सरदार पतविन्दर सिंह को  भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे का प्रदेश अध्यक्ष बनाना,ये सामान्य संगठनात्मक बदलाव नहीं,बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश होगा



Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,वर्तमान में उनकी पहचान क्या है सरदार पतविन्दर सिंह नैनी के निवासी हैं और भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष हैं। पिछले 36 वर्षों से मतदाता जागरूकता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण जैसे अभियानों के लिए जाने जाते हैं।यदि ऐसे जमीनी कार्यकर्ता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाता है तो 2027 विधानसभा चुनाव के लिए 4 बड़े संदेश जाएंगे:अल्पसंख्यकों में भाजपा की गहरी पैठ का संदेश:भाजपा पर अक्सर सिख और अल्पसंख्यक विरोधी होने का आरोप लगता है। एक पगड़ीधारी सरदार जी को प्रदेश की कमान देना सीधा संदेश होगा कि भाजपा `सबका साथ, सबका विश्वास` को सिर्फ नारा नहीं, संगठन में लागू कर रही है। UP में आनंद कारज विवाह अधिनियम लागू होने पर उन्होंने सरकार का आभार भी जताया था, इससे सिख समाज में पकड़ मजबूत होगी।कार्यकर्ता से अध्यक्ष - जमीनी नेता को इनाम:वे बड़े परिवार से आयातित नेता नहीं हैं। नंगे पांव घूमकर वोट के लिए जागरूक करना, संगम तट पर प्ले-कार्ड लेकर स्वच्छता की भीख मांगना-ये उनकी छवि है। इससे संदेश जाएगा कि 2027 में भाजपा हाईकमान दिखावे वाले नेताओं नहीं,365 दिन जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ता को तरजीह देगी। पूर्वांचल और काशी क्षेत्र को साधना:2027 में पूर्वांचल निर्णायक होगा। काशी क्षेत्र भाजपा का सबसे मजबूत गढ़ है। वहाँ के अल्पसंख्यक मोर्चा के चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा पूर्वांचल के साथ-साथ प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर मंडल के बूथ स्तर तक संगठन को चार्ज कर सकती है।
विपक्ष के नैरेटिव को काटना:सपा-कांग्रेस गठबंधन 2027 में संविधान और अल्पसंख्यक खतरे में है का नैरेटिव बनाएगा। एक सिख चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा उस नैरेटिव को बहुत पहले ही न्यूट्रल कर देगी, खासकर पश्चिमी UP के किसान और तराई के सिख वोटरों में।संक्षेप में-ये फैसला भाजपा को एक तरफ सिख समाज, अल्पसंख्यक मोर्चा और पूर्वांचल में विस्तार देगा, तो दूसरी तरफ ये दिखाएगा कि भाजपा 2027 का चुनाव हिंदुत्व + समावेशिता दोनों के संतुलन पर लड़ना चाहती है।
पुलिसिया बंदिशों से नहीं दबेगी छात्रों की आवाज़: हाउस अरेस्ट के बाद अमर बहादुर यादव का तीखा हमला*

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। श्री दुर्गा जी पी.जी. कॉलेज, चंडेश्वर में छात्र हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आयोजित शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस-प्रशासन द्वारा युवा नेता अमर बहादुर यादव को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। डीएवी पीजी कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अमर बहादुर यादव के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया गया।
प्रशासन की इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए छात्र नेता अमर बहादुर यादव ने कहा, प्रशासन मुझे चार दीवारों में कैद कर सकता है, लेकिन लाखों छात्रों के इंकलाबी विचारों को कैद नहीं किया जा सकता। प्रशासन की यह सोच भारी भूल है कि वे मुझे बंद करके आजमगढ़ के छात्रों की बुलंद आवाज को खामोश कर देंगे। छात्र नेता ने प्रशासन की मंशा और दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ छात्र संघ के चुनावों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जाता है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षक संघ के चुनाव निर्बाध रूप से कराए जा रहे हैं। यह सीधा-सीधा तानाशाही रवैया और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन छात्र नेताओं का दमन करने पर उतारू हैं। घर में नजरबंद किए जाने के बावजूद अमर बहादुर यादव ने छात्रों के नाम संदेश जारी करते हुए कहा कि उनकी अनुपस्थिति को ही छात्र अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाएं। कहा कि पुलिस की लाठियां और पाबंदियां जितनी बढ़ेंगी, छात्रों का आंदोलन उतना ही प्रखर और मजबूत होगा। हमारी मांग है छात्र संघ चुनाव की तारीखों का तत्काल ऐलान किया जाए। छात्रों के लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों पर हमला बंद हो। छात्र नेताओं का पुलिसिया दमन और उत्पीड़न तुरंत रोका जाए। इस दौरान दिनेश यादव, रामवध यादव, आशुतोष रजत, राम प्यारे यादव, विवेक राय, हरिओम उपाध्याय आदि रहे।
मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में पेंशन अदालत सम्पन्न
पेंशन से सम्बन्धित समस्त प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाय: मण्डलायुक्त

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़ :: मण्डलायुक्त विवेक की अध्यक्षता में मण्डल के जनपदों में लम्बित पेंशन प्रकरणों के निस्तारण के सम्बन्ध में सोमवार को आयुक्त सभागार में पेंशन अदालत का आयोजन किया गया। उक्त पेंशन अदालत में कुल 6 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिसमें जनपद आजमगढ़ के तीन, बलिया का एक एवं मऊ के दो प्रकरण सम्मिलित थे। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि पेंशन सम्बन्धी समस्त प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाय, किसी भी सेवानिवृत्त कार्मिक का पेंशन प्रकरण अनावश्यक रूप से लम्बित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रस्तुत पेंशन मामलों में जो भी कार्यवाही अपेक्षित है उसे सम्बन्धित अधिकारी तत्काल पूर्ण कराते हुए पेंशन का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। पेंशन अदालत में प्रस्तुत जिला कार्यक्रम अधिकारी, मऊ के कार्यालय से वर्ष 2014 में सेवानिवृत्त कर्मचारी का प्रकरण लम्बित पाया गया। उक्त के सम्बन्ध में जिला कार्यक्रम अधिकारी मऊ ने अवगत कराया कि उनके द्वारा विगत माह में जनपद मऊ में कार्यभार ग्रहण किया गया है तथा प्रकरण संज्ञान में आने पर अपेक्षित कार्यवाही की जा रही है। मण्डलायुक्त विवेक ने पेंशन प्रकरण काफी अधिक समय से लम्बित रहने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि प्रकरण लम्बित रहने के सम्बन्ध में जिन-जिन अधिकारियों के स्तर से लापरवाही हुई है उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही हेतु शासन को संस्तुति प्रेषित की जाय। उन्होने जिला कार्यक्रम अधिकारी, मऊ को इस सम्बन्ध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया। इसी प्रकार जिला कार्यक्रम अधिकारी, मऊ के कार्यालय के एक अन्य लम्बित मामले का तत्काल निस्तारण कराये जाने हेतु उन्होंने निर्देशित किया। जिलाधिकारी कार्यालय आजमगढ़ के एक मृतक कार्मिक के परिवार को मिलने वाले पारिवारिक पेंशन के सम्बन्ध में पेंशनर के पुत्र श्रवण कुमार द्वारा कम पेंशन भुगतान होना बताया गया, जिस पर मुख्य कोषाधिकारी, आजमगढ़ अनुराग कुमार श्रीवास्तव द्वारा अवगत कराया गया कि कलेक्ट्रेट से फिक्सेशन गलत हुआ था, जिसे सही करते हुए नियमानुसार भुगतान किया जा रहा है। अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद बलिया में जिला विकास अधिकारी कार्यालय से गत जून माह में सेवानिवृत्त एक कर्मचारी द्वारा पेंशन आदि पावनाओं की मॉग लम्बित है। इस सम्बन्ध में खण्ड विकास अधिकारी, रेवती द्वारा बताया गया कि पेंशनर राज्य से बाहर गये हुए हैं, जिससे उनके मोबाइल पर आने वाली ओटीपी प्राप्त नहीं हो पा रही है। पेंशनर से वार्ता हुई है, जैसे ही वह लौट कर आते हैं उनके प्रकरण को निस्तारित कर दिया जायेगा। मण्डलायुक्त द्वारा गत पेंशन अदालत की कार्यवाही की अद्यतन स्थिति से अवगत कराये जाने के सम्बन्ध में दिये गये निर्देश क्रम में अवगत कराया गया कि विगत पेंशन अदालत में कुल 27 प्रकरण प्रस्तुत हुए थे, दिये गये निर्देशानुसार सभी का निस्तारण कर लिया गया है। मण्डलायुक्त ने पेंशन अदालत में प्रस्तुत अन्य मामलों पर विस्तार से चर्चा की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

      इस अवसर पर अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन जगनारायण झा, मुख्य कोषाधिकारी, आजमगढ़ अनुराग कुमार श्रीवास्तव, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा, आजमगढ़ संध्या अग्रहरि, जिला कार्यक्रम अधिकारी मऊ रंजीत कुमार, सहायक लेखाधिकारी मुम्ताज अहमद, लेखाधिकारी छोटेलाल कन्नौजिया, पेंशन प्रकरणों से समबन्धित पटल सहायक चन्द्रभानु प्रताप व प्रवेश मौर्य आदि उपस्थित थे।
मीरजापुर के कालीन कारोबार को मिलेगी वैश्विक पहचान*
*इंटरनेशनल ट्रेड शो में शामिल होंगे जिले के 10 कालीन कारोबारी*

*ट्रेड शो में लाल पेड़ा और बालूशाही का प्रदर्शन करेंगे मीरजापुर के दो करोबारी*

*नए विदेशी कारोबारियों से रूबरू होने का मिलेगा मौका, कारोबार को लगेंगे पंख*



मीरजापुर। योगी सरकार की ओर से उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नोएडा में 25 सितंबर से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की यह पहल मीरजापुर के कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी। इस ट्रेड शो में जनपद के 10 कालीन कारोबारी व 2 मिष्ठान कारोबारी हिस्सा लेकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इस आयोजन में देश-विदेश से आने वाले कारोबारियों और 86 देशों के आयातकों को मीरजापुर में तैयार होने वाले आकर्षक कालीन, दरी और अन्य हस्तशिल्प उत्पादों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय कालीन कारोबारियों को नए बाजार और विदेशी खरीदारों से जुड़ने का मंच मिलेगा।

जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि इंटरनेशनल ट्रेड शो मीरजापुर के कालीन उद्योग को नई उड़ान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय कारोबार के बदलते परिदृश्य में स्थानीय कालीन कारोबारियों को नए विदेशी खरीदारों और कारोबारियों से संपर्क स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इससे निर्यात के नए रास्ते खुलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि ट्रेड शो में मेसर्स रमाशंकर कारपेट, मेसर्स शबनूर कारपेट, मेसर्स इस्तेखार कारपेट तथा मेसर्स बृजेश दरी एवं कारपेट हाल नंबर-9 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। वहीं मेसर्स परी हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स आरएस हैंडीक्राफ्ट, मेसर्स नंदिनी हैंडीक्राफ्ट तथा मेसर्स चैंपियन ट्रेडर्स हाल नंबर-10 में उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। मेसर्स वन पैलेस ऑफ रग्स हाल नंबर-14 और मेसर्स आर्टलाइन क्रिएशन हाल नंबर-15 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।

उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार की एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना मीरजापुर के कालीन उद्योग के लिए 'संजीवनी' साबित हुई है। ओडीओपी के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं और आर्थिक सहायता से कालीन कारोबार को प्रोत्साहन मिला है। कारोबार में वृद्धि का सकारात्मक असर कालीन बुनकरों की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही पारंपरिक कालीन निर्माण से जुड़े परिवारों को भी इसका लाभ मिल रहा है।

*विदेशी मेहमान चखेंगे लाल पेड़ा और बालूशाही का स्वाद*

उन्होंने बताया कि एक जिला, एक व्यंजन (ओडीओसी) के तहत मीरजापुर के लाल पेड़ा और बालूशाही जैसे प्रसिद्ध स्थानीय उत्पादों को भी इंटरनेशनल ट्रेड शो में वैश्विक मंच मिलेगा। ओम मिष्ठान भंडार और गुरुकृपा स्वीट्स हाल नंबर-16 में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। ट्रेड शो में शामिल होने वाले विदेशी मेहमान मीरजापुर के प्रसिद्ध लाल पेड़े और बालूशाही का स्वाद भी चख सकेंगे। उपायुक्त ने बताया कि स्थानीय कालीनों के साथ मीरजापुर की पारंपरिक मिठाइयों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुति से जिले के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध होने की उम्मीद है। इंटरनेशनल ट्रेड शो के माध्यम से मीरजापुर की हस्तशिल्प और खाद्य उत्पादों की पहचान देश वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय कारोबारियों, बुनकरों और कारीगरों को नए ग्राहक और बाजार मिलने के साथ ही जिले की पारंपरिक कला एवं उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी।
जनपद सुलतानपुर में डीजे (DJ) एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संचालन के संबंध में दिशा-निर्देश*
*सार्वजनिक एडवाइजरी*
*माननीय उच्च न्यायालय एवं शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जनपद में शांति व्यवस्था, लोक सुरक्षा एवं आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डीजे संचालकों, आयोजकों एवं आमजन के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं—*
*1. ध्वनि सीमा (Decibel Limits)*--• ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन अनिवार्य है।
* आवासीय क्षेत्रों में दिन में 55 एवं रात्रि में 45 डेसिबल से अधिक ध्वनि न हो तथा अत्यधिक तेज आवाज/बेस का प्रयोग न करें।
*2. पूर्व अनुमति अनिवार्य*---• सार्वजनिक कार्यक्रम, शादी-विवाह, जुलूस एवं त्योहारों में डीजे संचालन हेतु सक्षम अधिकारी से आवश्यक लिखित अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
*3. अश्लील एवं भड़काऊ गीतों पर रोक*--• अश्लील, जातिगत, आपत्तिजनक, द्वेष फैलाने वाले अथवा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले गानों का प्रयोग प्रतिबंधित है। उल्लंघन पर आयोजक एवं संचालक के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
*4. शांत क्षेत्र (Silent Zone)*---• अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, न्यायालयों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास निर्धारित 100 मीटर क्षेत्र में डीजे एवं हॉर्न का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा।
*5. डीजे का आकार एवं वाहन मानक*---• डीजे साउंड सिस्टम एवं उपकरण वाहन की निर्धारित सीमा के भीतर हों तथा वाहन की बॉडी से बाहर न निकले हों। अत्यधिक ऊंचे टावर/बॉक्स एवं यातायात में बाधा उत्पन्न करने वाले सेटअप का प्रयोग न करें।
*6. डीजे प्रतियोगिता पर पूर्ण प्रतिबंध*---• जनपद में किसी भी प्रकार की डीजे प्रतियोगिता का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा। अत्यधिक तेज आवाज में मुकाबला करने अथवा वाहनों को आमने-सामने खड़ा कर ध्वनि बढ़ाने पर आयोजकों एवं संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*कानूनी धाराएं एवं परिणाम*----उपरोक्त निर्देशों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालक, आयोजक अथवा अन्य व्यक्ति के विरुद्ध प्रचलित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी—

ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के उल्लंघन पर नियमानुसार जुर्माना एवं ध्वनि उपकरणों की जब्ती की कार्रवाई की जा सकती है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 270-292 के अंतर्गत सार्वजनिक उपद्रव संबंधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के अंतर्गत विधिवत जारी आदेश की अवहेलना पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 के अंतर्गत पर्यावरण संबंधी नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 एवं अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत अवैध/असुरक्षित डीजे सेटअप एवं वाहन के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
नियमों के उल्लंघन पर संबंधित डीजे सेटअप, साउंड सिस्टम एवं वाहन को नियमानुसार जब्त किया जा सकता है।

*आगामी त्योहारों के दृष्टिगत डीजे संचालकों एवं आमजन से निम्नलिखित अपील की जाती है—*

1. डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों का संचालन निर्धारित ध्वनि सीमा एवं शासन के निर्देशों के अनुरूप करें।
2. आवाज इतनी तेज न रखें, जिससे बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों एवं विद्यार्थियों को असुविधा हो।
3. धार्मिक आयोजनों एवं जुलूसों में अश्लील, आपत्तिजनक अथवा भड़काऊ गानों का प्रयोग न करें।
4. यातायात व्यवस्था एवं आमजन की सुविधा का ध्यान रखें तथा सड़क मार्ग को अनावश्यक रूप से अवरुद्ध न करें।
5. अफवाह, विवाद एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों से बचें तथा पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।
6. नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

*आपसी सौहार्द बनाए रखें, शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित त्योहार मनाएं।*
यूपी में 18 आईपीएस अधिकारियों का तबादला
पुलिस की कई अहम इकाइयों में बदली गई कमान


लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासनिक अफसराें के तबादले की कार्रवाई लगातार की जा रही है। इसी क्रम में शासन ने मंगलवार की शाम काे 18 आईपीएस अफसराें के तबादले कर दिए हैं। साेमवार की रात काे 14 जिले के जिलाधिकारी समेत 34 आईएएस के तबादले हुए थे।

डॉ सतीश काे पुलिस मुख्यालय लखनऊ से सेनानायक 01 वाहिनी एसएसएफ लखनऊ, संजीव सुमन को पुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक यूपीएसआईएफएफएस लखनऊ बनाया गया है। इसी तरह समीर सौरभ को सीआईडी लखनऊ से सेनानायक 27 वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर, आशुतोष द्विवेदी को पीटीसी सीतापुर से पुलिस अधीक्षक क्षेत्रीय अभिसूूचना अयोध्या, आनंद कुमार द्वितीय को पुलिस अधीक्षक क्षेत्रीय अभिसूचना बरेली से सीआईडी लखनऊ भेजा गया है।

इसके अलावा संजय राय को क्षेत्रीय अभिसूचना अयोध्या से ईओब्ल्यू लखनऊ, शशि शेखर सिंह को एटीएस लखनऊ से सेना नायक

11वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर, वंशराज सिंह यादव को पुलिस अधीक्षक सीआईडी लखनऊ से सेना नायक तीन वाहिनी एसएसएफ प्रयागराज, राजकुमार को पुलिस अधीक्षक मथुरा से पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान,

प्रीति बाला गुप्ता को पुलिस अधीक्षक एटीएस लखनऊ, कमल किशाेर को पुलिस मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू लखनऊ,

देवेश कुमार शर्मा को पुलिस अधीक्षक यूपीपीसीएल मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक खाद्य प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश, राहुल मिठास को पुलिस अधीक्षक तकनीकी सेवाएं लखनऊ, कृष्ण गोपाल को सेनानायक पांचवी वाहिनी एसएसएफ सहारनपुर से पुलिस अधीक्षक पीटीसी मुरादाबाद, शोएब इक्रपाल को पुलिस अधीक्षक एसीओ मुख्यालय लखनऊ से पुलिस अधीक्षक यातायात निदेशालय उत्तर प्रदेश पवित्र मोहन त्रिपाठी को पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक आरटीसी चुनाव मीरजापुर, आलोक कुमार शर्मा को पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ और महेश सिंह अत्रि को पीटीएस मुरादाबाद से क्षेत्रीय अभिसूचना बरेली भेजा है।
Mirzapur: अंडरपास के अभाव में 800 मीटर की दूरी बनी 17 किलोमीटर का सफर, प्रभारी मंत्री नन्द गोपाल नन्दी को सौंपा ज्ञापन
मीरजापुर। जिले के राजगढ़ विकास खंड क्षेत्र के ग्राम रामपुर-38 में आजादी के बाद से चली आ रही रेलवे आवागमन की समस्या अब ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई है। रामपुर-38 के निकटतम रेलवे स्टेशन लूसा रेलवे स्टेशन है तथा यह क्षेत्र लूसा एवं सतेशगढ़ रेलवे स्टेशनों के मध्य स्थित है। रेलवे अंडरपास नहीं होने के कारण महज करीब 800 मीटर की दूरी पर स्थित बाजार और अस्पताल तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को लगभग 17 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।

इसी समस्या को लेकर सोमवार को अष्टभुजा गेस्ट हाउस में ग्रामीणों ने नन्द गोपाल नन्दी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि रेलवे की डबल पटरी का कार्य वर्तमान में चल रहा है। ऐसे में यदि निर्माणाधीन परियोजना के दौरान अंडरपास की व्यवस्था नहीं की गई तो वर्षों पुरानी समस्या आगे भी बनी रहेगी।

ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास के अभाव में विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और आम नागरिकों को रोजाना लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। खासकर आपात स्थिति में महज 800 मीटर की दूरी के लिए 17 किलोमीटर का चक्कर गंभीर परेशानी का कारण बन जाता है।

ग्रामीणों ने मांग की कि डबल पटरी के चल रहे कार्य के दौरान ही उपयुक्त स्थल पर रेलवे अंडरपास का निर्माण कराया जाए, ताकि आजादी के बाद से चली आ रही आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर तत्काल सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर चल रहे डबल पटरी के कार्य को रोककर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।
सुरों की सरताज बनीं दृष्टि पांडे: भारत विकास परिषद की प्रतियोगिता में गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर को दिलाए दोहरे स्वर्ण पदक, अब प्रदेश स्तर पर बि
रायबरेली। भारत विकास परिषद, रायबरेली के तत्वाधान में आज सिविल लाइंस स्थित सूर्या होटल में आयोजित समूह गान प्रतियोगिता पूरी तरह से गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर की होनहार छात्रा दृष्टि पांडे के नाम रही। जनपद के तमाम दिग्गजों और प्रतिष्ठित विद्यालयों के बीच, दृष्टि पांडे ने अपनी जादुई आवाज, असाधारण सुर-साधना और कुशल नेतृत्व (लीड) के दम पर प्रतियोगिता का रुख एकतरफा कर दिया।
अपनी विलक्षण प्रतिभा का परिचय देते हुए दृष्टि पांडे की अगुवाई में विद्यालय की टीम ने हिंदी समूह गान और संस्कृत समूह गान दोनों ही बेहद कठिन श्रेणियों में प्रथम स्थान का दोहरा खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। इस ऐतिहासिक और गौरवशाली सफलता के साथ ही इस प्रतिभावान टीम का चयन आधिकारिक रूप से प्रदेश स्तरीय (स्टेट लेवल) समूह गान प्रतियोगिता के लिए हो गया है, जहाँ दृष्टि पांडे के नेतृत्व में यह टीम प्रांतीय पटल पर पूरे रायबरेली जनपद का प्रतिनिधित्व करेगी।
प्रतियोगिता के दौरान जब दृष्टि पांडे ने मुख्य गायिका के रूप में हिंदी गीत "कोटि-कोटि कंठों ने गाया माँ का गौरव गान है" की तान छेड़ी, तो पूरा सभागार राष्ट्रभक्ति के अद्वितीय रस में डूब गया। इसके तुरंत बाद संस्कृत समूह गान में माँ सरस्वती की वंदना "जय जय हे भगवती सुर भारती" की उनकी शास्त्रीय व सुरीली प्रस्तुति ने निर्णायक मंडल (जजेस) और परिषद के पदाधिकारियों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
दृष्टि के सुरों के उतार-चढ़ाव, स्पष्ट उच्चारण और मंच पर उनके गजब के आत्मविश्वास की सभी ने मुक्तकंठ से सराहना की।
इस शानदार गायन में टीम के अन्य साथी कलाकारों—मुदित मनमोहन, अनंत, शताक्षी, सिद्धि और काजल ने दृष्टि के सुर से सुर मिलाकर सामूहिक जुगलबंदी को शिखर पर पहुँचाया। वहीं, तबले पर अर्णव और ढोलक पर सृजन तिवारी की थाप व सधी हुई संगत ने इस पूरी प्रस्तुति में चार चांद लगा दिए।विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों ने दृष्टि पांडे की इस अभूतपूर्व सफलता पर उन्हें तथा पूरी टीम को बधाई दी है। सभी ने हर्ष व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि दृष्टि अपनी इसी सुरीली कला के दम पर प्रदेश स्तर पर भी रायबरेली का परचम लहराएंगी।
मऊ। भा.कृ.अनु.प.–राष्ट्रीय बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में 10 दिवसीय ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
जलवायु-लचीली बीज प्रणालियों के विकास पर वैज्ञानिकों ने दिया जोर, बुंदेलखंड के लिए तनाव-सहिष्णु किस्मों पर शोध बढ़ाने का आह्वान

मऊ। भा.कृ.अनु.प.–राष्ट्रीय बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, मऊ में उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद, लखनऊ द्वारा प्रायोजित “उत्तर प्रदेश में सतत कृषि के लिए जलवायु-लचीली बीज प्रणालियाँ” विषयक 10 दिवसीय ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम 21 से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

22 सितंबर को आयोजित उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के उपमहानिदेशक डॉ. परमेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. ए. आनंदन ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

इसके बाद वंदे मातरम्, भा.कृ.अनु.प. गीत एवं उ.प्र. कृ. अनु. प. गीत प्रस्तुत किए गए।
डॉ. अंजनी सिंह, प्रधान वैज्ञानिक एवं पाठ्यक्रम सह-निदेशक ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया।

वहीं डॉ. कल्याणराव, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं पाठ्यक्रम निदेशक ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों और पाठ्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी। प्रशिक्षण में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के बीज प्रौद्योगिकी और कृषि विभागों से वैज्ञानिक, सहायक एवं एसोसिएट प्रोफेसर तथा शोधार्थी प्रतिभाग कर रहे हैं।

उद्घाटन संबोधन में डॉ. परमेंद्र सिंह ने कहा कि बीज किसानों की मूलभूत आवश्यकता और कृषि की आधारशिला है।

उन्होंने दलहनी फसलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के सूखा-प्रवण बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए तनाव-सहिष्णु एवं प्रतिरोधी किस्मों के विकास पर अनुसंधान बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पोषण सुरक्षा के लिए जैव-सुदृढ़ीकृत (Biofortified) किस्मों के विकास की दिशा में भी वैज्ञानिकों से शोध को गति देने का आह्वान किया।

संस्थान के निदेशक डॉ. ए. आनंदन ने बीज फसलों पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (AICRP on Seed Crops) की स्थापना और उसके योगदान पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक हस्तक्षेपों और AICRP तंत्र के निरंतर प्रयासों से ब्रीडर बीज उत्पादन एक लाख क्विंटल से अधिक हो चुका है। उन्होंने खुले परागित किस्मों में वर्तमान लगभग 15–30 प्रतिशत बीज प्रतिस्थापन दर को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं तकनीकी अनुभवों के माध्यम से जलवायु-लचीली बीज प्रणालियों के विकास की दिशा में ठोस परिणाम हासिल करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। संचालन डॉ. पवित्रा वी. ने किया, जबकि डॉ. कल्याणी कुमारी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
मऊ  -सेवा संकल्प अभियान के तहत जनपद के समस्त विकास खंडों में आयोजित हुई जन चौपाल.
विभिन्न विभागों ने लगाए स्टॉल, ग्रामीणों को दी गई जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी.

जन चौपाल में प्राप्त शिकायतों का मौके पर किया गया निस्तारण.

मसेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज जनपद के समस्त विकास खंडों में जन चौपाल का आयोजन किया गया। जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी समस्याओं एवं शिकायतों को सुनकर यथासंभव मौके पर ही निस्तारित किया गया।जन चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने विभाग से संबंधित स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों एवं जनकल्याणकारी सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा योजनाओं से मिलने वाले लाभ के संबंध में जानकारी प्रदान की। जन चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया तथा विभिन्न विभागों से संबंधित अपनी समस्याएं एवं शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों द्वारा शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जिन शिकायतों का निस्तारण मौके पर संभव था, उनका तत्काल निस्तारण किया गया, जबकि अन्य प्रकरणों में नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।इस अवसर पर ग्रामीणों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि शासन की मंशा है कि पात्र लाभार्थियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए तथा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं के लिए अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े। जन चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा अपने विभाग की योजनाओं से संबंधित जानकारी, आवेदन प्रक्रिया एवं लाभार्थीपरक सेवाओं के संबंध में भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

विभागीय अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को सुनते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस जन चौपाल का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं एवं सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाना, पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ना तथा ग्रामीणों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना रहा। जन चौपाल के माध्यम से प्रशासन एवं ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ, जिससे लोगों को अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखने तथा योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद के समस्त विकास खंडों में आयोजित जन चौपाल में संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सक्रिय सहभागिता की गई।

अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाएं तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को अवगत कराएं।

सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण तथा आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।