: चरित्र संदेह में पति ने पत्नी को घोंपा चाकू, जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत
विकास कुमार अनपरा सोनभद्र। स्थानीय थाना क्षेत्र के डिबुलगंज गांव में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। पत्नी के चरित्र पर संदेह को लेकर हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जहां पति ने बेरहमी से चाकू से हमला कर अपनी 24 वर्षीय पत्नी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। रविवार शाम जिला अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई, जिसके बाद से आरोपी पति मौके से फरार है।

क्या है पूरा मामला
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, डिबुलगंज निवासी राजरूप धरिकार का दो अक्टूबर की शाम अपनी पत्नी मैना कुमारी से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। आरोप है कि राजरूप अपनी पत्नी के अवैध संबंध होने का झूठा शक करता था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई। गुस्से में आकर आरोपी ने घर में रखे चाकू से मैना के पेट पर वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से लहूलुहान होकर गिर पड़ी।

स्वजनों की लापरवाही से बिगड़ी स्थिति
घायल अवस्था में छिपाए रखा: हमले के बाद आरोपी ने घायल महिला को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय घर पर ही छिपाए रखा और पुलिस को भी घटना की भनक नहीं लगने दी।
तबीयत बिगड़ने पर पहुंचे अस्पताल: पेट में गंभीर अंदरूनी चोट होने के कारण मैना की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। आखिरकार शनिवार को जब उसकी हालत अत्यंत गंभीर हुई, तब स्वजन उसे डिबुलगंज स्थित संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे।

जिला अस्पताल रेफर: प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जहां रविवार शाम इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतका अपने पीछे दो मासूम बच्चे छोड़ गई है।

पुलिस की कार्रवाई
बेटी की दर्दनाक मौत की खबर मिलते ही पिता अच्छे लाल अनपरा थाने पहुंचे और अपने दामाद राजरूप धरिकार के खिलाफ नामजद तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि आरोपी पति की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसे सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने मंडी समिति सुल्तानपुर के निर्माण कार्यों का लिया जायजा
*मंडी समिति में मिली खामियों पर निदेशक राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद सख्त*
*अवैध कब्जे 15 दिन में हटाने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने के दिए निर्देश*
*अवैध कब्जे पूर्णतः समाप्त होने का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए जाने तक प्रभारी सचिव का वेतन न किया जाए आहरित : जितेंद्र प्रताप सिंह*

लखनऊ, 05 अक्टूबर 2026।
निदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, जितेंद्र प्रताप सिंह ने आज मंडी समिति, सुल्तानपुर का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं एवं निर्माण कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों के तत्काल निराकरण के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
    श्री सिंह ने मंडी गेट पर बोर्ड स्थापित न होने पर उपनिदेशक निर्माण को उसे तत्काल उचित एवं प्रमुख स्थान पर लगवाने के निर्देश दिए। परिसर में टटर आदि के माध्यम से किए गए अवैध कब्जों को गंभीरता से लेते हुए सभी कब्जे 15 दिवस में हटाने को कहा गया। साथ ही, अवैध कब्जे पूर्णतः समाप्त होने का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए जाने तक प्रभारी सचिव का वेतन आहरित न करने के निर्देश दिए।
   निदेशक ने ई-नाम कार्यालय के दरवाजे के खराब गुणवत्ता वाले कब्जे पाए जाने पर संबंधित उपनिदेशक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। मंडी परिसर में कराए गए सड़क निर्माण कार्य में, विशेषकर सीसी ज्वाइंट के पास, गुणवत्ता में कमी मिलने पर कार्य की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराने तथा दोषी/उत्तरदायी व्यक्ति का दायित्व निर्धारित करने को कहा।
   बरसात के दौरान जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा मंडी में जाम की स्थिति दूर करने के लिए व्यापारियों को पीछे की ओर व्यवस्थित करने के श्री सिंह ने निर्देश दिए, जिससे मुख्य मार्ग पर आवागमन सुचारु रहे।निदेशक ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयावधि में अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंची टीवी एक्ट्रेस अमन संधू
वाराणसी। टीवी  की मशहूर नायिका अमन संधू बाबा भोले नाथ के यहां पहली बार आकर  दर्शन पूजा कर हाजिरी लगाई। पूछे जाने पर अमन संधू ने बताया कि बाबा भोले नाथ की नगरी बनारस में पहली बार आई  बहुत अच्छा लगा और यहां  पर आते ही अपनापन सा लगा। यहाँ के लोग और खाना पीना सब बहुत अच्छा लगा। यहाँ के लोगों में बहुत प्यार है। आगे  नायिका अमन संधू पुलिस प्रशासन की तारीफ करते हुए बताया किे जहाँ महादेव जी के दर्शन को कई घंटे लग जाते है वहीँ पुलिस प्रोटेक्शन सपोर्ट के कारण अच्छे से काशी विश्वनाथ जी के दर्शन हो गए, जो महादेव की कृपा रही कि वी आई पी दर्शन हो पाया। बताते चले कि अमन संधू किसी परिचय की मोहताज नहीं है वो कई टीवी सीरियल में काम कर चुकी है जिसमें  ब्लू वैन, काला शहर, खिड़की, नीली छतरी, क्राइम पेट्रोल आदि है। संधू इस समय "सस्पेक्टेड 01"  फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं फिर भी मौका निकाल कर महादेव के दर्शन करने बनारस आई थी।
मुख्यमंत्री योगी ने पूरी की तीन दशक पुरानी मांग, गंगा पर सेतु से सीधे जुड़ेंगे भदोही-प्रयागराज

सीतामढ़ी-धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर 1.32 किमी लंबे सेतु का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया शिलान्यास

₹300 करोड़ से अधिक की परियोजना से पांच जिलों की राह होगी आसान, मध्य प्रदेश की ओर भी सफर होगा सुगम

पीपा पुल और नाव पर निर्भरता होगी खत्म, कोनिया और मांडा क्षेत्र की सवा लाख से अधिक आबादी को मिलेगी राहत

सीतामढ़ी आने वाले श्रद्धालुओं को होगी सहूलियत, कालीन कारोबार के लिए भी खुलेगा बेहतर रास्ता

 संत रविदास नगर भदोही। गंगा पर पक्के पुल के लिए तीन दशक से अधिक समय से इंतजार कर रहे कोनिया क्षेत्र के लोगों की बड़ी मांग रविवार को पूरी हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीतामढ़ी-धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर ₹300 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले 1.32 किमी लंबे सेतु का शिलान्यास किया। इसके साथ पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य भी कराए जाएंगे। पुल तैयार होने पर भदोही के धनतुलसी से प्रयागराज के मांडा क्षेत्र स्थित डेंगुरपुर तक सीधा सड़क संपर्क हो जाएगा।

इस पुल से भदोही और प्रयागराज के साथ मिर्जापुर, वाराणसी और जौनपुर की राह भी आसान होगी। इस तरह उत्तर प्रदेश के पांच जिलों को इसका लाभ मिलेगा। मिर्जापुर के रास्ते मध्य प्रदेश की ओर जाने वालों को भी सहूलियत होगी।

बरसात में खत्म होगी बड़ी परेशानी

धनतुलसी-डेंगुरपुर घाट पर अभी गंगा पार करने के लिए पीपा पुल और नाव का सहारा लेना पड़ता है। बरसात में गंगा का जलस्तर बढ़ते ही पीपा पुल हटा दिया जाता है। ऐसे में लोगों की मुश्किल बढ़ जाती है। पक्का पुल बनने के बाद कोनिया और मांडा क्षेत्र की सवा लाख से अधिक आबादी को पूरे साल गंगा पार करने का रास्ता मिलेगा। पढ़ाई, इलाज, बाजार और रोजमर्रा के दूसरे कामों के लिए भी लोगों को राहत मिलेगी।

सीतामढ़ी आने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत

गंगा किनारे स्थित सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी पुल अहम होगा। प्रयागराज की ओर से आने वालों को सीधा रास्ता मिलेगा। इसका फायदा आसपास के बाजार और छोटे कारोबारियों को भी होगा।

कालीन कारोबार की राह भी होगी आसान

भदोही के कालीन कारोबार के लिए भी यह पुल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रयागराज की ओर सीधा सड़क संपर्क होने से माल लाने-ले जाने में आसानी होगी। कारोबारियों का कहना है कि पुल से व्यापार के लिए नए क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी।

 

अंजनी कारपेट, खमरिया के पीयूष कुमार बरनवाल ने कहा, “इस पुल का बहुत लंबे समय से इंतजार था। अब काम शुरू होने जा रहा है तो क्षेत्र के लोगों में खुशी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बहुत-बहुत धन्यवाद।”

 

त्रिवेणी रग इंडस्ट्रीज, छतमी गोपीगंज के शाश्वत पांडेय ने कहा, “पुल हमारे कालीन कारोबार के लिए काफी काम आएगा। प्रयागराज की तरफ संपर्क बेहतर होने से व्यापार को भी फायदा होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार।”

 

कालीन निर्यात संवर्धन परिषद की प्रशासनिक समिति के पूर्व सदस्य राजेंद्र कुमार मिश्र ने कहा, “भदोही का कालीन दुनिया भर में जाता है। यह पुल कारोबार के लिए नए रास्ते खोलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्र की बड़ी जरूरत पूरी की है।”

पुल बनने से परिवारों की परेशानी होगी कम

गृहिणी एवं समाजसेवी सरिता गुप्ता ने कहा, “बरसात के दिनों में गंगा पार करना बड़ी परेशानी बन जाता है। पक्का पुल बनने से बच्चों की पढ़ाई से लेकर इलाज और रोजमर्रा के काम तक आसान होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद।”

23 विद्यार्थियों ने सीखी एस्ट्रोफोटोग्राफी की बारीकियां
- के.के.वी. में बेसिक एस्ट्रोफोटोग्राफी वर्कशॉप का समापन, अगली कार्यशाला के.के.सी. में
लखनऊ। इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला, लखनऊ की ओर से बप्पा श्री नारायण वोकेशनल पी.जी. कॉलेज (के.के.वी.), लखनऊ में 25 सितम्बर से 3 अक्टूबर 2026 तक आयोजित नौ दिवसीय “बेसिक एस्ट्रोफोटोग्राफी वर्कशॉप” का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यशाला में 23 मेधावी विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर एस्ट्रोफोटोग्राफी की मूलभूत तकनीकों और खगोलीय पिंडों की तस्वीरें लेने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को एस्ट्रोफोटोग्राफी में प्रयुक्त होने वाले आवश्यक उपकरणों, कैमरा तकनीक, आकाशीय पिंडों के चयन, फोटोग्राफी की प्रक्रिया तथा खगोलीय छवियों की गुणवत्ता बेहतर करने की तकनीकों से परिचित कराया गया। प्रतिभागियों को खगोलीय घटनाओं एवं आकाशीय पिंडों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखने और उन्हें कैमरे में कैद करने की बारीकियां भी सिखाई गईं।
कार्यशाला का संचालन एवं प्रशिक्षण सौरभ कुमार, उत्कर्ष मिश्रा (एस्ट्रोफोटोग्राफर), हुजैफा शकील (एस्ट्रोफोटोग्राफर), अनुराग अवस्थी एवं सुश्री दीपशिखा ने किया। वहीं, बप्पा श्री नारायण वोकेशनल पी.जी. कॉलेज (के.के.वी.) की ओर से डॉ. शिवानी ने आयोजन एवं समन्वय की जिम्मेदारी संभाली।
समापन अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश के निदेशक रमेश चंद्र ने कहा कि इस तरह की बेसिक एस्ट्रोफोटोग्राफी कार्यशालाएं विद्यार्थियों में खगोल विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण को भी मजबूत करती हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और भविष्य में नए एस्ट्रोफोटोग्राफरों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों एवं युवाओं में खगोल विज्ञान के प्रति बढ़ती रुचि को देखते हुए परिषद द्वारा ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाए जा रहे हैं। इसी क्रम में अगली बेसिक एस्ट्रोफोटोग्राफी कार्यशाला श्री जयनारायण पी.जी. कॉलेज (के.के.सी.), लखनऊ में आयोजित की जाएगी।
कार्यशाला के समापन पर विद्यार्थियों ने एस्ट्रोफोटोग्राफी को विज्ञान, तकनीक और रचनात्मकता का अनूठा संगम बताया। प्रतिभागियों ने भविष्य में खगोल विज्ञान एवं एस्ट्रोफोटोग्राफी के क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा भी व्यक्त की।
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. धर्मपाल सिंह की बड़ी भाभी का निधन
- लखनऊ में उपचार के दौरान ली अंतिम सांस, परिवार में शोक की लहर
रहीमपुर बदौली/सोहावल (अयोध्या)। अयोध्या जनपद की सोहावल तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा रहीमपुर बदौली निवासी वरिष्ठ पत्रकार डॉ. धर्मपाल सिंह की पूज्यनीय बड़ी भाभी श्रीमती तारा देवी, पत्नी स्वर्गीय इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद सिंह, का सोमवार को लखनऊ में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर से परिवार सहित क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों के अनुसार श्रीमती तारा देवी लंबे समय से उपचाराधीन थीं। लखनऊ में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही रिश्तेदारों, शुभचिंतकों, पत्रकारों एवं क्षेत्रीय लोगों में शोक की लहर फैल गई और शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया।
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. धर्मपाल सिंह एवं श्रीमती लक्ष्मी सिंह, प्रधानाचार्य एवं स्वर्गीय श्रीमती तारा देवी की पुत्रवधू, ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार 5 अक्टूबर को सुबह 10 बजे लखनऊ के भैंसाकुंड श्मशान घाट पर किया जाएगा।
श्रीमती तारा देवी के निधन पर क्षेत्र के लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
अब पलायन नहीं, अपनी माटी में हुनर दिखा रहे कारीगर: योगी आदित्यनाथ
*संत रविदास नगर, भदोही में इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण का मुख्यमंत्री योगी ने किया शुभारंभ*
*65 देशों के 450 से अधिक विदेशी बायर्स और 227 से अधिक एग्जीबिटर्स ले रहे हिस्सा, ब्रिक्स देशों से आए 106 खरीदार*
*2017 से पहले दंगा-कर्फ्यू और अराजकता से कारोबार था बेहाल, कारीगरों के सामने था पलायन का संकट*
*सीएम बोले- अब कोई माफिया खुली जीप में पिस्टल लहराकर नहीं धमका सकता, बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में नहीं लगा सकता सेंध*
*देश के कुल कालीन निर्यात में संत रविदास नगर, मिर्जापुर और वाराणसी की 60 प्रतिशत हिस्सेदारी, पांच लाख से अधिक रोजगार*
*यूपी को मिले हैं ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 14 हजार से बढ़कर अब 35 हजार से अधिक हुई कारखानों की संख्या*
*गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार से छह घंटे में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेगा भदोही का कालीन, निर्यात को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी*
संत रविदास नगर, भदोही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस उत्तर प्रदेश में कभी कारीगर और हस्तशिल्पी रोजी-रोजगार के लिए पलायन को मजबूर थे, आज उन्हें अपनी ही माटी में हुनर दिखाने का मंच मिल रहा है। तकनीक, डिजाइन और बाजार के साथ बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षा मिली है। भदोही का कालीन आज दुनिया के बाजार में अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री रविवार को संत रविदास नगर, भदोही के कारपेट एक्सपो मार्ट में चार से सात अक्टूबर तक आयोजित इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने फीता काटकर एक्सपो का शुभारंभ किया और स्टॉलों पर जाकर कारीगरों व हस्तशिल्पियों के उत्पाद देखे। एक्सपो में 227 से अधिक एग्जीबिटर्स और 65 देशों के 450 से अधिक विदेशी बायर्स हिस्सा ले रहे हैं। इनमें ब्रिक्स देशों के 106 बायर्स हैं।
*ओडीओपी ने कालीन को दिया बड़ा बाजार*
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में हताशा और निराशा थी। दंगा, कर्फ्यू, उपद्रव और माफियागिरी के कारण कारोबार का माहौल नहीं था। कारीगर को काम नहीं मिलता था और देशी-विदेशी खरीदार भी नहीं आते थे। सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना में भदोही के कालीन को शामिल कर कारीगरों को तकनीक, डिजाइन और बाजार से जोड़ा।
*सिल्क क्लस्टर से ₹6,100 करोड़ का निर्यात*
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास नगर और सिल्क क्लस्टर से ₹6,100 करोड़ का निर्यात हो रहा है। देश के कुल कालीन निर्यात में संत रविदास नगर, मिर्जापुर और वाराणसी के सिल्क क्लस्टर की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत है। अकेले संत रविदास नगर में 2,500 एमएसएमई यूनिट हैं, जिनका वार्षिक टर्नओवर ₹10 हजार करोड़ है। इस उद्योग से पांच लाख से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि जनपद में निर्मित 90 प्रतिशत कालीन अमेरिका, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन समेत विभिन्न देशों को निर्यात किए जाते हैं। भदोही के हस्तनिर्मित कालीन को जीआई टैग भी मिला है। कारपेट और टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी में तकनीकी शिक्षा, डिजाइनिंग और डाइंग के प्रशिक्षण के लिए भदोही में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कारपेट टेक्नोलॉजी स्थापित है। *छह घंटे में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट*
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा लाभ कालीन उद्योग को मिल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे का विंध्य एक्सप्रेसवे के रूप में विस्तार होने पर संत रविदास नगर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट छह घंटे में पहुंचा जा सकेगा। वहां की कार्गो सुविधा से भदोही की कालीन दुनिया के बाजार तक आसानी से पहुंच सकेगी। साथ ही वाराणसी से हल्दिया के बीच इनलैंड वाटरवे और वाराणसी में लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी कार्गो सुविधा उपलब्ध है।
*अब कोई माफिया नहीं धमका सकता व्यापारी को*
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में उपद्रव, कर्फ्यू और दंगा नहीं होते। कोई माफिया खुली जीप में पिस्टल लहराकर किसी को धमका नहीं सकता और बेटी व व्यापारी की सुरक्षा में सेंध नहीं लगा सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश को ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। ₹15 लाख करोड़ के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और साढ़े सात लाख करोड़ रुपये के उद्योग बहुत जल्द धरातल पर उतरने जा रहे है। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट हैं और प्रत्येक यूनिट को पांच लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर दिया जा रहा है।
*14 हजार से 35 हजार के पार पहुंचे कारखाने*
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में करीब 14 हजार कारखाने थे, जिनकी संख्या अब 35 हजार से अधिक हो गई है। देश के 55 प्रतिशत मोबाइल फोन और 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का निर्माण उत्तर प्रदेश में हो रहा है। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह नोड पर काम चल रहा है और प्रदेश में 12 निजी औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी मित्र जैसी व्यवस्थाओं के जरिये निवेशकों को सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 60 प्रतिशत हिस्सा है। *नए संसद भवन में भी भदोही का कालीन*
मुख्यमंत्री ने कहा कि भदोही के हुनरमंद हाथों से तैयार कालीन आज दुनिया के बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों की शोभा बढ़ा रहे हैं। देश के नए संसद भवन में बिछा कालीन भी संत रविदास नगर में तैयार हुआ है। जिले के पास जीआई टैग, ओडीओपी का प्लेटफार्म, कारपेट एक्सपो मार्ट और मजबूत निर्यात तंत्र है।
उन्होंने बताया कि लखनऊ और हरदोई के बीच एक हजार एकड़ में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल एंप्लॉयमेंट एंड स्किलिंग जोन बनाने की तैयारी है। यहां उद्योगों की मांग के अनुसार कुशल मैनपावर तैयार की जाएगी। *इंटरनेशनल ट्रेड शो से दुनिया ने देखी यूपी की ताकत*
मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में छह लाख से अधिक विजिटर पहुंचे। डेढ़ लाख से अधिक बी2बी बैठकें हुईं। इसमें 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स और 650 से अधिक विदेशी खरीदार शामिल हुए।
*कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी*
कार्यक्रम में सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, औराई विधायक दीनानाथ भास्कर, ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे, सीईपीसी अध्यक्ष कैप्टन मुकेश गोम्बर, उपाध्यक्ष असलम महबूब, एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील और इंडिया एक्सपो मार्ट लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. राकेश शर्मा समेत कारीगर, हस्तशिल्पी, निर्यातक और देश-विदेश से आए खरीदार मौजूद रहे।
संघ एकता, जैन संस्कार और जैन शासन की ऐतिहासिक महारथ यात्रा
मुंबई। मुंबई की पावन धरती और विशेष रूप से दक्षिण मुंबई के प्रमुख मार्गों पर रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को जैन धर्म की एकता, संस्कार और शासन की प्रभावना का अद्भुत एवं ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। भगवान महावीर स्वामी के अहिंसा, जीवदया, करुणा और सद्भावना के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित भव्य महारथयात्रा में श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के सहयोग से संचालित पाठशालाओं के लगभग 3,000 बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह महारथयात्रा केवल एक धार्मिक शोभायात्रा नहीं, बल्कि जैन संघ की एकता, नई पीढ़ी में संस्कारों के सिंचन और जैन शासन की भव्य प्रभावना का जीवंत महोत्सव बन गई। परम पूज्य संघित सम्राट एवं प्रसिद्ध प्रवचनकार आचार्य श्री विजय प्रभाकरसूरीश्वरजी म.सा., परम पूज्य मुनिराज श्री महाप्रभविजयजी म.सा., परम पूज्य मुनिराज श्री श्रीप्रभविजयजी म.सा., परम पूज्य साध्वीजी श्री तत्त्वदर्शना श्रीजी म.सा. आदि साधु-साध्वी भगवंतों के पावन सान्निध्य में यह भव्य आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। साथ ही श्री नेमिसूरी समाज के आचार्य प.पू. श्री चंद्रसूरीश्वरजी महाराज सहित विभिन्न आचार्य भगवंतों एवं साधु-साध्वीजी भगवंतों की दिव्य निश्रा और पावन उपस्थिति ने इस महारथयात्रा को और अधिक आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। श्वेत वस्त्रों एवं आकर्षक रंग-बिरंगी धार्मिक वेशभूषा में सजे नन्हे बालक-बालिकाएं हाथों में पवित्र जैन ध्वज लेकर नवकार महामंत्र का जाप करते हुए आगे बढ़ रहे थे। बच्चों के अनुशासन, उत्साह और भक्ति ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पूरे मार्ग पर ‘जैनम् जयति शासनम्’, ‘अरिहंत शरणं गच्छामि’ जैसे जयघोष गूंजते रहे और दक्षिण मुंबई का वातावरण भक्तिमय बन गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु उमड़े और महारथयात्रा के दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियों ने भी यात्रा की भव्यता में चार चांद लगाए। बता दें कि श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ, मुंबई द्वारा जैन समाज की भावी पीढ़ी को धर्म, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने के लिए निरंतर व्यापक कार्य किया जा रहा है। संघ के अंतर्गत आज देशभर में 700 से अधिक पाठशालाएं, 75,000 से अधिक विद्यार्थी तथा 1,500 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्वान पंडितवर्य धार्मिक एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने में समर्पित हैं। संघ के इस उल्लेखनीय कार्य की वैश्विक स्तर पर भी सराहना हुई है तथा संस्था को प्रतिष्ठित लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त होना जैन समाज के लिए गौरव का विषय है। संस्था के उपाध्यक्ष संजयभाई जीवनलाल शाह ने कहा कि पाठशाला के नन्हे बालकों द्वारा की गई यह आराधना पूरे जैन संघ के लिए प्रेरणादायी है। बच्चों में बचपन से ही धर्म, अहिंसा और जीवदया के संस्कारों का सिंचन करने का जो पवित्र कार्य श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ कर रहा है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर है। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को मंगलकामनाएं दीं। आधुनिक युग में बच्चों को अपनी संस्कृति, धर्म और संस्कारों से जोड़े रखना समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। लगभग 3,000 बच्चों की सहभागिता यह प्रमाणित करती है कि जैन संस्कारों की जड़ें आज भी अत्यंत मजबूत हैं। यह महारथयात्रा जैन शासन की प्रभावना का जीवंत प्रतीक है। इस अवसर पर श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के अध्यक्ष सुरेशभाई देवचंद शाह, उपाध्यक्ष  संजयभाई जीवनलाल शाह, ट्रस्टी अशोकभाई नर्सी चरला एवं डॉ. अल्पा संजय शाह की उपस्थिति और मार्गदर्शन में पाठशाला के बच्चों ने विभिन्न जैन धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियां प्रस्तुत कीं। यह संपूर्ण भव्य आयोजन श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के सहयोग एवं श्री जैन संगठन के नेतृत्व में संपन्न हुआ और जैन समाज के लिए भक्ति, संस्कार, एकता एवं धर्मप्रभावना का अविस्मरणीय अध्याय बन गया।
जातीय खेमों में लड़ता भारत नहीं, हमें एक भारत-श्रेष्ठ भारत चाहिए: सीएम योगी

*राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित*
*बोले - जाति के नाम पर समाज को बांटना राष्ट्र के प्रति अपराध*
*कहा - व्यक्ति नहीं, विचार के बूते 100 वर्ष से समाज को जोड़ रहा गायत्री परिवार*
*शिक्षक जागृत हो जाए तो भारत को विश्व गुरु बनने में देर नहीं लगेगी: मुख्यमंत्री योगी*
*गुलामी के दौर में भी थे समाज को बांटने वाले, आज जाति-क्षेत्र और भाषा के नाम पर कर रहे वही काम*
*विभाजनकारी ताकतों को सफल न होने दें शिक्षक, सामाजिक एकता से मजबूत होगी राष्ट्रीय एकता*

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें बिखरा हुआ और जातीय खेमों में आपस में लड़ता भारत नहीं, बल्कि एक भारत-श्रेष्ठ भारत चाहिए। जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटना राष्ट्र और भारत माता के प्रति अपराध है। गुलामी के दौर में भी एक वर्ग समाज को बांटता था, जबकि दूसरा समाज को जोड़कर स्वाधीनता की हुंकार भरता था। आज भी वही प्रवृत्ति अलग-अलग रूपों में दिखाई दे रही है। ऐसे में शिक्षक समाज की जिम्मेदारी है कि विभाजनकारी ताकतों को सफल न होने दे।
मुख्यमंत्री रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। गायत्री मंत्र के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।
*व्यक्ति नहीं, विचार करता है लंबी यात्रा*
मुख्यमंत्री ने गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा और माता भगवती देवी को नमन करते हुए कहा कि गायत्री परिवार ने यज्ञ के माध्यम से समाज को जोड़कर सामाजिक एकता का आदर्श प्रस्तुत किया। पंडित श्रीराम शर्मा संगठन को अपना नाम दे सकते थे, लेकिन उन्होंने विचार को प्रधानता दी। व्यक्ति के नाम पर चलने वाले संगठन धराशायी हो जाते हैं, जबकि विचार लंबी यात्रा करता है। गायत्री परिवार की 100 वर्षों की साधना इसका प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि 1923 में गीता प्रेस, 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और 1926 में अखिल विश्व गायत्री परिवार की स्थापना हुई। रास्ते अलग थे, लेकिन तीनों ने जनचेतना जगाने और समाज को सनातन मूल्यों, भारत और भारतीयता से जोड़ने का काम किया।
*शिक्षक जागृत हुआ तो भारत बनेगा विश्व गुरु*
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को समाज की चेतना और युग निर्माता बताते हुए कहा कि शिक्षक जागृत होकर ईमानदारी से दायित्व निभाए तो भारत को विश्व गुरु बनने में देर नहीं लगेगी। भारत की आचार्य और गुरुकुल परंपरा ने तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालय दिए। इसी परंपरा ने चाणक्य-चंद्रगुप्त, महर्षि वशिष्ठ-श्रीराम और महर्षि सांदीपनि-कृष्ण दिए। इस परंपरा को फिर जीवंत करना होगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा से 11 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का जुड़ना महत्वपूर्ण है। युवा पीढ़ी का सही मार्गदर्शन कर उसे प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाएंगे तो आज का युवा ही भारत का भाग्य विधाता बनेगा।
*समाज के साथ परिवारों को भी जोड़ें*
मुख्यमंत्री ने कहा कि संयुक्त परिवार भारत की ताकत रहे हैं। परिवार सीमित होने के साथ बिखराव और तनाव बढ़ा है। गायत्री परिवार को समाज के साथ परिवारों को जोड़ने का दायित्व भी निभाना होगा। प्रकृति किसी से भेदभाव नहीं करती, इसलिए समाज में भी भेदभाव का स्थान नहीं होना चाहिए।
*नदियों को अविरल-निर्मल बनाना होगा*
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 2017 से 2026 तक 275 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। इस वर्ष 35 करोड़ पौधरोपण हुआ। पौधों के संरक्षण और निगरानी की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने नदियों को मानव शरीर की धमनियों जैसा बताते हुए कहा कि जीवनदायिनी नदियों को बचाकर उन्हें अविरल और निर्मल बनाना होगा।
*2047 के भारत के लिए कर्तव्य को दें प्राथमिकता*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के शताब्दी वर्ष के लिए गुलामी की मानसिकता त्यागने, विरासत पर गौरव करने, सामाजिक समता और विकसित भारत के लिए काम करने का संकल्प लेना होगा। हर व्यक्ति अधिकार से अधिक कर्तव्य को महत्व दे तो भारत को दुनिया की कोई ताकत आंख नहीं दिखा सकती। उन्होंने गायत्री परिवार से अगले 100 वर्षों का लक्ष्य तय करने और शिक्षकों से 2047 के विकसित भारत के लिए युवा पीढ़ी को सही दिशा देने का आह्वान किया।
*भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के टॉप-10 स्कूल सम्मानित*
कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के टॉप-10 स्कूलों को सम्मानित किया गया। इनमें सीतापुर के सीतापुर इंटर कॉलेज व आशुतोष बृजभवन लाल इंटर कॉलेज, रायबरेली का चंद्रशेखर मेमोरियल पब्लिक स्कूल, लखनऊ के लखनऊ पब्लिक स्कूल व सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, गाजियाबाद का डॉ. केएन मोदी साइंस एंड वाणिज्य इंटर कॉलेज, अमेठी का शिव प्रताप इंटर कॉलेज, बुलंदशहर का अमर सिंह इंटर कॉलेज, चित्रकूट का चित्रकूट इंटर कॉलेज और मुजफ्फरनगर का एमजी पब्लिक स्कूल शामिल हैं।
*शिक्षा में आया बड़ा बदलाव: राजेश्वर सिंह*
विधायक राजेश्वर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा का बजट बढ़ा है और ड्रॉपआउट दर घटी है। मेरिट से शिक्षकों की नियुक्तियां हुईं और स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधाएं बढ़ी हैं। उन्होंने शिक्षा, सुरक्षा और विकास के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख किया।
*नई पीढ़ी में स्थापित हों भारतीय संस्कृति के मूल्य: चिन्मय पंड्या*
डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि काम, क्रोध, लोभ, स्वार्थ और संकीर्णता आज मनुष्य के भीतर की चुनौती हैं। धर्म, न्याय, नीति, मूल्य और सदाचार को मजबूत करना होगा। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का उद्देश्य नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति के मूल भाव को स्थापित करना है।
*कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
कार्यक्रम में डॉ. चिन्मय पंड्या, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, विधायक राजेश्वर सिंह, केंद्रीय जोन प्रभारी परमानंद द्विवेदी, समन्वयक राम यश तिवारी, गायत्री परिवार के स्वयंसेवक और प्रदेशभर से आए शिक्षक मौजूद रहे।
2017 से पहले छात्रों की छात्रवृत्ति भी खा गई थी तत्कालीन सरकार: मुख्यमंत्री योगी
*लोकभवन में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति वितरण कार्यक्रम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया संबोधित*

*एक क्लिक में 4,60,559 छात्र-छात्राओं के खातों में पहुंचे ₹148 करोड़ से अधिक*

*पिछले वर्ष 69 लाख विद्यार्थियों को मिली ₹6,200 करोड़ की छात्रवृत्ति, इस बार 70 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य*

*पहले बाबूगिरी में छात्रवृत्ति पर लगती थी सेंध, अब डीबीटी से पूरा पैसा सीधे खाते में: मुख्यमंत्री योगी*

*अपने परिवार को ही प्रदेश मानने वाले 25 करोड़ लोगों के बारे में कहां सोच पाते: मुख्यमंत्री योगी*

*2017 से पहले दंगे-कर्फ्यू और गुंडागर्दी से जूझता था यूपी, युवाओं के सामने था पहचान का संकट*

*अब यूपी में ‘नो कर्फ्यू, नो दंगा, अब यूपी में है सब चंगा’: मुख्यमंत्री योगी*

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पूर्ववर्ती सरकार पर छात्रवृत्ति में सेंधमारी का आरोप लगाते हुए कहा कि 2016-17 में अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति तक नहीं भेजी गई। तत्कालीन सरकार छात्रों की छात्रवृत्ति भी खा गई थी। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद पिछली बकाया छात्रवृत्ति भी विद्यार्थियों तक पहुंचाई गई। पहले बाबूगिरी में छात्रवृत्ति पर सेंध लगती थी, अब डीबीटी से पूरा पैसा सीधे छात्र के खाते में पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकभवन सभागार में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने एक क्लिक से 4,60,559 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में ₹148 करोड़ से अधिक की धनराशि भेजी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शुरुआत है। इस वर्ष छात्रवृत्ति का लाभ 70 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

*पिछले वर्ष 69 लाख छात्रों को मिले ₹6,200 करोड़*
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष 69 लाख विद्यार्थियों को ₹6,200 करोड़ की छात्रवृत्ति दी गई। वर्ष 2017 से पहले इस मद में करीब ₹2,900 करोड़ खर्च होते थे। उन्होंने पात्र विद्यार्थियों तक 26 जनवरी तक हर हाल में छात्रवृत्ति पहुंचाने के निर्देश दिए। पिछले वर्ष आवेदन या तकनीकी त्रुटि के कारण वंचित करीब चार लाख विद्यार्थियों को भी इसका लाभ दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि धन के अभाव में किसी विद्यार्थी की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए। पात्र छात्र तक समय से पैसा पहुंचाने के लिए धन की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से छात्रवृत्ति की राशि फिजूल खर्च न करने और उससे अच्छी किताबें खरीदकर अपना बुक बैंक तैयार करने को कहा।

*अपने परिवार को ही प्रदेश मानने वालों पर निशाना*
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के लिए अपना परिवार ही प्रदेश हो गया था, वे 25 करोड़ लोगों के बारे में कहां सोच पाते। इसी कारण उत्तर प्रदेश पिछड़ता गया। छात्र परेशान थे, युवा बेहाल थे और बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा खतरे में थी।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले युवाओं के सामने पहचान का संकट था। दंगे होते थे, कर्फ्यू लगता था और सरेआम गुंडागर्दी होती थी। आज उत्तर प्रदेश बीमारू प्रदेश नहीं, रेवेन्यू सरप्लस स्टेट और देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन है। उन्होंने कहा, “नो कर्फ्यू, नो दंगा, अब यूपी में है सब चंगा।”

*छह महीने में एक लाख और नौकरियां*
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य है। परीक्षाएं हो रही हैं, परिणाम आ रहे हैं और युवाओं को नौकरियां मिल रही हैं।

*स्कूलों में बढ़ीं सुविधाएं*
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले बेसिक शिक्षा में ड्रॉपआउट 19 से 20 प्रतिशत तक था। ऑपरेशन कायाकल्प से विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई। बेसिक शिक्षा परिषद के 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताब, जूते-मोजे और स्वेटर के लिए धनराशि दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि सभी 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय चल रहे हैं, जिनमें 18 हजार श्रमिक और निराश्रित बच्चे पढ़ रहे हैं। 746 विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित हैं। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 2,300 से अधिक विद्यालयों में सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।

*2047 के विकसित भारत के सारथी बनें युवा*
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। आज 15 से 18 वर्ष के विद्यार्थी 2047 में देश की कामकाजी शक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। विकसित भारत के निर्माण में उनकी बड़ी भूमिका होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि दो करोड़ युवाओं को टैबलेट देने का लक्ष्य है, जिनमें 60 लाख को मिल चुके हैं। मेधावी बेटियों को अगले महीने 50 हजार स्कूटी देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में बेटी के जन्म से स्नातक तक ₹25 हजार की सहायता दी जा रही है।

*राजभर बोले- अल्पसंख्यकों को शिक्षा से जोड़ रही सरकार*
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि नौ वर्षों में अल्पसंख्यक समाज के 39 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के जरिए अल्पसंख्यकों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया।

*युवाओं पर निवेश देश पर निवेश: असीम अरुण*
राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री युवाओं पर निवेश को देश पर निवेश मानते हैं। तकनीकी खामियों से छात्रवृत्ति से छूटे विद्यार्थियों को अभियान चलाकर जोड़ा गया है। उन्होंने युवाओं से हुनर, अनुशासन और परिश्रम को अपनी ताकत बनाने को कहा।

*सामाजिक न्याय का संकल्प: नरेंद्र कश्यप*
राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि 4,60,559 लाभार्थियों में 2,23,615 पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी हैं। वर्ष 2025-26 में 36.75 लाख ओबीसी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय का संकल्प बताया।

*अब समय पर मिल रही छात्रवृत्ति: दानिश*
राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि पहले छात्रवृत्ति के लिए ज्ञापन देना पड़ता था, अब विद्यार्थियों को समय पर इसका लाभ मिल रहा है। सरकार अल्पसंख्यक युवाओं को शिक्षा और कौशल से आगे बढ़ने के अवसर दे रही है।

*कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
कार्यक्रम में ओम प्रकाश राजभर, असीम अरुण, नरेंद्र कुमार कश्यप, संजीव गोंड, दानिश आजाद अंसारी, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, विधायक जय देवी, श्याम देश कुमार और वरिष्ठ अधिकारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।