त्योहारों से पहले युद्धस्तर पर पूरे हों विकास कार्य, 30 अक्टूबर तक सीएम ग्रिड की सड़कें हाें तैयार :  अर्पित उपाध्याय
कानपुर। त्योहारों को देखते हुए शहर की सड़कों और अन्य विकास कार्यों को तय समयसीमा में पूरा कराया जाए। पैच कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच के साथ जहां भी गड्ढे हैं, उन्हें ठीक कराया जाए और निर्माणाधीन मार्गों का काम तेजी से पूरा कर जनता को सुविधा उपलब्ध कराई जाए। यह निर्देश नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने शनिवार को निरीक्षण के दौरान दिए।

नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने आज जोन-2 के अंतर्गत श्यामनगर, हरिहर धाम मंदिर, कोयला नगर समेत विभिन्न क्षेत्रों में पैच कार्यों का निरीक्षण किया। श्यामनगर पुल से पीएसी मोड़ तक एक दिन पहले रात में कराए गए पैच कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक मिली। उन्होंने ग्रीनबेल्ट की बाउंड्रीवाल बनाने और झाड़ियों की छंटाई कराने के निर्देश दिए। हरिहर धाम मंदिर के आसपास छप्पन भोग चौराहे से सुजातगंज जाने वाले मार्ग का भी निरीक्षण किया गया।

नगर आयुक्त ने आसपास की अन्य सड़कों का भी व्यापक निरीक्षण कर गड्ढों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। कोयला नगर पुलिस चौकी से गणेशपुर रोड सेक्टर-सी तक पैच कार्य संतोषजनक मिला। 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत कार्यों को जल्द शुरू कर युद्धस्तर पर पूरा कराने को कहा गया।

महिंद्रा पैलेस से ब्रह्मनगर चौराहे तक 1.10 करोड़ रुपये से हो रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया गया। पहले करीब पांच मीटर चौड़ी सड़क को बढ़ाकर 11 मीटर किया जा रहा है। यह मार्ग एनएच-19 को यशोदानगर में बन रही सीएम ग्रिड सड़क से जोड़ता है। नगर आयुक्त ने चौड़ीकरण के बाद बचे कार्य दो दिन में पूरा कराने के निर्देश दिए।

एनएच-19 से राजाराम चौराहा होते हुए हमीरपुर मुख्य मार्ग तक 4.3 किलोमीटर लंबी सीएम ग्रिड सड़क का भी निरीक्षण किया गया। एनएच-19 के पास सड़क और फुटपाथ का निर्माण जारी मिला। नगर आयुक्त ने 30 अक्टूबर से पहले सड़क निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए।

सिमरा गांव के पास कूड़े का बड़ा ढेर मिलने पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने दो हाइवा, टिपर ट्रक और तीन लोडर लगाकर तत्काल कूड़ा उठाने तथा पोकलैंड मशीन लगाने के निर्देश दिए। अगले दिन सुबह तक कूड़े का पूर्ण उठान कराने और इसके बाद पालीवार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने को कहा। दोबारा कूड़ा या सीवरेज डालने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए।

साकेत नगर दैनिक जागरण चौराहे से दीप सिनेमा तक जल निगम के कार्य के कारण खराब हुई सड़क का भी संज्ञान लिया गया। चूंकि मार्ग लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व का है, इसलिए संबंधित अधिकारियों को पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजकर सड़क सुदृढ़ीकरण कराने और जल निगम को अपना काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सड़क मरम्मत में गुणवत्ता से समझौता न हो, समय से पूरे कराएं काम : महेंद्र सिंह तंवर
कानपुर। सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता के साथ समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। छोटे और बड़े गड्ढों को तकनीकी जरूरत के अनुसार चिह्नित कर उनकी उपयुक्त तरीके से मरम्मत कराई जाए। निर्माण सामग्री पहुंचाने वाले वाहनों के आवागमन में भी अनावश्यक दिक्कत न हो। यह निर्देश जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने शनिवार रात्रिकालीन निरीक्षण के दौरान दिए।

जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, नगर आयुक्त और मुख्य विकास अधिकारी ने देर रात शहर में सड़क मरम्मत, सीएम ग्रिड कार्य और स्वच्छता व्यवस्था का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया। सबसे पहले मंडलायुक्त आवास के पास पोर्टहोल मशीन से कराए जा रहे सड़क मरम्मत कार्य को देखा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पोर्टहोल मशीन का इस्तेमाल केवल छोटे और चिन्हित गड्ढों की मरम्मत के लिए किया जाए। बड़े स्तर पर क्षतिग्रस्त मार्गों पर कारपेटिंग या लेयरिंग के अनुसार काम कराया जाए।

इसके बाद स्वरूप नगर स्थित माता स्वरूप रानी मार्ग पर सीएम ग्रिड के तहत चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। मौके पर करीब 560 मीटर सड़क का निर्माण पूरा मिला, जबकि दोनों ओर फुटपाथ का काम जारी था। अधिकारियों को शेष कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने और पर्याप्त संसाधन व श्रमिक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

कार्यदायी संस्था ने नो-एंट्री और यातायात जाम के कारण निर्माण सामग्री लाने वाले वाहनों के समय से साइट तक नहीं पहुंचने की समस्या बताई। इस पर जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को यातायात विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से समन्वय कर वाहनों के सुचारु आवागमन की व्यवस्था कराने को कहा।कंपनी बाग चौराहे के पास विकसित किए जा रहे गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट (जीवीपी) का भी निरीक्षण किया गया।

सरकारी भूमि पर स्थल को पीसीटीएस के रूप में विकसित कर कूड़ा संकलन केंद्र बनाने के निर्देश दिए गए। यहां पांच से 10 वार्डों से निकलने वाले कूड़े के संकलन की व्यवस्था विकसित करने और जिम्मेदारियां तय करने को कहा गया।निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण, मरम्मत और स्वच्छता कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से निर्धारित मानकों और समयसीमा के अनुसार सभी कार्य पूरे कराने को कहा गया।
357 साल बाद बिछड़े खानदान के लोग हुए एक, जौनपुर में हुआ कुल मिलन
विशाल भारत संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष नौशाद अहमद दूबे ने बिछड़े रिश्तों को जोड़ने के लिए भोजभात का आयोजन किया
पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे ब्राह्मण परिवार के लोगों ने नौशाद अहमद दूबे को अपने परिवार का बड़ा और मुखिया माना
जौनपुर । उत्तर प्रदेश के जौनपुर में केराकत कोतवाली क्षेत्र के डेहरी गांव में शनिवार को 357 वर्ष बाद एक खानदान के बिछड़े लोगों का कुल मिलन हुआ। औरंगजेब के शासनकाल में 1669 ई. में अलग हुए परिवार के सदस्य आठ पीढ़ियों बाद एक-दूसरे से मिले। काशी और जौनपुर समेत पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे ब्राह्मण परिवार के लोगों ने नौशाद अहमद दूबे को अपने परिवार का बड़ा और मुखिया माना।विशाल भारत संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष नौशाद अहमद दूबे ने बिछड़े रिश्तों को जोड़ने के लिए भोजभात का आयोजन किया। कार्यक्रम में पहुंचे रिश्तेदारों का माला पहनाकर स्वागत किया गया। लंबे अंतराल के बाद मिले परिजनों की आंखों में खुशी और भावुकता का माहौल रहा।बताया गया कि नौशाद अहमद दूबे के आठ पीढ़ी पूर्वज लाल बहादुर दूबे आजमगढ़ के रानी की सराय के निवासी थे। औरंगजेब के दौर में परिस्थितियों के कारण उन्होंने इस्लाम ग्रहण किया और जौनपुर के डेहरी गांव में आकर बस गए। उनके परिवार के अन्य सदस्य रानी की सराय समेत पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों में चले गए। पीढ़ियों तक दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे से बिछड़े रहे।नौशाद अहमद दूबे की बेटी की शादी के कार्ड पर ‘दूबे’ उपनाम लिखे जाने के बाद पूर्वजों और रिश्तेदारों की तलाश शुरू हुई।

विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं इतिहासकार डॉ. राजीव श्रीगुरुजी और उनकी शोध टीम ने करीब चार वर्षों तक पड़ताल कर पूर्वांचल में बिछड़े रिश्तेदारों की जानकारी जुटाई।जौनपुर के शैलेन्द्र शुक्ला ने बताया कि नौशाद अहमद दूबे उनकी बुआ पक्ष से रिश्तेदार हैं, जबकि वाराणसी के विवेक मिश्रा ने उन्हें ननिहाल पक्ष का मामा बताया।कार्यक्रम में बड़कू हनुमान जी आश्रम के पीठाधीश्वर महंत प्रभु रामदास ने कहा कि खून और खानदान के रिश्ते पूजा पद्धति से अलग नहीं हो सकते। उन्होंने नौशाद अहमद दूबे को परिवार का बड़ा बताते हुए उनके सम्मान की बात कही।इस अवसर पर आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक एवं केंद्रीय अधिकारी विजय शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने श्रीवत्स गौशाला का उद्घाटन किया। डॉ. राजीव श्रीगुरुजी ने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़ने पर बिछड़े रिश्ते फिर जुड़ सकते हैं। संचालन डॉ. अर्चना भारतवंशी ने किया।
कानपुर में मुठभेड़, पुलिस की गोली लगने से एक आरोपी घायल, दो मौके से गिरफ्तार
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में रविवार को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद चोरी के मामले में शामिल तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई में एक अपराधी के पैर में गोली लगी है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार अफराधियों के बाद से चोरी हुए आभूषण के अलावा असलहा भी बरामद किया गया है।

कानपुर देहात के अकबरपुर क्षेत्राधिकारी संजय सिंह ने बताया कि 21 सितंबर को कस्बा रूरा में एक व्यक्ति महेश तिवारी के घर में करीब 11 बजे कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने चोरी की थी। चोरी की तहरीर के आधार पर थाना रूरा पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। अभियोग पंजीकरण के उपरांतत पुलिस अधीक्षक की ओर से तीन टीमों का गठन किया गया। एसएचओ अकबरपुर, एसओ रूरा और सर्विलांस व एसओजी टीम का गठन हुआ था।

उन्होंने बताया कि रविवार को एसओ रूरा को मुखबिर से खास सूचना मिली थी कि चोरी की घटना को अंजाम देने वाले तीन व्यक्ति बनीपारा से सिठमरा की तरफ जा रहे हैं। इस सूचना पर एसओ रूरा लक्ष्मणपुरवा गांव के समीप नाकाबंदी करके बैठे थे। जैसे ही वे 3 व्यक्ति एक स्कूटी से आते हुए दिखाई दिए तो उन्हें रोकने का प्रयास किया गया।

अधिकारी ने कहा कि पुलिस टीम देखने को बाद आरोपियों ने भागने की कोशिश की और इसी दौरान स्कूटी फिसलकर गिर गई। उनमें से एक आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायर किया। आत्मरक्षार्थ पुलिस टीम की ओर से भी फायर किया गया, जिसमें एक आरोपी घायल हो गया।

घायल आरोपी की पहचान हिमांशु गौतम के रूप में हुई है। अन्य दो व्यक्तियों को पुलिस टीम ने मौके से गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान अविनाश और अजय के रूप में हुई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के पास से उपरोक्त घटना के संबंध में आभूषण, असलहा और स्कूटी बरामद हुई है। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल मामल में विधिक कार्यवाही की जा रही है।
एफआईआर के बाद भी फूड इंस्पेक्टर गिरफ्तार नहीं
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, गर्भपात और धमकी के आरोप; पीड़िता ने मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस अधिकारियों तक लगाई गुहार

लखनऊ /श्रावस्ती। शादी का झांसा देकर आबकारी विभाग की महिला सिपाही से दुष्कर्म, गर्भपात कराने और बाद में शादी से इनकार करने के आरोप में दर्ज मुकदमे में आरोपित फूड इंस्पेक्टर आदर्श प्रताप की गिरफ्तारी न होने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि मुकदमा दर्ज हुए करीब पखवाड़ा बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक आरोपित को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीड़िता पुलिस अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगा चुकी है।

पीड़ित ने भिनगा कोतवाली में तैनात फूड इंस्पेक्टर आदर्श प्रताप के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, गर्भपात कराने, सगाई के बाद शादी से इनकार करने और जानमाल की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही उस पर सुलह का दबाव बनाया जा रहा है और लगातार धमकियां मिल रही हैं।

घर के पास बाइक सवारों ने छीना मोबाइल

पीड़ित के मुताबिक, कुछ दिन पहले बाइक सवार दो लोगों ने उसके घर के पास उसका मोबाइल छीन लिया। आरोप है कि मोबाइल के साथ मौजूद जरूरी कागजात भी फाड़ दिए गए। घटना की शिकायत पुलिस से करने के बावजूद अभी तक न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही छीना गया मोबाइल बरामद हो सका है।

जनता दर्शन में भी रखी शिकायत

पीड़ित के अनुसार, वह पिछले सप्ताह गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन में पहुंची थी और मामले की शिकायत की थी। पीड़िता का दावा है कि वहां उसे आरोपित की गिरफ्तारी का आश्वासन मिला था। इसके बाद करीब तीन दिन पहले उसने पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात कर कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। पीड़ित के मुताबिक, एसपी की ओर से भी कार्रवाई का भरोसा दिया गया, लेकिन अब तक आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई।

हाईकोर्ट जाने का लगाया आरोप

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि आरोपित फूड इंस्पेक्टर गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्च न्यायालय से राहत लेने का प्रयास कर रहा है और इसके लिए आवेदन भी किया गया है। हालांकि, इस संबंध में आरोपित का पक्ष सामने नहीं आया है और न ही पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि की गई है।

पुलिस ने एक्स पर दी कार्रवाई की जानकारी

मामले में अभी किसी अधिकारी का विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, शनिवार काे श्रावस्ती पुलिस के आधिकारिक एक्स अकाउंट से मामले को लेकर जानकारी साझा की गई है। पुलिस के अनुसार, थाना कोतवाली भिनगा में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रचलित है। अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए क्षेत्राधिकारी अपराध को जांच के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने कहा है कि प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।फिलहाल पीड़ित ने आरोपित की गिरफ्तारी के साथ अपनी सुरक्षा, मोबाइल बरामदगी और धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
किसान कल्याण केंद्र सकलडीहा में हुआ निःशुल्क बीज वितरण कार्यक्रम*


*सकलडीहा ब्लॉक प्रमुख व जिला कृषि अधिकारी की मौजूदगी में 55 किसानों को मिले निःशुल्क बीज मिनीकिट*



*चंदौली/दिनांक 03 अक्टूबर, 2026*

विकास खण्ड सकलडीहा के किसान कल्याण केंद्र सभागार में सेवा संकल्प अभियान के तहत माननीय ब्लाक प्रमुख श्री अवधेश कुमार सिंह एवं जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव की उपस्थिति में 55 किसानों को चना, मटर एवं सरसों का निःशुल्क बीज दिया गया। किसानों को सम्बोधित करते हुए माननीय ब्लाक प्रमुख जी द्वारा प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सेवा संकल्प अभियान के तहत किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क बीज उपलब्ध कराने का उद्देश्य कृषि लागत को कम करना और पैदावार को बढ़ाना है। किसान कल्याण केंद्र के माध्यम से हमारी कोशिश है कि सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पंक्ति में खड़े अंतिम किसान तक पहुंचे। सरकार की योजनाएं पूरी तरह से किसानों के हित में समर्पित हैं और हम हर स्तर पर किसानों के साथ खड़े हैं।

जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने सम्बोधित करते हुए कहा किसानों को समय पर उन्नत किस्म के दलहन और तिलहन (चना, मटर एवं सरसों) के निःशुल्क बीज मिनीकिट वितरित किए जा रहे हैं, ताकि वे कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें। इस पहल से न केवल भूमि की उर्वरता शक्ति बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। कृषि विभाग की प्राथमिकता है कि आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र किसान को पारदर्शी तरीके से मिले। उन्होंने बताया कि  बुकिंग के लिए किसानों को agriculture.up.gov.in पोर्टल पर बुकिंग के लिए आह्वान किया गया। उन्होंने कहा निशुल्क बीज की बुकिंग शत प्रतिशत हो गई है जिसका वितरण सभी ब्लाकों में किसानों को निशुल्क वितरण कराया जा रहा है। इसके अलावा 50 प्रतिशत अनुदान वाले बीज की बुकिंग भी 80 प्रतिशत के पास पहुंच गया है। किसान भाइयों से अनुरोध है की कृपया अपनी बुकिंग समय से कराकर लाभ प्राप्त करें।
कृषक कांता सिंह ग्राम चकरिया, रंगनाथ दुबे ग्राम बरथरा कला, राम निवास पाण्डेय ग्राम नरैना, विजय शंकर प्रसाद ग्राम दिग्घी, विजय कुमार ग्राम पदुमनाथपुर, रामाश्रय ग्राम लेहरा, कपिलदेव सिंह ग्राम विशुनधरी, बाबूलाल यादव ग्राम फगुइया, राम कमल यादव ग्राम पीपरी, अजय सिंह ग्राम पिथापुर सहित अन्य किसान बंधु उपस्थित रहे।  बीज वितरण के समय कृषि विभाग से सहायक विकास अधिकारी कृषि विनय मिश्रा, रोहित, गौतम, प्रखर एवं प्रज्ञा भारती सहित सैकड़ो किसान उपस्थित थे।
देवरिया : घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप में पूर्व विधायक समेत 14 पर मुकदमा दर्ज
देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के रौनीगंगा चक गांव में पुरानी रंजिश और विवाद को लेकर घर में घुसकर मारपीट, सीढ़ी तोड़ने और ईंट ले जाने के आरोप में पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर पूर्व विधायक समेत 14 नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

गांव निवासी सीमा देवी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि 16 अगस्त की सुबह करीब सात बजे गांव के विजय बहादुर, मुकुटमणि, रितेश उर्फ मोहन, अमन, अश्वनी उर्फ भौल्टी, रणविजय, मनबोध प्रसाद (पूर्व विधायक), अगरावती देवी, धानपति देवी, अर्चना, बिमलावती देवी, मुन्नी देवी, निर्मला देवी और रितू एक राय होकर लाठी-डंडा, रम्मा और खंती लेकर उनके घर पहुंचे।

आरोप है कि आरोपितों ने घर की खिड़की के पास बनी सीढ़ी को तोड़ दिया और वहां से ईंटें ले जाने लगे। सीमा देवी के अनुसार, विरोध करने पर आरोपितों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और मारपीट करने लगे। जान बचाने के लिए वह और उनकी जेठानी घर के अंदर चली गईं। आरोप है कि हमलावरों ने घर के अंदर घुसकर दोनों के साथ मारपीट की। इस दौरान उनकी जेठानी गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, घटना के बाद आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए। घटना की जानकारी पुलिस को देने के बाद दोनों घायलों को उपचार के लिए सलेमपुर ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें देवरिया रेफर कर दिया।

सीमा देवी का आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने सलेमपुर कोतवाली में शिकायत की, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक देवरिया से भी प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस स्तर से कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली।

न्यायालय के आदेश के बाद सलेमपुर कोतवाली पुलिस ने सभी 14 नामजद आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली। पुलिस का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि आरोपों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सीतापुर में बाढ़ का कहर, पिता-पुत्र समेत 3 की मौत
खेत देखने गए थे तीनों, तेज बहाव में डूबे

मुख्यमंत्री योगी ने हादसे का संज्ञान लेकर राहत कार्य तेज करने के दिए निर्देश


सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर में बाढ़ के पानी में डूबने से पिता-पुत्र समेत तीन की मौत हो गई है, जिससे पीड़ित परिवार सहित गांव में कोहराम मचा हुआ है। 

दरअसल, सीतापुर जनपद के महमूदाबाद तहसील क्षेत्र में बाढ़ के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। रामपुर मथुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरैया मसूदपुर में खेतों की स्थिति देखने गए पिता-पुत्र और उनके भतीजे की बाढ़ के पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस दर्दनाक हादसे का संज्ञान लेकर दुख जताया है।

जानकारी के अनुसार, सरैया मसूदपुर गांव के कुछ लोग बाढ़ से प्रभावित अपने खेतों का जायजा लेने गए थे। इसी दौरान पानी के तेज बहाव और गहराई की चपेट में आने से सुरेंद्र चौहान, पुत्र प्रेम नारायण (40), सौरभ चौहान (13), पुत्र सुरेंद्र चौहान और शोभित (17), पुत्र जगदीश कुमार पानी में डूब गए।

तीनों के लापता होने की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। सुरेंद्र चौहान और उनके पुत्र सौरभ के साथ उनका भतीजा शोभित भी हादसे का शिकार हो गया। वहीं, जगदीश कुमार का दूसरा पुत्र सत्येंद्र कुमार सुरक्षित बताया जा रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रशासन की निगरानी में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कराया गया। गोताखोरों की टीम और स्थानीय ग्रामीणों ने बाढ़ के पानी में लगातार तलाश अभियान चलाया, जिसके बाद सभी शव बरामद कर लिए गए।

वहीं, मुख्यमंत्री योगी ने सीतापुर की इस घटना का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू अभियान और तेज करने तथा पीड़ित परिजनों से मिलकर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं।

घटना के बाद सरैया मसूदपुर गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना को लेकर सीओ महमूदाबाद कपूर कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही गोताखोरों व स्थानीय लोगों के जरिए तलाश कराई गई। शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि शनिवार को थाना रामपुर, मथुरा जनपद, सीतापुर के गांव सरैया मसूदपुर में एक सूचना मिली कि गांव के ही 3 लोग सुरेंद्र (40), सौरभ (13), जो पिता-पुत्र हैं। इन्हीं के साथ में इनका भतीजा शोभित (17) गांव के ही निकट अपने खेत के लिए जा रहे थे और जहां एक नाला था, उसमें डूब कर इनकी मृत्यु हो गई है।घटना की सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों एवं गोताखोरों के द्वारा इनके शव को बरामद किया गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। इसमें अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
यूपी में 15 आईएएस अफसरों के तबादले, जौनपुर-मऊ के सीडीओ बदले
लखनऊ। योगी सरकार ने शनिवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 15 आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया। तबादला सूची में जौनपुर और मऊ के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ पंचायती राज, चिकित्सा शिक्षा, भूतत्व एवं खनिकर्म, मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद से जुड़े अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। 

शासन के आदेश के अनुसार ध्रुव खांडिया, मुख्य विकास अधिकारी, जौनपुर को मुख्य विकास अधिकारी, मऊ बनाया गया है। वहीं विवेक कुमार श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी, मऊ को प्रयागराज स्थित राजस्व परिषद में सदस्य (न्यायिक) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नरेंद्र बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), लखीमपुर खीरी को जौनपुर का नया मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है।

प्रशासनिक फेरबदल के तहत राकेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), लखनऊ को अपर आयुक्त, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद बनाया गया है। परिषद के अपर आयुक्त नीरज शुक्ला को प्रबंध निदेशक, पीसीएफ की जिम्मेदारी दी गई है। डॉ. चंद्र भूषण को प्रबंध निदेशक, पीसीएफ से स्थानांतरित कर डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में अपर निदेशक बनाया गया है।

वहीं, सचिन कुमार सिंह, अपर निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद को विशेष सचिव, चिकित्सा शिक्षा के पद पर तैनात किया गया है। शासन ने पंचायती राज और पीसीडीएफ में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है। श्रीहरि प्रताप शाही, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीईडा को निदेशक, पंचायती राज बनाया गया है। वहीं अमित कुमार सिंह को निदेशक, पंचायती राज से स्थानांतरित कर प्रबंध निदेशक, पीसीडीएफ की जिम्मेदारी दी गई है। प्रकाश बिन्दु, प्रबंध निदेशक, पीसीडीएफ को सचिव, चिकित्सा शिक्षा बनाया गया है।

माला श्रीवास्तव से निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म का प्रभार हटा दिया गया है। वहीं डॉ. उज्ज्वल कुमार, प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन को विशेष सचिव एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म बनाया गया है। जे. रिभा, विशेष सचिव, भूतत्व एवं खनिकर्म तथा अपर निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म को प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

शासन ने प्रदेश के दो प्रमुख विश्वविद्यालयों में भी कुलसचिव स्तर पर बदलाव किया है। अर्चना गहरवार, कुलसचिव, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय को कुलसचिव, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय बनाया गया है। वहीं रीना सिंह, कुलसचिव, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय को कुलसचिव, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी दी गई है।
4 अक्टूबर 2026 की रात्रि में बलयों के राजा, शनि ग्रह की विपरीत स्थिति (Opposition) एवं अन्य खगोलीय पिंडों की भी दृश्यता

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 को शनि ग्रह अपनी विपरीत स्थिति (Opposition) में पहुँच रहा है, जो वर्ष 2026 का सबसे चमकीला और स्पष्ट दृश्य होगा। इस खगोलीय घटना के दौरान पृथ्वी,सूर्य और शनि के बीच से गुजरेगी, जिससे शनि हमारे आकाश में सूर्य के ठीक विपरीत दिशा में दिखाई देगा। यह स्थिति खगोल प्रेमियों के लिए एक अनोखा अवसर है क्योंकि शनि इस समय अपनी अधिकतम चमक और सबसे बड़े आकार में दिखाई देगा, और इसे पूरी रात आसानी से देखा जा सकेगा।

*क्या होता है खगोल विज्ञान में शनि ग्रह की विपरीत स्थिति का अर्थ और महत्व ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विपरीत स्थिति (Opposition) एक ऐसी खगोलीय स्थिति है जब पृथ्वी सूर्य और किसी बाहरी ग्रह (जैसे शनि, बृहस्पति, मंगल) के बीच से गुजरती है। इस स्थिति में ग्रह,सूर्य के विपरीत दिशा में होता है,अर्थात सूर्य अस्त होने पर ग्रह उदय होता है और सूर्य उदय होने पर अस्त होता है। अगर हम बात करें शनि ग्रह की तो पाते हैं कि शनि की विपरीत स्थिति लगभग 378 दिनों (या 54 सप्ताह) के अंतराल पर आती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा पूरी करने में 1 वर्ष लगता है, जबकि शनि को अपनी कक्षा में एक चक्कर लगाने में 29.4 पृथ्वी वर्ष लगते हैं। इसलिए, हर साल पृथ्वी को शनि को "पकड़ने" और उससे आगे निकलने के लिए अपनी कक्षा में थोड़ी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिसके कारण शनि की विपरीत स्थिति प्रत्येक वर्ष लगभग दो सप्ताह बाद आती है।
*क्या है 4 अक्टूबर 2026 की विशेष खगोलीय घटना ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने इस पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए बताया कि समय, स्थान और तारीख की बात करें तो पाते हैं कि शनि की विपरीत स्थिति 4 अक्टूबर 2026 को भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे पर होगी। लेकिन शनि ग्रह को सूर्यास्त के बाद से लेकर पूरी रात भर देखा जा सकता है।

*किस दिशा और तारामण्डल में दिखाई देगा शनि ग्रह ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान शनि ग्रह, सीट्स (Cetus) तारामंडल में स्थित होगा। जोकि पूर्वी क्षितिज से थोड़ा सा उत्तर दिशा की तरफ से ऊपर आते हुए दिखाई देगा या कुछ यूं कहें कि दृश्यता की बात करें तो पाते हैं कि शनि ग्रह ,सूर्यास्त के समय पूर्वी क्षितिज से उदय होगा और पूरी रात आकाश में दिखाई देता रहेगा, और सूर्योदय के समय पश्चिमी क्षितिज पर अस्त होगा।

*दूरी और चमक (मैग्नीट्यूड) कितना होगा ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विपरीत स्थिति में शनि की चमक प्लस 0.32 मैग्नीट्यूड तक पहुँच जाएगी, जो इसे आकाश के चमकीले तारों के बराबर बनाती है। यह सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ा अधिक चमकीला होगा और साथ ही पृथ्वी से इसकी दूरी की बात करें तो पाते हैं कि बाहरी ग्रह विपरीत स्थिति वाले वर्ष में पृथ्वी के सबसे निकट होते हैं। 2026 में, शनि ग्रह ,पृथ्वी से लगभग 784 मिलियन मील (1.26 बिलियन किलोमीटर) दूर होगा। यह दूरी लगभग 8.43 खगोलीय इकाई (AU) या 70 प्रकाश-मिनट के बराबर होती है।और यह भी जानना आवश्यक है कि डिस्क का आकार क्या होगा तो पता चलता है कि दूरबीन से देखने वालों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि विपरीत स्थिति में शनि की डिस्क का आकार सबसे बड़ा होता है। अपने सबसे बड़े आकार में, शनि दूरबीनों से 19.7 आर्कसेकंड व्यास का दिखाई देगा। इस दौरान शनि के वलयों का काफ़ी झुकाव एक प्रमुख आकर्षण होगा और यह भी समझने में सहूलियत होती है कि कैसे शनि ग्रह अपने अक्ष पर घूमते हुए सूर्य की परिक्रमा के दौरान शनि के छल्लों का दिखना कैसा होता है।जैसे कि खगोलप्रेमियों देखा था कि मार्च 2025 में शनि के वलय तल (Ring Plane) से गुजरा था, जब वलय पृथ्वी से लगभग किनारे-किनारे (edge-on) दिखाई दे रहे थे और छोटी दूरबीनों में अदृश्य से हो गए थे।और अक्टूबर 2026 में, वलय फिर से देखने पर धीरे धीरे से खुलने(दृश्यमान) होने लगे हैं और पृथ्वी से देखने वालों के सापेक्ष शनि के वलय माइनस 7.5 डिग्री दक्षिण की ओर झुके हुए होंगे। हालांकि यह झुकाव 2017 जैसे अधिकतम खुले वलयों (27 डिग्री) जितना नहीं है,लेकिन फ़िर भी यह छोटी दूरबीनों में वलयों को स्पष्ट रूप से देखने के लिए पर्याप्त है। *4 अक्टूबर की रात से 7 अक्टूबर 2026 की रात्रि का खगोलीय दृश्य कैसा होगा?।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश,भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया 4 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक की रात आकाश में एक सुंदर एवं खगोलीय जिज्ञासा बढ़ाने वाला खगोलीय दृश्य देखने को मिलेगा, जिसमें शनि के अलावा अन्य ग्रह, तारे और चंद्रमा भी शामिल होंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 की रात्रि में शनि ग्रह की बात करें तो पाते हैं कि  यह शाम को लगभग 5:50 बजे के बाद से पूर्वी क्षितिज से ऊपर आते हुए रात भर आकाश के सीट्स तारामंडल में प्लस 0.32 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ चमकीला खगोलीय पिंड होगा।और चंद्रमा रात लगभग 12:30 बजे पूर्वी क्षितिज पर थोड़ा उत्तर दिशा में कर्क (Cancer) तारामंडल में लगभग माइनस 9.57 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ उदय होगा। और उसी दिशा में दो सुंदर तारों की बात करें तो पाते हैं कि चंद्रमा के ऊपर कैस्टर (Castor) और पोलैक्स (Pollux) तारे चमकते हुए दिखाई देंगे। अब अगर मंगल ग्रह की बात करें तो पाते हैं कि उसी दिशा से निकलते हुए मंगल ग्रह लगभग 12:50 बजे पूर्वी क्षितिज पर थोड़ा सा उत्तर दिशा में ऊपर आना शुरू करेगा और चंद्रमा के काफी नीचे कर्क तारामंडल क्षेत्र में ही मंगल ग्रह लगभग प्लस 1.10 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ दिखाई देगा। एवं इसी कड़ी में ब्रहस्पति ग्रह की भी बात करें तो पाते हैं कि बृहस्पति ग्रह भी रात लगभग 2:05 बजे, सिंह (Leo) तारामंडल में लगभग माइनस 1.74 मैग्नीट्यूड की चमक लिए उदय होगा और उसी दिशा क्षेत्र में रेगुलस तारा भी अपनी चमक बिखेरते हुए रात लगभग 2:50 बजे, ठीक उसी पूर्वी क्षितिज से थोड़ा उत्तर दिशा में सिंह तारामंडल क्षेत्र में रेगुलस तारा लगभग प्लस 1.40 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ दिखाई देगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह सुंदर खगोलीय दृश्य 4 अक्टूबर से लेकर 7 अक्टूबर 2026 तक थोड़े सा समय में भी बदलाव करते हुए एवं आगे-पीछे दिखते और मैग्नीट्यूड में थोड़ा सा परिवर्तन के साथ दिखाई देते रहेंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विशेष रूप से, 7 अक्टूबर को रात में लगभग 2:40 बजे के बाद क्षितिज से ऊपर चंद्रमा और रेगुलस तारे की एक शानदार युति  (Conjunction) भी दिखाई देगी, जहाँ वे काफी पास-पास दिखाई देंगे।
इसी दौरान खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष व्याख्या करते हुए समायोचित रूप में बताया कि हमारे समाज में शनि ग्रह को लेकर फैले हुए भ्रम से बचने की भी अति आवश्यकता है क्योंकि बिना जाने एवं देखे, जांचे,परखे और बिना विश्व वैज्ञानिक प्रमाण आधारित तथ्यों के कुछ भी यूँ ही नहीं मानना चाहिए, इसीलिए पहले ठीक से जानना चाहिए तभी मानना चाहिए और तभी किसी समाज में व्याप्त अंधविश्वासों का निवारण किया जा सकता है और वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सर्वांगीण वैज्ञानिक वातावरण से उत्पन्न वैज्ञानिक चेतना का विकास हो सकता है एवं तभी किसी समाज और देश का भला भी हो सकता है, इसीलिए खगोलविद अमर पाल सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शनि के छल्लों और चंद्रमाओं की दुनिया की बात करें तो पाते हैं कि शनि, सूर्य से बाहर की ओर स्थित छठा ग्रह है। प्राचीन काल में लोग इसे स्थिर तारों के बीच घूमने वाले एक सुनहरे "तारे" या 'घुमक्कड़' के रूप में देखते थे। लेकिन उन्होंने बाद में जाना कि यह कोई तारा नहीं है बल्कि यही है शनि ग्रह। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि शनि के वलयों की बात करें तो पाते हैं कि 17वीं शताब्दी में दूरबीनों के आविष्कार के बाद ही इसके छल्ले दिखाई देने लगे। साथ ही बाद में अंतरिक्ष यानों ने भी खुलासा किया कि शनि के कई पतले, बारीक और अति सुंदर वलय हैं जो बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़ों से बने हैं। और यही छल्ले इसकी खूबसूरती का राज़ हैं जो इसे सुंदरता में अन्य से ज़्यादा सम्मान दिलाते हैं, इसीलिए इसको वलयों का सम्राट भी कहा जाता है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अब अगर हम शनि ग्रह के चंद्रमाओं की बात करें तो पाते हैं कि शनि के कम से कम 293 चंद्रमा हैं जिनकी कक्षाएँ सिद्ध हो चुकी हैं। इनमें से केवल 13 चंद्रमाओं का व्यास 30 मील (लगभग 50 किलोमीटर) से अधिक है।

*शनि को देखने का सबसे अच्छा समय कौनसा होता है?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि शनि ग्रह को देखने के लिए सबसे अच्छा समय, विपरीत स्थिति होती है जो वर्ष के उस सर्वोत्तम समय के मध्य में होती है जब किसी बाहरी ग्रह को देखना संभव होता है। एवं बिना किसी दूरबीन/ टेलीस्कोप या विनोकुलर आदि उपकरण की सहायता से भी आप नंगी आँखों से ही शनि ग्रह को आसानी से देख कर पहचान सकते हैं क्योंकि शनि ग्रह भी एक चमकीला ग्रह है और जब यह हमारे क्षितिज के ऊपर होता है, तो यह बिना किसी उपकरण के आसानी से दिखाई देता है। लेकिन अगर आप इसके छल्लों को अच्छे से देखना चाहते हैं तो आप किसी भी अच्छी दूरबीन, जिसे स्थिर रूप से पकड़ा जाए या तिपाई पर लगाया जाए, तब शनि को एक चमकदार अंडाकार डिस्क के रूप में प्रदर्शित करेगी। वहीं, यदि आप छोटी दूरबीन को भी अच्छे से समान्तरण कर सकें और प्रकाश प्रदूषण नहीं हो एवं साथ ही सटीक दिशा का ज्ञान और पहचान होने पर मौसम साफ़ हो तो किसी भी 6 इंच के छोटे घरेलू दूरबीन से भी इसके सुंदर छल्ले आसानी से दिखाई दे सकते हैं ।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 की रात शनि को देखने के लिए एक बेहतरीन मौका है। इस दौरान आप साधारण आँखों से ही इसे देख सकते हैं और यह न केवल वर्ष का सबसे चमकीला शनि होगा,बल्कि इस रात्रि में चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति और कैस्टर,पोलक्स और रेगुलस तारे के साथ बना खगोलीय दृश्य भी दर्शनीय होगा। और अंत में खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष ज़ोर देते हुए यह भी बताया कि खगोल/अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में बिना एक्सपर्ट के जानकारी दिए ऐसे ही किसी की भी आदि अधूरी और अप्रमाणित सूचनाओं के साथ ही भ्रामक जानकारियों एवं अंधविश्वासों से पूरी तरीके से दूर रहें, इसीलिए खगोलविद अमर पाल सिंह हमेशा ही कहते हैं कि सही ज्ञान, सभी समस्याओं का समाधान और यही है विज्ञान।
इसी के साथ खगोलविद अमर पाल सिंह ने यह भी बताया कि अगर 4 अक्टूबर 2026 की रात को आप उपरोक्त तारों, ग्रहों और चंद्रमा को किसी कारणवश नहीं देख पाएं तो भी उतना निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि शनि की विपरीत स्थिति का दृश्य छोड़कर उपरोक्त खगोलीय पिण्डों का दिखना जैसे चंद्रमा, ग्रहों और तारों का दृश्य संयोजन दूरी में आगे पीछे एवं समय और थोड़ा सा मैग्नीट्यूड और दिशा आदि में भी परिवर्तन के साथ आकाश में दिखाई देते हुए 7 अक्टूबर तक सुंदर दृश्य रूप में दिखाई देंगे।