भारी बारिश के बावजूद दूसरे दिन भी जारी रहा अनिश्चितकालीन धरना, पुरानी नियमावली व पुराने पैटर्न पर परीक्षा कराने की मांग तेज
सरकार तत्काल निर्णय ले, अन्यथा आमरण अनशन के लिए मजबूर होंगे अभ्यर्थी : अनिल सिंह
प्रयागराज।TGT-PGT भर्ती में पुरानी नियमावली बहाल करने, पुराने पैटर्न के आधार पर परीक्षा कराने तथा रिक्त पदों पर तत्काल विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर प्रयागराज के पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस धरना स्थल पर युवा मंच के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन आज दूसरे दिन भी जारी रहा।
भारी बारिश के बावजूद आंदोलनरत छात्र-छात्राओं के हौसले में कोई कमी नहीं आई। अभ्यर्थी तिरपाल के टेंट लगाकर लगातार धरना स्थल पर डटे हुए हैं और सरकार से पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांग लंबे समय से सरकार और संबंधित विभाग के समक्ष रखी जा रही है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि छात्रों की मांग पूरी तरह जायज है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार युवाओं की आवाज को गंभीरता से नहीं लेती और पुरानी नियमावली तथा पुराने परीक्षा पैटर्न को बहाल करने के संबंध में तत्काल निर्णय नहीं करती है, तो इसका जवाब युवाओं की ओर से लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा और आने वाले चुनावी माहौल में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि पुरानी नियमावली एवं पुराने पैटर्न को बहाल कर तत्काल विज्ञापन जारी किया जाना चाहिए, ताकि लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके। छात्रों ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है कि यदि सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और अभ्यर्थी आमरण अनशन जैसे कठोर लोकतांत्रिक कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।
शिक्षक विधायक मान सिंह यादव ने कहा कि छात्रों की मांग जायज है। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर छात्रों की आवाज को सड़क से सदन तक मजबूती से उठाया जाएगा और अभ्यर्थियों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।
वहीं कांग्रेस के गंगापार जिला अध्यक्ष ने भी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को छात्रों की मांग को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुरानी नियमावली, पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा विज्ञापन जारी करने के संबंध में निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार भाषणों और सभाओं में युवाओं को रोजगार देने की बात करती है, लेकिन यदि भर्ती प्रक्रिया में लगातार नियमों में बदलाव कर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को अवसर से वंचित किया जाता है, तो इससे युवाओं में स्वाभाविक रूप से आक्रोश पैदा होता है। सरकार को युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तत्काल सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
अशोक सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लगभग सात लाख से अधिक अभ्यर्थी नई नियमावली लागू होने से प्रभावित हुए हैं। ऐसे में सरकार को छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए पुरानी नियमावली एवं पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर विज्ञापन जारी करने के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को आवश्यक आदेश-निर्देश देना चाहिए, जिससे अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में अवसर मिल सके और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर अखिलेश वर्मा, अमित पांडेय, प्रदीप सिंह,सतीश सिंह, कपिल वर्मा, बृजेश सिंह, राकेश गुप्ता, अमित शुक्ला, संतोष चौहान,एल के चौधरी, सूर्य केश,रीता केसरवानी, अनीता यादव,रिंकी चौहान, प्यूषिका,शिमला पटेल,दीपा सिंह,अनीता सिंह सहित सैकड़ों छात्र उपस्थित रहे।
Sep 01 2026, 18:28
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