डीएम-एसपी ने ज्ञानपुर जिला जेल का औचक निरीक्षण किया: सुरक्षा, स्वच्छता, चिकित्सा और भोजन व्यवस्था जांची, बंदियों को समय पर सभी सुविधाएं देने के


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने ज्ञानपुर जिला जेल का अचानक निरीक्षण किया। उन्होंने जेल में बंद कैदियों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।

अधिकारियों ने जेल की सुरक्षा, स्वच्छता, चिकित्सा और भोजन व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने रसोई घर, खाद्यान स्टोर, पुरुष, महिला और किशोर बैरकों का जायजा लिया। जेल परिसर में चल रही डिस्पेंसरी का भी निरीक्षण किया गया।

डीएम और एसपी ने महिला बैरक में जाकर सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि बंदियों को सभी सरकारी सुविधाएं समय पर मिलें। पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई व्यवस्था भी जांची गई। मुलाकाती रजिस्टर का भी अवलोकन किया गया।
रोजगार मेले में 467 अभ्यर्थियों का चयन, 899 ने किया प्रतिभाग*
प्रयागराज
Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अंतर्गत क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय प्रयागराज एवं ईश्वरदीन छेदी लाल इंटर कॉलेज जसरा, बारा के संयुक्त तत्वावधान में 25 सितंबर को रोजगार महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। मेले में 21 निजी कंपनियों ने प्रतिभाग किया जिसमें 467 अभ्यर्थियों का चयन किया गया।मेले में कुल 899 बेरोजगार अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया। मुख्य अतिथि विधायक बारा डॉ. वाचस्पति ने युवाओं को भविष्य उज्जवल बनाने के लिए प्रेरित किया और कंपनियों से चयनित अभ्यर्थियों को उचित वेतन के साथ रोजगार देने का आग्रह किया।सहायक निदेशक सेवायोजन राजीव कुमार यादव ने अभ्यर्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि रोजगार महोत्सव की सम्पूर्ण प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य योगेन्द्र सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन उप निदेशक रविशेखर आनंद ने किया।
कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल का प्रयागराज आगमन आज

अपना दल एस के जिला सचिव के आवास पर स्थानीय कार्यकर्ताओं ने की बैठक

प्रयागराज

Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

अपना दल (एस) पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार ई0 आशीष पटेल प्रयागराज के यमुनापार में गौहनिया स्थित एम. वी. कांवेंट में आज शनिवार को जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष यमुनापार राम मनोहर पटेल करेंगे। बैठक के संयोजक बारा विधायक वाचस्पति हैं।
जिसके परिपेक्ष्य में शुक्रवार को विधानसभा कोरांव में क्षेत्रीय परिक्षेत्र प्रयागराज के सचिव डॉ0 हरिचंद्र पटेल के आवास पर जिलाध्यक्ष राम मनोहर पटेल संग क्षेत्रीय सचिव लाल शास्त्री पटेल , महासचिव सम्राट राहुल मौर्य, जिला महासचिव दिनेश पटेल, जिला कोषाध्यक्ष राज कुमार पटेल, जिलाध्यक्ष अनुसूचित मंच शिवबालक कोल , आदि कार्यकर्ता पदाधिकारियों के संग आकस्मिक बैठक कर कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु आवश्यक योजना तैयार की।
मंडल स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह*
गोण्डा। देवीपाटन मंडल शिक्षा के क्षेत्र में अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। विशेषकर ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और युवाओं में आगे बढ़ने का उत्साह पैदा करने की आवश्यकता है।

इसी उद्देश्य से मसूद आलम ख़ान द्वारा विगत कई वर्षों से निरंतर मंडल स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया जाता रहा है। इस समारोह के माध्यम से NEET, JEE, यूपी बोर्ड, CBSE बोर्ड, ICSE बोर्ड एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया जाता है।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य देवीपाटन मंडल के प्रत्येक गाँव और कस्बे में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उचित सम्मान देना तथा आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे भी बड़े सपने देखें और अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।

विगत वर्ष आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में गोंडा जनपद के एकमात्र जीवित 100 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, आदरणीय पंडित राम अचल दूबे आचार्य जी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।

मसूद आलम ख़ान सदैव शिक्षा, सामाजिक सद्भाव, प्रतिभाओं के सम्मान और समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित रहे हैं।

हमारा संकल्प है कि देवीपाटन मंडल का कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी संसाधनों और प्रोत्साहन के अभाव में पीछे न रहे।

शिक्षा का सम्मान, प्रतिभा का उत्थान और समाज का विकास ही इस आयोजन का मूल उद्देश्य है।
सतर्कता से समृद्धि का संदेश लेकर विद्यार्थियों ने बनाए आकर्षक पोस्टर
डी मोनफोर अकादमी में पोस्टर निर्माण गतिविधि, विद्यार्थियों ने ईमानदारी और पारदर्शिता का दिया संदेश

रामराज (मेरठ)। डी मोनफोर अकादमी में विद्यार्थियों को ईमानदारी, नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता और जिम्मेदार नागरिकता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 25 सितंबर को पोस्टर निर्माण गतिविधि का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड एवं केंद्रीय सतर्कता आयोग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत कराया गया।

गतिविधि का विषय “सतर्कता से समृद्धि” रखा गया। कक्षा छह से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक सोच और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए आकर्षक एवं संदेशपरक पोस्टर तैयार किए। पोस्टरों के माध्यम से ईमानदारी, पारदर्शिता, कर्तव्यनिष्ठा तथा भ्रष्टाचार के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।

सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के अनुसार विद्यार्थियों ने ए-2 आकार के क्षैतिज पोस्टर हिंदी अथवा अंग्रेजी माध्यम में तैयार किए। विद्यार्थियों को मौलिक एवं स्वयं तैयार सामग्री के माध्यम से विषय को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

इसी क्रम में विद्यार्थियों को सतर्कता जागरूकता संबंधी ऑनलाइन कार्यक्रम भी दिखाया गया। इसके माध्यम से उन्हें नैतिक आचरण, ईमानदारी, सतर्कता और भ्रष्टाचार की रोकथाम के महत्व से अवगत कराया गया। विद्यार्थियों ने ऑनलाइन कार्यक्रम से मिले संदेशों को अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों में भी अभिव्यक्त किया।

विद्यालय के प्राचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों को रचनात्मक मंच देने के साथ-साथ उनमें नैतिक मूल्यों, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करती हैं। निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जागरूकता एवं नैतिक मूल्यों की शिक्षा व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

निर्देशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पोस्टरों की सराहना की। उप-प्रधानाचार्या रितु चिकारा ने कहा कि ऐसी गतिविधियों से विद्यार्थियों को सामाजिक विषयों को समझने और अपने विचारों को रचनात्मक ढंग से व्यक्त करने का अवसर मिलता है।
मऊ: रानीपुर के तेंदुली गांव में पानी की टंकी पर गिरा पेड़, ढांचा पूरी तरह क्षतिग्रस्त
मऊ। जिले के रानीपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत तेंदुली में तेज हवा और बारिश के बीच एक पेड़ पानी की टंकी पर गिर गया।

पेड़ गिरने से पानी की टंकी का ढांचा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना के बाद ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मौके का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त टंकी को जल्द दुरुस्त कराने तथा पेयजल व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है।
मऊ जिलाधिकारी ने थाना दोहरीघाट में थाना समाधान दिवस पर सुनीं जनसमस्याएं
जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के साथ शनिवार को थाना दोहरीघाट में आयोजित थाना समाधान दिवस के अवसर पर जनसुनवाई की।

इस दौरान उन्होंने फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण शासन की प्राथमिकता है।

जनसुनवाई के दौरान प्राप्त प्रत्येक शिकायत का संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर स्थलीय सत्यापन करते हुए नियमानुसार निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को निस्तारण की प्रक्रिया एवं कार्रवाई से भी अवगत कराया जाए।

राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ ऐसे मामलों का प्रभावी ढंग से निस्तारण सुनिश्चित करें, जिनमें दोनों विभागों की संयुक्त भूमिका हो।

पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश बहादुर ने भी पुलिस अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों पर त्वरित एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भदोही में रोडवेज बसों का ठहराव नहीं, पर बना दिए दो बस अड्डे, हाई स्पीड ट्रेनों और मेट्रो के दौर में यहां बस सेवा तक नहीं*


*भदोही में 32 वर्षों से रोडवेज बस सेवा का अभाव*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी के लोग 32 वर्ष से रोडवेज सुविधा के लिए परेशान हैं। जिले से एक भी बस नहीं चलने से उन्हें आटो या टोटो जैसे वाहनों का प्रयोग करना पड़ रहा है। उधर एक भी बस न चलने के बाद भी सरकार की ओर से लगभग छह करोड़ से अधिक रुपये से भदोही और ज्ञानपुर में बस अड्डे बना दिए गए।यहां बसों का ठहराव या संचालन तो दूर की बात है, यह जरूर कि इसमें बेसहारा मवेशी, शरारती तत्वों का जमावड़ा जरूर होता है। जनता के पैसों की किस तरह बर्बादी की जाती है यह दोनों बस अड्डे इस बात की गवाही दे रहे हैं। इनमें ज्ञानपुर बस अड्डा 2008 में बना था, बसों का संचालन न होने से यह भवन खंडहर में तब्दील हो गया। वर्तमान सरकार में फिर से नया भवन और तीन करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च किए गए। भवन बनने के बाद यह परिसर फिर से वीरानी का दंश झेल रहा है।

कालीन नगरी होने के कारण हर बाहरी व्यक्ति की यह जिज्ञासा रहती है कि वह कालीन को बुनते हुए देखे। यह जाने के एक कालीन बनाने में कितने दिन, लागत और डिजाइन किस तरह बुनकर तैयार करते हैं। उसी यह आशा तभी पूरी होगी जब उसके पास या तो अपना साधन हो या फिर कोई वाहन यहां आकर रिजर्व करे। इसके अलावा 20 लाख की आबादी वाले जिले के लोगों को भी बराबर कहीं न कहीं आना जाना होता है पर कोई सार्वजनिक साधन ही नहीं है।वाराणसी या प्रयागराज से लोग सार्वजनिक साधन से गोपीगंज तो आ सकते हैं लेकिन उसके बाद जिले में कहीं भी आने जाने के लिए कोई साधन नहीं है। 2008 में यह आशा जगी थी कि ज्ञानपुर में बस अड्डा बन गया है तो यहां से बसें चलेंगी लेकिन कुछ दिनों बाद बसें ऐसी गायब हुईं कि मानो यहां के लिए उन साधनों को चलाया ही नहीं गया था।




भदोही में तीन करोड़ से बने बस अड्डे से भी उम्मीद जगी कि यहां बसें आएंगी। कुछ माह पूर्व इस अड्डे का परिवहन निदेशक ने निरीक्षण भी किया और आश्वस्त किया था कि छह बसें तो प्रयागराज और वाराणसी के लिए चलेंगी ही लेकिन हुआ कुछ नहीं। जब बड़े अधिकारी भी राजनीतिक जुमले कहकर चले जा रहे हैं तो स्थानीय अधिकारी भी प्रया करने की बात कहकर चुप्पी साध लेेते हैं।

बात हाई स्पीड ट्रेनों की और भदोही में 32 साल से बस सेवा तक नहीं

वाराणसी-प्रयागराज के मध्य भदोही जिला 32 वर्ष पहले बना। सार्वजनिक परिवहन के मामलों में दोनों जिले तो काफी आगे हैं पर भदोही जिला अब भी पिछड़ेपन का शिकार है। भदोही से ज्ञानपुर 13 किमी, गोपीगंज से ज्ञानपुर 6 किमी तक आटो, टोटो आदि हैं। पर ज्ञानपुर से जिला मुख्यालय सरपतहां 7 किमी, मुख्यालय या ज्ञानपुर से विकास भवन कंसापुर 5 किमी पहुंचने के लिए कोई नियमित सार्वजनिक साधन की व्यवस्था नहीं है।

लोग आटो रिजर्व कर या सवारी भरने के बाद आटो से जाने को विवश हैं। यह तब है देश में हाई स्पीड ट्रेनें चल रही हैं। शहरों को ऐसी ट्रेनों से जोड़ने का सपना दिखा रहे हैं। ऐसे में कालीन नगरी के नाम से विश्वभर में प्रसिद्ध भदोही के लोग आटो, सफारी या डग्गामार वाहनों से ही मंजिल तय कर रहे हैंं।

ज्ञानपुर मुख्यालय से छह किमी दूर सरपतहां में जिला न्यायालय है, यहीं जिला मुख्यालय भी और इससे सात किमी दूर कंसापुर गांव में विकास भवन है। तीनों स्थानों पर हर रोज लगभग 4500 लोग रोज पहुंचते हैं। इन्हें इन स्थानों पर पहुंचने के लिए रोज आने जाने में 40 से 50 रुपये खर्च करना पड़ता है। आश्चर्य की बात यह कि कार्यालय नगर पंचायत ज्ञानपुर की सुविधा लेते हैं। पर साधन के नाम पर यहां किसी ने रोडवेज बस या सिटी बस चलवाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया।

इन स्थानों के लिए निर्धारित समय पर यदि सिटी बस ही चल जाए और आमजन को काफी लाभ मिल जाए। इसके अलावा जिला मुख्यालय से दूसरे जिलों के लिए भी नियमित रोडवेज सेवा का अभाव है। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर बड़े शहरों के लिए बसें जरूर मिलती हैं, लेकिन कोनिया, छेछुआ, सुरियावां, दुर्गागंज, चौरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाने के लिए लोगों को डग्गामार वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे अधिक किराया, अनियमित सेवा और सुरक्षा से जुड़े सवाल भी सामने आते हैं।

दो बस अड़डे पर ठहराव किसी बस का नहीं
2008 में जिला मुख्यालय ज्ञानपुर में था। उस समय की बसपा सरकार में परिवहन मंत्री रहे रामअचल राजभर ने ज्ञानपुर में बस अड्डे का उद्घाटन किया था। दो महीने तक यहां से छह बसेें, वाराणसी, प्रयागराज, मीरजापुर, कानपुर, खजुराहो तक बस चली थी। इसे बाद से सारी बसें गायब हो गईं। बाद में जिला मुख्यालय और न्यायालय सरपतहां में चला गया और विकास भवन कंसापुर में बन गया। लोगों को आवागमन में तब से परेशानी शुरू हुई जो अब तक बनी हुई है। भदोही में भी बस अड्डा बना है लेकिन यहां एक भी बसों का न तो ठहराव है न ही यहां से संचालन है।

बोले कारोबारी

जिला सड़क परिवहन के मामले में फिसड्डी बना हुआ है। विवश होकर लोग आटो, डग्गामार वाहनों या रिजर्व वाहन से यात्रा कर रहे हैं। जिले में सिटी बसों का संचालन तो दूर की बात है परिवहन निगम की बस सेवा से भी लोग वंचित है। जबकि भदोही, ज्ञानपुर, औराई में करोडों रुपये खर्च कर रोडवेज बस स्टेशन का निर्माण कराया गया है। - रामू शर्मा, अध्यक्ष रजपुरा कालोनी सेवा समिति

सड़क परिवहन की सुविधा न होने के कारण ग्रामीण अंचलों के लोगों को काफी परेशानी झेलनी होती है। जौनपुर-मीरजापुर और वाराणसी-प्रयागराज वाया गोपीगंज रोडवेज बसों का संचालन तो हो रहा है लेकिन इसका लाभ जनपदवासियों को नहीं मिल रहा। यह बसे सीधे निकल जाती है और यात्रा बैठे इंतजार करते रहते हैं। - डा. शैलेष कुमार पाठक, चिकित्सक

कचहरी आने वाले वादकारी जब यह कहते हैं कि साहब साधन नहीं मिला, इससे तारीख पर देरी हो गई। वादी की बात सुनकर बड़ा दुख होता है। यह समस्या जड़ कर चुकी है लेकिन जिला प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधि तक इस समस्या को जानबूझकर अंजान बने बैठे हैं। इसके लिए प्रयास होना चाहिए। - सुधाकर पांडेय, अधिवक्ता

सरकार से उम्मीद है कि जिले में सार्वजनिक साधन की व्यवस्था हो जाएगी। हालांकि जनप्रतिनिधि इसके लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं। यह आश्चर्य ही है कि जिले में अब तक रोडवेज बसों का संचालन नहीं हाे रहा है। जिला प्रशासन को भी इसके लिए पहल करनी चाहिए। रोडवेज से संबंधित प्रस्ताव शासन में भेजना चाहिए। - अरविंद मौर्य, व्यापारी

डीघ क्षेत्र के वादीकारी न्यायालय आते हैं तो उनकी दशा देखकर मन खिन्न हो उठता है। उन्हें छेछुआ, भुर्रा से आने में चार से पांच साधन बदलने पड़ते हैं। न्यायालय तक पहुंचने में उनका लगभग डेढ़ सौ रुपये खर्च हो जाता है। उसके बाद अपनी तारीख देकर लौटते हैं। यदि बस की सुविधा हो तो उनका समय, पैसा दोनों बचेगा। इसके लिए सभी को प्रयास करना चाहिए। - शमशाद खान, अधिवक्ता

जिले की स्थापना के तीन दशक के बाद भी परिवहन निगम की बस सेवा से वंचित रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। भदोही में तीन करोड की लागत से निर्मित रोडवेज बस स्टेशन महज शोपीस बना है। जिले के सीमावर्ती गांवों से जिला मुख्यालय जाने के लिए कोई सीधा साधन नहीं है। कंधिया क्षेत्र के लोगों को मुख्यालय जाने के लिए तीन से चार साधन बदलना पड़ते हैं। - गिरधारी जायसवाल, सभासद

ख्याति के अनुरूप जिले में न तो रेल साधन संतोषजनक है न ही परिवहन व्यवस्था है। इससे आम लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जनहित से जुड़ी गंभीर समस्या न तो चुनावी मुद्दा बनती है न ही जनप्रतिनिधि इसे गंभीरता से लेते हैं। जबकि इसके कारण जिले की 80 प्रतिशत जनता को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। - आरके बोथरा, निर्यातक



जिले में सिटी बस संचालन को लंबी प्रक्रिया है। बस डिपो के लिए विभाग ने शासन में प्रस्ताव भेजा है। मूंसीलाटपुर में डिपो के लिए जमीन चिन्हित की गई है लेकिन राजस्व विभाग ने उसे विभाग के नाम नहीं किया है। जमीन विभाग के नाम हो जाए तो उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बसों के ठहरने आदि की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।

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परशुराम पांडेय, क्षेत्रीय प्रबंधक, राज्य परिवहन निगम, वाराणसी
DPM Public School में वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह मे मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित, डिजिटल बोर्ड एवं AI
मेरठ।बहसूमा। DPM Public School* , बहसूमा में सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में भव्य वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों को भी आमंत्रित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कमल दत्त शर्मा, पूर्व विधायक प्रत्याशी भाजपा एवं 48 मेरठ शहर विधानसभा संयोजक रहे। विद्यालय प्रबंधन द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सफलता में माता-पिता और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के सचिव जगदीश त्यागी ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और आधुनिक तकनीकी ज्ञान प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विद्यालय के प्रधानाचार्य जिया जैदी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

समारोह के दौरान मुख्य अतिथि कमल दत्त शर्मा, सचिव जगदीश त्यागी एवं प्रधानाचार्य जिया जैदी ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। पुरस्कार प्राप्त कर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे और अभिभावकों ने भी बच्चों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की।

डिजिटल शिक्षा की ओर विद्यालय का महत्वपूर्ण कदम :* कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में डिजिटल बोर्ड का उद्घाटन भी मुख्य अतिथि कमल दत्त शर्मा द्वारा किया गया। विद्यालय में अब डिजिटल बोर्ड के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक एवं तकनीक-आधारित शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही AI आधारित शिक्षण तकनीक का भी प्रयोग किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को विषयों को अधिक सरल, प्रभावी और रोचक ढंग से समझने में सहायता मिलेगी।

रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन :* समारोह में विद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, वेशभूषा एवं परंपराओं को आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत कर दिया। विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों का खूब मनोरंजन किया और सभी ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए जलपान की भी उचित व्यवस्था की गई।
समारोह के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने मुख्य अतिथि, अभिभावकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों का कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
मेडिकल कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य बने डाक्टर संतोष वर्मा, डॉक्टर बीना सिंह हटाई गई
*जालौन मेडिकल कॉलेज के साथ गोंडा मेडिकल कॉलेज का भी मिला प्रभार

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार देर रात लगभग 9 बजे शासन स्तर से कार्यवाहक प्राचार्य के पद पर बदलाव किया गया।मेडिकल कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य डॉक्टर बीना सिंह को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है।उनके स्थान पर जालौन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर संतोष वर्मा को नया कार्यवाहक प्राचार्य नियुक्त किया गया है।प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन वी हेकाली झिमोमी ने इस संबंध में जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को पत्र भेजा है।शासन की तरफ से जारी आदेश में डॉक्टर संतोष कुमार वर्मा को कार्यवाहक प्राचार्य की जिम्मेदारी दी गई है।आदेश के अनुसार उन्हें इस पद के लिए कोई अतिरिक्त वेतन या भत्ता नहीं मिलेगा।डाक्टर बीना सिंह के कार्यकाल के दौरान मेडिकल कॉलेज को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं।इनमें एमबीबीएस छात्रों का धरना भी शामिल था।शासन स्तर पर हुई कई समीक्षाओं में भी कॉलेज की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई गई थी।डॉक्टर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने का कार्यकाल पूरा होने के बाद डॉक्टर बीना सिंह को कार्यवाहक प्राचार्य बनाया गया था।इसके बाद मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे और शासन स्तर से भी कॉलेज की स्थिति की समीक्षा की जाती रही।मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर अनिल तिवारी ने कार्यवाहक प्राचार्य बदले जाने की पुष्टि किया है।उन्होंने आशा व्यक्त किया कि नये प्राचार्य की तैनाती से संस्थान के शिक्षण और चिकित्सा प्रबंधन में सुधार होगा।उन्होंने कहा कि डाक्टर संतोष कुमार वर्मा वरिष्ठ चिकित्सक हैं और उनके अनुभव का मेडिकल कॉलेज के छात्रों को भी लाभ मिलेगा।