SIR में बड़ा बदलाव: नोटिस वाले मतदाताओं के घर पहुंचेंगे BLO, दस्तावेज खुद करेंगे अपलोड
- दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे-आपत्तियों की समयसीमा बढ़ी; कमजोर वर्गों के लिए विशेष शिविर, छूटे मतदाताओं के लिए चलेगा अभियान

नई दिल्ली, 26 सितंबर। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। आयोग के अनुसार, जिन मतदाताओं को अनमैप्ड (Unmapped) या तार्किक विसंगतियों (Logical Discrepancies) के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें दस्तावेज जमा करने के लिए निर्वाचन कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। ऐसे मतदाताओं के घर जाकर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) दस्तावेज एकत्र करेंगे और उन्हें ECINet पर अपलोड करेंगे।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में मतदाताओं को ERO/AERO कार्यालय बुलाने की आवश्यकता नहीं होगी। ERO के निर्णय के आधार पर केवल असाधारण परिस्थितियों में सुनवाई की जाएगी और प्राथमिकता के तौर पर इसे ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर मतदाता अपने परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य को सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकेगा।
- श्रमिकों और बेघरों के लिए विशेष शिविर
निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिया है कि रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, श्रमिकों, गरीबों और बेघर नागरिकों के लिए जरूरत के अनुसार पर्याप्त हेल्प डेस्क और विशेष शिविर लगाए जाएं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र मतदाता SIR प्रक्रिया से बाहर न रह जाएं।
- दिल्ली और महाराष्ट्र में बढ़ी समयसीमा
आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे एवं आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा भी बढ़ा दी है। दिल्ली में अब दावे और आपत्तियां 30 अक्टूबर 2026 तक दाखिल की जा सकेंगी, जबकि इनके निस्तारण की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2026 होगी। महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर 2026 तथा इनके निस्तारण की समयसीमा 10 नवंबर 2026 कर दी गई है।
- छूटे मतदाताओं के लिए विशेष अभियान
आयोग के अनुसार बिहार और पश्चिम बंगाल समेत 20 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में SIR पूरा हो चुका है। इन राज्यों में SIR के दौरान छूट गए मतदाता तथा नए और युवा मतदाता निरंतर अद्यतन (Continuous Updation) प्रक्रिया के तहत फॉर्म भर सकेंगे। इसके लिए विशेष अभियान तत्काल शुरू किया जाएगा।
- ECINet की स्वतंत्र समीक्षा होगी
आयोग ने ECINet पोर्टल की कार्यप्रणाली की समीक्षा और आवश्यक अपग्रेडेशन के लिए वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त (DEC) तथा IIT/IIIT के स्वतंत्र विशेषज्ञों की समिति गठित करने की बात कही है। आयोग ने यह भी तय किया है कि भविष्य में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) से जुड़ी नई पहलों पर आयोग की मंजूरी से पहले अधिकारियों की समिति (COO) में चर्चा की जाएगी।
- फॉर्म-6 के घोषणापत्र पर स्थिति स्पष्ट
SIR के लिए फॉर्म-6 से जुड़े घोषणापत्र को लेकर भी आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने SIR के संदर्भ में फॉर्म-6 के घोषणापत्र को बरकरार रखा है। वहीं, गैर-SIR अवधि में पंजीकरण नियम, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म का उपयोग जारी रहेगा।
- आयोग की प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव
निर्वाचन आयोग ने अपनी आंतरिक प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी कई निर्देश जारी किए हैं। आयोग की बैठकों का एजेंडा पहले से भेजना और बैठकों का विवरण (Minutes) जारी करना अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों के विदेश दौरों के लिए आयोग की मंजूरी आवश्यक होगी। साथ ही वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR) हर वर्ष 31 दिसंबर तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
- कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र पर आयोग का स्पष्टीकरण
आयोग ने कैबिनेट सचिव को लिखे गए पत्र को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया है। आयोग के अनुसार, यह पत्र किसी नीतिगत मामले या IT प्रभाग से संबंधित नहीं था, बल्कि ECI में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत एक अधिकारी के कामकाज से जुड़ा था। आयोग ने कहा कि उप चुनाव आयुक्त (DEC) से IT प्रभाग की निगरानी कभी वापस नहीं ली गई थी।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी उल्लेख
आयोग ने कहा कि SIR प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से लिया गया था और सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के आदेश में इसे बरकरार रखा है। आयोग ने गोवा का उदाहरण देते हुए बताया कि SIR के दौरान छूटे 97 मतदाताओं में से 81 ने अब तक फॉर्म-6 भर दिया है।
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश और रोजगार को मिल रही नई गति:  केशव प्रसाद मौर्य
- किसानों के उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर उनकी आय बढ़ाने तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने पर सरकार का विशेष जोर

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत 10 नवीन परियोजनाओं को राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी के समक्ष अनुमोदन हेतु संस्तुति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रदेश सरकार द्वारा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी नीतिगत एवं प्रोत्साहनात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं, प्रोत्साहनों एवं अनुदान आदि के संबंध में व्यापक जनजागरूकता एवं प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक उद्यमी इस क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आएं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर किसानों के उत्पादों को बेहतर बाजार और अधिक मूल्य दिलाने के साथ ही कृषि आधारित उद्योगों को मजबूत किया जा सकता है। इससे गांवों तक औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा तथा युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है और उत्तर प्रदेश सरकार इस क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य के मार्गदर्शन एवं निर्देशों के क्रम में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना एवं विस्तार से संबंधित निवेश प्रस्तावों के त्वरित परीक्षण की प्रक्रिया को गति दी जा रही है। उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत प्रदेश में पूंजी निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, आधुनिक प्रसंस्करण अवसंरचना के विकास तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रावधान किए गए हैं। नीति में फल एवं सब्जी प्रसंस्करण, दुग्ध प्रसंस्करण, रेडी-टू-ईट एवं रेडी-टू-कुक उत्पाद, ब्रेकफास्ट सीरियल्स, स्नैक्स, बेकरी, अनाज, दाल एवं तिलहन प्रसंस्करण सहित विभिन्न खाद्य एवं संबद्ध प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया गया है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में शनिवार को डायरेक्टोरेट ऑफ फूड प्रोसेसिंग के डास्प हॉल में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत गठित अप्रेजल समिति की बैठक वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त नवीन परियोजना प्रस्तावों की समीक्षा एवं अप्रेजल किया गया।
बैठक में अवगत कराया गया कि ऑनलाइन पोर्टल पर कुल 16 नवीन आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 10 नवीन परियोजना प्रस्ताव अप्रेजल समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए। समिति द्वारा प्रस्तुत परियोजनाओं का उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के प्रावधानों के अनुसार तकनीकी एवं वित्तीय दृष्टि से परीक्षण किया गया। परीक्षण के उपरांत संबंधित शर्तों के अनुपालन के साथ इन 10 परियोजना प्रस्तावों को आगे की कार्यवाही के लिए राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किए जाने की संस्तुति की गई।
अप्रेजल समिति के समक्ष प्रस्तुत प्रस्तावों में सोलर पावर प्लांट, फ्रूट बेवरेज एवं जूस निर्माण, छोटे सब्जी एवं मसाला उत्पाद, फ्रूट एवं वेजिटेबल सॉस, नमकीन एवं अन्य खाद्य उत्पाद, स्नैक्स निर्माण, पशु आहार/फीड निर्माण, नमकीन निर्माण तथा चिप्स एवं दाल-खिचड़ी निर्माण से संबंधित विभिन्न परियोजनाएं शामिल हैं।
समिति द्वारा परियोजनाओं के परीक्षण के दौरान कच्चे माल की उपलब्धता, स्थानीय कृषकों से कच्चे माल की आपूर्ति, प्रस्तावित उत्पादन क्षमता, पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित प्रमाण-पत्र तथा अन्य आवश्यक वैधानिक अनुमतियों और अभिलेखों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया। संबंधित इकाइयों को निर्धारित अभिलेख एवं प्रमाण-पत्र समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रस्तावों की आगामी कार्यवाही में अनावश्यक विलंब न हो।
बताया गया गया कि प्रस्तावित परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन बढ़ेगा तथा किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने के साथ ही स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने समिति के सदस्यों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना प्रस्तावों से संबंधित आवश्यक कार्यवाही निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाए। उन्होंने संबंधित उद्यमियों से भी नीति के प्रावधानों एवं निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा की।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के माध्यम से प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना, विस्तार एवं आधुनिकीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए पूंजीगत सब्सिडी, कोल्ड चेन एवं वैल्यू एडिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर, बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज तथा अन्य प्रोत्साहन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन के साथ खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ शहरों का निर्माण संभव : एके शर्मा
* सीबीजी, वेस्ट टू एनर्जी और बायोफ्यूल से कचरे का होगा बेहतर उपयोग, शहरों की सुधरेगी क्वालिटी आफ लाइफ : नगर विकास मंत्री
* मंत्री बोले; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता बनी जन आंदोलन, अब वैज्ञानिक आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर
* शर्मा ने कहा, सीएम योगी के मार्गदर्शन में स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त शहरों की दिशा में बढ़ रहा उत्तर प्रदेश

ग्रेटर नोएडा/लखनऊ, 26 सितंबर। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने नोएडा स्थित एक्सपो मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश के चौथे इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रतिभाग किया। इस दौरान नगर विकास विभाग की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर आयोजित सेमिनार में उन्होंने प्रतिभाग करते हुए नगरों को और अधिक स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाने के लिए नवीनतम तकनीक के माध्यम से ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रबंधन पर विशेष बल दिया।
संबोधन के दौरान नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल स्वच्छता से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे शहरों के स्वास्थ्य, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। प्रभावी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से हम शहरों को स्वच्छ रखने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान ने देश में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। अब हमारा प्रयास है कि इस जनआंदोलन को और अधिक वैज्ञानिक, व्यवस्थित और स्थायी बनाया जाए। इसके लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन व्यवस्था और जनभागीदारी को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
मंत्री श्री शर्मा ने लखनऊ के शिवरी स्थित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और प्रेरणास्थल की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि नगरीय क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ठोस अपशिष्ट निकलता है। यदि इसका वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन किया जाए तो यही अपशिष्ट एक बड़े अवसर में परिवर्तित हो सकता है। उन्होंने कहा कि वेस्ट मैनेजमेंट आज एक बड़ी बिजनेस अपॉर्चुनिटी भी बन सकता है। सीबीजी, वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोफ्यूल और रिसाइक्लिंग एवं री-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में अपशिष्ट का उपयोग कर नए उद्योगों और रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट का बेहतर प्रबंधन शहरों की क्वालिटी ऑफ लाइफ को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का सीधा प्रभाव पर्यावरण और वायु गुणवत्ता पर भी पड़ता है। कचरे का उचित निस्तारण और प्रोसेसिंग होने से खुले में कूड़ा जलाने जैसी गतिविधियों में कमी आती है और प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के कई शहरों ने देश में उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरणा एवं मार्गदर्शन के साथ ही अधिकारियों, कर्मचारियों और सफाई मित्रों के अथक परिश्रम का परिणाम है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में नगर विकास विभाग के सचिव/निदेशक अनुज कुमार झा ने मंत्री ए.के. शर्मा को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर अनुज कुमार झा ने कहा कि इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे कार्यक्रम के माध्यम से उत्तर प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रणाली से जोड़कर नगरीय निकायों को और अधिक स्वच्छ बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में नगर विकास विभाग के सचिव/निदेशक अनुज कुमार झा, विशेष अतिथि वी.के. चौरसिया सहित देश-विदेश से आए प्रतिनिधि, विशेषज्ञ एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
लखीमपुर स्टेशन पर कई घंटे से खड़ी कासगंज- लखनऊ एक्सप्रेस, ट्रैक पर गिरे पेड़ों से रेल यातायात ठप
लखीमपुर खीरी। तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश का असर रेल यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। कासगंज से लखनऊ जा रही एक्सप्रेस ट्रेन पिछले करीब ढाई घंटे से लखीमपुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी है। ट्रेन के रुकने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक ओयल-हरगांव रेलखंड के बीच कई पेड़ रेलवे ट्रैक पर गिर गए हैं। इसके अलावा हरगांव से सीतापुर के बीच भी पेड़ गिरने से रेल मार्ग बाधित होने की सूचना है। ट्रैक पर पेड़ गिरने के कारण इस रूट पर रेल यातायात प्रभावित हुआ है।
- तेज हवाओं और बारिश से राहत कार्य में भी दिक्कत
रेलवे ट्रैक से पेड़ों को हटाने का काम किया जा रहा है, लेकिन तेज हवाओं के कारण राहत और बहाली कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। ट्रैक साफ होने के बाद ही रेल संचालन सामान्य होने की उम्मीद है। फिलहाल कासगंज- लखनऊ एक्सप्रेस के लखीमपुर स्टेशन पर खड़े रहने से यात्रियों को ट्रेन के आगे बढ़ने का इंतजार करना पड़ रहा है। रेल मार्ग बाधित होने के चलते इस रूट की अन्य ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ने की संभावना है।
लगातार बारिश के बीच दुबग्गा मंडी पहुंचे मंडी निदेशक, कराई जल निकासी
- बारिश से कुछ स्थानों पर हुआ था जलभराव, नालियों की सफाई कराकर व्यवस्था कराई सुचारू
- सफाई व्यवस्था में शिथिलता पर मंडी सचिव को फटकार, दोबारा लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

लखनऊ। लगातार बारिश के दृष्टिगत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जल निकासी व्यवस्था सुचारू रखने के लिए अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के क्रम में मंडी निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को दुबग्गा मंडी का औचक निरीक्षण किया। पिछले दो दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण मंडी परिसर में कुछ स्थानों पर जलभराव मिलने पर उन्होंने मौके पर ही जल निकासी के प्रबंध कराए।
निरीक्षण के दौरान मंडी निदेशक ने नालियों एवं जल निकासी की स्थिति स्वयं देखी। कुछ स्थानों पर नालियों की समुचित सफाई नहीं मिलने पर उन्होंने मंडी सचिव को फटकार लगाई और तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए। इसके बाद अपनी मौजूदगी में नालियों की सफाई कराकर अवरुद्ध जल निकासी को सुचारू कराया।
मंडी निदेशक ने निर्देश दिए कि लगातार बारिश को देखते हुए मंडी परिसर में जल निकासी व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए। जिन स्थानों पर पानी जमा होने की आशंका है, वहां पहले से आवश्यक प्रबंध रखे जाएं। नालियों में कूड़ा अथवा सिल्ट जमा न होने दी जाए और बारिश के दौरान सफाई कर्मियों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने मंडी सचिव को चेतावनी दी कि जल निकासी एवं सफाई व्यवस्था में दोबारा लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। सफाई कार्य से जुड़े ठेकेदार के कार्यों की भी नियमित निगरानी करने और लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंडी निदेशक ने कहा कि बारिश के दौरान किसानों और व्यापारियों को मंडी परिसर में आवागमन एवं अपना कार्य करने में असुविधा न हो, इसके लिए जल निकासी और सफाई व्यवस्था हर समय क्रियाशील रखी जाए। अधिकारी स्वयं नियमित रूप से परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट
* सीएम ने फिरोजाबाद के ODOP ग्लासवर्क से निर्मित गणेश जी की प्रतिमा की भेंट

* मुख्यमंत्री योगी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से भी की मुलाकात

नई दिल्ली, 26 सितंबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। प्रधानमंत्री आवास पर हुई मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री को फिरोजाबाद के ODOP ग्लासवर्क से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट की।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा फिलहाल सामने नहीं आया है।
मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में सरकार और संगठन से जुड़ी गतिविधियां लगातार चल रही हैं। हालांकि इन मुलाकातों में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी के बिना किसी राजनीतिक एजेंडे की पुष्टि नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री योगी इससे पहले भी दिल्ली दौरों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और जेपी नड्डा समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करते रहे हैं।
सिपाही ने राइफल से तोड़े कार के शीशे, पांच लोगों की बचाई जान
- तेज बारिश में डिवाइडर तोड़कर पलटी फॉर्च्यूनर, कार में फंसी थीं सुल्तानपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष समेत पांच लोग

कन्नौज। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर तेज बारिश के दौरान एक फॉर्च्यूनर कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए पलट गई। हादसे के बाद कार में सुल्तानपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह समेत पांच लोग फंस गए। कार के अंदर से चीख-पुकार सुनकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे सिपाही अमित तेवतिया और उनकी पत्नी अर्चना सिंह की नजर हादसे पर पड़ी। दोनों ने तत्काल अपना वाहन रोककर राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया। कार के दरवाजे नहीं खुलने पर सिपाही अमित तेवतिया ने अपनी राइफल से कार के शीशे तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का रास्ता बनाया। वहीं, उनकी पत्नी अर्चना सिंह ने आसपास से गुजर रहे वाहन चालकों से मदद मांगी। इसके बाद लोगों की मदद से कार में फंसे जिला पंचायत अध्यक्ष समेत पांचों लोगों को एक-एक कर बाहर निकाला गया।
हादसे में सभी लोग घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। समय रहते सिपाही और उनकी पत्नी द्वारा किए गए राहत कार्य से कार में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्रदेश के 63 जनपदों में अतिवृष्टि, राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
- राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

लखनऊ, 26 सितंबर। प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी भारी वर्षा एवं प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शनिवार को प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक परिस्थिति में आमजन की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना जिलाधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
राहत आयुक्त ने बताया कि प्रदेश के 63 जनपदों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। पूरे प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान सामान्य से 19 गुना अधिक वर्षा हुई है। फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना तथा कन्नौज, कानपुर देहात एवं हरदोई में 130 गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि भदोही, देवरिया एवं अलीगढ़ में सामान्य वर्षा हुई है, जबकि गाजीपुर में सबसे कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर एवं हापुड़ में वर्षा नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि पिछले 48 घंटों में अतिवृष्टि एवं आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 15 जनहानि, 4 पशुहानि तथा 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त 5 व्यक्ति घायल हुए हैं। जनहानि के मामलों में अमेठी, बहराइच, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई एवं कानपुर नगर में 1-1, अयोध्या में 2 तथा लखीमपुर खीरी में 4 जनहानियां हुई हैं। बहराइच में दीवार गिरने से 01 तथा बस्ती में आंधी-तूफान के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है। अतिवृष्टि एवं आंधी-तूफान से अमेठी में 01, फर्रूखाबाद 01, कासगंज 01, मैनपुरी 01, बलिया 02, बलरामपुर 02, प्रतापगढ़ 02, संतकबीरनगर 02, वाराणसी 02, गाजीपुर 03, कानपुर देहात 03, बहराइच 05, सुल्तानपुर 05, औरया 07, पीलीभीत 07, जालौन 21, बांदा में 32 तथा हरदोई में 14 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
राहत आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों को जनहानि, पशुहानि एवं मकान क्षति के मामलों में पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावितों को तत्काल अनुमन्य सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने तथा भारी वर्षा से हुई क्षति का तत्काल सर्वेक्षण एवं आकलन कराकर प्रभावित व्यक्तियों को नियमानुसार राहत सहायता का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, वर्षा से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराकर प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड एवं आपदा मित्रों की सेवाएं आवश्यकता के अनुसार ली जाएं। सभी राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर भ्रमण एवं निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में आमजन को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि लेखपालों एवं ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से कच्चे मकानों के आसपास जलभराव की स्थिति का तत्काल संज्ञान लिया जाए तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कच्चे मकानों में निवासरत परिवारों की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। इसके साथ ही, विभिन्न संचार माध्यमों से आमजन तक मौसम संबंधी चेतावनियों एवं आवश्यक सुरक्षा संबंधी जानकारी का व्यापक प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
राहत आयुक्त ने बताया कि नेपाल में हो रही भारी वर्षा के दृष्टिगत सीमावर्ती जनपदों, विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों में नदियों के जल स्तर के बढ़ने की आशंका को देखते हुए संबंधित जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बाढ़ राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने तथा जिलाधिकारियों को स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का निरंतर आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करते हुए आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी के अनुसार आगामी 36 घंटों के बाद मौसम सामान्य होने की संभावना है। इसे देखते हुए राहत आयुक्त ने आमजन से अपील की है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें, सुरक्षित स्थानों पर रहें तथा प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए राहत हेल्पलाइन ’1070’ पर संपर्क कर सूचना दें।
लखनऊ में 38 घंटे से बारिश का दौर जारी, कई इलाकों में जलभराव और बिजली संकट

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में करीब 38 घंटे से लगातार हो रही तेज बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। पुराने लखनऊ समेत कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गई हैं, जबकि कुछ स्थानों पर बारिश का पानी घरों तक पहुंच गया। लगातार बरसात के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। तेज हवाओं के बीच कई मोहल्लों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
- इन इलाकों में जलभराव से परेशानी
शहर के जानकीपुरम, गोमतीनगर, अलीगंज, कश्मीरी मोहल्ला, फैजुल्लागंज, खदरा, मदेयगंज, गाजीपुर और विकासनगर समेत कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बताई जा रही है। चिनहट और आशियाना में भी बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ है। आशियाना के सेक्टर-एम में कई सड़कें पानी में डूबी नजर आईं। स्थानीय स्तर पर नाले-नालियों में सिल्ट जमा होने के कारण बारिश के पानी की निकासी प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। कई जगह पानी सड़कों से होते हुए घरों तक पहुंच गया है।
- सीवर लाइन के काम के बीच धंसी सड़कें
बारिश के बीच शहर में सीवर लाइन के कार्यों के चलते पहले से बदहाल सड़कों पर लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। कई स्थानों पर सड़क धंसने की घटनाएं भी सामने आई हैं। अमीनाबाद में प्रकाश कुल्फी के सामने सड़क का एक हिस्सा धंस गया। इससे वहां हादसे की आशंका बढ़ गई है। सड़क की स्थिति को लेकर जल निगम के कामकाज पर भी सवाल उठ रहे हैं। बारिश के दौरान धंसी सड़कों और जलभराव ने यातायात व्यवस्था के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।
- केकेसी के पास कार पर गिरा विशाल पेड़
लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच केकेसी के पास एक बड़ा पेड़ अचानक चार पहिया वाहन पर जा गिरा। पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
- बिजली को लेकर विभाग ने जारी की एडवाइजरी
भारी बारिश को देखते हुए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने विद्युत पोल, बिजली की लाइनों, ट्रांसफार्मर और स्विच बोर्ड से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। बारिश के दौरान बिजली के उपकरणों को छूने में विशेष सावधानी बरतने और किसी भी तरह की विद्युत संबंधी स्थिति में सुरक्षित दूरी बनाए रखने को कहा गया है। विभाग ने लोगों से बारिश के दौरान सतर्क रहने और विद्युत सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री योगी ने यूपी को बनाया निवेश का केंद्र: अमित शाह
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी ने किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ
- योगी सरकार में ऐसा बदला यूपी कि आज एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय कर सकता है प्रदेश
-  अमित शाह बोले- सपा-बसपा के शासन में कट्टा-बम बनाने की इंडस्ट्री लगती थी, आज यूपी में बन रहे रक्षा उत्पाद
- वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग और चेन स्नैचिंग की जगह बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क: अमित शाह
- यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण तोड़ेगा पिछले सभी रिकॉर्ड, निवेश, उत्पादन और बिक्री में होगी बड़ी बढ़ोतरी

ग्रेटर नोएडा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में आए बदलाव के बहाने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना की। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण के शुभारंभ पर उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब उत्तर प्रदेश सरकार को निवेश का कार्यक्रम प्रदेश से बाहर करना पड़ा था। तब अधिकारी कहते थे कि कानून-व्यवस्था की हालत ऐसी है कि निवेशक यहां आने को तैयार नहीं हैं। आज तस्वीर बदल चुकी है। वही उत्तर प्रदेश भयमुक्त होकर निवेश का केंद्र बन रहा है और देश के विकास के इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।
शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जमीन पहले भी थी, 24 करोड़ से अधिक की आबादी और मेहनती कारीगर भी थे। कमी उद्योगों के लिए अच्छे माहौल की थी। 2017 में भाजपा की सरकार बनी और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो माफिया के खिलाफ कार्रवाई हुई और कानून-व्यवस्था बदली। इसी का नतीजा है कि आज निवेशक उत्तर प्रदेश आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलाव इतना बड़ा है कि उत्तर प्रदेश अब एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
*कट्टा-बम की इंडस्ट्री की जगह बन रहे रक्षा उत्पाद: शाह*
पूर्ववर्ती सपा और बसपा सरकारों पर तीखा हमला करते हुए अमित शाह ने कहा कि उस दौर में उत्तर प्रदेश में अपराध की इंडस्ट्री चलती थी। कट्टा-बम बनाने की इंडस्ट्री लगती थी, वाहन चोरी का कुटीर उद्योग चलता था और चेन स्नैचिंग में युवाओं को हुनर प्राप्त करने का मौका मिलता था। आज करीब 10 साल बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। कट्टा-बम की इंडस्ट्री की जगह रक्षा उत्पाद बन रहे हैं, वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग हो रही है और चेन स्नैचिंग की जगह मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने सपा-बसपा के समय की गुंडागर्दी को नेस्तनाबूद कर प्रदेश में उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया है।
शाह ने उत्तर प्रदेश के बदलाव को चार चरणों में समझाया। कहा, पहले दुनिया ने देखा कि यूपी बदल रहा है। फिर लोगों ने यहां आने की इच्छा जताई। इसके बाद निवेशक उत्तर प्रदेश आए और अब वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनने जा रहे हैं। यही भागीदारी उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की यात्रा को आगे बढ़ाएगी।
*डिफेंस कॉरिडोर का जिक्र कर योगी सरकार को सराहा*
अमित शाह ने कहा कि कार्यक्रम में आते समय उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ डिफेंस कॉरिडोर का स्टॉल देखा। झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर के छह नोड में रक्षा उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग के लिए निवेश आ रहा है। इसके लिए योगी सरकार ने अनुकूल नीतियां बनाने से लेकर जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने तक बड़ा काम किया है।
उन्होंने कहा कि देश का रक्षा उत्पादन आज करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। उत्तर प्रदेश भी इसमें अपनी भूमिका तेजी से बढ़ा रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि यह पाकिस्तान की नींद उड़ा रही है। वहीं अमेठी में बनी एके-203 असॉल्ट राइफल नक्सलियों की नींद उड़ा चुकी है। कभी जिस उत्तर प्रदेश में उद्योग लगाने का साहस नहीं होता था, आज वही रक्षा उत्पादन में अपनी पहचान बना रहा है।
*एक्सप्रेसवे ने बढ़ाई रफ्तार, ओडीओपी बना विकास की रीढ़*
शाह ने कहा कि एक्सप्रेसवे और चौतरफा विकास ने उत्तर प्रदेश को प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ाया है। इसके साथ ही योगी सरकार ने प्रदेश के परंपरागत हुनर को सहेजने और आगे बढ़ाने का काम किया। यही हुनर आज वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में दिखाई दे रहा है और प्रदेश के विकास की रीढ़ बन चुका है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के उत्पादों ने देशभर में अपनी पहचान बनाई है। आने वाले समय में कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक लोगों के लिए उत्तर प्रदेश के उत्पाद आसानी से उपलब्ध होंगे।
*पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा चौथा संस्करण*
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को प्रदेश के लिए बड़ा कारोबारी अवसर बताते हुए अमित शाह ने कहा कि यहां देश-दुनिया से सैकड़ों व्यापारी आए हैं। कई व्यापारिक समझौते होने वाले हैं। इसका सीधा असर निवेश, उत्पादन और बिक्री पर पड़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार का ट्रेड शो पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा।
शाह ने कहा कि 2025 का संस्करण प्रभाव का वर्ष साबित हुआ था। पांच लाख से अधिक लोग इसमें पहुंचे थे और 2,400 से अधिक समझौते हुए थे। हजारों करोड़ रुपये के निवेश और व्यापारिक समझौतों का रास्ता खुला था। इस बार की भागीदारी को देखकर लग रहा है कि चौथा संस्करण उससे भी आगे जाएगा।
*मेक इन इंडिया की राह को आगे बढ़ा रहा यूपीआईटीएस*
अमित शाह ने कहा कि 12 वर्ष पहले इसी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेक इन इंडिया मिशन की घोषणा की थी। इन 12 वर्षों में केंद्र और राज्यों ने मिलकर भारत को उत्पादन, डिजाइन और इनोवेशन का केंद्र बनाने के लिए काम किया है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उसी मेक इन इंडिया की राह को आगे बढ़ाने वाला आयोजन है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद दीनदयाल उपाध्याय ने मुक्त व्यापार और मुक्त खेती की अवधारणा सामने रखी थी। आगे चलकर यही सोच पहले अटल बिहारी वाजपेयी और फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास का आधार बनी।
शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास जमीन और मेहनती कारीगरों के साथ अब उद्योगों के लिए अच्छा वातावरण भी है। ट्रेड शो में जुटे कारोबारी और यहां होने वाले समझौते आने वाले दिनों में निवेश, उत्पादन और कारोबार को और गति देंगे। उत्तर प्रदेश के विकास में दुनिया के निवेशक अब भागीदार बनने की ओर बढ़ रहे हैं।