दिव्यांगजन पेंशन में फिर बढ़ोतरी करेगी सरकार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

*सेवा संकल्प अभियान के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में 509 दिव्यांगजनों को वितरित किए 664 सहायक उपकरण*
*प्रदेश के सभी 18 मंडलों में स्थापित होंगे जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, दिए गए निर्देश*
*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा योजक हो तो कोई अयोग्य कैसे रह सकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*
*प्रतिभा को दया नहीं, अवसर चाहिए, सही साधन और प्रशिक्षण मिले तो क्षमता छू सकती है ऊंचाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*
*हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे शिविर, छूटे दिव्यांगजनों को पेंशन और अन्य योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य*
*नरेंद्र कश्यप बोले- सपा सरकार में दिव्यांगजन विभाग का बजट 665 करोड़ था, अब 2,200 करोड़ रुपये*

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को दिव्यांगजनों की पेंशन में एक बार फिर बढ़ोतरी का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि पहले 300 रुपये पेंशन मिलती थी। सरकार ने इसे पहले 500 और फिर एक हजार रुपये किया। अब कुछ दिनों में इसमें फिर बढ़ोतरी करने जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत गोरखपुर क्लब में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और HURL गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां 509 दिव्यांगजनों को 664 सहायक उपकरण वितरित किए।
*अंतिम व्यक्ति तक योजना पहुंचना सुशासन*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज की प्रगति की पहचान केवल इमारतों से नहीं होती। असली कसौटी यह है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक कितनी सहजता से पहुंच रहा है। बिना भेदभाव अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुशासन का पहला सूत्र है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में जाति, मत, मजहब, क्षेत्र और भाषा का भेद किए बिना योजनाओं का लाभ हर तबके तक पहुंचा है।
उन्होंने ‘अयोग्यो पुरुषो नास्ति’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं होता, जरूरत उसे अवसर से जोड़ने वाले की होती है। जब देश के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा योजक हो तो कोई अयोग्य कैसे रह सकता है।
*प्रतिभा को दया नहीं, अवसर चाहिए*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शारीरिक चुनौती प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बन सकती। प्रतिभा को दया नहीं, अवसर चाहिए। सही साधन और प्रशिक्षण मिले तो प्रतिभा अपनी क्षमता की ऊंचाई तक पहुंच सकती है। उन्होंने ऋषि अष्टावक्र, सूरदास, रवींद्र जैन और अरुणिमा सिन्हा के साथ पैरालंपिक खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि पदक केवल मजबूत भुजाओं से नहीं, मजबूत हौसलों से जीते जाते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में ‘विकलांग’ के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द का प्रयोग कर समाज का दृष्टिकोण बदलने का प्रयास किया। डबल इंजन सरकार दिव्यांगजनों के अधिकार और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। ब्रेल व ऑडियो सूचना, टैक्टाइल पाथ, सुलभ डिजिटल सेवाएं, सांकेतिक भाषा, कैप्शन और विजुअल अलर्ट जैसी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। *हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे शिविर*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2026-27 में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में शिविर लगाकर पेंशन से छूटे दिव्यांगजनों को योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य है। प्रदेश में 17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों की डिजिटल पहचान मजबूत कर उन्हें कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण की शुरुआत बचपन से होनी चाहिए। शुरुआती जांच, थेरेपी, अभिभावकों को मार्गदर्शन, विशेष शिक्षा और तकनीकी सहायता पर सरकार का जोर है। तीन से सात वर्ष के श्रवणबाधित, दृष्टिबाधित और बौद्धिक दिव्यांगता वाले बच्चों के लिए बचपन डे केयर सेंटरों का विस्तार किया जा रहा है।
*दिव्यांगजनों के लिए दो विश्वविद्यालय*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा को सशक्तीकरण का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां दिव्यांगजनों के लिए दो विश्वविद्यालय संचालित हैं। लखनऊ में डॉ. शकुंतला मिश्रा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विश्वविद्यालय और चित्रकूट में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने दिव्यांगजनों को सीएम युवा, पीएम स्वनिधि, ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा, पीएम मुद्रा और स्टैंडअप जैसी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। कॉक्लियर इंप्लांट पर छह लाख रुपये तक के खर्च के साथ स्पीच थेरेपी में भी सरकार सहयोग करती है।
*18 मंडलों में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक और बालिका इंटर कॉलेज, संकेत राजकीय मूकबधिर विद्यालय, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मनोविकास केंद्र और राजकीय कौशल विकास केंद्र का उल्लेख किया। नॉर्मल कैंपस में आश्रय एवं प्रशिक्षण केंद्र, छात्रावास और बचपन डे केयर सेंटर भी संचालित हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। गोरखपुर में सीतापुर आई हॉस्पिटल परिसर में यह केंद्र शुरू हो चुका है।
*ट्राईसाइकिल से स्मार्टफोन तक बांटे*
वितरित सहायक उपकरणों में 127 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, 25 ई-ट्राईसाइकिल, 70 ट्राईसाइकिल, स्मार्ट केन, ब्रेल किट, 90 हियरिंग एड और पांच स्मार्टफोन शामिल रहे। दिव्यांग विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें भी दी गईं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरभजन सिंह और दीपू मिश्रा को स्मार्टफोन, खुशी को ब्रेल लिपि में गीता और नीरज यादव को ब्रेल रामचरितमानस दी। अंजनी और रामणी को स्मार्ट केन तथा आदित्य गुप्ता और मायरा को सांकेतिक भाषा की शिक्षण सामग्री प्रदान की।
*सपा सरकार में 665 करोड़ था बजट: नरेंद्र कश्यप*
राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप ने कहा कि सपा सरकार में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग का बजट 665 करोड़ रुपये था, जो अब 2,200 करोड़ रुपये हो गया है। प्रदेश में 25 डे केयर सेंटर संचालित हैं और 28 नए केंद्र खोले जाएंगे।
*कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. महेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्र पाल सिंह, श्रीराम चौहान, प्रदीप शुक्ला, राजेश त्रिपाठी और विमलेश पासवान समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
बांसकार समाज के सामाजिक सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : केशव प्रसाद मौर्य
- उप मुख्यमंत्री बोले - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंचित और उपेक्षित वर्गों को सम्मान व अधिकार दिलाने का कार्य किया‌
                       
लखनऊ। लखनऊ स्थित विश्वेश्वरैया सभागार में बुधवार को आयोजित बांसकार समाज (धरकार, बांसफोड, बसोर) के महासम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बांसकार समाज सहित समाज के सभी वर्गों के सम्मान, स्वाभिमान और सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का मूल भाव सबका साथ, सबका विकास है और समाज के किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव किए बिना उसकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है।
उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आमंत्रित किए जाने पर आयोजकों और बांसकार समाज के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि समाज अपने अधिकारों, सम्मान और विकास के प्रति जागरूक है। उन्होंने महासम्मेलन की सफलता के लिए आयोजकों और उपस्थित जनसमुदाय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े आयोजन की सफलता में समाज की सहभागिता महत्वपूर्ण होती है और आज सभागार के अंदर तथा बाहर बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति आयोजकों का मनोबल बढ़ाने वाली है।
श्री मौर्य ने कहा कि वह ग्रामीण परिवेश से आते हैं और बचपन से ही समाज के सभी वर्गों के बीच रहने तथा उनकी समस्याओं को समझने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने हमेशा जाति और वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर सभी के बीच जाने, उनकी समस्याओं को समझने तथा उनका यथासंभव समयबद्ध समाधान कराने की भावना को देखा और अपनाया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ऐसी शासन व्यवस्था आगे बढ़ रही है, जिसमें समाज के उन वर्गों को भी सम्मान और अवसर मिल रहा है, जिन्हें लंबे समय तक अपेक्षित स्थान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं गरीब परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचे हैं और समाज के गरीब, वंचित एवं श्रमजीवी वर्गों की पीड़ा को समझते हैं।
उप मुख्यमंत्री ने प्रयागराज कुंभ-2019 का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री  मोदी ने कुंभ में सफाई कर्मचारियों के चरण पखारकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। भारत सरकार के आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार प्रधानमंत्री ने कुंभ में पांच सफाई कर्मचारियों के पैर धोकर उनका सम्मान किया था। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्तिगत सम्मान का अवसर नहीं था, बल्कि समाज को यह संदेश देने वाला प्रसंग था कि कोई भी व्यक्ति अछूत नहीं है और हर श्रम तथा हर कार्य का अपना सम्मान है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया गया। स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री द्वारा स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश देने से देशभर में जनभागीदारी की भावना मजबूत हुई है। श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में सेवा और स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं अभाव और संघर्ष का जीवन देखा है। कच्चे घर में रहना, छप्पर और पन्नी के सहारे जीवन बिताना तथा बरसात के दिनों में टपकती छत के नीचे परिवार के संघर्ष को उन्होंने करीब से महसूस किया है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार से आने वाला व्यक्ति ही उन कठिनाइयों को गहराई से समझ सकता है और यही अनुभव गरीब, वंचित तथा जरूरतमंद लोगों के जीवन में बदलाव लाने के संकल्प को और मजबूत करता है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार का प्रयास है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिले। बांस शिल्प से जुड़े परिवारों की पारंपरिक कला और हुनर को नई तकनीक, बाजार और रोजगार के अवसरों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
श्री मौर्य ने बांसकार समाज से अपनी पारंपरिक कला और हुनर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा आधुनिक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के सामूहिक प्रयासों से परंपरागत कौशल को आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम बनाया जा सकता है।
उप मुख्यमंत्री ने महासम्मेलन में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की एकजुटता और सकारात्मक सहभागिता ही विकास की गति को और तेज करती है। उन्होंने बांसकार समाज के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर मा. उप मुख्यमंत्री ब्रजेश  पाठक , विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल , राज्य सफाई कर्मचारी आयोग, असम के अध्यक्ष बैजनाथ बांसफोड़ , पूर्व विधायक व बांस शिल्प कला बोर्ड, मध्य प्रदेश के अध्यक्ष घनश्याम पिरोनिया  एवं अन्य प्रतिष्ठितजन की गरिमामयी उपस्थिति रही।
महंत अवेद्यनाथ ने सामाजिक समता से हिंदू समाज को एकजुट किया : मुख्यमंत्री योगी

श्री गोरखनाथ मंदिर में सप्त दिवसीय पुण्यतिथि समारोह के अंतर्गत महंत अवेद्यनाथ की पावन पुण्यतिथि पर हुआ व्याख्यान

सीएम बोले- हिंदू समाज में विसंगतियों और विकृतियों के परिमार्जन की सामर्थ्य, यही उसकी जीवंतता और ताकत

हिंदू समाज की एकता के लिए प्रचंड हिंदुत्व के वेग को आगे बढ़ाने के पक्षधर थे महंत दिग्विजयनाथ: योगी आदित्यनाथ

महंत दिग्विजयनाथ के नेतृत्व में हुआ रामलला का प्रकटीकरण, महंत अवेद्यनाथ ने राम जन्मभूमि मुक्ति के लिए समर्पित किया जीवन

महंत बालकनाथ बोले- आने वाले समय में फिर योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाएंगे उत्तर प्रदेश के लोग

रामकमलाचार्य ने जताई उम्मीद- तीसरी बार मुख्यमंत्री बनकर देश की बागडोर संभालेंगे योगी आदित्यनाथ

गोरखपुर। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि हिंदू समाज की ताकत उसकी जीवंतता में है। उसमें अपनी विसंगतियों और विकृतियों के परिमार्जन की सामर्थ्य है। महंत दिग्विजयनाथ हिंदू समाज की एकता के लिए प्रचंड हिंदुत्व के वेग को आगे बढ़ाने के पक्षधर थे तो महंत अवेद्यनाथ ने बिखरी हिंदू ताकत को सामाजिक समता के आधार पर एकजुट करने के लिए जीवनभर प्रयास किया। सहभोज इसी अभियान का हिस्सा था।

मुख्यमंत्री योगी युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्री गोरखनाथ मंदिर में आयोजित ‘सप्त दिवसीय पुण्यतिथि समारोह’ के अंतर्गत ‘राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पावन पुण्यतिथि’ विषयक व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी ने दोनों ब्रह्मलीन संतों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

राम जन्मभूमि आंदोलन में समर्पित किया जीवन

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में रामलला का प्रकटीकरण हुआ। बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सानिध्य में विश्व हिंदू परिषद ने राष्ट्रीय राम जन्मभूमि मुक्ति समिति बनाई तो महंत अवेद्यनाथ ने उसका नेतृत्व संभाला। संतों को साथ लेकर उन्होंने राम जन्मभूमि मुक्ति के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने इसे गुरु परंपरा का विस्तार बताते हुए कहा कि समय, समाज और राष्ट्र की आवश्यकता के अनुरूप विचारों को आगे बढ़ाकर लोकोपयोगी बनाना महापुरुषों का गुण है। गोरक्षपीठ इसी चिंतन को आगे बढ़ाती रहेगी।

शिक्षा को स्वावलंबन से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारतीयता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संस्थाएं महंत दिग्विजयनाथ की सोच थी। महंत अवेद्यनाथ ने शिक्षा के विस्तार के साथ उसे स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर जोर दिया। बालिकाओं को पढ़ाई के साथ सिलाई-कढ़ाई जैसे कौशल सिखाने की भी उनकी चिंता थी।

खेल प्रतिभाओं के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों की सुविधा के लिए 1977 में प्रताप आश्रम और बाद में अन्य छात्रावास बने।

सात दिन कथा के साथ वैचारिक मंथन

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 23 से 29 सितंबर तक श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान-यज्ञ चला। इसके साथ देश, काल और समाज को प्रभावित करने वाले समसामयिक विषयों पर वैचारिक संगोष्ठियां हुईं। देश के अलग-अलग हिस्सों से संत और वि मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारतीयता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संस्थाएं महंत दिग्विजयनाथ की सोच थी। महंत अवेद्यनाथ ने शिक्षा के विस्तार के साथ उसे स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर जोर दिया। बालिकाओं को पढ़ाई के साथ सिलाई-कढ़ाई जैसे कौशल सिखाने की भी उनकी चिंता थी। द्वान इसमें शामिल हुए।

उन्होंने स्थिरता को जीवन में सिद्धि का सबसे बड़ा मंत्र बताया। कहा कि जिन महापुरुषों की पूजा और गुणगान करते हैं, उनके गुणों को जीवन में उतारने का भी प्रयास होना चाहिए।

फिर योगी को मुख्यमंत्री बनाएंगे यूपी के लोग: बालकनाथ

राजस्थान के विधायक महंत बालकनाथ ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ ने नाथ संप्रदाय और गोरक्षपीठ की पहचान देशभर में स्थापित की। मुख्यमंत्री योगी इस परंपरा को प्रखरता से आगे बढ़ा रहे हैं। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के लोग उन्हें फिर मुख्यमंत्री बनाएंगे।

योगी के नेतृत्व में काशी-मथुरा का सपना साकार होने की आकांक्षा: रामकमलाचार्य

जगद्गुरु रामानंदाचार्य डॉ. रामकमलाचार्य ने कहा कि महंत अवेद्यनाथ के प्रयासों का परिणाम है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में मथुरा और काशी को लेकर हिंदू समाज का सपना साकार होने की आकांक्षा जताई। साथ ही योगी आदित्यनाथ के तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने और आगे देश की बागडोर संभालने की उम्मीद जताई।

- गोरक्षपीठ ने सनातन विचार को किया मजबूत: विजय दुबे

कुशीनगर सांसद विजय दुबे ने कहा कि जब-जब सनातन समाज को बांटकर सत्ता प्राप्त करने का जगद्गुरु रामानंदाचार्य डॉ. रामकमलाचार्य ने कहा कि महंत अवेद्यनाथ के प्रयासों का परिणाम है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में मथुरा और काशी को लेकर हिंदू समाज का सपना साकार होने की आकांक्षा जताई। साथ ही योगी आदित्यनाथ के तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने और आगे देश की बागडोर संभालने की उम्मीद जताई। प्रयास हुआ, तब-तब गोरक्षपीठ ने सनातन विचारधारा को मजबूत किया। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को पांच सौ वर्षों की प्रतीक्षा के फलीभूत होने से जोड़ा।

शिक्षा और सामाजिक एकता की जगाई अलख

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कृष्णपाल सिंह ने कहा कि दोनों ब्रह्मलीन संतों ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के माध्यम से पूर्वांचल में शिक्षा की अलख जगाई और सामाजिक एकता का संदेश दिया। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने कहा कि संत का प्रभाव आध्यात्मिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। दोनों संतों ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन और कर्तव्यबोध का आधार बनाया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गोरक्ष प्रांत के प्रांत संघचालक महेंद्र अग्रवाल ने दोनों संतों का जीवन लोककल्याण को समर्पित बताते हुए कहा कि गोरक्षपीठ और संघ के विचारों में हमेशा सामंजस्य रहा। महापौर मंगलेश श्रीवास्तव ने शिक्षा के क्षेत्र में दोनों संतों के योगदान को अनुकरणीय बताया।

‘जटायु’ का हुआ विमोचन

कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं की सरस्वती वंदना से हुई। डॉ. रंगनाथ त्रिपाठी ने वैदिक मंगलाचरण, मृत्युंजय उपाध्याय व गौरव तिवारी ने गोरक्ष अष्टक और डॉ. प्रांगेश कुमार मिश्र ने महंत अवेद्यनाथ स्तोत्र प्रस्तुत किया। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित बाबू रामजन्म सिंह की पुस्तक ‘जटायु’ का विमोचन भी हुआ।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

जगद्गुरु रामानंदाचार्य डॉ. रामकमल देवाचार्य, संतोषाचार्य सतुआ बाबा, महंत बालकनाथ, महंत चेताईनाथ, महंत बलबीर गिरि, स्वामी विद्याचैतन्य, महंत राजूदास, महंत योगी लालनाथ, महंत पीर शेरनाथ, महंत धर्मदास, महंत रामबालक दास, महंत रामलखन दास, महंत बलराम दास, महंत रवींद्र दास, महंत मिथिलेशनाथ, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व मंत्री एवं एमएलसी डॉ. महेंद्र सिंह, सांसद विजय दुबे समेत जनप्रतिनिधि, संत, शिक्षाविद और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

हर व्यक्ति की समस्या का समाधान सुनिश्चित करेगी सरकार : सीएम योगी

- लगातार दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन, मुख्यमंत्री योगी ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं

- अधिकारियों को तत्परता और संवेदनशीलता के साथ शिकायतों के निस्तारण के निर्देश

गोरखपुर, 30 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन किया। मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न जिलों से आए करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर व्यक्ति की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का निस्तारण पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए, ताकि बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति को न्याय मिल सके।

गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने लोगों से एक-एक कर उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने सभी के प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए त्वरित एवं संतुष्टिपरक निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से राजस्व और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले। साथ ही जरूरतमंद लोगों के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले भू-माफिया और दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के भी निर्देश दिए।

- गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए तत्काल मदद के निर्देश

जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर भी पहुंचे। उनकी समस्याएं सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरतमंद मरीजों के उच्चस्तरीय इलाज के लिए अस्पताल से उपचार का इस्टीमेट शीघ्र तैयार कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस्टीमेट उपलब्ध होते ही सरकार विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराएगी।

- महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर विशेष पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपने पूज्य गुरुदेव एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि पर गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। आश्विन कृष्ण चतुर्थी के अवसर पर उन्होंने गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन करने के बाद महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनका स्मरण किया।

- गोशाला में गोसेवा, गायों को खिलाया गुड़

मंदिर की पारंपरिक दिनचर्या के तहत मुख्यमंत्री गोशाला भी पहुंचे। यहां उन्होंने गायों और गोवंश को स्नेहपूर्वक गुड़ खिलाया। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से आए संतजन भी गोशाला में मौजूद रहे।

नमो घाट पर एयर शो को लेकर प्रशासन अलर्ट, 22-25 अक्टूबर के बीच बदलेगा ट्रैफिक प्लान
वाराणसी/चंदौली। नमो घाट पर प्रस्तावित एयर शो को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया।

एयर शो 22, 23 और 25 अक्टूबर को संभावित है। इसे देखते हुए प्रशासन का सबसे ज्यादा जोर दर्शकों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने पर है। अधिकारियों ने कार्यक्रम के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था, आने-जाने वाले मार्गों और कार्यक्रम स्थल के आसपास अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।

प्रशासन की ओर से एयर शो के दिनों में रूट डायवर्जन लागू करने की तैयारी की जा रही है, ताकि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले दर्शकों के कारण यातायात प्रभावित न हो। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक रतन वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक, उप जिलाधिकारी पीडीडीयू नगर, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

प्रशासन का फोकस एयर शो को सुरक्षित, व्यवस्थित और बिना यातायात अव्यवस्था के संपन्न कराने पर है।
निर्माण कार्य में तेजी लाकर तय समयसीमा में पूरा करें भवन: योगेन्द्र उपाध्याय
 
- *उच्च शिक्षा परिषद व निदेशालय के निर्माणाधीन भवन का मंत्री ने किया स्थलीय निरीक्षण*
 

 
लखनऊ, 29 सितंबर। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सोमवार को आशियाना, लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा परिषद एवं उच्च शिक्षा निदेशालय शिविर कार्यालय के निर्माणाधीन भवन का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों से निर्माण की स्थिति, मानव संसाधन, निर्माण सामग्री तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि जो कार्य समानांतर रूप से किए जा सकते हैं, उन्हें एक साथ आगे बढ़ाया जाए, ताकि परियोजना में अनावश्यक विलंब न हो। प्रत्येक निर्माण गतिविधि के लिए स्पष्ट कार्ययोजना और समयबद्ध कार्यक्रम सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
  - *जलभराव की समस्या पर विशेष ध्यान देने के निर्देश*
 
योगेन्द्र उपाध्याय ने निर्माणाधीन भवन में जल निकासी और जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवन के लेवल और आसपास की सड़क के स्तर को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे बारिश का पानी भवन परिसर में प्रवेश न कर सके। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण सामग्री का प्रयोग सुनिश्चित किया जाए और कार्यों की नियमित निगरानी की जाए।
  - *युवाओं को प्रदेश में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अवसर देने पर जोर*
 
निरीक्षण के बाद मंत्री ने उच्च शिक्षा निदेशालय शिविर कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को सहज और सुलभ उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रदेश में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए अन्य प्रदेशों अथवा दूरस्थ स्थानों पर जाने की आवश्यकता न पड़े। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने के साथ विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण और मजबूत किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को युवाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
सनातन की एकता में ही हमारी सुरक्षा और मजबूती: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- *गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं व महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर सीएम योगी ने अर्पित की श्रद्धांजलि*
- *मुख्यमंत्री योगी ने कहा- 140 करोड़ लोग एक स्वर में हुंकार भरेंगे तो दुनिया की कोई ताकत सामने नहीं ठहर सकती*
- *बोले मुख्यमंत्री- अलग-अलग स्वर ताकत नहीं, पराजय का कारण बनेंगे, सनातन गौरव के मार्ग में भ्रम की जगह नहीं*
- *मुख्यमंत्री योगी ने कहा- राम के वैभव को बर्दाश्त नहीं करने वाले फैलाएंगे भ्रम, रामभक्तों को पहचानना होगा कालनेमि*
- *बोले मुख्यमंत्री- राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ सांस्कृतिक स्वतंत्रता भी जरूरी, रामलला के प्रकटीकरण में रही महंत दिग्विजयनाथ की भूमिका*
- *मुख्यमंत्री योगी ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी, अयोध्या और विंध्यवासिनी धाम का दिख रहा भव्य स्वरूप*

गोरखपुर। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि सनातन धर्म की एकता में ही हमारी सुरक्षा और मजबूती है। पंथ और संप्रदाय की उपासना पद्धति अलग हो सकती है, लेकिन सभी का कल्याण वृहद सनातन धर्म की मजबूती में है। 140 करोड़ लोग एक स्वर में हुंकार भरेंगे तो दुनिया की कोई ताकत सामने नहीं ठहर सकती। अलग-अलग गति प्रगति नहीं, दुर्गति और अलग-अलग स्वर ताकत नहीं, पराजय का कारण बनेंगे।
मुख्यमंत्री योगी गोरखनाथ मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर आयोजित सप्त दिवसीय समारोह के तहत व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दोनों आचार्यों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया।
- *रामभक्तों को पहचानना होगा कालनेमि*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम और सनातन का वैभव जिन्हें बर्दाश्त नहीं है, वे दुष्प्रचार और भ्रम पैदा करेंगे। जिस तरह संजीवनी बूटी लेने जाते समय हनुमान जी ने कालनेमि को पहचान लिया था, उसी तरह रामभक्तों को भी भ्रम फैलाने वालों को पहचानना होगा।
उन्होंने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ भारत की आजादी को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं मानते थे। संपूर्ण स्वाधीनता के लिए सांस्कृतिक स्वतंत्रता भी जरूरी थी। उनका मानना था कि सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्राण प्रतिष्ठा हो सकती है तो अयोध्या में भी यह कार्य होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1949 में रामलला के प्रकटीकरण के समय महंत दिग्विजयनाथ, बाबा अभिराम दास और महंत रामचंद्र दास परमहंस सक्रिय थे। इसकी रणनीति देवीपाटन में महंत दिग्विजयनाथ, महाराजा बलरामपुर और तत्कालीन गोंडा जिलाधिकारी केके नायर के बीच बनी थी। आज 500 वर्षों बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर सनातन धर्मावलंबियों को गौरव की अनुभूति करा रहा है।
- *मोदी के नेतृत्व में दिख रहा सनातन का वैभव*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि और विंध्यवासिनी धाम का भव्य स्वरूप सामने है। प्रयागराज महाकुंभ ने दुनिया के सामने सनातन परंपरा का सामर्थ्य रखा है। उन्होंने वृंदावन के वैष्णव कुंभ का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ ने बिखरे नाथ संप्रदाय को अखिल भारतीय भेष बारह पंथ योगी महासभा के रूप में एकजुट किया। अपनी परंपरा का पालन करते हुए वृहद सनातन धर्म की एकता को मजबूत करना होगा।
- *दोनों आचार्यों ने रखी भविष्य की मजबूत नींव*
मुख्यमंत्री योगी ने युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और अपने पूज्य गुरुदेव राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को नमन करते हुए कहा कि दोनों आचार्यों ने जिन विषयों के लिए जीवन समर्पित किया, उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। महापुरुषों के दूरदर्शी कार्य भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं। गोरक्षपीठ और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद दोनों आचार्यों के आदर्शों को आगे बढ़ा रहे हैं।
- *गुलामी के दौर में रखी शिक्षा की नींव*
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश गुलाम था और संसाधनों का अभाव था, तब महंत दिग्विजयनाथ ने 1932 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। महाराणा प्रताप को आदर्श बनाने के पीछे स्वदेश, स्वाभिमान और स्वधर्म का भाव था।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना में भी महंत दिग्विजयनाथ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विश्वविद्यालय के लिए मठ की संपत्ति और दो संस्थाएं सरकार को देने में उन्होंने श्रेय की चिंता नहीं की। आज महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अंतर्गत 50 से 55 संस्थाएं संचालित हैं। इनमें विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, आयुर्वेद कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, विद्यालय, अस्पताल और कृषि विज्ञान केंद्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ ने उस दौर में बालिका शिक्षा के लिए विद्यालय और महाविद्यालय स्थापित किए। गोरखपुर में फर्टिलाइजर कारखाने और बीआरडी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के प्रयासों को आगे बढ़ाने में भी उनकी भूमिका रही।
- *गोरक्षपीठ में जाति-पंथ का भेदभाव नहीं*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गोरक्षपीठ नाथ परंपरा की पीठ होते हुए भी पूरे सनातन धर्म के लिए समर्पित है। यहां जाति, पंथ या संप्रदाय के आधार पर भेदभाव नहीं होता। सभी जातियों के लोग एक पंक्ति में अन्न ग्रहण करते हैं और सभी आचार्यों व संतों को समान सम्मान मिलता है।
- *वक्ताओं ने भी याद किया योगदान*
अयोध्या से आए जगद्गुरु स्वामी रामदिनेशाचार्य ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ ने शिक्षा, स्वास्थ्य और भारतीय परंपरा को आगे बढ़ाया। गोरखनाथ मंदिर आज सामाजिक समरसता का भी केंद्र है। काशी से आए जगद्गुरु रामानंदाचार्य डॉ. रामकमल दास वेदांती ने कहा कि संत की साधना तभी सार्थक है, जब उससे लोककल्याण का मार्ग खुले। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. भूपेश कुमार गोयल ने कहा कि 1932 में बोया गया शिक्षा का बीज आज विशाल स्वरूप ले चुका है। कार्यक्रम में डॉ. रामनरेश पांडे की पुस्तक श्री हनुमत् कथा पूजनम् का मुख्यमंत्री योगी और संतों ने विमोचन किया।
- *कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
कार्यक्रम में जगद्गुरु द्वाराचार्य स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य, महंत बालकनाथ योगी, महंत योगी चेताईनाथ, जगद्गुरु संतोषाचार्य सतुआ बाबा और महंत मिथिलेशनाथ उपस्थित रहे।
समस्या निस्तारण में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई: सीएम योगी
*जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं*
*अधिकारियों को दिए निर्देश, तत्परता और संवेदनशीलता से हो जनता की समस्याओं का समाधान*

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनसेवा के नियमित प्रकल्प 'जनता दर्शन' में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात की। गंभीरता से उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का समाधान तत्परता और संवेदनशील तरीके से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय करते हुए संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए।
गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 150 लोगों से मुलाकात की। सबको आश्वस्त किया, घबराइए मत, समस्या का समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा।  सबके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सरकार भरपूर मदद उपलब्ध कराएगी।
- *मुख्यमंत्री ने गोशाला में की गोसेवा*
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा भी की। उन्होंने गायों, गोवंश व नंदी को खूब दुलारा, गुड़ खिलाया और गोशाला के कार्यकर्ताओं को गोवंश की समुचित देखभाल के निर्देश दिए।
आपदा की घड़ी में हर पीड़ित के साथ भाजपा सरकार: मुख्यमंत्री योगी
- *तमकुहीराज में बाढ़ की स्थिति का मुख्यमंत्री योगी ने लिया जायजा, बेदूपार इंटर कॉलेज में अपने हाथों से परिवारों को बांटी राहत सामग्री*
- *जनहानि पर चार लाख की सहायता, क्षतिग्रस्त मकान पर पीएम या सीएम आवास योजना से मिलेगा आवास*
- *फसल नुकसान का होगा सर्वे, पीड़ित किसानों को 10 दिन के भीतर मुआवजा देने के निर्देश*
- *नारायणी में अचानक साढ़े पांच लाख क्यूसेक पहुंचा पानी, तटबंध टूटा और कई घरों में आया पानी*
- *एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की दो-दो टीमें और पीएसी की चार यूनिट राहत-बचाव में तैनात*

कुशीनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में भाजपा सरकार उनके साथ खड़ी है। जनहानि पर परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। क्षतिग्रस्त मकान पर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिलेगा, जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए धनराशि दी जाएगी। फसल नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को 10 दिन के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने विधानसभा क्षेत्र तमकुहीराज में नारायणी नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद बेदूपार इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट की और अपने हाथों से कुछ परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की जानकारी लेने के साथ जनप्रतिनिधियों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। - *साढ़े पांच लाख क्यूसेक पहुंचा पानी*
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार दिनों तक लगातार भारी बारिश के बाद प्रदेश के साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों में अतिवृष्टि से लोगों को त्रासदी का सामना करना पड़ा। नेपाल में भी अतिवृष्टि से बड़े पैमाने पर जलजमाव हुआ और वहां का पानी नीचे आ रहा है। सामान्य दिनों में नारायणी नदी से तीन से चार लाख क्यूसेक पानी प्रवाहित होता था, जो पिछले दिनों अचानक साढ़े पांच लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इससे तटबंध टूटा और कई घरों में पानी आया। सरकार सोमवार से स्थिति पर नजर रखे हुए थी। अब मौसम साफ है।
राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो-दो टीमें तथा पीएसी की चार यूनिट तैनात की गई हैं। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें भी सोमवार से काम में जुटी हैं। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह सोमवार रात ही प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गए थे। क्षेत्र के सांसद और विधायक भी लगातार सहयोग कर रहे हैं।
- *पांच हजार पैकेट में खाद्य सामग्री*
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए पांच हजार पैकेट में खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई है। इनमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो दाल के साथ चना, तेल, मसाले, नमक और अन्य सामग्री शामिल है। मुख्यमंत्री ने राहत कार्य में लगी टीमों को प्रभावित लोगों को तत्काल राहत शिविरों में पहुंचाने और वहां रोशनी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। - *सड़क और तटबंध की होगी मरम्मत*
मुख्यमंत्री ने फसलों के नुकसान का सर्वे कर पीड़ित किसानों को 10 दिनों के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बाढ़ से प्रभावित सड़कों और तटबंध की मरम्मत कराने को कहा। सिंचाई विभाग को ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे किसानों के खेतों को नुकसान न हो।
- *प्रभावित क्षेत्रों में लगेंगे स्वास्थ्य शिविर*
मुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। अस्पतालों में सांप या जंगली जानवर के काटने पर तत्काल वैक्सीन उपलब्ध कराने को कहा, ताकि उपचार में देरी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में पूरी टीम प्रभावित लोगों के सहयोग के लिए खड़ी है। जनप्रतिनिधि भी राहत और बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग करें। - *ये रहे मौजूद*
इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत क्षेत्र के सांसद, विधायक, जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट ने थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला को किया सम्मानित
वाराणसी। जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट की ओर से चौक थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला जी को उनके सराहनीय कार्य एवं जनसेवा के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में ट्रस्ट के संस्थापक, रघुवंश उपाध्याय, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ज्योतिका उपाध्याय, कार्यकारिणी सदस्य, रेखा यादव, सीमा यादव सहित ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सम्मान समारोह के दौरान ट्रस्ट की ओर से विजय कुमार शुक्ला जी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा गया कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने तथा अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने में पुलिस प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। ट्रस्ट ने उनके कर्तव्यनिष्ठ एवं जनहित से जुड़े कार्यों की प्रशंसा की और समाज में शांति एवं सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थापक, रघुवंश उपाध्याय ने विजय कुमार शुक्ला जी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट समाज सेवा, राष्ट्र सेवा और जनहित के कार्यों के लिए सदैव प्रशासन एवं समाज के सकारात्मक प्रयासों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि समाज में अपराध और असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध जागरूकता एवं सहयोग की भावना को मजबूत करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने विजय कुमार शुक्ला जी का सम्मान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर जनसेवा की शुभकामनाएं दीं।