वैश्विक पटल पर चमकेगा गोरखपुर की माटी का हुनर
- ग्रेटर नोएडा के यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में लगेंगे टेराकोटा के चार स्टॉल, विदेशी खरीदारों से जुड़ेंगे शिल्पी
- ओडीओपी में शामिल होने के बाद बढ़ी मांग, शिल्पियों की आमदनी और जीवन स्तर में आया बदलाव

गोरखपुर। गोरखपुर की पहचान बन चुका माटी का पारंपरिक हस्तशिल्प टेराकोटा अब एक बार फिर वैश्विक बाजार में अपनी पहचान मजबूत करने को तैयार है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण में गोरखपुर के टेराकोटा उत्पादों के चार विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस व्यापारिक मंच पर स्थानीय शिल्पियों और कारोबारियों को देश-विदेश के खरीदारों, निर्यातकों और बड़े व्यापारिक समूहों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।
यूपीआईटीएस में गोरखपुर के टेराकोटा के चार स्टॉल प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेंगे। विदेशी प्रतिनिधियों और कॉरपोरेट खरीदारों के सामने उत्पादों की सीधी ब्रांडिंग से टेराकोटा के लिए नए बाजार और निर्यात की संभावनाएं खुलने की उम्मीद है। उद्योग विभाग की ओर से स्टॉल लगाने के लिए चयनित शिल्पियों और कारोबारियों में मेसर्स अतरंगी कलाकारी के बैनर तले टेराकोटा ज्वेलरी और होम डेकोरेशन उत्पाद तैयार करने वाली दीपिका सिंह, रीतिका कृतिका क्रिएशन की सुनीता मौर्या, गिफ्ट सिटी के कमलेश तिवारी और मेसर्स रोशनी एक उम्मीद ट्रस्ट की कोमल मद्देशिया शामिल हैं। उद्योग उपायुक्त उज्ज्वल सिंह के मुताबिक, इंटरनेशनल ट्रेड शो में टेराकोटा के स्टॉल गोरखपुर के शिल्पियों के हुनर और मेहनत को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का माध्यम बनेंगे। उनके अनुसार, पारंपरिक हुनर को उचित नीति, तकनीक और बाजार का सहयोग मिले तो वह बड़े आर्थिक अवसर में बदल सकता है। यूपीआईटीएस में मिली भागीदारी गोरखपुर के टेराकोटा को निर्यात बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है।
- ओडीओपी में शामिल होने के बाद बढ़ी टेराकोटा की पहचान
भटहट ब्लॉक का औरंगाबाद गांव टेराकोटा शिल्प के प्रमुख केंद्रों में माना जाता है। औरंगाबाद सहित आसपास के गांवों में कई पीढ़ियों से परिवार मिट्टी से आकर्षक कलाकृतियां और उपयोगी उत्पाद तैयार करते आ रहे हैं। वर्ष 2018 में शुरू की गई एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत टेराकोटा को गोरखपुर के प्रमुख उत्पाद के रूप में शामिल किया गया। इसके बाद शिल्पियों को विद्युत चालित चाक, पगमिल और अनुदान आधारित ऋण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ ही शिल्पियों को अपने काम को आधुनिक स्वरूप देने में भी मदद मिली।सरकारी स्तर पर टेराकोटा की ब्रांडिंग और विभिन्न बड़े मंचों पर इसकी प्रस्तुति से इसकी बाजार मांग में भी बढ़ोतरी हुई। कारोबार बढ़ने के साथ शिल्पियों के जीवन स्तर में बदलाव दिखाई देने लगा है। जिन परिवारों में कभी कच्ची झोपड़ियों में टेराकोटा का काम होता था, उनमें से कई ने अब पक्के वर्कशॉप और मकान बनाए हैं। खास बात यह है कि नई पीढ़ी भी अब इस पारंपरिक हुनर से जुड़ रही है। आधुनिक डिजाइन और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने की तकनीक सीखकर युवा अपने पुश्तैनी कारोबार में हाथ बंटा रहे हैं। इससे गोरखपुर के टेराकोटा को परंपरा से आधुनिक बाजार तक पहुंचाने की नई राह तैयार हुई है।
‘2027 में सपा को अपनी हार साफ दिख रही’ ;  दानिश आजाद अंसारी
- *‘झूठ और भ्रम फैलाना सपा का प्राइमरी एजेंडा’; दानिश अंसारी ने साधा निशाना*
* *उठाया सवाल, कहा- ‘2012 से 2017 तक जब अपराध बढ़े, तब कहां थे सपा नेता?’*

लखनऊ। समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए योगी सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सपा बौखला गई है, क्योंकि उसे 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी हार साफ और स्पष्ट दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सिर्फ झूठ और भ्रम फैलाना आज समाजवादी पार्टी का प्राथमिक एजेंडा बन गया है।
दानिश आजाद अंसारी ने सपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी पहले इस बात का जवाब दे कि 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में अपराधों का ग्राफ बढ़ रहा था और महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे थे, तब उसके नेता कहां थे? उन्होंने कहा कि उस समय अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उत्तर प्रदेश में दिनदहाड़े लूट-खसोट, चोरी और दूसरी आपराधिक घटनाएं हुआ करती थीं। दानिश आजाद ने सवाल किया कि तब समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश की भलाई की याद क्यों नहीं आई?
*‘योगी के नेतृत्व में यूपी की इमेज बेहतर हो रही’*
मंत्री ने कहा कि आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार उत्तर प्रदेश के विकास के लिए काम कर रही है और प्रदेश की छवि बेहतर हो रही है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से समाजवादी पार्टी के नेता बौखलाए हुए हैं। दानिश आजाद अंसारी ने सपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के नेता रिपोर्टरों का अपमान करने का काम कर रहे हैं।
*‘यूपी को बदनाम करने के लिए अपराध बढ़वा रही सपा’*
दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से आम और गरीब लोगों पर जानबूझकर अत्याचार करा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश को बदनाम करने के लिए जानबूझकर आपराधिक घटनाएं बढ़वाने की कोशिश की जा रही है। मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी का यह “चाल-चरित्र” अब नहीं चलेगा। उन्होंने दावा किया कि जनता समाजवादी पार्टी की असलियत जानती है और उसके किसी भी बहकावे में आने वाली नहीं है।
यूपी को फिर बांटने की कोशिश कर रहे समाजवादी: नितिन नवीन
*मेरठ में भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को दिया 2027 का मंत्र*
*नितिन नवीन बोले- अंग्रेजों की ‘डिवाइड एंड रूल’ नीति को पहले कांग्रेस और बाद में समाजवादियों ने अपनाया*
*कहा- पहले पश्चिमी यूपी में भय और अराजकता का वातावरण था, आज भरोसा और कानून का राज, विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा प्रदेश*
*चौधरी चरण सिंह और बाबा साहेब आंबेडकर के सम्मान को लेकर कांग्रेस को घेरा, बोले- मोदी और अटल ने दिया बाबा साहेब को सम्मान*
*राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा- 2027 में खेले जा रहे खेल को करना है खत्म, प्रदेश के विकास के रथ को रुकने नहीं देना है*
*पंकज चौधरी बोले- शक्ति केंद्र प्रमुख बूथों का ठीक से अध्ययन करें तो चुनाव से पहले ही बता सकते हैं अपने क्षेत्र का पूरा परिणाम*
*प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को बताया भाजपा की रीढ़, बोले- मोदी और योगी के कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएं*

मेरठ। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को मेरठ की क्रांति धरा से कांग्रेस और समाजवादियों पर ‘डिवाइड एंड रूल’ की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अंग्रेज चले गए, लेकिन उनकी बांटो और राज करो की नीति को पहले कांग्रेस और बाद में समाजवादियों ने अपना लिया। भाजपा कार्यकर्ताओं को संकल्प लेना होगा कि इस नीति को उत्तर प्रदेश में दोबारा लागू नहीं होने देंगे और विकास के रथ को रुकने नहीं देंगे।
भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि वह उस भूमि पर आए हैं, जो क्रांति की भूमि रही है। इस धरती ने कई ऐसे परिवर्तन दिए हैं, जिन्होंने देश के साथ पूरी दुनिया को संदेश दिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में आए बदलाव का श्रेय कार्यकर्ताओं की मेहनत को देते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं ने प्रदेश को आतंक और जंगलराज से बाहर निकालकर उत्तम प्रदेश बनाने का काम किया है।
*पहले भय था, आज भरोसे का वातावरण*
नितिन नवीन ने कहा कि एक समय यहां भय का वातावरण था, लेकिन आज भाजपा सरकार में भरोसे का वातावरण है। पहले अराजकता का राज था, आज कानून का राज है। पहले विकास का ठहराव था और आज उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी उत्तर प्रदेश में घूम-घूमकर फिर से प्रदेश को बांटने का काम कर रहे हैं। हम सभी यहां यह संकल्प लेने आए हैं कि बांटो और राज करो की नीति को उत्तर प्रदेश में दोबारा लागू नहीं होने देंगे।
*2027 में खेले जा रहे खेल को करना है खत्म*
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश में जो खेल खेलने का प्रयास किया जा रहा है, उसे खत्म करना है। उत्तर प्रदेश के विकास के रथ को रुकने नहीं देना है।
*चौधरी चरण सिंह के सम्मान पर कांग्रेस को घेरा*
नितिन नवीन ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों के लिए संघर्ष किया, लेकिन कांग्रेस के लोगों ने उन्हें कभी सम्मान नहीं दिया। उनकी सरकारों को गिराने का काम किया गया। चौधरी चरण सिंह को सम्मान देने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।
उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर भी कांग्रेस पर हमला बोला। कहा कि बाबा साहेब को अपमानित करने का काम कांग्रेस और उसके साथियों ने किया। उन्हें सम्मान दिलाने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया। नितिन नवीन ने संत कबीर दास का उल्लेख करते हुए कहा कि हम उनकी 640वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। कांग्रेस के लोग केवल अपने परिवार के लोगों का जन्मदिन मनाते थे।
*कार्यकर्ता भाजपा की रीढ़: पंकज चौधरी*
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने शक्ति केंद्र कार्यकर्ताओं से कहा कि भाजपा को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर ही चुनाव जीता जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह कार्यकर्ताओं का महत्व बखूबी जानते हैं। कार्यकर्ता उनके लिए सर्वोपरि है और उसके लिए कुछ भी करना पड़े तो वह तैयार रहते हैं।
पंकज चौधरी ने कहा कि शक्ति केंद्र प्रमुख के अधीन जो बूथ आते हैं, उनका ठीक से अध्ययन कर लिया जाए तो वह चुनाव से पहले ही अपने शक्ति केंद्र का पूरा परिणाम बता सकता है।
*2017 से पहले पश्चिम की स्थिति जानती है जनता*
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता जानती है कि 2017 से पहले यहां क्या स्थिति थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डबल इंजन सरकार के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पहचान बदलने का काम किया है और उसी प्रकार पूरे उत्तर प्रदेश की पहचान बदलने का काम किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएं तो विरोधी भी उनसे आंख मिलाकर बात नहीं कर पाएंगे। पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को भाजपा की रीढ़ की हड्डी बताते हुए कहा कि 2027 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता तन, मन और धन से लगकर यूपी में हैट्रिक सरकार बनाने का काम करेंगे।
*कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रदेश सह प्रभारी जगदीश पटेल, राष्ट्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. भोला सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल, प्रदेश महामंत्री एवं पश्चिम क्षेत्र प्रभारी राम प्रताप सिंह, पश्चिम क्षेत्र अध्यक्ष नवाब सिंह नागर समेत राष्ट्रीय, प्रदेश और क्षेत्र के पदाधिकारी तथा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक मौजूद रहे।
भव्य शोभा यात्रा एवं झांकियों के साथ गणपति बप्पा का किया गया शारदा नहर में विसर्जन*
Sb न्यूज़ ब्यूरो रितेश मिश्रा
कछौना(हरदोई):* श्री सोमेश्वर महादेव सेवादार समिति के तत्वाधान में कस्बे के गणेश महोत्सव स्थल गोल विल्डिंग से  सप्तम दिवस नगर पंचायत अध्यक्ष राधारमण पंकज शुक्ल ने सपत्नीक विधिविधान से पूजन अर्चन करके कछौना के महाराजा गणपति गजानन की सांध्यकालीन आरती की। आरती के पश्चात राजस्थान के कलाकारों द्वारा लोक नृत्य श्रीकृष्ण-राधा की झांकी, बाहुबली हनुमान जी की झाँकी, माँ वैष्णोदेवी व बाकेबिहारी की झाँकी एवं गंगा मां की झाँकी  कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गईं। जो नगर में चर्चा का विषय रही। शोभा यात्रा नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए रेलवेगंज के दुर्गा मंदिर होते हुए गौसगंज रोड शारदा नहर में वैदिक मंत्रो के साथ विधि विधान से गणपति बप्पा का विसर्जन किया गया। शोभा यात्रा के दौरान सैकड़ों की संख्या में पुरुष व महिलाओं ने ढोल नगाड़ो की धुन पर 'अगले बरस तू फिर आना' गणपति बप्पा मोरया के भक्ति भजन पर जमकर झूमे और रंग ग़ुलाल एक दूसरे को लगाया।
कार्यक्रम के दौरान समिति के सदस्य विशाल गुप्ता, राधा रमण उर्फ पंकज शुक्ला, अनूप सिंह, सुशील अग्निहोत्री, अनूप सिंह, क्रांतिवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
राम जन्मभूमि आंदोलन के ‘राम सखा’ त्रिलोकीनाथ पांडेय के योगदान पर आई पुस्तक, बेटे ने साझा किए अनकहे पहलू
नई दिल्ली/ अयोध्या। राम जन्मभूमि मामले की लंबी कानूनी यात्रा और आंदोलन से जुड़े त्रिलोकीनाथ पांडेय के योगदान को दस्तावेज के रूप में सामने लाने के उद्देश्य से उनके पुत्र अमित पांडेय ने एक पुस्तक तैयार की है। करीब 242 पन्नों की इस पुस्तक में उनके सामाजिक जीवन, राम जन्मभूमि मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया और विभिन्न लोगों के योगदान से जुड़े संस्मरण एवं दस्तावेज शामिल किए गए हैं।
एक पॉडकास्ट बातचीत में अमित पांडेय ने बताया कि उनके पिता सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होने के बावजूद हमेशा सादगी और लो-प्रोफाइल जीवन के लिए जाने जाते थे। परिवार के अनुसार, वे जरूरतमंदों की सहायता के लिए निजी संसाधनों का भी उपयोग करते थे। अमित पांडेय ने राम जन्मभूमि मामले में अपने पिता की भूमिका पर भी चर्चा की। उनके अनुसार, मुकदमे के बाद के दौर में त्रिलोकीनाथ पांडेय ‘राम सखा’ के रूप में जुड़े और वर्ष 2010 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले तक इस भूमिका में रहे। उन्होंने कहा कि मामले की कानूनी यात्रा में कई वकीलों, गवाहों, संतों और कार्यकर्ताओं का योगदान रहा, जिनका उल्लेख अपेक्षाकृत कम हुआ है।
उन्होंने अशोक सिंघल समेत आंदोलन से जुड़े अनेक लोगों और परिवारों के योगदान को भी याद किया। अमित पांडेय के मुताबिक, पुस्तक तैयार करने में करीब ढाई वर्ष लगे और विभिन्न संबंधित लोगों से लेख एवं संस्मरण जुटाए गए। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता वैचारिक मतभेद के बावजूद दूसरे पक्ष से जुड़े लोगों के साथ व्यक्तिगत संबंध बनाए रखते थे। परिवार का कहना है कि त्रिलोकीनाथ पांडेय के योगदान को किसी राजनीतिक पहचान तक सीमित करने के बजाय उनके सामाजिक जीवन और मूल्यों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
*24 सितंबर को श्रद्धांजलि कार्यक्रम*
त्रिलोकीनाथ पांडेय की पुण्य स्मृति में 24 सितंबर, गुरुवार को दोपहर 3 बजे अयोध्या के श्री राम हनुमान यज्ञशाला मंदिर, निकट तपस्वी छावनी, जानकी घाट में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन राम सखा पंडित त्रिलोकी नाथ पांडेय स्मृति सेवा न्यास की ओर से किया जा रहा है।
अंबेडकर को अपमानित करने वाले आज सम्मान की बात करते हैं: अनिल राजभर
- *'सपा मुखिया राजधानी में बैठकर जनता को गुमराह कर रहे, चार सरकारों में पिछड़ों-दलितों का आरक्षण चुराया, एक जाति विशेष को मलाई दी': कैबिनेट मंत्री**
- *कहा - 2012-17 में बाबा साहेब की मूर्तियां खंडित करने का आरोप, जांच होगी, आजम खान ने अंबेडकर को बताया था सबसे बड़ा भूमाफिया*

लखनऊ। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरक्षण, दलित समाज और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को लेकर भाजपा सरकार पर लगे आरोपों का उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने तीखा जवाब दिया है। एएनआई से बातचीत में राजभर ने कहा कि सपा के मुखिया प्रदेश की राजधानी में बैठकर प्रतिदिन प्रदेश और सम्मानित जनता को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। उनके पास जनता के बीच जाने का समय नहीं है, जनता के बीच जाएंगे भी नहीं।
राजभर ने कहा कि आज सपा आरक्षण की बात कर रही है, जबकि उनकी चार सरकारों में पिछड़ों और दलितों के आरक्षण की जितनी डकैती हुई, उतनी शायद ही कभी हुई हो। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण की चोरी करने वाले आज आरक्षण पर ज्ञान दे रहे हैं। सपा ने सारे पिछड़ों और अति पिछड़ों का आरक्षण चुराया। जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, तब-तब आरक्षण की मलाई एक जाति विशेष के लोगों को दी गई। पूरी मलाई खाकर आज ये आरक्षण और बाबा साहब की बात कर रहे हैं।
*आजम खान पर अनिल राजभर का हमला*
उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 का दौर याद करना चाहिए। यह साजिश है। समाजवादी पार्टी गुंडों को आगे करके समाज में वैमनस्यता पैदा करने की कोशिश कर रही है। राजभर ने कहा कि अब इसकी भी जांच होगी कि समाजवादी पार्टी के किस गुंडे ने कहां मूर्ति खंडित की। उन्होंने सपा से अपने गिरेबान में झांकने को कहा और आरोप लगाया कि 2012 से 2017 के बीच सपा के संरक्षण में बाबा साहब की मूर्तियों को खंडित करने का काम हुआ।
*दोहरे चरित्र के लोग हैं सपाई*
मंत्री ने सवाल किया कि बाबा साहब को भूमाफिया किसने बताया? उन्होंने कहा कि सपा के तत्कालीन मंत्री आजम खान ने बाबा साहब को प्रदेश का सबसे बड़ा भूमाफिया बताया था। जहां बाबा साहब की मूर्तियां लगी हैं और उनके नाम के पार्क बने हैं, वहां यह कहा गया मानो दलित समाज ने उन पर कब्जा कर लिया हो और बाबा साहब सबसे बड़े भूमाफिया हों। राजभर ने कहा कि आज इन्हीं लोगों को बाबा साहब और दलित समाज याद आ रहे हैं। ये दोहरे चरित्र के लोग हैं। आरक्षण की चोरी करने वाले आज आरक्षण पर ज्ञान दे रहे हैं और बाबा साहब को अपमानित करने वाले आज उनके सम्मान की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा और उसके नेता जनता को कितना नासमझ समझते हैं, यह उनके बयानों और प्रेस कॉन्फ्रेंस से निकलकर आता है।
*प्रतिदिन बदल रहे पीडीए का परिभाषा*
राजभर ने कहा कि चिंता न करें, समाज गुमराह होने वाला नहीं है। प्रदेश उनके असली चेहरे को अच्छी तरह जानता है। पीडीए में दलित का ‘डी’ है, कल क्या कहेंगे पता नहीं। अखिलेश पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इतना कन्फ्यूज नेता तो हम लोगों ने देखा ही नहीं। प्रतिदिन पीडीए की परिभाषा बदल रहे हैं। जनता सब कुछ देख और समझ रही है। समाजवादी पार्टी की दाल नहीं गलने वाली, निश्चिंत रहें।
सपा सरकार में सर्वाधिक अंबेडकर प्रतिमाएं खंडित हुईं, गोमती नगर में बहनजी की मूर्ति सपा के गुंडों ने तोड़ी: ब्रजेश पाठक
*सपा को दिखाया आईना-'बटन खोलकर अंदर झांकिए, मूर्तिभंजकों के सरगना को याद दिलाएं'*
*डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का आरोप-दलितों पर अत्याचार सबसे ज्यादा समाजवादी राज में हुआ*
*सत्ता चली गई इसलिए दर्द है, प्रदेश अब सबका साथ-सबका विकास पर चल रहा है: ब्रजेश पाठक*
*ब्रजेश पाठक बोले-2017 से हर व्यक्ति की आय और प्रदेश का बजट तीनगुना, सपा अपना स्टैंड बताए*
*राहुल गांधी ने पीएम मोदी की मां की मिमिक्री करवाई, भारत इसे स्वीकार नहीं करेगा: डिप्टी सीएम पाठक*

लखनऊ। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा को एक बार अपना बटन खोलकर अंदर झांकना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को खंडित करने का सर्वाधिक काम समाजवादी पार्टी की सरकार में हुआ, जिसे सपा भूल गई है।
पाठक ने सवाल किया कि लखनऊ के गोमती नगर में बहनजी की प्रतिमा किसने तोड़ी थी। उन्होंने कहा, पूछो जरा, किसने तोड़ा था? समाजवादी पार्टी के गुंडों ने तोड़ा था। उन्होंने कहा कि मूर्तिभंजकों के गिरोह के सरगना को यह बताना चाहिए। उपमुख्यमंत्री का आरोप था कि देश में दलितों पर जितना अत्याचार हुआ, वह समाजवादी पार्टी के शासन में हुआ।
उन्होंने कहा कि सपा और उसके नेता को नुकसान इसलिए हुआ है क्योंकि उनकी सत्ता चली गई है। यह नुकसान उन्हीं का है और उन्हें कभी सत्ता मिलने वाली नहीं है। पाठक ने कहा कि प्रदेश अब प्रधानमंत्री के सूत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के आधार पर जन-जन को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने सपा से दो सवाल पूछने को कहा। पहला-2017 से अब तक उत्तर प्रदेश में हर व्यक्ति की आय तीनगुनी हुई है, इस पर सपा का क्या स्टैंड है। दूसरा-प्रदेश का बजट तीनगुना हुआ है, इस पर उनका क्या रुख है। उन्होंने कहा कि सपा इन्हीं मुद्दों पर अपना पक्ष स्पष्ट करे।
भाजपा और कांग्रेस के प्रसंग पर पाठक ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर मिमिक्री करवाई है। यह बहुत दुखद है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति में मां का वही स्थान है जो भगवान का है। भगवान स्वरूप मां के बारे में इस प्रकार की बात कहना हिंदुस्तान कभी स्वीकार नहीं करेगा। राहुल गांधी और कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
समाज कल्याण मंत्रालय की पहल : 23 सितंबर से UPPCS -2025 की मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का मॉक इंटरव्यू

- IAS-PCS अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों से मिलेगा इंटरव्यू की तैयारी का मार्गदर्शन, निखरेगा व्यक्तित्व और संचार कौशल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की UPPCS-2025 मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को आगामी साक्षात्कार के लिए बेहतर ढंग से तैयार करने के उद्देश्य से समाज कल्याण मंत्रालय की ओर से 23 सितंबर से विशेष मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम कई चरणों में संचालित होगा। इसके माध्यम से अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की बारीकियों, व्यक्तित्व प्रस्तुतीकरण और आत्मविश्वास के साथ प्रश्नों का उत्तर देने का अभ्यास कराया जाएगा। मॉक इंटरव्यू का आयोजन गोमती नगर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन में किया जाएगा।

इन अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ

समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक श्री आनंद कुमार सिंह ने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन, लखनऊ और प्रदेश के अन्य परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों से प्रशिक्षण लेने वाले अभ्यर्थी, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अभ्यर्थी तथा UPPCS-2025 की मुख्य परीक्षा में सफल किसी भी वर्ग के इच्छुक अभ्यर्थी इस निःशुल्क मॉक इंटरव्यू में शामिल हो सकेंगे।

IAS-PCS अधिकारी और विषय विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन

उन्होंने बताया कि मॉक इंटरव्यू में उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) से जुड़े IAS-PCS अधिकारी और विषय विशेषज्ञ अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। उन्हें साक्षात्कार की तैयारी की रणनीति, सवालों के प्रभावी जवाब देने, व्यक्तित्व प्रस्तुतीकरण, संचार कौशल और आत्मविश्वास बनाए रखने से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए जाएंगे। इससे अभ्यर्थियों को अपनी कमियों को पहचानने और उनमें सुधार करने का अवसर मिलेगा।

आवासीय कोचिंग में उपलब्ध हैं विभिन्न सुविधाएं

गौरतलब है कि समाज कल्याण मंत्रालय की ओर से प्रदेशभर में 8 आवासीय कोचिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। यहां अभ्यर्थियों को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण के साथ मेस, पुस्तकालय, इंटरनेट, टेस्ट सीरीज, अध्ययन सामग्री, मनोरंजन, खेलकूद और जिम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

खाकी पहनने का सपना हुआ पूरा, काबिलियत से मिली नौकरी
*नवचयनित अभ्यर्थी बोले- न सिफारिश की जरूरत पड़ी, न करना पड़ा कोई लेनदेन*

*दर्शना ने कहा- पढ़ाई पर था भरोसा, पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया से हुआ चयन*

*संजीव बोले- खाकी पहनने का था सपना, बिना भेदभाव और रिश्वत के मिली सफलता*

*रुचि ने कहा- माता-पिता ने देखा था सपना, स्वाति बोलीं- मेहनत को सही माहौल मिले तो सपने होते हैं पूरे*

  लखनऊ। किसी के माता-पिता ने खाकी पहनने का सपना देखा था तो कोई वर्षों से खुद इस दिन का इंतजार कर रहा था। रविवार को नियुक्ति पत्र हाथ में आया तो नवचयनित अभ्यर्थियों की खुशी छलक पड़ी। अभ्यर्थियों ने कहा कि भर्ती में न सिफारिश की जरूरत पड़ी और न किसी तरह का लेनदेन करना पड़ा। मेहनत और काबिलियत के बूते उन्हें यूपी पुलिस का हिस्सा बनने का मौका मिला।
सहायक उपनिरीक्षक के पद पर चयनित लखनऊ की दर्शना बाजपेई ने कहा कि उन्हें अपनी पढ़ाई पर पूरा भरोसा था। भर्ती प्रक्रिया में कहीं भी लेनदेन या किसी की सहायता लेने की जरूरत नहीं पड़ी। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रही। अब वह पूरी ऊर्जा और ईमानदारी के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में भर्ती व्यवस्था पर प्रसन्नता जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
लखनऊ के संजीव वर्मा ने कहा कि खाकी पहनना उनका सपना था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में यह सपना पूरा हुआ। बिना भेदभाव और रिश्वत के काबिलियत के आधार पर उनका चयन हुआ है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती से प्रदेश के युवाओं को अपनी योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी पाने का अवसर मिलेगा और भ्रष्टाचार व रिश्वत से मुक्त होकर काम करने का प्रोत्साहन मिलेगा।

*माता-पिता ने देखा था सपना*
उपनिरीक्षक गोपनीय के पद पर चयनित लखनऊ की रुचि यादव ने कहा कि उनके माता-पिता ने यह सपना देखा था, जिसे पूरा होने का सौभाग्य मिला है। यहां तक पहुंचाने में माता-पिता, भाई-बहन, शिक्षकों और मित्रों का सहयोग रहा। उन्होंने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री योगी और पुलिस भर्ती बोर्ड के अधिकारियों का धन्यवाद किया।

*मेहनत को सही माहौल मिले तो पूरे होते हैं सपने*
सहायक उपनिरीक्षक लिपिक के पद पर चयनित लखनऊ की स्वाति भट्ट ने कहा कि नियुक्ति पत्र हाथ में लेकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। जब मेहनत को निष्पक्ष और सही वातावरण मिलता है, तभी सपने पूरे होते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने और अपने परिवार की ओर से धन्यवाद और शुभकामनाएं दीं।

*इन अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र*
मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में अमेठी के अमित सिंह, बाराबंकी की रिया मौर्या, कानपुर शहर की नीलम निषाद, लखनऊ की दर्शना बाजपेई, वाराणसी के विशाल कुमार गौड़, कानपुर देहात के आलोक कुमार पाल, झांसी के अनुराग खटीक, मैनपुरी के मोहम्मद आमिर, जालौन के सिद्धार्थ सक्सेना, झांसी के आदर्श कुमार जैन, लखीमपुर खीरी के रजत गुप्ता, उन्नाव की अंजू भारती, रायबरेली के अभिषेक सिंह चौहान, महराजगंज के सागर चौरसिया, मेरठ के मनीष यादव, प्रतापगढ़ के विकास कुमार पटेल, बांदा के धीरेन्द्र सिंह और लखनऊ के संजीव वर्मा, सिद्धार्थ श्रीवास्तव व हिमांशु शुक्ला को नियुक्ति पत्र सौंपे।
पीडीए पूरी तरह ढकोसला, दलित महापुरुषों से चिढ़ते हैं अखिलेश: ओम प्रकाश राजभर
*सुभासपा प्रमुख बोले- कभी पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक तो कभी पंडित-दलित-अहीर बताते हैं पीडीए का मतलब*

*कहा- सपा सरकार में सबसे ज्यादा तोड़ी गईं बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं*

*गेस्ट हाउस कांड का किया जिक्र, बोले- मायावती की हत्या करना चाहते थे सपाई गुंडे*

*नीले गमछे पर कसा तंज, कहा- सिर पर लाल टोपी और गले में नीला गमछा याद दिलाता है दो जून 1995 की घटना*

*राजभर का आरोप- अखिलेश सरकार में दलितों पर कई गुना बढ़ा अत्याचार, प्रमोशन में आरक्षण भी किया खत्म*

*कहा- योगी सरकार में दलित महापुरुषों को मिल रहा सम्मान, पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए दिए गए 500 करोड़ रुपये*

लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष एवं प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने रविवार को समाजवादी पार्टी के पीडीए नारे को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पीडीए को पूरी तरह ढकोसला बताते हुए कहा कि अखिलेश इसका मतलब अपनी सुविधा के अनुसार बदलते रहते हैं। कभी पीडीए को पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक बताते हैं तो कभी पी से पंडित, डी से दलित और ए से अहीर कहते हैं। कभी ए से अल्पसंख्यक, आधी आबादी तो कभी अगड़ा बता देते हैं।
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव दलितों से नफरत करते हैं और दलित महापुरुषों की प्रतिमा देखकर उनकी चिढ़ और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 की सपा सरकार के दौरान बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं सबसे ज्यादा तोड़ी गईं। जौनपुर, मऊ, सीतापुर और आजमगढ़ समेत कई जिलों में ऐसी घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि आंकड़े उठाकर देख लिए जाएं तो अखिलेश सरकार के दौरान दलितों पर अत्याचार कई गुना बढ़ा था।
*आगरा में दलित ग्राम प्रधान की हत्या का किया जिक्र*
ओम प्रकाश राजभर ने आगरा की एक घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सपा सरकार में एक दलित ग्राम प्रधान को सपाइयों ने पीट-पीटकर मार डाला था। ग्राम प्रधान का कसूर केवल इतना था कि उन्होंने सपा को वोट नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के समय बाबा साहब की प्रतिमाएं तोड़ने से लेकर दलितों पर अत्याचार तक के मामले लगातार सामने आए।
राजभर ने कहा कि आज भी यूपी में दलितों पर अत्याचार के मामले में यादव और मुस्लिम यानी सपा के वोटर ही सबसे आगे हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और उनके सैफई के कुनबे की बसपा सुप्रीमो मायावती को लेकर क्या सोच है, यह किसी से छिपी नहीं है।
*गेस्ट हाउस कांड को लेकर सपा को घेरा*
राजभर ने दो जून 1995 के गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय सपाई गुंडे मायावती की हत्या करना चाहते थे। संयोग से वहां भाजपा के नेता पहुंच गए। भाजपा के लोग नहीं होते तो शायद मायावती की हत्या कर दी जाती। किसी तरह उनकी जान बची थी।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आज दलित सम्मान की बात कर रहे हैं, लेकिन उनके शासनकाल में दलित बेटियों के साथ जितना जुर्म हुआ, उसे कौन नहीं जानता। अब वक्त बदल चुका है। योगी सरकार में दलित महापुरुषों को सम्मान मिल रहा है और दलित नायकों को नई पहचान दी जा रही है।
*नीला गमछा अखिलेश के गले की फांस: राजभर*
अखिलेश यादव के नीले गमछे पर तंज कसते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि वह बाबा साहब डॉ. आंबेडकर को आगे करके वोट लेने की सोच रहे हैं, लेकिन यही नीला गमछा उनके गले की फांस है। सिर पर लाल टोपी और गले में नीला गमछा दो जून 1995 की घटना की याद दिलाता है कि गेस्ट हाउस कांड में सपा ने मायावती के साथ क्या किया था।
राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया। दलित महापुरुषों और बाबा साहब के नाम पर बने पार्कों और जिलों को खत्म करने का काम किया। दलितों के उत्थान और विकास के लिए महापुरुषों के नाम से बनी योजनाओं को भी खत्म किया गया।
*महापुरुषों से जुड़े पार्कों के लिए 500 करोड़*
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि योगी सरकार में सभी महापुरुषों का सम्मान सुरक्षित है। दलित महापुरुषों को सम्मान देने के साथ दलित नायकों को नई पहचान मिल रही है। महापुरुषों के नाम पर बने पार्कों में पुरानी हो चुकी प्रतिमाओं को बदलने, बाउंड्री कराने और सौंदर्यीकरण के अन्य कार्यों के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये दिए हैं और सभी जगह काम शुरू हो गया है।
उन्होंने कहा कि महापुरुषों को लेकर आज की सरकार जिस सोच के साथ काम कर रही है, ऐसी सोच सत्ता में रहते हुए अखिलेश यादव के मन में पैदा हुई होती तो शायद कुछ कदम आगे बढ़े होते। राजभर ने कहा कि अखिलेश जिस सोच को लेकर चल रहे हैं, उस पर 2027 में एक बार फिर पानी फिर जाएगा।