शहीद वीर सपूत स्वर्गीय श्री आनंद प्रकाश तिवारी जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि
इसौली विधानसभा के नेवरा गांव, कुड़वार, सुल्तानपुर निवासी, सशस्त्र सीमा बल (SSB) के वीर जवान स्वर्गीय श्री आनंद प्रकाश तिवारी जी के रायपुर, छत्तीसगढ़ में राष्ट्र सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

आज उनकी अंतिम यात्रा में सम्मिलित होकर तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए और नम आंखों से उनकी पुण्य आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

मां भारती की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूत सदैव हम सभी के हृदय में अमर रहेंगे। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।

ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
अंसल होम बायर्स को बड़ी राहत: सुशांत गोल्फ सिटी को पूरा करेगा LDA

लखनऊ। अंसल प्रॉपर्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप में वर्षों से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हजारों होम बायर्स के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में इस परियोजना को पूरा करने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

कैबिनेट की स्वीकृति के बाद अब एलडीए परियोजना को टेकओवर करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। परियोजना को पूरा कराने के लिए प्रस्ताव राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT) के समक्ष रखा जाएगा। सरकार के इस फैसले से करीब 5,000 होम बायर्स के हितों की रक्षा होने और लंबे समय से अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूरा कराने का रास्ता साफ हुआ है।

- वैध आवंटियों को मिलेंगे भूखंड और भवन

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक, प्राधिकरण के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। अब NCLT में परियोजना को पूरा करने संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। जिन खरीदारों के पक्ष में अंसल की ओर से रजिस्ट्री की जा चुकी है या जो नियमानुसार वैध आवंटी हैं, उन्हें नियमों के तहत भूखंड अथवा भवन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने घर या भूखंड के लिए इंतजार कर रहे हैं। साथ ही टाउनशिप में सड़क, पानी, सीवर, ड्रेनेज, पार्क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को पूरा कराया जा सकेगा।

- परियोजना पर हजारों करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित

एलडीए के प्रारंभिक आकलन के अनुसार परियोजना की अधिकतम संभावित देनदारी करीब 2,912 करोड़ रुपये है। वास्तविक देनदारी का निर्धारण अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) की प्रक्रिया के माध्यम से होगा। देनदारियों के भुगतान के लिए आवश्यक धनराशि एलडीए को सीड कैपिटल के तौर पर उपलब्ध कराई जाएगी। प्राधिकरण के अनुसार टाउनशिप के अधूरे विकास कार्यों, निवेशकों की देनदारियों के निस्तारण और अन्य जरूरी कार्यों को मिलाकर कुल खर्च करीब 5,000 करोड़ रुपये तक अनुमानित है। बाद में नए भूखंडों की बिक्री और परियोजना से होने वाली अन्य आय के माध्यम से शासन से उपलब्ध कराई गई धनराशि की भरपाई की जाएगी।

- 164 हेक्टेयर जमीन बेचने का भी सामने आया मामला

अंसल टाउनशिप में अनियमितताओं की जांच के लिए लखनऊ मंडलायुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी। जांच में शासकीय विभागों और होम बायर्स से जुड़े कई मामलों के अलावा जमीन की बिक्री में भी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया।जांच के अनुसार ग्राम समाज और नगर निगम की करीब 164 हेक्टेयर भूमि को बेचने का मामला सामने आया। इसके अलावा कंसोर्टियम की जमीन से संबंधित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है। इन मामलों को लेकर एलडीए की ओर से अंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।

- एलडीए में बंधक 3,489 भूखंडों में 2,747 की बिक्री का आरोप

टाउनशिप की शर्तों के तहत अंसल ने एलडीए के पास गारंटी के रूप में 3,489 भूखंड बंधक रखे थे। व्यवस्था यह थी कि यदि कंपनी टाउनशिप का विकास पूरा नहीं करती है तो प्राधिकरण इन भूखंडों की बिक्री से प्राप्त राशि का इस्तेमाल विकास कार्यों के लिए कर सकता है। जांच में आरोप सामने आया कि इनमें से 2,747 भूखंडों को बेच दिया गया। इन अनियमितताओं के सामने आने के बाद प्राधिकरण ने अंसल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।

- एक भी प्रस्तावित सब स्टेशन नहीं बन सका

सुशांत गोल्फ सिटी में बिजली आपूर्ति के लिए 440 केवीए और 220 केवीए समेत विभिन्न सब स्टेशन प्रस्तावित थे, लेकिन इनमें से किसी का निर्माण पूरा नहीं हो सका। करीब 50 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क भी अधूरा बताया गया है। इसके अलावा नलकूप, पेयजल पाइपलाइन, सीवर लाइन, पार्क और ड्रेनेज सिस्टम से जुड़े कई कार्य लंबित हैं। परियोजना के टेकओवर के बाद इन कार्यों को पूरा कराने की जिम्मेदारी एलडीए की होगी।

- अधूरे विकास कार्यों पर 2,216.91 करोड़ रुपये खर्च होंगे

एलडीए के आकलन के मुताबिक टाउनशिप में लंबित विकास कार्यों को पूरा कराने के लिए करीब 2,216.91 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।

- पॉकेट-1 से पॉकेट-4 में आधारभूत सुविधाओं पर करीब 453.10 करोड़ रुपये

- पॉकेट-5 के विकास पर करीब 1,126.52 करोड़ रुपये

- रेलवे ओवरब्रिज के शेष कार्यों पर करीब 114.28 करोड़ रुपये

- सब स्टेशन निर्माण पर करीब 523 करोड़ रुपये

इसमें सड़क, सीवरेज, पेयजल, ड्रेनेज, बिजली और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।

- 2005 में मिली थी टाउनशिप विकसित करने की मंजूरी

अंसल हाईटेक टाउनशिप परियोजना की शुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी। शासन ने 25 मई 2005 को हाईटेक टाउनशिप नीति के तहत अंसल प्रॉपर्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को लखनऊ में टाउनशिप विकसित करने का लाइसेंस जारी किया था। 22 मई 2006 को कंपनी की ओर से प्रस्तुत 1,765 एकड़ के डीपीआर को मंजूरी मिली। वर्ष 2009 में क्षेत्रफल बढ़ाकर 3,530 एकड़ किया गया और 2010 में इसके लिए डीपीआर स्वीकृत हुआ। दिसंबर 2013 में 2,935 एकड़ के अतिरिक्त विस्तार को मंजूरी मिलने के बाद प्रस्तावित टाउनशिप का कुल क्षेत्रफल 6,465 एकड़ हो गया। मई 2015 में 6,465 एकड़ के डीपीआर को मंजूरी दी गई। सितंबर 2015 में फेज-1 से फेज-4 के लिए 2,571.15 एकड़ का अंतिम लेआउट स्वीकृत हुआ, जबकि अगस्त 2016 में फेज-5 के लिए 958.85 एकड़ का लेआउट स्वीकृत किया गया। अप्रैल 2023 में कंपनी की ओर से 4,689.79 एकड़ क्षेत्रफल का नया डीपीआर प्रस्तुत किया गया, जिसे प्राधिकरण बोर्ड ने अनुमोदित किया था।

- दिवालिया प्रक्रिया के बीच एलडीए ने रखा अपना पक्ष

परियोजना में अनियमितताओं की जांच के लिए एलडीए ने फोरेंसिक ऑडिटर की नियुक्ति भी की थी। इसी दौरान NCLT में अंसल के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू हुई। एलडीए को पक्षकार बनाए बिना प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने पर प्राधिकरण ने संबंधित मंचों पर अपना पक्ष रखा। एलडीए ने अंतरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) के समक्ष अपने हितों और देयों से संबंधित करीब 4,490 करोड़ रुपये का दावा प्रस्तुत किया। इसके साथ ही सुशांत गोल्फ सिटी थाने में अंसल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। प्राधिकरण ने मामले को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (NCLAT) के समक्ष भी उठाया। उपलब्ध विवरण के अनुसार NCLAT ने एलडीए को आवश्यक पक्षकार माना और टाउनशिप को पूरा करने के संबंध में शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही रिजॉल्यूशन प्रक्रिया को लखनऊ की परियोजना तक सीमित किया गया।

फरवरी 2026 में IL&FS की ओर से NCLT की प्रक्रिया के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। अप्रैल 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए संबंधित पक्ष को NCLT के समक्ष अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए। अब प्रदेश कैबिनेट से एलडीए के टेकओवर प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सुशांत गोल्फ सिटी के अधूरे विकास कार्यों और वैध होम बायर्स के हितों से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

- टाउनशिप में अनियमित्ताओं पर अंसल के खिलाफ दर्ज करायी गयी है एफआईआर

मेसर्स अंसल प्रॉपर्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा हजारों होम बायर्स के अतिरिक्त विभिन्न शासकीय विभागों के साथ भी धोखाधडी एवं अनियमित्ताएं की गयीं। जांच में सामने आया कि अंसल ने ग्राम समाज और नगर निगम की लगभग 164 हेक्टेयर भूमि तक बेच डाली। इतना ही नहीं, अंसल ने कंसोर्टियम की भी जमीन फर्जीवाड़ा करके बेच डाली।

मेसर्स असंल ने एलडीए में गारंटी के तौर पर कुल 3489 भूखण्ड बंधक रखे थे। टाउनशिप की शर्तों के अनुसार यह भूखण्ड इसलिए बंधक रखे गए थे कि अगर अंसल इसका विकास नहीं कराएगा तो प्राधिकरण इन जमीनों को बेचकर कालोनी का विकास कराएगा। लेकिन, अंसल ने इममें से 2747 भूखण्डों को बेच दिया। जांच में ये तमाम अनियमित्ताएं सामने आने पर एलडीए द्वारा मेसर्स अंसल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करायी गयी है।

- अंसल हाईटेक टाउनशिप परियोजना- टाइमलाइन

दिनांक - 25 मई, 2005 को शासन द्वारा हाईटेक टाउनशिप नीति के अंतर्गत मेसर्स अंसल प्रॉपर्टी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को लखनऊ में टाउनशिप विकसित करने हेतु लाइसेंस जारी किया गया।

दिनांक-22 मई, 2006 को मेसर्स अंसल द्वारा प्रस्तुत किये गये 1765 एकड़ के डीपीआर को स्वीकृत किया गया।

दिनांक-03 जून, 2009 को क्षेत्रफल 1765 एकड़ से बढ़ाकर 3530 एकड़ करने की स्वीकृति दी गयी।

दिनांक-18 मई, 2010 को 3530 एकड़ हेतु डीपीआर स्वीकृत किया गया।

दिनांक-13 दिसम्बर, 2013 को अतिरिक्त 2,935 एकड़ क्षेत्रफल के दूसरे विस्तार की स्वीकृति दी गई, जिससे टाउनशिप का कुल क्षेत्रफल 6,465 एकड़ हो गया।

दिनांक-23 मई, 2015 को 6,465 एकड़ क्षेत्रफल का डीपीआर स्वीकृत किया गया।

दिनांक-22 सितम्बर, 2015 को फेज-1 से फेज-4 हेतु 2,571.15 एकड़ क्षेत्रफल का अंतिम ले-आउट स्वीकृत किया गया।

दिनांक-19 अगस्त, 2016 को फेज-5 हेतु 958.85 एकड़ क्षेत्रफल का ले-आउट स्वीकृत हुआ। इस प्रकार फेज-1 से फेज-5 तक कुल क्षेत्रफल 3,530 एकड़ रहा।

दिनांक-2 नवम्बर, 2021 को उच्च स्तरीय समिति की बैठक में मेसर्स अंसल द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

दिनांक-13 अप्रैल, 2023 को मेसर्स अंसल द्वारा 4,689.79 एकड़ क्षेत्रफल का डीपीआर प्रस्तुत किया गया, जिसे प्राधिकरण बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया।

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा टाउनशिप में अनियमित्ताओं की जांच हेतु फोरेंसिक ऑडिटर की नियुक्ति की गयी। इस बीच राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा एलडीए को पक्षकार बनाये बिना अंसल को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी।

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा आईआरपी के समक्ष अपने हितों एवं देयों से सम्बंधित 4490 करोड़ रूपये का दावा प्रस्तुत किया गया। साथ ही मेसर्स अंसल के खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाने में एफआईआर दर्ज करायी गयी।

लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा इस प्रकरण में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (एनसीएलएटी) के समक्ष अपील की गयी और मजबूती से अपना पक्ष रखा गया। एनसीएलएटी ने अपने आदेश में प्राधिकरण को आवश्यक पक्षकार माना तथा टाउनशिप पूर्ण करने के सम्बंध शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एनसीएलएटी द्वारा रेजुलेशन प्रक्रिया को मात्र लखनऊ की परियोजना तक सीमित कर दिया गया।

दिनांक-23 फरवरी, 2026 को आईएलएफएस द्वारा एनसीएलटी के नियमों के विरूद्ध सर्वाेच्च न्यायालय में अपील दाखिल की गयी। दिनांक-16 अप्रैल, 2026 को सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा अपील/याचिका खारिज करते हुए एलएनएलटी में अपना पक्ष रखने के निर्देश दिये गये।

डां.सीएल रस्तोगी के विदाई समारोह का हुआ आयोजन
प्रशासनिक क्षमता के बाजीगर थे डां.सीएल रस्तोगी- प्राचार्य डां.प्रियांक वर्मा

*सुल्तानपुर* मंगलवार को जिले के सुप्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सीएल रस्तोगी का स्वशासी राजकीय महाविद्यालय के मुख्य चिकित्साधिक्षक कार्यालय में विदाई समारोह आयोजित किया गया,जिसमें मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डां.प्रियांक वर्मा,मुख्य चिकित्साधिक्षक डाॅ.एसी गुप्ता,महिला चिकित्सालय के सीएमएस डाॅ.आरके यादव,डां.एसके पांडेय, ट्रामा सेंटर के हड्डी रोग विशेषज्ञ डां.समीर सुमन,डां.पवन सिंह, डां.आरए वर्मा,डां.गौरव,डां.अमोल रिबेलो डां.तारिक खान,डां.एसके श्रीवास्तव,डां.वसीम, डां.रवींद्र कुमार यादव, मैनेजर मीनू पाल,विजय चौधरी,अवनीश शाह,रुद्र प्रताप,फार्मासिस्ट लक्ष्मण स्वरूप, अनुराग गुप्ता,अनुराग पांडेय, विवेक श्रीवास्तव, अभिषेक, संजू व नर्सिंग स्टाफ मौजूद रही,डां.सीएल रस्तोगी बेहद सरल व शालीन व्यक्तित्व और अपने कार्यों को लेकर जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी रहे है,अस्थि रोग विशेषज्ञ के साथ ही सर्जरी के जादूगर माने जाते है,डां.सीएल रस्तोगी जनपद के डाक्टरों की पहली पसंद माने जाते है,डां.रस्तोगी के सेवानिवृत्त से स्वशासी राजकीय महाविद्यालय का न सिर्फ एक डाक्टर रिटायर्ड हुआ बल्कि एक समाजसेवी,एक बेहतरीन इंसान, मरीजों का एक अच्छा दोस्त और गरीबों की उम्मीद जो कभी भी सख्त लहजे में मरीज और उनके तीमारदारों से पेश न आया हो,डां.सीएल रस्तोगी का मेडिकल कॉलेज से रिश्ता जन्म से शुरु हुआ है,यही पैदा हुए यही नौकरी की शुरुआत और यही से सेवानिवृत्त का सौभाग्य मिला,विदाई समारोह में प्राचार्य डां.प्रियांक वर्मा,सीएमएस डां.एसी गुप्ता व मुख्य चिकित्साधिक्षक डां.आरके यादव ने डां.सीएल रस्तोगी की कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की तथा मौजूद डाक्टर्स व स्वशासी राजकीय महाविद्यालय के स्टाफ ने डां.सीएल रस्तोगी का सदैव आशीर्वाद के साथ सहयोग की अपेक्षा की,डां.सीएल रस्तोगी ने आश्वस्त करते हुए कहाकि जहां भी मेरी जरूरत आपसब को महसूस होगी मैं आपके साथ खड़ा मिलूंगा,कार्यक्रम का संचालन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश गौड ने किया,सीएमएस कार्यालय स्टाफ ने डां.सीएल रस्तोगी के वाहन की सजावट करके उन्हें विदाई का तोहफ़ा दिया।
बलीपट्टी रानीगांव मे गरजा बुलडोजर सरकारी जमीन पर पक्का निर्माण ध्वस्त

अर्थदंड सहित निष्पादन व्यय वसूल करने की हुई कार्यवाही

अमृतपुर, फर्रुखाबाद 15 सितंबर। किसी भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर शासन सत्ता की निगाहें सीधी नहीं है। प्रशासन हमेशा से ही सरकारी भूमि पर अवैध कबजेदारों को सचेत करता रहा है और उन्हें नोटिस भी देता है कि वह समय रहते सरकारी भूमि से अपने कब्जे को हटा ले। इसी क्रम में अमृतपुर तहसीलदार ने बड़ी कार्यवाही करते हुए सरकारी भूमि से अवैध कब्जे को बुलडोजर की मदद से हटा दिया। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य ध्वस्त करने से पहले वैधानिक रूप से कानूनी कार्रवाई करते हुए निर्माण कर्ता को नोटिस दिया गया था। इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। बलीपट्टी रानीगांव में सरकारी बंजर भूमि पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ तहसील प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पक्के निर्माण का ध्वस्तीकरण करा दिया। तहसीलदार एवं सहायक कलेक्टर प्रथम श्रेणी शशांक सिंह की मौजूदगी में प्रशासन और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया।न्यायालय तहसीलदार अमृतपुर में धारा 67, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 के तहत चले वाद में क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई। रिपोर्ट के अनुसार ग्राम बलीपट्टी रानीगांव स्थित बंजर भूमि के गाटा संख्या 2600/0.0200 हेक्टेयर में से करीब 0.0015 हेक्टेयर भूमि पर धर्मेन्द्र पुत्र लंकुश द्वारा पक्का निर्माण कर अनधिकृत कब्जा किया गया था।मामले में राजस्व विभाग की ओर से नियमानुसार नोटिस जारी किया गया। प्रतिवादी की ओर से 14 अगस्त को आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था, लेकिन पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद आपत्ति दाखिल नहीं की गई। न्यायालय ने उपलब्ध अभिलेखों, क्षेत्रीय लेखपाल की रिपोर्ट और नक्शा नजरी का परीक्षण करने के बाद सरकारी भूमि पर कब्जा पाए जाने पर बेदखली का आदेश पारित किया।
आदेश में कब्जेदार को भूमि से बेदखल करने के साथ 160 रुपये क्षतिपूर्ति/अर्थदंड तथा 1,000 रुपये निष्पादन व्यय वसूल किए जाने के निर्देश दिए गए। आदेश के अनुपालन में मौके पर पहुंची टीम ने अवैध कब्जे वाले पक्के निर्माण को ध्वस्त कर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त करा दिया।ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान तहसीलदार शशांक सिंह, कानूनगो दिनेश चंद्र शर्मा, लाल बहादुर, उपनिरीक्षक खूबेलाल, चौकी इंचार्ज राहुल कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई से सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कब्जा मिलने पर राजस्व कानून के तहत कार्रवाई करते हुए भूमि को कब्जामुक्त कराया जाएगा।
चयनित अभ्यर्थी 17 सितम्बर तक ले प्रवेश प्रधानाचार्य राजकीय
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हरदोई आरके श्रीवास्तव ने बताया है, कि राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद, उत्तर प्रदेश, अलीगंज, लखनऊ द्वारा प्रदेश में चल रहे राजकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आई०टी०आई०) में सत्र 2026 (छः माह), सत्र 2028-27 (एक वर्षीय) एवं सत्र 2026-28 (दो वर्षीय) के द्वितीय चरण व राजकीय /निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानो का प्रथम चरण के आवंटन के पश्चात् उच्चीकरण का चयन परिणाम घोषित किया गया है। अभ्यर्थी अपने चयन परिणाम की जानकारी के लिए वेबसाइट http://www.scvtup.in  अथवा देखें। द्वितीय चरण के प्रवेश की तिथि 12.09.2026 से 17.09.2026 तक (अवकाश सहित) निर्धारित है। अभ्यर्थी दिये गये लिंक पर क्लिक करे, एवं अपना पंजीकरण संख्या और जन्मतिथि अंकित करें। यदि अभ्यर्थी का चयन हुआ है, तो उसका बुलावा पत्र प्रदर्शित होगा, जिसका प्रिन्ट वह प्राप्त कर सकता है। अभ्यर्थी द्वारा ऑनलाइन आवेदन में दिये गये मोबाइल नम्बर पर चयनित अभ्यर्थी को उसके चयन की सूचना एसएमएस द्वारा भी दी जा रही है। चयन न होने की दशा में उसकी रैंक सूचना सहित प्रदर्शित होगी तथा अभ्यर्थी को अगले प्रवेश चरण की प्रतीक्षा करनी होगी। चयनित अभ्यर्थी अपने बुलावा पत्र की प्रति, समस्त मूल प्रमाण-पत्रों, अंक पत्रों की प्रति एवं उनकी एक-एक प्रमाणित प्रति तथा दो पासपोर्ट साइज फोटो के साथ सम्बन्धित चयनित संस्थान के प्रधानाचार्य से अन्तिम निर्धारित तिथि तक सम्पर्क करके संस्थान में उपलब्ध चयन लिस्ट से जाँच करवाने के उपरान्त अपना प्रवेश ले लें। अभ्यर्थी बुलावा पत्र में अंकित विवरण के अनुसार राजकीय एवंनिजी संस्थान में प्रवेश के समय अपग्रेडेशन प्रक्रिया में भाग लेने की स्थिति के अनुसार FREEZE (स्थिर) एवं FLOAT(विस्थापित) उपरोक्त दोनों विकल्पों में से किसी एक विकल्प का चयन करते हुए प्रवेश की कार्यवाही पूर्ण करानी होगी। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी अपने नजदीकी औद्योगिक प्रशिक्षण सस्थान से सम्पर्क कर सकता है।
चार महीने में 747 गर्भवती महिलाओं को मिला एफसीएम
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई, गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में पिहानी ब्लॉक के पंडरवा गांव की सुमन (बदला हुआ नाम) का हीमोग्लोबिन करीब 10 ग्राम प्रति डेसीलीटर था। सातवें माह तक पहुंचते-पहुंचते यह घटकर 7 ग्राम प्रति डेसीलीटर रह गया। आयरन-फॉलिक एसिड (आईएफए) की गोलियां लेने में दिक्कत के कारण वह उनका नियमित सेवन नहीं कर पा रही थीं। इस दौरान उन्हें कमजोरी भी महसूस होती थी।
आठवें माह में जांच के दौरान भी हीमोग्लोबिन कम पाया गया। चिकित्सकीय सलाह के बाद सुमन और उनके परिवार की सहमति से उन्हें फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज (एफसीएम) दिया गया। करीब एक माह बाद हुई जांच में उनका हीमोग्लोबिन बढ़कर 10 ग्राम प्रति डेसीलीटर हो गया। एफसीएम दिए जाने के बाद उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। इसके बाद उनका सामान्य प्रसव हुआ और उन्होंने 2.7 किलोग्राम वजन के स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।पिहानी की ही सविता का हीमोग्लोबिन 7 ग्राम प्रति डेसीलीटर था। चिकित्सकीय सलाह के बाद उन्हें एफसीएम दिया गया। करीब एक माह बाद हुई जांच में उनका हीमोग्लोबिन बढ़कर 11 ग्राम प्रति डेसीलीटर हो गया। लाभार्थियों के अनुसार, एफसीएम दिए जाने के बाद उन्हें किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं हुई और आयरन की गोलियों के सेवन में होने वाली दिक्कत से भी राहत मिली।चार महीने में 747 महिलाओं को मिला एफसीएम
गर्भवती महिलाओं में एनीमिया के उपचार के लिए एफसीएम की पहुंच लगातार बढ़ रही है। मई से अगस्त 2026 के बीच कहर ब्लॉक बिलग्राम, हरपालपुर, पिहानी और संडीला ब्लॉक कुल 747 महिलाओं को एफसीएम दिया गया।
मई में 19 महिलाओं को,  जून में यह संख्या बढ़कर 140, जुलाई में 303 और अगस्त में 285 हो गई।
ब्लॉकवार आंकड़ों के अनुसार, चार महीनों में पिहानी में 271, संडीला में 213, हरपालपुर में 175 और बिलग्राम में 88 महिलाओं को एफसीएम दिया गया।
पिहानी में जून में 22, जुलाई में 150 और अगस्त में 99 महिलाओं को एफसीएम दिया गया। संडीला में यह संख्या क्रमशः 69, 47 और 79, हरपालपुर में 24, 89 और 61 तथा बिलग्राम में 25, 17 और 46 रही।
अब तक कोई प्रतिकूल प्रभाव सामने नहीं आया
जिला महिला स्वास्थ्य परामर्शदाता  माही ने बताया कि एफसीएम प्राप्त करने वाली महिलाओं की उपचार के बाद निगरानी की जा रही है। अब तक एफसीएम दिए जाने के बाद किसी भी महिला में कोई प्रतिकूल प्रभाव सामने नहीं आया है।
समय पर पहचान और उपचार जरूरी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान एनीमिया की नियमित जांच और समय पर उपचार मां और बच्चे, दोनों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। वर्तमान में पायलट परियोजना के तहत जिले के चार ब्लॉकों में एफसीएम की सुविधा शुरू की गई है। एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं की स्थिति का चिकित्सकीय आकलन कर आवश्यकता के अनुसार उपचार दिया जा रहा है। एफसीएम भी चिकित्सकीय सलाह और निर्धारित पात्रता के आधार पर दिया जाता है। उपचार के बाद हीमोग्लोबिन की दोबारा जांच कर महिला के स्वास्थ्य में सुधार की निगरानी की जाती है।
उन्होंने कहा कि सुमन और सविता जैसे मामलों में समय पर जांच और उचित उपचार से हीमोग्लोबिन में सुधार देखने को मिला है। चार महीनों में 747 महिलाओं को एफसीएम दिया जाना इस दिशा में बढ़ती पहुंच को दर्शाता है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समय पर पहचान हो और जरूरत के अनुसार उन्हें प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर भाजपा कार्यालय में समीक्षा बैठक
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों को लेकर भाजपा जिला कार्यालय हरदोई में समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
बैठक में अवध क्षेत्रीय महामंत्री राजीव रंजन मिश्रा जी ने अभियान की तैयारियों का जायजा लेते हुए कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं संगठनात्मक सहभागिता की समीक्षा की तथा अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के 25 वर्षों के सेवाभाव, सुशासन और राष्ट्र निर्माण की यात्रा को जन-जन तक पहुंचाना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
बैठक में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष नितिन मित्तल, क्षेत्रीय मंत्री अंकित सिंह चंदेल, जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन सहित जिला पदाधिकारी एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जयपुर फ़िल्म महोत्सव के बाद अब कोलकाता में भी हरदोई का नाम रोशन करेगा म्यूजिक एल्बम
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई की माटी के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी क्रांतिकारी जयदेव कपूर के जीवन, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति पर आधारित म्यूजिक एल्बम “जयदेव कपूर – वीर योद्धा” ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जयपुर फ़िल्म महोत्सव के बाद अब इस एल्बम का टैगोर अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार 2026, कोलकाता के लिए भी आधिकारिक चयन हुआ है।वीडियो एल्बम के निर्माता जी म्यूजिक हरदोई के निदेशक गौरव अग्रवाल ने बताया कि आयोजकों की ओर से भेजे गए आधिकारिक संदेश में बताया गया है कि स्क्रीनिंग समिति द्वारा सावधानीपूर्वक मूल्यांकन के बाद “जयदेव कपूर – वीर योद्धा” को वर्ष 2026 के आधिकारिक चयन में स्थान दिया गया है। यह समारोह कोलकाता में आयोजित किया जाएगा।उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि हरदोई के लिए विशेष गौरव का विषय है, क्योंकि स्थानीय इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के एक वीर सेनानी की गाथा पर तैयार की गई इस संगीत प्रस्तुति को लगातार प्रतिष्ठित फ़िल्म समारोहों में पहचान मिल रही है।एल्बम में संगीत दे रहे संकेत तिवारी ने बताया कि “जयदेव कपूर – वीर योद्धा” के माध्यम से हरदोई के वीर स्वतंत्रता सेनानी जयदेव कपूर के साहस, संघर्ष, देशप्रेम और राष्ट्र के लिए उनके समर्पण को गीत एवं दृश्य प्रस्तुति के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
जी म्यूजिक हरदोई के गायक अमन सिंह ने बताया कि जी म्यूजिक और रेडियो जागो की तरफ़ से “जयदेव कपूर एक योद्धा” के नाम से एक ऑनलाइन गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है जिसमे कोई भी गायक निशुल्क प्रतिभाग कर सकता है अधिक जानकारी के लिए 9236972408 पर संपर्क किया जा सकता है
युवा छात्र प्रियंश अग्रवाल के निर्देशन में बनी यह फ़िल्म जयपुर फ़िल्म महोत्सव के बाद अब कोलकाता के प्रतिष्ठित टैगोर अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार 2026 में आधिकारिक चयन मिलना इस परियोजना की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे हरदोई के स्थानीय इतिहास, संस्कृति और वीर गाथाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ-साथ व्यापक मंच तक पहुंचने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है।
शासन प्रशासन की बेरुखी, बजट के अभाव और अवैध कब्जों के कारण कछौना की ड्रेनें बनीं मुसीबत

ब्यूरो रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई।* एक सप्ताह पूर्व में लगातार बारिश होने से कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र की जल निकासी की व्यवस्था उचित समय पर नाला, ड्रेनों की सफाई न होना, नालों व ड्रेनों पर अतिक्रमण के चलते आबादी क्षेत्र सहित किसानों के खेतों में जलभराव से हजारों बीघा किसानों की फसल अधिक जलभराव से सूख गई हैं। वही जनजीवन प्रभावित हो गया। कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र में जल निकासी हेतु ड्रेनों की अहम भूमिका होती है, परंतु कई वर्षों से सरकार की गलत नीतियों के चलते ड्रेनों की सफाई हेतु बजट स्वीकृत न होने व प्रभावशील लोगों व कंपनी द्वारा अतिक्रमण के कारण आम जनमानस के सामने जलभराव की ज्वलंत समस्या खड़ी हो गई है। यह ड्रेने सिंचाई विभाग के अंतर्गत आती हैं। बघौली ड्रेन, समसपुर ड्रेन, बालामऊ ड्रेन, ककरहिया ड्रेन, महरी ड्रेन, कछौना ड्रेन, कटियामऊ ड्रेन, गढ़ी कमालपुर ड्रेन, अलावलपुर ड्रेन, सैदूपुर ड्रेन, रैसों ड्रेन, सेमरी ड्रेन आदि की सफाई न होने के कारण घास, जलकुंभी के कारण पानी का बहाव सही तरीके से न होने के कारण जलभराव की समस्या खड़ी हो गई है। सबसे ज्वलंत समस्या रैंसों ड्रेन में है। औद्योगिक क्षेत्र में स्थित पेप्सी प्लांट कंपनी ने रैंसों ड्रेन के बहाव पर अतिक्रमण कर सामने से एक पतली नाली निकाल दी। जिससे पानी सही तरीके से न निकलने के कारण रैसों ड्रेन के अंतर्गत ग्राम, गौहानी, गढ़ीकमालपुर, शमशेर नगर, बराही, ककरहिया, गढ़ी, सुजानपुर, पूरा, मल्हपुर, नैरा, धौतेरा, कुडरी, कटियामऊ, समधा, खेरवा, रैसों, बघुआमऊ, अलावलपुर, फार्म खेड़ा आदि ग्राम ज्यादा प्रभावित हुए हैं। जिसके कारण सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। किसानों की गाड़ी कमाई खराब हो गई। किसानों में काफी आक्रोश है। कहीं कस्बा से निकली कछौना ड्रेन पर अतिक्रमण व सफाई न होने के कारण कस्बा का मुख्य मार्ग सहित मोहल्लों में जलभराव हो गया था, यहां तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना में पानी भरने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई थी। समसपुर ड्रेन की कई वर्षों से सफाई न होने के कारण मतुआ से पुरवा संपर्क मार्ग पर पानी पूरी तरह से भर गया। दर्जनों गांव का आवागमन बंद हो गया। मतुआ गांव में कच्चे मकान गिरने लगे। आक्रोशित ग्रामीणों ने समय रहते ड्रेन की सफाई न होने व तालाब आवंटन संचालक द्वारा ड्रेन में लोहे का जाल लगाने के कारण कोतवाली कछौना में विरोध प्रदर्शन किया था। वही मोहाई, देवनपुर, त्यौरी, तकिया ग्रामों का पानी गौड़ेला तालाब से पवना तालाब होते हुए समसपुर ड्रेन से संई नदी में जाने का प्रावधान था। परंतु हाईवे निर्माण के दौरान पीएमसी कंपनी ने बीएसएनएल टॉवर के पास जल निकासी हेतु पुलिया को बंद कर दिया हैं। जिसके कारण मोहाई, त्यौरी, तकिया, देवनपुर आदि गांव के किसानों की सैकड़ो बीघा फसल जल भराव से खराब हो गई। उनके सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया। वही तेरवा साइफन पर ग्रामीणों ने पानी के बहाव के रास्ते को बंद कर दिया। वहीं मुख्य मार्ग हाईवे एनएच 731 में जगह-जगह भवन स्वामियों ने निर्माण के दौरान अपने प्रतिष्ठान, घर के सामने जल निकासी हेतु नाला, ड्रेन पर अतिक्रमण करने से जलभराव की समस्या हो गई। लोगों की सैकड़ो बीघा फसल खराब होने से काफी नुकसान हुआ है। जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा है। इस ज्वलंत मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय विकास जन आंदोलन के संयोजक रामखेलावन कनौजिया ने बताया शीघ्र शासन प्रशासन को ज्ञापन देकर अवगत कराया जाएगा। शासन प्रशासन द्वारा ठोस कदम न उठाए जाने पर न्यायालय की शरण में जाकर भविष्य में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी।
जिलाअधिकारी ने सुनी जन समस्याएं
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई आज जिलाधिकारी अनुनय झा ने कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई करते हुए आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों को सुना। जनसुनवाई के दौरान कुल 83 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके त्वरित निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। जनसुनवाई में विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याओं एवं शिकायतों से जिलाधिकारी को अवगत कराया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त कुछ शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही समाधान कराया तथा शेष शिकायतों के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट मयंक कुंडू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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