यूपी के उत्पादों पर बढ़ा दुनिया का भरोसा, निर्यात दो लाख करोड़ के पार: मुख्यमंत्री योगी

* केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी ने किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ
* एक ही ई-कार्ट से केंद्रीय गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने किया ट्रेड शो का अवलोकन
* सीएम बोले- जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है
* यूपी में संभावनाओं की कभी कमी नहीं थी, सही माहौल देकर हुनर को बाजार से जोड़ा: मुख्यमंत्री योगी
* योगी ने कहा : टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़कर स्थानीय उत्पादों को बनाया ग्लोबल ब्रांड
- 79 उत्पादों को मिला जीआई टैग, 75 और नये उत्पादों के लिए किया गया आवेदन
* 90 देशों से 600 से अधिक बायर्स पहुंचे, डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के शामिल होने की संभावना

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के परंपरागत हुनर से लेकर आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तक की ताकत शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में दुनिया के सामने दिखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं, जबकि 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स अपने उत्पादों के साथ ट्रेड शो में हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता, मजबूत सप्लाई चेन और यहां के उद्यमियों की विश्वसनीयता पर आज पूरी दुनिया को भरोसा है। आज प्रदेश दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश में तैयार होने वाले उत्पादों को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच बन गया है। पिछले वर्ष 72 देशों के 550 बायर्स इसमें शामिल हुए थे। इस बार 90 देशों से 600 से अधिक बायर्स पहुंचे हैं और करीब डेढ़ लाख बी2बी विजिटर्स के आयोजन में शामिल होने की संभावना है। यह बढ़ती भागीदारी उत्तर प्रदेश के कारीगरों के हुनर, युवाओं के इनोवेशन, एमएसएमई सेक्टर और अन्नदाता किसानों की मेहनत के प्रति बढ़ते वैश्विक भरोसे को दिखाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अपनी जड़ों से जुड़कर दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलता है, दुनिया उसे फॉलो करती है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो इसका उदाहरण है। यह ट्रेडिशन और टेक्नोलॉजी, हेरिटेज और इनोवेशन के साथ हुनर और बाजार की ताकत को एक साथ देखने का अवसर है।
- *अमित शाह ने पहचानी थी परंपरागत उद्यमों की ताकत*
मुख्यमंत्री ने अमित शाह को प्रदेश के परंपरागत उद्यमों को नई पहचान देने की सोच का प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के लोक कल्याण संकल्प पत्र के निर्माण के दौरान प्रदेश के परंपरागत उद्यमों की ताकत को पहचाना था। उनका मानना था कि जिस दिन उत्तर प्रदेश अपनी इस ताकत को पहचान लेगा, उसे मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक पाएगा। सरकार बनने के बाद इसी सोच को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में ब्रांड दिया गया।
- *गांव के हुनर को मिला दुनिया का बाजार*
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में संभावनाओं की कभी कमी नहीं थी। जरूरत उस क्षमता को पहचानने, सही माहौल देने और उसे बड़े बाजार तक पहुंचाने की थी। आजादी के बाद दशकों तक कारीगरों को जरूरी संसाधन, सही दिशा, बाजार और मंच नहीं मिला। इसका असर यह हुआ कि नई पीढ़ी अपने पुश्तैनी हुनर से दूर होने लगी। सरकार ने जिलों, गांवों और स्थानीय क्लस्टर में मौजूद हुनर को पहचानकर आगे बढ़ने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि टैलेंट और ट्रेडिशन को टेक्नोलॉजी से जोड़ा गया। गुणवत्ता, डिजाइन, पैकेजिंग, सर्टिफिकेशन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार के अनुरूप तैयार किया गया। एक्सप्रेसवे, हाईवे, एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और औद्योगिक ढांचे के विस्तार ने स्थानीय उत्पादों के लिए बड़े बाजार तक पहुंच आसान की है।
- *79 उत्पादों को जीआई टैग, 75 और कतार में*
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है और 75 नए उत्पादों के लिए आवेदन किया गया है। भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की सिल्क साड़ियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत अब करोड़ों रुपये के कारोबार वाले ब्रांड में बदल चुकी है। ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं से कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ा गया है। ट्रेड शो में कारीगर और उद्यमी सीधे ग्लोबल बायर्स तक पहुंच रहे हैं।
- *छह देशों के पवेलियन, कारोबार के नए रास्ते*
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस पार्टनर कंट्री के रूप में जुड़े हैं। इनके विशेष पवेलियन भी लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन देशों की भागीदारी से द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी। रणनीतिक साझेदारी, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और ज्वाइंट वेंचर के रास्ते भी खुलेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया के कई बड़े देशों के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लाभ उठाकर उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को यहां उत्पादन करने और यहीं से वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर दे रहा है।
- *एक ही ई-कार्ट से शाह और योगी ने देखा ट्रेड शो*
कार्यक्रम की शुरुआत अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की। मुख्यमंत्री ने अमित शाह को फिरोजाबाद के ओडीओपी के तहत ओपल ग्लास से बनी राधा-कृष्ण की प्रतिमा भेंट की। इसके बाद दोनों नेता ई-कार्ट से ट्रेड शो में लगे स्टॉल देखने पहुंचे। अलग-अलग स्टॉल पर रुककर उत्पाद देखे और उद्यमियों से उनकी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अमित शाह की मौजूदगी में ‘एक जनपद एक व्यंजन’ ओडीओसी पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
- *एक करोड़ से अधिक एमएसएमई दे रहीं तीन करोड़ से अधिक को रोजगार*
एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उत्तर प्रदेश का ब्रांड बन चुका है। यहां विभिन्न देशों के खरीदारों के साथ बी2बी बैठकें होंगी और प्रदेश के छोटे उत्पादों को ग्लोबल एक्सपोजर मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयां तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। कृषि के बाद यह सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। ओडीओपी और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से अब तक छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट का लाभ मिला है। 14 नए ट्रेड जोड़कर अब 25 ट्रेड को प्रशिक्षण और उन्नत टूलकिट से जोड़ा गया है। उद्यमियों को बिना ब्याज और गारंटी के ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
- *कार्यक्रम में ये गणमान्य रहे मौजूद*
उद्घाटन समारोह में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, बृजेश सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा और सुरेंद्र नागर समेत मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जापान के राजदूत ओनो केईची, भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त सायमन वोंग और बेलारूस के राजदूत मिखाइल कास्को समेत विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, विदेशी खरीदार, एग्जीबिटर्स और उद्यमी भी समारोह में शामिल हुए।
अंतिम व्यक्ति का उत्थान ही अंत्योदय का मूल भाव: सीएम योगी
- पं. दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि

लखनऊ। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर शुक्रवार को प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय का चिंतन समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उसे आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को आधार बनाकर विकास की ऐसी विचारधारा प्रस्तुत की, जिसमें समाज के सबसे वंचित व्यक्ति के कल्याण को प्राथमिकता दी गई। उनका ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ का विचार आज भी समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मार्गदर्शन करता है।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी पं. दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, दीनदयाल उपाध्याय का जीवन राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा। उनका जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था। वर्ष 1942 में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने। आगे चलकर उन्होंने भारतीय जनसंघ के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वर्ष 1967 में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। 11 फरवरी 1968 को उनका निधन हुआ।
- अंतिम व्यक्ति को स्वावलंबी बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानव दर्शन का केंद्रीय विचार समाज के उस व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना था, जो सबसे पीछे रह गया है। उनके अनुसार, अंत्योदय का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सहायता का पात्र बनाए रखना नहीं, बल्कि उसे आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है।
- केंद्र की योजनाओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान गरीब और वंचित वर्गों के लिए कई योजनाएं संचालित की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में चार करोड़ लोगों को आवास, 12 करोड़ को शौचालय, 10 करोड़ को उज्ज्वला गैस कनेक्शन और 3.5 करोड़ परिवारों को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। उन्होंने यह भी कहा कि करीब 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है और सरकार के अनुसार 26 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं।
मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय को राजनीतिक और सामाजिक चिंतन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उनका विचार आज भी देश के विकास और सामाजिक समरसता के संदर्भ में प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने अपने समय में कांग्रेस की नीतियों के विरोध में विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने में भी भूमिका निभाई थी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता की ओर से पं. दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों को समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरक बताया।
दिल्ली में डॉ. मुकेश बत्रा की किताब 'टॉक्सिक' लॉन्च, शत्रुघ्न सिन्हा और मेनका गांधी रहे मौजूद
नई दिल्ली। प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. मुकेश बत्रा की नई किताब 'Toxic: Stories, Science, and Remedies for a Cleaner Mind, Body and Spirit' का विमोचन रविवार को द ललित, नई दिल्ली में किया गया। यह किताब स्वामी शैलेंद्र सरस्वती के साथ लिखी गई है और ब्लूम्सबरी इंडिया द्वारा प्रकाशित की गई है। इस मौके पर अभिनेता और पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में आधुनिक जीवन के तनाव, प्रदूषण और भावनात्मक संघर्षों पर चर्चा हुई।
*"वन्स ए फ्रेंड, ऑलवेज ए फ्रेंड": शत्रुघ्न सिन्हा*
डॉ. बत्रा के साथ अपनी पुरानी दोस्ती को याद करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, "वन्स ए फ्रेंड, ऑलवेज ए फ्रेंड। यह सिर्फ दोस्ती की बात नहीं है, हम दोनों मिलकर एक म्यूचुअल एडमिरेशन सोसायटी बनाते हैं।" वहीं, मेनका गांधी ने डॉ. बत्रा को एक बेहतरीन इंसान बताते हुए कहा कि वे हमेशा बेजुबानों की मदद के लिए आगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी का उनके जीवन में विशेष स्थान है, क्योंकि वे जानवरों के इलाज में भी इसका उपयोग करती हैं।
*सभ्यता खुद को धीरे-धीरे जहर दे रही है: डॉ. बत्रा*
अपनी किताब के बारे में बात करते हुए डॉ. मुकेश बत्रा ने कहा कि यह किताब प्रदूषित हवा, खाने-पीने की चिंताओं, डिजिटल निर्भरता और भावनात्मक संघर्षों पर बढ़ती खामोशी को लेकर उनकी चिंता से उपजी है।
उन्होंने कहा, "इसीलिए मैंने 'टॉक्सिक' लिखी - एक डॉक्टर के तौर पर मरीज का निदान करने के लिए नहीं, बल्कि एक पूरी सभ्यता के गवाह के तौर पर, जो धीरे-धीरे खुद को ही जहरीला बना रही है, कभी प्रदूषकों से तो कभी अपने ही विचारों से।" डॉ. बत्रा ने कहा कि आज लोग इतने चिंतित, थके हुए या शर्मिंदा हैं कि वे बता भी नहीं पाते कि उनके साथ क्या गलत हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसी को सेहत के लिए टहलने की सलाह देना भी मुश्किल हो गया है, जब हवा ही प्रदूषित हो।
बॉलीवुड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "हर शुक्रवार बॉक्स ऑफिस पर भगवान बैठा होता है," जो इस ग्लैमर भरी दुनिया के पीछे के तनाव और हर रिलीज को सर्वाइवल टेस्ट जैसा बना देने वाले दबाव को दिखाता है।
कार्यक्रम में स्वामी शैलेंद्र सरस्वती ने कहा, "यह सिर्फ हमारे शरीर के बारे में नहीं है। हमें अपने विचारों, भावनाओं और कर्मों पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए।"
यूपी के चार शहरों में दौड़ेगी भारत टैक्सी, ड्राइवर ही होगा अपनी कमाई का मालिक
*केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भारत टैक्सी की शुरुआत*
*सभी जनपद मुख्यालयों पर हुआ कार्यक्रम का प्रसारण, जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में 50 से 60 हजार लोग जुड़े*
*मोहोल बोले- पांच वर्षों में सहकारिता क्षेत्र में 160 से अधिक नई पहल, 32 करोड़ लोग इससे जुड़े*
*तीन हजार करोड़ से 80 हजार पैक्स का कंप्यूटरीकरण, दुग्ध उत्पादन क्षमता 40 प्रतिशत बढ़ाने पर भी काम*
*ब्रजेश पाठक बोले- अपनी गाड़ी, अपना ड्राइवर और पैसा भी अपने घर में, युवा भारत टैक्सी को अपनाएं*
*जेपीएस राठौर का ऐलान- एलडीबी से किसानों को अब छह प्रतिशत ब्याज पर मिलेगा ऋण*

लखनऊ। केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में बुधवार को उत्तर प्रदेश के चार शहरों में भारत टैक्सी की शुरुआत हुई। गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज से शुरू हुई सहकारिता आधारित इस टैक्सी सेवा में ड्राइवर को अपनी मेहनत और कमाई का सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम का प्रसारण प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों पर हुआ, जहां जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में 50 से 60 हजार लोग इससे जुड़े।
केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि भारत टैक्सी सहकारिता मंत्रालय की उन महत्वपूर्ण पहलों में से एक है, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में देश में सहकारिता का स्वरूप बदलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जुलाई 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की। आज देश में करीब 32 करोड़ सदस्य सहकारिता क्षेत्र के माध्यम से जुड़े हैं।

*पांच वर्षों में 160 से अधिक नई पहल*
मोहोल ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सहकारिता मंत्रालय ने 160 से अधिक नई पहल शुरू की हैं। इनका उद्देश्य सहकारिता को गांव, किसान और आम लोगों की आर्थिक प्रगति का मजबूत माध्यम बनाना है। देश में पैक्स को आधुनिक बनाने का काम भी बड़े स्तर पर चल रहा है। उन्होंने बताया कि करीब 3,000 करोड़ रुपये की लागत से 80 हजार पैक्स के कंप्यूटरीकरण का काम किया जा रहा है। इससे प्राथमिक सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली को तकनीक से जोड़ने का काम हो रहा है।

*दुग्ध उत्पादन क्षमता 40 प्रतिशत बढ़ाने पर काम*
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि श्वेत क्रांति के माध्यम से देश में दुग्ध उत्पादन की क्षमता को करीब 40 प्रतिशत बढ़ाने पर भी सहकारिता मंत्रालय काम कर रहा है। सहकारिता क्षेत्र को केवल परंपरागत व्यवस्था तक सीमित रखने के बजाय इसे नए क्षेत्रों से जोड़ा जा रहा है और भारत टैक्सी इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
मोहोल ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत को देखते हुए देश में पहला सहकारिता विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। पहले लोग सहकारिता क्षेत्र में आने के बाद प्रशिक्षण लेते थे, लेकिन अब प्रयास है कि पहले से प्रशिक्षित युवाओं की संख्या बढ़े और वे इस क्षेत्र को पेशेवर तरीके से आगे ले जाएं।

*अपनी गाड़ी, कमाई भी अपनी: पाठक*
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने युवाओं से भारत टैक्सी को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपनी गाड़ी होगी, अपना ड्राइवर होगा और पैसा भी अपने घर में रहेगा। मेहनत अपनी हो और उसका लाभ कोई दूसरा ले जाए, यह व्यवस्था बदलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गरीब, किसान और मध्यम वर्ग का सहकारिता से पुराना रिश्ता है। इसकी शुरुआत किसानों को घर के पास ऋण, खाद, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हुई थी, लेकिन पिछली सरकारों में सहकारिता विभाग लूट का अड्डा बन गया था।
पाठक ने सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में सहकारिता विभाग के दफ्तरों में मोटे-मोटे गद्दे पड़े रहते थे और भदोही से भी बेहतर गलीचे दिखाई देते थे। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने विभाग को जिम्मेदार बनाने के साथ कमाई करने वाला विभाग बनाया है। सहकारी बैंक अब मुनाफा दे रहे हैं और किसानों को इसका लाभ मिल रहा है।

*सपा का नारा खाली प्लॉट हमारा: पाठक*
ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि सपा का नारा खाली प्लॉट हमारा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में भारत दुनिया की 11वीं अर्थव्यवस्था था और आज चौथे स्थान पर खड़ा है। करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया गया है।
*किसानों को छह प्रतिशत पर ऋण: राठौर*
सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि एलडीबी से मिलने वाले ऋण की ब्याज दर घटाकर छह प्रतिशत की जाएगी। उन्होंने कहा कि कभी एलडीबी का ऋण 18 प्रतिशत ब्याज पर मिलता था। बाद में यह 14 प्रतिशत और फिर करीब 11 से साढ़े 11 प्रतिशत तक आया। अब इसे छह प्रतिशत किया जा रहा है।
राठौर ने कहा कि एलडीबी मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों को ऋण देता है, जिन्हें दूसरे बैंकों से आसानी से ऋण नहीं मिलता। छह प्रतिशत ब्याज दर होने के बाद एलडीबी देश में सबसे कम ब्याज दर पर ऋण देने वाले बैंकों में शामिल होगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों को सम्मान देने और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना लेकर आए हैं। उत्तर प्रदेश की सहकारिता कभी लूट और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई थी, लेकिन आज यह किसानों और नौजवानों के भरोसे और विश्वास का केंद्र बन रही है।
जीरो कमीशन पर चलेगी भारत टैक्सी, चालक को पांच लाख की सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री योगी
- *केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया भारत टैक्सी एवं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ*
- *लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में संचालन शुरू, टैक्सी के साथ टू और थ्री व्हीलर चालक भी जुड़ेंगे*
- *भारत टैक्सी की तर्ज पर ग्रामीण बस सेवा को आगे बढ़ाने के निर्देश, लाखों युवाओं के लिए खुलेगा रोजगार का रास्ता*
- *महाकुंभ में रैपिडो की सेवा का दिया उदाहरण, बोले- यात्रियों को सुविधा मिली और यातायात भी नहीं हुआ बाधित*
- *मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी के ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत*
- *पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को ऋण देने का लक्ष्य, खेती और मशीनरी के लिए मिलेगा दीर्घकालिक कर्ज*

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए टैक्सी चालकों और किसानों के लिए दो बड़े कदम उठाए। भारत टैक्सी से टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालक रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर जुड़ सकेंगे। उन्हें पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी। वहीं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत एलडीबी से किसानों को मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर छह प्रतिशत कर दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सहकारिता की कमान किन हाथों में है, उसी पर उसकी सफलता निर्भर करती है। अच्छा नेतृत्व सहकारिता को समृद्धि का माध्यम बनाता है, जबकि गलत नेतृत्व इसे अराजकता की ओर ले जा सकता है। आजादी के बाद पहली बार देश में अलग सहकारिता मंत्रालय बना और अब इसके परिणाम सामने आ रहे हैं।

- *भारत की गति को प्रगति में बदलेगी भारत टैक्सी*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि टैक्सी, टू व्हीलर और थ्री व्हीलर चालकों के बारे में पहले कोई नहीं सोचता था। अब वे रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे और पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा पाएंगे। सामाजिक सुरक्षा मिलने से चालक निश्चिंत होकर जिम्मेदारी के साथ अपना काम कर सकेगा। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी केवल यात्रियों को ढोने वाली टैक्सी नहीं है। यह पूरे भारत की टैक्सी है, जो भारत की गति को प्रगति में बदलने का काम करेगी। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में इसका संचालन शुरू किया गया है। लखनऊ एयरपोर्ट, लखनऊ मेट्रो और लखनऊ पुलिस समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू भी हुए हैं।

- *महाकुंभ में देखा था रैपिडो का सफल प्रयोग*
मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लाखों नौजवान रैपिडो के माध्यम से अपनी बाइक पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित संगम तक पहुंचा रहे थे। संगम से रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में भी उनका योगदान रहा। इससे यातायात बाधित नहीं हुआ और लोगों को आसानी से आवागमन की सुविधा मिली।
उन्होंने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से ग्रामीण बस सेवा को भी भारत टैक्सी की तर्ज पर आगे बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मॉडल को आगे बढ़ाया गया तो लाखों नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

- *पांच लाख किसानों को छह प्रतिशत पर ऋण*
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था। इसे अब घटाकर छह प्रतिशत कर दिया गया है। खेती-बाड़ी और मशीनरी के लिए किसानों को पैसे की कमी न हो, इसके लिए दीर्घकालिक ऋण की व्यवस्था की गई है। आगामी कुछ वर्षों में पांच लाख लघु और सीमांत किसानों को इसका लाभ देने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो भारत खुशहाल होगा। अन्नदाता किसान समृद्ध होगा तो भारत समृद्ध होगा। सहकारिता क्षेत्र जितना मजबूत होगा, देश भी उतना ही मजबूत होगा।

- *86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ का ऋण माफ किया*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद 86 लाख लघु और सीमांत किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफ किए गए। दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को पूरा होने में करीब 50 वर्ष लगे। अर्जुन सहायक, बाणसागर और मध्य गंगा जैसी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। 16 लाख से अधिक निजी ट्यूबवेल वाले किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। नहर और सरकारी ट्यूबवेल से सिंचाई भी मुफ्त है।

- *3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें चल रही हैं। इनमें 100 से अधिक मिलें चौथे दिन गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने 29 चीनी मिलें बंद की थीं और इनमें से 21 को औने-पौने दाम पर बेच दिया था। उन्होंने कहा कि किसानों को बीज से बाजार तक सुविधा देने के लिए काम किया गया है। पैक हाउस बने, फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगीं और एफपीओ के गठन के साथ कृषि विज्ञान केंद्रों से तकनीकी सहयोग दिया गया। सहकारिता के माध्यम से प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता के वेयरहाउस भी तैयार किए जा रहे हैं।

- *54 लाख नए सदस्य, 15 सहकारी बैंक मुनाफे में*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के 16 सहकारी बैंक निष्क्रिय हो चुके थे और उनके लाइसेंस जब्त हो गए थे। इनमें किसानों के हजारों करोड़ रुपये जमा थे। अब 16 में से 15 बैंक फिर मुनाफे में आ चुके हैं। एक अन्य बैंक को भी बेहतर करने पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि पैक्स को पहले 10 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट की सुविधा दी गई थी, जिसे बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है। सहकारिता से 54 लाख नए सदस्य जुड़े हैं। किसानों को समय पर खाद, कीटनाशक और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।

- *कृषक समृद्धि पोर्टल लॉन्च, भारत टैक्सी को किया रवाना*
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बटन दबाकर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि पोर्टल ऐप यूपीसीडीसी लॉन्च किया। उर्वरक के लिए मोबाइल ऐप और सहकारिता की सेवाओं को आसानी से उपलब्ध कराने के लिए कोऑपरेटिव डाटा सेंटर तथा मोबाइल ऐप की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने पांच सारथियों को भारत टैक्सी के शेयर प्रमाण पत्र और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के पांच लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र सौंपे।
भारत टैक्सी के सीईओ कर्नल हिमांशु और अडानी एयरपोर्ट लखनऊ के चीफ कमर्शियल ऑफिसर शिव मोहन ने विभिन्न संस्थाओं के साथ हुए एमओयू का आदान-प्रदान किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल समेत अतिथियों ने फ्लैग ऑफ कर भारत टैक्सी को रवाना किया।

- *कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर, परिवहन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति डॉ. विवेक कुमार सिंह तोमर, सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव पंकज कुमार बंसल, भारत टैक्सी के उपाध्यक्ष रोहित गुप्ता मौजूद रहे।
योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन, चार दिन में 5,297 नियुक्तियां
*छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी देने के महाभियान के तहत चार दिन में तीसरा बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम*
*निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर जोर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवचयनित युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र*
*19 सितंबर को 818, 20 को पुलिस के 912 और 22 सितंबर को 3,567 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र*
*स्वास्थ्य, आयुष और कौशल विकास से पुलिस और शिक्षा तक, पांच क्षेत्रों में युवाओं को मिला सरकारी नौकरी का मौका*
*नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां, अब अगले छह महीने में एक लाख और देने का लक्ष्य*

लखनऊ। छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरियां देने के लक्ष्य के साथ योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महज चार दिन में तीन बड़े नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के जरिए 5,297 युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ा है। 19 सितंबर को स्वास्थ्य, आयुष और कौशल विकास विभाग से शुरू हुआ नियुक्तियों का सिलसिला अगले दिन पुलिस और मंगलवार को शिक्षा विभाग तक पहुंचा। तीनों कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री योगी ने खुद नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।
आंकड़े भी जॉब कैलेंडर की रफ्तार बता रहे हैं। 19 सितंबर को 818 नियुक्तियां हुईं। अगले ही दिन पुलिस के मिनिस्टीरियल कैडर में चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिले। एक दिन के अंतराल के बाद मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक साथ 3,567 प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इसके साथ चार दिन में नियुक्तियों का आंकड़ा 5,297 पहुंच गया।
*पहले 818, अगले दिन 912 को नियुक्ति*
19 सितंबर को लोकभवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग के एक्स-रे टेक्नीशियन, आयुष विभाग के होम्योपैथिक फार्मासिस्ट, प्रोफेसर, रीडर और प्रवक्ता के अलावा एमएसएमई और व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के विभिन्न पदों पर चयनित युवा शामिल रहे।
अगले ही दिन पुलिस के मिनिस्टीरियल कैडर में 912 नियुक्तियां हुईं। इनमें 259 पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, 449 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और 204 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा शामिल हैं।
*तीसरे कार्यक्रम में 5,297 पहुंचा आंकड़ा*
मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीसरा और चार दिनों का सबसे बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम हुआ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्ति मिली।
इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता पीजीटी और 2,372 सहायक अध्यापक टीजीटी हैं। चयनित अभ्यर्थियों में 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष शामिल हैं।
*नौकरी के साथ पारदर्शी भर्ती का संदेश*
लगातार हो रहे नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के जरिए सरकार निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती का संदेश भी दे रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि नियुक्ति मिलने के बाद किसी शिक्षक से पैसे मांगने की शिकायत मिली तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी मिलनी चाहिए।
*5,297 के बाद अब एक लाख पर नजर*
सरकार के मुताबिक पिछले नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। अब अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस और होमगार्ड समेत विभिन्न विभागों की भर्तियां भी इसी रोजगार महाभियान का हिस्सा हैं।
चार दिन में तीन बड़े कार्यक्रम और 5,297 नियुक्तियां जॉब कैलेंडर की शुरुआती तस्वीर हैं। अब अगले छह महीने में अलग-अलग विभागों की भर्तियों और नियुक्ति पत्र वितरण के जरिए एक लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
माध्यमिक विद्यालयों को मिले 3,567 नए शिक्षक और संस्था प्रधान
*2017 से अब तक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 48,018 को मिली नियुक्ति*
*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांटे नियुक्ति पत्र, मंच पर 12 अभ्यर्थियों को सौंपे पत्र*
*319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता और 2,372 सहायक अध्यापकों की हुई नियुक्ति*

लखनऊ। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को मंगलवार को 3,567 नए शिक्षक और संस्था प्रधान मिले। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। इनमें से 12 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने मंच पर नियुक्ति पत्र सौंपे।
नियुक्ति पाने वालों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता पीजीटी और 2,372 सहायक अध्यापक टीजीटी हैं। इन सभी का चयन आयोग की ओर से पूर्व में विज्ञापित रिक्त पदों के लिए किया गया है।
*नौ वर्षों में 48 हजार से अधिक को नियुक्ति*
माध्यमिक शिक्षा विभाग के मुताबिक वर्ष 2017 से 22 सितंबर 2026 तक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान और शिक्षक के विभिन्न पदों पर 48,018 अभ्यर्थियों का चयन और नियुक्ति हुई है। कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों और माध्यमिक शिक्षा विभाग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
*इन 12 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र*
मुख्यमंत्री से मंच पर नियुक्ति पत्र पाने वालों में डीएवी इंटर कॉलेज कानपुर नगर के प्रधानाचार्य राम सिंह और इंटर कॉलेज बीरा पट्टी वाराणसी के प्रधानाध्यापक राघवेंद्र प्रताप सिंह शामिल रहे। प्रवक्ता पद पर चयनित अग्रसेन कन्या कॉलेज वाराणसी की आंचल शुक्ला, केडीईएम इंटर कॉलेज बरेली के अनुराग श्रीवास्तव, जिला पंचायत इंटर कॉलेज उग्रसेन प्रयागराज की प्रज्ञा सिंह, वैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज आजमगढ़ के गोपाल प्रजापति और दीप चंद ग्रेन चैंबर इंटर कॉलेज मुजफ्फरनगर के मोहम्मद शादाब को भी मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र दिए।
सहायक अध्यापक के पद पर चयनित पंडित दीनदयाल इंटर कॉलेज गोरखपुर की उषा सिंह, जनता राष्ट्रीय इंटर कॉलेज संभल के आकाश कुमार, लाला राम स्वरूप शिक्षण संस्थान लखनऊ की रीना यादव, नगर पालिका कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झांसी की सोनम त्रिपाठी और नेहरू इंटर कॉलेज कुशीनगर के अमन कुमार ने मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र प्राप्त किए।
नियुक्ति पत्र के बाद शिक्षक से पैसे मांगे तो जेल में सड़ना पड़ेगा: मुख्यमंत्री योगी
* सीएम ने कहा, सैफई सिंडिकेट गिनता जाए, हम नौकरी देते जाएंगे
* शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित 3,567 प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों को मिले नियुक्ति पत्र
* एक सप्ताह में 5,297 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र, नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख को सरकारी नौकरी देने का दावा
* प्रयागराज में धरने पर बैठे युवाओं के लिए एनसीटीई को पत्र भेजने को कहा, एक बार राहत देने की बात की
* एआई उत्तर और गूगल जानकारी दे सकता है, लेकिन सही-गलत की पहचान शिक्षक ही कराएगा: योगी
* उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बोले- विद्यादान सबसे बड़ा काम, शिक्षक की जिम्मेदारी समाज को सही दिशा दिखाना भी
* माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा- पहले योग्य रह जाते थे और जातियों के आधार पर होता था चयन

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि नियुक्ति पत्र मिलने के बाद किसी प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता या शिक्षक से पैसे मांगे गए तो ऐसा करने वाले को जेल में सड़ना पड़ेगा। किसी शिक्षक को ज्वाइनिंग में परेशानी नहीं होनी चाहिए। किसी प्रबंधक की कोई जिज्ञासा है तो वह शासन को बताए। नियुक्ति के बाद पैसे मांगने की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री योगी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित 3,567 प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह केवल नियुक्ति पत्र देने का कार्यक्रम नहीं है। इन शिक्षकों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी है। एक शिक्षक साल में 100 छात्रों से संवाद करता है तो 3,567 शिक्षक साढ़े तीन लाख से अधिक बच्चों का मार्गदर्शन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मंगलवार को 3,567 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। पिछले एक सप्ताह में 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
उन्होंने बिना नाम लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि सैफई सिंडिकेट के वक्तव्य के बाद यह तीसरा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है। हम नौकरी देते जाएंगे, आप गिनते जाइए। अगर गिनती नहीं आती है तो कभी-कभी शिवपाल के सानिध्य में बैठ जाइए, वह बहुत अच्छी गिनती सिखा देंगे।
*नकल माफिया की कमर तोड़ने की जिम्मेदारी*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार को जिम्मेदारी इसलिए दी गई है कि नकल माफिया की कमर तोड़ी जा सके और प्रतिभावान युवाओं के हक पर कोई सैफई सिंडिकेट डकैती न डाल सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले परीक्षा कोई देता था और नियुक्ति किसी दूसरे को मिल जाती थी। हाल में नियुक्ति पाने वाले एक युवक का जिक्र करते हुए कहा कि 2015-16 में उससे आठ लाख रुपये मांगे गए थे। खेत बेचकर रकम की व्यवस्था करने तक उससे ज्यादा पैसे देने वाला दूसरा व्यक्ति आ गया और वह नियुक्ति से वंचित रह गया। अब उसे योग्यता के आधार पर नियुक्ति मिली है।
*प्रयागराज के युवाओं के लिए एनसीटीई को पत्र*
मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज में धरने पर बैठे युवाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंत्री से एनसीटीई को पत्र लिखकर इन युवाओं को एक बार राहत देने या एक निश्चित समय के बाद प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने की व्यवस्था करने को कहा। बोले, नौजवानों के हौसलों पर ब्रेकर लगाने वाली जड़ता की शिकार व्यवस्था को बदलना होगा।
नवचयनित शिक्षकों से मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उत्तर और गूगल जानकारी दे सकता है, लेकिन क्या सही है और क्या गलत, इसकी पहचान शिक्षक ही कराएगा। छात्र के मन में कब, क्या और कहां की जिज्ञासा शिक्षक पैदा कर सकता है। यही जिज्ञासा इनोवेशन और रिसर्च का आधार बनेगी। उन्होंने कहा कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर और लैब बना सकती है, उद्योगों के लिए माहौल दे सकती है, लेकिन इनका उपयोग इनोवेशन और रोजगार के लिए कैसे होगा, यह शिक्षकों के प्रशिक्षित विद्यार्थी तय करेंगे। वर्ष 2047 में आज के 12 से 17 वर्ष के बच्चे अलग-अलग क्षेत्रों में देश का नेतृत्व कर रहे होंगे। मुख्यमंत्री ने गुरु वशिष्ठ, विश्वामित्र, महर्षि वाल्मीकि, गुरु संदीपनी और चाणक्य से लेकर महामना मदन मोहन मालवीय, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तक का उल्लेख करते हुए शिक्षक की भूमिका समझाई।
*2,300 से अधिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार से काम*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प और निपुण भारत के तहत बेसिक शिक्षा में सुविधाओं का सैचुरेशन 36 से बढ़कर 96 फीसदी हुआ है। माध्यमिक शिक्षा में 2,300 से अधिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत नए भवन और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हुए हैं। 1,500 से अधिक राजकीय इंटर कॉलेजों की नई बिल्डिंग बन चुकी है। स्कूलों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, लैब और अटल टिंकरिंग लैब विकसित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि नौ वर्ष पहले बीमारू कहा जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बना है। प्रदेश बॉटम फाइव से टॉप थ्री में आया है। अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई है।
*समाज बांटने वालों से छात्रों को करें सावधान*
मुख्यमंत्री योगी ने शिक्षकों से कहा कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ अच्छा परीक्षा परिणाम देने तक सीमित नहीं है। विद्यालय को छात्रों की जिज्ञासा का केंद्र बनाएं। पाठ्यक्रम के साथ महापुरुषों की जीवनी और देश-दुनिया की घटनाओं की जानकारी दें। समाज को बांटने वाले लोगों से भी छात्रों को सावधान करें। शिक्षक का आचरण छात्रों को प्रेरणा देता है।

*विद्यादान सबसे बड़ा काम: ब्रजेश पाठक*
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि विद्यादान सबसे बड़ा काम है। शिक्षक की जिम्मेदारी सिर्फ पढ़ाना नहीं, समाज को सही दिशा दिखाना भी है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा सरकार में पर्ची और खर्ची पर नौकरियां लगती थीं। आज प्रदेश में 85 मेडिकल कॉलेज काम कर रहे हैं और गोरखपुर व रायबरेली में दो एम्स हैं।
*पहले योग्य रह जाते थे: गुलाब देवी*
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि नवचयनित अभ्यर्थियों ने योग्यता और परिश्रम से जिम्मेदारी हासिल की है। पहले योग्य अभ्यर्थी रह जाते थे और जातियों के आधार पर चयन होता था। उन्होंने चयनित प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों को बधाई दी।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, सचिव माध्यमिक शिक्षा किंजल सिंह और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने आवास पर की जनसुनवाई, जनसमस्याओं के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश
*विद्युत बिल संशोधन, जर्जर तारों को बदलने, सड़क सफाई, सीवर एवं पेयजल से जुड़े मामले पहुंचे, तत्काल कार्रवाई के निर्देश*
*हर शिकायत का समाधान और हर नागरिक को बेहतर सुविधा देना सरकार की प्राथमिकता: एके शर्मा*

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आज अपने आवास पर जनसुनवाई कर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं को सुना। जनसुनवाई के दौरान लोगों ने विद्युत, नगर विकास तथा जनसुविधाओं से जुड़ी अपनी समस्याएं मंत्री जी के समक्ष रखीं। श्री शर्मा ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का तत्काल संज्ञान लेकर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में विद्युत बिल में संशोधन, जर्जर एवं पुराने विद्युत तारों को बदलने, विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के साथ-साथ सड़क की सफाई, सीवर की समस्या तथा पेयजल उपलब्धता से जुड़े मामले प्रमुख रूप से सामने आए। मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से समस्याओं के संबंध में जानकारी लेते हुए कहा कि जनसामान्य की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।विद्युत से संबंधित मामलों में मंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बिल संबंधी शिकायतों की जांच कर पात्र मामलों में नियमानुसार तत्काल संशोधन कराया जाए। जर्जर एवं क्षतिग्रस्त विद्युत तारों के मामलों में मौके का निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार तार बदलने तथा विद्युत सुरक्षा के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
नगर विकास से जुड़ी शिकायतों पर मंत्री श्री शर्मा ने सड़क सफाई व्यवस्था को बेहतर करने, सीवर की समस्याओं का स्थायी समाधान करने तथा पेयजल से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के समाधान में केवल औपचारिकता न हो, बल्कि मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच की जाए और शिकायतकर्ता को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराया जाए।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन की समस्याओं को सीधे सुनना और उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक नागरिक को बेहतर विद्युत आपूर्ति के साथ स्वच्छ सड़कें, सुचारु सीवर व्यवस्था और पर्याप्त पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसामान्य की समस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए।श्री शर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का दायित्व है कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और उनके समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई करें। जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत की प्रगति की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मंगलवार को फिर 2500 युवाओं को मिलेंगे नियुक्ति पत्र: सीएम योगी
*मेरठ में युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*
*'राष्ट्र प्रथम' होना चाहिए हर युवा का भावः मुख्यमंत्री*
*सीएम की अपीलः पिछली सरकारों से तुलना कीजिए और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाइए*
*हर कार्य को नकारात्मक भाव से देखने वाला युवा नहीं हो सकताः मुख्यमंत्री*
*सीएम का तंज, मुझसे वे लोग प्रश्न पूछ रहे हैं, जिनके शासन में एक भी भर्ती साफ-सुथरी नहीं रही*

मेरठ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ की क्रांतिधरा पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का 'युवा संवाद' कार्यक्रम में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हमने सत्ता संभालते ही युवाओं के लिए सरकारी भर्तियों को लेकर पारदर्शी व्यवस्था बनाई। अब तक 9.50 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है। परसों से फिर मिशन रोजगार शुरू हुआ है। मंगलवार सुबह फिर ढाई हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलेंगे। छह महीने में एक लाख युवाओं को नौकरी देंगे। यह क्रम अनवरत चलेगा।
सीएम योगी ने तंज कसा कि मुझसे प्रश्न वो लोग पूछ रहे हैं, जिनके शासन में एक भी भर्ती साफ-सुथरी नहीं थी। विज्ञापन निकलते ही महाभारत के रिश्ते (चाचा-भतीजे, भाई, मामा) वसूली करने निकल पड़ते थे। थाने-तहसीलें बिक जाती थीं। सपा शासन के समय जिसने परीक्षा भी नहीं दी, ऐसे लोगों को भी नियुक्ति पत्र दे दिया गया। यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन की एक परीक्षा ऐसी हुई, उसमें 86 में से 56 एक ही जाति के थे। उसका टॉपर वह हुआ, जो हाईस्कूल-इंटर, स्नातक में तृतीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुआ। बाकी की शिक्षा भगवान भरोसे हुई। अयोग्य व्यक्ति को चेयरमैन बना दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर युवा का भाव राष्ट्र प्रथम होना चाहिए। डबल इंजन सरकार युवा ऊर्जा को प्लेटफॉर्म दे रही है। हर क्षेत्र में युवा शक्ति समेत सभी वर्गों के लिए कार्य हुए हैं। उन्होंने आह्वान किया कि पिछली सरकारों से तुलना कीजिए और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ाइए। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि यह महत्वपूर्ण नहीं कि आपकी शिक्षा कितना धनार्जन कराती है, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि शिक्षा राष्ट्र के प्रति कितना समर्पण का भाव पैदा करती है। सीएम ने छात्रों, युवाओं से कहा कि हर क्षेत्र में आपके लिए संभावनाएं हैं। उसके अनुरूप करियर को बढ़ाइए।
सीएम ने महाभारत, हस्तिनापुर, आजादी के दौर में मेरठ का जिक्र किया, कहा कि मेरठ ने कई दौर को अपने आंखों से देखा है। जब भारत की आजादी का आह्वान हुआ तो उप्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। मंगल पांडेय ने बैरकपुर में जो चिंगारी जलाई, मेरठ में कोतवाल धन सिंह गुर्जर के नेतृत्व में उस चिंगारी ने दिल्ली के सिंहासन को हिला दिया था। झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, बिठूर में नाना साहेब, तात्या टोपे ने इस आंदोलन को बढ़ाया। उत्तर प्रदेश का कोई भी ऐसा कस्बा और जनपद नहीं था, जहां भारत की आजादी के लिए ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ गूंज न उठी हो। हमारी एकता ने ब्रिटिश ताकत की चूलें हिला दी थीं।
सीएम ने कहा कि आजाद भारत में मेरठ ने वह दौर भी देखा है, जब दंगे यहां की नियति बन गए थे। सीएम ने प्रदेश भर से लूटे व चोरी किए गए वाहनों को स्क्रैप किए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2017 में हमारे सामने वाहन चोरी के मामले आए तो हमने कहा कि वाहन कहां जा रहे हैं, पता चला कि मेरठ मे कट रहे हैं। हमने प्रशासन से कहा कि बुलडोजर का स्टेयरिंग ऐसे घुमाओ कि यह कारोबार बंद हो, फिर यहां चोरी के वाहन कटने बंद हुए। मेरठ अब 12 लेन के एक्सप्रेसवे, नमो भारत रैपिड रेल के साथ जुड़ गया।
सीएम ने कहा कि यूपी में साढ़े 9 साल में दंगा नहीं हुआ। मैंने पुलिस वालों से कहा कि मॉकड्रिल का प्रदर्शन ही कर दो ताकि दंगाई भूल न जाएं कि कार्रवाई कैसी होती है। अब डबल इंजन की सरकार है, इसलिए माता-पिता चिंतित नहीं होते हैं। 2017 के पहले हर मां-पिता को चिंता होती थी कि पश्चिमी उप्र में बच्चों को कैसे पढ़ाएं। 2017 के चुनावी अभियान का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि मेरा पहला कार्यक्रम बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद में था। पहली सभा में बोलने खड़ा हुआ तो कुछ लोग मेरे पास आए और बोले कि कुछ ऐसा-वैसा मत कह दीजिएगा। हमने कहा कि हमारी सरकार बनेगी तो दंगे बंद होंगे, बेटी सुरक्षित होगी। अच्छी शिक्षा मिलेगी। लोग देखते थे कि कोई देख तो नहीं रहा है, तब ताली बजाते थे। मैंने कहा कि कम से कम ताली तो खुलकर बजा दो। उस समय ताली बजाने में भी लोगों को डर लगता था।
सीएम ने कहा कि 2017 के पहले यूपी को बीमारू कहा जाता था। यहां कोई आना नहीं चाहता था। यहां से पलायन होता था। अब यहां पलायन, दंगा, कर्फ्यू, चोरी के वाहन की बिक्री बंद हो गई। अब हर व्यक्ति पसंद के अनुरूप संस्थान व रोजगार का चयन कर सकता है। हमने मेरठ में प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय बनाया। ओडीओपी में खेल उत्पाद की ब्रांडिंग करके उसे पहचान दी। अब किसान खुशहाल है, उसे चिंता नहीं है कि बेटी की शादी के लिए गन्ना मूल्य का भुगतान होगा कि नहीं होगा। सरकार अब गन्ना मूल्य भुगतान की गारंटी दे रही है। सरकार ने 2017 से 2026 के बीच 3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया।
सीएम ने कहा कि अब बिचौलिए समाप्त हो गए। अब 100 में से 15 पैसा नीचे नहीं जाता, बल्कि मोदी जी ने जनधन, मोबाइल व डिजिटल ट्रांजेक्शन के माध्यम से ऐसी व्यवस्था कर दी है कि पूरे 100 रुपये लाभार्थी के खाते में जाते हैं। एक भी पैसा इधर-उधर नहीं हो सकता। पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने तकनीक की ताकत का अहसास कराया है।
सीएम ने कहा कि जब हम लोग सांसद थे तो कनेक्शन के 10-10 कूपन मिलते थे। कुछ लोग कूपन बेचने के लिए बदनाम हो गए थे। कांग्रेस की बेचने की प्रवृत्ति थी। उन लोगों की मानसिकता गलत थी तो उन्होंने चोरी करना सिखाया, लेकिन अटल जी प्रधानमंत्री बने तो टेलीकॉम क्षेत्र में रिफॉर्म किया। भारत इस क्षेत्र में बढ़ चुका है। स्मार्टफोन का श्रेय अटल जी व डिजिटल क्रांति का श्रेय मोदी जी को जाता है। दोनों के कार्य करने की नीयत और निर्णय लेने की क्षमता ही उनकी सबसे बड़ी पहचान बनी।
सीएम ने परोक्ष रूप से राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि हर कार्य को नकारात्मक भाव से देखने वाला युवा नहीं हो सकता। युवा का भाव सकारात्मक होता है। उसका दृष्टिकोण स्पष्ट होना चाहिए। भारत की युवा शक्ति ने पलायन नहीं किया, चुनौती को समस्या नहीं माना बल्कि समाधान का रास्ता निकाला। सीएम ने श्रीराम, श्रीकृष्ण, बुद्ध, स्वामी विवेकानंद, सुभाष चंद्र बोस, महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह का भी जिक्र किया। राक्षसों को नेस्तनाबूद करने के राम के संकल्प को बताया और कहा कि श्रीकृष्ण ने कंस के अत्याचार से त्रस्त मथुरा को मुक्ति दिलाई। श्रीकृष्ण ने कहा कि मुरली वृंदावन में बजेगी, मथुरा में सुदर्शन से काम चलाना पड़ेगा।
सीएम ने कहा कि 2017 के पहले यूपी में महीनों कर्फ्यू लगा रहता था। दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई की बजाय उन्हें मुख्यमंत्री आवास पर सम्मानित किया जाता था, लेकिन अब यूपी में ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है, जिससे पाकिस्तान के आका भी कांप उठते हैं। यूपी के पास सर्वाधिक युवा वर्कफोर्स है। सभी ने बदलते भारत के साथ बदलते यूपी को देखा है। अब इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही विकास और विरासत का सम्मान है। मेरठ से 40-45 मिनट में दिल्ली की दूरी तय की जा सकती है। हमारे जनप्रतिनिधि अब गंगा एक्सप्रेसवे से साढ़े तीन घंटे में लखनऊ पहुंचते हैं। यह गति प्रगति का आधार है।
सीएम ने कैराना के पलायन का जिक्र कर वहां के व्यापारी का दर्द भी सुनाया। फिर कहा कि 2021 में मैं कैराना गया था। अब वहां लोग वापस आ चुके हैं। मैं खुद जाकर लोगों से मिला और उनकी समस्या सुनी। उस परिवार की बेटी ने अपना दर्द बताया। यूपी में अब कैराना, सहारनपुर से सोनभद्र, बिजनौर से बलिया तक हर जगह सुरक्षा है। पिछली सरकारों ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नष्ट कर दिया। हमने ओडीओपी व एमएसएमई सेक्टर को संजोया। इससे 3.25 करोड़ लोगों को इसके माध्यम से रोजगार मिला। सुरक्षा का बेहतरीन वातावरण मिला तो 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए। 15 लाख करोड़ की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी हुई। हर क्षेत्र में यूपी में निवेश आए। पिछली सरकारों ने एक जिला-एक माफिया दिया। हमने एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज दिया।
सीएम ने युवाओं से कहा कि तकनीक से भागिए नहीं। उसके अनुरूप खुद को न ढालिए, बल्कि अपने अनुरूप उसे ढालिए। क्वांटम कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, एआई समेत हर फील्ड को टटोलिए, क्योंकि आपके पास संभावनाएं हैं। अच्छी पुस्तकों का अध्ययन कजिए। विरासत, मातृभूमि, पूर्वजों, राष्ट्रनायकों, तीर्थों, बड़ों-गुरुजनों के प्रति श्रद्धा का भाव रखें, यह आपको ज्ञानवान और चुनौतियों से जूझने का जज्बा देगा। सपनों को साकार करने की तैयारी कीजिए, डबल इंजन सरकार आपके लिए पलक पांवड़े बिछाकर इंतजार कर रही है। इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, सुभारती विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण आदि मौजूद रहे।