अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन: कायमगंज में निकलीं शोभायात्राएं, अबीर-गुलाल उड़ाते हुए झूमे श्रद्धालु

*संवाददाता कायमगंज*


कायमगंज में आज शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणेश महोत्सव का समापन श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। कायमगंज नगर के मोहल्ला झील, पटवन गली,घसिया चिलौली, शिवाला, चिलौली, उलियापुर,शिव मंदिर लालकुंआ सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमाओं की विसर्जन यात्राएं निकाली गईं। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच गणपति की प्रतिमाओं को लेकर विसर्जन स्थल की ओर रवाना हुए। वही हल्की फुल्की बरसात भी श्रद्धालुओं की आस्था को कम नहीं कर पाई । आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी भक्त गणेश प्रतिमाओं के साथ विसर्जन यात्रा में पहुंचे।शोभा यात्राओं में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे एवं युवा शामिल हुए
शोभायात्राओं में श्रद्धालु अबीर-गुलाल उड़ाते हुए और भगवान गणेश के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर यात्राओं का स्वागत किया। गणेश प्रतिमाओं के दर्शन के लिए मार्ग में लोगों की भीड़ जुटी रही गणेश विसर्जन यात्रा के दौरान मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन युवाओं द्वारा किया गया । मटकी को 15 फीट ऊंचाई पर बांधा गया । जिसे युवाओं ने हौसले के साथ मानव श्रृंखला बनाकर फोड़ा ।
अलग-अलग स्थानों से निकलीं शोभायात्राएं आगे चलकर पुल गालिब तिराहे पर एकत्रित हुईं। यहां सभी यात्राओं के एक साथ पहुंचने के बाद श्रद्धालु गणेश प्रतिमाओं को लेकर आगे रवाना हुए। विसर्जन यात्राओं को लेकर पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस की निगरानी के बीच सभी शोभायात्राएं शमसाबाद के ढाई घाट स्थित गंगा तट के लिए रवाना हुई। जहां गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन के साथ ही कई दिनों से चल रहे गणेश महोत्सव का समापन हो गया। श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर से गणपति के आगमन की कामना करते हुए उन्हें विदाई दी।हालांकि आज सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। और रिमझिम बारिश भी हो रही है ।लेकिन इसके बावजूद भी श्रद्धालुओं में  उत्साह देखा गया । भीगते हुए श्रद्धालु शोभायात्रा में गणपति बप्पा मोरिया के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे ।
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी से दहेज प्रताड़ना के आरोपी अभियुक्त को हुई 01 वर्ष का कारावास व रूपये 10,000/- के अर्थदण्ड की सजा

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
गोण्डा। दिनांक 18.07.2023 को वादिनी साबरीन की लिखित तहरीर के आधार पर दहेज प्रताड़ना का अभियोग पंजीकृत हुआ था। जिसमें महिला थाना पुलिस द्वारा आरोपी अभियुक्तों के विरूद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही कर आरोप पत्र माननीय न्यायालय रवाना प्रस्तुत किया गया था।

*दोषसिद्धि का विवरण-*
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित अपराधों में दोषी अभियुक्तों के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा अधिकतम/त्वरित दंडात्मक कार्यवाही हेतु जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसके क्रम मे महिला थाना में पंजीकृत अभियोग मे मॉनिटरिंग सेल, सहायक अभियोजक श्री नित्यानंद यादव, कोर्ट मोहर्रिर का0 पवन पटेल व महिला थाना के पैरोकार म0का0 पूजा शुक्ला की प्रभावी पैरवी के फलस्वरुप आज दिनांक 25.09.2026 को दोषी अभियुक्त अकरम पुत्र निसार सिविल जज/एफ0टी0सी0 द्वितीय न्यायाधीश श्री योगेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा दोषसिद्ध करते हुए 01 कारावास व 10,000/- रु0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
नूर मैटरनिटी हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत पर हंगामा, परिजनों ने रोका अंतिम संस्कार

*पुलिस बोली- स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट का इंतजार


गोंडा।जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत रगड़गंज बाजार स्थित नूर मैटरनिटी हॉस्पिटल में प्रसूता संगीता की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मौत के बाद से परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया है और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही के चलते संगीता की जान गई है। घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अस्पताल के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है, जिससे परिजनों में भारी आक्रोश है।इस मामले में जब तरबगंज थाने के एसएचओ श्रीधर पाठक से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जब तक स्वास्थ्य विभाग से इस मामले में उचित दिशा-निर्देश और रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती, तब तक पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकती।वहीं दूसरी तरफ मृतका के परिजन अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। उनका साफ कहना है कि जब तक दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे संगीता का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिजन जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
दर्दनाक हादसा: छुट्टा मवेशी बना काल, वरिष्ठ चिकित्सक की मौत
गोंडा। तरबगंज-मोतीगंज मार्ग पर गुरुवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में क्षेत्र के जाने-माने चिकित्सक की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है।मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. तुषार बनर्जी (56) अपने बेटे के साथ क्लिनिक से घर लौट रहे थे। बारिश हो रही थी, तभी अचानक सड़क पर आए छुट्टा मवेशी से उनकी बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए।हेलमेट पहने होने के कारण उनके बेटे की जान बाल-बाल बच गई, उसे मामूली चोटें आईं।घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल डॉक्टर को तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।डॉ. बनर्जी पिछले तीन दशकों से क्षेत्र में चिकित्सा सेवाएं दे रहे थे। गरीबों के मसीहा के रूप में उनकी पहचान थी। उनकी मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचने लगे।
भारतीय ज्ञान परंपरा में आनंद से समग्र कल्याण तक की राह, आनन्दसूत्रम् पर गहन मंथन
आध्यात्मिक साधना के साथ शिक्षा, चिकित्सा और आर्थिक विकेंद्रीकरण पर जोर, विद्वानों ने समकालीन संदर्भों में परखी प्रासंगिकता

प्रयागराज
Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

गुरुवार को उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में भारतीय ज्ञान परंपरा के गूढ़ पक्षों और उसकी समकालीन उपयोगिता को लेकर बृहस्पतिवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। मानविकी विद्या शाखा के तत्वावधान में तिलक शास्त्रार्थ सभागार में आयोजित संगोष्ठी में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा में आनन्दसूत्रम् का योगदान’ विषय पर विद्वानों ने दार्शनिक, आध्यात्मिक, मनोवैज्ञानिक तथा सामाजिक-आर्थिक दृष्टिकोण से विस्तारपूर्वक विचार मंथन किया। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि आचार्य दिव्य चेतनानन्द, सचिव, आनन्द मार्ग प्रचारक संघ, कोलकाता ने कहा कि भारतीय उपनिषद परंपरा में आनंद को ब्रह्म से जोड़ा गया है। आनन्दमूर्ति प्रभात रंजन सरकार ने इसी अवधारणा को आनन्दसूत्रम् के माध्यम से विशिष्ट दार्शनिक स्वरूप प्रदान किया। उन्होंने कहा कि किसी सूत्र को केवल उसके शब्दार्थ तक सीमित करके देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके भीतर निहित भाव, दर्शन और व्यापक चिंतन को समझना आवश्यक है। इसी आधार पर प्राचीन भारतीय चिंतन परंपराओं के साथ उसका सार्थक तुलनात्मक अध्ययन किया जा सकता है। आचार्य दिव्य चेतनानन्द ने कहा कि आनन्दसूत्रम् की विशेषता केवल आध्यात्मिक साधना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मनो-बौद्धिक विकास के साथ सामाजिक और आर्थिक चिंतन को भी स्थान दिया गया है। उन्होंने मानव जीवन की न्यूनतम आवश्यकताओं की गारंटी, उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग और विकेंद्रीकृत आर्थिक नियोजन जैसी अवधारणाओं को समाज के संतुलित विकास से जोड़ते हुए कहा कि भोजन, वस्त्र और आवास के साथ शिक्षा तथा चिकित्सा को भी मानव जीवन की आवश्यक जरूरतों में शामिल किया गया है। विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रवीण कुमार द्विवेदी, सहायक आचार्य, संस्कृत विभाग, प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैय्या विश्वविद्यालय, प्रयागराज ने कहा कि आनन्दसूत्रम् का वेद, उपनिषद, आगम, सांख्य, योग, वेदान्त सहित भारतीय दर्शन की विभिन्न परंपराओं के साथ तुलनात्मक अध्ययन किए जाने की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि आनन्दसूत्रम् के सूत्रों पर संस्कृत और हिंदी में विस्तृत वार्तिक तथा भाष्य तैयार करने की दिशा में गंभीर अकादमिक विमर्श की आवश्यकता है। अध्यक्षता करते हुए मानविकी विद्या शाखा के निदेशक प्रो. सत्यपाल तिवारी ने कहा कि भारतीय चिंतन की निरंतर यात्रा मूल रूप से आनंद की खोज की यात्रा रही है। भारतीय परंपरा में दर्शन और आध्यात्मिक चिंतन को सदैव केंद्रीय महत्व मिला है। वैदिक काल से ही भारतीय मनीषा जीवन के मूल स्वरूप और अंतिम सत्य की खोज में निरंतर प्रवृत्त रही है। संगोष्ठी के संयोजक प्रो. विनोद कुमार गुप्त ने स्वागत वक्तव्य एवं विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों को वर्तमान संदर्भों में समझने तथा समाज में ज्ञान, समरसता और मानवीय मूल्यों के प्रसार के लिए इस प्रकार के अकादमिक विमर्श की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम का संचालन शोध छात्र दिग्विजय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव डॉ. अतुल कुमार मिश्र ने किया। संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी, विद्यार्थी और अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।
दीवानी कचहरी गेट पर दिनदहाड़े मीडियाकर्मी पर हमला, कचहरी परिसर में दहशत
*चाय पीते समय दबंगों ने सिर फोड़ा, मेडिकल कॉलेज में भर्ती

गोंडा। जिले में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। नगर कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर करीब 2.30 बजे मीडियाकर्मी सत्यम मिश्रा पर 5 से 6 दबंगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में मीडियाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां इमरजेंसी में उसका इलाज चल रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार सत्यम मिश्रा अपने साथी नदीम सिद्दीकी के साथ दीवानी कचहरी गेट के पास हनुमान मंदिर के पास चाय की दुकान पर चाय पी रहे थे। तभी पहले से घात लगाए 5 से 6 दबंगों ने उन पर हमला कर दिया। हमला इतना अचानक था कि सत्यम कुछ समझ पाते इससे पहले ही दबंगों ने उनका सिर फोड़ दिया। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर घायल को गोंडा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।बताया जा रहा है कि यह हमला पुरानी रंजिश के चलते किया गया है। कुछ दिन पहले अंबेडकर चौराहे पर वकीलों के विरोध प्रदर्शन के दौरान सत्यम मिश्रा के अधिवक्ता भाई शिवेंद्र मिश्रा का एक व्यक्ति से विवाद और मारपीट हुई थी। उसी रंजिश को लेकर दबंगों ने सत्यम मिश्रा को निशाना बनाया।नगर कोतवाली पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर 5 से 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। सीओ नगर योगेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायल का हालचाल जाना। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना के बाद से पत्रकारों में भारी आक्रोश है।
फार्मेसी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग : दिनेश त्रिपाठी
प्रतापगढ़। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान जेडी शिक्षा ग्राम द्वारा संचालित ज्योतिरादित्य इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मेसी कोहंडौर, प्रतापगढ़ में आज पूरे उत्साह के साथ विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया गया। सबसे पहले शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष दिनेश चंद्र त्रिपाठी ने मां सरस्वती के चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और उन्होंने छात्रों को इस अवसर पर पूरे विश्व में फार्मेसी के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि फार्मेसी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो चिकित्सा विज्ञान और रोगी की देखभाल के बीच सीधा संबंध स्थापित करता है। प्रधानाचार्य डॉक्टर एचयस चौरसिया ने आज के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता के बारे में बताया, जिसमे क्विज प्रतियोगिता, फार्मेसी थीम पर रंगोली, पोस्टर प्रेजेंटेशन, प्लांटेशन प्रेजेंटेशन, वर्किंग मॉडल बनाकर छात्रों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रतियोगिता में पार्टिसिपेट किए हुए सभी छात्रों को  शील्ड देकर सम्मानित किया गया  । छात्रों में अनु यादव, जिज्ञासिनी वर्मा, पलक मिश्रा ,प्रीती वर्मा, तनु जायसवाल सतीश तिवारी, शैलजा पांडे आदि छात्रों विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान हासिल किया। इस अवसर पर शिक्षण संस्थान से जुड़े सभी शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।
जिले में गरमाई सियासत, मनोज कुमार मिश्रा ने कांग्रेस के लिए सातों सीटों पर जीत का किया दावा
गोण्डा। जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता,सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री एवं पूर्व कैसरगंज लोकसभा प्रत्याशी मनोज कुमार मिश्रा के कांग्रेस में शामिल होने के बाद जिले की सियासत में हलचल तेज हो गई है। हाल ही में कांग्रेस का दामन थामने वाले मनोज कुमार मिश्रा ने भाजपा की नीतियों और कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है।मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नीतियों और विचारों को लेकर जनता के बीच जाएंगे और पार्टी के पक्ष में प्रचार-प्रसार करेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में गोण्डा जनपद की सातों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों को मजबूत करने के लिए वह पूरी ताकत से काम करेंगे।उन्होंने यह भी कहा कि यदि समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस का गठबंधन नहीं होता है, तो कांग्रेस अपने दम पर चुनावी मैदान में उतरकर सभी सातों विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करेगी।मनोज कुमार मिश्रा के इस बयान के बाद गोण्डा की राजनीति में कांग्रेस की सक्रियता और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर आगे क्या स्थिति बनती है और गोण्डा में कांग्रेस की चुनावी रणनीति क्या रहती है।


गोण्डा जिले की विधानसभा सीटों और उनके वर्तमान राजनीतिक समीकरणों को लेकर चुनावी गतिविधियां आगे बढ़ने के साथ तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
मऊ: रामलीला मेले की जमीन को लेकर विवाद का हुआ समाधान, तीन दिन में हटेगी बाउंड्री
रामलीला मेले की जमीन विवाद पर समझौता

मोहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। स्थानीय उप जिलाधिकारी कार्यालय में शुक्रवार को दशहरा रामलीला सेवा समिति और दूसरे पक्ष के बीच बनियापार स्थित रामलीला मेले की जमीन को लेकर चल रहे विवाद का समाधान करा दिया गया।

बताया गया कि बनियापार स्थित जिस जमीन पर वर्षों से दशहरा पर्व के दौरान रामलीला और मेला आयोजित होता रहा है, वहां दूसरे पक्ष द्वारा बाउंड्री कराए जाने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था।

इस संबंध में दशहरा रामलीला सेवा समिति के अध्यक्ष छोटू प्रसाद ने गुरुवार को उप जिलाधिकारी अर्चना अग्निहोत्री को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जानकारी दी थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को उप जिलाधिकारी कार्यालय में दोनों पक्षों को बुलाया गया।

उप जिलाधिकारी अर्चना अग्निहोत्री और पुलिस उपाधीक्षक जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच वार्ता हुई।

बातचीत के बाद दूसरे पक्ष ने तीन दिन के अंदर मौके पर लगी बाउंड्री हटाने की बात कही, जिसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान कर लिया गया।

इस दौरान तहसीलदार सुधांशु शेखर, दशहरा रामलीला समिति के पदाधिकारी तथा दूसरे पक्ष के लोग मौजूद रहे।
मऊ वृद्धाश्रम में सीडीओ ने परखी व्यवस्थाएं, बुजुर्गों को बांटे फल-मिठाई
मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। कस्बे के जमीन बरामदपुर मोहल्ले में स्थित वृद्धाश्रम का गुरुवार देर शाम मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) विवेक श्रीवास्तव ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वृद्धाश्रम के विभिन्न कमरों में पहुंचकर बुजुर्गों के रहने, बैठने, भोजन, पेयजल समेत अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

सीडीओ ने वृद्धजनों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सभी बुजुर्गों को फल एवं मिठाई वितरित की। साथ ही वृद्धजनों के लिए जूते और बक्से उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को समय से दवा, भोजन और पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि वृद्धजनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और उनकी आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

वृद्धाश्रम के प्रबंधक लछीराम प्रसाद से सीडीओ ने कहा कि वृद्धजनों की सेवा करना पुनीत कार्य है।

उनके जीवन को सुविधाजनक और सम्मानजनक बनाने के लिए सभी को संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए।

इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, कृतिमान पंकज, वार्डन सहित वृद्धाश्रम के कर्मचारी एवं महिला-पुरुष वृद्धजन मौजूद रहे।