जनपद मऊ -: दोहरीघाट (मऊ): न्यायिक अभिरक्षा में युवक की मौत के बाद पूर्व सांसद अतुल राय ने परिजनों से की मुलाकात
दोहरीघाट, मऊ। न्यायिक अभिरक्षा में दोहरीघाट निवासी युवक विक्रम डोम की मौत के बाद घोसी के पूर्व सांसद अतुल राय उनके घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

परिजनों ने बताया कि विक्रम के खिलाफ एक पुराना मुकदमा चल रहा था। वह पिछले 4–5 तारीखों पर न्यायालय में उपस्थित नहीं हो पाया था, जिसके बाद पुलिस उसे थाने ले गई। परिवार का आरोप है कि थाने में पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई।

पूर्व सांसद अतुल राय ने कहा कि इस दुख की घड़ी में वह पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने परिवार को हर संभव कानूनी सहायता दिलाने का भरोसा दिया और आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया।
जनपद मऊ -: आज समाजवादी पार्टी जनपद मऊ कार्यालय में आयोजित 'आरक्षण दिवस' एवं 'संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस' कार्यक्रम हुआ

जिसमें बड़ी संख्या में
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एवं नेता का उपस्थित हुए |

संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को नमन किया तथा सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की रक्षा के संकल्प को दोहराया।
जनपद मऊ -: घोसी में ईंट भट्ठा मालिकों की बैठक, ईंटों के दाम बढ़ाने पर बनी सहमति
घोसी, मऊ। स्थानीय ईंट भट्ठा मालिकों की एक बैठक में बढ़ती उत्पादन लागत, डीजल की कीमत, मजदूरी और परिवहन खर्च को देखते हुए ईंटों के दाम बढ़ाने पर सहमति बनी। बैठक की अध्यक्षता भट्ठा संघ के घोसी ब्लॉक अध्यक्ष पप्पू यादव ने की।

बैठक में वसीम इकबाल उर्फ चुन्नू भाई ने कहा कि लगातार बढ़ती लागत के बीच उद्योग को सुचारु रूप से चलाने और भट्ठा कारोबार को बचाए रखने के लिए ईंटों का उचित मूल्य निर्धारण आवश्यक है। इस दौरान नई दरें जल्द लागू करने को लेकर भी चर्चा की गई।

बैठक में सर्वेश यादव, एहतेशाम, संजय सिंह परमार, धनंजय चौहान, महेंद्र चौहान, मनोज यादव, अख्तर खान, अरविंद सिंह और सुरेश यादव सहित बड़ी संख्या में ईंट भट्ठा मालिक मौजूद रहे।
जनपद मऊ -: घोसी लोकसभा क्षेत्र के ग्राम काझा एवं ग्राम इटौरा को मिली विकास की सौगात
घोसी लोकसभा क्षेत्र के ग्राम काझा तथा ग्राम इटौरा में सांसद राजीव राय जी के सांसद क्षेत्र विकास निधि से निर्मित दो इंटरलॉकिंग सड़कों का लोकार्पण कर उन्हें ग्रामीणों को समर्पित किया गया।

इस अवसर सांसद राजीव राय जी ने कहा कि बेहतर सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की आधारशिला होती हैं। इन इंटरलॉकिंग मार्गों के निर्माण से स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और गांव के विकास को नई गति प्राप्त होगी।

ग्रामीणों ने इस विकास कार्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी क्षेत्र में जनहित की ऐसी योजनाएं लगातार संचालित होती रहेंगी।
निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
मधुबन (मऊ)। थाना मधुबन क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।

मृतका के पति इंतजार अहमद के अनुसार, वह अपनी गर्भवती पत्नी को इलाज के लिए मधुबन स्थित विमला सेवा सदन अस्पताल लेकर गए थे। आरोप है कि अस्पताल में पर्याप्त जांच के बिना ही निर्धारित समय से करीब डेढ़ माह पहले ऑपरेशन कर दिया गया।

ऑपरेशन के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने पर उसे मऊ के शारदा नारायण हॉस्पिटल रेफर किया गया।

परिजनों का कहना है कि वहां चिकित्सकों ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए जवाब दे दिया। इसके बाद उसे फातिमा अस्पताल ले जाया गया, जहां से भी रेफर किए जाने के बाद जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में प्रसूता की मौत हो गई। हालांकि नवजात सुरक्षित बताया जा रहा है।

घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल की लापरवाही के कारण महिला की जान गई और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

मामले ने जिले में संचालित निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों ने भी मानकों की जांच और अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई की पुष्टि भी नहीं हो सकी है। जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
मधुबन (मऊ)। थाना मधुबन क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।

मृतका के पति इंतजार अहमद के अनुसार, वह अपनी गर्भवती पत्नी को इलाज के लिए मधुबन स्थित विमला सेवा सदन अस्पताल लेकर गए थे। आरोप है कि अस्पताल में पर्याप्त जांच के बिना ही निर्धारित समय से करीब डेढ़ माह पहले ऑपरेशन कर दिया गया।

ऑपरेशन के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने पर उसे मऊ के शारदा नारायण हॉस्पिटल रेफर किया गया।

परिजनों का कहना है कि वहां चिकित्सकों ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए जवाब दे दिया। इसके बाद उसे फातिमा अस्पताल ले जाया गया, जहां से भी रेफर किए जाने के बाद जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में प्रसूता की मौत हो गई। हालांकि नवजात सुरक्षित बताया जा रहा है।

घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल की लापरवाही के कारण महिला की जान गई और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

मामले ने जिले में संचालित निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों ने भी मानकों की जांच और अवैध रूप से संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई की पुष्टि भी नहीं हो सकी है। जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
अरशद जमाल स्वस्थ होकर फिर से जनसेवा में सक्रिय, विजय राजभर पर साधा निशाना
मऊ नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अरशद जमाल ने कहा कि अब उनकी तबीयत पूरी तरह ठीक है। उन्होंने बताया कि 15 दिनों तक बेड रेस्ट पर रहने के बाद वे फिर से जनता की समस्याओं के समाधान और नगर के विकास कार्यों में सक्रिय हो गए हैं।

एक इंटरव्यू के दौरान अरशद जमाल ने विजय राजभर पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए लाइमलाइट में आने के लिए सांप्रदायिक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और एक खास वर्ग को खुश करने की राजनीति कर रहे हैं।

अरशद जमाल ने कहा कि उनकी प्राथमिकता नगर का विकास और जनता की सेवा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाते रहेंगे।
जनपद मऊ -: इंस्टाग्राम की दोस्ती में घर छोड़ मऊ पहुंची युवती, महिला मित्र के साथ रहने की जिद; पुलिस की समझाइश के बाद लौटी घर
इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद पथरा थाना क्षेत्र की 20 वर्षीय युवती घर छोड़कर मऊ जिले में रहने वाली अपनी 22 वर्षीय महिला मित्र के पास पहुंच गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर सर्विलांस की मदद से युवती का पता लगाया और उसे सकुशल बरामद कर लिया।

पुलिस के अनुसार, युवती 23 जुलाई को बिना बताए घर से निकल गई थी। मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी मौजूदगी मऊ में मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने उसे महिला मित्र के घर से बरामद किया। पूछताछ में पता चला कि दोनों की पहचान करीब दो महीने पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी और बातचीत के दौरान उनकी गहरी दोस्ती हो गई थी।

थाने में भी युवती अपनी महिला मित्र के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही। हालांकि पुलिस और परिजनों की काफी समझाइश के बाद वह अपने माता-पिता के साथ घर लौटने के लिए राजी हो गई। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर युवती को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं के कारण जान गंवाने वाले छात्रों को दी गई श्रद्धांजलि

जिला कांग्रेस कमेटी, मऊ
जिला अध्यक्ष राजमंगल यादव के नेतृत्व में एक  कैंडल मार्च निकाला गया।

मार्च के दौरान पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन किया गया।

आयोजकों ने इन मुद्दों से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कांग्रेस नेताओं ने नैतिकता के आधार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग भी की।
जनपद मऊ -: नीट पेपर लीक और जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में मऊ में आज़ाद समाज पार्टी का प्रदर्शन
मऊ। नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को आज़ाद समाज पार्टी (काशीराम) ने प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। इसी क्रम में मऊ जनपद में भी पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में गाज़ीपुर तिराहे पर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने हाथों में नीले झंडे, बैनर और डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र लेकर छात्रों के साथ हुई कार्रवाई की निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज़ दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

आज़ाद समाज पार्टी के नेताओं ने मांग की कि नीट पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कराई जाए। प्रदर्शन के दौरान गाज़ीपुर तिराहे पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।