‘संविधान नहीं, अखिलेश खतरे में हैं’: ओपी राजभर का सपा प्रमुख पर पलटवार
- राज्यसभा चुनाव को लेकर साधा निशाना, बोले- ‘यह भाईचारे का नहीं, दौलत का चुनाव’; पीडीए पर भी कसा तंज

लखनऊ। राज्यसभा चुनाव के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के विपक्षी एकता के आह्वान पर योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने तीखा पलटवार किया। राजभर ने कहा कि वर्ष 2017 से अखिलेश यादव लगातार संविधान के खतरे में होने की बात कह रहे हैं, जबकि उनके मुताबिक संविधान सुरक्षित है और खतरे में स्वयं अखिलेश यादव हैं।
- चार बार यादव को मुख्यमंत्री बनाया, मुस्लिम चेहरे पर नहीं किया विचार
ओम प्रकाश राजभर ने सपा की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की करीब 20 प्रतिशत मुस्लिम आबादी ने यादव समाज के नेताओं को चार बार मुख्यमंत्री बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन सपा नेतृत्व ने कभी किसी मुस्लिम चेहरे को मुख्यमंत्री के रूप में आगे बढ़ाने के बारे में नहीं सोचा।
- 'राज्यसभा चुनाव भाईचारे का नहीं, दौलत का चुनाव’
अखिलेश यादव के राज्यसभा चुनाव को ‘भाईचारे का चुनाव’ बताए जाने पर राजभर ने कहा कि यह भाईचारे का नहीं, बल्कि ‘दौलत का चुनाव’ है। उन्होंने सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर भी तंज कसा। राजभर ने परिवारवाद का आरोप लगाते हुए रामगोपाल यादव और धनाढ्य वर्ग का जिक्र किया तथा कहा कि अब केवल ‘अपराधी’ नाम घोषित किया जाना बाकी है।
- '2022 में सपा की सीटें बढ़ाने में हमारी भूमिका’
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर राजभर ने कहा कि दोनों दल 2017 के विधानसभा चुनाव में भी साथ मिलकर चुनाव लड़ चुके हैं। उनके मुताबिक उस समय यादव और मुस्लिम वोट के साथ कांग्रेस का वोट भी गठबंधन के साथ था, लेकिन सपा को केवल 47 विधानसभा सीटों पर जीत मिली। राजभर ने 2022 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय सुभासपा सपा के साथ थी और सपा 125 सीटों तक पहुंची। उन्होंने दावा किया कि अंबेडकरनगर की पांचों, आजमगढ़ की 10, गाजीपुर की सात सीटों के अलावा बलिया, मऊ समेत कुल 62 सीटों पर सपा की जीत में सुभासपा की भूमिका रही।
- 'अखिलेश को पता है कि सरकार नहीं आने वाली’
राजभर ने कहा कि वर्तमान समय में अखिलेश यादव को राजनीतिक सहारा देने वाला कोई नहीं है। उनके मुताबिक, अखिलेश को पता चल चुका है कि उनकी सरकार नहीं बनने वाली और इसी वजह से वह अपने लिए राजनीतिक व्यवस्था करने में जुटे हैं। उन्होंने विपक्षी एकता के आह्वान को भी इसी राजनीतिक परिस्थिति से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा।
जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें प्रधानमंत्री मोदी ने खाली कराईं: सीएम योगी
*लोकभवन में ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ पर आधारित नाट्य श्रृंखला मंचन कार्यक्रम को किया संबोधित*
*बोले- जनधन खाते खोलने पर विपक्ष उड़ाता था खिल्ली, अब गरीब के खाते में सीधे पहुंच रहा उसका पैसा*
*सीएम ने कहा - 2004 से 2014 के बीच भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में था अविश्वास*
*प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्ष की यात्रा बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके सेवा की यात्रा*
*प्रदेशभर में होगा नाट्य श्रृंखला का मंचन, स्थानीय बोलियों और लोकगीतों को भी जोड़ने के निर्देश*

लखनऊ, 2 अक्टूबर 2026।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनधन खाते खोले जा रहे थे तो विपक्ष खिल्ली उड़ाता था कि खाली खाते खोलकर क्या होगा। आज पता चल गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें खाली कराईं और गरीब का पैसा सीधे उसके खाते तक पहुंचाया। जिनकी जेबों तक जनता का पैसा पहुंचता था, उन्हें बुरा लगना और विरोध करना स्वाभाविक है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकभवन सभागार में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ पर आधारित नाट्य श्रृंखला मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से चल रहे सेवा संकल्प अभियान के क्रम में संस्कृति विभाग के तहत भारतेंदु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने प्रस्तुति दी।
*बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके 25 वर्ष*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात अक्टूबर को गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे करेंगे। यह बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके सेवा की यात्रा है। इसमें विरासत और विकास के समन्वय के साथ बिना भेदभाव योजनाओं को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाया गया।
उन्होंने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने ऐसे समय गुजरात की जिम्मेदारी संभाली, जब राज्य भूकंप की त्रासदी से जूझ रहा था। इसके बाद दंगों की चुनौती भी आई। इन परिस्थितियों के बीच गुजरात तेजी से उभरते राज्य और विकास के मॉडल के रूप में सामने आया।
*यूपीए सरकार के दस वर्षों पर साधा निशाना*
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में अविश्वास था। आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के साथ अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी चुनौतियां थीं। वर्ष 2014 में गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताया।
उन्होंने कहा कि इसके बाद किसी जाति, मत, मजहब, क्षेत्र या भाषा के बजाय 140 करोड़ भारतीयों को केंद्र में रखकर योजनाएं आगे बढ़ाई गईं। पहले योजनाएं बनती थीं, लेकिन प्रभावी ढंग से जमीन तक नहीं पहुंचती थीं। आज गरीबों तक आवास, रसोई गैस, शौचालय, स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त राशन जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
*हवाई चप्पल वाला भी कर रहा हवाई यात्रा*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवाओं के लिए स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर बने हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो और एयरपोर्ट का विस्तार हुआ है। पहले कोई प्रधानमंत्री यह दावा नहीं कर पाया कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज की यात्रा कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे केवल कहा नहीं, करके दिखाया।
उन्होंने कहा कि सात अक्टूबर हर भारतीय के लिए प्रेरणा का दिन होना चाहिए। यह यात्रा 15 अगस्त 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने से जुड़ी है।
*प्रदेशभर में होगा नाट्य श्रृंखला का मंचन*
नाट्य प्रस्तुति में वर्ष 2001 के गुजरात भूकंप की तबाही से लेकर कच्छ के पुनर्निर्माण और नरेंद्र मोदी की जनसेवा की यात्रा को मंच पर उतारा गया। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे पूरे प्रदेश में ले जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में भोजपुरी, मध्य क्षेत्र में अवधी, ब्रज में ब्रज भाषा और बुंदेलखंड में बुंदेलखंडी के शब्दों के साथ स्थानीय लोकगीत भी प्रस्तुति में जोड़े जाएं। मुख्यमंत्री ने बाल कलाकारों और भारतेंदु नाट्य अकादमी की टीम की सराहना की और कार्यक्रम के बाद कलाकारों के साथ तस्वीर खिंचवाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर नमन करते हुए श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
*कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
कार्यक्रम में भाजपा अवध क्षेत्र के अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, लखनऊ जिलाध्यक्ष विजय मौर्य, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, भाजपा के प्रदेश मंत्री अंकुर शर्मा व योगेंद्र पटेल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, पवन सिंह चौहान और प्रदेश सरकार के सलाहकार अवनीश अवस्थी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
अखिलेश के विपक्षी एकता के आह्वान पर संजय निषाद और दानिश का पलटवार, बोले- सिर्फ बयानबाजी से कुछ हासिल नहीं होगा
*अखिलेश पर NDA नेताओं का तीखा हमला, बोले-'सपा के दावे हवा-हवाई'*

*अखिलेश के बयान पर संजय निषाद का वार, बोले- विपक्ष कर रहा सिर्फ बयानबाजी और पोस्टरबाजी*

*2027 में समाजवादी पार्टी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी: दानिश आजाद*

लखनऊ, 02 अक्टूबर। यूपी में राज्यसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव द्वारा विपक्षी एकता के आह्वान पर सत्ताधारी गठबंधन के मंत्रियों ने पलटवार किया है। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने विपक्षी एकता के दावे को खोखला बताया। जहां कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने विपक्ष पर बयानबाजी, पोस्टरबाजी और एसी-पीसी तक सीमित रहने का आरोप लगाया, वहीं राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी के दावों को लेकर निशाना साधा।
*विपक्ष को लोग 70 साल तक देख चुके: संजय निषाद*
संजय निषाद ने कहा कि विपक्ष के पास केवल बयानबाजी, पोस्टरबाजी और एसी-पीसी के अलावा कोई शक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लोग 70 साल तक देख चुके हैं। विभिन्न दलों के नेताओं ने यह सब देखने के बाद ही अपने दल खड़े किए हैं या एनडीए के साथ आए हैं। निषाद ने कहा कि सत्ता के बाहर रहने पर अखिलेश को मिलन दिखाई देता है, उनके इन बयानों से कुछ होने वाला नहीं है। संजय निषाद ने दावा किया कि इस बार एनडीए की ऐतिहासिक जीत होगी।
*अखिलेश के बयान पर दानिश आजाद का पलटवार*
वहीं, राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी बहुत बड़े-बड़े दावे कर रही थी लेकिन अब उसके सारे दावों की पोल खुल चुकी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने झूठ का जो गुब्बारा फुलाया था, अब उस गुब्बारे की हवा निकल चुकी है। उत्तर प्रदेश में जिस तरीके से समाजवादी पार्टी ने गफलत और नफरत की राजनीति को फैलाने का काम किया, उसके लिए राज्य की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
*2027 में होगी सपा की सबसे बड़ी हार*
दानिश आजाद ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तरफ सपा जिस तरीके से आगे बढ़ रही है, उसकी अब तक की सबसे बड़ी हार होने वाली है। 2027 में समाजवादी पार्टी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी।
‘सपा की आज भी है अपराधियों से हमदर्दी’: बुलडोजर एक्शन पर अखिलेश के सवालों पर मंत्री नरेंद्र कश्यप का पलटवार
*‘दलितों, पिछड़ों और मुस्लिमों का सपा से हुआ मोह भंग’: अखिलेश यादव की राजनीति पर भाजपा का हमला*

*अखिलेश पर नरेंद्र कश्यप और दिनेश प्रताप का बड़ा हमला, बुलडोजर एक्शन से PDA और राज्यसभा चुनाव तक घेरा*

लखनऊ, 2 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई और एनकाउंटर पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा सवाल उठाए जाने पर योगी सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने पलटवार किया है। मंत्री नरेंद्र कश्यप ने अखिलेश यादव के बुलडोजर एक्शन पर सवाल उठाने पर कहा कि अपराधियों की हिमायत करने वाले लोग बुलडोजर की कार्रवाई से पीड़ित होते हैं।
कश्यप ने एनकाउंटर को लेकर कहा, “एनकाउंटर में यदि कोई अपराधी पुलिस पर जानलेवा हमला करे, पुलिस को मारने की कोशिश करे, तो क्या पुलिस हाथ पर हाथ रखकर अपराधियों से पिटती रहे? अपराधियों को पुलिस जवाब देती है। जवाबी कार्रवाई में कई अपराधी मारे जाते हैं।”
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कश्यप ने कहा, “जब अखिलेश यादव अपराधियों के साथ हमदर्दी दिखाते हैं तो लगता है कि समाजवादी पार्टी ने अभी भी अपनी आपराधिक प्रवृत्ति नहीं छोड़ी है, वहीं दंगा, हत्या और प्रदेश में परिवारवाद अखिलेश यादव के चेहरे से झलकता रहता है।”
*PDA को लेकर दिनेश प्रताप सिंह का निशाना*
वहीं राज्यसभा चुनाव को लेकर भी भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। दरअसल अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव को लेकर कहा कि यह चुनाव मिलन का समय होता है। अगर किसी को लगता है कि हमारे लोकतंत्र की सुंदरता खतरे में है, तो आपस में मिल जाना चाहिए। इस पर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सपा के लिए यह चुनाव मिलन नहीं बिछोह का समय साबित हो रहा है। दिनेश प्रताप सिंह ने सपा के PDA फॉर्मूले को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “PDA बड़ी प्रतीक्षा में था कि राज्यसभा के इस चुनाव में कोई अति-पिछड़ा आएगा, कोई दलित समाज से आएगा और कोई मुस्लिम समाज से आएगा। लेकिन जैसे ही सपा ने दो नामों की घोषणा की, पिछड़ा समाज, दलित समाज और मुस्लिम समाज, सब में निराशा का वातावरण फैल गया और अब समाजवादी पार्टी से इनका मोहभंग हो चुका है।”
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा, “अखिलेश यादव अब यह सोचकर परेशान हैं कि '2027 के चुनाव में उनका क्या हश्र होगा। क्योंकि न उनके साथ अब पिछड़ा समाज जाएगा, न दलित समाज जाएगा और न अल्पसंख्यक समाज जाएगा। अब यह समाज सिर्फ दरी बिछाने के लिए नहीं है। दिनेश प्रताप सिंह ने राज्यसभा चुनाव को सपा और अखिलेश यादव  के लिए गले की फांस बताया। 
*2027 को लेकर भाजपा का दावा*
दिनेश प्रताप सिंह ने आगे कहा, “इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी जहां एक तरफ अपनी आठों सीटों पर विजय प्राप्त करेगी और नौवीं सीट के लिए भी हम सार्थक प्रयास करेंगे। और 2027 के चुनाव में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक बार पुनः सरकार बनाएगी।”
हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं: मुख्यमंत्री योगी
*बिना नाम लिए कांग्रेस-सपा के परिवारवाद पर निशाना, बोले- गांवों को वोट बैंक समझने की राजनीति ने उन्हें पीछे रखा*
*2017 से पहले गांवों को मिले सिर्फ वादे, व्यवस्था में न पारदर्शिता थी न जवाबदेही*
*57,600 ग्राम सचिवालयों से गांव में मिल रहीं सुविधाएं, हर गांव में 5 से 7 रोजगार के अवसर*
*11,350 ग्राम पंचायतों में स्थापित की जा रहीं डिजिटल लाइब्रेरी*

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांधी जयंती पर ग्राम स्वराज के मुद्दे पर बिना नाम लिए कांग्रेस और सपा के परिवारवाद को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि गांवों को केवल वोट बैंक समझने और उन्हें अराजकता व जातिवाद की आग में झोंकने वाली राजनीति ने गांवों को पीछे रखा। हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले। गांवों के नाम पर राजनीति हुई, लेकिन व्यवस्था में न पारदर्शिता थी, न जवाबदेही। आय और जाति प्रमाण-पत्र के लिए भी ग्रामीणों को तहसील, थाना और जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानती है। पिछले साढ़े नौ वर्षों में व्यवस्था बदली है। आज 57,600 ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों को गांव में ही सुविधाएं मिल रही हैं। ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन मॉनिटरिंग से पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही आई है। ग्राम सचिवालयों के संचालन से प्रत्येक गांव में पांच से सात रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। वहीं 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम स्वराज उनके लिए कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के सपनों के आत्मनिर्भर गांव का संकल्प है। सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश- यही हमारा ग्राम स्वराज है।
सूचना विभाग में गांधीजी एवं शास्त्रीजी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई
लखनऊ 02 अक्टूबर 2026।
सूचना निदेशक विशाल सिंह के मार्ग दर्शन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती आज सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ में हर्षोल्लास, श्रद्धा एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई।
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग मुख्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ अपर निदेशक अरविन्द कुमार मिश्र द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी दोनों महान विभूतियों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपिता के प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तैने कहिए’ का सस्वर पाठ भी किया गया।
अपने संबोधन में अपर निदेशक अरविन्द कुमार मिश्र ने दोनों महापुरुषों के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी का जीवन सत्य, अहिंसा, त्याग और सादगी का प्रतीक है। उन्होंने सत्याग्रह के माध्यम से न केवल भारत को ब्रिटिश हुकूमत से स्वतंत्रता दिलाई, बल्कि पूरी दुनिया को शांतिपूर्ण संघर्ष का मार्ग दिखाया। उनका चरखा, उनकी लाठी और उनके विचार आज भी भारत की आत्मा में जीवित हैं। बापू ने हमें सिखाया कि साधन की पवित्रता साध्य से भी अधिक महत्वपूर्ण है। स्वच्छता को लेकर उनका आग्रह आज स्वच्छ भारत मिशन के रूप में साकार हो रहा है।
वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए श्री मिश्र ने कहा कि शास्त्री जी ने अत्यंत साधारण परिवार से आकर अपनी असाधारण प्रतिभा, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से देश का नेतृत्व किया।  उनके द्वारा  दिया गया अमर नारा ‘जय जवान, जय किसान’ आज भी देश की सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा का मूल मंत्र है। उन्होंने देश के जवानों का मनोबल बढ़ाया और किसानों को अन्नदाता के रूप में सम्मान दिलाया। उनकी सादगी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि शास्त्री जी एक ऐसी मिसाल हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री रहते हुए भी कभी अपने पद का दुरुपयोग नहीं किया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि ऊँचे पद पर रहकर भी कैसे विनम्र और जमीन से जुड़े रहा जाता है। श्री मिश्र ने कहा कि यह संयोग ही है कि 2 अक्टूबर को दो ऐसी महान विभूतियों का जन्म हुआ जिन्होंने भारत के इतिहास को नई दिशा दी। एक ने स्वतंत्रता दिलाई तो दूसरे ने स्वतंत्र भारत को सशक्त और स्वावलंबी बनाने की नींव रखी। दोनों ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि सत्ता सेवा का माध्यम है, भोग का नहीं।उन्होंने सूचना विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे गांधी जी के सत्य और अहिंसा तथा शास्त्री जी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा को अपनी कार्यशैली में अपनाएं। सूचना विभाग सरकार और जनता के बीच सेतु का कार्य करता है, इसलिए हमारा दायित्व है कि हम पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि हम सभी को स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रप्रथम की भावना को अपने दैनिक जीवन में उतारना चाहिए, यही इन महापुरुषों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने तथा देश की एकता-अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वरि. वित्त एवं लेखाधिकारी संजय कुमार सिंह, उपनिदेशक अनुराग प्रसाद, आत्रेय मिश्रा, सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डाॅ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, सी.एल. सिंह, प्रभात श्रीवास्तव,अमित कुमार यादव, निर्माता फिल्म अभय कुमार श्रीवास्तव सहित  विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी तक 25 फीसदी छूट: मुख्यमंत्री योगी

*गांधी आश्रम और लाल बहादुर शास्त्री भवन में आयोजित जयंती कार्यक्रमों में पहुंचे सीएम योगी*
*बोले- बापू का स्वदेशी से स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला*
*खादी केवल वस्त्र नहीं, स्वदेशी का मंत्र और चरखा आत्मनिर्भरता का प्रतीक*
*शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ स्वाधीन भारत का बना मंत्र*

लखनऊ। गांधी जयंती पर प्रदेश में खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूट मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुए प्रदेशवासियों से खादी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि स्वदेशी का मंत्र है। इसे अपनाकर कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों के हुनर को सम्मान दिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को महात्मा गांधी की 157वीं और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम में उन्होंने बापू के स्वदेशी, स्वच्छता और ग्राम स्वराज के विचारों को याद किया। इसके बाद लाल बहादुर शास्त्री भवन में शास्त्री जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों स्थानों पर उन्होंने पत्रकारों से भी बातचीत की।
*बापू ने बिखरे आंदोलन को जन आंदोलन बनाया*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी ने अन्याय, शोषण और रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाई। भारत लौटने के बाद उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से नेतृत्व देकर जन आंदोलन बना दिया। गांव-गांव के लोग इससे जुड़े और ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि बापू के स्वच्छता, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। चरखा आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। बापू का स्वदेशी से स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘लोकल टू ग्लोबल’ का आह्वान इसी सोच को आगे बढ़ा रहा है। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित कर कारीगरों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों को बाजार उपलब्ध कराना होगा। *ग्राम सचिवालयों से ग्राम स्वराज की परिकल्पना को मजबूती*
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत देशभर में बने करोड़ों शौचालय अच्छे स्वास्थ्य के साथ नारी सम्मान का आधार बने हैं। इसी तरह ग्राम सचिवालयों की स्थापना से बापू की ग्राम स्वराज की परिकल्पना को आगे बढ़ाया जा रहा है। लोगों को गांव में ही जन सुविधाएं मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञ रहता है, उसका भविष्य उज्ज्वल होता है।
*शास्त्री जी ने जो कहा, उसे करके दिखाया*
लाल बहादुर शास्त्री को नमन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह जितने सरल और सहज थे, उतने ही दृढ़ और संघर्षशील भी थे। उन्होंने जो कहा, उसे करके दिखाया और जितना किया, उतना ही बोला। देश पर संकट आया तो उन्होंने दिखाया कि राष्ट्र की रक्षा के लिए किस तरह दृढ़ता के साथ खड़ा हुआ जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी का ‘जय जवान, जय किसान’ नारा स्वाधीन भारत का मंत्र बना। एक तरफ जवान सीमाओं पर देश की रक्षा कर रहे थे तो दूसरी तरफ किसान भारत को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाने में जुटे थे। कभी देश को खाद्यान्न के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। आज भारत अपने 140 करोड़ नागरिकों की जरूरत पूरी करने के साथ दुनिया के कई देशों को खाद्यान्न की आपूर्ति कर रहा है।
*ये रहे मौजूद*
गांधी आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री राकेश सचान, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मोहसिन रजा, क्षेत्रीय गांधी आश्रम के मंत्री देवी प्रसाद शर्मा, व्यवस्थापक अखिलेश उपाध्याय और साहित्यकार अखिलेश द्विवेदी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
पीएम सूर्य घर योजना में यूपी का परचम, सितंबर में 74,796 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित

*उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 2,493 रूफटॉप सोलर प्लांट हो रहे स्थापित*
*मासिक स्थापना में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम, आंध्र प्रदेश दूसरे और महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर*

लखनऊ। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर स्थापना में उत्तर प्रदेश ने सितंबर 2026 में देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। सितंबर माह में प्रदेश में 74,796 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए गए। इस दौरान आंध्र प्रदेश 69,813 और महाराष्ट्र 60,907 इंस्टॉलेशन के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। सितंबर के आंकड़ों में गुजरात में 45,616 और केरल में 30,315 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन दर्ज किए गए। इस तरह सितंबर की मासिक स्थापना में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर रहा।
*उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 2,493 इंस्टॉलेशन*
सितंबर माह में उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 2,493 रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए गए। 30 सितंबर को प्रदेश में एक दिन में 3,389 इंस्टॉलेशन दर्ज हुए। पूरे महीने में यूपी ने गुजरात से 29,180 और महाराष्ट्र से 13,889 अधिक इंस्टॉलेशन किए। सितंबर में देशभर में कुल 4,38,815 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन हुए, जिसमें उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत रही।
*योगी सरकार के प्रयासों से सौर ऊर्जा को मिल रही गति*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को बढ़ावा दिया जा रहा है। पीएम सूर्य घर योजना के राज्यस्तरीय क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और योजना की प्रगति की निगरानी यूपी नेडा के निदेशक रविंदर सिंह के नेतृत्व में की जा रही है।
*8.67 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित*
30 सितंबर 2026 तक उत्तर प्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना के तहत कुल 8,67,755 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन हो चुके हैं। इनकी कुल स्थापित क्षमता 2,911.39 मेगावाट पहुंच गई है। संचयी स्थापना में गुजरात 8,70,152 इंस्टॉलेशन के साथ उत्तर प्रदेश से केवल 2,397 इंस्टॉलेशन आगे रहा, जबकि महाराष्ट्र की संचयी स्थापना 8,27,182 रही।
*31 मार्च 2027 तक योजना, उपभोक्ता जल्द लें सब्सिडी का लाभ*
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने पर सब्सिडी उपलब्ध है। योजना की निर्धारित अवधि 31 मार्च 2027 तक है। अधिकारियों की प्रदेश के शेष विद्युत उपभोक्ताओं से अपील है कि वे समय रहते पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए आवेदन करें और पात्रता के अनुसार सब्सिडी का लाभ उठाएं। उपभोक्ता पीएम सूर्य घर राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विद्युत उपभोक्ता सौर ऊर्जा अपनाकर, बिजली बिल में बचत के साथ साथ स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार में भी सहभागी बन सकते है ।
*सितंबर 2026 मासिक राष्ट्रीय रैंकिंग*
उत्तर प्रदेश- 74,796
आंध्र प्रदेश- 69,813
महाराष्ट्र- 60,907
गुजरात- 45,616
केरल- 30,315
स्वच्छ गंगा: योगी सरकार के प्रयासों से आर्द्रभूमि संरक्षण को नई दिशा, गंगा पुनर्जीवन के लिए तेज हुआ वैज्ञानिक प्रबंधन

*आर्द्रभूमि संरक्षण से मजबूत होगी गंगा की सेहत, तीन जिलों में 5.36 करोड़ की परियोजनाओं पर काम*

लखनऊ। योगी सरकार में उत्तर प्रदेश में आर्द्रभूमि संरक्षण को केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित रखने के बजाय इसे गंगा पुनर्जीवन, जल सुरक्षा और स्थानीय पारिस्थितिकी से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में गंगा नदी के किनारे स्थित 22 उच्च प्राथमिकता वाली आर्द्रभूमियों को विधिवत अधिसूचित किया जा चुका है। अब इनके वैज्ञानिक और समन्वित प्रबंधन के लिए एकीकृत प्रबंधन योजनाओं (आईएमपी) को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में 8 आर्द्रभूमियों के प्रबंधन प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं, जिनकी समीक्षा चल रही है और इन्हें जल्द अनुमोदन के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को भेजा जाएगा।
राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह ने कहा कि आर्द्रभूमियों को कानूनी संरक्षण मिलने से इनके संरक्षण, पुनर्स्थापन और वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए संस्थागत आधार मजबूत हुआ है। एकीकृत प्रबंधन योजनाओं में आर्द्रभूमि के प्राकृतिक आवास का पुनर्स्थापन, प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय लोगों की भागीदारी जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका सीधा संबंध गंगा और उसकी सहायक नदियों के नदी तंत्र को मजबूत करने से है।

*तीन जिलों में 5.36 करोड़ की परियोजनाएं*
वर्तमान में मुजफ्फरनगर, प्रयागराज और बलिया में आर्द्रभूमि विकास की परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इन परियोजनाओं को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन से वित्तीय सहायता मिल रही है और तीनों परियोजनाओं की कुल लागत 5.36 करोड़ रुपये है। प्रयागराज में नुमईया दह झील एवं खेड़ुवा ताल, बलिया में दहताल रेवती और मुजफ्फरनगर में कालेवाला झील को लेकर अलग-अलग संरक्षण एवं विकास कार्य किए जा रहे हैं।
प्रयागराज की 591.78 हेक्टेयर क्षेत्र वाली आर्द्रभूमि में आर्द्रभूमि स्वास्थ्य सुधार, प्रदूषण नियंत्रण और जैव विविधता संरक्षण के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी से आवास पुनर्स्थापन व जल गुणवत्ता सुधार पर काम हो रहा है। बलिया की 34.70 हेक्टेयर दहताल रेवती में जल संचयन संरचनाओं को मजबूत करने, तटवर्ती पौधरोपण और भूजल पुनर्भरण से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। वहीं मुजफ्फरनगर की 88.36 हेक्टेयर कालेवाला झील में प्रदूषण नियंत्रण, तटवर्ती क्षेत्र संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन उपाय लागू किए जा रहे हैं।

*275 आर्द्रभूमियों का सर्वे पूरा*
प्रदेश में गंगा तटवर्ती 27 जिलों में 10 किलोमीटर की सीमा के भीतर स्थित कुल 275 आर्द्रभूमियों का सूचीकरण, दस्तावेजीकरण और हेल्थ कार्ड तैयार करने का कार्य पूरा हो चुका है। इनके लिए इंटीग्रेटेड वेटलैंड मैनेजमेंट प्लान का निरूपण भी किया गया है। जानकारी के अनुसार 231 आर्द्रभूमियां गंगा के अलग-अलग नदी-खंडों में शामिल हैं, जिसमें बिजनौर से रामगंगा संगम तक 93, रामगंगा संगम से गोमती संगम तक 106 और गोमती संगम से घाघरा संगम तक 32 आर्द्रभूमियां हैं।

*भूजल और नदी तंत्र को मिलेगा लाभ*
आर्द्रभूमियां प्राकृतिक रूप से पानी को रोकने, प्रदूषकों को छानने और भूजल पुनर्भरण में मदद करती हैं। इनके संरक्षण और वैज्ञानिक प्रबंधन से जल सुरक्षा मजबूत होने के साथ जैव विविधता और स्थानीय पारिस्थितिकी को भी लाभ मिलता है। यही वजह है कि इन क्षेत्रों को गंगा पुनर्जीवन की व्यापक कार्ययोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है।

*आठ नई योजनाओं पर आगे बढ़ेगा काम*
राज्य स्वच्छ गंगा मिशन (उत्तर प्रदेश) के यूनिट हेड नॉलेज एंड प्लानिंग मिथिलेश कुमार (पद) ने बताया कि बदायूं, बुलंदशहर, कानपुर नगर, उन्नाव और मुजफ्फरनगर की आठ आर्द्रभूमियों के आईएमपी प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं। इनमें बदायूं की पिपरौल पुख्ता और खैरपुर खैराती, बुलंदशहर की मोहम्मदपुर मुबारकपुर, कानपुर नगर की जैसरमऊ, उन्नाव की कुशराजपुर और मेला रामकुंवर तथा मुजफ्फरनगर की चौरावाला और मिलाखेड़ी शामिल हैं। इन प्रस्तावों की समीक्षा के बाद इन्हें अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। इस तरह आर्द्रभूमियों को कानूनी संरक्षण देने, उनका वैज्ञानिक आकलन करने और मौके पर संरक्षण परियोजनाएं चलाने की प्रक्रिया उत्तर प्रदेश में गंगा पुनर्जीवन के साथ जल सुरक्षा, भूजल संरक्षण, जैव विविधता और स्थानीय आजीविका को जोड़ रही है।

*22 अधिसूचित आर्द्रभूमियां, 10 जिलों में करीब 409.63 हेक्टेयर*
उच्च प्राथमिकता वाली कुल 22 अधिसूचित आर्द्रभूमियां 10 जिलों में दर्ज हैं। इनमें अलीगढ़ की मुरारखास प्रेतनगर, सिसई और सीकरी आर्द्रभूमियां, कासगंज की बस्तौली-ब्रह्मपुर, सिकंदरपुर खुर्द और रामनछौनी, बदायूं की पिपरौल पुख्ता और खैरपुर खैराती, उन्नाव की मेला रामकुंवर और कुशराजपुर तालाब, प्रयागराज की बड़ा तालाब, उपरिहा तालाब और नुमाईया दाही झील, फर्रुखाबाद की कुठिला झील, खरगपुर खंडौली और रामपुर टफरपुर आर्द्रभूमि, कानपुर नगर की जैसरमऊ, चंदौली की बबरना, बुलंदशहर की मोहम्मदपुर मुबारकपुर, मुजफ्फरनगर की मिलाखेड़ी व चौरावाला तालाब और भदोही की समदा ताल आर्द्रभूमि शामिल हैं। इन 22 अधिसूचित आर्द्रभूमियों का कुल क्षेत्रफल लगभग 409.63 हेक्टेयर है।
दीपोत्सव से पहले बदलेगा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप
- त्रेता युग की आस्था के पथ पर अयोध्या में विकास की नई तस्वीर
- 1140 करोड़ रुपये से 31 किलोमीटर मार्ग का हो रहा चौड़ीकरण, फोरलेन बनने से श्रद्धालुओं को मिलेगा सुगम आवागमन
- शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने और प्रकाश की सुविधाओं से संवर रहा परिक्रमा पथ
- पीली रेलिंग, आकर्षक रोशनी और पौधारोपण से आस्था के इस मार्ग को दिया जा रहा नया स्वरूप

अयोध्या। रामनगरी की पहचान सिर्फ उसके मंदिरों और धार्मिक स्थलों से नहीं, बल्कि उन परंपराओं से भी है जिनसे सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी रही है। इन्हीं परंपराओं में शामिल 14 कोसी परिक्रमा अब आधुनिक सुविधाओं और बेहतर आवागमन के साथ नए स्वरूप में दिखाई देने की ओर बढ़ रही है। श्रद्धालुओं के आस्था पथ को सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण कार्य तेजी से अंतिम चरण में पहुंच रहा है। करीब 1140 करोड़ रुपये की लागत से 31 किलोमीटर लंबे परिक्रमा पथ को फोरलेन बनाया जा रहा है। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग की कुल लंबाई लगभग 42 किलोमीटर है, जिसमें कुछ हिस्सा पंचकोसी परिक्रमा मार्ग का भी आता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही इस परियोजना को दीपोत्सव से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।परियोजना पूरी होने के बाद परिक्रमा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क के साथ शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने की व्यवस्था और प्रकाश जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। लोक निर्माण विभाग खंड-3 की ओर से कराए जा रहे कार्यों के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ अब मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने पर जोर है।

*आस्था की सदियों पुरानी परंपरा को मिल रहा आधुनिक स्वरूप*
14 कोसी परिक्रमा अयोध्या की प्राचीन धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान्यता है कि श्रद्धालु इस परिक्रमा के माध्यम से रामनगरी की धार्मिक सीमा की परिक्रमा करते हैं। वर्ष में विभिन्न अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर इस धार्मिक यात्रा में शामिल होते हैं। ऐसे में परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण केवल सड़क को बेहतर बनाने की परियोजना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के आवागमन को अधिक सुगम बनाने से जुड़ा प्रयास भी है। राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच इस मार्ग का फोरलेन निर्माण यातायात और परिक्रमा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मार्ग के विभिन्न हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण के साथ श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है।

*सड़क के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का भी रखा जा रहा ध्यान*
परिक्रमा मार्ग पर शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने की व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को रास्ते में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मार्ग के अलग-अलग हिस्सों में निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।मोदहा के पास फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। इससे इस हिस्से में आवागमन सुगम हुआ है। अब दीपावली और दीपोत्सव से पहले पूरे 42 किलोमीटर मार्ग को तैयार करने पर जोर है।

*पीली रेलिंग और रोशनी से बदलेगा परिक्रमा पथ का नजारा*
परियोजना के तहत परिक्रमा मार्ग के डिवाइडर पर आकर्षक पीले रंग की रेलिंग लगाई जा रही है। मार्ग के बीच-बीच में पौधारोपण के बाद ट्री गार्ड भी लगाए गए हैं। वहीं पूरे मार्ग को रोशन करने के लिए भगवान श्रीराम की स्मृति से जुड़ी आकर्षक लाइटें लगाई जा रही हैं। अचारी सगरा के पास भी प्रकाश व्यवस्था शुरू हो गई है। ऐसे में दिन के साथ रात में भी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप अधिक आकर्षक दिखाई देने लगा है। आस्था से जुड़े इस मार्ग को सुविधाओं और प्रकाश व्यवस्था के जरिए नया रूप देने का काम अब अंतिम चरण में है।

*परिक्रमा के दौरान मिलेगी बैठने, रोशनी और स्वच्छता की सुविधा*
परियोजना के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ लोक निर्माण विभाग खंड-3 के अधिकारी निर्माण कार्यों को दीपोत्सव से पहले पूरा कराने में जुटे हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सत्य पाल सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने की व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।उन्होंने बताया कि उद्देश्य यह है कि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के अपनी परिक्रमा पूरी कर सकें। इसके लिए सड़क चौड़ीकरण के साथ मार्ग पर आवश्यक सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है।

*धार्मिक परंपरा के साथ पर्यटन को भी मिलेगी नई रफ्तार*
रामनगरी में धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का फोरलेन होना आवागमन की सुविधा के लिहाज से महत्वपूर्ण बदलाव होगा। दीपोत्सव के दौरान जब अयोध्या में देश-दुनिया से श्रद्धालु पहुंचेंगे, तब आधुनिक सुविधाओं से सजा यह मार्ग रामनगरी की प्राचीन धार्मिक परंपरा और बदलते विकास का संगम नजर आएगा।बेहतर सड़क, प्रकाश, बैठने, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं से श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम होने की उम्मीद है। साथ ही परिक्रमा मार्ग का नया स्वरूप अयोध्या के धार्मिक पर्यटन को भी विस्तार देने में सहायक हो सकता है।