झारखंड सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच वार्ता आज, फैसला नहीं होने पर 20 अगस्त को सीएम आवास का घेराव

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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन भी जारी है। आंदोलनकारी छात्रों ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई है। इसी बीच राज्य सरकार ने छात्रों से बातचीत की पहल की है।

सरकार ने बातचीत के लिए फिर भेजा न्योता

राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों को सोमवार को फिर से बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उन्हें सरकार के साथ बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। यह बैठक आज 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में प्रस्तावित की गई है। सरकार की ओर से उच्चस्तरीय मंत्रियों के समूह के बैठक में शामिल होने की बात सामने आई है। छात्रों को बातचीत के दौरान अपने कानूनी सलाहकारों को साथ रखने का विकल्प भी दिया गया है।

पहले भी हो चुकी है कई दौर की बातचीत

इस विवाद को लेकर सरकार और छात्रों के बीच पहले भी कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। रिपोर्टों के मुताबिक छह दौर की बातचीत के बाद भी छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर कायम हैं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं को रद्द करना, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जरूरत पड़ने पर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग शामिल है।

20 अगस्त को सीएम आवास घेराव की चेतावनी

इधर, छात्र नेताओं ने कहा है कि यदि 18 अगस्त तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव किया जाएगा। इससे पहले 10 अगस्त को विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी बनी थी। उस घटना के बाद बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने की खबर सामने आई थी।

छात्रों की आड़ में भाजपा की राजनीति बेनकाब, झारखंड की खनिज संपदा पर नजर नहीं डालने देंगे: विनोद पांडेय

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि आखिर भाजपा कब तक पर्दे के पीछे रहकर राजनीति करती? अब भाजपा खुलकर छात्रों के आंदोलन की आड़ में अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने लगी है। आंदोलन के पहले दिन से ही यह स्पष्ट था कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश हो रही है। घेराव के दिन जिस तरह भाजपा कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया गया और बंगाल-बिहार से बसों एवं अन्य वाहनों में लोगों को लाकर आंदोलन में शामिल करने का प्रयास हुआ, उसने भाजपा की मंशा को उजागर कर दिया है। भाजपा संगठन के बड़े पदाधिकारी जिस तरह पल-पल की गतिविधियों की जानकारी दिल्ली तक पहुंचाते रहे, उससे भी तस्वीर साफ हो गई है।

श्री पांडेय ने कहा कि छात्रों का आंदोलन छात्रों का था, लेकिन भाजपा ने उसे राजनीतिक अखाड़ा बना दिया। झारखंड के छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीतिक टकराव पैदा करने की भाजपा की कोशिश अब किसी से छिपी नहीं है। छात्रों की समस्याओं के समाधान के बजाय भाजपा अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को साधने में जुटी है।

उन्होंने भाजपा और बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों की आड़ में घटिया राजनीति बंद कीजिए बाबूलाल जी। अब छात्र भी समझ चुके हैं कि कौन उनके मुद्दों के साथ खड़ा है और कौन उन्हें अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करना चाहता है। अपनी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए स्वयं संघर्ष कीजिए, बच्चों को बरगलाकर राजनीतिक मोहरा बनाने का काम क्यों कर रहे हैं?

श्री पांडेय ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति का एकमात्र उद्देश्य झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर कब्जा जमाना है। झारखंडियों, आदिवासियों और मूलवासियों के अधिकारों एवं संसाधनों को किसी भी कीमत पर लूटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये की खनिज संपदा पर नजर रखने वाली भाजपा को झारखंड का हिसाब देना होगा। पहले से बकाया डेढ़ लाख करोड़ रुपये को जोड़ दें तो सवाल ढाई लाख करोड़ रुपये का बनता है।

उन्होंने कहा कि झारखंड कोई राजनीतिक प्रयोगशाला नहीं है। यहां के छात्र, युवा, आदिवासी, मूलवासी और झारखंडी जनता अपने अधिकारों और संसाधनों की रक्षा करना जानती है। भाजपा चाहे जितना पर्दे के पीछे से खेल खेले, अब उसका राजनीतिक चेहरा जनता के सामने आ चुका है। झारखंड की जनता भाजपा की इस साजिश का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।

श्री पांडेय ने कहा कि झामुमो छात्रों की जायज मांगों और लोकतांत्रिक आंदोलनों का सम्मान करता है। लेकिन छात्रों के नाम पर राजनीतिक अशांति पैदा करने और झारखंड की खनिज संपदा पर किसी बाहरी ताकत की नजर को स्वीकार नहीं किया जाएगा। झारखंड की संपदा झारखंडियों की है और इसके अधिकारों की रक्षा के लिए झामुमो पूरी मजबूती से खड़ा रहेगा।

रांची: आंदोलनरत छात्रों से वार्ता को सरकार की नई पहल, 17 अगस्त को होगी बातचीत

रांची में आंदोलनरत छात्रों के साथ बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की दिशा में राज्य सरकार की ओर से एक और पहल की गई है।

आंदोलनरत छात्रों को दिनांक 17.08.2026 को दोपहर 2:00 बजे बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया है।

छात्रों को उनके विधिक सलाहकारों के साथ बातचीत में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया है। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) एवं एडीएम, लॉ एंड ऑर्डर द्वारा छात्रों को इस प्रस्ताव की जानकारी दी गई।

JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा: अल्बर्ट एक्का चौक पर सरकार का पुतला फूंका, CBI जांच की मांग

छात्रों की मुख्य माँगें

JSSC-CGL और 14वीं JPSC परीक्षा में धांधली की CBI जांच।

विवादित परीक्षाओं को रद्द कर पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार।

आंदोलनकारी छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज/FIR का विरोध और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई।

Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची का अल्बर्ट एक्का चौक एक बार फिर युवाओं के आक्रोश का गवाह बना। JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली व पेपर लीक के खिलाफ पिछले 21 दिनों से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार और मंत्रियों का पुतला दहन किया।

छात्रों का आरोप है कि सरकार उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि जब तक JSSC-CGL और JPSC परीक्षाओं की सीबीआई (CBI) जांच की मांग पूरी नहीं होती और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं आती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

मौके पर छात्र नेता ने कहा कि पिछले तीन हफ्तों से गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रख रहे हैं, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। उल्टे छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। मजबूर होकर हमें पुतला दहन करना पड़ा है। हमारी मांग साफ है—भ्रष्टाचार बंद हो, परीक्षाओं की निष्पक्ष CBI जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

युवाओं ने 'CBI जांच करो' और 'छात्र एकता जिंदाबाद' के नारे लगाए। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द ठोस कदम नहीं उठाती, तो आंदोलन को पूरे राज्य में और तीव्र किया जाएगा।

रांची में एसआईआर की समीक्षा: सीईओ के. रवि कुमार बोले, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य शुद्ध, त्रुटिरहित और समावेशी मतदाता सूची तैयार करना है। इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पदाधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। श्री के. रवि कुमार रविवार को निर्वाचन सदन में रांची जिले के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ईआरओ), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (एईआरओ), अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी के साथ बैठक कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा कर रहे थे।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि एक परिवार अथवा घर के सभी मतदाताओं का नाम एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में सूचीबद्ध होना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नजरी नक्शे का सही ढंग से सत्यापन करना संबंधित ईआरओ की जवाबदेही है। सभी ईआरओ नजरी नक्शे के साथ-साथ गृह संख्या एवं नोशनल नंबर का भी सावधानीपूर्वक सत्यापन कर उन्हें सही ढंग से अंकित कराएं, ताकि एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग मतदान केंद्रों की मतदाता सूची में विभाजित न हों। इससे बीएलओ को भी अपने क्षेत्र के मतदाताओं एवं उनके घरों की पहचान करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी। उन्होंने इस कार्य की नियमित निगरानी करते हुए पाई गई त्रुटियों को अविलंब दूर करने का निर्देश दिया।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि बीएलओ द्वारा किए गए कार्याें के सही-सही निष्पादन हेतु बीएलओ सुपरवाईजर की जवाबदेही होगी। यदि किसी बीएलओ द्वारा नजरी नक्शा, घरों के नोशनल नंबर देने में त्रुटि अथवा किसी प्रकार के संशय है, तो इस हेतु उनके संबंधित बीएलओ सुपरवाईजर अपने अंतर्गत बीएलओ के कार्यों के लिए जिम्मेदारी लेंगे एवं इसे सही करेंगें। बीएलओ सुपरवाईजर अपने दायित्व में किसी प्रकार की शिथिलता दिखाते हैं, तो संबंधित ईआरओ उन पर कार्रवाई करते हुए इसकी सूचना जिला निर्वाचन पदाधिकारी को समर्पित करें।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन, दावा-आपत्ति, नोटिस और उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की नियमानुसार गहन जांच की जाए। मतदाता सूची से संबंधित किसी भी प्रकरण का निष्पादन तथ्यों एवं दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट और सकारण आदेश के माध्यम से किया जाए। सुनवाई के दौरान संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष एवं आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का समुचित अवसर दिया जाना सुनिश्चित करें।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं छूटना चाहिए और किसी भी विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं होना चाहिए। उन्होंने ईआरओ एवं एईआरओ को क्षेत्रीय स्तर पर एसआईआर के कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा लंबित मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को जागरूक करें कि एसआईआर के माध्यम से तैयार होने वाली मतदाता सूची को परमानेंट दस्तावेज के रूप में संधारित किया जाना है। अतः प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य शामिल कराए। यह मतदाता सूची भविष्य में उनके एवं उनकी संतानों के लिए भी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में उपयोगी होगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी न हो तथा उन्हें आवश्यक जानकारी एवं सहायता सहज रूप से उपलब्ध कराई जाए। एसआईआर अथवा मतदाता सूची से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी एवं सहयोग के लिए नागरिक टोल-फ्री मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने पदाधिकारियों को इसके प्रति भी व्यापक जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से मतदाताओं की ओर से प्राप्त प्रत्येक शिकायत, सहायता संबंधी कॉल अथवा आवेदन का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में रांची के जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह सहित रांची जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी तथा निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

झारखण्ड में 24 अगस्त से शुरू होगी मतदाता सूची की सुनवाई, पात्र नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं: CEO

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत नोटिस जारी करने तथा दावा-आपत्तियों के निष्पादन का चरण मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने की अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इस चरण में इन्यूमरेशन तथा दावा-आपत्ति अवधि के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल करने, संशोधन करने अथवा अन्य आवश्यक कार्रवाई के लिए प्राप्त आवेदनों एवं आंकड़ों की जांच और शुद्धिकरण किया जाता है।उन्होंने बताया कि 24 अगस्त से नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति तथा अन्य श्रेणियों से संबंधित मतदाताओं के मामलों की सुनवाई प्रारंभ की जा रही है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और मतदाता सूची में उनसे संबंधित विवरणियां त्रुटिरहित शामिल हो सके साथ ही साथ कोई भी विदेशी नागरिक या अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में न जुड़े।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि नोटिस एवं दावा-आपत्तियों के निष्पादन के चरण में बीएलओ द्वारा नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति तथा अन्य संबंधित सूचियों में शामिल मतदाताओं को निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) स्तर से जारी नोटिस उपलब्ध कराया जाएगा। नोटिस प्राप्त होने के बाद संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए मतदाता को प्रथम चरण में सात दिनों का समय दिया जाएगा। इस अवधि में दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने की स्थिति में बीएलओ द्वारा संबंधित मतदाता से दोबारा संपर्क कर पुनः नोटिस उपलब्ध कराए जाएंगे एवं संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने हेतु उन्हें 7 दिन का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दावा आपत्ति की अवधि 5 अगस्त से 15 सितम्बर तक निर्धारित है, जिसका निस्तारण 14 अक्टूबर 2026 तक संबंधित निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी द्वारा किया जा सकेगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में राज्य में मतदाताओं के दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने, नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने तथा प्रविष्टियों में आवश्यक सुधार करने का कार्य किया जा रहा है। झारखण्ड के ऐसे मतदाता, जिनका नाम किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में दर्ज है और जो अपनी इच्छा के अनुसार झारखण्ड के मतदाता सूची में स्थानांतरण चाहते हैं, उनसे फॉर्म-8 एवं घोषणा पत्र प्राप्त कर संबंधित मतदान केंद्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही एक परिवार अथवा एक ही घर के मतदाताओं को एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज करने हेतु भी कार्य किया जा रहा है।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि इन्यूमरेशन चरण में मतदाताओं से प्राप्त आवेदनों एवं आंकड़ों में पाई गई त्रुटियों और विसंगतियों को दूर किया जा रहा है। नोटिस एवं सुनवाई की प्रक्रिया के माध्यम से आवेदनों और उपलब्ध आंकड़ों का विधिसम्मत सत्यापन करते हुए योग्य मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। इस प्रक्रिया को सफल बनाने में मतदाताओं का सक्रिय सहयोग आवश्यक है।

श्री के. रवि कुमार ने राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिकों से विशेष गहन पुनरीक्षण में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के द्वारा बना मतदाता सूची परमानेंट डॉक्यूमेंट के रूप में संधारित किया जाएगा। मतदाता सूची में दर्ज प्रमाणित एवं सही विवरण भविष्य में मतदाता तथा उसके परिवार के लिए महत्वपूर्ण अभिलेख के रूप में उपयोगी होगी। इसलिए सभी मतदाता अपने विवरणी की जांच करें और आवश्यकता होने पर निर्धारित प्रपत्र एवं दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि संविधान की धारा 326 के अनुसार केवल भारत के नागरिक ही मतदाता सूची में पंजीकृत हो सकते हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए 2 एवं आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि कोई विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने का प्रयाश कर रहा है अथवा ड्राफ्ट पब्लिकेशन में शामिल है तो फॉर्म 7 भरकर अपनी आपत्ति अवश्य दर्ज कराएं। जिससे ईआरओ/ एईआरओ स्तर पर दस्तावेजों का निरीक्षण करते हुए आदेश पारित किए जा सके।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विदेशी नागरिक का मतदाता सूची में पंजीकरण में कोई सहयोग न करें। यदि किसी परिवार में शादी कर अथवा किसी अन्य रूप से कोई विदेशी नागरिक हैं तो वे पहले गृह मंत्रालय, भारत सरकार से भारतीय नागरिकता प्राप्त करें। भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से पूर्व मतदाता सूची में पंजीकरण हेतु आवेदन देना दंडनीय अपराध है।

नोटिस, दावा-आपत्तियों के निष्पादन, आवश्यक दस्तावेजों अथवा विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी एवं सहायता के लिए मतदाता निर्वाचन आयोग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

भाजपा की बैठक में छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को नैतिक समर्थन देने का निर्णय

भाजपा जिला कार्यालय, रामगढ़ में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में प्रदेश पदाधिकारियों एवं सभी मोर्चा के अध्यक्षों की मासिक बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह उपस्थित थे।

बैठक संपन्न होने के उपरांत मीडिया को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि राज्य में हेमंत सोरेन सरकार में राज्य की जो वर्तमान स्थिति है, वह जगजाहिर है। राज्य सरकार छात्रों, युवाओं के साथ अन्याय एवं अत्याचार करने का काम कर रही है। छात्र बीते 21 दिनों से शांतिपूर्वक और मर्यादित ढंग से आंदोलन कर रहे हैं। छात्रों की एक ही मांग है कि पिछले 7 साल में हुई तमाम भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई से जांच हो। परंतु सरकार इस पर गंभीरतापूर्वक ध्यान नहीं दे रही है। छात्रों द्वारा अब अपने आंदोलन को और धारदार तरीके से करने का निर्णय लिया गया है। छात्रों के शांतिपूर्ण सभी आंदोलन को भाजपा का नैतिक समर्थन है। राज्य सरकार को सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा तत्काल करनी चाहिए।

श्री साहू ने कहा उक्त बैठक नियमित प्रक्रिया है जो प्रत्येक माह आयोजित होती है। इसमें आगामी कार्यक्रमों की रचना और पूर्व के कार्यक्रमों की समीक्षा की जाती है। भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है। पार्टी के कई कार्यक्रम चल रहे हैं, इस पर गहन समीक्षा हुई। प्रदेश पदाधिकारियों की अगली बैठक दुमका में आयोजित की जाएगी।

श्री साहू ने कहा कि पिछले 7 वर्षों से JSSC और JPSC परीक्षाओं में जमकर धांधली हुई है। इस सरकार ने युवाओं की नौकरियों को बेचने का काम किया है। छात्र बारिश के मौसम में भूखे प्यासे लगातार आंदोलनरत हैं लेकिन राज्य सरकार इनकी नहीं सुन रही है। यह आंदोलन केवल झारखंड का नहीं रह गया है, अब पूरे देश का विषय बन गया है। पिछले दिनों दिल्ली में एनडीए के सांसदों ने एक स्वर में छात्रों के पक्ष में आवाज उठाया और पैदल मार्च कर आवाज बुलंद की।

श्री साहू ने कहा कि दिल्ली में जब छात्र प्रदर्शन कर रहे थे तो पूरी दुनिया में देखा कि कैसे प्रधानमंत्री को भद्दी भद्दी गालियां दी गई, उनकी दिवंगत माता को भी नहीं छोड़ा गया। झारखंड के छात्र पूरी मर्यादित तरीके से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी बातों पर ध्यान नहीं दे रही है। इस मामले में राहुल गांधी और कांग्रेस का दोहरा चेहरा भी पूरी तरह सामने आ चुका है।

इसके पूर्व जिला कार्यालय परिसर में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित पदाधिकारियों के द्वारा एक पेड़ माँ के नाम अंतर्गत वृक्षारोपण भी किया गया।

इस दौरान बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के अलावा प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, बालमुकुंद सहाय, डॉ प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी एवं मनोज सिंह, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सरोज सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, कोषाध्यक्ष दीपक बंका, प्रदेश कार्यालय मंत्री हेमंत दास, प्रदेश सह कार्यालय मंत्री सूरज गुप्ता चौरसिया, महिला मोर्चा की अध्यक्षा आरती सिंह, किसान मोर्चा के अध्यक्ष पवन साहू, युवा मोर्चा के अध्यक्ष शशांक राज, एससी मोर्चा के अध्यक्ष किशुन दास एवं अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष अनवर हयात आदि उपस्थित रहे।

अटल बिहारी वाजपेई को जाता है झारखंड निर्माण का श्रेय : बाबूलाल मरांडी

झारखंड निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर विधानसभा परिसर स्थित उनकी प्रतिमा पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी एवं संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। भाजपा नेताओं द्वारा देशहित में उनके विशिष्ट योगदान को याद करते हुए उनके मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया गया।

मौके पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के अजातशत्रु रहे हैं। क्या सत्ता पक्ष, क्या विपक्ष, सभी उनका सम्मान करते थे। सभी उनकी राजनीतिक कार्यशैली और विनम्रता के कायल थे। अटल बिहारी ने अपनी सत्ता की परवाह किए बिना पोखरण परमाणु परीक्षण कर दुनिया को भारत की शक्ति का लोहा मनवाया। उनका एक ही उद्देश्य था कि राष्ट्र, शक्तिशाली और समृद्धशाली हो। उन्होंने भारत की सेवा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

श्री मरांडी ने कहा कि जब भी झारखंड की चर्चा होती है, अटल जी का नाम स्वत: पूरे झारखंडवासियों के स्मृति पटल पर उभर आता है। झारखंड निर्माण का श्रेय सिर्फ अटल बिहारी वाजपेई को जाता है। झारखंड गठन की राह में कई झंझावत थे। जहां से राज्य अलग हो रहा था वहां जिनकी सत्ता थी वे लोग प्रारंभ में इसका जोरदार विरोध कर रहे थे। फिर अटल बिहारी वाजपेई जैसे व्यक्तित्त्व ने उन सारी रुकावटों और विरोध का पटाक्षेप करते हुए अलग राज्य का मार्ग प्रशस्त किया और झारखंडवासियों को अलग राज्य की सौगात दी। पूरा झारखंड उनका सदैव ऋणी रहेगा।

संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई असाधारण व्यक्तित्व के धनी एक दूरदर्शी राजनेता थे। उनका जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की उन्नति, समृद्धि के लिए खपा दिया। उनके विचार और आदर्श सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।

इस दौरान महापौर रोशनी खलको, पूर्व प्रदेश मंत्री सुबोध सिंह गुड्डु,प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा,महानगर अध्यक्ष वरुण कुमार साहू, ललित ओझा ,जितेंद्र वर्मा, बलराम सिंह सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।

JPSC-JSSC आंदोलन के बीच कांग्रेस की बड़ी बैठक 18 अगस्त को, घेराव की रणनीति पर मंथन

JPSC और JSSC परीक्षाओं में सुधार समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव की घोषणा की है. इस ऐलान के बाद सरकार और राजनीतिक दलों के स्तर पर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं. कांग्रेस की बैठक को इसी राजनीतिक और छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

खान -खनिज संशोधन विधेयक और सांगठनिक कामकाजों की भी होगी समीक्षा

बैठक में खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026 और इसके झारखंड पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर भी चर्चा की जाएगी. पार्टी इस मुद्दे पर अपनी स्थिति और आगे की रणनीति पर विचार करेगी. इसके अलावा बैठक में पार्टी के सांगठनिक कामकाज की भी समीक्षा की जाएगी. प्रदेश स्तर से लेकर जिला स्तर तक संगठन की गतिविधियों, आगामी कार्यक्रमों और पार्टी को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है. कुल मिलाकर 18 अगस्त की बैठक JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के साथ-साथ कांग्रेस की राजनीतिक और सांगठनिक रणनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही

सिल्ली-मुरी-बोकारो रेलखंड पर श्रावणी मेला स्पेशल का पहिया पटरी से उतरा, एक घंटे में बहाल हुआ परिचालन

सिल्ली-मुरी-बोकारो रेलखंड पर शनिवार तड़के एक बड़ी दुर्घटना टल गई। श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन संख्या 08895 का एक पहिया पोल संख्या 354/एसए-4 के पास पटरी से उतर गया। घटना सुबह-सुबह हुई, जिससे ट्रेन में सवार कांवरियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार ट्रेन के इंजन से तीसरे कोच संख्या एसईसी 64776 का एक पहिया पटरी से नीचे उतर गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई भी यात्री हताहत नहीं हुआ। कोच में सवार सभी कांवरियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

रेलवे अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रेलवे ट्रैक के पॉइंट एंड क्रॉसिंग में भेड़िए का सिर फंस जाने के कारण यह हादसा हुआ। पॉइंट एंड क्रॉसिंग वह जगह होती है जहां से ट्रेन एक लाइन से दूसरी लाइन पर जाती है। इसमें चलायमान रेल हिस्से लगे होते हैं जो ट्रेन की दिशा तय करते हैं। इसी हिस्से में अवरोध आने से कोच का पहिया पटरी से उतर गया।

घटना की सूचना मिलते ही रांची रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक करुणा निधि सिंह मौके पर पहुंचे। उनके साथ रेलवे के अधिकारी, रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेल पुलिस के जवान भी पहुंचे। राहत दल ने तुरंत काम शुरू किया और करीब एक घंटे के भीतर कोच को वापस पटरी पर ला दिया। इसके बाद क्षतिग्रस्त कोच को मुरी यार्ड भेज दिया गया।

सुरक्षा के लिहाज से रेलवे ने घटनास्थल पर ट्रैक की मरम्मत शुरू कर दी। एहतियात के तौर पर इस दौरान बोकारो रेलखंड से गुजरने वाली कई ट्रेनों का मार्ग बदला गया। रेलवे कर्मियों की तेज कार्रवाई के चलते सुबह लगभग 5:15 बजे बोकारो रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन फिर से बहाल कर दिया गया।

रेलवे ने बताया कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और ट्रेन को जांच के बाद आगे के लिए रवाना कर दिया गया है। श्रावणी मेले के दौरान भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों से सतर्कता बरतने की अपील की है।