विकास भवन रांची परिसर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, उप विकास आयुक्त ने किया झंडोत्तोलन

उप विकास आयुक्त, रांची श्री संजय कुमार भगत ने स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर विकास भवन, रांची परिसर में झंडोत्तोलन किया।

इस दौरान उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजुनाथ भजन्त्री, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक रांची, श्री पारस राणा, अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची, श्री कुमार रजत, प्रशिक्षु आईएएस सुश्री आस्था शरण अपर समाहर्त्ता रांची, श्री रामनारायण सिंह एवं अन्य ज़िलास्तरीय पदाधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

उप विकास आयुक्त रांची, श्री संजय भगत ने सभी पदाधिकारी/कर्मियों को स्वतंत्रता दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं दीं । इस खास अवसर पर उन्होंने सभी को अपने देश के लिए बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

उप विकास आयुक्त संजय भगत ने फहराया तिरंगा, अधिकारियों को देश सेवा का दिया संदेश

उप विकास आयुक्त, रांची श्री संजय कुमार भगत ने स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर विकास भवन, रांची परिसर में झंडोत्तोलन किया।

इस दौरान उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजुनाथ भजन्त्री, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राकेश रंजन, पुलिस अधीक्षक रांची, श्री पारस राणा, अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची, श्री कुमार रजत, प्रशिक्षु आईएएस सुश्री आस्था शरण अपर समाहर्त्ता रांची, श्री रामनारायण सिंह एवं अन्य ज़िलास्तरीय पदाधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

उप विकास आयुक्त रांची, श्री संजय भगत ने सभी पदाधिकारी/कर्मियों को स्वतंत्रता दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं दीं । इस खास अवसर पर उन्होंने सभी को अपने देश के लिए बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

रांची के भू-बंदोबस्त कार्यालय में हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने किया झंडोत्तोलन

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला भू बंदोबस्त पदाधिकारी -सह- उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने भू-बंदोबस्त कार्यालय रांची में झंडोत्तोलन किया। इस दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक रांची, श्री राकेश रंजन, उप विकास आयुक्त राँची,

श्री संजय कुमार भगत, अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची, श्री कुमार रजत, प्रशिक्षु आईएएस सुश्री आस्था शरण, अपर समाहर्ता रांची, श्री रामनारायण सिंह, जिला नजारत उप समाहर्ता रांची, डॉ. सुदेश कुमार समेत जिला स्तरीय सभी पदाधिकारी, कर्मचारी, उपस्थित थे।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने भू-बंदोबस्त कार्यालय के सभी अधिकारियों/पदाधिकारियों/कर्मी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं ।

स्वतंत्रता दिवस पर जेपीएससी मामले पर बोले सीएम हेमंत सोरेन न्याय का दिलाया भरोसा, कितना भी प्रभावशाली हो बचेगा नहीं

स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राज्य की जनता को संबोधित किया।

परीक्षाओं में अल्मिता पर संबोधन

झारखंड में 80वें स्वतंत्रता दिवस को लेकर रौनक देखी जा रही है। रांची के मोराबादी मैदान से मुख्यमंत्री संबोधन में झारखंड के प्रत्येक विद्यार्थियों को विश्वास दिलाया कि उनकी मेहनत को कैसे माफ किया किसी भ्रष्ट तंत्र और किसी अनियमित के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।

तूने कहा कि आज पूरे देश के सामने एक गंभीर चुनौती बनी हुई है परीक्षाओं में अनियमित और प्रश्न की प्रश्न पत्रलिख का मामला। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार केवल कार्रवाई नहीं बल्कि व्यवस्था में परिवर्तन का निर्णय लिया है। जांच पूरी निष्पक्षता से होगी। जो भी दोषी होगा कानून के साथ कठोरता से पेशाब कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों ना हो यदि उनकी संलिप्त सिद्ध होती है तो उसे बक्शा नहीं जाएगा। लेकिन साथ ही हम बिना प्रमाण किसी को दोषी ठहरने की भी राजनीति नहीं करेंगे उदय होगा और निष्पक्ष होगा। उन्होंने झारखंड के युवाओं को विश्वास दिलाया कि अपनी मेहनत पर विश्वास रखिए आपका परिश्रम व्यर्थ नहीं जाएगा आपके सपनों की रक्षा करना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि व्यक्तिगत दायित्व भी है। 

झारखंड के किसानों के लिए मुख्यमंत्री का संबोधन

झारखंड के मुख्यमंत्री ने मोरहाबादी मंच से किसानों को संबोधित करते हुए कहा झारखंड की आत्मा उनके खेतों में बसती है हमारा किसान केवल अन्यथा नहीं बल्कि हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण नींव है। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत राज्य में केवल 2.15 हजार एकड़ में वृक्षारोपण किया गया और लगभग 3 लाख परिवारों को आजीविका के नए माध्यम से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में हमारा प्रयास होगा कि झारखंड का किसान केवल धान उत्पादक बनाकर ना रहे बल्कि कृषि उद्यमी बने।

झारखंड की माता बहनों और बेटियों को संबोधन

महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार के द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री में मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना का जिक्र किया कहा 3 वर्षों से लगातार हमारे बहनों वीडियो के चेहरे पर मुस्कान गारंटी हमारी सरकार बन रही है। ग्रामीण महिला सखी मंडल के माध्यम से संगठित होकर स्वालंबन और आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही है।

रांची से जयंत कुमार की रिपोर्ट

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर चमोली टनल हादसे में प्रभावित झारखण्ड के श्रमिकों के लिए राहत व रेस्क्यू कार्य युद्धस्तर पर

रांची/चमोली

उत्तराखंड के चमोली जिले के मायापुर, पीपलकोटी स्थित विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार की शाम लगभग अचानक पानी एवं मलबा भर जाने तथा टनल के धँसने से हादसा हुआ। दुर्घटना के समय सुरंग में कुल 29 श्रमिक कार्य में लगे हुए थे, जिनमें से सात श्रमिकों की मृत्यु हो गई है, 19 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है तथा तीन श्रमिक अभी भी लापता एवं सुरंग में फंसे हुए हैं, जिनका रेस्क्यू कार्य निरंतर जारी है। 

इस घटना की सूचना प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए श्रम आयुक्त कार्यालय द्वारा संचालित राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को त्वरित कार्रवाई एवं अंतर-राज्यीय समन्वय हेतु निर्देशित किया गया। इसके उपरांत राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक रूप से जारी किए गए, ताकि दुर्घटना में प्रभावित झारखण्ड के श्रमिकों के परिजनों एवं परिचितों को उनके स्वास्थ्य एवं स्थिति से संबंधित प्रामाणिक जानकारी निरंतर प्रदान की जा सके। 

झारखण्ड के सात श्रमिक प्रभावित

घटना में झारखण्ड के कुल सात श्रमिक प्रभावित हुए हैं। इनमें पूर्वी सिंहभूम जिले के डूगरिया प्रखंड अंतर्गत ग्राम पलसबनी निवासी श्विजय हांसदा की इस हादसे में मृत्यु हो गई है। मृतक के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उनके पैतृक गांव पहुँचाने हेतु कंपनी प्रशासन तथा परिजनों के साथ निरंतर समन्वय बनाकर आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करा लिया गया है। एम्बुलेंस के माध्यम से पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव के लिए रवाना किया जा रहा है।

 दुर्घटना में झारखण्ड के कुल पांच श्रमिक घायल हुए हैं जिनका इलाज निकटवर्ती अस्पतालों में चल रहा है। घायलों में खूँटी जिले के तपकरा निवासी हाबिल गुड़िया, तोरपा निवासी निथिर भिंगरा तथा सुरुने निवासी दीना बेगरा शामिल हैं, जिन्हें हल्की चोटें आई हैं। इसके अतिरिक्त गुमला जिले के कटकाही निवासी विनोद रावना का दाहिना पैर टूट गया है तथा पूर्वी सिंहभूम जिले के डूगरिया निवासी खेला राम बिसरा गंभीर रूप से घायल हैं। सभी घायलों को त्वरित व समुचित चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। 

एक अन्य श्रमिक के फंसे होने की सूचना

वर्तमान में सुरंग में फंसे तीन लापता श्रमिकों को बाहर निकालने हेतु राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जानकारी के अनुसार इन फंसे हुए श्रमिकों में से एक श्रमिक के झारखण्ड से होने की पुष्टि हुई है, जिनकी सटीक पहचान एवं सकुशल वापसी हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

वहीं दूसरी ओर कंपनी द्वारा मृतक श्रमिक के पीड़ित परिवार को अंतिम संस्कार हेतु तत्काल आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी गई है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा मृतक श्रमिक के पार्थिव शरीर को झारखण्ड लाने तथा पात्रता के अनुसार मुआवजा, बीमा राशि एवं अन्य वैधानिक सरकारी लाभ अविलंब उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।

16 अगस्त को रांची के 9 परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा, सुबह 7 से शाम 7 बजे तक रहेगी पाबंदी

झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद, रांची द्वारा आयोजित बी.एस.सी नर्सिंग (Basic/Post Basic) प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा-2026 दिनांक 16.08.2026 को रांची जिला के 09 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गयी है। परीक्षा के कदाचारमुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारण हेतु उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के संयुक्तादेश पर पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। परीक्षा केंद्रों में असामाजिक तत्व भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं, इस आशंका को देखते हुए अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा BNSS की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा जारी की गई है, जो निम्न है :-

1- पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

2- किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

3- किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे बंदूक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।

4- किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे-लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोडकर)।

5- किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक 16.08.2026 के प्रातः 07:00 बजे से अपराह्न 07:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

सीएम हेमंत सोरेन ने खनिज संशोधन विधेयक पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, से हस्तक्षेप लगाई गुहार

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खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा ऐतराज जताया है। विधेयक को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने विधेयक को केंद्र-राज्य संबंधों के संतुलन और झारखंड की वित्तीय स्वायत्तता के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया है। इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी अगल से पत्र लिखकर इस विषय पर समर्थन की मांग की गई है।

राष्ट्रपति को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने का आग्रह

सीएम हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी को पत्र लिखकर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर झारखंड और झारखंडवासियों की गंभीर चिंताओं से अवगत कराया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संशोधन केवल राजस्व का विषय नहीं, बल्कि राज्यों की विधायी एवं वित्तीय स्वायत्तता, संघीय ढांचे, आदिवासी समुदायों और खनन प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है।

पीएम को पत्र लिखकर पुनर्विचार का आग्रह

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखकर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्रावधान झारखंड जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों के संवैधानिक अधिकारों, राजस्व, विकास और संघीय ढांचे पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। मुख्यमंत्री ने विधेयक में प्रस्तावित एमएमडीआर अधिनियम की नई धारा 9डी पर आपत्ति जताई है। उनके मुताबिक, इस प्रावधान के बाद राज्य सरकारें खनिज अधिकारों या खनिज वाली जमीन पर कोई कर, सेस या दूसरी लेवी लगाती हैं तो उस पर केंद्र की तय शर्तें और सीमाएं लागू होंगी।सीएम हेमंत सोरेन ने पत्र में कहा कि केंद्र का यह नया कानून लागू हुआ तो झारखंड को खान-खनिज से मिलने वाले राजस्व का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है।

राहुल गांधी को भी पत्र लिखकर मांगी मदद

वहीं हेमंत सोरेन ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने राहुल गांधी से इस विधेयक का विरोध करने की अपील की है। हेमंत सोरेन ने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर बिल के माध्यम से राज्यों के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों को सीमित करने के जो प्रयास केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे हैं उस पर साथ आवाज़ उठाने का आग्रह किया है।

ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, पूरा देश देखेगा’ केंद्र के माइनिंग बिल पर सीएम हेमंत की चेतावनी

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केंद्र सरकार के खान और खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ झारखंड सरकार ने मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। सीएम हेमंत सोरेन ने आंदोलन के ऐलान एक्स पर किए एक पोस्ट में दी।

हेमंत सोरेन ने पूछा- हमारे हक का फैसला दिल्ली क्यों करेगी?

सीएम हेमंत सोरेन ने लिखा, झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा। उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा- खनिज झारखंड का, जमीन झारखंड की—तो हमारे हक-अधिकार का फैसला दिल्ली क्यों करेगी?

सीएम सोरेन ने बताई आंदोलन की वजह

अपने पोस्ट में सीएम सोरेन ने आंदोलन की वजह भी बताई। उन्होंने लिखा कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में जल्दबाजी में खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पास करा केंद्र सरकार ने झारखंड के हाथ-पैरों को काटने का काम किया है। यह काला बिल झारखंड और झारखंडियों के साथ अन्याय है, उनके विकास और भविष्य पर बहुत बड़ा कुठाराघात है। झारखंड यह सौतेला व्यवहार नहीं सहेगा। सीएम ने पोस्ट में यह भी लिखा कि इस बिल के कारण झारखंड में करोड़ों लोगों के सामाजिक सुरक्षा जैसे मईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आदि योजनाएं बंद होने के कगार पर आ जाएगी।

हर जिला-प्रखंड और पंचायत में होगा कड़ा विरो- हेमंत सोरेन

हेमंत सोरेन ने लिखा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इसका पुरजोर विरोध करता है। पोस्ट के आखिर में सीएम हेमंत ने लिखा कि प्रत्येक जिला, प्रत्येक प्रखंड, प्रत्येक पंचायत, प्रत्येक शहर में इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। अगर केंद्र सरकार नहीं चेती, और झारखंड तथा झारखंडियों को उसका हक-अधिकार वापस नहीं किया गया तो झारखंड निर्णायक और ऐतिहासिक निर्णयों को लेने से पीछे भी नहीं हटेगा।

माइनिंग बिल के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के सांसदों, विधायकों और पार्टी कोटे से सरकार में शामिल मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की गई।

चमोली हादसे में फंसे झारखंड के मजदूरों को लेकर सीएम सोरेन ने पुष्कर धामी से की बात, हेल्पलाइन नंबर जारी

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उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन टनल के धंसने से कई मजदूरों की मौत हो गई है। उनमें झारखंड के भी मजदूर शामिल हैं। वहीं, इस हादसे में कई श्रमिक अंदर फंसे हुए हैं। झारखंड के खूंटी, गुमला आदि जिलों के कुछ श्रमिकों के फंसे होने की खबर है। इसकी जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से फोन पर बात की।

सभी मजदूरों के सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर बताया कि झारखंड के खूंटी और गुमला जिले के कई मजदूरों के टनल में फंसे रहने की खबर मिलने के बाद उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से बात की। उन्होंने आश्वस्त किया है कि सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

झारखंड सरकार की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी

मुख्यमंत्री ने झारखंड के उन लोगों से अपील की है, जिनके परिजन या परिचित इस परियोजना में काम करने गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कंट्रोल रूम नंबर 1.हेल्पलाइन नंबर (टोल फ्री): 1800-3456-526 2.हेल्पलाइन व्हाट्सएप नंबर: 9470132591, 9431336472, 9431336427 पर संपर्क कर कृपया जानकारी साझा करें। सरकार हर श्रमिक की सुरक्षित वापसी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के गंभीर परिणाम-हेमंत सोरेन

सीएम सोरेन ने ये भी कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन प्रकृति के सम्मान और पर्यावरणीय संतुलन के साथ। हेमंत सोरेने ने लिखा, बार-बार निर्माणाधीन सुरंगों में हादसों और श्रमिकों के फंसे होने की खबरें मन को व्यथित करती हैं। विकास जरूरी है, लेकिन प्रकृति के सम्मान और पर्यावरणीय संतुलन के साथ। प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के गंभीर परिणाम हमें बार-बार चेताते हैं।

खनिज और जमीन हमारी, फैसला दिल्ली क्यों करे?" - झारखंड कांग्रेस ने नए खान-खनिज कानून को बताया जनविरोधी

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव श्री बिनय सिन्हा दीपू ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा संसद में जल्दबाजी में पारित कराए गए खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को झारखंड की जनता पर सीधा वज्रपात मानती है। खनिज और जमीन हमारी है,

तो हमारे हक-अधिकार का फैसला दिल्ली में बैठे लोग क्यों तय करेंगे? यह संशोधन सीधे तौर पर हमारे राज्य के वित्तीय हितों के हाथ-पैर काटने की साजिश है ।कांग्रेस पार्टी इस ने गंभीर बिंदुओं को जनता के बीच रखते हैं:₹1.36 लाख करोड़ के हक पर दिल्ली की डाकाजनी: झारखंड का विभिन्न केंद्रीय उपक्रमों (PSUs) और कोल इंडिया के पास ₹1.36 लाख करोड़ का पुराना बकाया भूमि मुआवजा, कॉमन कॉज और रॉयल्टी के रूप में लंबित है।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट ऐतिहासिक निर्णयों के बावजूद, इस बकाए को देने के बजाय केंद्र सरकार ने नया कानून लाकर राज्यों के कर वसूलने के संवैधानिक अधिकार को ही खत्म कर दिया।कल्याणकारी योजनाओं पर संकट: इस खनिज राजस्व और सेस के पैसों से झारखंड में मंइयां सम्मान योजना, अबुआ आवास, छात्रवृत्ति, और ग्रामीण विकास के कार्य संचालित होने हैं। केंद्र का यह तानाशाही कदम हमारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को बंद करने की सुनियोजित कोशिश है

।रघुवर दास के नक्शेकदम पर केंद्र की नीति: पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार ने भी झारखंड के जल-जंगल-जमीन और खनिज हितों को कमजोर करने के रास्ते खोले थे। आज केंद्र की भाजपा सरकार उसी जनविरोधी नीति को राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाकर धार दे रही है

ताकि झारखंड के मूलवासियों को उनके ही संसाधनों से बेदखल किया जा सके।हमारी हुंकार:झारखंड कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। अगर केंद्र सरकार ने इस काले कानून को तुरंत वापस नहीं लिया, तो झारखंड पंचायत से लेकर राजधानी रांची तक ऐसा ऐतिहासिक और निर्णायक आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा।