SIR पर विपक्ष के सवालों पर मंत्री असीम अरुण का पलटवार, बोले- आयोग की प्रक्रिया को गलत तरीके से पेश किया गया

- आयोग में मतभेद नहीं, सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया थी: असीम अरुण

- SIR पर अखिलेश यादव पर असीम अरुण का सख्त बयान, बोले-खोखले मुद्दे पर राजनीति कर रही समाजवादी पार्टी

- एक खबर को गलत तरीके से पेश कर राहुल गांधी-अखिलेश यादव ने जनता के बीच भ्रम पैदा किया: SIR पर असीम अरुण

लखनऊ, 27 सितंबर। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण ने SIR को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के जवाब में कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया को गलत तरीके से प्रस्तुत कर भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि आयोग में अलग-अलग मत होने से जुड़ी एक खबर को आधार बनाकर विवाद खड़ा किया गया, जबकि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में स्थिति स्पष्ट कर दी है। इसके बावजूद विपक्षी दल जबरदस्ती झूठ परोस रहे हैं।

असीम अरुण ने कहा कि किसी भी सरकारी प्रक्रिया में फाइल पर अलग-अलग तरह के मत और पक्ष-विपक्ष में विचार आना सामान्य बात है। वह स्वयं मंत्री हैं और इससे पहले पुलिस अधिकारी रह चुके हैं, इसलिए प्रशासनिक प्रक्रिया से परिचित हैं। उनके मुताबिक विचार-विमर्श के बाद अंतिम निर्णय लिया जाता है। इसी तरह चुनाव आयोग के भीतर भी अलग-अलग विषयों पर विचार-विमर्श होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने स्पष्ट किया है कि उनके बीच अलग-अलग मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ, लेकिन अंत में लिए गए सभी निर्णय सर्वसम्मति से हुए। ऐसे में अब विवाद की कोई स्थिति नहीं है। असीम अरुण ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के पास योगी सरकार के कामकाज के खिलाफ ठोस मुद्दे नहीं हैं, इसलिए एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया को मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है।

आलोचना तथ्यों और तर्क पर आधारित होनी चाहिए

विपक्ष द्वारा संवैधानिक संस्थाओं की आलोचना को लेकर मंत्री असीम अरुण ने कहा कि आलोचना तथ्यों और तर्क पर आधारित होनी चाहिए। खोखली आलोचना से न केवल नागरिकों का समय बर्बाद होता है, बल्कि यह संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश भी है। मंत्री ने कहा कि यदि किसी को चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर आपत्ति है तो विशेषज्ञों की मदद से उसका तथ्यात्मक परीक्षण कर आलोचना की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आगामी 2027 चुनाव भी हारने वाले है इसीलिए अनाप-शनाप आरोप लगातार लगा रहे हैं।

रामकाज में कालनेमि बनकर घुसेंगे बाबरी के भक्त, पहचानें उनकी साजिश: योगी आदित्यनाथ

- अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी महोत्सव का लखनऊ में शुभारंभ, मुख्यमंत्री योगी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया उद्घाटन

- मुख्यमंत्री योगी बोले- बिखरे हिंदू समाज को एक मंच पर लाकर श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को अशोक सिंघल ने दी निर्णायक दिशा

- कहा- जो लोग राम मंदिर का विरोध करते थे, वही अब खुद को रामभक्त बताने का कर रहे प्रयास

- कांग्रेस, सपा और वामपंथियों पर श्रीराम जन्मभूमि के पक्ष में फैसला रोकने के लिए बाधाएं खड़ी करने का लगाया आरोप

- बोले मुख्यमंत्री- अशोक सिंघल ने जो कहा उसे करके दिखाया, रामकाज को बनाया जीवन का ध्येय

- गोरक्षा को बताया आचरण का विषय, बोले- 7,700 से अधिक गोशालाओं में 16 लाख से अधिक गोवंश का हो रहा संरक्षण

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राम मंदिर आंदोलन के विरोधियों पर निशाना साधते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि रामकाज में कालनेमि भी घुसेंगे। बाबरी के भक्त कालनेमि बनकर आंदोलन को अपमानित और बदनाम करने की कोशिश करेंगे। इन्हें पहचानकर इनकी साजिशों को सफल नहीं होने देना है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो लोग कभी राम मंदिर का विरोध करते थे और रामभक्तों पर गोलियां चलाते थे, आज वही खुद को रामभक्त बताने का प्रयास कर रहे हैं। यह विश्व हिन्दू परिषद की वैचारिक विजय है।

मुख्यमंत्री योगी लखनऊ में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के प्रणेता और विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रद्धेय अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी महोत्सव के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समारोह में अशोक सिंघल के जीवन, संघर्ष और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।

- बिखरे हिंदू समाज को एक मंच पर लाए अशोक सिंघल

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 1528 में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर तोड़े जाने के बाद करीब 500 वर्षों तक हिंदू समाज ने उसकी मुक्ति के लिए संघर्ष किया। संतों, नागाओं, सिख वीरों, युवाओं और महिलाओं ने बलिदान दिए। समाज में सामर्थ्य था, लेकिन ताकत बिखरी थी। इसे एक मंच पर लाने का काम अशोक सिंघल ने किया।

उन्होंने कहा कि 1982 में विश्व हिन्दू परिषद का दायित्व मिलने और 1983 में श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के गठन के बाद रामकाज अशोक सिंघल के जीवन का ध्येय बन गया। देश हो या विदेश, वनवासी क्षेत्र हो या दलित बस्ती, उनके मुख पर राम का नाम रहता था। राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहां बिश्राम को उन्होंने अपने जीवन में उतारा।

- राम मंदिर के साथ समाज को भी जोड़ा

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अशोक सिंघल ने राम मंदिर आंदोलन के साथ समाज को एकजुट करने का भी अभियान चलाया। वनवासी और मलिन बस्तियों में एकल विद्यालयों की श्रृंखला खड़ी करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पूर्वोत्तर के बच्चों की शिक्षा के लिए गोरखनाथ मंदिर स्थित विश्व हिन्दू परिषद कार्यालय के एक कमरे से भी व्यवस्था शुरू कराई गई।

उन्होंने 1990 के अयोध्या आंदोलन को याद करते हुए कहा कि तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार रामभक्तों पर गोलियां चला रही थी, तब अशोक सिंघल सत्ता के सामने नहीं झुके। दो नवंबर 1990 को रामभक्तों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी के बीच भी उनकी सिंह गर्जना सुनाई दी। आज उनके सपनों का साकार स्वरूप अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के रूप में दिखाई दे रहा है।

- कांग्रेस-सपा और वामपंथियों को घेरा

मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि श्रीराम जन्मभूमि का मामला न्यायालय में पहुंचा तो एक ओर अशोक सिंघल की अधिवक्ताओं, पुरातत्ववेत्ताओं और विषय विशेषज्ञों की टीम प्रमाण जुटा रही थी, दूसरी ओर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वामपंथी राम मंदिर के पक्ष में फैसला न आने देने के लिए बाधाएं पैदा कर रहे थे। उन्होंने कांग्रेस पर भगवान राम और कृष्ण के अस्तित्व को लेकर न्यायालय में सवाल खड़े करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर के शिलान्यास और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में आमंत्रण मिलने के बावजूद ये लोग नहीं गए, क्योंकि उन्हें वोट बैंक दिखाई दे रहा था। अशोक सिंघल ने 1980 के दशक में जो ज्योति प्रज्वलित की थी, वह केवल राम जन्मभूमि तक सीमित नहीं थी, बल्कि भारत के मानबिंदुओं की पुनर्प्राण प्रतिष्ठा और गुलामी के चिह्नों को समाप्त करने का अभियान था।

- जो कहा, उसे करके दिखाया

मुख्यमंत्री योगी ने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ और अशोक सिंघल के बीच श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को लेकर होने वाली बैठकों को याद किया। उन्होंने कहा कि मंदिर की रचना, आंदोलन की रणनीति और भावी अयोध्या की परिकल्पना पर दोनों चर्चा करते थे। अशोक सिंघल को इसलिए स्मरण किया जाता है, क्योंकि उन्होंने जो कहा उसे करके दिखाया। वाणी तभी मंत्र बनती है, जब कथन और आचरण में अंतर न हो।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कभी उपेक्षित रही अयोध्या में आज राम पथ, धर्म पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ हैं। राम की पैड़ी में सरयू का अविरल और निर्मल जल है। महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बना है और अयोध्या सोलर सिटी बन चुकी है।

- गोरक्षा भाषण नहीं, आचरण का विषय

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गोरक्षा केवल भाषण या सड़क पर आंदोलन का विषय नहीं, बल्कि आचरण का विषय है। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद अवैध बूचड़खाने बंद कराए गए और सख्त कानून बनाया गया। प्रदेश में 7,700 से अधिक गोशालाओं में 16 लाख से अधिक गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। प्रत्येक गोवंश के लिए हर महीने 1,500 रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से स्वयं गोपालन से जुड़ने का आह्वान किया।

- राम मंदिर आंदोलन ने बदला नैरेटिव: परांडे

विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि अशोक सिंघल ने भव्य राम मंदिर निर्माण की हिंदू समाज की सदियों पुरानी आकांक्षा को पूरा करने के लिए जीवन लगा दिया। राम जन्मभूमि आंदोलन ने हिंदू समाज में अपनी पहचान के प्रति गौरव बढ़ाया। उन्होंने सामाजिक समरसता और वेद शिक्षा के लिए अशोक सिंघल के कार्यों को भी याद किया।

- अशोक सिंघल का संघर्ष वंदनीय: श्रीकृष्ण शाह विद्यार्थी

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जगतगुरु श्रीकृष्ण शाह विद्यार्थी महाराज ने श्रीराम मंदिर के लिए अशोक सिंघल के संघर्ष को वंदनीय बताया। उन्होंने धर्म की मर्यादाओं और सिद्धांतों को अक्षुण्ण रखते हुए समाज को एकजुट करने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, भंते शील रतन, निर्मल सिंह, महंत अवधेश दास, महंत धर्मेंद्र दास, महंत दिव्या गिरी, विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र, प्रांत प्रचारक कौशल और भारती गांधी समेत विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल व विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कांग्रेस-सपा जीतें तो पुरुषार्थ, हारें तो चुनाव आयोग दोषी: मुख्यमंत्री योगी
*अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में सीएम योगी ने कांग्रेस, सपा, राजद समेत विपक्षी दलों पर साधा निशाना*
*संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को कमजोर करने की हो रही कोशिश: मुख्यमंत्री योगी*
*बोले मुख्यमंत्री- पहले भी कई बार हो चुकी है एसआईआर, चुनाव आयोग ने छूटे मतदाताओं और फॉर्म-6 को लेकर स्थिति कर दी है स्पष्ट*
*आपातकाल, राफेल, बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा, ईवीएम को ब्लैक बॉक्स बताने पर भी उठाए सवाल*
*मुख्यमंत्री ने कहा- लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ और दुष्प्रचार की कोई जगह नहीं, कांग्रेस और सहयोगी दल देशवासियों से मांगें माफी*

लखनऊ। एसआईआर को लेकर विपक्ष की आपत्तियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोला। अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस-सपा समेत विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं तो इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, लेकिन हारने पर चुनाव आयोग और ईवीएम को दोष देने लगते हैं। उन्होंने एसआईआर को लेकर उठाए जा रहे सवालों को संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश बताते हुए विपक्ष को आत्मावलोकन की नसीहत दी।
मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस, सपा, राजद और अन्य विपक्षी दलों को निशाने पर रखते हुए कहा कि एसआईआर को लेकर भ्रम पैदा कर हाय-तौबा मचाई जा रही है। चुनाव आयोग की ओर से पूरी स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद भी सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करने की यह प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को कमजोर करती है।

*पहले भी कई बार हो चुकी है एसआईआर*
एसआईआर को पहली बार की जा रही कवायद बताने पर मुख्यमंत्री योगी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में भी एसआईआर की कार्रवाई हो चुकी है। इनमें ज्यादातर समय केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार थी। इसके बावजूद इस बार कांग्रेस, सपा, राजद और अन्य विपक्षी दलों की ओर से एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश में सबसे अधिक समय तक शासन करने वाली कांग्रेस आज चुनाव आयोग को ही कटघरे में खड़ा कर रही है। कांग्रेस, सपा और राजद चुनाव जीत जाएं तो इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, लेकिन अपनी नीतियों, भ्रष्टाचार, आर्थिक कदाचार और अराजकता के कारण जनता उन्हें खारिज कर दे तो चुनाव आयोग और ईवीएम को जिम्मेदार ठहराते हैं। उन्होंने विपक्षी दलों को इस पर चिंतन और आत्मावलोकन करने की नसीहत दी।

*न्यायपालिका से कैग तक का किया जिक्र*
मुख्यमंत्री योगी ने चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों को विपक्ष की पुरानी कार्यप्रणाली से जोड़ा। राहुल गांधी के कैंब्रिज में दिए बयान का उल्लेख करते हुए उन्होंने न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2019 में राफेल के मुद्दे पर कैग के ऑब्जर्वेशन पर भी सवाल उठाए गए। जिस ईवीएम से कांग्रेस की केंद्र और राज्यों में सरकारें बनीं, उसी को ब्लैक बॉक्स बताकर देश की चुनाव प्रणाली को कठघरे में खड़ा किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल खड़े करने से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती है और दुनिया में भारत की छवि पर भी असर पड़ता है।

*आपातकाल, बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर पर घेरा*
कांग्रेस पर हमला तेज करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने 25 जून 1975 के आपातकाल की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर कितना विश्वास रहा है, इसे देश जानता है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकारों पर विपक्षी दलों की चुनी हुई सरकारों को अनैतिक और अवैध तरीके से गिराने का भी आरोप लगाया। बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर भारतीय जवानों के शौर्य और पराक्रम को कटघरे में खड़ा करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि जवानों के पराक्रम पर सवाल उठाना कहां की देशभक्ति है।

*चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की, फिर सवाल क्यों*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्त मीडिया के सामने आकर चुनाव आयोग की पूरी कार्यप्रणाली और एसआईआर को लेकर स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। छूटे हुए मतदाताओं और फॉर्म-6 को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। इसके बाद भी चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी के मुताबिक एसआईआर में जिन मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, उन्हें फॉर्म भरने का पूरा अवसर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी फॉर्म-6 को लेकर चुनाव आयोग की कार्रवाई को उचित ठहराया है। इसके बाद कोई सवाल नहीं बचता, फिर भी कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी दल बाल की खाल उधेड़ने में लगे हैं।

*हिंसा और तोड़फोड़ की लोकतंत्र में जगह नहीं*
विरोध के तौर-तरीकों पर भी मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ और दुष्प्रचार के लिए कोई जगह नहीं है। प्रदर्शन और तोड़फोड़ के जरिए चुनाव आयोग से जुड़े मुख्यालयों और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना गैर जिम्मेदाराना है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत ने पहले दिन से हर वयस्क मतदाता को जाति, क्षेत्र, भाषा और लिंग के भेदभाव के बिना मतदान की स्वतंत्रता दी है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की व्यवस्था भी मौजूद है। ऐसी पारदर्शी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करना लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने जैसा है।

*कांग्रेस और सहयोगी दल माफी मांगें*
मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों से अपनी गैर जिम्मेदाराना गतिविधियों को नियंत्रित करने को कहा। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने, दुनिया में भारत की बदनामी कराने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर दुष्प्रचार करने के लिए कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को देश की संवैधानिक संस्थाओं और देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष के इस आचरण की निंदा भी की।
एक लाख विद्यार्थियों को सीएम योगी ने दी स्टडी टेबल, बच्चों ने निराले अंदाज में जताया आभार
*देवीपाटन मंडल के चार जिलों के बच्चों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी आभार भरी चिट्ठियां*

*किसी ने फूलों से सजाया पत्र तो किसी ने बनाया मुख्यमंत्री का चित्र*

*स्वाती, सबा, नुजहत समेत बच्चों ने हाथ से सजाए आभार पत्र*

*मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया- ग्रामीण परिवेश के एक लाख मेधावी बच्चों को प्रदान की गई हैं स्टडी टेबल*

लखनऊ, 27 सितंबर। किसी ने फूलों से चिट्ठी सजाई, किसी ने अपनी नई स्टडी टेबल का चित्र बनाया तो किसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश उकेरा। देवीपाटन मंडल में एक लाख बच्चों को मिली स्टडी टेबल अब उनके घर में पढ़ाई का अपना छोटा सा कोना बन रही है। इस पहल से खुश बच्चों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने हाथों से पत्र लिखकर धन्यवाद दिया है। इन मासूम चिट्ठियों में सरकारी योजना के आंकड़ों से इतर बच्चों की वह खुशी दिखाई देती है, जो घर में पढ़ाई के लिए अपनी स्टडी टेबल मिलने से उनके जीवन में आई है। *स्वाती ने लिखा- स्टडी टेबल पाकर काफी प्रसन्न हूं*
स्टडी टेबल पाने वाली स्वाती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे अपने पत्र में खुशी जाहिर की है। उसने लिखा कि उसे स्टडी टेबल और पढ़ने की सामग्री दी गई है, जिसके लिए वह दिल से धन्यवाद करती है। स्वाती ने बताया कि वह प्रतिदिन स्टडी टेबल पर पढ़ाई करती है और मिली सामग्री का उपयोग करती है। उसने अपने पत्र को फूलों से सजाने के साथ नीचे स्टडी टेबल, किताब और पेंसिल का चित्र भी बनाया है।

*सबा की खुशी- अब मेरी पीठ भी दर्द नहीं करती*
कक्षा छह की छात्रा सबा की चिट्ठी स्टडी टेबल से उसकी रोजमर्रा की पढ़ाई में आए बदलाव को बयां करती है। मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए सबा ने लिखा कि पहले उसे घर पर पढ़ाई करने में बहुत असुविधा होती थी। अब स्टडी टेबल मिलने से उसे पढ़ने में सहूलियत हुई है। अपनी मासूम भाषा में उसने लिखा कि अब उसकी पीठ भी दर्द नहीं करती। पत्र के साथ सबा ने स्टडी टेबल का चित्र भी बनाया और ‘सब पढ़ें-सब बढ़ें’ का संदेश लिखा।

*नुजहत फातिमा ने लिखा- अब पहले से अधिक एकाग्र होकर पढ़ रही हूं*
कक्षा सात की नुजहत फातिमा ने मुख्यमंत्री के नाम नीले चार्ट पेपर पर ‘आभार पत्र’ तैयार किया। नुजहत ने लिखा कि स्टडी टेबल मिलने से उसे पढ़ाई का अच्छा वातावरण मिला है। इससे पढ़ाई में उसकी रुचि बढ़ी है और वह पहले की तुलना में अधिक एकाग्र होकर पढ़ पा रही है। उसने यह भी लिखा कि गृहकार्य पूरा करने और पढ़े हुए पाठ को दोहराने में वह स्टडी टेबल का इस्तेमाल कर रही है। पत्र में रंगीन पेंसिलों के साथ पढ़ती हुई छात्रा का चित्र बनाकर उसने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। *बच्चों ने कागज पर उतारी खुशी, CM योगी के बनाए चित्र*
बच्चों के आभार पत्र केवल शब्दों तक सीमित नहीं हैं। कई छात्र-छात्राओं ने पूरी रचनात्मकता के साथ पोस्टर तैयार किए हैं। एक बच्चे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा चित्र बनाया और दोनों ओर ‘बेटी बचाओ’ और ‘बेटी पढ़ाओ’ लिखा। नीचे स्टडी टेबल प्राप्त करती छात्रा का चित्र बनाया गया है। एक अन्य पोस्टर में स्कूल के गेट पर छात्रा को टेबल सौंपते दिखाते हुए लिखा गया ‘बेटी पढ़ेगी, आगे बढ़ेगी, उत्तर प्रदेश का नाम बढ़ाएगी।’ एक बच्चे ने बड़े अक्षरों में ‘Thank You’ लिखकर मुख्यमंत्री, छात्रा और स्टडी टेबल को एक साथ चित्रित किया।

*एक लाख मेधावी बच्चों के घर पहुंची पढ़ाई की मेज*
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि देवीपाटन मंडल के चार जिलों में ‘शिक्षा की उड़ान’ स्टडी टेबल वितरण अभियान के तहत एक लाख टेबल बांटने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे शत-प्रतिशत पूरा किया गया है। अभियान का उद्देश्य घर पर अनुशासित पढ़ाई की संस्कृति विकसित करने के साथ सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना है। मेधावी विद्यार्थियों को स्टडी टेबल उपलब्ध कराकर कक्षा के बाहर भी निरंतर और एकाग्र अध्ययन के लिए जगह उपलब्ध कराने की पहल की गई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण परिवेश के बच्चों को स्टडी टेबल दी गई है, जो अब उनका पर्सनल स्टडी स्पेस बन चुका है। *बहराइच में सबसे ज्यादा 34,260 टेबल का वितरण*
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के अनुसार अभियान में सबसे अधिक बहराइच में 34,260 टेबल दी गईं। इसके बाद गोंडा में 27,650, बलरामपुर में 26,984 और श्रावस्ती में 11,106 स्टडी टेबल का वितरण किया गया। इस तरह मंडल ने एक लाख टेबल का निर्धारित लक्ष्य पूरा किया।

*मेधावी छात्रों के साथ कस्तूरबा की सभी छात्राओं को लाभ*
उन्होंने बताया कि ‘शिक्षा की उड़ान’ अभियान में सरकारी विद्यालयों के सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्टडी टेबल देने की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की सभी छात्राओं को लाभार्थियों में शामिल किया गया है। इसे सतत अभियान के रूप में तैयार किया गया है, ताकि भविष्य में भी टॉपर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जा सके।
एक लाख विद्यार्थियों को सीएम योगी ने दी स्टडी टेबल, बच्चों ने निराले अंदाज में जताया आभार
*देवीपाटन मंडल के चार जिलों के बच्चों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी आभार भरी चिट्ठियां* *किसी ने फूलों से सजाया पत्र तो किसी ने बनाया मुख्यमंत्री का चित्र**स्वाती, सबा, नुजहत समेत बच्चों ने हाथ से सजाए आभार पत्र**मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया- ग्रामीण परिवेश के एक लाख मेधावी बच्चों को प्रदान की गई हैं स्टडी टेबल*लखनऊ, 27 सितंबर। किसी ने फूलों से चिट्ठी सजाई, किसी ने अपनी नई स्टडी टेबल का चित्र बनाया तो किसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश उकेरा। देवीपाटन मंडल में एक लाख बच्चों को मिली स्टडी टेबल अब उनके घर में पढ़ाई का अपना छोटा सा कोना बन रही है। इस पहल से खुश बच्चों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने हाथों से पत्र लिखकर धन्यवाद दिया है। इन मासूम चिट्ठियों में सरकारी योजना के आंकड़ों से इतर बच्चों की वह खुशी दिखाई देती है, जो घर में पढ़ाई के लिए अपनी स्टडी टेबल मिलने से उनके जीवन में आई है।*स्वाती ने लिखा- स्टडी टेबल पाकर काफी प्रसन्न हूं*
स्टडी टेबल पाने वाली स्वाती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे अपने पत्र में खुशी जाहिर की है। उसने लिखा कि उसे स्टडी टेबल और पढ़ने की सामग्री दी गई है, जिसके लिए वह दिल से धन्यवाद करती है। स्वाती ने बताया कि वह प्रतिदिन स्टडी टेबल पर पढ़ाई करती है और मिली सामग्री का उपयोग करती है। उसने अपने पत्र को फूलों से सजाने के साथ नीचे स्टडी टेबल, किताब और पेंसिल का चित्र भी बनाया है।*सबा की खुशी- अब मेरी पीठ भी दर्द नहीं करती*
कक्षा छह की छात्रा सबा की चिट्ठी स्टडी टेबल से उसकी रोजमर्रा की पढ़ाई में आए बदलाव को बयां करती है। मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए सबा ने लिखा कि पहले उसे घर पर पढ़ाई करने में बहुत असुविधा होती थी। अब स्टडी टेबल मिलने से उसे पढ़ने में सहूलियत हुई है। अपनी मासूम भाषा में उसने लिखा कि अब उसकी पीठ भी दर्द नहीं करती। पत्र के साथ सबा ने स्टडी टेबल का चित्र भी बनाया और ‘सब पढ़ें-सब बढ़ें’ का संदेश लिखा।*नुजहत फातिमा ने लिखा- अब पहले से अधिक एकाग्र होकर पढ़ रही हूं*
कक्षा सात की नुजहत फातिमा ने मुख्यमंत्री के नाम नीले चार्ट पेपर पर ‘आभार पत्र’ तैयार किया। नुजहत ने लिखा कि स्टडी टेबल मिलने से उसे पढ़ाई का अच्छा वातावरण मिला है। इससे पढ़ाई में उसकी रुचि बढ़ी है और वह पहले की तुलना में अधिक एकाग्र होकर पढ़ पा रही है। उसने यह भी लिखा कि गृहकार्य पूरा करने और पढ़े हुए पाठ को दोहराने में वह स्टडी टेबल का इस्तेमाल कर रही है। पत्र में रंगीन पेंसिलों के साथ पढ़ती हुई छात्रा का चित्र बनाकर उसने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।*बच्चों ने कागज पर उतारी खुशी, CM योगी के बनाए चित्र*
बच्चों के आभार पत्र केवल शब्दों तक सीमित नहीं हैं। कई छात्र-छात्राओं ने पूरी रचनात्मकता के साथ पोस्टर तैयार किए हैं। एक बच्चे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा चित्र बनाया और दोनों ओर ‘बेटी बचाओ’ और ‘बेटी पढ़ाओ’ लिखा। नीचे स्टडी टेबल प्राप्त करती छात्रा का चित्र बनाया गया है। एक अन्य पोस्टर में स्कूल के गेट पर छात्रा को टेबल सौंपते दिखाते हुए लिखा गया ‘बेटी पढ़ेगी, आगे बढ़ेगी, उत्तर प्रदेश का नाम बढ़ाएगी।’ एक बच्चे ने बड़े अक्षरों में ‘Thank You’ लिखकर मुख्यमंत्री, छात्रा और स्टडी टेबल को एक साथ चित्रित किया।*एक लाख मेधावी बच्चों के घर पहुंची पढ़ाई की मेज*
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि देवीपाटन मंडल के चार जिलों में ‘शिक्षा की उड़ान’ स्टडी टेबल वितरण अभियान के तहत एक लाख टेबल बांटने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे शत-प्रतिशत पूरा किया गया है। अभियान का उद्देश्य घर पर अनुशासित पढ़ाई की संस्कृति विकसित करने के साथ सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना है। मेधावी विद्यार्थियों को स्टडी टेबल उपलब्ध कराकर कक्षा के बाहर भी निरंतर और एकाग्र अध्ययन के लिए जगह उपलब्ध कराने की पहल की गई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण परिवेश के बच्चों को स्टडी टेबल दी गई है, जो अब उनका पर्सनल स्टडी स्पेस बन चुका है।*बहराइच में सबसे ज्यादा 34,260 टेबल का वितरण*
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के अनुसार अभियान में सबसे अधिक बहराइच में 34,260 टेबल दी गईं। इसके बाद गोंडा में 27,650, बलरामपुर में 26,984 और श्रावस्ती में 11,106 स्टडी टेबल का वितरण किया गया। इस तरह मंडल ने एक लाख टेबल का निर्धारित लक्ष्य पूरा किया।*मेधावी छात्रों के साथ कस्तूरबा की सभी छात्राओं को लाभ*
उन्होंने बताया कि ‘शिक्षा की उड़ान’ अभियान में सरकारी विद्यालयों के सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्टडी टेबल देने की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की सभी छात्राओं को लाभार्थियों में शामिल किया गया है। इसे सतत अभियान के रूप में तैयार किया गया है, ताकि भविष्य में भी टॉपर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जा सके।
उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी पर उन्हें अर्पित किए श्रद्धा-सुमन
- राष्ट्र, धर्म और भारतीय संस्कृति की सेवा के लिए समर्पित रहा अशोक सिंघल जी का सम्पूर्ण जीवन: केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास, सात-कालिदास मार्ग पर श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन के पुरोधा एवं विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष परम पूज्य श्रद्धेय अशोक सिंघल जी की जन्मशताब्दी के अवसर पर उनके स्मृति-चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने अशोक सिंघल जी के राष्ट्र, धर्म, भारतीय संस्कृति एवं समाज के प्रति समर्पित जीवन का स्मरण करते हुए उनके अतुलनीय योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया।
उप मुख्यमंत्री मौर्य ने कहा कि परम पूज्य श्रद्धेय अशोक सिंघल जी जैसे विराट व्यक्तित्व के धनी महापुरुष युगों में जन्म लेते हैं। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र, धर्म और भारतीय संस्कृति की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उनका जीवन त्याग, तपस्या, समर्पण और राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायी मिसाल है। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल जी ने अपने कार्यों और विचारों के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक चेतना एवं राष्ट्रभाव को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
श्री मौर्य ने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन को जन-जन की आस्था, चेतना और सहभागिता से जोड़ने में अशोक सिंघल जी की भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। उन्होंने श्रीरामजन्मभूमि से जुड़े जनआंदोलन को व्यापक सामाजिक चेतना का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। श्रीराम के प्रति उनकी अटूट आस्था और भारतीय संस्कृति के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल जी ने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण को समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित किया। उनका व्यक्तित्व केवल एक संगठन या आंदोलन तक सीमित नहीं था, बल्कि वे भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और राष्ट्रहित के प्रति निरंतर कार्य करने वाले महान व्यक्तित्व थे। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल जी का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि राष्ट्र और समाज के हित में किया गया समर्पण कभी व्यर्थ नहीं जाता, बल्कि वह पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।
श्री मौर्य ने कहा कि अशोक सिंघल जी की जन्मशताब्दी उनके विचारों, आदर्शों और राष्ट्रसेवा के संकल्प को स्मरण करने का अवसर है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पूज्य अशोक सिंघल जी जैसे विराट व्यक्तित्व एक जन्म में ही अनेक जन्मों से अधिक कार्य कर जाते हैं। उनकी राष्ट्रसेवा, सांस्कृतिक चेतना और समाज के प्रति समर्पण को सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने उनकी पुण्य स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन और कृतित्व देशवासियों को निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने परम पूज्य श्रद्धेय अशोक सिंघल जी की जन्मशताब्दी पर उनकी पावन स्मृति को नमन करते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति उनके अतुलनीय योगदान के लिए  श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
SIR में बड़ा बदलाव: नोटिस वाले मतदाताओं के घर पहुंचेंगे BLO, दस्तावेज खुद करेंगे अपलोड
- दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे-आपत्तियों की समयसीमा बढ़ी; कमजोर वर्गों के लिए विशेष शिविर, छूटे मतदाताओं के लिए चलेगा अभियान

नई दिल्ली, 26 सितंबर। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। आयोग के अनुसार, जिन मतदाताओं को अनमैप्ड (Unmapped) या तार्किक विसंगतियों (Logical Discrepancies) के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें दस्तावेज जमा करने के लिए निर्वाचन कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। ऐसे मतदाताओं के घर जाकर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) दस्तावेज एकत्र करेंगे और उन्हें ECINet पर अपलोड करेंगे।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में मतदाताओं को ERO/AERO कार्यालय बुलाने की आवश्यकता नहीं होगी। ERO के निर्णय के आधार पर केवल असाधारण परिस्थितियों में सुनवाई की जाएगी और प्राथमिकता के तौर पर इसे ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर मतदाता अपने परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य को सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकेगा।
- श्रमिकों और बेघरों के लिए विशेष शिविर
निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिया है कि रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, श्रमिकों, गरीबों और बेघर नागरिकों के लिए जरूरत के अनुसार पर्याप्त हेल्प डेस्क और विशेष शिविर लगाए जाएं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र मतदाता SIR प्रक्रिया से बाहर न रह जाएं।
- दिल्ली और महाराष्ट्र में बढ़ी समयसीमा
आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे एवं आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा भी बढ़ा दी है। दिल्ली में अब दावे और आपत्तियां 30 अक्टूबर 2026 तक दाखिल की जा सकेंगी, जबकि इनके निस्तारण की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2026 होगी। महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर 2026 तथा इनके निस्तारण की समयसीमा 10 नवंबर 2026 कर दी गई है।
- छूटे मतदाताओं के लिए विशेष अभियान
आयोग के अनुसार बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में SIR पूरा हो चुका है। इन राज्यों में SIR के दौरान छूट गए मतदाता तथा नए और युवा मतदाता निरंतर अद्यतन (Continuous Updation) प्रक्रिया के तहत फॉर्म भर सकेंगे। इसके लिए विशेष अभियान तत्काल शुरू किया जाएगा।
- ECINet की स्वतंत्र समीक्षा होगी
आयोग ने ECINet पोर्टल की कार्यप्रणाली की समीक्षा और आवश्यक अपग्रेडेशन के लिए वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त (DEC) तथा IIT/IIIT के स्वतंत्र विशेषज्ञों की समिति गठित करने की बात कही है। आयोग ने यह भी तय किया है कि भविष्य में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) से जुड़ी नई पहलों पर आयोग की मंजूरी से पहले अधिकारियों की समिति (COO) में चर्चा की जाएगी।
- फॉर्म-6 के घोषणापत्र पर स्थिति स्पष्ट
SIR के लिए फॉर्म-6 से जुड़े घोषणापत्र को लेकर भी आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने SIR के संदर्भ में फॉर्म-6 के घोषणापत्र को बरकरार रखा है। वहीं, गैर-SIR अवधि में पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म का उपयोग जारी रहेगा।
- आयोग की प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव
निर्वाचन आयोग ने अपनी आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी कई निर्देश जारी किए हैं। आयोग की बैठकों का एजेंडा पहले से भेजना और बैठकों का विवरण (Minutes) जारी करना अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों के विदेश दौरों के लिए आयोग की मंजूरी आवश्यक होगी। साथ ही वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR) हर वर्ष 31 दिसंबर तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
- कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र पर आयोग का स्पष्टीकरण
आयोग ने कैबिनेट सचिव को लिखे गए पत्र को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया है। आयोग के अनुसार, यह पत्र किसी नीतिगत मामले या IT प्रभाग से संबंधित नहीं था, बल्कि ECI में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत एक अधिकारी के कामकाज से जुड़ा था। आयोग ने कहा कि उप चुनाव आयुक्त (DEC) से IT प्रभाग की निगरानी कभी वापस नहीं ली गई थी।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी उल्लेख
आयोग ने कहा कि SIR प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से लिया गया था और सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के आदेश में इसे बरकरार रखा है। आयोग ने गोवा का उदाहरण देते हुए बताया कि SIR के दौरान छूटे 97 मतदाताओं में से 81 ने अब तक फॉर्म-6 भर दिया है।
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश और रोजगार को मिल रही नई गति:  केशव प्रसाद मौर्य
- किसानों के उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर उनकी आय बढ़ाने तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने पर सरकार का विशेष जोर

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत 10 नवीन परियोजनाओं को राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी के समक्ष अनुमोदन हेतु संस्तुति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रदेश सरकार द्वारा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीतिगत एवं प्रोत्साहनात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं, प्रोत्साहनों एवं अनुदान आदि के संबंध में व्यापक जनजागरूकता एवं प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक उद्यमी इस क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आएं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर किसानों के उत्पादों को बेहतर बाजार और अधिक मूल्य दिलाने के साथ ही कृषि आधारित उद्योगों को मजबूत किया जा सकता है। इससे गांवों तक औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा तथा युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है और उत्तर प्रदेश सरकार इस क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य के मार्गदर्शन एवं निर्देशों के क्रम में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना एवं विस्तार से संबंधित निवेश प्रस्तावों के त्वरित परीक्षण की प्रक्रिया को गति दी जा रही है। उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत प्रदेश में पूंजी निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, आधुनिक प्रसंस्करण अवसंरचना के विकास तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रावधान किए गए हैं। नीति में फल एवं सब्जी प्रसंस्करण, दुग्ध प्रसंस्करण, रेडी-टू-ईट एवं रेडी-टू-कुक उत्पाद, ब्रेकफास्ट सीरियल्स, स्नैक्स, बेकरी, अनाज, दाल एवं तिलहन प्रसंस्करण सहित विभिन्न खाद्य एवं संबद्ध प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया गया है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में शनिवार को डायरेक्टोरेट ऑफ फूड प्रोसेसिंग के डास्प हॉल में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत गठित अप्रेजल समिति की बैठक वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त नवीन परियोजना प्रस्तावों की समीक्षा एवं अप्रेजल किया गया।
बैठक में अवगत कराया गया कि ऑनलाइन पोर्टल पर कुल 16 नवीन आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 10 नवीन परियोजना प्रस्ताव अप्रेजल समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए। समिति द्वारा प्रस्तुत परियोजनाओं का उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के प्रावधानों के अनुसार तकनीकी एवं वित्तीय दृष्टि से परीक्षण किया गया। परीक्षण के उपरांत संबंधित शर्तों के अनुपालन के साथ इन 10 परियोजना प्रस्तावों को आगे की कार्यवाही के लिए राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किए जाने की संस्तुति की गई।
अप्रेजल समिति के समक्ष प्रस्तुत प्रस्तावों में सोलर पावर प्लांट, फ्रूट बेवरेज एवं जूस निर्माण, छोटे सब्जी एवं मसाला उत्पाद, फ्रूट एवं वेजिटेबल सॉस, नमकीन एवं अन्य खाद्य उत्पाद, स्नैक्स निर्माण, पशु आहार/फीड निर्माण, नमकीन निर्माण तथा चिप्स एवं दाल-खिचड़ी निर्माण से संबंधित विभिन्न परियोजनाएं शामिल हैं।
समिति द्वारा परियोजनाओं के परीक्षण के दौरान कच्चे माल की उपलब्धता, स्थानीय कृषकों से कच्चे माल की आपूर्ति, प्रस्तावित उत्पादन क्षमता, पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित प्रमाण-पत्र तथा अन्य आवश्यक वैधानिक अनुमतियों और अभिलेखों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया। संबंधित इकाइयों को निर्धारित अभिलेख एवं प्रमाण-पत्र समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रस्तावों की आगामी कार्यवाही में अनावश्यक विलंब न हो।
बताया गया गया कि प्रस्तावित परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन बढ़ेगा तथा किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने के साथ ही स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने समिति के सदस्यों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना प्रस्तावों से संबंधित आवश्यक कार्यवाही निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाए। उन्होंने संबंधित उद्यमियों से भी नीति के प्रावधानों एवं निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा की।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के माध्यम से प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना, विस्तार एवं आधुनिकीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए पूंजीगत सब्सिडी, कोल्ड चेन एवं वैल्यू एडिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर, बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज तथा अन्य प्रोत्साहन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन के साथ खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ शहरों का निर्माण संभव : एके शर्मा
* सीबीजी, वेस्ट टू एनर्जी और बायोफ्यूल से कचरे का होगा बेहतर उपयोग, शहरों की सुधरेगी क्वालिटी आफ लाइफ : नगर विकास मंत्री
* मंत्री बोले; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता बनी जन आंदोलन, अब वैज्ञानिक आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर
* शर्मा ने कहा, सीएम योगी के मार्गदर्शन में स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त शहरों की दिशा में बढ़ रहा उत्तर प्रदेश

ग्रेटर नोएडा/लखनऊ, 26 सितंबर। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने नोएडा स्थित एक्सपो मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश के चौथे इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रतिभाग किया। इस दौरान नगर विकास विभाग की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर आयोजित सेमिनार में उन्होंने प्रतिभाग करते हुए नगरों को और अधिक स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाने के लिए नवीनतम तकनीक के माध्यम से ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रबंधन पर विशेष बल दिया।
संबोधन के दौरान नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल स्वच्छता से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे शहरों के स्वास्थ्य, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। प्रभावी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से हम शहरों को स्वच्छ रखने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान ने देश में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। अब हमारा प्रयास है कि इस जनआंदोलन को और अधिक वैज्ञानिक, व्यवस्थित और स्थायी बनाया जाए। इसके लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन व्यवस्था और जनभागीदारी को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
मंत्री श्री शर्मा ने लखनऊ के शिवरी स्थित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और प्रेरणास्थल की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि नगरीय क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ठोस अपशिष्ट निकलता है। यदि इसका वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन किया जाए तो यही अपशिष्ट एक बड़े अवसर में परिवर्तित हो सकता है। उन्होंने कहा कि वेस्ट मैनेजमेंट आज एक बड़ी बिजनेस अपॉर्चुनिटी भी बन सकता है। सीबीजी, वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोफ्यूल और रिसाइक्लिंग एवं री-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में अपशिष्ट का उपयोग कर नए उद्योगों और रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट का बेहतर प्रबंधन शहरों की क्वालिटी ऑफ लाइफ को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का सीधा प्रभाव पर्यावरण और वायु गुणवत्ता पर भी पड़ता है। कचरे का उचित निस्तारण और प्रोसेसिंग होने से खुले में कूड़ा जलाने जैसी गतिविधियों में कमी आती है और प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के कई शहरों ने देश में उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरणा एवं मार्गदर्शन के साथ ही अधिकारियों, कर्मचारियों और सफाई मित्रों के अथक परिश्रम का परिणाम है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में नगर विकास विभाग के सचिव/निदेशक अनुज कुमार झा ने मंत्री ए.के. शर्मा को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर अनुज कुमार झा ने कहा कि इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे कार्यक्रम के माध्यम से उत्तर प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रणाली से जोड़कर नगरीय निकायों को और अधिक स्वच्छ बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में नगर विकास विभाग के सचिव/निदेशक अनुज कुमार झा, विशेष अतिथि वी.के. चौरसिया सहित देश-विदेश से आए प्रतिनिधि, विशेषज्ञ एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
लखीमपुर स्टेशन पर कई घंटे से खड़ी कासगंज- लखनऊ एक्सप्रेस, ट्रैक पर गिरे पेड़ों से रेल यातायात ठप
लखीमपुर खीरी। तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश का असर रेल यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। कासगंज से लखनऊ जा रही एक्सप्रेस ट्रेन पिछले करीब ढाई घंटे से लखीमपुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी है। ट्रेन के रुकने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक ओयल-हरगांव रेलखंड के बीच कई पेड़ रेलवे ट्रैक पर गिर गए हैं। इसके अलावा हरगांव से सीतापुर के बीच भी पेड़ गिरने से रेल मार्ग बाधित होने की सूचना है। ट्रैक पर पेड़ गिरने के कारण इस रूट पर रेल यातायात प्रभावित हुआ है।
- तेज हवाओं और बारिश से राहत कार्य में भी दिक्कत
रेलवे ट्रैक से पेड़ों को हटाने का काम किया जा रहा है, लेकिन तेज हवाओं के कारण राहत और बहाली कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। ट्रैक साफ होने के बाद ही रेल संचालन सामान्य होने की उम्मीद है। फिलहाल कासगंज- लखनऊ एक्सप्रेस के लखीमपुर स्टेशन पर खड़े रहने से यात्रियों को ट्रेन के आगे बढ़ने का इंतजार करना पड़ रहा है। रेल मार्ग बाधित होने के चलते इस रूट की अन्य ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ने की संभावना है।