लक्ष्मी नारायण मंदिर के चतुर्थ स्थापना दिवस पर गूंजा भक्ति का जयघोष।
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया धार्मिक अनुष्ठानों, भजन-कथा एवं विशाल भंडारे में हिस्सा

लखनऊ/ बाराबंकी। बरेठी स्थित नारायण सेवा संस्थान परिसर में बुधवार को भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर के चतुर्थ स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्थापना दिवस समारोह में आसपास के गांवों एवं क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान लक्ष्मी नारायण के दर्शन कर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री अजय श्रीवास्तव ने भगवान लक्ष्मी नारायण की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। इसके बाद हवन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। श्री देवेश अवस्थी एवं अन्य कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भजन एवं कथा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

समारोह के मुख्य अतिथि संत श्री निष्ठा देव जी ने अपने संबोधन में कहा कि सर्वधर्म समभाव, सामाजिक समरसता और सेवा भावना ही समाज की मजबूती का आधार हैं। उन्होंने नारायण सेवा संस्थान एवं लक्ष्मी नारायण मंदिर समिति द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाजहित में सेवा कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाते हुए युवा पीढ़ी को संस्कार, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

समारोह में नारायण सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष श्री प्रभु नारायण, मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री अजय श्रीवास्तव, प्रबंध न्यासी श्री के.डी. सिंह, श्रीमती अंजू श्रीवास्तव, श्रीमती नीलिमा श्रीवास्तव, ट्रस्टी श्री आर.पी. सिंह, कोषाध्यक्ष श्री सुधीर गुप्ता, ट्रस्टी एवं मीडिया प्रभारी श्री अभिषेक गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री विपिन सिंह, श्री संजीव श्रीवास्तव, श्री ब्रजेश सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे दिन नारायण सेवा संस्थान परिसर भक्तिमय एवं आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा।
वीर इन्द्रा सोसाइटी के सौजन्य से बच्चों को मिली ट्रैकसूट,शूज और खेल सामग्री
जौनपुर। जनपद के बदलापुर विकास खंड के अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालय कमालपुर, बदलापुर, जौनपुर में बच्चों के   सर्वांगीण विकास के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। नई दिल्ली में कार्यरत रेल भूमि विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक ओम प्रकाश यादव (IRAS) के विशेष प्रयास और मनोज कुमार दुबे CMD भारतीय रेलवे वित्त निगम नई दिल्ली के सौजन्य से देश की प्रतिष्ठित नवरत्न कंपनी के CSR फण्ड  से विद्यालय की छात्राओं को ट्रैकसूट और जूते (शूज) वितरित किए गए। इसके साथ ही, बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को बढ़ावा देने के लिए विद्यालय में खेलकूद के लगभग सभी आवश्यक सामान भी भिजवाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि उक्त उच्च गुणवत्ता के सामान की आपूर्ति प्रतिष्ठित एनजीओ वीर इंद्र सोशल ग्रुप सोसाइटी द्वारा की गई है। विद्यालय में खेल के नए उपकरण और खेल सामग्रियां पाकर छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। बच्चों ने उत्साहपूर्वक कहा कि अब उन्हें विद्यालय में खेलकूद के बेहतर अवसर और अपनी प्रतिभा निखारने का पूरा मौका मिलेगा।
इस पुनीत कार्य को धरातल पर उतारने में विद्यालय के समस्त स्टाफ के समन्वित और अथक प्रयासों के कारण ही विद्यालय को यह बड़ी सौगात मिल सकी है। इस अभूतपूर्व सहयोग के लिए समस्त विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की ओर से मनोज कुमार दुबे अध्यक्षएवं प्रबंध निदेशक IRFC , ओम प्रकाश यादव (IRAS) महाप्रबंधक, रेल भूमि विकास प्राधिकरण, नई दिल्ली और एनजीओ वीर इंद्र सोसाइटी के प्रति हृदय से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया गया है। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार शिव पूजन पाण्डेय, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनिल यादव, ब्लॉक अध्यक्ष उमेश मिश्र, मन्त्री राय साहब यादव, पूर्व माध्यमिक के अध्यक्ष नन्द कुमार यादव, अटेवा के ब्लॉक अध्यक्ष गौरव यादव, मन्त्री आलोक यादव, ज़िला उपाध्यक्ष प्रमोद यादव ,सीमा, लाल  बहादुर, कमालपुर के प्रधान जय प्रकाश यादव व विद्यालय के समस्त स्टॉफ उपस्थित रहे।
पिपरांव और भिटारिया में सरकारी चकमार्ग व तालाब पर अवैध कब्जे का आरोप
भाकियू भानू ने जिलाधिकारी से कब्जा मुक्त कराने की मांग की



Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज , भारतीय किसान यूनियन भानू के प्रदेश महामंत्री ठाकुर कृष्णराज सिंह ने जिलाधिकारी प्रयागराज को पत्र सौंपकर करछना क्षेत्र के ग्राम सभा पिपरांव तथा ग्राम भिटारिया (तालुका पनासा) में सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जे को हटवाने की मांग की है।
पत्र में बताया गया है कि नाली, चकमार्ग, खाद गड्ढा और तालाब जैसी सार्वजनिक भूमि पर लंबे समय से कब्जा किया जा रहा है। विशेष रूप से भिटारिया में चकमार्ग संख्या-123 पर वर्षों से भूमाफियाओं का कब्जा है, जिसकी शिकायत कई बार 1076 पर भी दर्ज कराई गई, लेकिन राजस्व विभाग द्वारा फर्जी रिपोर्ट लगाकर निस्तारित कर दिया जाता है।
प्रार्थना पत्र में पिपरांव के खाद गड्ढा संख्या-81, 136 तथा तालाब संख्या-50 का उल्लेख करते हुए जिलाधिकारी व उप जिलाधिकारी से स्वयं मौके का निरीक्षण कर अवैध कब्जा खाली कराने, भिटारिया की 123 चकमार्ग पर मिट्टी भराई व इंटरलॉकिंग कराने तथा भूमाफियाओं के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है, ताकि भविष्य में कोई सरकारी जमीन पर कब्जा करने की हिम्मत न कर सके।
इस अवसर पर भाकियू भानू के जिलाध्यक्ष पंकज प्रताप सिंह द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया। इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव डॉ. बी.के. सिंह, प्रदेश महामंत्री ठाकुर कृष्णराज सिंह बैस, प्रदेश संगठन मंत्री राकेश सिंह, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रूबी बानो, चाका ब्लॉक अध्यक्ष आलिया पी तथा कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भास्कर इंडिया लाइव जिला रिपोर्टर बालेंद्र कुमार बलराम ने दायित्व से लिया अवकाश, जल्द लौटने का किया वादा

Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज , यमुनापार के बारा तहसील अंतर्गत विकास खण्ड शंकरगढ़ के ग्राम सभा चन्दरा निवासी वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी बालेंद्र कुमार बलराम शुक्ल ने 'भास्कर इंडिया लाइव' के जिला रिपोर्टर, प्रयागराज के पद से इस्तीफा दे दिया है।

सोमवार को अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए शुक्ल ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा है। वहीं प्रयागराज जैसे विशाल जिले की महत्वपूर्ण खबरों को समय पर कवर न कर पाने का भी उन्हें मलाल है। इन्हीं कारणों से उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा, "स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण मैं जिले भर की जिम्मेदारी के साथ न्याय नहीं कर पा रहा था। पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद मैं जल्द ही किसी समाचार पत्र या चैनल में तहसील स्तर पर रिपोर्टर के रूप में निर्भीक, पारदर्शी, निष्पक्ष और भेदभाव रहित पत्रकारिता के माध्यम से समाज सेवा का कार्य जारी रखूंगा।"

उल्लेखनीय है कि शुक्ल वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार फाउंडेशन में प्रदेश मुख्य सचिव (उत्तर) तथा भारतीय किसान यूनियन आजाद हिन्द युवा मोर्चा में मंडल अध्यक्ष एवं प्रभारी प्रयागराज के दायित्वों का भी निर्वहन कर रहे हैं।

इधर, उनके अस्वस्थ होने की सूचना मिलते ही क्षेत्र के कलमकारों, समाजसेवियों एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने उनके पैतृक गांव चन्दरा पहुंचकर कुशलक्षेम जाना और ढांढस बंधाया। सभी ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
आजमगढ़ में पूजा के दौरान खूनी वारदात, पत्नी और दो पुजारियों की हत्या के बाद बेटे को भी मारी गोली
पुलिस से घिरने के बाद बच्चों को कमरे में बनाया बंधक, समझाने पर भी नहीं माना आरोपी; जवाबी फायरिंग में अरविंद की मौत, बेटा भी उपचार के दौरान मरा

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार देर शाम पूजा के दौरान हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। यहां अरविंद सिंह नाम के व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी समेत दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी अपने तीन बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में बंद हो गया और करीब आठ घंटे तक पुलिस को चुनौती देता रहा। पुलिस ने आरोपी को बच्चों समेत सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह आत्मसमर्पण के लिए तैयार नहीं हुआ। इसी दौरान उसने अपने एक बेटे को भी गोली मार दी। पुलिस के कमरे में दाखिल होने पर आरोपी ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा में हुई जवाबी फायरिंग में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी और घायल बेटे की मौत हो गई।

पूजा के दौरान हुआ विवाद, फिर बरसी गोलियां

जानकारी के मुताबिक, शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह के दिवंगत भाई सुनील सिंह की आत्मा की शांति के लिए पूजा कराई जा रही थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर अरविंद नाराज हो गया और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद उसने राइफल से गोली चला दी।

गोलीबारी में अरविंद की पत्नी बबिता सिंह (40), पुजारी महेंद्र पाठक (42) और अखिलेश मिश्रा (55) की मौत हो गई। तीनों की मौत मौके पर ही होने की जानकारी सामने आई है।

वारदात के बाद आरोपी ने अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को घर के एक कमरे में अपने साथ बंद कर लिया। उसके पास हथियार होने के कारण पुलिस ने तत्काल पूरे घर को घेर लिया और आसपास का इलाका सुरक्षित कर दिया।

करीब आठ घंटे तक कमरे में कैद रहा आरोपी

पुलिस के पहुंचने के बाद अरविंद को आत्मसमर्पण करने और बच्चों को सुरक्षित बाहर भेजने के लिए लगातार समझाया गया। पुलिस ने उसके परिजनों की मदद से भी बातचीत के जरिए उसे मनाने का प्रयास किया। कमांडो टीम के जरिए बच्चों को सुरक्षित निकालने की तैयारी भी की गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लगातार पुलिस और अपने परिवार के सदस्यों को गोली मारने की धमकी देता रहा। वह बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दे रहा था। पुलिस बाहर से उसे दरवाजा खोलने और बच्चों को सुरक्षित बाहर आने देने के लिए समझाती रही, लेकिन वह तैयार नहीं हुआ।

बेटे को गोली मारने के बाद बिगड़ी स्थिति

पुलिस और आरोपी के बीच बातचीत का दौर चल ही रहा था कि कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज आई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने एक बेटे को गोली मार दी। इसके बाद पुलिसकर्मी तत्काल कमरे के अंदर दाखिल हुए।

पुलिस का दावा है कि कमरे में प्रवेश करते ही अरविंद ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने उसे चेतावनी दी और आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उसने फायरिंग जारी रखी। बच्चों की जान को खतरा देखते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।

जवाबी फायरिंग में अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल आरोपी और उसके बेटे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।

दो बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित निकाला

पुलिस के मुताबिक, कमरे में आरोपी के साथ तीन बच्चे मौजूद थे। कार्रवाई के दौरान दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इनमें एक बच्ची के आरोपी के हाथ से नीचे गिरने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित निकालने के बाद घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

इस पूरी घटना में आरोपी समेत कुल पांच लोगों की मौत हुई है। मृतकों में अरविंद की पत्नी बबिता सिंह, दो पुजारी महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा, आरोपी का बेटा और आरोपी अरविंद शामिल हैं।

पुलिस ने बताया- बच्चों को बचाने के लिए करनी पड़ी जवाबी कार्रवाई

आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। आरोपी तीन बच्चों के साथ कमरे में बंद था। उसे बच्चों समेत सुरक्षित बाहर निकालने और आत्मसमर्पण के लिए लगातार समझाया गया। परिवार के सदस्यों की भी मदद ली गई, लेकिन आरोपी ने किसी की बात नहीं मानी।

एसपी के अनुसार, आरोपी ने पर्याप्त चेतावनी के बावजूद अपने बेटे को गोली मार दी। इसके बाद पुलिस जब कमरे में दाखिल हुई तो उसने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी घायल हुआ और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

एडीजी ने बताया- कमांडो रेस्क्यू की भी कोशिश हुई

एडीजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि पुलिस ने पूरे घटनाक्रम के दौरान संयम बरतते हुए आरोपी को बातचीत के जरिए आत्मसमर्पण कराने का प्रयास किया। कमांडो के जरिए बच्चों को सुरक्षित निकालने की कोशिश भी की गई।

उन्होंने बताया कि बातचीत के लिए एसपी आजमगढ़ की टीम के अंदर जाने के दौरान आरोपी ने अपने बेटे को गोली मार दी। इसके बाद जब पुलिस बच्चों को बचाने के लिए आगे बढ़ी तो आरोपी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हुआ। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

फॉरेंसिक टीम ने शुरू किया साक्ष्य संकलन

घटना के बाद मौके पर पर्याप्त पुलिस बल, एसओजी और फॉरेंसिक टीम तैनात की गई। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। सभी मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की जानकारी दी गई है।

पुलिस अब वारदात के पीछे की वजह, पूजा के दौरान हुए विवाद की वास्तविक परिस्थितियों और गोलीबारी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मऊ एएसपी ने पुलिस लाइन में ली मंगलवार परेड की सलामी, वाहनों और सुरक्षा उपकरणों की जांच
क्वार्टर गार्द, स्टोर, मेस और बैरकों का निरीक्षण कर साफ-सफाई पर विशेष जोर

मऊ। अपर पुलिस अधीक्षक श्री अनूप कुमार ने मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन मऊ में आयोजित मंगलवार परेड की सलामी ली और परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से फिट रहने के लिए परेड के साथ दौड़ भी लगवाई।

परेड के बाद एएसपी ने यूपी-112 और विभिन्न थानों से आए पुलिस वाहनों की गहन जांच की। उन्होंने पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों से वाहनों में उपलब्ध दंगा नियंत्रण एवं सुरक्षा उपकरणों की जानकारी ली और उपकरणों की स्थिति भी जांची। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाले सभी संसाधन दुरुस्त और तैयार स्थिति में रहें।

निरीक्षण के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ने क्वार्टर गार्द, स्टोर, परिवहन शाखा, मेस, पुलिस बैरक और पुलिस लाइन परिसर का भी जायजा लिया। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए।

एएसपी ने पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान अनुशासन, सतर्कता और शारीरिक फिटनेस बनाए रखने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस संसाधनों और सुरक्षा उपकरणों को कार्यशील स्थिति में रखने पर जोर दिया।

इस दौरान प्रतिसार निरीक्षक अरुण कुमार सिंह समेत पुलिस लाइन के अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
बाढ़ प्रभावित ग्रामों में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष स्वच्छता अभियान*

*एन्टी लार्वा का छिड़काव कर मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण*

*गोण्डा। जनपद 22 सितम्बर,2026*।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद की तहसील तरबगंज एवं करनैलगंज के बाढ़ प्रभावित ग्रामों में बाढ़ का पानी उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों एवं संभावित महामारियों की रोकथाम के लिए विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राजस्व विभाग के समन्वय से सफाई कर्मियों की विशेष टोलियां गठित कर प्रभावित ग्रामों में लगातार साफ-सफाई का कार्य कराया जा रहा है।

बाढ़ के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों में गंदगी, कीचड़ तथा मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ जाती है, जिससे विभिन्न संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं। सफाई कर्मियों की टोलियों द्वारा ग्रामों में गलियों, सार्वजनिक स्थलों तथा अन्य चिन्हित स्थानों की साफ-सफाई के साथ-साथ चूना छिड़काव कराया जा रहा है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया जा रहा है। जलभराव वाले स्थानों एवं मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों को चिन्हित कर आवश्यकतानुसार एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि मच्छरजनित एवं अन्य संक्रामक बीमारियों के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित ग्रामों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार सफाई कर्मियों की टोलियों को सक्रिय करते हुए स्वच्छता कार्यों को गति दी जा रही है। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, चूना छिड़काव एवं एंटी लार्वा छिड़काव के कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

जिला प्रशासन का उद्देश्य बाढ़ के बाद उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है। साथ ही ग्रामीणों से भी अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, जलभराव वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से गंदगी न फैलाने तथा किसी भी प्रकार की बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 का कार्यक्रम घोषित*

*विधान परिषद द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 का कार्यक्रम घोषित, 23 अक्टूबर को होगा मतदान*


*उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी, 29 सितम्बर से नामांकन*


*विधान परिषद चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू, 27 अक्टूबर को होगी मतगणना*


*लखनऊ, 22 सितम्बर 2026*  -  उत्तर प्रदेश विधान परिषद के खण्ड स्नातक की 05 तथा खण्ड शिक्षक की 06 सीटों से निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल 06 दिसम्बर 2026 को समाप्त होने के कारण रिक्त होने वाली सीटों को भरने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है।


निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 29 सितम्बर 2026 को निर्वाचन की अधिसूचना जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 06 अक्टूबर, नाम निर्देशनों की संवीक्षा 07 अक्टूबर तथा नाम वापसी की अंतिम तिथि 09 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। मतदान 23 अक्टूबर 2026 को पूर्वाह्न 8 बजे से अपराह्न 4 बजे तक होगा। मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को कराई जाएगी तथा 31 अक्टूबर 2026 तक निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण करा ली जाएगी।


निर्वाचन के अंतर्गत लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ तथा इलाहाबाद-झांसी खण्ड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद तथा गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस विधान परिषद द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के संदर्भ में कानपुर नगर, कानपुर देहात एवं उन्नाव को छोड़कर उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। आदर्श आचार संहिता भारत निर्वाचन आयोग के 26 दिसम्बर 2016 के संबंधित निर्देशों के अनुरूप प्रभावी रहेगी।
सरदार पतविन्दर सिंह को  भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे का प्रदेश अध्यक्ष बनाना,ये सामान्य संगठनात्मक बदलाव नहीं,बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश होगा



Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,वर्तमान में उनकी पहचान क्या है सरदार पतविन्दर सिंह नैनी के निवासी हैं और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष हैं। पिछले 36 वर्षों से मतदाता जागरूकता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण जैसे अभियानों के लिए जाने जाते हैं।यदि ऐसे जमीनी कार्यकर्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाता है तो 2027 विधानसभा चुनाव के लिए 4 बड़े संदेश जाएंगे:अल्पसंख्यकों में भाजपा की गहरी पैठ का संदेश:भाजपा पर अक्सर सिख और अल्पसंख्यक विरोधी होने का आरोप लगता है। एक पगड़ीधारी सरदार जी को प्रदेश की कमान देना सीधा संदेश होगा कि भाजपा `सबका साथ, सबका विश्वास` को सिर्फ नारा नहीं, संगठन में लागू कर रही है। UP में आनंद कारज विवाह अधिनियम लागू होने पर उन्होंने सरकार का आभार भी जताया था, इससे सिख समाज में पकड़ मजबूत होगी।कार्यकर्ता से अध्यक्ष - जमीनी नेता को इनाम:वे बड़े परिवार से आयातित नेता नहीं हैं। नंगे पांव घूमकर वोट के लिए जागरूक करना, संगम तट पर प्ले-कार्ड लेकर स्वच्छता की भीख मांगना-ये उनकी छवि है। इससे संदेश जाएगा कि 2027 में भाजपा हाईकमान दिखावे वाले नेताओं नहीं,365 दिन जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ता को तरजीह देगी। पूर्वांचल और काशी क्षेत्र को साधना:2027 में पूर्वांचल निर्णायक होगा। काशी क्षेत्र भाजपा का सबसे मजबूत गढ़ है। वहाँ के अल्पसंख्यक मोर्चा के चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा पूर्वांचल के साथ-साथ प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर मंडल के बूथ स्तर तक संगठन को चार्ज कर सकती है।
विपक्ष के नैरेटिव को काटना:सपा-कांग्रेस गठबंधन 2027 में संविधान और अल्पसंख्यक खतरे में है का नैरेटिव बनाएगा। एक सिख चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा उस नैरेटिव को बहुत पहले ही न्यूट्रल कर देगी, खासकर पश्चिमी UP के किसान और तराई के सिख वोटरों में।संक्षेप में-ये फैसला भाजपा को एक तरफ सिख समाज, अल्पसंख्यक मोर्चा और पूर्वांचल में विस्तार देगा, तो दूसरी तरफ ये दिखाएगा कि भाजपा 2027 का चुनाव हिंदुत्व + समावेशिता दोनों के संतुलन पर लड़ना चाहती है।
पुलिसिया बंदिशों से नहीं दबेगी छात्रों की आवाज़: हाउस अरेस्ट के बाद अमर बहादुर यादव का तीखा हमला*

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। श्री दुर्गा जी पी.जी. कॉलेज, चंडेश्वर में छात्र हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आयोजित शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस-प्रशासन द्वारा युवा नेता अमर बहादुर यादव को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। डीएवी पीजी कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अमर बहादुर यादव के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया गया।
प्रशासन की इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए छात्र नेता अमर बहादुर यादव ने कहा, प्रशासन मुझे चार दीवारों में कैद कर सकता है, लेकिन लाखों छात्रों के इंकलाबी विचारों को कैद नहीं किया जा सकता। प्रशासन की यह सोच भारी भूल है कि वे मुझे बंद करके आजमगढ़ के छात्रों की बुलंद आवाज को खामोश कर देंगे। छात्र नेता ने प्रशासन की मंशा और दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ छात्र संघ के चुनावों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जाता है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षक संघ के चुनाव निर्बाध रूप से कराए जा रहे हैं। यह सीधा-सीधा तानाशाही रवैया और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन छात्र नेताओं का दमन करने पर उतारू हैं। घर में नजरबंद किए जाने के बावजूद अमर बहादुर यादव ने छात्रों के नाम संदेश जारी करते हुए कहा कि उनकी अनुपस्थिति को ही छात्र अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाएं। कहा कि पुलिस की लाठियां और पाबंदियां जितनी बढ़ेंगी, छात्रों का आंदोलन उतना ही प्रखर और मजबूत होगा। हमारी मांग है छात्र संघ चुनाव की तारीखों का तत्काल ऐलान किया जाए। छात्रों के लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों पर हमला बंद हो। छात्र नेताओं का पुलिसिया दमन और उत्पीड़न तुरंत रोका जाए। इस दौरान दिनेश यादव, रामवध यादव, आशुतोष रजत, राम प्यारे यादव, विवेक राय, हरिओम उपाध्याय आदि रहे।