प्रदेश के 63 जनपदों में अतिवृष्टि, राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
- राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
लखनऊ, 26 सितंबर। प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी भारी वर्षा एवं प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शनिवार को प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक परिस्थिति में आमजन की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना जिलाधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
राहत आयुक्त ने बताया कि प्रदेश के 63 जनपदों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। पूरे प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान सामान्य से 19 गुना अधिक वर्षा हुई है। फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना तथा कन्नौज, कानपुर देहात एवं हरदोई में 130 गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि भदोही, देवरिया एवं अलीगढ़ में सामान्य वर्षा हुई है, जबकि गाजीपुर में सबसे कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर एवं हापुड़ में वर्षा नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि पिछले 48 घंटों में अतिवृष्टि एवं आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 15 जनहानि, 4 पशुहानि तथा 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त 5 व्यक्ति घायल हुए हैं। जनहानि के मामलों में अमेठी, बहराइच, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई एवं कानपुर नगर में 1-1, अयोध्या में 2 तथा लखीमपुर खीरी में 4 जनहानियां हुई हैं। बहराइच में दीवार गिरने से 01 तथा बस्ती में आंधी-तूफान के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है। अतिवृष्टि एवं आंधी-तूफान से अमेठी में 01, फर्रूखाबाद 01, कासगंज 01, मैनपुरी 01, बलिया 02, बलरामपुर 02, प्रतापगढ़ 02, संतकबीरनगर 02, वाराणसी 02, गाजीपुर 03, कानपुर देहात 03, बहराइच 05, सुल्तानपुर 05, औरया 07, पीलीभीत 07, जालौन 21, बांदा में 32 तथा हरदोई में 14 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
राहत आयुक्त ने संबंधित जिलाधिकारियों को जनहानि, पशुहानि एवं मकान क्षति के मामलों में पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावितों को तत्काल अनुमन्य सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने तथा भारी वर्षा से हुई क्षति का तत्काल सर्वेक्षण एवं आकलन कराकर प्रभावित व्यक्तियों को नियमानुसार राहत सहायता का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, वर्षा से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराकर प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड एवं आपदा मित्रों की सेवाएं आवश्यकता के अनुसार ली जाएं। सभी राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर भ्रमण एवं निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में आमजन को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि लेखपालों एवं ग्राम विकास अधिकारियों के माध्यम से कच्चे मकानों के आसपास जलभराव की स्थिति का तत्काल संज्ञान लिया जाए तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कच्चे मकानों में निवासरत परिवारों की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। इसके साथ ही, विभिन्न संचार माध्यमों से आमजन तक मौसम संबंधी चेतावनियों एवं आवश्यक सुरक्षा संबंधी जानकारी का व्यापक प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
राहत आयुक्त ने बताया कि नेपाल में हो रही भारी वर्षा के दृष्टिगत सीमावर्ती जनपदों, विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों में नदियों के जल स्तर के बढ़ने की आशंका को देखते हुए संबंधित जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बाढ़ राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने तथा जिलाधिकारियों को स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का निरंतर आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करते हुए आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी के अनुसार आगामी 36 घंटों के बाद मौसम सामान्य होने की संभावना है। इसे देखते हुए राहत आयुक्त ने आमजन से अपील की है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें, सुरक्षित स्थानों पर रहें तथा प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता के लिए राहत हेल्पलाइन ’1070’ पर संपर्क कर सूचना दें।
7 hours ago
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