दो ठगी मामलों में पीड़ित पहुंचे भाकियू तोमर के पास, निष्पक्ष जांच की मांग
आशीष कुमार
मुजफ्फरनगर में जमीन से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में कथित ठगी की शिकायत लेकर पीड़ित पक्ष भारतीय किसान यूनियन तोमर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर के समक्ष पहुंचा। एक मामले में करीब 30 लाख रुपये और दूसरे मामले में करीब 47 लाख रुपये की कथित ठगी के आरोप लगाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौधरी संजीव तोमर ने प्रतिनिधि मंडल गठित कर संबंधित अधिकारियों से मिलकर दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच और मुकदमा दर्ज कराने की मांग करने के निर्देश दिए हैं।
पहले मामले में राहत अली और मोहब्बत अली पर आरोप है कि उन्होंने जमीन का सौदा कर बयाना लेने के बाद दूसरी भूमि दिलाने के नाम पर करीब 30 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी की। इस प्रकरण की जांच वर्तमान में सीओ सदर द्वारा की जा रही है। पीड़ित पक्ष ने मांग की है कि निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
वहीं दूसरे मामले में मोहम्मद सुलेमान ने राहत अली, मोहब्बत अली, शाहनवाज समेत अन्य लोगों के खिलाफ करीब 47 लाख रुपये की कथित ठगी का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया है। शिकायत के बाद मामले की जांच सीओ मंडी को सौंपी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच शुरू होने से पहले ही संबंधित पक्ष मीडिया के सामने आकर खुद को बेगुनाह बताने लगा, जबकि उन्हें जांच अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखना चाहिए था।
इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन तोमर ने मोहब्बत अली द्वारा थाना पुरकाजी में अमन के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि जमीन के फ्रंट को लेकर लगाए गए आरोप तथ्यात्मक नहीं हैं। उनका दावा है कि मौके पर लगभग 90 फीट फ्रंट था, जबकि 250 फीट दिखाने का आरोप लगाया गया है। यूनियन ने घटनास्थल का भौतिक निरीक्षण, दस्तावेजों की जांच और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए अमन का नाम मुकदमे से हटाने की मांग की है।
भारतीय किसान यूनियन तोमर ने प्रशासन से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं—करीब 30 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में मुकदमा दर्ज किया जाए, 47 लाख रुपये की कथित ठगी और मारपीट के मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए तथा अमन के विरुद्ध दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष जांच कर यदि आरोप असत्य पाए जाएं तो उसका नाम मुकदमे से हटाया जाए। संगठन का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय किसान यूनियन तोमर बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
Aug 06 2026, 15:21
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