नोएडा: हॉस्टल की बस में लगी आग
नोएडा। जिले के थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र स्थित आर्यन रेजिडेंसी हॉस्टल की सड़क किनारे खड़ी खाली बस में शुक्रवार की बीती रात को अज्ञात कारणों से आग लग गई। इस घटना में बस पुरी तरह से जल गई है। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। घटना के समय बस में कोई मौजूद नहीं था। घटनास्थल के आसपास अन्य हॉस्टलों में रहने वाले छात्र-छात्राओं में इस घटना को लेकर हड़कंप मच गया। कई छात्रों ने इसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है।

मुख्य दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि शुक्रवार की मध्य रात्रि को थाना नॉलेज पार्क क्षेत्र में स्थित आर्यन हॉस्टल की बस सड़क किनारे पार्क थी। अचानक बस मे आग लग गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। उन्होंने बताया कि घटना के समय बस में कोई सवार नहीं था। बस चालक बस को सड़क किनारे खड़ा करके कही चला गया था। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारण का पता लगाया जा रहा है। सीएफओ ने बताया कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं है।

मालूम हो कि यमुना एक्सप्रेसवे पर तीन दिन पूर्व एक डबल डेकर बस में लगी आग के चलते नौ लोगों की जलकर मौत हो गई थी।
अमेठी : कच्ची दीवार गिरने से महिला की मौत, पति चोटिल
अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के जामों थाना क्षेत्र के बलभद्रपुर गांव में शनिवार सुबह कच्ची खंडहरनुमा दीवार अचानक गिरने से उसके नीचे दबकर महिला की मौत हो गई। हादसे में मृतक महिला के पति को भी चोटें आई हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जामो थाना क्षेत्र अंतर्गत बलभद्रपुर गाँव निवासी उषा सुबह करीब आठ बजे पति रामकुमार पासी के साथ घर के पीछे बंधी भैंस को खोलने गई थी। इसी दौरान भैंस के पास खड़ी कच्ची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई और और दंपति मलबे में दब गए। तत्काल ग्रामीणों ने दंपति को मलबे से बाहर निकाला और इलाज के लिए दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जामों ले जाया गए, जहां चिकित्सकों ने महिला उषा (32) को मृत घोषित कर दिया। हादसे में पति रामकुमार को भी हल्की चोटें आईं।

थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की सूचना पर पुलिस ने सीएचसी जामों से मृतक का मेमो प्राप्त किया है। इसके आधार पर महिला के शव का पंचायतनामा भरने की कार्रवाई की जा रही है।
जूता फैक्ट्री में लगी भीषण आग, लाखों का तैयार माल जलकर खाक
कानपुर। जाजमऊ थाना क्षेत्र अशरफाबाद स्थित जूता फैक्ट्री में शनिवार को अचानक आग लगने से लाखों रुपये का तैयार माल जलकर राख हो गया। सूचना पर पहुंची दमकल की दो गाड़ियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

सुल्तान कंपाउंड के सामने कामसेफ फैक्ट्री में आज धुआं उठता देखकर आसपास के लोगों ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। फैक्ट्री में ज्वलनशील सामग्री और बड़ी मात्रा में तैयार जूते रखे होने के कारण आग तेजी से फैल गई। इससे इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

फैक्ट्री मालिक मेस्टन रोड निवासी महबूब इलाही ने बताया कि कारखाने में तैयार जूतों का काफी स्टॉक रखा था। इसे अगले महीने बाहर भेजा जाना था, लेकिन आग की चपेट में आने से पूरा माल बर्बाद हो गया। शुरुआती अनुमान के अनुसार नुकसान लाखों रुपये का है। वास्तविक क्षति का आकलन किया जा रहा है।

बीट प्रभारी अभिजीत पाठक ने बताया कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। फायर अधिकारी राहुल नंदन के मुताबिक शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट सामने आ रही है। हालांकि आग के वास्तविक कारण की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद होगी।
बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलों में प्रशासन अलर्ट
-लखनऊ समेत कई जिलों में लगातार वर्षा, जिलाधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहकर आवागमन और जलभराव पर नजर रखने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार से शुरू हुई बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। लगातार बारिश से कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ और जलभराव की स्थिति बनी है। मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी जिलों के जिलाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हैं। जिलों में वाहनों के आवागमन, जलभराव और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को क्षेत्र में रहकर स्थिति का जायजा लेने और आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश की राजधानी लखनऊ, उन्नाव, कानपुर मंडल, प्रयागराज मंडल, अयोध्या मंडल, वाराणसी सहित कई जिलों में शनिवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश हुई है।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर सीएसए के मौसम वैज्ञानिक डॉ एस एन सुनील पांडेय ने बताया कि

कृषि विभाग की 25 सितंबर तक की वर्षा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 54 जिलों में वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान प्रदेश में 14 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि बलरामपुर में सर्वाधिक 71.6 मिलीमीटर और बरेली में न्यूनतम 0.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। एक जून से 25 सितंबर तक प्रदेश के 15 जिलों में सामान्य से 120 प्रतिशत से अधिक, 36 जिलों में सामान्य, 10 जिलों में सामान्य से कम और आठ जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। छह जिलों में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है, जबकि किसी भी जिले में शून्य वर्षा दर्ज नहीं हुई।

रिपोर्ट के अनुसार सामान्य से 120 प्रतिशत से अधिक वर्षा वाले जिलों में संभल, महोबा, चित्रकूट, हमीरपुर, मेरठ, बांदा, कानपुर नगर, मुजफ्फरनगर, एटा, प्रयागराज, कन्नौज, बिजनौर, फिरोजाबाद, ललितपुर और प्रतापगढ़ शामिल हैं। वहीं 36 जिलों में वर्षा सामान्य श्रेणी में रही।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। 25 और 26 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बारिश को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने, आमजन से संपर्क बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है। प्रदेश के सभी प्राइमरी से लेकर बारहवीं तक के स्कूल, सीबीएसी,यूपी बोर्ड एवं आई एससी बोर्ड के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासनिक अमला जलभराव वाले क्षेत्रों, क्षतिग्रस्त सड़कों और प्रमुख मार्गों पर आवागमन की स्थिति पर नजर रख रहा है। लोगों से भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की ओर से जारी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।
उत्तर प्रदेश में अति वृष्टि को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अतिवृष्टि को लेकर शासन और जिला प्रशासन के अधिकारियों को मुस्तदी के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने 32 जिलाें में आकस्मिक बाढ़ आने व 10 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अतिवृष्टि को लेकर मुख्यमंत्री निर्देश दिए हैं। शनिवार को जारी बयान में कहा है कि बारिश से जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का समय से आकलन करें। सभी वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत-बचाव कार्य की निगरानी के निर्देश दिए हैं।

प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से हुई क्षति का 24 घंटे में आकलन कर मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री योगी ने लोगों से अपील की है कि आकाशीय बिजली व अतिवृष्टि के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। अतिवृष्टि के दौरान नदियों और जलाशयों में स्नान से बचें, विशेष सावधानी बरतें।
अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन: कायमगंज में निकलीं शोभायात्राएं, अबीर-गुलाल उड़ाते हुए झूमे श्रद्धालु

*संवाददाता कायमगंज*


कायमगंज में आज शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणेश महोत्सव का समापन श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। कायमगंज नगर के मोहल्ला झील, पटवन गली,घसिया चिलौली, शिवाला, चिलौली, उलियापुर,शिव मंदिर लालकुंआ सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमाओं की विसर्जन यात्राएं निकाली गईं। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच गणपति की प्रतिमाओं को लेकर विसर्जन स्थल की ओर रवाना हुए। वही हल्की फुल्की बरसात भी श्रद्धालुओं की आस्था को कम नहीं कर पाई । आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी भक्त गणेश प्रतिमाओं के साथ विसर्जन यात्रा में पहुंचे।शोभा यात्राओं में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे एवं युवा शामिल हुए
शोभायात्राओं में श्रद्धालु अबीर-गुलाल उड़ाते हुए और भगवान गणेश के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर यात्राओं का स्वागत किया। गणेश प्रतिमाओं के दर्शन के लिए मार्ग में लोगों की भीड़ जुटी रही गणेश विसर्जन यात्रा के दौरान मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन युवाओं द्वारा किया गया । मटकी को 15 फीट ऊंचाई पर बांधा गया । जिसे युवाओं ने हौसले के साथ मानव श्रृंखला बनाकर फोड़ा ।
अलग-अलग स्थानों से निकलीं शोभायात्राएं आगे चलकर पुल गालिब तिराहे पर एकत्रित हुईं। यहां सभी यात्राओं के एक साथ पहुंचने के बाद श्रद्धालु गणेश प्रतिमाओं को लेकर आगे रवाना हुए। विसर्जन यात्राओं को लेकर पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस की निगरानी के बीच सभी शोभायात्राएं शमसाबाद के ढाई घाट स्थित गंगा तट के लिए रवाना हुई। जहां गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन के साथ ही कई दिनों से चल रहे गणेश महोत्सव का समापन हो गया। श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर से गणपति के आगमन की कामना करते हुए उन्हें विदाई दी।हालांकि आज सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। और रिमझिम बारिश भी हो रही है ।लेकिन इसके बावजूद भी श्रद्धालुओं में  उत्साह देखा गया । भीगते हुए श्रद्धालु शोभायात्रा में गणपति बप्पा मोरिया के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे ।
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी से दहेज प्रताड़ना के आरोपी अभियुक्त को हुई 01 वर्ष का कारावास व रूपये 10,000/- के अर्थदण्ड की सजा

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
गोण्डा। दिनांक 18.07.2023 को वादिनी साबरीन की लिखित तहरीर के आधार पर दहेज प्रताड़ना का अभियोग पंजीकृत हुआ था। जिसमें महिला थाना पुलिस द्वारा आरोपी अभियुक्तों के विरूद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही कर आरोप पत्र माननीय न्यायालय रवाना प्रस्तुत किया गया था।

*दोषसिद्धि का विवरण-*
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित अपराधों में दोषी अभियुक्तों के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा अधिकतम/त्वरित दंडात्मक कार्यवाही हेतु जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसके क्रम मे महिला थाना में पंजीकृत अभियोग मे मॉनिटरिंग सेल, सहायक अभियोजक श्री नित्यानंद यादव, कोर्ट मोहर्रिर का0 पवन पटेल व महिला थाना के पैरोकार म0का0 पूजा शुक्ला की प्रभावी पैरवी के फलस्वरुप आज दिनांक 25.09.2026 को दोषी अभियुक्त अकरम पुत्र निसार सिविल जज/एफ0टी0सी0 द्वितीय न्यायाधीश श्री योगेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा दोषसिद्ध करते हुए 01 कारावास व 10,000/- रु0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
नूर मैटरनिटी हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत पर हंगामा, परिजनों ने रोका अंतिम संस्कार

*पुलिस बोली- स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट का इंतजार


गोंडा।जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत रगड़गंज बाजार स्थित नूर मैटरनिटी हॉस्पिटल में प्रसूता संगीता की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मौत के बाद से परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया है और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही के चलते संगीता की जान गई है। घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अस्पताल के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है, जिससे परिजनों में भारी आक्रोश है।इस मामले में जब तरबगंज थाने के एसएचओ श्रीधर पाठक से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जब तक स्वास्थ्य विभाग से इस मामले में उचित दिशा-निर्देश और रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती, तब तक पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकती।वहीं दूसरी तरफ मृतका के परिजन अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे संगीता का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिजन जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
दर्दनाक हादसा: छुट्टा मवेशी बना काल, वरिष्ठ चिकित्सक की मौत
गोंडा। तरबगंज-मोतीगंज मार्ग पर गुरुवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में क्षेत्र के जाने-माने चिकित्सक की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है।मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. तुषार बनर्जी (56) अपने बेटे के साथ क्लिनिक से घर लौट रहे थे। बारिश हो रही थी, तभी अचानक सड़क पर आए छुट्टा मवेशी से उनकी बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए।हेलमेट पहने होने के कारण उनके बेटे की जान बाल-बाल बच गई, उसे मामूली चोटें आईं।घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल डॉक्टर को तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।डॉ. बनर्जी पिछले तीन दशकों से क्षेत्र में चिकित्सा सेवाएं दे रहे थे। गरीबों के मसीहा के रूप में उनकी पहचान थी। उनकी मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचने लगे।
भारतीय ज्ञान परंपरा में आनंद से समग्र कल्याण तक की राह, आनन्दसूत्रम् पर गहन मंथन
आध्यात्मिक साधना के साथ शिक्षा, चिकित्सा और आर्थिक विकेंद्रीकरण पर जोर, विद्वानों ने समकालीन संदर्भों में परखी प्रासंगिकता

प्रयागराज
Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

गुरुवार को उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में भारतीय ज्ञान परंपरा के गूढ़ पक्षों और उसकी समकालीन उपयोगिता को लेकर बृहस्पतिवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। मानविकी विद्या शाखा के तत्वावधान में तिलक शास्त्रार्थ सभागार में आयोजित संगोष्ठी में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा में आनन्दसूत्रम् का योगदान’ विषय पर विद्वानों ने दार्शनिक, आध्यात्मिक, मनोवैज्ञानिक तथा सामाजिक-आर्थिक दृष्टिकोण से विस्तारपूर्वक विचार मंथन किया। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि आचार्य दिव्य चेतनानन्द, सचिव, आनन्द मार्ग प्रचारक संघ, कोलकाता ने कहा कि भारतीय उपनिषद परंपरा में आनंद को ब्रह्म से जोड़ा गया है। आनन्दमूर्ति प्रभात रंजन सरकार ने इसी अवधारणा को आनन्दसूत्रम् के माध्यम से विशिष्ट दार्शनिक स्वरूप प्रदान किया। उन्होंने कहा कि किसी सूत्र को केवल उसके शब्दार्थ तक सीमित करके देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके भीतर निहित भाव, दर्शन और व्यापक चिंतन को समझना आवश्यक है। इसी आधार पर प्राचीन भारतीय चिंतन परंपराओं के साथ उसका सार्थक तुलनात्मक अध्ययन किया जा सकता है। आचार्य दिव्य चेतनानन्द ने कहा कि आनन्दसूत्रम् की विशेषता केवल आध्यात्मिक साधना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मनो-बौद्धिक विकास के साथ सामाजिक और आर्थिक चिंतन को भी स्थान दिया गया है। उन्होंने मानव जीवन की न्यूनतम आवश्यकताओं की गारंटी, उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग और विकेंद्रीकृत आर्थिक नियोजन जैसी अवधारणाओं को समाज के संतुलित विकास से जोड़ते हुए कहा कि भोजन, वस्त्र और आवास के साथ शिक्षा तथा चिकित्सा को भी मानव जीवन की आवश्यक जरूरतों में शामिल किया गया है। विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रवीण कुमार द्विवेदी, सहायक आचार्य, संस्कृत विभाग, प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैय्या विश्वविद्यालय, प्रयागराज ने कहा कि आनन्दसूत्रम् का वेद, उपनिषद, आगम, सांख्य, योग, वेदान्त सहित भारतीय दर्शन की विभिन्न परंपराओं के साथ तुलनात्मक अध्ययन किए जाने की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि आनन्दसूत्रम् के सूत्रों पर संस्कृत और हिंदी में विस्तृत वार्तिक तथा भाष्य तैयार करने की दिशा में गंभीर अकादमिक विमर्श की आवश्यकता है। अध्यक्षता करते हुए मानविकी विद्या शाखा के निदेशक प्रो. सत्यपाल तिवारी ने कहा कि भारतीय चिंतन की निरंतर यात्रा मूल रूप से आनंद की खोज की यात्रा रही है। भारतीय परंपरा में दर्शन और आध्यात्मिक चिंतन को सदैव केंद्रीय महत्व मिला है। वैदिक काल से ही भारतीय मनीषा जीवन के मूल स्वरूप और अंतिम सत्य की खोज में निरंतर प्रवृत्त रही है। संगोष्ठी के संयोजक प्रो. विनोद कुमार गुप्त ने स्वागत वक्तव्य एवं विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों को वर्तमान संदर्भों में समझने तथा समाज में ज्ञान, समरसता और मानवीय मूल्यों के प्रसार के लिए इस प्रकार के अकादमिक विमर्श की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम का संचालन शोध छात्र दिग्विजय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव डॉ. अतुल कुमार मिश्र ने किया। संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी, विद्यार्थी और अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।