मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट
* सीएम ने फिरोजाबाद के ODOP ग्लासवर्क से निर्मित गणेश जी की प्रतिमा की भेंट

* मुख्यमंत्री योगी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से भी की मुलाकात

नई दिल्ली, 26 सितंबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। प्रधानमंत्री आवास पर हुई मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री को फिरोजाबाद के ODOP ग्लासवर्क से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट की।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा फिलहाल सामने नहीं आया है।
मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में सरकार और संगठन से जुड़ी गतिविधियां लगातार चल रही हैं। हालांकि इन मुलाकातों में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी के बिना किसी राजनीतिक एजेंडे की पुष्टि नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री योगी इससे पहले भी दिल्ली दौरों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और जेपी नड्डा समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करते रहे हैं।
सिपाही ने राइफल से तोड़े कार के शीशे, पांच लोगों की बचाई जान
- तेज बारिश में डिवाइडर तोड़कर पलटी फॉर्च्यूनर, कार में फंसी थीं सुल्तानपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष समेत पांच लोग

कन्नौज। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर तेज बारिश के दौरान एक फॉर्च्यूनर कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए पलट गई। हादसे के बाद कार में सुल्तानपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह समेत पांच लोग फंस गए। कार के अंदर से चीख-पुकार सुनकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे सिपाही अमित तेवतिया और उनकी पत्नी अर्चना सिंह की नजर हादसे पर पड़ी। दोनों ने तत्काल अपना वाहन रोककर राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया। कार के दरवाजे नहीं खुलने पर सिपाही अमित तेवतिया ने अपनी राइफल से कार के शीशे तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का रास्ता बनाया। वहीं, उनकी पत्नी अर्चना सिंह ने आसपास से गुजर रहे वाहन चालकों से मदद मांगी। इसके बाद लोगों की मदद से कार में फंसे जिला पंचायत अध्यक्ष समेत पांचों लोगों को एक-एक कर बाहर निकाला गया।
हादसे में सभी लोग घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। समय रहते सिपाही और उनकी पत्नी द्वारा किए गए राहत कार्य से कार में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्रदेश के 63 जनपदों में अतिवृष्टि, राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
- राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

लखनऊ, 26 सितंबर। प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी भारी वर्षा एवं प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शनिवार को प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक परिस्थिति में आमजन की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना जिलाधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
राहत आयुक्त ने बताया कि प्रदेश के 63 जनपदों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। पूरे प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान सामान्य से 19 गुना अधिक वर्षा हुई है। फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना तथा कन्नौज, कानपुर देहात एवं हरदोई में 130 गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि भदोही, देवरिया एवं अलीगढ़ में सामान्य वर्षा हुई है, जबकि गाजीपुर में सबसे कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर एवं हापुड़ में वर्षा नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि पिछले 48 घंटों में अतिवृष्टि एवं आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 15 जनहानि, 4 पशुहानि तथा 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त 5 व्यक्ति घायल हुए हैं। जनहानि के मामलों में अमेठी, बहराइच, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई एवं कानपुर नगर में 1-1, अयोध्या में 2 तथा लखीमपुर खीरी में 4 जनहानियां हुई हैं। बहराइच में दीवार गिरने से 01 तथा बस्ती में आंधी-तूफान के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है। अतिवृष्टि एवं आंधी-तूफान से अमेठी में 01, फर्रूखाबाद 01, कासगंज 01, मैनपुरी 01, बलिया 02, बलरामपुर 02, प्रतापगढ़ 02, संतकबीरनगर 02, वाराणसी 02, गाजीपुर 03, कानपुर देहात 03, बहराइच 05, सुल्तानपुर 05, औरया 07, पीलीभीत 07, जालौन 21, बांदा में 32 तथा हरदोई में 14 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
राहत आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों को जनहानि, पशुहानि एवं मकान क्षति के मामलों में पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावितों को तत्काल अनुमन्य सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने तथा भारी वर्षा से हुई क्षति का तत्काल सर्वेक्षण एवं आकलन कराकर प्रभावित व्यक्तियों को नियमानुसार राहत सहायता का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, वर्षा से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराकर प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड एवं आपदा मित्रों की सेवाएं आवश्यकता के अनुसार ली जाएं। सभी राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर भ्रमण एवं निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में आमजन को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि लेखपालों एवं ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से कच्चे मकानों के आसपास जलभराव की स्थिति का तत्काल संज्ञान लिया जाए तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कच्चे मकानों में निवासरत परिवारों की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। इसके साथ ही, विभिन्न संचार माध्यमों से आमजन तक मौसम संबंधी चेतावनियों एवं आवश्यक सुरक्षा संबंधी जानकारी का व्यापक प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
राहत आयुक्त ने बताया कि नेपाल में हो रही भारी वर्षा के दृष्टिगत सीमावर्ती जनपदों, विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों में नदियों के जल स्तर के बढ़ने की आशंका को देखते हुए संबंधित जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बाढ़ राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने तथा जिलाधिकारियों को स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का निरंतर आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करते हुए आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी के अनुसार आगामी 36 घंटों के बाद मौसम सामान्य होने की संभावना है। इसे देखते हुए राहत आयुक्त ने आमजन से अपील की है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें, सुरक्षित स्थानों पर रहें तथा प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए राहत हेल्पलाइन ’1070’ पर संपर्क कर सूचना दें।
लखनऊ में 38 घंटे से बारिश का दौर जारी, कई इलाकों में जलभराव और बिजली संकट

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में करीब 38 घंटे से लगातार हो रही तेज बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। पुराने लखनऊ समेत कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गई हैं, जबकि कुछ स्थानों पर बारिश का पानी घरों तक पहुंच गया। लगातार बरसात के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। तेज हवाओं के बीच कई मोहल्लों में बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
- इन इलाकों में जलभराव से परेशानी
शहर के जानकीपुरम, गोमतीनगर, अलीगंज, कश्मीरी मोहल्ला, फैजुल्लागंज, खदरा, मदेयगंज, गाजीपुर और विकासनगर समेत कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बताई जा रही है। चिनहट और आशियाना में भी बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ है। आशियाना के सेक्टर-एम में कई सड़कें पानी में डूबी नजर आईं। स्थानीय स्तर पर नाले-नालियों में सिल्ट जमा होने के कारण बारिश के पानी की निकासी प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। कई जगह पानी सड़कों से होते हुए घरों तक पहुंच गया है।
- सीवर लाइन के काम के बीच धंसी सड़कें
बारिश के बीच शहर में सीवर लाइन के कार्यों के चलते पहले से बदहाल सड़कों पर लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। कई स्थानों पर सड़क धंसने की घटनाएं भी सामने आई हैं। अमीनाबाद में प्रकाश कुल्फी के सामने सड़क का एक हिस्सा धंस गया। इससे वहां हादसे की आशंका बढ़ गई है। सड़क की स्थिति को लेकर जल निगम के कामकाज पर भी सवाल उठ रहे हैं। बारिश के दौरान धंसी सड़कों और जलभराव ने यातायात व्यवस्था के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।
- केकेसी के पास कार पर गिरा विशाल पेड़
लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच केकेसी के पास एक बड़ा पेड़ अचानक चार पहिया वाहन पर जा गिरा। पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
- बिजली को लेकर विभाग ने जारी की एडवाइजरी
भारी बारिश को देखते हुए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने विद्युत पोल, बिजली की लाइनों, ट्रांसफार्मर और स्विच बोर्ड से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। बारिश के दौरान बिजली के उपकरणों को छूने में विशेष सावधानी बरतने और किसी भी तरह की विद्युत संबंधी स्थिति में सुरक्षित दूरी बनाए रखने को कहा गया है। विभाग ने लोगों से बारिश के दौरान सतर्क रहने और विद्युत सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री योगी ने यूपी को बनाया निवेश का केंद्र: अमित शाह
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी ने किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ
- योगी सरकार में ऐसा बदला यूपी कि आज एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय कर सकता है प्रदेश
-  अमित शाह बोले- सपा-बसपा के शासन में कट्टा-बम बनाने की इंडस्ट्री लगती थी, आज यूपी में बन रहे रक्षा उत्पाद
- वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग और चेन स्नैचिंग की जगह बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क: अमित शाह
- यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण तोड़ेगा पिछले सभी रिकॉर्ड, निवेश, उत्पादन और बिक्री में होगी बड़ी बढ़ोतरी

ग्रेटर नोएडा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में आए बदलाव के बहाने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना की। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण के शुभारंभ पर उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब उत्तर प्रदेश सरकार को निवेश का कार्यक्रम प्रदेश से बाहर करना पड़ा था। तब अधिकारी कहते थे कि कानून-व्यवस्था की हालत ऐसी है कि निवेशक यहां आने को तैयार नहीं हैं। आज तस्वीर बदल चुकी है। वही उत्तर प्रदेश भयमुक्त होकर निवेश का केंद्र बन रहा है और देश के विकास के इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।
शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जमीन पहले भी थी, 24 करोड़ से अधिक की आबादी और मेहनती कारीगर भी थे। कमी उद्योगों के लिए अच्छे माहौल की थी। 2017 में भाजपा की सरकार बनी और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो माफिया के खिलाफ कार्रवाई हुई और कानून-व्यवस्था बदली। इसी का नतीजा है कि आज निवेशक उत्तर प्रदेश आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलाव इतना बड़ा है कि उत्तर प्रदेश अब एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
*कट्टा-बम की इंडस्ट्री की जगह बन रहे रक्षा उत्पाद: शाह*
पूर्ववर्ती सपा और बसपा सरकारों पर तीखा हमला करते हुए अमित शाह ने कहा कि उस दौर में उत्तर प्रदेश में अपराध की इंडस्ट्री चलती थी। कट्टा-बम बनाने की इंडस्ट्री लगती थी, वाहन चोरी का कुटीर उद्योग चलता था और चेन स्नैचिंग में युवाओं को हुनर प्राप्त करने का मौका मिलता था। आज करीब 10 साल बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। कट्टा-बम की इंडस्ट्री की जगह रक्षा उत्पाद बन रहे हैं, वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग हो रही है और चेन स्नैचिंग की जगह मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने सपा-बसपा के समय की गुंडागर्दी को नेस्तनाबूद कर प्रदेश में उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया है।
शाह ने उत्तर प्रदेश के बदलाव को चार चरणों में समझाया। कहा, पहले दुनिया ने देखा कि यूपी बदल रहा है। फिर लोगों ने यहां आने की इच्छा जताई। इसके बाद निवेशक उत्तर प्रदेश आए और अब वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनने जा रहे हैं। यही भागीदारी उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की यात्रा को आगे बढ़ाएगी।
*डिफेंस कॉरिडोर का जिक्र कर योगी सरकार को सराहा*
अमित शाह ने कहा कि कार्यक्रम में आते समय उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ डिफेंस कॉरिडोर का स्टॉल देखा। झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर के छह नोड में रक्षा उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग के लिए निवेश आ रहा है। इसके लिए योगी सरकार ने अनुकूल नीतियां बनाने से लेकर जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने तक बड़ा काम किया है।
उन्होंने कहा कि देश का रक्षा उत्पादन आज करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। उत्तर प्रदेश भी इसमें अपनी भूमिका तेजी से बढ़ा रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि यह पाकिस्तान की नींद उड़ा रही है। वहीं अमेठी में बनी एके-203 असॉल्ट राइफल नक्सलियों की नींद उड़ा चुकी है। कभी जिस उत्तर प्रदेश में उद्योग लगाने का साहस नहीं होता था, आज वही रक्षा उत्पादन में अपनी पहचान बना रहा है।
*एक्सप्रेसवे ने बढ़ाई रफ्तार, ओडीओपी बना विकास की रीढ़*
शाह ने कहा कि एक्सप्रेसवे और चौतरफा विकास ने उत्तर प्रदेश को प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ाया है। इसके साथ ही योगी सरकार ने प्रदेश के परंपरागत हुनर को सहेजने और आगे बढ़ाने का काम किया। यही हुनर आज वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में दिखाई दे रहा है और प्रदेश के विकास की रीढ़ बन चुका है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के उत्पादों ने देशभर में अपनी पहचान बनाई है। आने वाले समय में कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक लोगों के लिए उत्तर प्रदेश के उत्पाद आसानी से उपलब्ध होंगे।
*पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा चौथा संस्करण*
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को प्रदेश के लिए बड़ा कारोबारी अवसर बताते हुए अमित शाह ने कहा कि यहां देश-दुनिया से सैकड़ों व्यापारी आए हैं। कई व्यापारिक समझौते होने वाले हैं। इसका सीधा असर निवेश, उत्पादन और बिक्री पर पड़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार का ट्रेड शो पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा।
शाह ने कहा कि 2025 का संस्करण प्रभाव का वर्ष साबित हुआ था। पांच लाख से अधिक लोग इसमें पहुंचे थे और 2,400 से अधिक समझौते हुए थे। हजारों करोड़ रुपये के निवेश और व्यापारिक समझौतों का रास्ता खुला था। इस बार की भागीदारी को देखकर लग रहा है कि चौथा संस्करण उससे भी आगे जाएगा।
*मेक इन इंडिया की राह को आगे बढ़ा रहा यूपीआईटीएस*
अमित शाह ने कहा कि 12 वर्ष पहले इसी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेक इन इंडिया मिशन की घोषणा की थी। इन 12 वर्षों में केंद्र और राज्यों ने मिलकर भारत को उत्पादन, डिजाइन और इनोवेशन का केंद्र बनाने के लिए काम किया है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उसी मेक इन इंडिया की राह को आगे बढ़ाने वाला आयोजन है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद दीनदयाल उपाध्याय ने मुक्त व्यापार और मुक्त खेती की अवधारणा सामने रखी थी। आगे चलकर यही सोच पहले अटल बिहारी वाजपेयी और फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास का आधार बनी।
शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास जमीन और मेहनती कारीगरों के साथ अब उद्योगों के लिए अच्छा वातावरण भी है। ट्रेड शो में जुटे कारोबारी और यहां होने वाले समझौते आने वाले दिनों में निवेश, उत्पादन और कारोबार को और गति देंगे। उत्तर प्रदेश के विकास में दुनिया के निवेशक अब भागीदार बनने की ओर बढ़ रहे हैं।
यूपी के उत्पादों पर बढ़ा दुनिया का भरोसा, निर्यात दो लाख करोड़ के पार: मुख्यमंत्री योगी

* केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी ने किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ
* एक ही ई-कार्ट से केंद्रीय गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने किया ट्रेड शो का अवलोकन
* सीएम बोले- जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है
* यूपी में संभावनाओं की कभी कमी नहीं थी, सही माहौल देकर हुनर को बाजार से जोड़ा: मुख्यमंत्री योगी
* योगी ने कहा : टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़कर स्थानीय उत्पादों को बनाया ग्लोबल ब्रांड
- 79 उत्पादों को मिला जीआई टैग, 75 और नये उत्पादों के लिए किया गया आवेदन
* 90 देशों से 600 से अधिक बायर्स पहुंचे, डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के शामिल होने की संभावना

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के परंपरागत हुनर से लेकर आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तक की ताकत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में दुनिया के सामने दिखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं, जबकि 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स अपने उत्पादों के साथ ट्रेड शो में हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और यहां के उद्यमियों की विश्वसनीयता पर आज पूरी दुनिया को भरोसा है। आज प्रदेश दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश में तैयार होने वाले उत्पादों को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच बन गया है। पिछले वर्ष 72 देशों के 550 बायर्स इसमें शामिल हुए थे। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक बायर्स पहुंचे हैं और करीब डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के आयोजन में शामिल होने की संभावना है। यह बढ़ती भागीदारी उत्तर प्रदेश के कारीगरों के हुनर, युवाओं के इनोवेशन, एमएसएमई सेक्टर और अन्नदाता किसानों की मेहनत के प्रति बढ़ते वैश्विक भरोसे को दिखाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इसका उदाहरण है। यह ट्रेडिशन और टेक्नोलॉजी, हेरिटेज और इनोवेशन के साथ हुनर और बाजार की ताकत को एक साथ देखने का अवसर है।
- *अमित शाह ने पहचानी थी परंपरागत उद्यमों की ताकत*
मुख्यमंत्री ने अमित शाह को प्रदेश के परंपरागत उद्यमों को नई पहचान देने की सोच का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के लोक कल्याण संकल्प पत्र के निर्माण के दौरान प्रदेश के परंपरागत उद्यमों की ताकत को पहचाना था। उनका मानना था कि जिस दिन उत्तर प्रदेश अपनी इस ताकत को पहचान लेगा, उसे मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पाएगा। सरकार बनने के बाद इसी सोच को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में ब्रांड दिया गया।
- *गांव के हुनर को मिला दुनिया का बाजार*
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संभावनाओं की कभी कमी नहीं थी। जरूरत उस क्षमता को पहचानने, सही माहौल देने और उसे बड़े बाजार तक पहुंचाने की थी। आजादी के बाद दशकों तक कारीगरों को जरूरी संसाधन, सही दिशा, बाजार और मंच नहीं मिला। इसका असर यह हुआ कि नई पीढ़ी अपने पुश्तैनी हुनर से दूर होने लगी। सरकार ने जिलों, गांवों और स्थानीय क्लस्टर में मौजूद हुनर को पहचानकर आगे बढ़ने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़ा गया। गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार के अनुरूप तैयार किया गया। एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और औद्योगिक ढांचे के विस्तार ने स्थानीय उत्पादों के लिए बड़े बाजार तक पहुंच आसान की है।
- *79 उत्पादों को जीआई टैग, 75 और कतार में*
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है और 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन किया गया है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की सिल्क साड़ियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत अब करोड़ों रुपये के कारोबार वाले ब्रांड में बदल चुकी है। ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं से कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ा गया है। ट्रेड शो में कारीगर और उद्यमी सीधे ग्लोबल बायर्स तक पहुंच रहे हैं।
- *छह देशों के पवेलियन, कारोबार के नए रास्ते*
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में जुड़े हैं। इनके विशेष पवेलियन भी लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन देशों की भागीदारी से द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी। रणनीतिक साझेदारी, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ज्वाइंट वेंचर के रास्ते भी खुलेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया के कई बड़े देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को यहां उत्पादन करने और यहीं से वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर दे रहा है।
- *एक ही ई-कार्ट से शाह और योगी ने देखा ट्रेड शो*
कार्यक्रम की शुरुआत अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की। मुख्यमंत्री ने अमित शाह को फिरोजाबाद के ओडीओपी के तहत ओपल ग्लास से बनी राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट की। इसके बाद दोनों नेता ई-कार्ट से ट्रेड शो में लगे स्टॉल देखने पहुंचे। अलग-अलग स्टॉल पर रुककर उत्पाद देखे और उद्यमियों से उनकी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अमित शाह की मौजूदगी में ‘एक जनपद एक व्यंजन’ ओडीओसी पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
- *एक करोड़ से अधिक एमएसएमई दे रहीं तीन करोड़ से अधिक को रोजगार*
एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश का ब्रांड बन चुका है। यहां विभिन्न देशों के खरीदारों के साथ बी2बी बैठकें होंगी और प्रदेश के छोटे उत्पादों को ग्लोबल एक्सपोजर मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। कृषि के बाद यह सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। ओडीओपी और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से अब तक छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट का लाभ मिला है। 14 नए ट्रेड जोड़कर अब 25 ट्रेड को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट से जोड़ा गया है। उद्यमियों को बिना ब्याज और गारंटी के ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
- *कार्यक्रम में ये गणमान्य रहे मौजूद*
उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, बृजेश सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा और सुरेंद्र नागर समेत मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जापान के राजदूत ओनो केईची, भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त सायमन वोंग और बेलारूस के राजदूत मिखाइल कास्को समेत विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, विदेशी खरीदार, एग्जीबिटर्स और उद्यमी भी समारोह में शामिल हुए।
अंतिम व्यक्ति का उत्थान ही अंत्योदय का मूल भाव: सीएम योगी
- पं. दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि

लखनऊ। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर शुक्रवार को प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय का चिंतन समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उसे आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को आधार बनाकर विकास की ऐसी विचारधारा प्रस्तुत की, जिसमें समाज के सबसे वंचित व्यक्ति के कल्याण को प्राथमिकता दी गई। उनका ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ का विचार आज भी समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मार्गदर्शन करता है।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी पं. दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, दीनदयाल उपाध्याय का जीवन राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा। उनका जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था। वर्ष 1942 में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने। आगे चलकर उन्होंने भारतीय जनसंघ के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वर्ष 1967 में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। 11 फरवरी 1968 को उनका निधन हुआ।
- अंतिम व्यक्ति को स्वावलंबी बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानव दर्शन का केंद्रीय विचार समाज के उस व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना था, जो सबसे पीछे रह गया है। उनके अनुसार, अंत्योदय का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सहायता का पात्र बनाए रखना नहीं, बल्कि उसे आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है।
- केंद्र की योजनाओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान गरीब और वंचित वर्गों के लिए कई योजनाएं संचालित की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में चार करोड़ लोगों को आवास, 12 करोड़ को शौचालय, 10 करोड़ को उज्ज्वला गैस कनेक्शन और 3.5 करोड़ परिवारों को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। उन्होंने यह भी कहा कि करीब 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है और सरकार के अनुसार 26 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं।
मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय को राजनीतिक और सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उनका विचार आज भी देश के विकास और सामाजिक समरसता के संदर्भ में प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने अपने समय में कांग्रेस की नीतियों के विरोध में विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने में भी भूमिका निभाई थी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता की ओर से पं. दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों को समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरक बताया।
दिल्ली में डॉ. मुकेश बत्रा की किताब 'टॉक्सिक' लॉन्च, शत्रुघ्न सिन्हा और मेनका गांधी रहे मौजूद
नई दिल्ली। प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. मुकेश बत्रा की नई किताब 'Toxic: Stories, Science, and Remedies for a Cleaner Mind, Body and Spirit' का विमोचन रविवार को द ललित, नई दिल्ली में किया गया। यह किताब स्वामी शैलेंद्र सरस्वती के साथ लिखी गई है और ब्लूम्सबरी इंडिया द्वारा प्रकाशित की गई है। इस मौके पर अभिनेता और पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में आधुनिक जीवन के तनाव, प्रदूषण और भावनात्मक संघर्षों पर चर्चा हुई।
*"वन्स ए फ्रेंड, ऑलवेज ए फ्रेंड": शत्रुघ्न सिन्हा*
डॉ. बत्रा के साथ अपनी पुरानी दोस्ती को याद करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, "वन्स ए फ्रेंड, ऑलवेज ए फ्रेंड। यह सिर्फ दोस्ती की बात नहीं है, हम दोनों मिलकर एक म्यूचुअल एडमिरेशन सोसायटी बनाते हैं।" वहीं, मेनका गांधी ने डॉ. बत्रा को एक बेहतरीन इंसान बताते हुए कहा कि वे हमेशा बेजुबानों की मदद के लिए आगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी का उनके जीवन में विशेष स्थान है, क्योंकि वे जानवरों के इलाज में भी इसका उपयोग करती हैं।
*सभ्यता खुद को धीरे-धीरे जहर दे रही है: डॉ. बत्रा*
अपनी किताब के बारे में बात करते हुए डॉ. मुकेश बत्रा ने कहा कि यह किताब प्रदूषित हवा, खाने-पीने की चिंताओं, डिजिटल निर्भरता और भावनात्मक संघर्षों पर बढ़ती खामोशी को लेकर उनकी चिंता से उपजी है।
उन्होंने कहा, "इसीलिए मैंने 'टॉक्सिक' लिखी - एक डॉक्टर के तौर पर मरीज का निदान करने के लिए नहीं, बल्कि एक पूरी सभ्यता के गवाह के तौर पर, जो धीरे-धीरे खुद को ही जहरीला बना रही है, कभी प्रदूषकों से तो कभी अपने ही विचारों से।" डॉ. बत्रा ने कहा कि आज लोग इतने चिंतित, थके हुए या शर्मिंदा हैं कि वे बता भी नहीं पाते कि उनके साथ क्या गलत हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसी को सेहत के लिए टहलने की सलाह देना भी मुश्किल हो गया है, जब हवा ही प्रदूषित हो।
बॉलीवुड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "हर शुक्रवार बॉक्स ऑफिस पर भगवान बैठा होता है," जो इस ग्लैमर भरी दुनिया के पीछे के तनाव और हर रिलीज को सर्वाइवल टेस्ट जैसा बना देने वाले दबाव को दिखाता है।
कार्यक्रम में स्वामी शैलेंद्र सरस्वती ने कहा, "यह सिर्फ हमारे शरीर के बारे में नहीं है। हमें अपने विचारों, भावनाओं और कर्मों पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए।"
यूपी के चार शहरों में दौड़ेगी भारत टैक्सी, ड्राइवर ही होगा अपनी कमाई का मालिक
*केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भारत टैक्सी की शुरुआत*
*सभी जनपद मुख्यालयों पर हुआ कार्यक्रम का प्रसारण, जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में 50 से 60 हजार लोग जुड़े*
*मोहोल बोले- पांच वर्षों में सहकारिता क्षेत्र में 160 से अधिक नई पहल, 32 करोड़ लोग इससे जुड़े*
*तीन हजार करोड़ से 80 हजार पैक्स का कंप्यूटरीकरण, दुग्ध उत्पादन क्षमता 40 प्रतिशत बढ़ाने पर भी काम*
*ब्रजेश पाठक बोले- अपनी गाड़ी, अपना ड्राइवर और पैसा भी अपने घर में, युवा भारत टैक्सी को अपनाएं*
*जेपीएस राठौर का ऐलान- एलडीबी से किसानों को अब छह प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा ऋण*

लखनऊ। केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में बुधवार को उत्तर प्रदेश के चार शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत हुई। गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज से शुरू हुई सहकारिता आधारित इस टैक्सी सेवा में ड्राइवर को अपनी मेहनत और कमाई का सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम का प्रसारण प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों पर हुआ, जहां जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में 50 से 60 हजार लोग इससे जुड़े।
केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि भारत टैक्सी सहकारिता मंत्रालय की उन महत्वपूर्ण पहलों में से एक है, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में देश में सहकारिता का स्वरूप बदलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जुलाई 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की। आज देश में करीब 32 करोड़ सदस्य सहकारिता क्षेत्र के माध्यम से जुड़े हैं।

*पांच वर्षों में 160 से अधिक नई पहल*
मोहोल ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सहकारिता मंत्रालय ने 160 से अधिक नई पहल शुरू की हैं। इनका उद्देश्य सहकारिता को गांव, किसान और आम लोगों की आर्थिक प्रगति का मजबूत माध्यम बनाना है। देश में पैक्स को आधुनिक बनाने का काम भी बड़े स्तर पर चल रहा है। उन्होंने बताया कि करीब 3,000 करोड़ रुपये की लागत से 80 हजार पैक्स के कंप्यूटरीकरण का काम किया जा रहा है। इससे प्राथमिक सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली को तकनीक से जोड़ने का काम हो रहा है।

*दुग्ध उत्पादन क्षमता 40 प्रतिशत बढ़ाने पर काम*
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि श्वेत क्रांति के माध्यम से देश में दुग्ध उत्पादन की क्षमता को करीब 40 प्रतिशत बढ़ाने पर भी सहकारिता मंत्रालय काम कर रहा है। सहकारिता क्षेत्र को केवल परंपरागत व्यवस्था तक सीमित रखने के बजाय इसे नए क्षेत्रों से जोड़ा जा रहा है और भारत टैक्सी इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
मोहोल ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत को देखते हुए देश में पहला सहकारिता विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। पहले लोग सहकारिता क्षेत्र में आने के बाद प्रशिक्षण लेते थे, लेकिन अब प्रयास है कि पहले से प्रशिक्षित युवाओं की संख्या बढ़े और वे इस क्षेत्र को पेशेवर तरीके से आगे ले जाएं।

*अपनी गाड़ी, कमाई भी अपनी: पाठक*
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने युवाओं से भारत टैक्सी को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपनी गाड़ी होगी, अपना ड्राइवर होगा और पैसा भी अपने घर में रहेगा। मेहनत अपनी हो और उसका लाभ कोई दूसरा ले जाए, यह व्यवस्था बदलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गरीब, किसान और मध्यम वर्ग का सहकारिता से पुराना रिश्ता है। इसकी शुरुआत किसानों को घर के पास ऋण, खाद, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हुई थी, लेकिन पिछली सरकारों में सहकारिता विभाग लूट का अड्डा बन गया था।
पाठक ने सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में सहकारिता विभाग के दफ्तरों में मोटे-मोटे गद्दे पड़े रहते थे और भदोही से भी बेहतर गलीचे दिखाई देते थे। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने विभाग को जिम्मेदार बनाने के साथ कमाई करने वाला विभाग बनाया है। सहकारी बैंक अब मुनाफा दे रहे हैं और किसानों को इसका लाभ मिल रहा है।

*सपा का नारा खाली प्लॉट हमारा: पाठक*
ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि सपा का नारा खाली प्लॉट हमारा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में भारत दुनिया की 11वीं अर्थव्यवस्था था और आज चौथे स्थान पर खड़ा है। करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया गया है।
*किसानों को छह प्रतिशत पर ऋण: राठौर*
सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि एलडीबी से मिलने वाले ऋण की ब्याज दर घटाकर छह प्रतिशत की जाएगी। उन्होंने कहा कि कभी एलडीबी का ऋण 18 प्रतिशत ब्याज पर मिलता था। बाद में यह 14 प्रतिशत और फिर करीब 11 से साढ़े 11 प्रतिशत तक आया। अब इसे छह प्रतिशत किया जा रहा है।
राठौर ने कहा कि एलडीबी मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों को ऋण देता है, जिन्हें दूसरे बैंकों से आसानी से ऋण नहीं मिलता। छह प्रतिशत ब्याज दर होने के बाद एलडीबी देश में सबसे कम ब्याज दर पर ऋण देने वाले बैंकों में शामिल होगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों को सम्मान देने और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना लेकर आए हैं। उत्तर प्रदेश की सहकारिता कभी लूट और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई थी, लेकिन आज यह किसानों और नौजवानों के भरोसे और विश्वास का केंद्र बन रही है।
जीरो कमीशन पर चलेगी भारत टैक्सी, चालक को पांच लाख की सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री योगी
- *केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया भारत टैक्सी एवं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ*
- *लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में संचालन शुरू, टैक्सी के साथ टू और थ्री व्हीलर चालक भी जुड़ेंगे*
- *भारत टैक्सी की तर्ज पर ग्रामीण बस सेवा को आगे बढ़ाने के निर्देश, लाखों युवाओं के लिए खुलेगा रोजगार का रास्ता*
- *महाकुंभ में रैपिडो की सेवा का दिया उदाहरण, बोले- यात्रियों को सुविधा मिली और यातायात भी नहीं हुआ बाधित*
- *मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी के ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत*
- *पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को ऋण देने का लक्ष्य, खेती और मशीनरी के लिए मिलेगा दीर्घकालिक कर्ज*

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए टैक्सी चालकों और किसानों के लिए दो बड़े कदम उठाए। भारत टैक्सी से टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालक रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर जुड़ सकेंगे। उन्हें पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी। वहीं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी से किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत कर दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सहकारिता की कमान किन हाथों में है, उसी पर उसकी सफलता निर्भर करती है। अच्छा नेतृत्व सहकारिता को समृद्धि का माध्यम बनाता है, जबकि गलत नेतृत्व इसे अराजकता की ओर ले जा सकता है। आजादी के बाद पहली बार देश में अलग सहकारिता मंत्रालय बना और अब इसके परिणाम सामने आ रहे हैं।

- *भारत की गति को प्रगति में बदलेगी भारत टैक्सी*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालकों के बारे में पहले कोई नहीं सोचता था। अब वे रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे और पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पाएंगे। सामाजिक सुरक्षा मिलने से चालक निश्चिंत होकर जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर सकेगा। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी केवल यात्रियों को ढोने वाली टैक्सी नहीं है। यह पूरे भारत की टैक्सी है, जो भारत की गति को प्रगति में बदलने का काम करेगी। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में इसका संचालन शुरू किया गया है। लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू भी हुए हैं।

- *महाकुंभ में देखा था रैपिडो का सफल प्रयोग*
मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लाखों नौजवान रैपिडो के माध्यम से अपनी बाइक पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित संगम तक पहुंचा रहे थे। संगम से रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में भी उनका योगदान रहा। इससे यातायात बाधित नहीं हुआ और लोगों को आसानी से आवागमन की सुविधा मिली।
उन्होंने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से ग्रामीण बस सेवा को भी भारत टैक्सी की तर्ज पर आगे बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मॉडल को आगे बढ़ाया गया तो लाखों नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

- *पांच लाख किसानों को छह प्रतिशत पर ऋण*
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था। इसे अब घटाकर छह प्रतिशत कर दिया गया है। खेती-बाड़ी और मशीनरी के लिए किसानों को पैसे की कमी न हो, इसके लिए दीर्घकालिक ऋण की व्यवस्था की गई है। आगामी कुछ वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को इसका लाभ देने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो भारत खुशहाल होगा। अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो भारत समृद्ध होगा। सहकारिता क्षेत्र जितना मजबूत होगा, देश भी उतना ही मजबूत होगा।

- *86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का ऋण माफ किया*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद 86 लाख लघु और सीमांत किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफ किए गए। दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को पूरा होने में करीब 50 वर्ष लगे। अर्जुन सहायक, बाणसागर और मध्य गंगा जैसी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेल वाले किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। नहर और सरकारी ट्यूबवेल से सिंचाई भी मुफ्त है।

- *3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें चल रही हैं। इनमें 100 से अधिक मिलें चौथे दिन गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने 29 चीनी मिलें बंद की थीं और इनमें से 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया था। उन्होंने कहा कि किसानों को बीज से बाजार तक सुविधा देने के लिए काम किया गया है। पैक हाउस बने, फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगीं और एफपीओ के गठन के साथ कृषि विज्ञान केंद्रों से तकनीकी सहयोग दिया गया। सहकारिता के माध्यम से प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता के वेयरहाउस भी तैयार किए जा रहे हैं।

- *54 लाख नए सदस्य, 15 सहकारी बैंक मुनाफे में*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के 16 सहकारी बैंक निष्क्रिय हो चुके थे और उनके लाइसेंस जब्त हो गए थे। इनमें किसानों के हजारों करोड़ रुपये जमा थे। अब 16 में से 15 बैंक फिर मुनाफे में आ चुके हैं। एक अन्य बैंक को भी बेहतर करने पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि पैक्स को पहले 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट की सुविधा दी गई थी, जिसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है। सहकारिता से 54 लाख नए सदस्य जुड़े हैं। किसानों को समय पर खाद, कीटनाशक और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।

- *कृषक समृद्धि पोर्टल लॉन्च, भारत टैक्सी को किया रवाना*
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि पोर्टल ऐप यूपीसीडीसी लॉन्च किया। उर्वरक के लिए मोबाइल ऐप और सहकारिता की सेवाओं को आसानी से उपलब्ध कराने के लिए कोऑपरेटिव डाटा सेंटर तथा मोबाइल ऐप की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने पांच सारथियों को भारत टैक्सी के शेयर प्रमाण पत्र और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के पांच लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र सौंपे।
भारत टैक्सी के सीईओ कर्नल हिमांशु और अडानी एयरपोर्ट लखनऊ के चीफ कमर्शियल ऑफिसर शिव मोहन ने विभिन्न संस्थाओं के साथ हुए एमओयू का आदान-प्रदान किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल समेत अतिथियों ने फ्लैग ऑफ कर भारत टैक्सी को रवाना किया।

- *कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर, परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति डॉ. विवेक कुमार सिंह तोमर, सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव पंकज कुमार बंसल, भारत टैक्सी के उपाध्यक्ष रोहित गुप्ता मौजूद रहे।