मऊ एआई थीम पर सजेगा हिंदी भवन का दुर्गा पूजा पंडाल, 10 से 12 लाख की लागत से तैयार हो रहा भव्य पंडाल
मऊ। नगर के हिंदी भवन स्थित प्रसिद्ध दुर्गा पूजा पंडाल इस बार आधुनिक तकनीक और एआई थीम के साथ श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। पंडाल को भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देने के लिए करीब 10 से 12 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।

दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष अरुण कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष पंडाल की थीम में मौजूदा सोशल मीडिया दौर और खासकर युवा पीढ़ी पर इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सऐप के बढ़ते प्रभाव को केंद्र में रखा गया है। धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक और सामाजिक संदेश को जोड़कर पंडाल को एक अलग और आधुनिक स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है।

पंडाल के मध्य भाग में श्रद्धालुओं को सबसे पहले माता पार्वती और बाबा महादेव के दर्शन होंगे।

इसके बाद पंडाल की थीम और सजावट के माध्यम से आधुनिक तकनीक तथा सोशल मीडिया के प्रभाव को प्रदर्शित किया जाएगा।
पंडाल के निर्माण की तैयारियां करीब डेढ़ माह पहले शुरू कर दी गई थीं।

बंगाल से आए कुशल कारीगरों की टीम दिन-रात मेहनत कर डिजाइन, सजावट और आकर्षक कलाकृतियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। आधुनिक डिजाइन और सजावटी सामग्री के इस्तेमाल से पंडाल को भव्य रूप दिया जा रहा है।

हर वर्ष अपनी अलग थीम और आकर्षक सजावट के लिए पहचान रखने वाला हिंदी भवन का दुर्गा पूजा पंडाल इस बार भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनने की तैयारी में है।

नवरात्र और दुर्गा पूजा के दौरान मऊ शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
समिति के अनुसार, इस बार पंडाल में धार्मिक आस्था, एआई तकनीक और सामाजिक संदेश का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

निर्माण कार्य तेजी से जारी है और पंडाल के तैयार होने के बाद इसकी भव्यता श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी।
DM ने विनियमित क्षेत्र कार्यालय का किया आकस्मिक निरीक्षण
फाइलों के बेहतर रखरखाव एवं ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य करने के दिए निर्देश, आवश्यक अभिलेखों के डिजिटाइजेशन पर दिया जोर

मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्धन द्वारा विनियमित क्षेत्र कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय की कार्यप्रणाली, अभिलेखों एवं पत्रावलियों के रखरखाव तथा कार्यालय में संचालित विभिन्न कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कार्यालय की सभी फाइलों एवं अभिलेखों का व्यवस्थित एवं सुरक्षित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान निर्देश दिए कि कार्यालय में संचालित होने वाली समस्त पत्रावलियों एवं फाइलों को ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से संचालित किया जाए।

उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस के माध्यम से कार्यों के संचालन से पत्रावलियों के निस्तारण में पारदर्शिता एवं तेजी आएगी तथा अभिलेखों को सुरक्षित रखने में भी सुविधा होगी। उन्होंने कार्यालय में उपलब्ध महत्वपूर्ण एवं आवश्यक अभिलेखों का डिजिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि पुराने एवं महत्वपूर्ण अभिलेखों को प्राथमिकता के आधार पर स्कैन कर डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अभिलेख आसानी से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने डिजिटल अभिलेखों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित रखने एवं समय-समय पर अद्यतन करने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यालयों में अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव प्रशासनिक कार्यों की महत्वपूर्ण कड़ी है।

सभी पत्रावलियों को क्रमबद्ध एवं सुरक्षित तरीके से रखा जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी अभिलेख अथवा पत्रावली को तत्काल खोजा और उपलब्ध कराया जा सके।

उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि जनसामान्य से संबंधित प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। कार्यालय में आने वाले नागरिकों को अनावश्यक रूप से किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा उनके प्रकरणों पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए। निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट रामबाबू सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने-अपने दायित्वों का गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने तथा कार्यालयीन कार्यों में आधुनिक तकनीक एवं ई-ऑफिस प्रणाली का अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अागरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसे में तीन की माैत, मुख्यमंत्री याेगी ने जताया दुख
लखनऊ /आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में शनिवार सुबह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर थाना डौकी क्षेत्र के बाजिदपुर के पास तेज रफ्तार कार अनंत्रित होकर कई बार पलट गई। इस हादसे में कार की पिछली सीट पर बैठे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ड्राइवर सहित दो अन्य लोग घायल हाे गए।

मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेकर अधिकारियाें काे दिशा निर्देश दिए हैं। उन्हाेंने मृतकों के शोक संतप्त परिजन के प्रति संवेदना की व्यक्त की। साथ ही अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार करवाने, मृतकों के परिजनों से संवाद कर हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने दिए निर्देश दिए।

सहायक पुलिस आयुक्त इमरान अहमद ने बताया कि शनिवार सुबह डौकी थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव बाजितपुर के पास आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित कई बार पलटी। इस हादसे में कार में बैठे तीन व्यक्तियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ड्राइवर सहित दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से मृतकों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए सदर भेजा। हालत गंभीर होने पर एम्बुलेंस से घायलों को एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। मृतकों की पहचान बलिया निवासी जयप्रकाश, भूपेंद्र और कपिल के रूप में हुई है जबकि चालक जसवंत और चंद्रकांत गंभीर रूप से घायल हैं। पांचों लोग दिल्ली से बलिया जा रहे थे।

पुलिस ने पंचनामा भरकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में लिया है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार के कारण वाहन के अनियंत्रित होने की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।-
कागजों में मनरेगा का काम, धरातल पर गायब मजदूर!

मोहम्मदपुर सकिश्त के बाद सदरपुर समेत कई गांवों में फर्जीवाड़े के आरोप, शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने का दावा

बहसूमा/हस्तिनापुर (मेरठ)। क्षेत्र के गांवों में मनरेगा कार्यों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। मोहम्मदपुर सकिश्त में पूर्व में मनरेगा कार्यों में कथित फर्जीवाड़े के आरोप चर्चा में रहे हैं। अब सदरपुर समेत आसपास के गांवों में भी मनरेगा कार्यों में अनियमितता और फर्जी हाजिरी लगाए जाने के आरोप सामने आए हैं।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ दिन पहले भी मनरेगा में कथित फर्जीवाड़े को लेकर लगातार शिकायतें की गई थीं। उनका कहना है कि ब्लॉक हस्तिनापुर के अधिकारियों को कई बार मामले से अवगत कराया गया, लेकिन शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार, कथित तौर पर ठेकेदारों द्वारा ऐसे कार्य और मजदूर दर्शाए जा रहे हैं, जिनकी मौके पर वास्तविकता अलग बताई जा रही है।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि मनरेगा कार्यों में कथित तौर पर पांच से सात प्रतिशत तक कमीशन लिए जाने की चर्चा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की वास्तविकता सामने आ सकती है।

शिकायतों पर कार्रवाई न होने से उठे सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इससे मनरेगा योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र और प्रदेश सरकार ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, ऐसे में यदि फर्जी कार्य या हाजिरी के माध्यम से सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है तो यह गंभीर मामला है।

शिकायतकर्ताओं ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि  आसपास के गांवों में मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्यों, मजदूरों की हाजिरी, भुगतान और मौके पर हुए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

नोट: मनरेगा में अधिकारियों द्वारा कमीशन लेने और सरकारी धन के दुरुपयोग में अधिकारियों की संलिप्तता के आरोप  हस्तिनापुर ब्लॉक के सेक्रेटरी देवेंद्र कुमार को फोन किया तो फोन उन्होंने नहीं उठाया।
सपा नेता राम गोविंद चौधरी के निधन से सियासी गलियारों में शोक, अखिलेश समेत नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी के निधन से प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को लखनऊ के निशातगंज स्थित मेट्रो सिटी अपार्टमेंट पहुंचे और चौधरी के पार्थिव शरीर पर समाजवादी पार्टी का झंडा रखकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।

इस दौरान अखिलेश यादव भावुक नजर आए। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और समर्थक भी उनके आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अखिलेश यादव ने राम गोविंद चौधरी के निधन को समाजवादी आंदोलन और समाजवादी पार्टी के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा, "राम गोविंद चौधरी जी समाजवादी आंदोलन के नेता रहे और शुरुआती दौर में जिस समय समाजवाद की पहचान बनानी थी, उस पीढ़ी के वो लोग हैं।"

सपा अध्यक्ष ने कहा कि राम गोविंद चौधरी ने समाजवादी आंदोलन के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया और उनका पूरा जीवन संघर्ष में गुजरा। उन्होंने कहा, "वह बहुत प्रभावी ढंग से अपनी बात को रखते थे। उनके ना रहने पर समाजवादी आंदोलन को क्षति हुई है। समाजवादी पार्टी को बहुत बड़ी क्षति हुई है। इस दुख की घड़ी में हम सब समाजवादी लोग उनके परिवार के साथ हैं।"

राम गोविंद चौधरी के निधन पर बलिया के बांसडीह से भाजपा विधायक केतकी सिंह ने भी शोक जताया। उन्होंने कहा कि उनका निधन पूरे क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। वैचारिक मतभेदों के बावजूद वह राजनीति में उनके लिए अभिभावक के समान थे। केतकी सिंह ने कहा कि जनसेवा, जमीनी संघर्ष और समाजवादी विचारधारा के प्रति राम गोविंद चौधरी का योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने दिवंगत नेता की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी राम गोविंद चौधरी के आवास पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके आवास पर राजनीतिक दलों के नेताओं, समर्थकों और परिचितों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। पूरे परिसर में शोक का माहौल रहा। राम गोविंद चौधरी का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। बलिया जिले से आने वाले चौधरी ने वर्ष 1977 के विधानसभा चुनाव में चिलकहर विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।

राम गोविंद चौधरी के निधन पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "यह बहुत दुखद घटना है। वे एक लोकप्रिय नेता थे जिन्होंने संसद से लेकर सड़कों तक गरीबों, कमजोर वर्गों, पिछड़े वर्गों, दलितों और वंचितों के लिए लड़ाई लड़ी। हम उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें।"

वर्ष 1990 से 1991 के बीच मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकार में उन्होंने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में बांसडीह से जीत दर्ज करने के बाद अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें बेसिक शिक्षा और समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में राम गोविंद चौधरी ने बांसडीह से फिर जीत दर्ज की। इसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। वर्ष 2017 से 2022 तक उन्होंने इस पद की जिम्मेदारी संभाली।

वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव भी रहे और पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान राम गोविंद चौधरी पूर्वांचल की राजनीति में समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। उनके निधन पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से शोक संवेदनाओं का सिलसिला जारी है।
मौसम को लेकर योगी सरकार सतर्क, रेड अलर्ट-आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश
— क्षति का आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता कराएं उपलब्ध: मुख्यमंत्री

— डीएम व अधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश, 27 सितंबर तक मौसम को लेकर यूपी में विशेष सतर्कता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बदलते मौसम, भारी बारिश और आंधी-वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए योगी सरकार पूरी तरह अलर्ट हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में भारी बारिश और आकस्मिक बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और क्षेत्र में जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने रेड अलर्ट और आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखने को कहा है। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने व आकाशीय बिजली एवं अतिवृष्टि से हुई क्षति का तत्काल आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

सभी से अपील की गई है कि आकाशीय बिजली एवं अतिवृष्टि के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। नदियों एवं जलाशयों में स्नान करने से बचें और विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश वासियों के साथ खड़ी है। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनमानस की सुरक्षा के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रभावी कदम उठाएं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जाए।

लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं अधिकारी

मुख्यमंत्री ने जीर्ण-शीर्ण मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे लोगों को आवश्यकता के अनुसार निकटतम राहत शरणालय में पहुंचाया जाए, ताकि भारी बारिश या आकस्मिक बाढ़ की स्थिति में उनके जीवन को खतरा न हो।

राहत आयुक्त ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

इससे पहले राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर मौसम की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

राहत आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जान-माल की सुरक्षा प्रशासन का दायित्व है। जिलाधिकारी स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का निरीक्षण करें और आमजन से लगातार संवाद बनाए रखें। मौसम संबंधी चेतावनियों और जरूरी सावधानियों की जानकारी पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्थानीय संचार माध्यमों और अन्य उपलब्ध संसाधनों के जरिए व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

रेड अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता

लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत अन्य क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए अधिकारी सक्रिय रहेंगे।

बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में तैयारी

आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा और राहत एजेंसियों को आवश्यकतानुसार तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

आंधी-वज्रपात से बचाव पर जोर

राहत आयुक्त ने निर्देश दिए कि तेज आंधी और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले स्थान, पेड़, बाग और पार्क में जाने से रोका जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो। राहत और बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सक्रिय रखी जाएं तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
नाका क्षेत्र के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग प्रभावित परिवारों के मुआवजे एवं पुनर्वास पर बनी सहमति
- प्रभावित भवन स्वामियों को 2.17 करोड़ से अधिक का मुआवजा, किराएदारों को भी नियमानुसार मिलेगा लाभ

अयोध्या। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण से नाका क्षेत्र में प्रभावित परिवारों के मुआवजे एवं पुनर्वास को लेकर जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित भवन स्वामियों एवं दुकानदारों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने के साथ ही प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास के लिए भी आवश्यक कदम उठाए हैं।

नाका क्षेत्र में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के संरेखण में 08 भवन एवं उनके आंशिक भाग में संचालित 13 दुकानें प्रभावित हुई हैं। प्रभावित भवन स्वामियों/दुकानदारों से सहमति प्राप्त कर उनके बैंक खातों में मुआवजा राशि हस्तांतरित किए जाने की कार्यवाही त्वरित गति से प्रक्रियाधीन है। प्रभावित भवन स्वामियों को कुल ₹2,17,15,611/- (दो करोड़ सत्रह लाख पंद्रह हजार छह सौ ग्यारह रुपये) का मुआवजा प्रदान किया जा रहा है। निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत प्रभावित किराएदारों को भी नियमानुसार मुआवजे का लाभ दिया जाएगा।

प्रभावित व्यक्तियों को देय मुआवजा राशि में मुरारी सिंह यादव को ₹65,05,754, घनश्याम यादव को ₹69,46,026, रवीन्द्र कुमार को ₹9,11,794, अमरदीप/श्रीमती आशा देवी को ₹9,11,794, दीपचन्द्र गुप्ता/शक्ति गुप्ता को ₹19,19,566, अमित कुमार सिंह को ₹99,285, श्रीमती प्रीती को ₹5,22,121, श्याम सुन्दर यादव को ₹19,87,569, मोहित यादव को ₹1,81,194, श्रीमती पूनम गुप्ता को ₹1,99,242, राजेन्द्र यादव को ₹4,64,680, हरीराम यादव को ₹2,05,332, रोहित यादव को ₹1,36,888, गिरिराज पाल को ₹1,42,714, अमर यादव को ₹2,01,699, आनन्द यादव को ₹2,01,699 तथा नीलाम्बर को ₹1,78,254 की मुआवजा राशि शामिल है।

प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास की भी होगी व्यवस्था

चौड़ीकरण की कार्रवाई से प्रभावित पांच दुकानदारों को नगर निगम अथवा अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित दुकानों में दुकानें उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है। इसके लिए नगर निगम द्वारा वेंडिंग जोन विकसित किए जाने की दिशा में भी आवश्यक कार्यवाही की जाएगी, जिससे प्रभावित व्यापारी पुनः अपना व्यवसाय संचालित कर सकें और उनकी आजीविका प्रभावित न हो।

उल्लेखनीय है कि 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण की कार्रवाई के पश्चात नाका क्षेत्र के प्रभावित परिवारों द्वारा मुआवजे एवं पुनर्वास की मांग की गई थी। इस संबंध में विधायक अयोध्या वेद प्रकाश गुप्ता द्वारा प्रभावित परिवारों से संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की गई तथा जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रकरण के समाधान के लिए पहल की गई।

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार अनुमन्य मुआवजा एवं पुनर्वास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित परिवारों एवं व्यापारियों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराते हुए उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर एडीएम सिटी दिनेश, एडीएम प्रशासन विशु राजा सहित संबंधित अधिकारी एवं प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
श्री रामजन्मभूमि में उडुपी से आई मातृशक्तियों ने श्री राम के गाये भजन
अयोध्या । उडुपी से आई 44 मातृशक्तियों ने शुक्रवार को श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर की यज्ञशाला में प्रभु श्रीराम की स्तुति में भजन गाये तथा हनुमान चालीसा का सस्वर पाठ किया।

तीर्थ क्षेत्र की ओर से आयोजन के प्रभारी शैलेन्द्र शुक्ल ने बताया कि प्रातः सात बजे श्रीमती विद्या एस राव के नेतृत्व में आई टोली ने प्रभु आराधना के उपरान्त परिसर में प्रतिष्ठित समस्त देवी देवताओं का दर्शन पूजन किया। सभी को पटका और प्रसाद भेंट किया गया।
प्रयागराज के डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव को एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर में फेलोशिप
-इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ एनेस्थीसिया एंड क्रिटिकल केयर ने एफआईएएसीसी उपाधि से किया सम्मानित

प्रयागराज। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव को एनेस्थीसियोलॉजी, क्रिटिकल केयर और पेन मेडिसिन के क्षेत्र में उनके शैक्षणिक एवं पेशेवर योगदान के लिए इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ एनेस्थीसिया एंड क्रिटिकल केयर की फेलोशिप प्रदान की गई है। उन्हें एफआईएएसीसी की उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह जानकारी शनिवार को मोतीलाल नेहरू मेडिकल के सह आचार्य डॉ संतोष सिंह ने दी।

उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के लिए यह उपलब्धि गौरव का विषय है। कॉलेज की वेबसाइट पर भी डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव को एनेस्थीसियोलॉजी, क्रिटिकल केयर एवं पेन मेडिसिन विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव लंबे समय से मेडिकल कॉलेज में अध्यापन के साथ चिकित्सा शोध और गंभीर रूप से बीमार मरीजों की देखभाल के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने विभिन्न चिकित्सा पुस्तकों में अध्याय लिखे हैं और एनेस्थीसिया तथा क्रिटिकल केयर से जुड़े विषयों पर शोध एवं शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की है। हाल में उन्होंने बीएचयू में आयोजित आपातकालीन चिकित्सा सम्मेलन में राष्ट्रीय संकाय सदस्य के रूप में मेडिकल कॉलेज का प्रतिनिधित्व भी किया था।

फेलोशिप मिलने पर डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए खुशी के साथ जिम्मेदारी का भी विषय है। उन्होंने कहा कि अध्यापन, शोध और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उनके प्रयास लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने इस उपलब्धि में सहयोग देने वाले अपने सहकर्मियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया।

मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. ए.के. वर्मा ने डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह फेलोशिप डॉ. यादव के निरंतर शैक्षणिक और चिकित्सकीय कार्यों की सराहना है। उनकी उपलब्धि मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है। डॉ. यादव की इस उपलब्धि से मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विभाग में खुशी का माहौल है। विभाग में गंभीर मरीजों के उपचार, एनेस्थीसिया सेवाओं, दर्द प्रबंधन और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्य लगातार किए जा रहे हैं। "
चोरी की नीयत से फार्म हाउस में घुसे युवक को लगा हाईटेंशन तार से करंट, मौत
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद के निवाड़ी थाना क्षेत्र में एसआरएम यूनिवर्सिटी के सामने शेरावत फार्म हाउस में चोरी की नीयत से घुसे एक युवक की वहां से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाई टेंशन तार से करंट लगने से मौत हो गई। यह मामला तब सामने आया जब एक राहगीर ने फार्म हाउस मालिक को बाथरूम के बाहर एक शख्स के लटके होने की जानकारी दी। मालिक ने तुरंत डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी।

घटना की सूचना पाकर थाना निवाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को मृत पाया। शव का पंचनामा कर आज पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उसकी पहचान अभी नहीं हो पाई है। फार्म हाउस मालिक ने बताया कि उनके यहां पहले भी चोरी हो चुकी है। एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि कि मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा। उन्होंने बताया कि पुलिस आसपास के लोगों और सोशल मीडिया के माध्यम से शव की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।