पुरानी नियमावली व पुराने पैटर्न पर TGT-PGT विज्ञापन की मांग को लेकर आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी

20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर तत्काल विज्ञापन जारी करने की मांग, युवा मंच ने आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी

प्रयागराज, 07 सितम्बर 2026। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक एवं इंटर कॉलेजों में रिक्त शिक्षक पदों पर पुरानी नियमावली एवं पुराने पैटर्न के आधार पर TGT-PGT भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर युवा मंच का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन आज आठवें दिन तथा आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा।

युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि लगभग 20 हजार से अधिक रिक्त शिक्षक पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलनरत हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता से अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है।

उन्होंने कहा कि 16 सितम्बर 2025 से पहले से रिक्त पदों पर नई नियमावली के बजाय उस समय लागू पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए। नई नियमावली में किए गए विभिन्न बदलावों से बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों के अवसर प्रभावित हो रहे हैं, जो वर्षों से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं।

इन मुद्दों पर पुनर्विचार की मांग

युवा मंच ने नई नियमावली में किए गए बदलावों की समीक्षा करते हुए प्रवक्ता पदों पर बीएड की अनिवार्यता, हिन्दी में इंटर स्तर पर संस्कृत की अनिवार्यता, प्राविधिक कला के अभ्यर्थियों को अवसर से वंचित किए जाने, संगीत में बीएड की अनिवार्यता, अंग्रेजी में लेक्चरर एवं लैंग्वेज की योग्यता में बदलाव, शारीरिक शिक्षा में सीपीएड को बाहर किए जाने, गृह विज्ञान में बीएड की अनिवार्यता तथा सामाजिक विज्ञान सहित अन्य विषयों की बदली हुई अर्हताओं पर पुनर्विचार की मांग की है।

आमरण अनशन पर बैठीं शिमला पटेल, मीना देवी, रोशन सरोज, अभिषेक कुमार एवं प्रवीण यादव ने कहा कि पुरानी नियमावली एवं पुराने पैटर्न पर विज्ञापन जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

अनिल सिंह ने कहा कि यह लड़ाई केवल कुछ अभ्यर्थियों की नहीं, बल्कि लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के अवसर और भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की कि छात्रहित एवं समान अवसर को ध्यान में रखते हुए पुरानी नियमावली एवं पुराने पैटर्न को बहाल कर लगभग 20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर विज्ञापन शीघ्र जारी किया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो युवा मंच आंदोलन को और व्यापक रूप देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

आमरण अनशन में प्रमुख रूप से: अखिलेश वर्मा, ब्रिजेश सिंह, भानु प्रताप शुक्ल, ब्रिजेश तिवारी, प्रमोद दूबे, राकेश अग्रहरि, दीपा सिंह, नीतू, कपिल देव उपाध्याय, पंकज त्रिपाठी, रमेश पांडेय, एल. के. चौधरी, मंजेश्वरी, सौरभ, विकास, राजेंद्र वर्मा एवं प्रशांत सिंह सहित अन्य अभ्यर्थी मौजूद रहे।

मानपुर की मिट्टी में आज भी जिंदा है ‘जय हिन्द’ की देशभक्ति


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,जिस गांव की मिट्टी ने स्वतंत्रता के लिए अपना बेटा दिया हो, उस गांव के लिए वह केवल इतिहास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का दीपक होता है।
आज हमारे गांव मानपुर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं आजाद हिन्द फौज के वीर सेनानी स्वर्गीय शिव गोविंद सिंह ‘जय हिन्द’ की जयंती पर आयोजित समारोह में शामिल होने का अवसर मिला। यह केवल एक समारोह नहीं था, बल्कि उस महान व्यक्तित्व को स्मरण करने का अवसर था, जिसने देश की आजादी के लिए अपना जीवन, सुख और परिवार तक पीछे छोड़ दिया।

कार्यक्रम में उनके त्याग, संघर्ष और आजाद हिन्द फौज में निभाई गई भूमिका की गौरवगाथा सुनाई गई। बताया गया कि देश की स्वतंत्रता के संघर्ष के दौरान वे लगभग 15 वर्षों तक अपने गांव और परिवार से दूर रहे। उनका यह त्याग हमें यह सोचने के लिए विवश करता है कि आज हम जिस स्वतंत्र हवा में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे कितने परिवारों के आंसू, कितने युवाओं का संघर्ष और कितने वीरों का त्याग छिपा है।

इस अवसर पर बारा विधानसभा के माननीय विधायक श्री वाचस्पति जी, CRPF के पूर्व IG श्री चंद्र प्रताप सिंह जी, सेना से सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर  मुकेश मिश्रा जी, जसरा ब्लॉक प्रमुख जी, मानपुर-कचरा के प्रतिष्ठित नागरिक, गांव के वरिष्ठजन एवं पत्रकार बंधु उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय शिव गोविंद सिंह ‘जय हिन्द’ के जीवन और देश के प्रति उनके समर्पण को श्रद्धापूर्वक याद किया।
मानपुर—सैनिकों की परंपरा वाला गांव
मानपुर की अपनी एक गौरवशाली सैनिक परंपरा रही है। सदियों से इस गांव के नौजवान देश की रक्षा के लिए सेना में जाते रहे हैं। आज भी प्रयागराज जिले के उन गांवों में मानपुर का नाम गर्व से लिया जा सकता है, जहां बड़ी संख्या में युवा सेना में सेवा दे रहे हैं और अनेक पूर्व सैनिक सेवानिवृत्त होकर गांव की सेवा कर रहे हैं।इसलिए स्वर्गीय शिव गोविंद सिंह ‘जय हिन्द’ की कहानी मानपुर के लिए केवल अतीत की कहानी नहीं है। वह इस गांव की उस परंपरा का प्रतीक है, जिसमें देश पहले और स्वयं बाद में आता है।
इस आयोजन का विशेष श्रेय उनके पौत्र महराज सिंह जी को जाता है, जिन्होंने अपने दादा की स्मृति और उनके राष्ट्रप्रेम को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया। ऐसे प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय हैं, क्योंकि जब परिवार अपने पूर्वजों के संघर्ष और त्याग को अगली पीढ़ी तक पहुंचाते हैं, तभी इतिहास जीवित रहता है।
नई पीढ़ी के नाम एक संदेश
आज की युवा पीढ़ी के पास सुविधाएं हैं, तकनीक है, शिक्षा है और आगे बढ़ने के अनेक अवसर हैं। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि इन सुविधाओं और स्वतंत्रता की नींव उन लोगों ने रखी थी, जिन्होंने अपने वर्तमान को देश के भविष्य के लिए कुर्बान कर दिया।
शिव गोविंद सिंह ‘जय हिन्द’ जैसे वीरों की जिंदगी हमें सिखाती है कि जीवन की सफलता केवल धन, पद या प्रतिष्ठा में नहीं है। सच्ची सफलता इस बात में है कि हम अपने देश, समाज, परिवार और अपनी जन्मभूमि के लिए क्या योगदान दे पाए।
नई पीढ़ी से मेरा आग्रह है कि वह अपने गांव, अपने पूर्वजों और अपने सैनिकों की गौरवशाली परंपरा को जाने। अपने माता-पिता और बुजुर्गों के अनुभवों को सुने और देश के प्रति अपने कर्तव्य को समझे। मोबाइल और सोशल मीडिया की दुनिया से बाहर निकलकर कभी-कभी उन लोगों की जिंदगी भी पढ़िए, जिनके त्याग के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में अपना जीवन जी रहे हैं।
हमारे गांव के ऐसे वीर केवल हमारे पूर्वज नहीं हैं—वे हमारी पहचान हैं, हमारा गौरव हैं और हमारी आने वाली पीढ़ियों के मार्गदर्शक हैं।
स्वर्गीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिव गोविंद सिंह ‘जय हिन्द’ को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन।
उनकी देशभक्ति, त्याग और संघर्ष की गाथा सदैव हमारे हृदय में जीवित रहे।
TGT-PGT 2026: पुरानी नियमावली व पुराने पैटर्न पर 20 हजार पदों का विज्ञापन जारी कराने की मांग को लेकर तीसरे दिन भी धरना जारी
प्रयागराज । पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर TGT-PGT 2026 के लगभग 20 हजार रिक्त पदों पर विज्ञापन जारी कराने की मांग को लेकर प्रयागराज में चल रहा धरना-प्रदर्शन आज तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनरत अभ्यर्थियों ने सरकार से तत्काल छात्रहित में निर्णय लेते हुए पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।

जिला प्रशासन की ओर से आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया गया कि 5 सितंबर 2026 को माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक प्रस्तावित है, जिसमें TGT-PGT अभ्यर्थियों की मांगों एवं छात्रहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद 3 सितंबर 2026 को प्रस्तावित आमरण अनशन को अब 5 सितंबर 2026 तक स्थगित किया गया है।

युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि सरकार को प्रदेश के नौजवानों की पीड़ा और उनके भविष्य को गंभीरता से समझना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे नियम, जिनसे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में अवसर से वंचित हो रहे हैं, उन्हें निरस्त कर पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर TGT-PGT 2026 का विज्ञापन जारी किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के सात लाख से अधिक प्रभावित नौजवानों को भर्ती प्रक्रिया में अवसर मिल सकेगा। लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को ऐसा निर्णय लेना चाहिए, जिससे अधिकतम योग्य अभ्यर्थियों को प्रतिस्पर्धा का अवसर प्राप्त हो।

अनिल सिंह ने कहा कि शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा TGT-PGT भर्ती प्रक्रिया में TET, सामान्य अध्ययन और माइनस मार्किंग जैसे प्रावधानों को लेकर अभ्यर्थियों में व्यापक असंतोष है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के बीच अचानक नियमों एवं परीक्षा पैटर्न में बदलाव करना अभ्यर्थियों के हित में नहीं है।

उन्होंने कहा कि अचानक गजट जारी कर नियमों में बदलाव करने से वर्षों से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हुआ है। सरकार एवं शिक्षा सेवा चयन आयोग की नीतियां छात्रहित एवं पारदर्शिता पर आधारित होनी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक योग्य युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में अवसर मिल सके।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार 5 सितंबर की बैठक में अभ्यर्थियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो नौजवानों का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और पुरानी नियमावली तथा पुराने पैटर्न की बहाली की मांग को लेकर संघर्ष को और मजबूती दी जाएगी।

आंदोलनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि TGT-PGT 2026 के लगभग 20 हजार रिक्त पदों पर तत्काल विज्ञापन जारी किया जाए तथा पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न को बहाल करते हुए सभी पात्र अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान किया जाए।

इस अवसर पर शिमला पटेल, कंचन सिंह, प्रवीण यादव, अभिषेक कुमार, रोशन कुमार, संतोष यादव, एल. के. चौधरी, अशोक सिंह, भानु प्रताप शुक्ल, कपिल उपाध्याय, ब्रिजेश सिंह, ब्रिजेश तिवारी, पंकज त्रिपाठी, अमर दीप सिंह, दीपा सिंह, रिंकी चौहान, अखिलेश वर्मा, कपिल देव वर्मा, विकास सिसौदिया, कमलाकर सिंह, राकेश अग्रहरि, रंजन वर्मा, प्रमोद त्रिपाठी, प्रशांत सिंह, राजेन्द्र वर्मा सहित सैकड़ों अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
भटपुरा में लगातार बारिश से चलते तालाब में पानी की मात्रा बढ़ने जल निकासी की समस्या

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज , यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत शंकरगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत लालापुर भटपुरा में लगातार बारिश के चलते तालाब में पानी की मात्रा बढ़ने से जलनिकासी की समस्या गंभीर हो गई है। तालाब का पानी बढ़ने के कारण बारिश का पानी आसपास के घरों और आने-जाने वाले रास्तों पर फैल गया है, जिससे आम जनमानस को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए ग्राम प्रधान शंकर लाल पांडेय ने तत्काल पहल करते हुए तालाब में मशीन लगवाकर पानी को बाहर निकालने का काम शुरू कराया। पानी की निकासी होने से जलभराव वाले इलाकों में राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पानी की निकासी नहीं की जाती तो घरों तक पानी पहुंचने के साथ रास्तों पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो सकता था। ग्राम प्रधान की ओर से की गई इस तत्काल कार्रवाई से फिलहाल ग्रामीणों को राहत मिल रही है, लेकिन लगातार बारिश को देखते हुए तालाब की जलनिकासी व्यवस्था को लेकर स्थायी समाधान की जरूरत भी सामने आ रही है।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय शिव गोविंद सिंह जय हिंद का संक्षिप्त जीवन परिचय

  विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। बारा तहसील जसरा के अंतर्गत मानपुर गांव के शिव गोविंद सिंह जिन्हें जय हिंद उपनाम से जाना जाता था। एक वीर और समर्पित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे।
जन्म एवं प्रारंभिक जीवन परिचय। स्वर्गीय शिव गोविंद सिंह का जन्म 2 सितंबर 1910 को मानपुर गांव में पिता मानसिंह के घर हुआ था। प्रारंभिक जीवन बचपन से ही देशभक्त की भावना प्रबल थी। अंग्रेजी शासन के अत्याचारों के कारण अंग्रेजों की प्रति गहरी नफरत थी।
विवाह-पढ़ाई के दौरान ही इनका विवाह इसराई
देवी से हुआ।स्वतंत्रता संग्राम और आजाद हिंद फौज-जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज आई एन आई का गठन किया। तब शिव गोविंद सिंह घर परिवार और पढ़ाई छोड़कर इसमें शामिल हो गए। वह आजाद हिंद फौज की सिपाही बनकर जंग में कूद पड़े। युद्ध के दौरान अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया मुकदमा चलाया गया उन्हें काला पानी की सजा सुनाई गई। हर कष्ट को सहते हुए हुए केवल जय हिंद का नारा बुलंद करते थे। आजादी के बाद जब जेल से रिहा हुए तब वह अपने गांव लौटकर हर बात पर जय हिंद बोलते थे। इसीलिए उनका उपनाम जय हिंद पड़ गया। आजादी के बाद गांव में रहकर समाज की सेवा किया 10 जनवरी 1997 को उनका निधन हो गया। वर्तमान में उनके परिवारजन जय हिंद सेवा ट्रस्ट के माध्यम से समाज सेवा कर उनकी देशभक्ति की स्मृति को जीवित रखे हुए हैं।
करछना के भिटारिया में धूमधाम से मना बहुला चौथ पर्व, गौ-पूजन कर महिलाओं ने रखा संतान की लंबी उम्र का व्रत

*ममता सिंह और सुमन सिंह ने किया पारण, चंद्रोदय के साथ संपन्न हुआ हेरंब संकष्टी चतुर्थी व्रत*


प्रयागराज

Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह
करछना क्षेत्र के भिटारिया गांव में सोमवार को बहुला चौथ और हेरंब संकष्टी चतुर्थी का पर्व बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर महिलाओं ने सुबह से ही निर्जल व्रत रखकर गौ माता और बछड़े की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

इस दौरान ममता सिंह पत्नी अजय सिंह और सुमन सिंह पत्नी राजेश सिंह ने अपने घर पर कथा का आयोजन किया, जिसमें गांव की कई महिलाओं ने भाग लिया। महिलाओं ने बहुला चौथ की पौराणिक कथा सुनी और अपनी संतान की मंगल कामना, सुख-समृद्धि व परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

शाम ढलने के बाद सभी व्रती महिलाएं चंद्रोदय का इंतजार करती रहीं। प्रयागराज में रात करीब 8:52 से 9:18 बजे के बीच चाँद दिखाई देने पर महिलाओं ने चंद्रमा को अर्घ्य दिया, छलनी से चाँद और पति के दर्शन किए और व्रत का पारण किया।

व्रत संपन्न होने के बाद प्रसाद वितरण किया गया और महिलाओं ने एक-दूसरे को बधाइयाँ दीं। पूरे गांव में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।
भारी बारिश के बावजूद दूसरे दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन धरना, पुरानी नियमावली व पुराने पैटर्न पर परीक्षा कराने की मांग तेज
सरकार तत्काल निर्णय ले, अन्यथा आमरण अनशन के लिए मजबूर होंगे अभ्यर्थी : अनिल सिंह

प्रयागराज।TGT-PGT भर्ती में पुरानी नियमावली बहाल करने, पुराने पैटर्न के आधार पर परीक्षा कराने तथा रिक्त पदों पर तत्काल विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर प्रयागराज के पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस धरना स्थल पर युवा मंच के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन आज दूसरे दिन भी जारी रहा।

भारी बारिश के बावजूद आंदोलनरत छात्र-छात्राओं के हौसले में कोई कमी नहीं आई। अभ्यर्थी तिरपाल के टेंट लगाकर लगातार धरना स्थल पर डटे हुए हैं और सरकार से पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांग लंबे समय से सरकार और संबंधित विभाग के समक्ष रखी जा रही है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि छात्रों की मांग पूरी तरह जायज है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार युवाओं की आवाज को गंभीरता से नहीं लेती और पुरानी नियमावली तथा पुराने परीक्षा पैटर्न को बहाल करने के संबंध में तत्काल निर्णय नहीं करती है, तो इसका जवाब युवाओं की ओर से लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा और आने वाले चुनावी माहौल में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि पुरानी नियमावली एवं पुराने पैटर्न को बहाल कर तत्काल विज्ञापन जारी किया जाना चाहिए, ताकि लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके। छात्रों ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है कि यदि सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और अभ्यर्थी आमरण अनशन जैसे कठोर लोकतांत्रिक कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।
शिक्षक विधायक मान सिंह  यादव ने कहा कि छात्रों की मांग जायज है। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर छात्रों की आवाज को सड़क से सदन तक मजबूती से उठाया जाएगा और अभ्यर्थियों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।

वहीं कांग्रेस के गंगापार जिला अध्यक्ष ने भी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को छात्रों की मांग को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुरानी नियमावली, पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा विज्ञापन जारी करने के संबंध में निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार भाषणों और सभाओं में युवाओं को रोजगार देने की बात करती है, लेकिन यदि भर्ती प्रक्रिया में लगातार नियमों में बदलाव कर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को अवसर से वंचित किया जाता है, तो इससे युवाओं में स्वाभाविक रूप से आक्रोश पैदा होता है। सरकार को युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तत्काल सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
अशोक सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लगभग सात लाख से अधिक अभ्यर्थी नई नियमावली लागू होने से प्रभावित हुए हैं। ऐसे में सरकार को छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर विज्ञापन जारी करने के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को आवश्यक आदेश-निर्देश देना चाहिए, जिससे अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में अवसर मिल सके और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।

आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर अखिलेश वर्मा, अमित पांडेय, प्रदीप सिंह,सतीश सिंह, कपिल वर्मा, बृजेश सिंह, राकेश गुप्ता, अमित शुक्ला, संतोष चौहान,एल के चौधरी, सूर्य केश,रीता केसरवानी, अनीता यादव,रिंकी चौहान, प्यूषिका,शिमला पटेल,दीपा सिंह,अनीता सिंह सहित सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे।
कौशांबी में बारूद के ढेर में तब्दील हुआ मकान, धमाकों से दहला मनौरी, 11 की मौत, दर्जनों घायल

कई मकान मलबे में तब्दील, एक ही परिवार के पांच लोगों की गई जान; मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी टीमें, एयरफोर्स ने भी संभाला मोर्चा

प्रयागराज/कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी में सोमवार दोपहर हुआ पटाखा फैक्टरी विस्फोट पूरे इलाके के लिए ऐसी त्रासदी बन गया, जिसकी भयावह तस्वीरें लंबे समय तक लोगों के जेहन में रहेंगी। मनौरी बाजार के पास महमूदपुर-मोहम्मदपुर इलाके में पटाखा बनाने और रखने के दौरान अचानक आग लगी और देखते ही देखते तेज धमाकों का सिलसिला शुरू हो गया। एक के बाद एक हुए विस्फोटों ने न सिर्फ फैक्टरी को मलबे में बदल दिया, बल्कि आसपास के कई मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया।

ताजा रिपोर्टों के मुताबिक हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना बनी हुई है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

अचानक उठा धुआं, फिर गूंजने लगे धमाके

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 12 बजे पटाखा फैक्टरी की ओर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले तेज धमाका हुआ और इसके बाद लगातार विस्फोट होने लगे। पटाखों में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया।धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। पूरा मनौरी बाजार दहशत में आ गया। लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। कुछ ही देर में घटनास्थल के आसपास धुएं का घना गुबार छा गया।

धमाके की चपेट में आए आसपास के मकान

विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि फैक्टरी के आसपास बने कई मकान क्षतिग्रस्त होकर गिर गए। कुछ रिपोर्टों में फैक्टरी के आसपास के 5 से 7 मकानों के ढहने की जानकारी सामने आई है, जबकि स्थानीय स्तर पर इससे अधिक मकानों के प्रभावित होने की बात कही जा रही है।धमाके से आसपास के मकानों के शीशे टूट गए और ईंट-पत्थर दूर तक जा गिरे। इलाके में मलबा, धुआं और जले हुए सामान का ढेर दिखाई देने लगा। लगातार धमाकों के कारण शुरुआत में राहतकर्मियों के लिए घटनास्थल के करीब पहुंचना भी मुश्किल रहा।

एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से मातम

हादसे ने एक परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। फैक्टरी के समीप रहने वाले गया प्रसाद साहू का मकान भी विस्फोट की चपेट में आकर ढह गया। मलबे में गया प्रसाद, उनकी पत्नी उर्मिला और उनके तीन बेटों आदित्य, रवि और छोटू के दबे होने की सूचना मिली।काफी मशक्कत के बाद राहत टीमों ने मलबा हटाकर परिवार के सदस्यों के शव बाहर निकाले। एक साथ पांच लोगों की मौत की खबर से गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मलबे में जिंदगी की तलाश, जेसीबी से हटाया जा रहा मलबा

हादसे के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे में दबे लोगों को तलाशना है। पुलिस, प्रशासन, फायर सर्विस और राहत दलों ने जेसीबी तथा अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाना शुरू किया।रेस्क्यू टीमों को आशंका है कि फैक्टरी और आसपास के ढहे मकानों के मलबे में अभी भी लोग फंसे हो सकते हैं। इसी वजह से बचाव अभियान को बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

गंभीर घायलों को प्रयागराज रेफर किया गया

विस्फोट में झुलसे और मलबे में दबे लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया। गंभीर हालत वाले घायलों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल भेजा गया है। कुछ घायलों को वेंटिलेटर पर रखे जाने की भी जानकारी सामने आई है।अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को अलर्ट किया गया है। घायलों के परिजन अस्पताल पहुंच रहे हैं और अपनों की सलामती की जानकारी लेने के लिए परेशान हैं।

हादसे के बाद मौके पर पहुंचे आला अधिकारी

घटना की सूचना मिलते ही कौशांबी और प्रयागराज प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव अभियान की निगरानी शुरू की।प्रयागराज और कौशांबी से पुलिस बल, दमकल की गाड़ियां और एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं। एयरफोर्स की टीम ने भी राहत-बचाव अभियान में सहयोग किया। घटनास्थल एयरफोर्स स्टेशन के आसपास होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को भी गंभीरता से लिया गया।

एंबुलेंस में देरी के आरोप, घायलों को निजी साधनों से पहुंचाया अस्पताल

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने राहत व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। परिजनों के अनुसार, शुरुआती दौर में एंबुलेंस की कमी के कारण कुछ घायलों को चारपाई और स्थानीय वाहनों की मदद से अस्पताल तक पहुंचाना पड़ा।घायलों को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से अतिरिक्त एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने अस्पतालों में उपचार व्यवस्था की निगरानी भी की।

रिहायशी इलाके में पटाखा निर्माण ने खड़े किए गंभीर सवाल

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल पटाखा फैक्टरी के संचालन को लेकर उठ रहा है। बताया जा रहा है कि पटाखों का निर्माण और भंडारण एक मकान में किया जा रहा था, जबकि आसपास आबादी भी मौजूद थी।

अब प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि फैक्टरी को पटाखा निर्माण और भंडारण की अनुमति मिली थी या नहीं। अग्निशमन व्यवस्था, विस्फोटक सामग्री रखने के नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इसकी भी जांच होगी। हादसे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

मुख्यमंत्री ने लिया हादसे का संज्ञान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशांबी में हुए हादसे का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

जांच के बाद सामने आएगी हादसे की असली वजह

फिलहाल पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही फैक्टरी में आग लगने और विस्फोट होने की वास्तविक वजह की जांच शुरू कर दी गई है।

फैक्टरी में कितनी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मौजूद थी, सुरक्षा मानकों का कितना पालन हुआ और रिहायशी इलाके में इस तरह का कारोबार किसकी अनुमति से चल रहा था—इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आएंगे। राहत अभियान पूरा होने के बाद ही हादसे में जान गंवाने वालों और घायलों की अंतिम संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
मूसलाधार बारिश से कच्चा मकान ढहा, परिवार बेघर - पड़ोसियों ने दिया सहारा

*पीएम आवास के लिए आवेदन के बाद भी नहीं मिला लाभ, प्रधान ने की मदद की मांग*



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है और जगह-जगह जलजमाव से परेशानी बढ़ गई है। इसी बीच जसरा नई बाजार में सोमवार सुबह एक गरीब परिवार का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार घर से बाहर था, जिससे जनहानि नहीं हुई, लेकिन गृहस्थी का सारा सामान मलबे में दबकर बर्बाद हो गया।

नई बाजार निवासी सीता देवी पत्नी ओमप्रकाश का परिवार लंबे समय से जर्जर कच्चे मकान में रह रहा था। लगातार बारिश और जलजमाव से दीवारों में सीलन आ गई थी। आर्थिक तंगी के कारण मरम्मत नहीं हो पाई थी। सुबह अचानक दीवार गिरी और खपरैल भी ढह गया। अंदर रखा गेहूं-चावल, कपड़े, बर्तन सहित सारा सामान मलबे में दब गया और परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया। पड़ोसियों ने मानवता दिखाते हुए परिवार को अपने घर में शरण दी और भोजन की व्यवस्था की।

पीड़ित ओमप्रकाश ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन किया था, सर्वे और रिपोर्ट भी हो चुकी है, लेकिन लाभ नहीं मिला, इसलिए मजबूरन जर्जर मकान में रहना पड़ रहा था। सूचना पर ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक ने मौके का निरीक्षण कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया और पीड़ित परिवार को शीघ्र आवास व आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।
BRC घूरपुर में चोरों का तांडव, लाखों के सरकारी उपकरण और अभिलेख चोरी

रविवार रात ताला तोड़कर लैपटॉप, प्रिंटर, बैटरी और DVR ले उड़े, पुलिस जांच में जुटी



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। यमुनानगर तहसील बारा अंतर्गत जसरा विकासखंड के ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) घूरपुर में रविवार रात अज्ञात चोरों ने कार्यालय का ताला तोड़कर लाखों के सरकारी उपकरण और महत्वपूर्ण अभिलेख चोरी कर लिए। घटना का पता सोमवार सुबह कर्मचारियों के पहुंचने पर चला।

कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार 30 अगस्त की रात चोर मुख्य द्वार का ताला तोड़कर अंदर घुसे और दो इनवर्टर-बैटरियां, एक प्रिंटर, एक लैपटॉप, चार्जर, आधार किट उपकरण, GPS डिवाइस और CCTV कैमरों का DVR चुरा ले गए। चोरों ने सेवा पुस्तिका वाली अलमारी सहित तीन अन्य अलमारियों के लॉक भी तोड़ दिए, जिससे अभिलेखों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

सोमवार सुबह करीब 10 बजे कर्मचारियों ने ताले टूटे देख पुलिस को सूचना दी। डायल 112 टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। खंड शिक्षा अधिकारी अखिलेश वर्मा ने थाना प्रभारी घूरपुर को पत्र भेजकर FIR दर्ज कर शीघ्र खुलासे की मांग की है। पुलिस आसपास के CCTV फुटेज और सुरागों के आधार पर जांच कर रही है।