मऊ में ज्ञानेश कुमार के पुतले को लेकर पुलिस-कांग्रेसियों में खींचतान, मौके पर हंगामा
मऊ में प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार के पुतले को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर खींचतान हुई। पुतला लेने को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने नजर आए।
शाहिद अली कुरैशी के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने सौंपा ज्ञापन
आज शहर कांग्रेस कमेटी गोंडा के अध्यक्ष शाहिद अली कुरैशी के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने  राष्ट्रपति महोदय को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट  पंकज वर्मा जी को सौंपा गया।

ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लिए गए निर्णयों एवं 'वोट चोरी' से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच, उनके कार्यकाल के महत्वपूर्ण निर्णयों व मतदाता सूची में हुए बदलावों की व्यापक समीक्षा, निर्वाचन आयुक्तों द्वारा दर्ज आपत्तियों को सार्वजनिक करने तथा जांच में अनियमितता पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की गई।

ज्ञापन सौंपने के उपरांत कांग्रेस भवन, मोहल्ला राजा, गोंडा में शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह जी की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर श्री शाहिद अली कुरैशी के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने शहीद भगत सिंह जी के चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके त्याग व बलिदान को याद किया।

इस मौके पर जिला मीडिया प्रभारी शिवकुमार दुबे, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा, पीसीसी सदस्य जलील खान, प्रदेश संगठन मंत्री सेवादल अनीश नाना, शहर संगठन प्रभारी सुकई भारती, पूर्व प्रत्याशी त्रिलोकी नाथ तिवारी, जान सवियों वैली, विनय प्रकाश त्रिपाठी, मोहम्मद रिजवान पिछड़ा वर्ग शहर अध्यक्ष, माइकल स्टीफन डायस, चांद खान, शौकत अली उर्फ माली बाबा, हरि श्याम सोनी, प्रदुमन शुक्ला जिला अध्यक्ष सेवादल, शुक्ला प्रसाद शुक्ला, रामराज सिंह, भगवती प्रसाद सोनी, राम बुझारत वर्मा, राजकुमार शुक्ला, रमा कश्यप, अब्दुल रहमान, स्टीवेन एवर्ड, टी दत्ता, ओबैदुर रहमान, अनिल कनौजिया एडवोकेट, जितेश शर्मा अरविंद शुक्ला, हरिराम वर्मा, छोटेलाल, राम बदल चतुर्वेदी, मुख्तार अहमद, मंडल अध्यक्ष जाकिर अली समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता
मुख्य आरक्षी रविंद्र यादव की उप निरीक्षक पद पर पदोन्नति, पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा कंधों पर स्टार लगाकर किया गया अलंकृत
गोण्डा। जनपद में नियुक्त मुख्य आरक्षी रविंद्र यादव की उप निरीक्षक पद पर पदोन्नति के अवसर पर पुलिस कार्यालय में अलंकृत कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य आरक्षी रविंद्र यादव वर्तमान में परिवहन शाखा, गोण्डा में नियुक्त थे। पदोन्नति के उपरान्त पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री अभिषेक द्वारा उनके कंधों पर स्टार लगाकर उन्हें उप निरीक्षक पद से अलंकृत किया गया।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक द्वारा पदोन्नत उप निरीक्षक रविंद्र यादव को उनके नवीन पद के दायित्वों के संबंध में शुभकामनाएं देते हुए कर्तव्यों का निष्ठा, ईमानदारी एवं अनुशासन के साथ निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पदोन्नति के साथ अधिकारी के दायित्वों में भी वृद्धि होती है, अतः अपने दायित्वों का पूर्ण जिम्मेदारी एवं कर्तव्यपरायणता के साथ निर्वहन करते हुए पुलिस विभाग की गरिमा एवं मर्यादा को बनाए रखें।

*पदोन्नति के अवसर पर पुलिस कार्यालय में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।*
सीएम योगी की मंशा को धरातल पर उतार रहीं मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल, 30 साल पुराने नजूल भूमि प्रकरण में बड़ा मोड़

*30 साल पुराने मामले में विवादित नजूल भूखंड से वादी ने खुद हटाया कब्जा*

*कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल की सतत निगरानी और प्रभावी पैरवी के बीच बदली प्रकरण की तस्वीर*

गोंडा। करीब 30 साल से सरकारी नजूल भूमि को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। देवीपाटन मंडल की मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की सतत निगरानी और प्रभावी पैरवी के बीच सरकारी भूमि विवाद में वादी दयानंद मिश्रा ने न्यायालय के समक्ष शपथ-पत्र देकर आगे पैरवी न करने और कार्यवाही समाप्त किए जाने का अनुरोध किया है। इससे भी अहम यह कि दयानंद मिश्रा ने सरकारी भूमि से अपना 30 साल पुराना कब्जा भी स्वयं हटा लिया है। लंबे समय से न्यायालय में लंबित इस प्रकरण में घटनाक्रम अब शासकीय भूमि की सुरक्षा और उसके निर्धारित उपयोग की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
यह मामला गोंडा में आयुक्त कार्यालय एवं भवन के लिए आरक्षित नजूल भूखंड संख्या 514, 515, 524 और 525 से संबंधित है। प्रकरण वर्ष 1997 से न्यायालय में लंबित था। वर्ष 2008 में स्थगन आदेश पारित होने के बाद भी सरकारी भूमि से जुड़े मामले में विधिक पैरवी जारी रही। सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने के अभियान के दौरान यह पुराना प्रकरण प्रशासन के संज्ञान में आया।
*तीन दशक पुरानी फाइल पर कमिश्नर की नजर*
सरकारी भूमि से जुड़े इस पुराने प्रकरण की जानकारी सामने आने के बाद मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मामले की लगातार समीक्षा की। अभिलेखों और न्यायालयीन स्थिति की पड़ताल कराते हुए संबंधित अधिकारियों को सरकारी पक्ष मजबूती से रखने और शासकीय हितों की रक्षा के लिए प्रभावी विधिक पैरवी के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान भूमि पर अवैध विद्यालय संचालित होने की बात भी सामने आई थी। प्रशासन ने मौके की स्थिति की पड़ताल कराई तो वर्तमान में वहां कोई भी विद्यार्थी और शिक्षक नहीं मिला। इसके बाद भूमि की मौके पर स्थिति की भी निगरानी की गई।
*कोर्ट में पीछे हटे, मौके से भी कब्जा हटाया*
प्रकरण में वादी/अतिक्रमणकारी दयानन्द मिश्र, एडवोकेट, निवासी ग्राम छावनी सरकार आनंदपुरी, सिविल लाइन, गोंडा की ओर से न्यायालय में शपथ-पत्र प्रस्तुत किया गया है। इसमें वाद में आगे पैरवी न करने तथा कार्यवाही समाप्त किए जाने का अनुरोध किया गया है।
मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि संबंधित पक्ष ने न्यायालय में कानूनी पैरवी से पीछे हटने के साथ ही मौके से अपना कब्जा भी हटा लिया। यानी तीन दशक से लंबित विवाद में अब अदालत की कार्यवाही के स्तर पर भी बदलाव आया और जमीन की भौतिक स्थिति भी बदल गई।
*1997 से चली फाइल, 2026 में कब्जे से बाहर हुई जमीन*
वर्ष 1997 में शुरू हुए इस विवाद को न्यायालयीन प्रक्रिया में करीब तीन दशक हो चुके हैं। 2008 के स्थगन आदेश के बाद भी मामला लंबित रहा। अब 2026 में वादी के शपथ-पत्र और मौके से कब्जा हटने के बाद प्रशासन के सामने इन भूखंडों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी है। आयुक्त कार्यालय एवं भवन के लिए आरक्षित इन भूखंडों को अब सुरक्षित रखते हुए निर्धारित शासकीय प्रयोजन में उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
*पुराने मामलों की भी हो रही समीक्षा*
शासकीय भूमि के संरक्षण और अवैध कब्जों से मुक्ति के लिए प्रशासन स्तर पर पुराने एवं लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में तीन दशक पुराने इस नजूल भूमि प्रकरण की फाइल फिर खुली और न्यायालयीन स्थिति के साथ मौके की वास्तविक स्थिति भी परखी गई। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की निगरानी में सरकारी भूमि से जुड़े इस प्रकरण में हुई कार्रवाई के बाद अब पूरा फोकस जमीन की सुरक्षा और उसके शासकीय उपयोग पर है।
वर्जन

*“मा. मुख्यमंत्री की मंशानुरूप शासकीय भूमि का संरक्षण व जनहित में उपयोग सर्वोच्च प्राथमिकता है। लगभग 30 वर्षों से लंबित इस प्रकरण में अंततः सत्य की विजय हुई और शासकीय भूमि कब्जामुक्त हुई। संबंधित पक्ष ने न्यायालय में आगे पैरवी न करने का अनुरोध करते हुए मौके से भी कब्जा हटा लिया है। अब भूमि को सुरक्षित रखते हुए निर्धारित शासकीय प्रयोजन में उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा*"- दुर्गा शक्ति नागपाल आयुक्त
धर्मकांटे में कुंबल कर घुसे चोर, 70 से 80 हजार का सामान चोरी
इन्वर्टर, तीन बैटरी, कांटा मशीन और नकदी ले गए चोर; सोहनलाल ने थाने में दी तहरीर

बहसूमा (मेरठ)। कस्बे में चोरों ने एक धर्मकांटे को निशाना बनाकर करीब 70 से 80 हजार रुपये का सामान चोरी कर लिया। चोर धर्मकांटे की दीवार में कुंबल कर अंदर दाखिल हुए और इन्वर्टर, तीन बैटरी, कांटा मशीन तथा नकदी चोरी कर फरार हो गए।

बहसूमा निवासी सोहनलाल शाम को धर्मकांटे के कमरे में ताला लगाकर चले गए थे। सुबह फखरुद्दीन धर्मकांटे पर पहुंचा तो चोरी की जानकारी हुई। कमरे में सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था और दीवार में कुंबल लगा हुआ था। जांच करने पर इन्वर्टर, तीन बैटरी, कांटा मशीन और नकदी गायब मिली। चोरी गए सामान की कीमत करीब 70 से 80 हजार रुपये बताई गई है।

सोहनलाल ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। सोहनलाल ने थाने में चोरी की तहरीर दी है।

चोरी की घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों और लोगों में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से रात में गश्त बढ़ाने और चोरों का पता लगाकर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।

थाना प्रभारी रविंद्र पवार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही चोरी का खुलासा कर कार्रवाई की जाएगी।
कार्यमुक्ति के लिए अनशन पर बैठी वंदना
*कोर्ट और एडी माध्यमिक का आदेश भी बेअसर*
*समर्थन में उतरा माध्यमिक शिक्षक संघ*

मिर्जापुर। अपनी कार्य मुक्ति को लेकर आखिरकार वंदना को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर अनशन पर बैठना ही पड़ा। जिला विद्यालय निरीक्षक पहले तो आश्वासन देते रहे किंतु जब शिक्षिका अनशन पर बैठ गई तो वे कार्यालय से गायब हो गए। गौरतलब है कि पिछले साल श्री शिव प्रताप सिंह इंटर कॉलेज पवारी कला की गृह विज्ञान की सहायक अध्यापिका वंदना का स्थानांतरण नगर के बसंत विद्यालय इंटर कॉलेज मिर्जापुर में हुआ था। निदेशक का आदेश निर्गत होने के उपरांत पवारी कला के प्रबंधन ने वंदना को कार्य मुक्त करने से इनकार कर दिया। इस संबंध में वंदना ने माननीय उच्च न्यायालय में वाद दाखिल किया। कोर्ट के आदेश के उपरांत एडी माध्यमिक ने जिला विद्यालय निरीक्षक को 14 सितंबर 2026 को तत्काल प्रभाव से तीन दिन के भीतर कार्य मुक्त करने का आदेश निर्गत किया। तब से 13 दिन बीत जाने के बाद भी जिला विद्यालय निरीक्षक वंदना को कार्य मुक्त नहीं करा सके। वह मीडिया समेत सभी  को पूरा आश्वासन देते रहे। इससे आजिज आकर श्रीमती वंदना सोमवार को अपराह्न 3:00 बजे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर अनशन पर बैठ गई। उनके समर्थन में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष केदारनाथ दुबे, जिला अध्यक्ष सत्यभूषण सिंह, जिला मंत्री डॉ0 रमाशंकर शुक्ल,  जिला कोषाध्यक्ष श्रीमती रश्मि, आय व्यय निरीक्षक डॉ0 धर्मराज सिंह, रामसागर यादव, अर्पित पांडे, राम सागर यादव ने मौके पर पहुंचकर समर्थन दिया।
डी मोनफोर अकादमी में श्रद्धा से मनाई भगत सिंह जयंती
विद्यार्थियों ने शहीद भगत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

रामराज (मेरठ)। डी मोनफोर अकादमी में महान क्रांतिकारी एवं अमर शहीद सरदार भगत सिंह की जयंती श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने भगत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भी शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी।

इस दौरान विद्यार्थियों ने भगत सिंह के जीवन, संघर्ष, देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। विद्यालय परिसर देशभक्ति के भाव से ओत-प्रोत नजर आया।

प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि शहीद भगत सिंह का जीवन साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणादायी मिसाल है। युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।

विद्यालय की निर्देशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने कहा कि भगत सिंह का बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उनके विचारों और देशप्रेम को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी का दायित्व है। निर्देशक डॉ. के.के. शर्मा ने विद्यार्थियों को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने के लिए प्रेरित किया।

उप-प्रधानाचार्या ऋतु चिकारा ने विद्यार्थियों की सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भगत सिंह के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
मऊ में तालाब में डूबने से अधेड़ के लापता होने की खबर
मऊ। मोहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के करहां स्थित गुरदारी मठ के तालाब में सोमवार को नहाने के दौरान 55 वर्षीय अनिल मद्धेशिया के डूबने की सूचना से हड़कंप मच गया।

बताया जा रहा है कि अनिल मद्धेशिया करीब 11 बजे तालाब में नहाने के लिए गए थे। इसी दौरान वह गहरे पानी में चले गए और डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस प्रशासन पहुंच गया और स्थानीय लोगों की मदद से तलाश शुरू कराई गई।

फिलहाल अनिल मद्धेशिया की तलाश की जा रही है। घटना को लेकर मौके पर लोगों की भीड़ जुटी हुई है। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।
मऊ  -यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित शुल्क के विरोध में व्यापार मंडल मुखर होकर विरोध करेगा
व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उक्त विचार है अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल जनपद मऊ के जिलाध्यक्ष डॉ राम गोपाल गुप्ता के ।

डा गुप्ता ने कहा कि
यूपीआई के माध्यम से किए जाने वाले  व्यापारी लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क को लेकर व्यापारियों में चिंता और असंतोष है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, जनपद मऊ ने प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे व्यापारी हितों के विपरीत बताया है। 

व्यापार मंडल के  युवा संगठन के जिलाध्यक्ष अज़हर कमाल फैजी ने कहा कि व्यापारी पहले से ही विभिन्न करों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान के नाम पर व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि

व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

डिजिटल इंडिया और कैशलेस अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने हेतु व्यापारियों ने यूपीआई को गांव, कस्बे और बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में जिस डिजिटल भुगतान व्यवस्था को व्यापारियों ने मजबूती दी, उसी पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ डालना व्यापारियों के हित में नहीं है।

यदि व्यापारी हितों की अनदेखी करते हुए अतिरिक्त शुल्क व्यवस्था लागू की जाती है, तो अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल लोकतांत्रिक तरीके से व्यापारियों की आवाज बुलंद करेगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा।

व्यापार मंडल ने सरकार से आग्रह किया कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सरल, सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यापारियों के लिए आर्थिक रूप से बोझमुक्त बनाए रखा जाए तथा व्यापारी समाज की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से अशोक सिंह हरिशंकर गुप्त  हाजी शकील    वीरेंद्र गुप्ता सुभाष कन्नौजिया आनंद कुमार संजय सर्राफ कन्हैया लाल जायसवाल गामा यादव महातम यादव राजेश गुप्ता  इकबाल अहमद  जावेद तरफदार इफ्तेख़ार अहमद  बुद्धेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
निर्वाचन आयोग पर निराधार आरोप लगाने के बजाय तथ्य और प्रमाण सामने रखे विपक्ष : डॉ. आरती तिवारी।
             
                                      बलरामपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.आरती तिवारी ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में निर्वाचन आयोग,ईवीएम-वीवीपैट तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा की ओर से अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को सवाल पूछने और संस्थाओं की आलोचना करने का अधिकार है,लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठाते समय तथ्यों और प्रमाणों का सम्मान करना भी आवश्यक है।
डॉ.आरती तिवारी ने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक एवं संगठनात्मक कमजोरियों का आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावी परिणामों के बाद निर्वाचन आयोग,ईवीएम तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय विपक्ष को अपने आरोपों के समर्थन में ठोस तथ्य और प्रमाण जनता के सामने रखने चाहिए।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग अपनी वेबसाइट और मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से निर्वाचन प्रक्रिया,मतदाता सेवाओं और ईवीएम-वीवीपैट से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करता है। आयोग के अनुसार ईवीएम में बैलेट यूनिट और कंट्रोल यूनिट शामिल हैं तथा वीवीपैट के माध्यम से मतदाता को अपने मत की पुष्टि करने के लिए पर्ची दिखाई जाती है। आयोग ने ईवीएम एवं वीवीपैट की जांच तथा निर्वाचन प्रक्रिया में अपनाए जाने वाले विभिन्न सुरक्षा उपायों की जानकारी भी उपलब्ध कराई है।
SIR को लेकर भ्रम फैलाने के बजाय सही जानकारी दें
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया है। निर्वाचन आयोग के वर्तमान नागरिक सेवा पोर्टल पर SIR-2026 से संबंधित सेवाएं,अंतिम SIR मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा तथा नए मतदाता पंजीकरण के लिए Form-6 उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को जागरूकता एवं सहयोग की भूमिका निभानी चाहिए। निर्वाचन आयोग के अनुसार पात्र भारतीय नागरिक नए मतदाता के रूप में Form-6 के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।
संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा का सम्मान जरूरी
डॉ.आरती तिवारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग संविधान के तहत गठित स्थायी संवैधानिक संस्था है,जिसे संसद,राज्य विधानसभाओं तथा राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के चुनावों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। आयोग की वर्तमान संरचना में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्त हैं तथा आयोग के निर्णय बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं द्वारा ईवीएम,निर्वाचन आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों पर राजनीतिक बयानबाजी के बजाय उपलब्ध दस्तावेजों,न्यायिक निर्णयों और निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।
विपक्ष से डॉ.आरती तिवारी के सवाल
उन्होंने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे—
बिना प्रमाण के निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाने से बचें।
SIR और मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर जनता में भ्रम न फैलाएं।
हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने में सहयोग करें।
ईवीएम एवं वीवीपैट से जुड़े आरोपों को तथ्य और प्रमाण सहित सार्वजनिक करें।
संवैधानिक संस्थाओं तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रतिष्ठा का सम्मान करें।
डॉ.आरती तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का पूरा अधिकार है,लेकिन असहमति तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है और राजनीतिक दलों को चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच सही एवं प्रमाणित जानकारी पहुंचाने में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
प्रेस वार्ता के दौरान जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैस,जिला महामंत्री डॉ.अजय सिंह ‘पिंकू’ तथा अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी उपस्थित रहे।