मऊ में 14 साल पुराने हत्या के प्रयास मामले में पति-पत्नी दोषी, कोर्ट ने सुनाई 3-3 साल की सजा
मऊ। जनपद की एक अदालत ने 14 वर्ष पुराने हत्या के प्रयास और जान से मारने की धमकी के मामले में पति-पत्नी को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बाकर शमीम रिजवी की अदालत ने सुनाया।
मामला मुहम्मदाबाद गोहना थाना क्षेत्र के बंदीघाट गांव का है। अभियोजन के अनुसार, 22 नवंबर 2012 को शिकायतकर्ता योगेश्वर विश्वकर्मा धान की फसल कटाई के संबंध में पूछताछ करने गए थे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोपी पक्ष की ओर से फायरिंग की गई। गोली योगेश्वर विश्वकर्मा की आंख के पास लगी, जिससे उनकी आंख की रोशनी चली गई।
मुकदमे के दौरान यह भी सामने आया कि 18 जनवरी 2013 को आरोपियों ने पीड़ित को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी थी।
पुलिस विवेचना के बाद वीरेंद्र, बृजनाथ और सावित्री देवी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश कर आरोप सिद्ध किए।
सभी साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने बृजनाथ विश्वकर्मा और सावित्री देवी को हत्या के प्रयास एवं गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा कुल ₹10,000-₹10,000 के अर्थदंड से दंडित किया। गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के मामले में भी उन्हें दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। सभी सजाएं नियमानुसार चलेंगी। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि जमा अर्थदंड का 75 प्रतिशत घायल योगेश्वर विश्वकर्मा को दिया जाए। वहीं, तीसरे आरोपी वीरेंद्र विश्वकर्मा की मृत्यु हो जाने के कारण उनके विरुद्ध कार्यवाही समाप्त कर दी गई।
Jul 26 2026, 16:20
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