नाका क्षेत्र के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग प्रभावित परिवारों के मुआवजे एवं पुनर्वास पर बनी सहमति
- प्रभावित भवन स्वामियों को 2.17 करोड़ से अधिक का मुआवजा, किराएदारों को भी नियमानुसार मिलेगा लाभ

अयोध्या। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण से नाका क्षेत्र में प्रभावित परिवारों के मुआवजे एवं पुनर्वास को लेकर जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित भवन स्वामियों एवं दुकानदारों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने के साथ ही प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास के लिए भी आवश्यक कदम उठाए हैं।

नाका क्षेत्र में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के संरेखण में 08 भवन एवं उनके आंशिक भाग में संचालित 13 दुकानें प्रभावित हुई हैं। प्रभावित भवन स्वामियों/दुकानदारों से सहमति प्राप्त कर उनके बैंक खातों में मुआवजा राशि हस्तांतरित किए जाने की कार्यवाही त्वरित गति से प्रक्रियाधीन है। प्रभावित भवन स्वामियों को कुल ₹2,17,15,611/- (दो करोड़ सत्रह लाख पंद्रह हजार छह सौ ग्यारह रुपये) का मुआवजा प्रदान किया जा रहा है। निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत प्रभावित किराएदारों को भी नियमानुसार मुआवजे का लाभ दिया जाएगा।

प्रभावित व्यक्तियों को देय मुआवजा राशि में मुरारी सिंह यादव को ₹65,05,754, घनश्याम यादव को ₹69,46,026, रवीन्द्र कुमार को ₹9,11,794, अमरदीप/श्रीमती आशा देवी को ₹9,11,794, दीपचन्द्र गुप्ता/शक्ति गुप्ता को ₹19,19,566, अमित कुमार सिंह को ₹99,285, श्रीमती प्रीती को ₹5,22,121, श्याम सुन्दर यादव को ₹19,87,569, मोहित यादव को ₹1,81,194, श्रीमती पूनम गुप्ता को ₹1,99,242, राजेन्द्र यादव को ₹4,64,680, हरीराम यादव को ₹2,05,332, रोहित यादव को ₹1,36,888, गिरिराज पाल को ₹1,42,714, अमर यादव को ₹2,01,699, आनन्द यादव को ₹2,01,699 तथा नीलाम्बर को ₹1,78,254 की मुआवजा राशि शामिल है।

प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास की भी होगी व्यवस्था

चौड़ीकरण की कार्रवाई से प्रभावित पांच दुकानदारों को नगर निगम अथवा अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित दुकानों में दुकानें उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है। इसके लिए नगर निगम द्वारा वेंडिंग जोन विकसित किए जाने की दिशा में भी आवश्यक कार्यवाही की जाएगी, जिससे प्रभावित व्यापारी पुनः अपना व्यवसाय संचालित कर सकें और उनकी आजीविका प्रभावित न हो।

उल्लेखनीय है कि 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण की कार्रवाई के पश्चात नाका क्षेत्र के प्रभावित परिवारों द्वारा मुआवजे एवं पुनर्वास की मांग की गई थी। इस संबंध में विधायक अयोध्या वेद प्रकाश गुप्ता द्वारा प्रभावित परिवारों से संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की गई तथा जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रकरण के समाधान के लिए पहल की गई।

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने प्रभावित परिवारों को नियमानुसार अनुमन्य मुआवजा एवं पुनर्वास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित परिवारों एवं व्यापारियों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराते हुए उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर एडीएम सिटी दिनेश, एडीएम प्रशासन विशु राजा सहित संबंधित अधिकारी एवं प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
श्री रामजन्मभूमि में उडुपी से आई मातृशक्तियों ने श्री राम के गाये भजन
अयोध्या । उडुपी से आई 44 मातृशक्तियों ने शुक्रवार को श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर की यज्ञशाला में प्रभु श्रीराम की स्तुति में भजन गाये तथा हनुमान चालीसा का सस्वर पाठ किया।

तीर्थ क्षेत्र की ओर से आयोजन के प्रभारी शैलेन्द्र शुक्ल ने बताया कि प्रातः सात बजे श्रीमती विद्या एस राव के नेतृत्व में आई टोली ने प्रभु आराधना के उपरान्त परिसर में प्रतिष्ठित समस्त देवी देवताओं का दर्शन पूजन किया। सभी को पटका और प्रसाद भेंट किया गया।
प्रयागराज के डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव को एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर में फेलोशिप
-इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ एनेस्थीसिया एंड क्रिटिकल केयर ने एफआईएएसीसी उपाधि से किया सम्मानित

प्रयागराज। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव को एनेस्थीसियोलॉजी, क्रिटिकल केयर और पेन मेडिसिन के क्षेत्र में उनके शैक्षणिक एवं पेशेवर योगदान के लिए इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ एनेस्थीसिया एंड क्रिटिकल केयर की फेलोशिप प्रदान की गई है। उन्हें एफआईएएसीसी की उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह जानकारी शनिवार को मोतीलाल नेहरू मेडिकल के सह आचार्य डॉ संतोष सिंह ने दी।

उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के लिए यह उपलब्धि गौरव का विषय है। कॉलेज की वेबसाइट पर भी डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव को एनेस्थीसियोलॉजी, क्रिटिकल केयर एवं पेन मेडिसिन विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव लंबे समय से मेडिकल कॉलेज में अध्यापन के साथ चिकित्सा शोध और गंभीर रूप से बीमार मरीजों की देखभाल के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने विभिन्न चिकित्सा पुस्तकों में अध्याय लिखे हैं और एनेस्थीसिया तथा क्रिटिकल केयर से जुड़े विषयों पर शोध एवं शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की है। हाल में उन्होंने बीएचयू में आयोजित आपातकालीन चिकित्सा सम्मेलन में राष्ट्रीय संकाय सदस्य के रूप में मेडिकल कॉलेज का प्रतिनिधित्व भी किया था।

फेलोशिप मिलने पर डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए खुशी के साथ जिम्मेदारी का भी विषय है। उन्होंने कहा कि अध्यापन, शोध और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उनके प्रयास लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने इस उपलब्धि में सहयोग देने वाले अपने सहकर्मियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया।

मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. ए.के. वर्मा ने डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह फेलोशिप डॉ. यादव के निरंतर शैक्षणिक और चिकित्सकीय कार्यों की सराहना है। उनकी उपलब्धि मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है। डॉ. यादव की इस उपलब्धि से मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विभाग में खुशी का माहौल है। विभाग में गंभीर मरीजों के उपचार, एनेस्थीसिया सेवाओं, दर्द प्रबंधन और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कार्य लगातार किए जा रहे हैं। "
चोरी की नीयत से फार्म हाउस में घुसे युवक को लगा हाईटेंशन तार से करंट, मौत
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद के निवाड़ी थाना क्षेत्र में एसआरएम यूनिवर्सिटी के सामने शेरावत फार्म हाउस में चोरी की नीयत से घुसे एक युवक की वहां से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाई टेंशन तार से करंट लगने से मौत हो गई। यह मामला तब सामने आया जब एक राहगीर ने फार्म हाउस मालिक को बाथरूम के बाहर एक शख्स के लटके होने की जानकारी दी। मालिक ने तुरंत डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी।

घटना की सूचना पाकर थाना निवाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को मृत पाया। शव का पंचनामा कर आज पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उसकी पहचान अभी नहीं हो पाई है। फार्म हाउस मालिक ने बताया कि उनके यहां पहले भी चोरी हो चुकी है। एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि कि मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा। उन्होंने बताया कि पुलिस आसपास के लोगों और सोशल मीडिया के माध्यम से शव की पहचान कराने का प्रयास कर रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पति के चरित्र पर महिला करती थी शक, दो वर्ष की बेटी सहित पंखे से फंदा लगाकर की आत्महत्या
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद में बीती रात को मां-बेटी का शव एक ही फंदे पर लटका मिला। घटना के समय महिला का पति घर से बाहर गया था। वह कुछ देर बाद घर लौटा तो पत्नी और दाे साल की बेटी को पंखे पर फंदे से लटका हुआ देखा। उसने पुलिस को सूचना दी। सूचना के आधार पर खोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मां-बेटी के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया है।

पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिंडन ऋजुल ने बताया कि मृतकों की पहचान खोड़ा कालोनी के शंकर विहार निवासी प्रीति (30) और दाे साल की बेटी अक्षिता के रूप में हुई। महिला पति के चरित्र पर शक करती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। घटना खोड़ा गांव में शाम साढ़े 7 बजे की है।

डीसीपी ने बताया कि जनपद हरदोई के रहने वाले अनिरुद्ध की शादी 2021 में जनपद उन्नाव की रहने वाली प्रीति से हुई थी। पिछले चार साल से दोनों गाजियाबाद के खोड़ा गांव के शंकर विहार कॉलोनी में किराए पर रह रहे थे। अनिरुद्ध मैक्स हॉस्पिटल में काम करता है। हाल ही में परिवार राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करके लौटा था। घटना के समय अनिरुद्ध उर्फ सोनू पत्नी की दवा लेने के लिए घर से बाहर गया था। इसी दौरान प्रीति ने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। पुलिस को आशंका है कि महिला ने पहले बेटी की हत्या की। इसके बाद बच्ची को लेकर खुद भी फंदे से लटक गई।

उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान अनिरुद्ध ने पुलिस को बताया कि पत्नी उस पर शक करती थी। उसे लगता था कि अनिरुद्ध का दूसरी महिला से अफेयर है। कई बार रात में मोबाइल चलाने को लेकर भी उससे झगड़ा होता था। पति ने बताया कि वह 24 सितंबर को ही मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करके लौटा था। बीती रात को भी पत्नी ने उससे झगड़ा किया था।
गाजियाबाद में 12वीं मंजिल से गिरकर डीपीएस की छात्रा की मौत
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद जनपद के थाना नंदग्राम क्षेत्र के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाली एक 14 वर्षीय छात्रा बीती रात को 12वीं मंजिल से नीचे गिर गई। इस घटना में उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतका के पिता सुरेश चंद्र ने बताया कि वह राजनगर रेजिडेंसी के जी-टावर में रहते हैं। उनके फ्लैट में बीती रात को उनकी पत्नी, 14 वर्षीय बेटी प्राची, छोटी बेटी और उनके सास- ससुर मौजूद थे। प्राची डीपीएस स्कूल संजय नगर में कक्षा 9वीं की छात्रा थी। उन्होंने बताया कि देर रात को प्राची बालकनी में सुख रहे कपड़े को उतारने गई थी, तभी अचानक वह असंतुलित होकर 12वीं मंजिल से नीचे गिर गई। तेज आवाज सुनकर सुरक्षा कर्मी और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उसे तत्काल गंभीर हालत में उपचार के लिए संजय नगर स्थित यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के पिता ने बताया कि दाे दिन पहले ही वह महाराष्ट्र के शिरडी में आयोजित सीबीएसई नेशनल रोप स्किपिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत कर लौटी थी। उसकी इस उपलब्धि से पूरा परिवार खुश था। उनके अनुसार उनकी बेटी पढ़ाई के साथ-साथ खेल और संगीत में भी अव्वल थी।



थाना नंदग्राम के प्रभारी निरीक्षक एस के त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह हादसा है कैसे हुआ। उन्होंने बताया कि सोसाइटी में लगे कैमरों की फुटेज को चेक किया जा रहा है, तथा सुरक्षा कर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है।
नोएडा: हॉस्टल की बस में लगी आग
नोएडा। जिले के थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र स्थित आर्यन रेजिडेंसी हॉस्टल की सड़क किनारे खड़ी खाली बस में शुक्रवार की बीती रात को अज्ञात कारणों से आग लग गई। इस घटना में बस पुरी तरह से जल गई है। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। घटना के समय बस में कोई मौजूद नहीं था। घटनास्थल के आसपास अन्य हॉस्टलों में रहने वाले छात्र-छात्राओं में इस घटना को लेकर हड़कंप मच गया। कई छात्रों ने इसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है।

मुख्य दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि शुक्रवार की मध्य रात्रि को थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र में स्थित आर्यन हॉस्टल की बस सड़क किनारे पार्क थी। अचानक बस मे आग लग गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। उन्होंने बताया कि घटना के समय बस में कोई सवार नहीं था। बस चालक बस को सड़क किनारे खड़ा करके कही चला गया था। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारण का पता लगाया जा रहा है। सीएफओ ने बताया कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं है।

मालूम हो कि यमुना एक्सप्रेसवे पर तीन दिन पूर्व एक डबल डेकर बस में लगी आग के चलते नौ लोगों की जलकर मौत हो गई थी।
अमेठी : कच्ची दीवार गिरने से महिला की मौत, पति चोटिल
अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के जामों थाना क्षेत्र के बलभद्रपुर गांव में शनिवार सुबह कच्ची खंडहरनुमा दीवार अचानक गिरने से उसके नीचे दबकर महिला की मौत हो गई। हादसे में मृतक महिला के पति को भी चोटें आई हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जामो थाना क्षेत्र अंतर्गत बलभद्रपुर गाँव निवासी उषा सुबह करीब आठ बजे पति रामकुमार पासी के साथ घर के पीछे बंधी भैंस को खोलने गई थी। इसी दौरान भैंस के पास खड़ी कच्ची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई और और दंपति मलबे में दब गए। तत्काल ग्रामीणों ने दंपति को मलबे से बाहर निकाला और इलाज के लिए दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जामों ले जाया गए, जहां चिकित्सकों ने महिला उषा (32) को मृत घोषित कर दिया। हादसे में पति रामकुमार को भी हल्की चोटें आईं।

थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की सूचना पर पुलिस ने सीएचसी जामों से मृतक का मेमो प्राप्त किया है। इसके आधार पर महिला के शव का पंचायतनामा भरने की कार्रवाई की जा रही है।
जूता फैक्ट्री में लगी भीषण आग, लाखों का तैयार माल जलकर खाक
कानपुर। जाजमऊ थाना क्षेत्र अशरफाबाद स्थित जूता फैक्ट्री में शनिवार को अचानक आग लगने से लाखों रुपये का तैयार माल जलकर राख हो गया। सूचना पर पहुंची दमकल की दो गाड़ियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

सुल्तान कंपाउंड के सामने कामसेफ फैक्ट्री में आज धुआं उठता देखकर आसपास के लोगों ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। फैक्ट्री में ज्वलनशील सामग्री और बड़ी मात्रा में तैयार जूते रखे होने के कारण आग तेजी से फैल गई। इससे इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

फैक्ट्री मालिक मेस्टन रोड निवासी महबूब इलाही ने बताया कि कारखाने में तैयार जूतों का काफी स्टॉक रखा था। इसे अगले महीने बाहर भेजा जाना था, लेकिन आग की चपेट में आने से पूरा माल बर्बाद हो गया। शुरुआती अनुमान के अनुसार नुकसान लाखों रुपये का है। वास्तविक क्षति का आकलन किया जा रहा है।

बीट प्रभारी अभिजीत पाठक ने बताया कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। फायर अधिकारी राहुल नंदन के मुताबिक शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट सामने आ रही है। हालांकि आग के वास्तविक कारण की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद होगी।
बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलों में प्रशासन अलर्ट
-लखनऊ समेत कई जिलों में लगातार वर्षा, जिलाधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहकर आवागमन और जलभराव पर नजर रखने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार से शुरू हुई बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। लगातार बारिश से कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ और जलभराव की स्थिति बनी है। मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी जिलों के जिलाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हैं। जिलों में वाहनों के आवागमन, जलभराव और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को क्षेत्र में रहकर स्थिति का जायजा लेने और आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश की राजधानी लखनऊ, उन्नाव, कानपुर मंडल, प्रयागराज मंडल, अयोध्या मंडल, वाराणसी सहित कई जिलों में शनिवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश हुई है।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर सीएसए के मौसम वैज्ञानिक डॉ एस एन सुनील पांडेय ने बताया कि

कृषि विभाग की 25 सितंबर तक की वर्षा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 54 जिलों में वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान प्रदेश में 14 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि बलरामपुर में सर्वाधिक 71.6 मिलीमीटर और बरेली में न्यूनतम 0.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। एक जून से 25 सितंबर तक प्रदेश के 15 जिलों में सामान्य से 120 प्रतिशत से अधिक, 36 जिलों में सामान्य, 10 जिलों में सामान्य से कम और आठ जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। छह जिलों में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है, जबकि किसी भी जिले में शून्य वर्षा दर्ज नहीं हुई।

रिपोर्ट के अनुसार सामान्य से 120 प्रतिशत से अधिक वर्षा वाले जिलों में संभल, महोबा, चित्रकूट, हमीरपुर, मेरठ, बांदा, कानपुर नगर, मुजफ्फरनगर, एटा, प्रयागराज, कन्नौज, बिजनौर, फिरोजाबाद, ललितपुर और प्रतापगढ़ शामिल हैं। वहीं 36 जिलों में वर्षा सामान्य श्रेणी में रही।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। 25 और 26 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बारिश को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने, आमजन से संपर्क बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है। प्रदेश के सभी प्राइमरी से लेकर बारहवीं तक के स्कूल, सीबीएसी,यूपी बोर्ड एवं आई एससी बोर्ड के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासनिक अमला जलभराव वाले क्षेत्रों, क्षतिग्रस्त सड़कों और प्रमुख मार्गों पर आवागमन की स्थिति पर नजर रख रहा है। लोगों से भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की ओर से जारी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।