त्योहारों से पहले आबकारी विभाग अलर्ट: अवैध शराब पर सख्ती के निर्देश, जनहानि रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता

-  मंत्री नितिन अग्रवाल बोले— सीमावर्ती जिलों में विशेष अभियान चलाएं, ओवररेटिंग और कच्ची शराब पर तत्काल कार्रवाई हो

लखनऊ। आगामी त्योहारों के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश सरकार ने अवैध शराब के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में कहीं भी जहरीली या अवैध शराब से जनहानि की कोई घटना नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय बनाकर अवैध मदिरा, कच्ची शराब और ओवररेटिंग की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंगलवार को लखनऊ स्थित गन्ना संस्थान सभागार में आबकारी विभाग की प्रथम तिमाही राजस्व समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा कि पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती संवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रवर्तन कार्यवाही में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नितिन अग्रवाल ने कहा कि आबकारी विभाग प्रदेश के सबसे अधिक राजस्व देने वाले विभागों में शामिल है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में प्रदेश में जहरीली शराब से जनहानि की कोई घटना नहीं हुई, जो विभाग की सतर्कता और प्रभावी कार्रवाई का परिणाम है। इस उपलब्धि को आगे भी बनाए रखने के लिए अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में राजस्व प्राप्ति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में विभाग ने 15,809.25 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 14,228.91 करोड़ रुपये की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है।
उन्होंने बताया कि अप्रैल से जुलाई 2026 तक विभाग को 18,655.23 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो निर्धारित 21,800 करोड़ रुपये के लक्ष्य का 85.57 प्रतिशत है। प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी विभाग को 71,278 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य दिया है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आबकारी वीना कुमारी, आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह, विशेष सचिव अभिषेक आनंद सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी जिला आबकारी अधिकारी एवं उपायुक्त आबकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
गांवों में पर्यटन से बढ़ रही रोजगार की राह
-  एग्री रूरल और गंगेग्राम परियोजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई गति

-  मंत्री जयवीर सिंह बोले— गंगा तटीय विरासत और ग्रामीण संस्कृति को पर्यटन से जोड़कर सृजित हो रहे रोजगार के अवसर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देकर गांवों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पर्यटन विभाग की एग्री रूरल एवं गंगेग्राम रूरल टूरिज्म परियोजना के तहत चयनित गांवों को पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण संस्कृति, लोक कला, कृषि आधारित जीवन शैली और गंगा तटीय विरासत को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंगलवार को बताया कि परियोजना के तहत पर्यटन ग्रामों में होम-स्टे, फार्म-स्टे, पर्यटन संबंधी आधारभूत सुविधाओं का विकास तथा महिलाओं, युवाओं और होम-स्टे संचालकों का कौशल विकास किया जा रहा है। इससे ग्रामीण पर्यटन को मजबूत आधार मिलने के साथ गांवों में स्वरोजगार की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।
उन्होंने कहा कि अब पर्यटन का केंद्र केवल शहर नहीं, बल्कि गांव भी बन रहे हैं। इससे ग्रामीण युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिल रहा है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण पर्यटन मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। वर्ष 2024 में बागपत का पूरा महादेव गांव भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा 'बेस्ट टूरिज्म विलेज' चुना गया, जबकि वर्ष 2025 में बहराइच का कारीकोट गांव इंडियन सबकॉन्टिनेंट रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म अवॉर्ड से सम्मानित हुआ।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस-2026 के अवसर पर मैनपुरी के भवन्त, गोरखपुर के औरंगाबाद और प्रयागराज के सिंगरौर को भी पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मान मिला। वहीं प्रतापगढ़ के राधा माधव होम-स्टे और पीलीभीत के सप्त सरोवर को सर्वश्रेष्ठ होम-स्टे तथा गाजियाबाद के रुबन रिजॉर्ट, प्रयागराज के लिविंग ग्रीन फार्म्स और आगरा के मड हाउस फार्म स्टे को सर्वश्रेष्ठ फार्म-स्टे का पुरस्कार मिला।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि लखनऊ के कठवारा निवासी ललित निषाद, पीलीभीत की अनीता पांडेय और आगरा की रीना को ग्रामीण पर्यटन में उत्कृष्ट योगदान के लिए 'बेस्ट सक्सेस स्टोरी' श्रेणी में सम्मानित किया गया है।
उन्होंने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था, आधुनिक सड़क एवं एक्सप्रेसवे नेटवर्क और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के कारण उत्तर प्रदेश में देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2025 में प्रदेश में 1.58 अरब से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया। जयवीर सिंह ने कहा कि एक पर्यटक औसतन छह लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है, इसलिए पर्यटन का विस्तार प्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण विकास, दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
'क्या आप सच में यदुवंशी हैं?'... मौलाना जरजिस अंसारी के मुद्दे पर अखिलेश को ओपी राजभर ने घेरा
* 'वोट बैंक के लिए मौलानाओं के सामने नाक रगड़ सकते हैं'... अखिलेश पर ओपी राजभर का तीखा हमला

* भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी करने वालों पर क्यों खामोश हैं अखिलेश, राजभर का बड़ा हमला सवाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर किए गए एक लंबे पोस्ट में राजभर ने मौलाना जरजिस अंसारी के बयान का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण सपा प्रमुख भगवान श्रीकृष्ण पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं।

* क्या आप सच में यदुवंशी हैं ?
अपने पोस्ट की शुरुआत में राजभर ने सीधे अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा, 'माननीय अखिलेश यादव जी, क्या आप सच में यदुवंशी हैं? मुझे तो शक होता है।' उन्होंने आरोप लगाया कि अगर अखिलेश यादव सच्चे यदुवंशी होते तो मौलाना जरजिस अंसारी के बयान पर उनका 'खून जरूर खौलता' और वह सार्वजनिक रूप से इसका विरोध करते।
राजभर ने दावा किया कि मौलाना जरजिस अंसारी भगवान श्रीकृष्ण को लेकर लगातार आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं, लेकिन अखिलेश यादव वोट बैंक की राजनीति के चलते पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।

* वोट बैंक के लिए सब कुछ स्वीकार है
अपने पोस्ट में राजभर ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण अखिलेश यादव हर मुद्दे पर समझौता कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि उन्हें इस बात पर भी हैरानी होती है कि भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी करने वालों के प्रति भी सपा प्रमुख के मन में कोई विरोध नहीं दिखता।
राजभर ने आगे लिखा कि अब प्रदेश और देश का यादव समाज भी देख रहा है कि वोट बैंक की राजनीति के लिए अखिलेश यादव किस तरह की चुप्पी साधे हुए हैं।

* धर्मपत्नी का भी किया जिक्र
पोस्ट में राजभर ने यह भी लिखा कि अखिलेश यादव अपनी धर्मपत्नी को लेकर की गई अभद्र टिप्पणियों को निजी मामला मान सकते हैं, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण जैसे आराध्य पर टिप्पणी करने वालों के प्रति भी नरम रुख अपनाना समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण सपा प्रमुख ऐसे मामलों में भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं।

* महाराजा सुहेलदेव का दिया उदाहरण
पोस्ट के अंतिम हिस्से में राजभर ने महाराजा सुहेलदेव का उल्लेख करते हुए लिखा कि राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए उनके संघर्ष से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने राष्ट्र और धर्म पर हमला करने वालों के खिलाफ लड़कर एक मिसाल कायम की थी।
राजभर ने आगे लिखा कि यदि कभी महाराजा सुहेलदेव के सम्मान पर भी कोई टिप्पणी हुई तो पूरा राजभर समाज उसका जवाब देना जानता है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे मामलों में समाज चुप बैठने वाला नहीं है। गौरतलब है कि हाल ही में मौलाना जरजिस अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वो भगवान कृष्ण को लेकर अमर्यादित बात कर रहे थे।
यूपी में भारी बारिश पर सीएम योगी अलर्ट, जन-धन व पशु हानि पर 24 घंटे में मुआवजे के निर्देश

-  अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत कार्य तेज करने के आदेश, प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं से जनहानि, पशु हानि तथा आर्थिक नुकसान की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति का संज्ञान लिया है। उन्होंने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल फील्ड में उतरकर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावी निगरानी करने तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अतिवृष्टि एवं आकाशीय बिजली से हुई जनहानि, पशु हानि और संपत्ति के नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए तथा पात्र प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर राहत राशि और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी प्रभावित परिवारों से लगातार संवाद बनाए रखें और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने जलभराव वाले क्षेत्रों में त्वरित जल निकासी, क्षतिग्रस्त सड़कों और विद्युत आपूर्ति की शीघ्र बहाली तथा राहत शिविरों सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।
प्रदेशवासियों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खराब मौसम और आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने लोगों से नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों में स्नान अथवा जलभराव वाले स्थानों पर जाने से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की।

-  इन जिलों के लिए जारी हुआ रेड अलर्ट
बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कासगंज, एटा, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं सहित आसपास के क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

-  इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, संतकबीरनगर, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद और जालौन सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

-  इन जिलों के लिए येलो वार्निंग
प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर (भदोही), जौनपुर, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना को लेकर येलो वार्निंग जारी की गई है।

प्रमुख बिंदु :-

- जन, पशु एवं आर्थिक हानि का 24 घंटे में आकलन कर मुआवजा देने के निर्देश।

- सभी वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के आदेश।

- प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता और राहत उपलब्ध कराने के निर्देश।

- आकाशीय बिजली, जलभराव और नदियों-जलाशयों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की मुख्यमंत्री की अपील।
मऊ : मधुबन में जिला सहकारी बैंक के नए भवन का उद्घाटन
-  मंत्री ए.के. शर्मा बोले- सहकारिता से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

-  किसानों को बांटे किसान क्रेडिट कार्ड, युवा वैज्ञानिक हिमांशु वर्मा का किया सम्मान

मऊ/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोमवार को मऊ जनपद के मधुबन में जिला सहकारी बैंक लिमिटेड की नवीन शाखा भवन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सहकारिता किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सहकारिता से समृद्धि" के विजन के अनुरूप सरकार किसानों को सस्ती दरों पर ऋण, गुणवत्तापूर्ण बीज, खाद और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मंत्री ने कहा कि यदि पूर्ववर्ती सरकारों ने सहकारी संस्थाओं को पर्याप्त महत्व दिया होता तो ऐसे आधुनिक बैंक भवन वर्षों पहले बन गए होते। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पहली बार सहकारिता मंत्रालय का गठन कर इस क्षेत्र को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने किसानों से सहकारिता की भावना के साथ जुड़कर सामूहिक विकास में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड भी वितरित किए।

-  घोसी चीनी मिल को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
ए.के. शर्मा ने कहा कि घोसी चीनी मिल को पुनर्जीवित और आधुनिक बनाने के लिए सरकार तात्कालिक और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि आगामी पेराई सत्र के सुचारु संचालन के लिए 5 से 6 करोड़ रुपये की व्यवस्था करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के सहयोग से मिल को अत्याधुनिक तकनीक से लैस कर देश की अग्रणी आधुनिक चीनी मिलों में शामिल करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।

-  युवा वैज्ञानिक हिमांशु वर्मा का सम्मान
कार्यक्रम के बाद मंत्री ए.के. शर्मा ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में वैज्ञानिक पद पर चयनित जनपद के युवा हिमांशु वर्मा के आवास पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है तथा ऐसे युवाओं की उपलब्धियां पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख शुभम सिंह, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष अखिलेश तिवारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक विजय प्रकाश वर्मा, गिरिजा शंकर मौर्य सहित बड़ी संख्या में किसान, सहकारी समिति के सदस्य एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए भूसा-चारे की पर्याप्त व्यवस्था करें: धर्मपाल सिंह

-  पशुधन मंत्री ने टीकाकरण, गोवंश सुपुर्दगी अभियान और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की योजनाओं की समीक्षा की,

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ संभावित और जलभराव वाले क्षेत्रों में गोवंश सहित अन्य पशुओं के लिए भूसे और हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान निर्धारित लक्ष्य के अनुसार समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा गो-आश्रय स्थलों की आवश्यक तैयारियां पहले से कर ली जाएं।
सोमवार को विधान भवन स्थित कार्यालय में विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 20 जुलाई से 3 अगस्त 2026 तक चलने वाले विशेष गोवंश सुपुर्दगी अभियान को मिशन मोड में संचालित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र किसानों और पशुपालकों को योजना से जोड़ा जाए तथा लाभार्थियों के चयन में महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही सुपुर्द किए गए गोवंशों की नियमित निगरानी, स्वास्थ्य परीक्षण और गो-आश्रय पोर्टल पर समयबद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए।
धर्मपाल सिंह ने मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर देते हुए कहा कि अधिकाधिक पशुपालकों को इन योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने विभागीय योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि और दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण और कोल्ड चेन व्यवस्था को सुदृढ़ करने, निर्माणाधीन डेयरी परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने तथा दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने महिला दुग्ध समितियों को प्रोत्साहित करने, पशुपालकों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने और विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित जनपदों में पशु स्वास्थ्य, चारा उपलब्धता, एफएमडी टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान तथा दुग्ध समितियों के गठन जैसे प्राथमिकता वाले कार्यों की नियमित निगरानी कर निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के., विशेष सचिव देवेंद्र पाण्डेय, विशेष सचिव राम सहाय यादव, पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक वैभव श्रीवास्तव, निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ. संगीता तिवारी, पशुधन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. पी.के. सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
दानिश आज़ाद अंसारी की पहल पर हज-2027 आवेदन की अंतिम तिथि 24 जुलाई तक बढ़ी

-  हज-2026 के सफल प्रबंधन का दिखा असर, अंतिम तिथि तक 25 से 30 हजार आवेदन पहुंचने की उम्मीद


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हज-2027 की तैयारियां इस बार नए उत्साह और रिकॉर्ड भागीदारी के साथ आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री दानिश आज़ाद अंसारी की पहल पर केंद्र सरकार ने हज-2027 के आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 24 जुलाई कर दी है। इससे उन इच्छुक आवेदकों को भी अवसर मिलेगा जो अब तक आवेदन नहीं कर सके हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी ने पहली निर्धारित अंतिम तिथि के भीतर ही 19,280 आवेदन प्राप्त कर पिछले 9 वर्षों का नया रिकॉर्ड बनाया है। पहली निर्धारित समय-सीमा में इतने अधिक आवेदन पहले कभी प्राप्त नहीं हुए। हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के बाद अब अनुमान है कि प्रदेश से कुल आवेदन संख्या 25 हजार से 30 हजार के बीच पहुंच सकती है।
हज मामलों के जानकारों का मानना है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर रिकॉर्ड संख्या में प्राप्त आवेदन, हज-2026 के सफल, पारदर्शी और सुव्यवस्थित प्रबंधन का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। पिछले वर्ष हज यात्रियों को बेहतर सुविधाएं, समयबद्ध संचालन, प्रभावी समन्वय और त्वरित सहायता उपलब्ध कराए जाने से उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है।
हज-2027 की तैयारियां भी इस बार समय से शुरू कर दी गई थीं। राज्यमंत्री दानिश आज़ाद अंसारी के नेतृत्व में प्रदेशभर में जागरूकता अभियान चलाए गए, आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल बनाया गया तथा प्रत्येक जिले में हज अभ्यर्थियों की सहायता के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसी का परिणाम रिकॉर्ड संख्या में प्राप्त आवेदनों के रूप में सामने आया है।
राज्यमंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार हज यात्रियों को पारदर्शी, सम्मानजनक और सुविधाजनक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस बार आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने, लोगों तक सही एवं समय पर जानकारी पहुंचाने तथा जिला स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने समय रहते आवेदन किया।
उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी के सभी सदस्यों, कार्यपालक अधिकारी, अधिकारियों एवं कर्मचारियों, जिला प्रशासन, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विभिन्न मुस्लिम संगठनों, उलेमा-ए-किराम, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि टीमवर्क, पारदर्शिता और जनसंपर्क की बदौलत उत्तर प्रदेश हज प्रबंधन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर रहा है।
राज्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आवेदन की अंतिम तिथि 24 जुलाई तक प्रदेश से आवेदन संख्या में और उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने पात्र एवं इच्छुक लोगों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपना आवेदन पूरा कर हज-2027 की प्रक्रिया में शामिल हों।
दिल्ली की घटना के विरोध में लखनऊ में सपा का प्रदर्शन, कार्यकर्ताओं ने जताया आक्रोश



  -  डिंपल यादव की गिरफ्तारी और लाठीचार्ज के विरोध में सड़क पर उतरे सपाई, रविदास मेहरोत्रा के नेतृत्व में प्रदर्शन
 

 
लखनऊ। दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
 
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा के नेतृत्व में छात्र सभा के पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया।
 
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बल प्रयोग किया गया तथा सांसद डिंपल यादव को हिरासत में लिया गया, जिसके विरोध में प्रदेशभर में आक्रोश है।
 
लखनऊ में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस भी सतर्क रही और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। लंबे समय बाद राजधानी की सड़कों पर समाजवादी पार्टी का इस स्तर का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।
 
यूपी निवासी और त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ पुलिस मुख्यालय में मृत मिले, आत्महत्या की आशंका

-  कार्यालय में मिला शव, सर्विस पिस्टल से गोली मारने की शुरुआती आशंका; जांच में जुटी पुलिस

अगरतला/बागपत। त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ सोमवार को पुलिस मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय में मृत पाए गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार उन्होंने कथित तौर पर अपनी सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मारी है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।
अनुराग धनखड़ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के निवासी थे। उनके कार्यालय में शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी।
घटना के बाद पूरे पुलिस विभाग और बागपत में शोक की लहर है। मामले में आगे की जानकारी का इंतजार है।
कर्मचारी कल्याण को सर्वोपरि मानते हुए पुलिस महानिदेशक श्री विनोद कुमार सिंह की संवेदनशील पहल;
*यूपी 112 मुख्यालय में 'सैनिक सम्मेलन' का हुआ आयोजन*

लखनऊ, देश की नंबर 01 आपातकालीन सेवा यूपी 112 के पुलिस महानिदेशक  विनोद कुमार सिंह अपनी स्वच्छ एवं तेज-तर्रार छवि के लिए विख्यात हैं। उन्होंने कर्मचारियों के हित और उनके कल्याण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल किया है। कर्मचारियों की भलाई और उनके कार्य परिवेश को बेहतर बनाने के प्रति बेहद संवेदनशील, पुलिस महानिदेशक के विशेष निर्देशानुसार यूपी 112 मुख्यालय में एक भव्य 'सैनिक सम्मेलन' का आयोजन किया गया। हाल ही में यूपी 112 का चार्ज लेने के तुरंत बाद उनके द्वारा उठाया गया यह कदम सीधे तौर पर पुलिसकर्मियों के कल्याण के प्रति उनकी कटिबद्धता को दर्शाता है।

इस सम्मेलन में पुलिस महानिदेशक  विनोद कुमार सिंह के साथ डॉ. के. एजिल रसन (पुलिस महानिरीक्षक, यूपी 112),  शहाब रशीद ख़ान (पुलिस उपमहानिरीक्षक),  निधि सोनकर (पुलिस अधीक्षक) सहित मुख्यालय के सभी वरिष्ठ अधिकारियों और कार्यरत समस्त पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।

*प्रमुख बिंदु एवं निर्णय (कर्मचारी हित में बड़े कदम):*

• *व्यक्तिगत समस्याओं का वरीयता पर निराकरण और सामूहिक हित के सुझावों पर कार्यवाही:* सम्मेलन के दौरान यूपी 112 के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न व्यक्तिगत व सामूहिक समस्याओं से पुलिस महानिदेशक  को अवगत कराया। एक सच्चे अभिभावक और हितैषी की तरह महानिदेशक महोदय ने प्रत्येक कर्मचारी की बात को अत्यंत ध्यानपूर्वक व संवेदनशीलता से सुना। उन्होंने कर्मचारियों की व्यक्तिगत समस्याओं का वरीयता के आधार पर त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही, सामूहिक हित से जुड़े महत्वपूर्ण सुझावों पर प्राथमिकता के साथ ठोस कार्यवाही हेतु संबंधित को निर्देशित किया गया है ।

• *संवाद का सिलसिला रहेगा जारी:* कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और भलाई को ध्यान में रखते हुए पुलिस महानिदेशक  द्वारा इस प्रकार के सैनिक सम्मेलनों को नियमित रूप से करने के निर्देश दिए गये ।

*खुले संवाद से बढ़ेगा आपसी सौहार्द और मनोबल*

सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक विनोद कुमार सिंह ने कर्मचारियों के प्रति अपनी आत्मीयता प्रकट करते हुए कहा:
"अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच खुले मंच पर होने वाली इस प्रकार की आत्मीय वार्ता से आपसी सौहार्द और विश्वास मजबूत होता है। जब कर्मचारी बिना किसी संकोच के अपनी व्यथा हमारे सामने रख पाते हैं, तो उनका मानसिक तनाव दूर होता है और वे कार्य के प्रति अधिक प्रेरित होते हैं। वास्तव में कर्मचारियों का कल्याण, उनका मनोबल और कार्यस्थल पर अनुशासन—ये सभी आपस में गहरे जुड़े हुए हैं। जब बल का मनोबल ऊँचा होगा, तो अनुशासन और सेवा भावना स्वतः मजबूत होगी। यूपी 112 परिवार के प्रत्येक सदस्य की भलाई और उनका कल्याण मेरी जिम्मेदारी है।"

सम्मेलन में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि कई बार संवादहीनता और मानसिक तनाव के कारण कर्मचारी कार्य संस्कृति से पूरी तरह जुड़ नहीं पाते हैं। अपनी तेज-तर्रार छवि के लिए विख्यात पुलिस महानिदेशक की यह कल्याणकारी सोच कर्मचारियों को अपनी बात खुलकर रखने का एक सुरक्षित, सकारात्मक और सहयोगात्मक माध्यम प्रदान करती है। महानिदेशक  की इस संवेदनशील पहल से संपूर्ण पुलिस महकमे में एक नए जोश और ऊर्जा का संचार हुआ है। उनके इस प्रयास से न केवल अप्रिय भावनाओं को पनपने से रोका जा सकेगा, बल्कि पुलिस बल को एक मजबूत मानसिक संबल भी मिलेगा, जिससे वे दोगुनी ऊर्जा के साथ जनसेवा कर सकेंगे।