ड्रोन कैमरे की मदद से तेंदुओं की तलाश शुरू
(विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर )

मीरापुर: भुम्मा के जंगल में नर व मादा तेंदुओं की गुर्राहट की खबर प्रकाशित होते ही गुरुवार की सुबह वन विभाग की टीम जंगल में पहुंच गई तथा ड्रोन कैमरे की मदद से तेंदुओं की तलाश शुरू की। वन विभाग की टीम आने की सूचना पर दर्जनों ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों के अनुसार पिछले तीन महीने से क्षेत्र में तेंदुए की दहशत व्याप्त है तथा ग्रामीणों का दावा है कि जंगल में नर व मादा तेंदुए को दो शावकों के साथ विचरण करते हुए देखा है। मंगलवार को तेंदुओं की गुर्राहट सुनाई देने के बाद ग्रामीणों ने रेंजर को कई बार फोन किया था आरोप हैं कि ग्रामीणों का फोन नहीं उठाए जाने पर डीएफओ ने रेजर को कड़ी फटकार लगाई है।
संचारी रोगों की रोकथाम के लिए जनपद में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारम्भ

*डीएम ने शपथ दिलाकर प्रचार वाहन रैली को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना*



रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद भदोही में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारम्भ बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट परिसर, सरपतहां से जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने आमजन को संचारी रोगों से बचाव एवं रोकथाम की शपथ दिलाकर तथा प्रचार वाहन रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 01 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक जनपद में संचालित किया जाएगा।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि “भदोही ने ठाना है, संचारी रोगों को हराना है।” उन्होंने कहा कि अपने गांव, ब्लॉक, जनपद एवं देश को रोगमुक्त बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। व्यक्तिगत साफ-सफाई के साथ घरों के आसपास तथा गांव एवं मोहल्लों के वातावरण को स्वच्छ रखना आवश्यक है। उन्होंने आमजन से स्वस्थ व्यवहार अपनाने तथा समुदाय के अन्य लोगों को भी स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि संचारी रोगों के कारण परिवारों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। इसलिए यदि आसपास कोई व्यक्ति बुखार से पीड़ित हो तो उसे तत्काल उपचार के लिए सरकारी अस्पताल जाने हेतु प्रेरित किया जाए। उन्होंने मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह की कमीज एवं पैंट पहनने, स्वच्छ पेयजल का सेवन करने तथा घरों एवं आसपास जल-जमाव न होने देने की अपील की। साथ ही कुपोषित बच्चों पर विशेष ध्यान देने एवं व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया।

उन्होंने नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों तथा ग्राम पंचायतों में जिला पंचायत राज अधिकारी को संचारी रोग नियंत्रण अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने एंटी लार्वा एवं फॉगिंग का प्रभावी एवं नियमित छिड़काव कराने तथा साफ-सफाई व्यवस्था की बेहतर निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, जिससे वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम प्रभावी ढंग से की जा सके।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक, नोडल/एसीएमओ डॉ. ओपी शुक्ला तथा जिला मलेरिया अधिकारी  राम आसरे ने बताया कि अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए जनपद में आवश्यक टीमें गठित की गई हैं। अभियान के प्रथम दिन जनपद के समस्त बेसिक विद्यालयों में ग्राम प्रधानों, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, शिक्षकों एवं ग्रामवासियों की सहभागिता से जागरूकता रैली एवं संगोष्ठियां आयोजित कर लोगों को संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही सभी पीएचसी, सीएचसी, विकास खंड कार्यालयों एवं अधिशासी अधिकारी कार्यालयों में भी संगोष्ठियों का आयोजन किया गया।

12 से 31 अक्टूबर तक चलेगा दस्तक अभियान

अभियान के अंतर्गत 12 से 31 अक्टूबर 2026 तक दस्तक अभियान संचालित किया जाएगा। इस दौरान आशा कार्यकत्रियों द्वारा घर-घर भ्रमण कर डेंगू, फाइलेरिया, मलेरिया, दिमागी बुखार, क्षय रोग एवं कुष्ठ रोग आदि के लक्षण वाले रोगियों की पहचान कर जांच एवं उपचार हेतु सूची तैयार की जाएगी। साथ ही बुखार से पीड़ित रोगियों, आईईएलआई, क्षय रोग, कालाजार एवं फाइलेरिया के लक्षणयुक्त व्यक्तियों तथा कुपोषित बच्चों की सूची तैयार की जाएगी।

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि ऐसे मकानों को भी चिह्नित किया जाएगा, जहां घरों के भीतर मच्छरों का प्रजनन पाया जाता है। चिह्नित क्षेत्रों एवं व्यक्तियों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट संबंधित उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी।

“7 का वार, संचारी रोगों की होगी हार” के संदेश के तहत जनपदवासियों से पूरी बांह की कमीज एवं पैंट पहनने, स्वच्छ पेयजल का सेवन करने, आसपास जल-जमाव न होने देने, कुपोषित बच्चों पर विशेष ध्यान देने, व्यक्तिगत एवं आसपास की स्वच्छता बनाए रखने तथा बुखार होने पर बिना देरी किए सरकारी अस्पताल पहुंचकर उपचार कराने की अपील की गई।

संचारी रोगों से संबंधित अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन 1800-180-5145, टोल फ्री नंबर 104 तथा एम्बुलेंस सेवा के लिए 108 पर संपर्क किया जा सकता है।

जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि संचारी रोगों की रोकथाम में प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें, अपने घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार के बुखार अथवा बीमारी के लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार प्राप्त करें। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संतोष चक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय एवं संबंधित विभागों के अधिकारी वह आम जन उपस्थित रहे।
भदोही में सड़क पर प्रसव मामले में जिला-अस्पताल पर एक्शन:इमरजेंसी डॉक्टर की सेवा खत्म, स्त्री रोग विशेषज्ञ का वेतन रोका; स्टाफ नर्स का तबादला


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌ भदोही में ज्ञानपुर जिला अस्पताल के गेट के सामने गर्भवती महिला के सड़क पर प्रसव के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। इमरजेंसी सेवा में तैनात एक डॉक्टर की सेवा समाप्त कर दी गई है। एक स्त्री रोग विशेषज्ञ का वेतन रोक दिया गया है, जबकि एक स्टाफ नर्स का तबादला किया गया है। एक अन्य स्टाफ नर्स का तीन दिन का वेतन भी रोकने की कार्रवाई हुई है। इसके अलावा सीएमएस और महिला चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। यह घटना मंगलवार की रात ज्ञानपुर जिला अस्पताल के गेट के सामने हुई थी। जहां एक महिला ने सड़क पर बच्चे को जन्म दिया था। आरोप है कि मुसहर जाति की प्रसूता को अस्पताल में में भर्ती नहीं किया गया और उसे रेफर कर दिया गया था। इसके बाद महिला ने अस्पताल के गेट के सामने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। घटना के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे।मामले की जानकारी मिलने पर सीएमओ डॉ संतोष कुमार चक मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाराज परिजनों को समझाया और इसके बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी। कमेटी ने मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपीजांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवा में डॉक्टर की सेवा खत्म कर दी गई। एक स्त्री रोग विशेषज्ञ का वेतन रोक दिया गया, जबकि एक स्टाफ नर्स का तबादला किया गया है। दूसरी स्टाफ नर्स का तीन दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई हुई है। वहीं सीएमएस और महिला चिकित्सक के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
प्रबंधक महासभा की 2 अक्टूबर की महाबैठक में बनेगी आंदोलन की रणनीति
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के प्रबंधक महासभा ने अपने अधिकारों, हितों और विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। प्रबंधक महासभा उत्तर प्रदेश के आह्वान पर आगामी 29 अक्टूबर 2026 को लखनऊ विधानसभा के घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसे सफल बनाने के लिए जौनपुर में आंदोलन की रणनीति तैयार करने हेतु महाबैठक आयोजित की गई है।जानकारी के अनुसार 2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती) को दोपहर 12 बजे जनक कुमारी इंटर कॉलेज, हुसेनाबाद में जौनपुर जनपद के प्रबंधकों की महत्वपूर्ण बैठक होगा। बैठक में लखनऊ विधानसभा घेराव को लेकर तैयारियों, सहभागिता और आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा की जाएगी।बैठक में मंडल प्रभारी गजेन्द्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधकों को एकजुट कर आंदोलन की तैयारियों को गति देने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।प्रबंधक महासभा जौनपुर के अध्यक्ष संजय कुमार उपाध्याय (एडवोकेट) ने जिले के सभी सम्मानित प्रबंधकों से अपील की है कि वे अपने साथियों के साथ बैठक में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें। उन्होंने कहा कि सामूहिक सहभागिता से आंदोलन की तैयारियों को मजबूती मिलेगी और 29 अक्टूबर को लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव को सफल बनाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।
करंट हादसे के बाद जागा बिजली विभाग!
इस्लामाबाद-डोमनपुरा में खुले ट्रांसफार्मर पर लग रही सुरक्षा जाली

मऊ। इस्लामाबाद-डोमनपुरा क्षेत्र में हुए दर्दनाक विद्युत हादसे के बाद बिजली विभाग ने खुले ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा को लेकर कदम उठाना शुरू कर दिया है। गुरुवार को क्षेत्र में खुले ट्रांसफार्मर के चारों ओर सुरक्षा जाली लगाने का काम शुरू किया गया।

बताया गया कि हाल ही में यहां हुए करंट हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद खुले ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। अब विभाग की ओर से सुरक्षा जाली लगाए जाने से स्थानीय लोगों को हादसों की आशंका कम होने की उम्मीद है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अन्य खुले विद्युत उपकरणों और ट्रांसफार्मरों की भी जांच कराकर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए।
65 हजार मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की राह हुई आसान।       
                                       
बलरामपुर नगर पालिका  को अत्याधुनिक प्रोसेसिंग मशीनरी के लिए ₹2.62 करोड़ से अधिक की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति।          
                                      
बलरामपुर। आदर्श नगर पालिका परिषद बलरामपुर को स्वच्छ,सुंदर और कूड़ा-मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नगर क्षेत्र में वर्षों से एकत्रित लगभग 65,000 मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक एवं पूर्ण निस्तारण के लिए अत्याधुनिक प्रोसेसिंग मशीनरी की स्थापना को ₹2 करोड़ 62 लाख 94 हजार की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप यह स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी तथा नगर विकास मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा जी के मार्गदर्शन एवं सहयोग को महत्वपूर्ण बताया गया है।
वैज्ञानिक तरीके से होगा कचरे का निस्तारण
प्रस्तावित अत्याधुनिक प्रोसेसिंग मशीनरी के माध्यम से नगर में वर्षों से जमा लिगेसी वेस्ट के विशाल ढेरों की वैज्ञानिक पद्धति से छंटाई,प्रसंस्करण और समुचित निस्तारण किया जाएगा। इससे पुराने कचरे के ढेर को व्यवस्थित रूप से समाप्त करने में मदद मिलेगी तथा नगर के पर्यावरण और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस प्रगति होगी।
लिगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण से कूड़ा निस्तारण स्थल पर लंबे समय से जमा कचरे का बोझ कम होगा और नगर में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। आधुनिक तकनीक के माध्यम से कचरे के विभिन्न घटकों को अलग-अलग करने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका निस्तारण किए जाने की व्यवस्था की जाएगी।
स्वच्छ और सुंदर बलरामपुर का संकल्प
नगर पालिका प्रशासन का लक्ष्य बलरामपुर को स्वच्छ,सुंदर और कूड़ा-मुक्त नगर के रूप में विकसित करना है। इस परियोजना को नगर की स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक और वैज्ञानिक स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने कहा कि नगर की स्वच्छता और नागरिकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना नगर पालिका की प्राथमिकताओं में शामिल है। लिगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की स्वीकृति से वर्षों पुरानी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि नगर को स्वच्छ,सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए आगे भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य जारी रहेगा।
यह परियोजना पूर्ण होने के बाद बलरामपुर नगर की स्वच्छता व्यवस्था को नई दिशा मिलने के साथ ही स्वच्छता के क्षेत्र में नगर की एक अलग पहचान बनाने में भी सहायक होगी।
मऊ के इस्लामाबाद पहुँचे कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय!
मऊ के इस्लामाबाद क्षेत्र में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के पहुंचने पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया।

इस दौरान स्थानीय लोगों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात और संवाद का कार्यक्रम रहा।
मऊ: जिला अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी आनंद वर्धन, स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था का लिया जायजा
मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने जिला अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई और अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था सहित मरीजों की सुविधा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी जानकारी ली गई।
दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, एक युवक की मौत; दूसरा गंभीर घायल
मऊ के हलधरपुर थाना क्षेत्र के रतनपुरा कस्बे में बुधवार शाम करीब 7:30 बजे रतनपुरा-बसनहीं पुल के पास दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में 42 वर्षीय अभयजीत सिंह उर्फ गब्बू सिंह की मौत हो गई, जबकि दूसरा बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया।

टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने अभयजीत सिंह की जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। दूसरे घायल का इलाज जारी है।

अभयजीत सिंह की मौत की खबर मिलते ही रतनपुरा कस्बे और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की रतनपुरा शाखा के सामने स्थित संतोष सेवा सदन पहुंचकर परिजनों से संवेदना जता रहे हैं।

सूचना मिलने पर हलधरपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसा किस वजह से हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
मऊ में घाघरा नदी ने तोड़ा पिछला रिकॉर्ड, जलस्तर 66.78 मीटर पहुंचा
मऊ। घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी है। गुरुवार, 1 अक्टूबर की सुबह नदी ने अपने पिछले रिकॉर्ड को पार कर लिया। इससे पहले घाघरा नदी का जलस्तर 66.44 मीटर तक पहुंचकर वापस घटने लगा था।

गुरुवार सुबह नदी के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 66.78 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से मधुबन क्षेत्र में बाढ़ की चिंता बढ़ गई है।