आजमगढ़ में पूजा के दौरान खूनी वारदात, पत्नी और दो पुजारियों की हत्या के बाद बेटे को भी मारी गोली
पुलिस से घिरने के बाद बच्चों को कमरे में बनाया बंधक, समझाने पर भी नहीं माना आरोपी; जवाबी फायरिंग में अरविंद की मौत, बेटा भी उपचार के दौरान मरा

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार देर शाम पूजा के दौरान हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। यहां अरविंद सिंह नाम के व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी समेत दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी अपने तीन बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में बंद हो गया और करीब आठ घंटे तक पुलिस को चुनौती देता रहा। पुलिस ने आरोपी को बच्चों समेत सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह आत्मसमर्पण के लिए तैयार नहीं हुआ। इसी दौरान उसने अपने एक बेटे को भी गोली मार दी। पुलिस के कमरे में दाखिल होने पर आरोपी ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा में हुई जवाबी फायरिंग में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी और घायल बेटे की मौत हो गई।

पूजा के दौरान हुआ विवाद, फिर बरसी गोलियां

जानकारी के मुताबिक, शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह के दिवंगत भाई सुनील सिंह की आत्मा की शांति के लिए पूजा कराई जा रही थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर अरविंद नाराज हो गया और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद उसने राइफल से गोली चला दी।

गोलीबारी में अरविंद की पत्नी बबिता सिंह (40), पुजारी महेंद्र पाठक (42) और अखिलेश मिश्रा (55) की मौत हो गई। तीनों की मौत मौके पर ही होने की जानकारी सामने आई है।

वारदात के बाद आरोपी ने अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों को घर के एक कमरे में अपने साथ बंद कर लिया। उसके पास हथियार होने के कारण पुलिस ने तत्काल पूरे घर को घेर लिया और आसपास का इलाका सुरक्षित कर दिया।

करीब आठ घंटे तक कमरे में कैद रहा आरोपी

पुलिस के पहुंचने के बाद अरविंद को आत्मसमर्पण करने और बच्चों को सुरक्षित बाहर भेजने के लिए लगातार समझाया गया। पुलिस ने उसके परिजनों की मदद से भी बातचीत के जरिए उसे मनाने का प्रयास किया। कमांडो टीम के जरिए बच्चों को सुरक्षित निकालने की तैयारी भी की गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी लगातार पुलिस और अपने परिवार के सदस्यों को गोली मारने की धमकी देता रहा। वह बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दे रहा था। पुलिस बाहर से उसे दरवाजा खोलने और बच्चों को सुरक्षित बाहर आने देने के लिए समझाती रही, लेकिन वह तैयार नहीं हुआ।

बेटे को गोली मारने के बाद बिगड़ी स्थिति

पुलिस और आरोपी के बीच बातचीत का दौर चल ही रहा था कि कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज आई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने एक बेटे को गोली मार दी। इसके बाद पुलिसकर्मी तत्काल कमरे के अंदर दाखिल हुए।

पुलिस का दावा है कि कमरे में प्रवेश करते ही अरविंद ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने उसे चेतावनी दी और आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उसने फायरिंग जारी रखी। बच्चों की जान को खतरा देखते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।

जवाबी फायरिंग में अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल आरोपी और उसके बेटे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।

दो बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित निकाला

पुलिस के मुताबिक, कमरे में आरोपी के साथ तीन बच्चे मौजूद थे। कार्रवाई के दौरान दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इनमें एक बच्ची के आरोपी के हाथ से नीचे गिरने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित निकालने के बाद घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

इस पूरी घटना में आरोपी समेत कुल पांच लोगों की मौत हुई है। मृतकों में अरविंद की पत्नी बबिता सिंह, दो पुजारी महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा, आरोपी का बेटा और आरोपी अरविंद शामिल हैं।

पुलिस ने बताया- बच्चों को बचाने के लिए करनी पड़ी जवाबी कार्रवाई

आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। आरोपी तीन बच्चों के साथ कमरे में बंद था। उसे बच्चों समेत सुरक्षित बाहर निकालने और आत्मसमर्पण के लिए लगातार समझाया गया। परिवार के सदस्यों की भी मदद ली गई, लेकिन आरोपी ने किसी की बात नहीं मानी।

एसपी के अनुसार, आरोपी ने पर्याप्त चेतावनी के बावजूद अपने बेटे को गोली मार दी। इसके बाद पुलिस जब कमरे में दाखिल हुई तो उसने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी घायल हुआ और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

एडीजी ने बताया- कमांडो रेस्क्यू की भी कोशिश हुई

एडीजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि पुलिस ने पूरे घटनाक्रम के दौरान संयम बरतते हुए आरोपी को बातचीत के जरिए आत्मसमर्पण कराने का प्रयास किया। कमांडो के जरिए बच्चों को सुरक्षित निकालने की कोशिश भी की गई।

उन्होंने बताया कि बातचीत के लिए एसपी आजमगढ़ की टीम के अंदर जाने के दौरान आरोपी ने अपने बेटे को गोली मार दी। इसके बाद जब पुलिस बच्चों को बचाने के लिए आगे बढ़ी तो आरोपी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हुआ। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

फॉरेंसिक टीम ने शुरू किया साक्ष्य संकलन

घटना के बाद मौके पर पर्याप्त पुलिस बल, एसओजी और फॉरेंसिक टीम तैनात की गई। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। सभी मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की जानकारी दी गई है।

पुलिस अब वारदात के पीछे की वजह, पूजा के दौरान हुए विवाद की वास्तविक परिस्थितियों और गोलीबारी से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मऊ एएसपी ने पुलिस लाइन में ली मंगलवार परेड की सलामी, वाहनों और सुरक्षा उपकरणों की जांच
क्वार्टर गार्द, स्टोर, मेस और बैरकों का निरीक्षण कर साफ-सफाई पर विशेष जोर

मऊ। अपर पुलिस अधीक्षक श्री अनूप कुमार ने मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन मऊ में आयोजित मंगलवार परेड की सलामी ली और परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से फिट रहने के लिए परेड के साथ दौड़ भी लगवाई।

परेड के बाद एएसपी ने यूपी-112 और विभिन्न थानों से आए पुलिस वाहनों की गहन जांच की। उन्होंने पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों से वाहनों में उपलब्ध दंगा नियंत्रण एवं सुरक्षा उपकरणों की जानकारी ली और उपकरणों की स्थिति भी जांची। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाले सभी संसाधन दुरुस्त और तैयार स्थिति में रहें।

निरीक्षण के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ने क्वार्टर गार्द, स्टोर, परिवहन शाखा, मेस, पुलिस बैरक और पुलिस लाइन परिसर का भी जायजा लिया। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए।

एएसपी ने पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान अनुशासन, सतर्कता और शारीरिक फिटनेस बनाए रखने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस संसाधनों और सुरक्षा उपकरणों को कार्यशील स्थिति में रखने पर जोर दिया।

इस दौरान प्रतिसार निरीक्षक अरुण कुमार सिंह समेत पुलिस लाइन के अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
बाढ़ प्रभावित ग्रामों में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष स्वच्छता अभियान*

*एन्टी लार्वा का छिड़काव कर मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण*

*गोण्डा। जनपद 22 सितम्बर,2026*।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद की तहसील तरबगंज एवं करनैलगंज के बाढ़ प्रभावित ग्रामों में बाढ़ का पानी उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों एवं संभावित महामारियों की रोकथाम के लिए विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राजस्व विभाग के समन्वय से सफाई कर्मियों की विशेष टोलियां गठित कर प्रभावित ग्रामों में लगातार साफ-सफाई का कार्य कराया जा रहा है।

बाढ़ के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों में गंदगी, कीचड़ तथा मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ जाती है, जिससे विभिन्न संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं। सफाई कर्मियों की टोलियों द्वारा ग्रामों में गलियों, सार्वजनिक स्थलों तथा अन्य चिन्हित स्थानों की साफ-सफाई के साथ-साथ चूना छिड़काव कराया जा रहा है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया जा रहा है। जलभराव वाले स्थानों एवं मच्छरों के संभावित प्रजनन स्थलों को चिन्हित कर आवश्यकतानुसार एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि मच्छरजनित एवं अन्य संक्रामक बीमारियों के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित ग्रामों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार सफाई कर्मियों की टोलियों को सक्रिय करते हुए स्वच्छता कार्यों को गति दी जा रही है। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, चूना छिड़काव एवं एंटी लार्वा छिड़काव के कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

जिला प्रशासन का उद्देश्य बाढ़ के बाद उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है। साथ ही ग्रामीणों से भी अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, जलभराव वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से गंदगी न फैलाने तथा किसी भी प्रकार की बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 का कार्यक्रम घोषित*

*विधान परिषद द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 का कार्यक्रम घोषित, 23 अक्टूबर को होगा मतदान*


*उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी, 29 सितम्बर से नामांकन*


*विधान परिषद चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू, 27 अक्टूबर को होगी मतगणना*


*लखनऊ, 22 सितम्बर 2026*  -  उत्तर प्रदेश विधान परिषद के खण्ड स्नातक की 05 तथा खण्ड शिक्षक की 06 सीटों से निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल 06 दिसम्बर 2026 को समाप्त होने के कारण रिक्त होने वाली सीटों को भरने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है।


निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 29 सितम्बर 2026 को निर्वाचन की अधिसूचना जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 06 अक्टूबर, नाम निर्देशनों की संवीक्षा 07 अक्टूबर तथा नाम वापसी की अंतिम तिथि 09 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। मतदान 23 अक्टूबर 2026 को पूर्वाह्न 8 बजे से अपराह्न 4 बजे तक होगा। मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को कराई जाएगी तथा 31 अक्टूबर 2026 तक निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण करा ली जाएगी।


निर्वाचन के अंतर्गत लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ तथा इलाहाबाद-झांसी खण्ड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद तथा गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस विधान परिषद द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के संदर्भ में कानपुर नगर, कानपुर देहात एवं उन्नाव को छोड़कर उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। आदर्श आचार संहिता भारत निर्वाचन आयोग के 26 दिसम्बर 2016 के संबंधित निर्देशों के अनुरूप प्रभावी रहेगी।
सरदार पतविन्दर सिंह को  भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे का प्रदेश अध्यक्ष बनाना,ये सामान्य संगठनात्मक बदलाव नहीं,बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश होगा



Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,वर्तमान में उनकी पहचान क्या है सरदार पतविन्दर सिंह नैनी के निवासी हैं और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष हैं। पिछले 36 वर्षों से मतदाता जागरूकता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण जैसे अभियानों के लिए जाने जाते हैं।यदि ऐसे जमीनी कार्यकर्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाता है तो 2027 विधानसभा चुनाव के लिए 4 बड़े संदेश जाएंगे:अल्पसंख्यकों में भाजपा की गहरी पैठ का संदेश:भाजपा पर अक्सर सिख और अल्पसंख्यक विरोधी होने का आरोप लगता है। एक पगड़ीधारी सरदार जी को प्रदेश की कमान देना सीधा संदेश होगा कि भाजपा `सबका साथ, सबका विश्वास` को सिर्फ नारा नहीं, संगठन में लागू कर रही है। UP में आनंद कारज विवाह अधिनियम लागू होने पर उन्होंने सरकार का आभार भी जताया था, इससे सिख समाज में पकड़ मजबूत होगी।कार्यकर्ता से अध्यक्ष - जमीनी नेता को इनाम:वे बड़े परिवार से आयातित नेता नहीं हैं। नंगे पांव घूमकर वोट के लिए जागरूक करना, संगम तट पर प्ले-कार्ड लेकर स्वच्छता की भीख मांगना-ये उनकी छवि है। इससे संदेश जाएगा कि 2027 में भाजपा हाईकमान दिखावे वाले नेताओं नहीं,365 दिन जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ता को तरजीह देगी। पूर्वांचल और काशी क्षेत्र को साधना:2027 में पूर्वांचल निर्णायक होगा। काशी क्षेत्र भाजपा का सबसे मजबूत गढ़ है। वहाँ के अल्पसंख्यक मोर्चा के चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा पूर्वांचल के साथ-साथ प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर मंडल के बूथ स्तर तक संगठन को चार्ज कर सकती है।
विपक्ष के नैरेटिव को काटना:सपा-कांग्रेस गठबंधन 2027 में संविधान और अल्पसंख्यक खतरे में है का नैरेटिव बनाएगा। एक सिख चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा उस नैरेटिव को बहुत पहले ही न्यूट्रल कर देगी, खासकर पश्चिमी UP के किसान और तराई के सिख वोटरों में।संक्षेप में-ये फैसला भाजपा को एक तरफ सिख समाज, अल्पसंख्यक मोर्चा और पूर्वांचल में विस्तार देगा, तो दूसरी तरफ ये दिखाएगा कि भाजपा 2027 का चुनाव हिंदुत्व + समावेशिता दोनों के संतुलन पर लड़ना चाहती है।
पुलिसिया बंदिशों से नहीं दबेगी छात्रों की आवाज़: हाउस अरेस्ट के बाद अमर बहादुर यादव का तीखा हमला*

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। श्री दुर्गा जी पी.जी. कॉलेज, चंडेश्वर में छात्र हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आयोजित शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस-प्रशासन द्वारा युवा नेता अमर बहादुर यादव को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। डीएवी पीजी कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अमर बहादुर यादव के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया गया।
प्रशासन की इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए छात्र नेता अमर बहादुर यादव ने कहा, प्रशासन मुझे चार दीवारों में कैद कर सकता है, लेकिन लाखों छात्रों के इंकलाबी विचारों को कैद नहीं किया जा सकता। प्रशासन की यह सोच भारी भूल है कि वे मुझे बंद करके आजमगढ़ के छात्रों की बुलंद आवाज को खामोश कर देंगे। छात्र नेता ने प्रशासन की मंशा और दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ छात्र संघ के चुनावों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जाता है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षक संघ के चुनाव निर्बाध रूप से कराए जा रहे हैं। यह सीधा-सीधा तानाशाही रवैया और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन छात्र नेताओं का दमन करने पर उतारू हैं। घर में नजरबंद किए जाने के बावजूद अमर बहादुर यादव ने छात्रों के नाम संदेश जारी करते हुए कहा कि उनकी अनुपस्थिति को ही छात्र अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाएं। कहा कि पुलिस की लाठियां और पाबंदियां जितनी बढ़ेंगी, छात्रों का आंदोलन उतना ही प्रखर और मजबूत होगा। हमारी मांग है छात्र संघ चुनाव की तारीखों का तत्काल ऐलान किया जाए। छात्रों के लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों पर हमला बंद हो। छात्र नेताओं का पुलिसिया दमन और उत्पीड़न तुरंत रोका जाए। इस दौरान दिनेश यादव, रामवध यादव, आशुतोष रजत, राम प्यारे यादव, विवेक राय, हरिओम उपाध्याय आदि रहे।
मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में पेंशन अदालत सम्पन्न
पेंशन से सम्बन्धित समस्त प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाय: मण्डलायुक्त

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़ :: मण्डलायुक्त विवेक की अध्यक्षता में मण्डल के जनपदों में लम्बित पेंशन प्रकरणों के निस्तारण के सम्बन्ध में सोमवार को आयुक्त सभागार में पेंशन अदालत का आयोजन किया गया। उक्त पेंशन अदालत में कुल 6 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिसमें जनपद आजमगढ़ के तीन, बलिया का एक एवं मऊ के दो प्रकरण सम्मिलित थे। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि पेंशन सम्बन्धी समस्त प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाय, किसी भी सेवानिवृत्त कार्मिक का पेंशन प्रकरण अनावश्यक रूप से लम्बित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रस्तुत पेंशन मामलों में जो भी कार्यवाही अपेक्षित है उसे सम्बन्धित अधिकारी तत्काल पूर्ण कराते हुए पेंशन का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। पेंशन अदालत में प्रस्तुत जिला कार्यक्रम अधिकारी, मऊ के कार्यालय से वर्ष 2014 में सेवानिवृत्त कर्मचारी का प्रकरण लम्बित पाया गया। उक्त के सम्बन्ध में जिला कार्यक्रम अधिकारी मऊ ने अवगत कराया कि उनके द्वारा विगत माह में जनपद मऊ में कार्यभार ग्रहण किया गया है तथा प्रकरण संज्ञान में आने पर अपेक्षित कार्यवाही की जा रही है। मण्डलायुक्त विवेक ने पेंशन प्रकरण काफी अधिक समय से लम्बित रहने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि प्रकरण लम्बित रहने के सम्बन्ध में जिन-जिन अधिकारियों के स्तर से लापरवाही हुई है उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही हेतु शासन को संस्तुति प्रेषित की जाय। उन्होने जिला कार्यक्रम अधिकारी, मऊ को इस सम्बन्ध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया। इसी प्रकार जिला कार्यक्रम अधिकारी, मऊ के कार्यालय के एक अन्य लम्बित मामले का तत्काल निस्तारण कराये जाने हेतु उन्होंने निर्देशित किया। जिलाधिकारी कार्यालय आजमगढ़ के एक मृतक कार्मिक के परिवार को मिलने वाले पारिवारिक पेंशन के सम्बन्ध में पेंशनर के पुत्र श्रवण कुमार द्वारा कम पेंशन भुगतान होना बताया गया, जिस पर मुख्य कोषाधिकारी, आजमगढ़ अनुराग कुमार श्रीवास्तव द्वारा अवगत कराया गया कि कलेक्ट्रेट से फिक्सेशन गलत हुआ था, जिसे सही करते हुए नियमानुसार भुगतान किया जा रहा है। अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद बलिया में जिला विकास अधिकारी कार्यालय से गत जून माह में सेवानिवृत्त एक कर्मचारी द्वारा पेंशन आदि पावनाओं की मॉग लम्बित है। इस सम्बन्ध में खण्ड विकास अधिकारी, रेवती द्वारा बताया गया कि पेंशनर राज्य से बाहर गये हुए हैं, जिससे उनके मोबाइल पर आने वाली ओटीपी प्राप्त नहीं हो पा रही है। पेंशनर से वार्ता हुई है, जैसे ही वह लौट कर आते हैं उनके प्रकरण को निस्तारित कर दिया जायेगा। मण्डलायुक्त द्वारा गत पेंशन अदालत की कार्यवाही की अद्यतन स्थिति से अवगत कराये जाने के सम्बन्ध में दिये गये निर्देश क्रम में अवगत कराया गया कि विगत पेंशन अदालत में कुल 27 प्रकरण प्रस्तुत हुए थे, दिये गये निर्देशानुसार सभी का निस्तारण कर लिया गया है। मण्डलायुक्त ने पेंशन अदालत में प्रस्तुत अन्य मामलों पर विस्तार से चर्चा की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

      इस अवसर पर अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन जगनारायण झा, मुख्य कोषाधिकारी, आजमगढ़ अनुराग कुमार श्रीवास्तव, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा, आजमगढ़ संध्या अग्रहरि, जिला कार्यक्रम अधिकारी मऊ रंजीत कुमार, सहायक लेखाधिकारी मुम्ताज अहमद, लेखाधिकारी छोटेलाल कन्नौजिया, पेंशन प्रकरणों से समबन्धित पटल सहायक चन्द्रभानु प्रताप व प्रवेश मौर्य आदि उपस्थित थे।
मीरजापुर के कालीन कारोबार को मिलेगी वैश्विक पहचान*
*इंटरनेशनल ट्रेड शो में शामिल होंगे जिले के 10 कालीन कारोबारी*

*ट्रेड शो में लाल पेड़ा और बालूशाही का प्रदर्शन करेंगे मीरजापुर के दो करोबारी*

*नए विदेशी कारोबारियों से रूबरू होने का मिलेगा मौका, कारोबार को लगेंगे पंख*



मीरजापुर। योगी सरकार की ओर से उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नोएडा में 25 सितंबर से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की यह पहल मीरजापुर के कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। इस ट्रेड शो में जनपद के 10 कालीन कारोबारी व 2 मिष्ठान कारोबारी हिस्सा लेकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इस आयोजन में देश-विदेश से आने वाले कारोबारियों और 86 देशों के आयातकों को मीरजापुर में तैयार होने वाले आकर्षक कालीन, दरी और अन्य हस्तशिल्प उत्पादों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय कालीन कारोबारियों को नए बाजार और विदेशी खरीदारों से जुड़ने का मंच मिलेगा।

जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि इंटरनेशनल ट्रेड शो मीरजापुर के कालीन उद्योग को नई उड़ान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय कारोबार के बदलते परिदृश्य में स्थानीय कालीन कारोबारियों को नए विदेशी खरीदारों और कारोबारियों से संपर्क स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इससे निर्यात के नए रास्ते खुलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि ट्रेड शो में मेसर्स रमाशंकर कारपेट, मेसर्स शबनूर कारपेट, मेसर्स इस्तेखार कारपेट तथा मेसर्स बृजेश दरी एवं कारपेट हाल नंबर-9 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। वहीं मेसर्स परी हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स आरएस हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स नंदिनी हैंडीक्राफ्ट तथा मेसर्स चैंपियन ट्रेडर्स हाल नंबर-10 में उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। मेसर्स वन पैलेस ऑफ रग्स हाल नंबर-14 और मेसर्स आर्टलाइन क्रिएशन हाल नंबर-15 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।

उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार की एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना मीरजापुर के कालीन उद्योग के लिए 'संजीवनी' साबित हुई है। ओडीओपी के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं और आर्थिक सहायता से कालीन कारोबार को प्रोत्साहन मिला है। कारोबार में वृद्धि का सकारात्मक असर कालीन बुनकरों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही पारंपरिक कालीन निर्माण से जुड़े परिवारों को भी इसका लाभ मिल रहा है।

*विदेशी मेहमान चखेंगे लाल पेड़ा और बालूशाही का स्वाद*

उन्होंने बताया कि एक जिला, एक व्यंजन (ओडीओसी) के तहत मीरजापुर के लाल पेड़ा और बालूशाही जैसे प्रसिद्ध स्थानीय उत्पादों को भी इंटरनेशनल ट्रेड शो में वैश्विक मंच मिलेगा। ओम मिष्ठान भंडार और गुरुकृपा स्वीट्स हाल नंबर-16 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। ट्रेड शो में शामिल होने वाले विदेशी मेहमान मीरजापुर के प्रसिद्ध लाल पेड़े और बालूशाही का स्वाद भी चख सकेंगे। उपायुक्त ने बताया कि स्थानीय कालीनों के साथ मीरजापुर की पारंपरिक मिठाइयों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुति से जिले के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध होने की उम्मीद है। इंटरनेशनल ट्रेड शो के माध्यम से मीरजापुर की हस्तशिल्प और खाद्य उत्पादों की पहचान देश वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय कारोबारियों, बुनकरों और कारीगरों को नए ग्राहक और बाजार मिलने के साथ ही जिले की पारंपरिक कला एवं उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी।
जनपद सुलतानपुर में डीजे (DJ) एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संचालन के संबंध में दिशा-निर्देश*
*सार्वजनिक एडवाइजरी*
*माननीय उच्च न्यायालय एवं शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जनपद में शांति व्यवस्था, लोक सुरक्षा एवं आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डीजे संचालकों, आयोजकों एवं आमजन के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं—*
*1. ध्वनि सीमा (Decibel Limits)*--• ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन अनिवार्य है।
* आवासीय क्षेत्रों में दिन में 55 एवं रात्रि में 45 डेसिबल से अधिक ध्वनि न हो तथा अत्यधिक तेज आवाज/बेस का प्रयोग न करें।
*2. पूर्व अनुमति अनिवार्य*---• सार्वजनिक कार्यक्रम, शादी-विवाह, जुलूस एवं त्योहारों में डीजे संचालन हेतु सक्षम अधिकारी से आवश्यक लिखित अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
*3. अश्लील एवं भड़काऊ गीतों पर रोक*--• अश्लील, जातिगत, आपत्तिजनक, द्वेष फैलाने वाले अथवा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले गानों का प्रयोग प्रतिबंधित है। उल्लंघन पर आयोजक एवं संचालक के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
*4. शांत क्षेत्र (Silent Zone)*---• अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, न्यायालयों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास निर्धारित 100 मीटर क्षेत्र में डीजे एवं हॉर्न का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा।
*5. डीजे का आकार एवं वाहन मानक*---• डीजे साउंड सिस्टम एवं उपकरण वाहन की निर्धारित सीमा के भीतर हों तथा वाहन की बॉडी से बाहर न निकले हों। अत्यधिक ऊंचे टावर/बॉक्स एवं यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाले सेटअप का प्रयोग न करें।
*6. डीजे प्रतियोगिता पर पूर्ण प्रतिबंध*---• जनपद में किसी भी प्रकार की डीजे प्रतियोगिता का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा। अत्यधिक तेज आवाज में मुकाबला करने अथवा वाहनों को आमने-सामने खड़ा कर ध्वनि बढ़ाने पर आयोजकों एवं संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*कानूनी धाराएं एवं परिणाम*----उपरोक्त निर्देशों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालक, आयोजक अथवा अन्य व्यक्ति के विरुद्ध प्रचलित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी—

ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के उल्लंघन पर नियमानुसार जुर्माना एवं ध्वनि उपकरणों की जब्ती की कार्रवाई की जा सकती है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 270-292 के अंतर्गत सार्वजनिक उपद्रव संबंधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के अंतर्गत विधिवत जारी आदेश की अवहेलना पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 के अंतर्गत पर्यावरण संबंधी नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 एवं अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत अवैध/असुरक्षित डीजे सेटअप एवं वाहन के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
नियमों के उल्लंघन पर संबंधित डीजे सेटअप, साउंड सिस्टम एवं वाहन को नियमानुसार जब्त किया जा सकता है।

*आगामी त्योहारों के दृष्टिगत डीजे संचालकों एवं आमजन से निम्नलिखित अपील की जाती है—*

1. डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों का संचालन निर्धारित ध्वनि सीमा एवं शासन के निर्देशों के अनुरूप करें।
2. आवाज इतनी तेज न रखें, जिससे बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों एवं विद्यार्थियों को असुविधा हो।
3. धार्मिक आयोजनों एवं जुलूसों में अश्लील, आपत्तिजनक अथवा भड़काऊ गानों का प्रयोग न करें।
4. यातायात व्यवस्था एवं आमजन की सुविधा का ध्यान रखें तथा सड़क मार्ग को अनावश्यक रूप से अवरुद्ध न करें।
5. अफवाह, विवाद एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से बचें तथा पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।
6. नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

*आपसी सौहार्द बनाए रखें, शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित त्योहार मनाएं।*
यूपी में 18 आईपीएस अधिकारियों का तबादला
पुलिस की कई अहम इकाइयों में बदली गई कमान


लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासनिक अफसराें के तबादले की कार्रवाई लगातार की जा रही है। इसी क्रम में शासन ने मंगलवार की शाम काे 18 आईपीएस अफसराें के तबादले कर दिए हैं। साेमवार की रात काे 14 जिले के जिलाधिकारी समेत 34 आईएएस के तबादले हुए थे।

डॉ सतीश काे पुलिस मुख्यालय लखनऊ से सेनानायक 01 वाहिनी एसएसएफ लखनऊ, संजीव सुमन को पुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक यूपीएसआईएफएफएस लखनऊ बनाया गया है। इसी तरह समीर सौरभ को सीआईडी लखनऊ से सेनानायक 27 वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर, आशुतोष द्विवेदी को पीटीसी सीतापुर से पुलिस अधीक्षक क्षेत्रीय अभिसूूचना अयोध्या, आनंद कुमार द्वितीय को पुलिस अधीक्षक क्षेत्रीय अभिसूचना बरेली से सीआईडी लखनऊ भेजा गया है।

इसके अलावा संजय राय को क्षेत्रीय अभिसूचना अयोध्या से ईओब्ल्यू लखनऊ, शशि शेखर सिंह को एटीएस लखनऊ से सेना नायक

11वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर, वंशराज सिंह यादव को पुलिस अधीक्षक सीआईडी लखनऊ से सेना नायक तीन वाहिनी एसएसएफ प्रयागराज, राजकुमार को पुलिस अधीक्षक मथुरा से पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान,

प्रीति बाला गुप्ता को पुलिस अधीक्षक एटीएस लखनऊ, कमल किशाेर को पुलिस मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू लखनऊ,

देवेश कुमार शर्मा को पुलिस अधीक्षक यूपीपीसीएल मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक खाद्य प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश, राहुल मिठास को पुलिस अधीक्षक तकनीकी सेवाएं लखनऊ, कृष्ण गोपाल को सेनानायक पांचवी वाहिनी एसएसएफ सहारनपुर से पुलिस अधीक्षक पीटीसी मुरादाबाद, शोएब इक्रपाल को पुलिस अधीक्षक एसीओ मुख्यालय लखनऊ से पुलिस अधीक्षक यातायात निदेशालय उत्तर प्रदेश पवित्र मोहन त्रिपाठी को पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक आरटीसी चुनाव मीरजापुर, आलोक कुमार शर्मा को पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ और महेश सिंह अत्रि को पीटीएस मुरादाबाद से क्षेत्रीय अभिसूचना बरेली भेजा है।