महंत अवेद्यनाथ ने सामाजिक समता से हिंदू समाज को एकजुट किया : मुख्यमंत्री योगी
श्री गोरखनाथ मंदिर में सप्त दिवसीय पुण्यतिथि समारोह के अंतर्गत महंत अवेद्यनाथ की पावन पुण्यतिथि पर हुआ व्याख्यान
सीएम बोले- हिंदू समाज में विसंगतियों और विकृतियों के परिमार्जन की सामर्थ्य, यही उसकी जीवंतता और ताकत
हिंदू समाज की एकता के लिए प्रचंड हिंदुत्व के वेग को आगे बढ़ाने के पक्षधर थे महंत दिग्विजयनाथ: योगी आदित्यनाथ
महंत दिग्विजयनाथ के नेतृत्व में हुआ रामलला का प्रकटीकरण, महंत अवेद्यनाथ ने राम जन्मभूमि मुक्ति के लिए समर्पित किया जीवन
महंत बालकनाथ बोले- आने वाले समय में फिर योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाएंगे उत्तर प्रदेश के लोग
रामकमलाचार्य ने जताई उम्मीद- तीसरी बार मुख्यमंत्री बनकर देश की बागडोर संभालेंगे योगी आदित्यनाथ
गोरखपुर। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि हिंदू समाज की ताकत उसकी जीवंतता में है। उसमें अपनी विसंगतियों और विकृतियों के परिमार्जन की सामर्थ्य है। महंत दिग्विजयनाथ हिंदू समाज की एकता के लिए प्रचंड हिंदुत्व के वेग को आगे बढ़ाने के पक्षधर थे तो महंत अवेद्यनाथ ने बिखरी हिंदू ताकत को सामाजिक समता के आधार पर एकजुट करने के लिए जीवनभर प्रयास किया। सहभोज इसी अभियान का हिस्सा था।
मुख्यमंत्री योगी युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्री गोरखनाथ मंदिर में आयोजित ‘सप्त दिवसीय पुण्यतिथि समारोह’ के अंतर्गत ‘राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पावन पुण्यतिथि’ विषयक व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी ने दोनों ब्रह्मलीन संतों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राम जन्मभूमि आंदोलन में समर्पित किया जीवन
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में रामलला का प्रकटीकरण हुआ। बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सानिध्य में विश्व हिंदू परिषद ने राष्ट्रीय राम जन्मभूमि मुक्ति समिति बनाई तो महंत अवेद्यनाथ ने उसका नेतृत्व संभाला। संतों को साथ लेकर उन्होंने राम जन्मभूमि मुक्ति के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने इसे गुरु परंपरा का विस्तार बताते हुए कहा कि समय, समाज और राष्ट्र की आवश्यकता के अनुरूप विचारों को आगे बढ़ाकर लोकोपयोगी बनाना महापुरुषों का गुण है। गोरक्षपीठ इसी चिंतन को आगे बढ़ाती रहेगी।
शिक्षा को स्वावलंबन से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारतीयता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संस्थाएं महंत दिग्विजयनाथ की सोच थी। महंत अवेद्यनाथ ने शिक्षा के विस्तार के साथ उसे स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर जोर दिया। बालिकाओं को पढ़ाई के साथ सिलाई-कढ़ाई जैसे कौशल सिखाने की भी उनकी चिंता थी।
खेल प्रतिभाओं के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों की सुविधा के लिए 1977 में प्रताप आश्रम और बाद में अन्य छात्रावास बने।
सात दिन कथा के साथ वैचारिक मंथन
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 23 से 29 सितंबर तक श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान-यज्ञ चला। इसके साथ देश, काल और समाज को प्रभावित करने वाले समसामयिक विषयों पर वैचारिक संगोष्ठियां हुईं। देश के अलग-अलग हिस्सों से संत और वि मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारतीयता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संस्थाएं महंत दिग्विजयनाथ की सोच थी। महंत अवेद्यनाथ ने शिक्षा के विस्तार के साथ उसे स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर जोर दिया। बालिकाओं को पढ़ाई के साथ सिलाई-कढ़ाई जैसे कौशल सिखाने की भी उनकी चिंता थी। द्वान इसमें शामिल हुए।
उन्होंने स्थिरता को जीवन में सिद्धि का सबसे बड़ा मंत्र बताया। कहा कि जिन महापुरुषों की पूजा और गुणगान करते हैं, उनके गुणों को जीवन में उतारने का भी प्रयास होना चाहिए।
फिर योगी को मुख्यमंत्री बनाएंगे यूपी के लोग: बालकनाथ
राजस्थान के विधायक महंत बालकनाथ ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ ने नाथ संप्रदाय और गोरक्षपीठ की पहचान देशभर में स्थापित की। मुख्यमंत्री योगी इस परंपरा को प्रखरता से आगे बढ़ा रहे हैं। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के लोग उन्हें फिर मुख्यमंत्री बनाएंगे।
योगी के नेतृत्व में काशी-मथुरा का सपना साकार होने की आकांक्षा: रामकमलाचार्य
जगद्गुरु रामानंदाचार्य डॉ. रामकमलाचार्य ने कहा कि महंत अवेद्यनाथ के प्रयासों का परिणाम है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में मथुरा और काशी को लेकर हिंदू समाज का सपना साकार होने की आकांक्षा जताई। साथ ही योगी आदित्यनाथ के तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने और आगे देश की बागडोर संभालने की उम्मीद जताई।
- गोरक्षपीठ ने सनातन विचार को किया मजबूत: विजय दुबे
कुशीनगर सांसद विजय दुबे ने कहा कि जब-जब सनातन समाज को बांटकर सत्ता प्राप्त करने का जगद्गुरु रामानंदाचार्य डॉ. रामकमलाचार्य ने कहा कि महंत अवेद्यनाथ के प्रयासों का परिणाम है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में मथुरा और काशी को लेकर हिंदू समाज का सपना साकार होने की आकांक्षा जताई। साथ ही योगी आदित्यनाथ के तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने और आगे देश की बागडोर संभालने की उम्मीद जताई। प्रयास हुआ, तब-तब गोरक्षपीठ ने सनातन विचारधारा को मजबूत किया। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को पांच सौ वर्षों की प्रतीक्षा के फलीभूत होने से जोड़ा।
शिक्षा और सामाजिक एकता की जगाई अलख
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कृष्णपाल सिंह ने कहा कि दोनों ब्रह्मलीन संतों ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के माध्यम से पूर्वांचल में शिक्षा की अलख जगाई और सामाजिक एकता का संदेश दिया। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने कहा कि संत का प्रभाव आध्यात्मिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। दोनों संतों ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन और कर्तव्यबोध का आधार बनाया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गोरक्ष प्रांत के प्रांत संघचालक महेंद्र अग्रवाल ने दोनों संतों का जीवन लोककल्याण को समर्पित बताते हुए कहा कि गोरक्षपीठ और संघ के विचारों में हमेशा सामंजस्य रहा। महापौर मंगलेश श्रीवास्तव ने शिक्षा के क्षेत्र में दोनों संतों के योगदान को अनुकरणीय बताया।
‘जटायु’ का हुआ विमोचन
कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं की सरस्वती वंदना से हुई। डॉ. रंगनाथ त्रिपाठी ने वैदिक मंगलाचरण, मृत्युंजय उपाध्याय व गौरव तिवारी ने गोरक्ष अष्टक और डॉ. प्रांगेश कुमार मिश्र ने महंत अवेद्यनाथ स्तोत्र प्रस्तुत किया। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित बाबू रामजन्म सिंह की पुस्तक ‘जटायु’ का विमोचन भी हुआ।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
जगद्गुरु रामानंदाचार्य डॉ. रामकमल देवाचार्य, संतोषाचार्य सतुआ बाबा, महंत बालकनाथ, महंत चेताईनाथ, महंत बलबीर गिरि, स्वामी विद्याचैतन्य, महंत राजूदास, महंत योगी लालनाथ, महंत पीर शेरनाथ, महंत धर्मदास, महंत रामबालक दास, महंत रामलखन दास, महंत बलराम दास, महंत रवींद्र दास, महंत मिथिलेशनाथ, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पूर्व मंत्री एवं एमएलसी डॉ. महेंद्र सिंह, सांसद विजय दुबे समेत जनप्रतिनिधि, संत, शिक्षाविद और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।






वाराणसी/चंदौली। नमो घाट पर प्रस्तावित एयर शो को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया।
- *युवाओं को प्रदेश में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अवसर देने पर जोर*
- *गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं व महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर सीएम योगी ने अर्पित की श्रद्धांजलि*
*जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं*
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सरकार भरपूर मदद उपलब्ध कराएगी।
- *तमकुहीराज में बाढ़ की स्थिति का मुख्यमंत्री योगी ने लिया जायजा, बेदूपार इंटर कॉलेज में अपने हाथों से परिवारों को बांटी राहत सामग्री*
- *साढ़े पांच लाख क्यूसेक पहुंचा पानी*
- *सड़क और तटबंध की होगी मरम्मत*
- *ये रहे मौजूद*
वाराणसी। जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट की ओर से चौक थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला जी को उनके सराहनीय कार्य एवं जनसेवा के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में ट्रस्ट के संस्थापक, रघुवंश उपाध्याय, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ज्योतिका उपाध्याय, कार्यकारिणी सदस्य, रेखा यादव, सीमा यादव सहित ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सम्मान समारोह के दौरान ट्रस्ट की ओर से विजय कुमार शुक्ला जी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा गया कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने तथा अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने में पुलिस प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। ट्रस्ट ने उनके कर्तव्यनिष्ठ एवं जनहित से जुड़े कार्यों की प्रशंसा की और समाज में शांति एवं सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थापक, रघुवंश उपाध्याय ने विजय कुमार शुक्ला जी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट समाज सेवा, राष्ट्र सेवा और जनहित के कार्यों के लिए सदैव प्रशासन एवं समाज के सकारात्मक प्रयासों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि समाज में अपराध और असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध जागरूकता एवं सहयोग की भावना को मजबूत करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
Sep 30 2026, 18:38
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